Author name: Prasanna

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव

HBSE 7th Class Science विद्युत धारा और इसके प्रभाव InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
पहेली तथा बूझो यह जानना चाहते हैं कि क्या ट्रैक्टरों, टूकों तथा इनवर्टर में उपयोग होने वाली बैटरियाँ भी सेलों से बनी हैं। तब फिर इन्हें बैटरी क्यों कहते हैं ? क्या आप इस प्रश्न का उत्तर पता लगाने में उनकी सहायता कर सकते हैं ?
उत्तर:
ट्रकों तथा ट्रैक्टरों में लगने वाली बैटरियाँ अनेक सेलों से मिलकर बनी होती हैं। ये सेल, शुष्क सेल नहीं होते बल्कि ये प्लेटों के कई सेट होते हैं तथा प्रत्येक सेट एक सेल की तरह कार्य करता है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -1
चित्र : ट्रकों की बैटरी तथा इसका काट-चित्र

प्रश्न 2.
पहेली तथा बूझो ने कुछ दिन पहले एक जादू का खेल देखा था। जादूगर ने स्टैण्ड पर लोहे का एक बॉक्स रखा। फिर उसने बूझो को बुलाकर उससे बॉक्स को उठाने के लिये कहा। बूझो ने बॉक्स को आसानी से उठा लिया। अब उस जादूगर ने कुछ बुदबुदाते हुए बॉक्स पर छड़ी घुमाकर अपना करतब दिखाना शुरू किया। उसने पुनः बूझो से बॉक्स को उठाने के लिये कहा। इस बार तो बूझो उसे हिला भी नहीं सका। जादूगर फिर कुछ बुदबुदाया और बूझो ने बॉक्स को आसानी से उठा लिया।

वूझो और पहेली सहित सभी दर्शक इस प्रदर्शन से अत्यधिक प्रभावित थे और यह समझ रहे थे कि जादूगर के पास कोई अलौकिक शक्ति है। परन्तु इस अध्याय को पढ़ने के पश्चात् पहेली यह सोच रही है कि क्या वास्तव में इस युक्ति में कोई जादू था अथवा इसमें कोई विज्ञान सम्मिलित था। क्या आप यह अनुमान लगा सकते हो कि इसमें विज्ञान से सम्बन्धित कौन-सी युक्ति सम्मिलित हो सकती है ?
उत्तर:
जादूगर ने बॉक्स के नीचे विद्युत चुम्बक लगा दिया जिसे, ‘ऑन’ तथा ‘ऑफ’ किया जा सकता था। वह अपने साथी को ‘ऑन’ करने के लिये कहता तो लोहे का बॉक्स विद्युत चुम्बक की तरफ खिंचता, इसलिए उसे उठाया नहीं जा सकता था।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव

HBSE 7th Class Science विद्युत धारा और इसके प्रभाव Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
विद्युत परिपथ के निम्नलिखित अवयवों को निरूपित करने वाले प्रतीक अपनी नोटबुक पर खींचिए : संयोजक तार, स्विच ‘ऑफ’ की स्थिति में, विद्युत बल्ब, विद्युत सेल, स्विच ‘ऑन’ की स्थिति में तथा बैटरी।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -2
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -3

प्रश्न 2.
चित्र में दर्शाये गये विद्युत परिपथ को निरूपित करने के लिए परिपथ आरेख खींचिए।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -4
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -5
चित्र : विद्युत परिपथ

प्रश्न 3.
चित्र में चार सेल दिखाये गये हैं। रेखाएँखींचकर यह निर्दिष्ट कीजिए कि चार सेलों के टर्मिनलों को तारों द्वारा संयोजित करके आप बैटरी कैसे बनायेंगे?
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -6
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -7

प्रश्न 4.
चित्र में दर्शाये गये परिपथ में बल्ब दीप्त नहीं हो पा रहा है। क्या आप इसका कारण पता लगा सकते हैं? परिपथ में आवश्यक परिवर्तन करके बल्ब को प्रदीप्त कीजिए।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -8
उत्तर:
दोनों ऋणात्मक टर्मिनलों को बल्ब से जोड़ देने के कारण बल्ब दीप्त नहीं हो पा रहा है।

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प्रश्न 5.
विद्युतधारा के किन्हीं दो प्रभावों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(i) विद्युतधारा का चुम्बकीय प्रभाव।
(ii) विद्युतधारा का तापन प्रभाव।

प्रश्न 6.
जब किसी तार से धारा प्रवाहित करने के लिए स्विच को ‘ऑन’ करते हैं, तो तार के निकट रखी चुम्बकीय सुई अपनी उत्तर-दक्षिण स्थिति से विश्लेपित हो जाती है। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
तार से विद्युतधारा प्रवाहित होने के कारण वह चुम्बक की तरह व्यवहार करता है। विद्युतधारा का चुम्बकीय प्रभाव तार के आकर्षण के कारण होता है जिससे सुई जो चुम्बक होती है, विक्षेपित हो जाती है।

प्रश्न 7.
यदि चित्र में दर्शाये गये विद्युत परिपथ में स्विच को ‘ऑफ’ किया जाये, तो क्या चुम्बकीय सुई विक्षेप दर्शाएगी?
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -9
उत्तर:
नहीं, इसमें सेल न जुड़े होने के कारण धारा प्रवाहित नहीं होगी।

प्रश्न 8.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) विद्युत सेल के प्रतीक में लम्बी रेखा, उसके ………………… टर्मिनल को निरूपित करती है।
(ख) दो या अधिक विद्युत सेलों के संयोजन को ………………… कहते हैं।
(ग) जब किसी विद्युत हीटर के स्विच को ‘ऑन’ करते हैं, तो इसका ………………… रक्त तप्त (लाल) हो जाता है।
(घ) विद्युत धारा के तापीय प्रभाव पर आधारित सुरक्षा युक्ति को ………………… कहते हैं।
उत्तर:
(क) ऋणात्मक
(ख) बैटरी
(ग) तन्तु
(घ) फ्यू ज।

प्रश्न 9.
निम्नलिखित कथनों पर सत्य अथवा असत्य अंकित कीजिए-
(क) दो सेलों की बैटरी बनाने के लिए एक सेल के ऋण टर्मिनल को दूसरे सेल के ऋण टर्मिनल से संयोजित करते हैं। (सत्य/असत्य)
(ख) जब किसी फ्यूज में से किसी निश्चित सीमा से अधिक विद्युतधारा प्रवाहित होती है, तो वह पिघलकर टूट जाता है। (सत्य/असत्य)
(ग) विद्युत चुम्बक, चुम्बकीय पदार्थों को आकर्षित नहीं करता। (सत्य/असत्य)
(घ) विद्युत घण्टी में विद्युत चुम्बक होता है। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
(क) असत्य
(ख) सत्य
(ग) असत्य
(घ) सत्य।

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प्रश्न 10.
क्या विद्युत चुम्बक का उपयोग किसी कचरे के ढेर से प्लास्टिक को पृथक् करने के लिए किया जा सकता है ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
नहीं, क्योंकि कोई भी चुम्बक प्लास्टिक की बनी वस्तुओं को अपनी ओर आकर्षित नहीं करता है।

प्रश्न 11.
मान लीजिए कि कोई विद्युत मिस्त्री आपके घर के विद्युत परिपथ में कोई मरम्मत कर रहा है। वह ताँबे के एक तार को फ्यूज के रूप में उपयोग करना चाहता है। क्या आप उससे सहमत होंगे? अपने उत्तर के लिए कारण दीजिए।
उत्तर:
नहीं, ताँबे का तार उच्च धारा से होने वाली हानि को रोकने में असमर्थ है। कारण, उच्च धारा प्रवाहित होने पर भी विद्युत फ्यूज इससे पिघलता नहीं है।

प्रश्न 12.
जुबैदा ने में दर्शाये अनुसार एक सेल होल्डर बनाया तथा इसे एक स्विच और एक बल्ब से जोड़कर कोई विद्युत परिपथ बनाया। जब उसने स्विच को ‘ऑन’ की स्थिति में किया, तो बल्ब दीप्त नहीं हुआ। परिपथ में सम्भावित दोष को पहचानने में जुबैदा की सहायता कीजिए।
उत्तर:
जुबैदा ने सेल के दोनों सिरे चालक तार से जोड़ दिए जिसे शार्ट सर्किट कहते हैं इसीलिये बल्ब दीप्त नहीं हुआ।

प्रश्न 13.
चित्र में दर्शाये गये विद्युत परिपथ में-
(क) जब स्विच ऑफ’ की स्थिति में है, तो क्या कोई भी बल्ब दीप्त होगा ?
(ख) जब स्विच को ‘ऑन’ की स्थिति में लाते हैं, तो बल्बों A, B तथा C के दीप्त होने का क्रम क्या होगा?
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -10
उत्तर:
(क) जब स्विच ऑफ की स्थिति में है तो कोई बल्ब दीप्त नहीं होगा।
(ख) ऑन की स्थिति में सभी बल्ब एक साथ दीप्त होंगे।

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HBSE 7th Class Science विद्युत धारा और इसके प्रभाव Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. स्विच द्वारा विद्युत परिपथ को
(क) ऑन किया जाता है
(ख) ऑफ किया जाता है
(ग) ये दोनों
(घ) इनमें से कुछ नहीं
उत्तर:
(ग) ये दोनों

2. विद्युत सेल में टर्मिनल की संख्या होती है
(क) एक
(ख) दो
(ग) तीन
(घ) अनेक
उत्तर:
(ख) दो

3. बैटरी का प्रयोग किया जाता है-
(क) टॉर्च में
(ख) रेडियो में
(ग) रिमोट कंट्रोल में
(घ) इन सभी में
उत्तर:
(घ) इन सभी में

4. विद्युत बल्ब में पतले तार को क्या कहते हैं, जो प्रकाशित होता है?
(क) धागा
(ख) फिलामेन्ट
(ग) एलीमेन्ट
(घ) फ्यूज
उत्तर:
(ख) फिलामेन्ट

5. उत्सर्जक डायोड है
(क) LED
(ख) LCD
(ग) DVD
(घ) CTV
उत्तर:
(क) LED

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II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. विद्युत फ्यूज में शीघ्र पिघलने वाले ………… का प्रयोग किया जाता है।
2. विद्युत हीटर विद्युत के ……….. पर आधारित होता है।
3. विद्युत घंटी विद्युत धारा के……..पर आधारित होती है।
4. तारों को लपेटकर बनायी गयी विद्युत संरचना को ………… कहते हैं।
उत्तर:
1. तार
2. तापन प्रभाव
3. चुम्बकीय प्रभाव
4. कुण्डली।

III. सुमेलन

कॉलम ‘A’ तथा कॉलम ‘B’ के शब्दों का मिलान कीजिए-

कॉलम ‘A’कॉलम ‘B’
1. विद्युत बल्ब(a) विद्युत बल्ब
2. विद्युत चुम्बक(b) तापीय प्रभाव
3. प्रकाश और ऊष्मा(c) चुम्बकीय प्रभाव
4. एलीमेन्ट(d) तापन अवयव

उत्तर:

कॉलम ‘A’कॉलम ‘B’
1. विद्युत बल्ब(b) तापीय प्रभाव
2. विद्युत चुम्बक(c) चुम्बकीय प्रभाव
3. प्रकाश और ऊष्मा(a) विद्युत बल्ब
4. एलीमेन्ट(d) तापन अवयव

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य कथन छाँटिए
1. आजकल प्रकाश उत्सर्जक डायोड बल्बों का उपयोग बढ़ रहा है।
2. विद्युत फ्यूज विद्युत परिपथ की सुरक्षा युक्ति है।
3. विद्युत फ्यूज के स्थान पर किसी भी तार या पट्टी का उपयोग किया जा सकता है।
4. सेलों के संयोजन में धन टर्मिनल को धन टर्मिनल से मिलाया जाता है।
उत्तर:
1. सत्य
2. सत्य
3. असत्य
4. असत्य।

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अतिलयु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
विद्युत तापन के दो अवयव लिखिए।
उत्तर:
(i) हीटर का एलीमेंट
(ii) इस्त्री (प्रेस) का एलीमेंट।

प्रश्न 2.
यदि किसी बल्ब का तन्तु टूटा है, तो परिपथ पूर्ण है या अपूर्ण ?
उत्तर:
अपूर्ण।

प्रश्न 3.
जलता हुआ बल्ब छूने पर गर्म क्यों महसूस होता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
बल्ब में आने वाली विद्युत प्रकाश एवं ताप में परिवर्तित होने के कारण।

प्रश्न 4.
विद्युत हीटर का एलीमेंट किस पदार्थ का बना होता है ?
उत्तर:
नाइक्रोम का।

प्रश्न 5.
विद्युत बल्ब का तन्तु किस पदार्थ का बना होता है?
उत्तर:
टंगस्टन का।

प्रश्न 6.
किसी विद्युत युक्ति के कितने टर्मिनल होते हैं?
उत्तर:
दो। एक धन तथा एक ऋण टर्मिनल।

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प्रश्न 7.
कुंजी अथवा स्विच को परिपथ में कहाँ लगाना चाहिये?
उत्तर:
कुंजी अथवा स्विच को परिपथ में कहीं भी लगाया जा सकता है।

प्रश्न 8.
विद्युतधारा का तापीय प्रभाव किसे कहते
उत्तर:
जब किसी तार से विद्युतधारा प्रवाहित की जाती है तो वह तप्त हो जाता है, इसे विद्युतधारा का तापीय प्रभाव कहते है।

प्रश्न 9.
विद्युत परिपथ की सुरक्षायुक्ति क्या होती
उत्तर:
विद्युत फ्यूज।

प्रश्न 10.
विद्युत के चुम्बकीय प्रभाव की खोज किसने की?
उत्तर:
हैंस क्रिश्चियन ऑस्टेंड ने।

प्रश्न 11.
एक माचिस की खाली डिब्बी पर तार लपेटकर विद्युत चुम्बक बनाया गया तथा इसे परिपथ में लगाकर कुंजी ऑन की गई। अब इसके पास दिकसूची लायी गई। दिकसूची में क्या होगा? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
दिक्सूची विक्षेपित हो जाएगी।

प्रश्न 12.
विद्युत बल्ब का आविष्कार किसने किया ?
उत्तर:
थॉमस अल्वा एडीसन ने।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
नीचे प्रस्तुत विद्युत परिपथ की प्रतिलिपि अपनी नोट बुक में बनाइए। विविध विद्युत अवयवों के प्रतीकों का उपयोग करके इस विद्युत परिपथ का आरेख खींचिए। (क्रियाकलाप)
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -11
चित्र : एक विद्युत परिपथ
उत्तर:
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चित्र-दर्शाए गये विद्युत परिपथ का परिपथ आरेख

प्रश्न 2.
विद्युतधारा का चुम्बकीय प्रभाव क्या है ? इसके दो अनुप्रयोग लिखिए।
उत्तर:
जब किसी तार से विद्युतधारा प्रवाहित होती है, तो वह चुम्बक की भाँति व्यवहार करता है। इसे विद्युतधारा का चुम्बकीय प्रभाव कहते हैं। अनुप्रयोग (i) विद्युत घंटी बनाने में। (ii) विद्युत चुम्बक बनाने में।

प्रश्न 3.
लघु परिपथ विच्छेदक क्या होता है ?
उत्तर:
आजकल फ्यूज के स्थान पर लघु परिपथ विच्छेदकों (MCBs) का उपयोग निरन्तर बढ़ता जा रहा है। जब किसी परिपथ में विद्युतधारा सुरक्षा सीमा से अधिक हो जाती है तो ये ऐसे स्विच होते हैं जो स्वत: ही ‘ऑफ’ हो जाते हैं। आप इन्हें फिर से ऑन कर दें तो परिपथ पुनः पूरा हो जाता है।

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प्रश्न 4.
लघु पथन से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
विद्युत परिपथों में अत्यधिक विद्युत धारा प्रवाहित होने का एक कारण विद्युत तारों में परस्पर सीधा सम्पर्क हो जाना होता है। ऐसा टूट-फूट अथवा तारों के विद्युत रोधन के हटने के कारण हो सकता है। इससे लघुपथन (शार्ट सर्किट) हो सकता है। अत्यधिक धारा प्रवाहित होने का कारण एक ही सॉकेट से कई युक्तियों को संयोजित करना भी हो सकता है। इससे परिपथ में अतिभारण हो सकता है।

प्रश्न 5.
विद्युत फ्यूज क्या होता है ? इसका क्या कार्य है ?
उत्तर:
विद्युत फ्यूज विद्युत परिपथ में अतिभारण से होने वाली हानि से बचाने के लिये लगायी जाने वाली युक्ति है। इसमें कम गलनांक वाला धातु का तार लगा होता है। अधिक विद्युतधारा प्रवाहित होने पर यह गर्म होकर पिघल जाता है जिससे परिपथ को कोई हानि नहीं होती है।

प्रश्न 6.
विद्युत धारा के तापीय प्रभाव वाले कुछ विद्युत साधित्रों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(i) निमज्जन तापक (इमर्शन हीटर)
(ii) विद्युत इस्त्री
(iii) गीजर
(iv) हेयर ड्रायर
(v) विद्युत केतली।

प्रश्न 7.
किन्हीं दो तापन युक्तियों के चित्र बनाइए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -13

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दीर्य उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
विद्युत धारा के चुम्बकीय प्रभाव को दर्शाने के लिए एक क्रियाकलाप लिखिए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
लोहे की लगभग 6-10 सेमी लम्बी एक कील तथा लगभग 75 सेमी लम्बा विद्युतरोधी (प्लास्टिक अथवा कपड़े से ढका हुआ अथवा ऐनामिल लेपित) लचीला तार लीजिए। इस तार को कुण्डली के रूप में कील पर कसकर लपेटिए। तार के स्वतन्त्र सिरों को किसी स्विच से होते हुए चित्र में दर्शाये अनुसार एक विद्युत सेल से संयोजित कीजिए। अब कुंजी को ऑन कीजिए और लोहे का महीन बुरादा कील की नोक के पास लाइए। कोल चुम्बक की भाँति बुरादे को अपनी ओर खींचती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -14

प्रश्न 2.
विद्युत घण्टी की संरचना तथा कार्यविधि लिखिए।
उत्तर:
विद्युत घण्टी में लोहे के टुकड़े पर ताँबे के तार की कुण्डली लिपटी होती है। विद्युत चुम्बक के निकट लोहे की एक पत्ती लगी होती है जिसके एक सिरे से हथौड़ा जुड़ा होता है। लोहे की पत्ती के समीप एक सम्पर्क पेंच होता है। जब लोहे की पत्ती इस पेंच के सम्पर्क में आती है, तो विद्युत परिपथ पूरा हो जाता है तथा कुण्डली से विद्युतधारा प्रवाहित होती है, जिससे वह विद्युत चुम्बक बन जाती है। तब यह लोहे की पत्ती को अपनी ओर खींचती है। इस प्रक्रिया में पत्ती के सिरे से जुड़ा हथौड़ा घण्टी से टकराता है और ध्वनि उत्पन्न करता है। परन्तु जब विद्युत चुम्बक लोहे की पत्ती को अपनी ओर खींचता है तो यह परिपथ को भी तोड़ देता है। इससे कुण्डली से विद्युतधारा का प्रवाह समाप्त हो जाता है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -15
चित्र : विद्युत घण्टी का मॉडल और उसका परिपथ

अब कुण्डली विद्युत चुम्बक नहीं होती। यह लोहे की पत्ती को भी अपनी ओर नहीं खींचती। लोहे की पत्ती अपनी मूल स्थिति में आकर पुन: सम्पर्क पेंच से स्पर्श करती है। इससे परिपथ फिर पूरा हो जाता है। कुण्डली से पुनः विद्युतधारा प्रवाहित होती है तथा हथौड़ा पुनः घण्टी से टक्कर मारता है। यह प्रक्रिया अतिशीघ्रता से दोहराई जाती है। हर बार परिपथ पूरा होने पर हथौड़ा घण्टी से टकराता है और इस प्रकार विद्युत घण्टी बजती है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव

प्रश्न 3.
विद्युत परिपथ के कुछ अवयवों के चित्र तथा प्रतीक बनाइए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 14 विद्युत धारा और इसके प्रभाव -16

प्रश्न 4.
प्रदीप्ति नलिकाएँ तथा CFLs क्या होती हैं?
उत्तर:
विद्युत बल्बों का प्रयोग प्रकाश के लिए होता है। परन्तु बल्ब ऊष्मा भी उत्पन्न करते हैं जो वांछनीय नहीं होती है। इससे विद्युत की क्षति भी होती है। इस क्षति को बल्बों के स्थान पर प्रतिदीप्त नलिकाओं (फ्लोरसेंट ट्यूब लाइट) का उपयोग करके कम किया जा सकता है। संहत प्रतिदीप्त लैंप (CFLS) भी विद्युत की क्षति में कमी लाती हैं तथा इन्हें सामान्य बल्ब होल्डरों में लगाया जा सकता है।

तथापि बल्बों, प्रतिदीप्त नलिकाओं अथवा CFLs को क्रय करने से पहले इस पर भारतीय मानक ब्यूरो के ISI चिन्ह को देखना चाहिए। ISI चिन्ह यह सुनिश्चित करता है कि साधित्र के निर्माण में सुरक्षा सम्बन्धी सभी शर्तों का ध्यान रखा गया है तथा इसके उपयोग में ऊर्जा की क्षति न्यूनतम होगी।

विद्युत धारा और इसके प्रभाव Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ विद्युत अवयवों को उनके प्रतीकों द्वारा निरूपित करना सुविधाजनक होता है। इनका उपयोग करके किसी विद्युत परिपथ को परिपथ आरेख द्वारा निरूपित किया जा सकता है।
→ विद्युत सेल के दो टर्मिनल होते हैं-एक धन टर्मिनल तथा दूसरा ऋण टर्मिनल।
→ जब किसी तार से कोई विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो वह तार तप्त हो जाता है। यह विद्युत धारा का तापीय प्रभाव कहलाता है। इस प्रभाव के बहुत से अनुप्रयोग हैं।
→ विद्युत हीटर, विद्युत स्त्री एवं विद्युत बल्ब विद्युत धारा के तापीय प्रभाव पर कार्य करते हैं। विद्युत् फ्यूज का प्रयोग परिपथ को अतिभारण से बचाने के लिए किया जाता है।
→ जब किसी तार से विद्युत धारा प्रवाहित होती है, तो वह चुम्बक की भाँति व्यवहार करता है। इसे विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव कहते हैं।
→ लोहे के किसी टुकड़े पर विद्युतरोधी तार से लिपटी विद्युत धारावाही कुण्डली को विद्युत चुम्बक कहते हैं।
→ विद्युत चुम्बक बहुत-सी युक्तियों में उपयोग किये जाते हैं।
→ विद्युत अवयव – सेल, बल्ब, स्विच, बैटरी, तार आदि।
→ विद्युत परिपथ – विभिन्न विद्युत अवयवों को जोड़कर बनाया गया पथ।
→ बैटरी – दो या दो से अधिक सेलों के संयोजन को बैटरी कहते हैं।
→ सेल होल्डर – सेलों को लगाने का केस। विद्यत फ्यूज परिपथ में अतिभारण से होने वाले शार्ट सर्किट से बचाने के लिए लगायी गयी युक्ति।
→ विद्युत साधित्र – विद्युत परिपथ में प्रयुक्त उपकरण या युक्तियाँ।
→ विद्युत चुम्बक – तारों को लपेटकर बनाई गई कुण्डली में विद्युत प्रवाहित करने पर यह चुम्बक की तरह व्यवहार करती है जिसे विद्युत चुम्बक कहते हैं।
→ कुण्डली – तारों को लपेट कर बनायी गयी संरचना। विद्युत घण्टी-चुम्बक एवं कुण्डली से बनी बिजली से चलने वाली घण्टी।
→ लघुपथन – विद्युत परिपथ में होने वाला शार्ट सर्किट।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय

HBSE 7th Class Science गति एवं समय InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
बूझो यह जानने के लिए उत्सुक है कि एक दिन में कितने सेकण्ड तथा एक वर्ष में कितने घण्टे होते हैं? क्या आप उसकी सहायता कर सकते हैं ?
उत्तर:
एक दिन = 24 × 60 × 60s = 86,4005s
एक वर्ष = 365 दिन × 24 घण्टे = 8760 घण्टे ।

प्रश्न 2.
पहेली यह जानने के लिए उत्सुक है कि जब लोलक वाली घड़ियों नहीं थीं, तब समय कैसे मापा जाता था?
उत्तर:
तब समय मापने के लिए विभिन्न उपकरण, विश्व के विभिन्न भागों में प्रचलित थे। सूर्य घड़ी, जल घड़ी तथा रेत घड़ी ऐसे उपकरणों के उदाहरण हैं।

प्रश्न 3.
बूझो जानना चाहता है कि क्या कोई ऐसी युक्ति है जो चाल मापती है?
उत्तर:
हाँ, चालमापी।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय

HBSE 7th Class Science गति एवं समय Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्नलिखित गतियों का वर्गीकरण सरल रेखा के अनुदिश, वर्तुल तथा दोलन गति में कीजिए-
(क) दौड़ते समय आपके हाथों की गति।
(ख) सीधी सड़क पर गाड़ी को खींचते घोड़े की गति।
(ग) मैरी गो राउंड’ झूले में बच्चे की गति।
(घ) ‘सी-सॉ’ झूले पर बच्चे की गति।
(च) विद्युत घंटी के हथौड़े की गति।
(छ) सीधे पुल पर रेलगाड़ी की गति।।
उत्तर:
(क) दोलन
(ख) सरल रेखा के अनुदिश
(ग) वर्तुल
(घ) दोलन
(च) दोलन
(छ) सरल रेखा के अनुदिश।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में कौन-सा कथन सही नहीं
(क) समय का मूल मात्रक सेकण्ड है।
(ख) प्रत्येक वस्तु नियत चाल से गति करती है।
(ग) दो शहरों के बीच की दूरियाँ किलोमीटर में मापी जाती हैं।
(घ) किसी दिये गये लोलक का आवर्तकाल नियत नहीं होता।
(च) रेलगाड़ी की चाल m/h में व्यक्त की जाती है।
उत्तर:
कथन ख तथा च सही नहीं है।

प्रश्न 3.
कोई सरल लोलक 20 दोलन पूरे करने में 32 सेकण्ड लेता है। लोलक का आवर्तकाल क्या है ?
उत्तर:
20 दोलन में लगा समय = 32s
∴ एक दोलन में लगा समय = \(\frac{32s}{20}\)
∴ आवर्तकाल = 1.5s

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय

प्रश्न 4.
दो स्टेशनों के बीच की दूरी 240 km है। कोई रेलगाड़ी इस दूरी को तय करने में 4 घण्टे लेती है। रेलगाड़ी की चाल परिकलित कीजिए।
उत्तर:
दूरी = 240 km
समय = 4 घण्टे
दुरी 240 किमी :
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -1
= 60 किमी/घण्टा

प्रश्न 5.
किसी कार के पथमापी का 08 : 30 AM पर पाठ्यांक 57321.0 km है। यदि 08:50 AM पर पथमापी का पाठ्यांक परिवर्तित होकर 57336.0 km हो जाता है, तो कार द्वारा चली गयी दूरी कितनी है ? कार की चाल km/min में परिकलित कीजिए। इस चाल को km/h में भी व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
पथमापी का 08 : 30 AM पर पाठ्यांक = 57321.0 km
पथमापी का 08 : 50 AM पर पाठ्यांक = 57336.0 km
तय की गई दूरी = (57336.0 – 57321.0) km
= 15.0 km
लिया गया समय = 8 : 50 AM – 8: 30 AM
= 20 min
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -2
= 0.75 × 60 km/h = 45 km/h

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय

प्रश्न 6.
सलमा अपने घर से साइकिल पर विद्यालय पहुंचने में 15 मिनट लेती है। यदि साइकिल की चाल 2 m/s – है, तो घर से विद्यालय की दूरी परिकलित कीजिए।
उत्तर:
चाल = 2 m/s
समय = 15 मिनट = 15 × 60s = 900s
दूरी = चाल × समय
= 2 m/s × 900s = 1800 m
= \(\frac{1800}{100}\) km = 1.8 km

प्रश्न 7.
निम्नलिखित स्थितियों में गति के दूरी-समय ग्राफ की आकृति दर्शाइए
(क) नियत चाल से गति करती कार।
(ख) सड़क के किनारे खड़ी कोई कार।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -3

प्रश्न 8.
निम्नलिखित में कौन-सा सम्बन्ध सही है ?
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -4
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -5

प्रश्न 9.
चाल का मूल मात्रक है
(क) km/min
(ख) m/min
(ग) km/h
(घ) m/s
उत्तर:
(घ) m/s.

प्रश्न 10.
कोई कार 40 km/h की चाल से 15 मिनट चलती है, इसके पश्चात् वह 60 km/h की चाल से 15 मिनट चलती है। कार द्वारा तय की गई कुल दूरी होगी-
(क) 100 km
(ख) 25 km
(ग) 15 km
(घ) 10 km
उत्तर:
दूरी = चाल × समय।
पहले 15 मिनट में तय की गई दूरी = 40 km/m × 15 m
= \(\frac{40 km}{h}\) × \(\frac{15 km}{60}\) = 10 km
अगले 15 मिनट में तय की गई दूरी = चाल × समय
= 60 km/h × 15 m
= 60 km/h × \(\frac{15}{60}\) h = 15 km
कुल दूरी = (10 + 15) km = 25 km

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय

प्रश्न 11.
मान लीजिए चित्र (a) तथा मित्र (b) में दर्शाए गये फोटोग्राफ 10 सेकण्ड के अन्तराल पर खींचे गये। यदि इन फोटोग्राफों। 10 मीटर की दूरी को 1 cm द्वारा दर्शाया गया है, तो नीलो कार की चाल परिकलित कीजिए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -6
चाल = 100 m/10s = 10 m/s

प्रश्न 12.
चित्र (जश्न 11 में दिए गए) में दो वाहनों,A तथा B की गति के दूरी-समय ग़ाफ दर्शाए गए हैं। इनमें से कौन-सा वाहन अपेक्षाकृत तीव्र गति से चल रहा है?
उत्तर:
A की
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -7
चित्र : दो वाहनों की गति के दूरी-समय ग्राफ

प्रश्न 13.
निम्नलिखित दूर्ग-समय ग्राफों में से कौन उस टूक की गति को दर्शाता है, जिसमें उसकी चाल नियत नहीं है?
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -8
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -9
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -10

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय

HBSE 7th Class Science गति एवं समय Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. एकांक समय में तय की गई दूरी को कहते हैं
(क) चाल
(ख) विस्थापन
(ग) दोलन
(घ) वेग
उत्तर:
(क) चाल

2. चाल का मात्रक है
(क) मीटर-सेकण्ड
(ख) मीटर/सेकण्ड
(ग) सैकण्ड-मीटर
(घ) मी/सै.
उत्तर:
(ख) मीटर/सेकण्ड

3. घड़ी का पेण्डुलम की गति उदाहरण है
(क) सरल गति
(ख) आवर्ती गति
(ग) अनियमित गति
(घ) असमान गति
उत्तर:
(ख) आवर्ती गति

4. समय का मूल मात्रक है
(क) मीटर
(ख) सेकण्ड
(ग) दिन
(घ) वर्ष
उत्तर:
(ख) सेकण्ड

5. वाहन की दूरी मापता है
(क) चालमापी
(ख) तापमापी
(ग) पथमापी
(घ) दाबमापी
उत्तर:
(ग) पथमापी

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. आवर्ती गति का एक चिरपरिचित उदाहरण …………….. है।
2. मिनट, घंटा, …………….., सप्ताह, …………….. वर्ष आदि समय के ही अन्य मात्रक हैं।
3. चालमापी को …………….. भी कहते हैं।
4. सेमी, मीटर ………… दूरी के मात्रक हैं।
उत्तर:
1. सरल लोलक
2. दिन, माह
3. स्पीडोमीटर
4. किलोमीटर।

III. सुमेलन

कॉलम ‘A’ के शब्दों का कॉलम ‘B’ के शब्दों से मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
1. चाल(a) लिया गया समय
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -11HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -12
3. चाल × समय(c) 8 km/s
4. रॉकेट की चाल(d) चली गई दूरी

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. चालHBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -12
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -11(a) लिया गया समय
3. चाल × समय(d) चली गई दूरी
4. रॉकेट की चाल(c) 8 km/s

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य छाँटिए
1. ओडोमीटर द्वारा किसी वस्तु की चाल मापते हैं।
2. दूरी को मीटर द्वारा नहीं मापा जा सकता है।
3. पखवारा (पंद्रह दिन का समय) भी समय का मात्रक
4. चाल का प्रतीक मात्रक m/s होता है।
उत्तर:
1. असत्य
2. असत्य
3. सत्य
4. सत्य।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
क्या आपने कभी जानने की कोशिश की कि घड़ियाँ कैसे समय मापती हैं?
उत्तर:
हाँ, वे सभी आवर्ती गति से समय मापती हैं।

प्रश्न 2.
किसी वस्तु की गति से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
किसी वस्तु द्वारा तय की गई कुल दूरी को तय करने में लिये गये समय से विभाजित करने पर उसकी गति प्राप्त हो जाती है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय

प्रश्न 3.
आवर्तकाल किसे कहते हैं?
उत्तर:
सरल लोलक एक दोलन पूरा करने में जितना समय लगाता है उसे लोलक का आवर्तकाल कहते हैं।

प्रश्न 4.
दो धावक एक साथ दौड़ना प्रारम्भ करते हैं, पहला धावक 100 मीटर दौड़ने में 40 सेकण्ड लेता है तथा दूसरा धावक 20 सेकण्ड समय लेता है ? किस धावक की चाल अधिक है?
उत्तर:
दूसरे धावक की चाल अधिक है क्योंकि वह कम समय में 100 मी दूरी तय कर लेता है।

प्रश्न 5.
चाल एवं समय में क्या सम्बन्ध है?
उत्तर:
चाल बढ़ने पर समय का मान घटता है।

प्रश्न 6.
चाल का सूत्र लिखिए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -13

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय

प्रश्न 7.
दोलन गति क्या है ?
उत्तर:
जब कोई वस्तु अपनी मध्यमान स्थिति के इधरउधर गति करती है तो उसकी इस गति को दोलन गति कहते

प्रश्न 8.
दोलन गति के दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
(i) घड़ी का पेण्डुलम
(ii) झूला।

प्रश्न 9.
वाहनों में चाल मापने वाले यंत्र का नाम बताइए।
उत्तर:
चालमापी (स्पीडोमीटर)।

प्रश्न 10.
वाहन द्वारा तय की गई दूरी को किसके द्वारा मापा जाता है?
उत्तर:
पथमापी (ओडोमीटर) द्वारा।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
नीचे गति के कुछ उदाहरण दिए गए हैं। प्रत्येक प्रकरण में गति का प्रकार बताइए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:

गति का उदाहरणगति का प्रकार (सरल रेखा के अनुदिश/वर्तुल/आवर्ती)
1. मार्च पास्ट करते सैनिकसरल रेखा
2. सीधी सड़क पर चलती बैलगाड़ीसरल रेखा
3. दौड़ते धावक के हाथों की गतिआवर्ती
4. चलती साइकिल के पेडल की गतिवृत्तीय
5. सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की गतिवर्तुल/आवर्ती
6. झूले की गतिआवर्ती
7. लोलक की गतिआवर्ती

प्रश्न 2.
उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में प्रक्षेपित करने वाले (छोड़ने वाले) राकेट प्रायः 8 km/s की चाल प्राप्त कर लेते हैं। इसके विपरीत कछुआ केवल 8 cm/s (लगभग) की चाल से चलता है। क्या आप यह परिकलित कर सकते हैं कि कछुए की तुलना में रॉकेट की चाल कितनी गुनी है?
उत्तर:
रॉकेट की चाल = 8 km/s = 8000 m/s
कछुए की चाल = 8 cm/s = \(\frac{8}{100}\) m/s
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -14

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय

प्रश्न 3.
वस्तु A, 5 मिनट में 50 मीटर तथा वस्तु B, 7 मिनट में 70 मीटर चलती हैं। दोनों की चाल ज्ञात कीजिए तथा बताइए कि दोनों की चालों में क्या अन्तर है। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -15
वस्तु A की चाल = 50/5 = 10 m/min
वस्तु B की चाल = 70/7 = 10 m/min
अत: दोनों वस्तुओं की चाल समान है।

प्रश्न 4.
किसी टीम द्वारा प्रत्येक ओवर में बनाये गये रनों को स्तम्भ ग्राफ द्वारा दर्शाइए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -16

प्रश्न 5.
वायुमण्डल में 78% नाइट्रोजन,21% ऑक्सीजन तथा शेष 1% अन्य गैस हैं। वायु के संघटन को दर्शाने के लिए वृत्तारेख बनाइए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -17

प्रश्न 6.
किसी बच्चे की आयु व भार को रेखा ग्राफ द्वारा दर्शाइए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -18

दीर्य उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
किसी कार की गति को निम्न सारणी में दर्शाया गया है
सारणी : किसी कार की गति
Table 4
इस सारणी के आधार पर कार की गति के लिए दूरी-समय ग्राफ तैयार कीजिए।
उत्तर:
(1) दो अक्षों को निरूपित करने के लिए पहले दो लम्बवत् रेखाएँ खींचिए तथा इन पर Ox तथा OY अंकित कीजिए।
(2) यह निश्चित कीजिए कि x-अक्ष के अनुदिश किस राशि को दर्शाना है तथा y-अक्ष के अनुदिश किस राशि को दर्शाना है। -अक्ष के अनुदिश समय तथा y-अक्ष के अनुदिश दूरी को दर्शाइए।
(3) ग्राफ पर दूरी को निरूपित करने के लिए कोई पैमाना चनिये तथा समय के निरूपण के लिए कोई अन्य पैमाना चुनिये। कार की गति के लिए ये पैमाने निम्न हो सकते हैं-
समय 1 मिनट = 1 सेमी
दूरी 1 किमी = 1 सेमी
(4) चुने गये पैमाने के अनुसार समय तथा दूरी के मानों को अपने-अपने पर अंकित कीजिए। कार की गति के लिए, समय को x-अक्ष पर मूल बिन्दु से 1 min, 2 min …… द्वारा अंकित कीजिये। इसी प्रकार दूरी 1 km, 2 km ………. y-x पर अंकित कीजिये।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय -19
(5) अब आपको दूरी तथा समय के मानों के प्रत्येक समुच्चय को ग्राफ पेपर पर बिन्दु रूप में अंकित करने हैं। सारणी में दर्शाया गया है कि समय 0 min पर चली गई दूरी भी शून्य हैं। मानों के इस समुच्चय की ग्राफ पेपर पर स्थिति मूल बिन्दु पर है। एक मिनट के पश्चात् कार ने 1 किमी की दूरी तय की। इसी प्रकार दो मिनट पश्चात् कार ने 2 किमी दूरी तय की।
(6) उपर्युक्त चित्र में विभिन्न समयों पर कार की स्थितियों के सभी बिन्दुओं के समुच्चयों को दर्शाया गया है। अब इन बिन्दुओं को मिलाइए। बिन्दुओं को मिलाने से एक सरल रेखा प्राप्त होती है। यह कार का दूरी-समय ग्राफ है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 13 गति एवं समय

गति एवं समय Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ एकांक समय में किसी वस्तु द्वारा चली गई दूरी को उसकी चाल कहते हैं।
→ वस्तुओं की चाल यह निर्णय लेने में हमारी सहायता करती है कि कौन दूसरों से तेज चल रहा है।
→ किसी वस्तु की चाल उसके द्वारा तय की गई कुल दूरी को चलने में लिये गये कुल समय से विभाजित करने प प्राप्त होती है। इसका मूल मात्रक मीटर प्रति सेकण्ड (m/s) है।
→ यदि किसी सरल रेखा के अनुदिश गति करने वाली वस्तु की चाल परिवर्तित होती रहती है तो उस वस्तु की चाल असमान कहलाती है।
→ किसी सरल रेखा के अनुदिश वस्तु की नियत चाल से गति एक समान गति कहलाती है।
→ आवर्ती घटनाओं का उपयोग समय मापन में किया जाता है। लोलक की आवर्ती गति का उपयोग घड़ियों के बनाने में होता है।
→ सरल लोलक धातु के एक छोटे गोले को किसी दृढ़ स्टैण्ड से धागे द्वारा निलंबित करके बनाया जा सकता है।
→ वस्तुओं की गति को उनके दूरी-समय ग्राफ द्वारा चित्रात्मक रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
→ नियत चाल से गति करने वाली वस्तु का दूरी-समय ग्राफ एक सरल रेखा होता है।
→ चाल – किसी वस्तु द्वारा एकांक समय में तय की गई दूरी उसकी चाल कहलाती है।
→ असमान गति – किसी सरल रेखा के अनुदिश गति करने वाली वस्तु की चाल यदि परिवर्तित होती रहती है तो इसे असमान गति कहते हैं।
→ एकसमान गति – किसी सरल रेखा में नियत चाल से चलती वस्तु की गति एक समान गति कहलाती है।
→ समय का मात्रक – समय को सेकण्ड में मापा जाता
→ दोलन – किसी वस्तु द्वारा अपनी वास्तविक स्थिति के इधर-उधर क्रमिक गति करना दोलन कहलाता है।
→ सरल लोलक – धातु की एक गोली जिसमें धागा बाँधकर लटकाया जा सकता है।
→ आवर्तकाल – सरल लोलक द्वारा अपना एक दोलन पूर्ण करने में लिया गया समय।
→ ग्राफ – अनुदैर्ध्य तथा क्षैतिज रेखाओं से बनी एक;संरचना।
→ रेखाग्राफ – ग्राफ पेपर पर रेखाओं द्वारा किसी स्थिति का निरूपण।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन

HBSE 7th Class Science पादप में जनन InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
पहेली यह समझती थी कि नये पादप सदैव बीजों से ही उगते हैं, लेकिन उसने कभी गन्ना, आलू और गुलाब के बीज नहीं देखे थे। वह जानना चाहती है कि ये पादप जनन कैसे करते हैं?
उत्तर:
ऐसे पौधों में कायिक प्रवर्धन होता है। गन्ने एवं गुलाब के टुकड़ों के जमीन में दबाने पर इनसे नये पौधे बन जाते हैं।

प्रश्न 2.
बूझो जानना चाहता है कि क्या कायिक प्रवर्धन का कोई लाभ है?
उत्तर:
हाँ, इससे कम समय में अधिक पौधे तैयार होते

प्रश्न 3.
बूझो जानना चाहता है कि परागकण में उपस्थित नर युग्मक किस प्रकार बीजाण्ड में उपस्थित मादा युग्मक तक पहुंचता है?
उत्तर:
परागकण जब वर्तिकान पर पहुँचता है तो इससे एक पराग नलिका बनती है। यह पराग नलिका नर युग्मक को बीजाण्ड तक पहुँचाती है।

प्रश्न 4.
बूझो जानना चाहता है कि पुष्प सामान्यतः इतने रंग-बिरंगे और सुगन्धयुक्त क्यों होते हैं ? क्या ऐसा कीटों को आकर्षित करने के लिए होता है?
उत्तर:
हाँ, पुष्पों के विभिन्न रंग तथा सुगन्ध कीटों को आकर्षित करने के लिए होते हैं जो परागण कराने का कार्य करते हैं।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन

HBSE 7th Class Science पादप में जनन Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) जनक पादप के कायिक भागों से नये पादप के उत्पादन का प्रक्रम ………………….. कहलाता है।
(ख) ऐसे पुष्पों को, जिनमें केवल नर अथवा मादा जनन अंग होता है ………………….. पुष्प कहते हैं।
(ग) परागकणों का उसी अथवा उसी प्रकार के अन्य पुष्प के परागकोश से वर्तिकान पर स्थानान्तरण का प्रक्रम ………………….. कहलाता है।
(घ) नर और मादा युग्मकों का युग्मन ………………….. कहलाता है।
(च) बीज प्रकीर्णन ………………….. और ………………….. के द्वारा होता है।
उत्तर:
(क) कायिक प्रवर्धन
(ख) एकलिंगी
(ग) परागण
(घ) निषेचन
(च) पवन, कीट, जल।

प्रश्न 2.
अलैंगिक जनन की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए। प्रत्येक का उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
कायिक प्रवर्धन, मुकुलन, खण्डन, बीजाणु निर्माण आदि अलैंगिक जनन की विधियाँ हैं।
(1) कायिक प्रवर्धन – इस विधि में पादपों का कोई कायिक भाग, जैसे- जड़, तना, पत्ती या कली, वृद्धि करके नये पौधे का निर्माण करता है। क्योंकि इस विधि में नये पौधे का निर्माण पौधे के शरीर से होता है बीजों से नहीं, इसीलिए यह कायिक प्रवर्धन कहलाता है।

(2) मुकुलन – यीस्ट में मुकुलन द्वारा प्रजनन सामान्य रूप से पाया जाता है। यह एक कोशिकीय कवक होता है। इसकी कोशिका से एक बटन जैसी संरचना विकसित होती है जिसे मुकुल कहते हैं। मुकुल मातृ कोशिका से अलग होकर नई कोशिका बनाता है।

(3) खण्डन – यह प्रायः तन्तुवत शैवालों में पाया जाता है। इस विधि में तन्तु दो या अधिक टुकड़ों में टूट जाता है। प्रत्येक टुकड़ा वृद्धि करके नया शैवाल बनाता है, इसे खण्डन कहते हैं।

(4) बीजाणु निर्माण – कुछ जीवाणु, कवकों एवं शैवालों में कुछ कोशिकाएँ बड़ी होकर बीजाणुधानी बनाती हैं। इनके अन्दर चल या अचल बीजाणुओं का निर्माण होता है। ये बीजाणु प्रकीर्णित होकर अंकुरण करके नये पादपों का निर्माण करते हैं।

प्रश्न 3.
पादपों में लैंगिक जनन के प्रक्रम को समझाइए।
उत्तर:
पादपों में लैंगिक जनन:
पादपों में जनन अंग पुष्प के अन्दर होते हैं। नर जननांग पुंकेसर तथा मादा जननांग स्त्रीकेसर कहलाते हैं। पुंकेसर के परागकोष के अन्दर असंख्य परागकणों का निर्माण होता है। परागकणों के अन्दर नर युग्मक बनते हैं। स्त्रीकेसर के अन्दर अण्डाशय बनते हैं। अण्डाशय का सबसे ऊपरी भाग वर्तिकान कहलाता है। अण्डाशय के अन्दर अण्डप उपस्थित होता है और अण्डप के अन्दर मादा युग्मक का विकास होता है।

परागकोश के अन्दर निर्मित परागकण अण्डाशय के वर्तिकान पर पहुंचता है। वर्तिकान पर परागकण अंकुरण करके एक पराग नलिका बनाता है। पराग नलिका नर युग्मक को अण्डाशय के भीतर छोड़ देती है। अण्डाशय के अन्दर नर तथा मादा युग्मकों के बीच संयुजन होता है जिससे युग्मनज बनता है। युग्मनज वृद्धि करके भ्रूण बनाता है। भ्रूण बीज में सुरक्षित रहता है। जब बीज को बोया जाता है तो यह अंकुरण करके नये पौधे को जन्म देता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन

प्रश्न 4.
अलैंगिक तथा लैंगिक जनन के बीच प्रमुख अन्तर बताइए।
उत्तर:
अलैंगिक जनन में युग्मकों का निर्माण नहीं होता, जबकि लैंगिक जनन में युग्मकों का निर्माण एवं संयुजन होता है।

प्रश्न 5.
किसी पुष्प का चित्र खींचकर उसमें जनन अंगों को नामांकित कीजिए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -1

प्रश्न 6.
स्व-परागण तथा पर-परागण के बीच अन्तर बताइए।
उत्तर:
यदि परागकोश से मुक्त परागकण उसी पुष्प या उसी पौधे के किसी अन्य पुष्प के वर्तिकान पर पहुँच कर निषेचन क्रिया सम्पन्न करते हैं तो इसे स्वपरागण कहते हैं। यदि परागकोश से मुक्त परागकण उसी जाति के किसी अन्य पौधे के पुष्प के वर्तिकान पर पहुँचकर उसे निषेचित करते हैं तो इसे पर-परागण कहते हैं।

प्रश्न 7.
पुष्यों में निषेचन का प्रक्रम किस प्रकार सम्पन्न होता है ?
उत्तर:
परागकण वर्तिकान पर अंकुरित होकर पराग नलिका बनाते हैं। यह पराग नलिका नर युग्मक को अण्डाशय के भीतर पहुँचाती है। अण्डाशय के अन्दर उपस्थित मादा युग्मक तथा नर युग्मक आपस में युग्मन करते हैं, इसी प्रक्रम को निषेचन कहते हैं। इस प्रक्रिया के फलस्वरूप युग्मनज का निर्माण होता है।

प्रश्न 8.
बीजों के प्रकीर्णन की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
बीजों के प्रकीर्णन की विभिन्न विधियाँ निम्न प्रकार हैं
(1) पवन द्वारा बहुत से पौधों के बीज बहुत हल्के होते हैं जो पवन के साथ आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थानों पर उड़कर पहुँच जाते हैं। कुछ पादपों, जैसे- सहजन तथा द्विफल (मैपिल) के बीज पंखयुक्त होते हैं जो आसानी से वायु में एक स्थान से दूसरे स्थान पर उड़कर पहुंचते हैं। सूरजमुखी एवं आक में रोमयुक्त बीज होते हैं जो पवन (वायु) के साथ उड़कर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँच जाते हैं।

(2) जल द्वारा नारियल तथा कमल में बीजों का प्रकीर्णन जल द्वारा होता है। ये बीज पानी की धाराओं द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाये जाते हैं।

(3) जानवरों द्वारा – काँटेदार बीज; जैसे-जैन्थियम, चिरचिटा आदि जन्तुओं के बालों में उलझकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँच जाते हैं।

(4) फैलकर-कुछ पौधों में फल झटके के साथ फटते हैं जिससे अनेक बीज छिटककर दूर-दूर बिखर जाते हैं।

प्रश्न 9.
कॉलम A में दिये गये शब्दों का कॉलम B में दिये गये शब्दों से मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
(क) कली/मुकुल(i) मैपिल
(ख) आँख(ii) स्पाइरोगाइरा
(ग) खण्डन(iii) यीस्ट
(घ) पंख(iv) डबलरोटी का फदै
(च) बीजाणु(v) आलू
(vi) गुलाब

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
(क) कली/मुकुल(iii) यीस्ट
(ख) आँख(v) आलू
(ग) खण्डन(ii) स्पाइरोगाइरा
(घ) पंख(i) मैपिल
(च) बीजाणु(iv) डबलरोटी का फदै

प्रश्न 10.
सही विकल्प पर (✓) निशान लगाइए
(क) पादप का जनन भाग होता है, उसका
(i) पत्ती/पर्ण
(ii) तना
(iii) मूल
(iv) पुष्प।
उत्तर:
(iv) पुष्प। ✓

(ख) नर और मादा युग्मक के युग्मन का प्रक्रम कहलाता
(i) निषेचन
(ii) परागण
(iii) जनन
(iv) बीज निर्माण।
उत्तर:
(i) निषेचन ✓

(ग) परिपक्व होने पर अण्डाशय विकसित हो जाता है
(i) बीज में
(ii) पुंकेसर में
(iii) स्त्रीकेसर में
(iv) फल में।
उत्तर:
(iv) फल में। ✓

(घ) बीजाणु उत्पन्न करने वाला एक पादप जीव है।
(i) गुलाब
(ii) डबलरोटी का फफूंद
(iii) आलू
(iv) अदरक।
उत्तर:
(ii) डबलरोटी का फफूंद ✓

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन

(च) ब्रायोफिलम अपने जिस भाग द्वारा जनन करता है, वह है
(i) तना
(ii) पत्ती
(iii) मूल
(iv) पुष्प।
उत्तर:
(ii) पत्ती ✓

HBSE 7th Class Science पादप में जनन Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. आलू में कायिक प्रजनन संरचना है-
(क) भूमिगत प्रकन्द
(ख) वायवीय तना
(ग) पत्ती
(घ) पुष्प
उत्तर:
(क) भूमिगत प्रकन्द

2. किस्में जड़ों द्वारा कायिक जन्न होता है?
(क) आलू
(ख) शकरकंद
(ग) ब्रायोफिल्लम
(घ) गुलाब
उत्तर:
(ख) शकरकंद

3. बीजाणुधानी पायी जाती है-
(क) सरसों में
(ख) यीष्ट में
(ग) राइजोपस (कवक) में
(घ) स्पाइरोगाइरा में
उत्तर:
(ग) राइजोपस (कवक) में

4. मादा जनमांग कवक) में-
(क) पुभंग
(ख) परागकोष
(ग) परागकण
(घ) जायांग
उत्तर:
(घ) जायांग

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन

5. जैन्धियम में बीजों का प्रकीर्णन होता है-
(क) वायु द्वारा
(ख) जन्तुओं द्वारा
(ग) जल द्वारा
(घ) तितली द्वारा
उत्तर:
(ख) जन्तुओं द्वारा

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. यीस्ट कोशिका से बाहर निकलने वाला छोटा बल्ब जैसा प्रवर्ध ………… कहलाता है।
2. ………… पुष्प के नर जनन अंग तथा ………… पुष्प के मादा जनन अंग होते हैं।
3. परागकोष में ………… का निर्माण होता है।
4. ………… भ्रूण में विकसित होता है।
उत्तर:
1. मुकुल
2. पुंकेसर, स्त्रीकेसर
3, परागकणों
4. युग्मनज।

III. सुमेलन

कॉलम A के शब्दों का कॉलम B के शब्दों से मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
1. स्त्रीकेसर(a) परागकण
2. पुंकेसर(b) बीजाणु
3. फल(c) भ्रूण
4. बीज(d) बीज

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. स्त्रीकेसर(b) बीजाणु
2. पुंकेसर(a) परागकण
3. फल(d) बीज
4. बीज(c) भ्रूण

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य कथन छाँटिए
1. आम, सेब और सन्तरा रसीले फल होते हैं।
2. भ्रूण से बीजाण्ड विकसित होता है।
3. मैपिल में पंख युक्त बीज पाए जाते हैं।
4. आक में बीजों का प्रकीर्णन वायु द्वारा होता है।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य
3. सत्य
4. सत्य।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रजनन क्या होता है?
उत्तर:
किसी जीवधारी द्वारा अपने जैसे प्रतिरूप उत्पन्न करना प्रजनन कहलाता है।

प्रश्न 2.
पादपों के कायिक जनन अंग कौन-कौन से होते हैं ?
उत्तर:
जड़, तना, पत्तियाँ, पादपों के कायिक जनन अंग होते हैं।

प्रश्न 3.
पौधों के जननांग कहाँ पाये जाते हैं?
उत्तर:
पुष्प के अन्दर।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन

प्रश्न 4.
चम्पा में अलैंगिक प्रजनन की विधि क्या है?
उत्तर:
कलम लगाना।

प्रश्न 5.
अदरक एवं हल्दी में उन अंगों के नाम लिखिए जिनसे कायिक प्रजनन होता है ?
उत्तर:
अदरक एवं हल्दी में प्रकन्द द्वारा कायिक प्रजनन होता है।

प्रश्न 6.
गुलाब अथवा चम्पा के पौधे की कलम से नए पत्ते बनने में कितना समय लगता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
लगभग दो सप्ताह।

प्रश्न 7.
आलू के आँख युक्त टुकड़े को मिट्टी में दबाने पर कुछ दिनों बाद आप क्या देखेंगे? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
आलू की आँख से कलिका प्रस्फुटित होकर नया पौधा बना देगी।

प्रश्न 8.
फर्न में बीजाणु कहाँ उत्पन्न होते हैं?
उत्तर:
फर्न में बीजाणु पत्तियों पर उपस्थित बीजाणुधानियों में बनते हैं।

प्रश्न 9.
सरसों में प्रजनन विधि क्या होती है?
उत्तर:
लैंगिक प्रजनन।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन

प्रश्न 10.
युग्मन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
नर एवं मादा युग्मकों के आपस में मिलने को युग्मन कहते हैं।

प्रश्न 11.
एकलिंगी पुष्य तथा द्विलिंगी पुष्प का उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
कदू, ककड़ी, लौकी आदि में एकलिंगी पुष्प पाये जाते हैं। सरसों, मटर आदि में द्विलिंगी पुष्प पाये जाते हैं।

प्रश्न 12.
एक रसीले तथा एक कठोर फल का नाम बताइए।
उत्तर:
रसीला फल-आम, कठोर फल-बादाम।

लयु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आलू एवं अदरक में कायिक प्रजनन किस प्रकार होता है ? नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
आलू में कायिक प्रजनन कन्द पर उपस्थित आँखों से तथा अदरक में प्रकन्द पर उपस्थित अपस्थानिक कलिकाओं से होता है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -2

प्रश्न 2.
बायोफिलम में प्रजनन किस प्रकार होता
उत्तर:
बायोफिलम (पत्थरचटा) में कायिक प्रजनन पत्तियों द्वारा होता है। इसमें पत्तियों के किनारे की खाँचों से कलिकाएँ उत्पन्न होकर नये पादप का निर्माण करती हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -3

प्रश्न 3.
यीस्ट में मुकुलन विधि को चित्र बनाकर समझाइए।
उत्तर:
यीस्ट एक एककोशिकीय कवक है। इसमें मुकुलन द्वारा प्रजनन सामान्य रूप से पाया जाता है। इसकी कोशिका से एक बल्ब जैसा प्रवर्ध उत्पन्न होता है। इसे मुकुल या कली कहते हैं। मुकुल क्रमशः वृद्धि करता है और जनक कोशिका से अलग होकर नयी यीस्ट कोशिका बनाता है। कभी-कभी ये मुकुल मातृकोशिका से अलग नहीं होते जिससे कोशिकाओं की एक छोटी श्रृंखला बन जाती है।
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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन

प्रश्न 4.
स्पाइरोगाइरा में खण्डन प्रक्रिया को चित्र द्वारा समझाइए।
उत्तर:
स्पाइरोगाइरा एक तन्तुवत शैवाल होता है। जब तालाब में पोषक तत्व भरपूर होते हैं तो ये शैवाल खुब वृद्धि करते हैं। शैवाल तन्तु अनेक भागों में विखण्डित हो जाता है। ये खण्ड अथवा टुकड़े नये शैवालों का निर्माण करते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -5

प्रश्न 5.
किसी कवक में बीजाणु निर्माण को चित्र द्वारा बनाइए।
उत्तर:
डबलरोटी के फफूंद (कवक) में बीजाणु द्वारा प्रजनन होता है। डबलरोटी पर रुई जैसे बाल उत्पन्न हो जाते हैं जिसे कवक जाल कहते हैं। इससे ऊपर की ओर कुछ धागे जैसी संरचनाएँ बनती हैं। इन धागों के शीर्ष पर एक गोलाकार संरचना बनती हैं जिसे बीजाणुधानी कहते हैं। बीजाणुधानी में असंख्य बीजाणुओं का निर्माण होता है। ये बीजाणु हवा द्वारा उड़-उड़कर बहुत दूर-दूर तक पहुँच जाते हैं। उपयुक्त माध्यम पर गिरकर वहाँ नये कवक जाल का निर्माण करते हैं।
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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन

दीर्य उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
लैंगिक जनन क्या होता है? पौधे के नर तथा मादा जननांगों का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
लैंगिक जनन: यह प्रजनन की एक विधि है जिसमें नर एवं मादा – युग्मकों का संयुजन होता है। नर युग्मकों का निर्माण नर जननांग (पुंकेसर) में होता है तथा मादा युग्मकों का निर्माण मादा जननांग (स्त्रीकेसर) में होता है।

नर जननांग-पौधे के नर जननांग पुंकेसर कहलाते हैं। प्रत्येक पुंकेसर के दो भाग होते हैं-
(i) पुतंतु,
(ii) परागकोष। परागकोष के अन्दर परागकणों का निर्माण होता है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -7
मादा जननांग: पौधे के मादा जननांग स्त्रीकेसर कहलाते हैं। प्रत्येक मा स्त्रीकेसर के तीन भाग होते हैं
(i) अण्डाशय
(ii) वर्तिका
(iii) वर्तिकान।
अण्डाशय स्त्रीकेसर का नीचे का फूला हुआ भाग होता हैजिसमें बीजाण्ड पाये जाते हैं। अण्डाशय के ऊपर का संकरा भाग वर्तिका कहलाता है। वर्तिका के ऊपर एक गोलाकार संरचन वर्तिकान कहलाती है। वर्तिकान पर ही परागकण स्थानान्तरित होते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -8

प्रश्न 2.
पौधों में परागण की क्रिया का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
परागण : परागकोष से परागकणों का वर्तिकान पर स्थानान्तरण परागण कहलाता है। परागण दो प्रकार का होता है-
(1) स्व-परागण : जब किसी पुष्प के परागकोश से निकले परागकण उसी पुष्प या उसी पौधे के किसी दूसरे पुष्प के वर्तिकान पर पहुँचते हैं तो इसे स्व-परागण कहते हैं।
(2) पर-परागण : जब किसी पुष्प के परागकोश से निकले परागकण किसी दूसरे पौधे के किसी पुष्प के वर्तिकान पर स्थानान्तरित होते हैं तो इसे पर-परागण कहते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -9
परागण की क्रिया पवन, जल, कीट या पक्षियों द्वारा सम्पन्न होती है। पौधों में मुख्यत: कीट परागण पाया जाता है। जब कोई कीट पुष्प पर मकरन्द चूसने के लिए पहुँचता है तो उस पुष्य के परागकण कीट से चिपक जाते हैं। जब यही कीट किसी दूसरे पुष्प पर पहुँचता है तो परागकण वर्तिकान पर गिर जाते हैं। इस प्रकार परागण क्रिया सम्पन्न होती है।

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प्रश्न 3.
निषेचन क्रिया का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
निषेचन:
नर तथा मादा युग्मकों के युग्मन की क्रिया निषेचन कहलाती है। परागण की क्रिया में वर्तिकान पर छोड़ा गया परागकण अंकुरित होकर पराग नलिका बनाता है। इस पराग नलिका में नर युग्मक उपस्थित होता है। पराग नलिका नर युग्मक को बीजाण्ड में स्थित अण्ड कोशिका तक पहुँचा देती है। अण्ड कोशिका में मादा युग्मक होता है। नर एवं मादा युग्मकों का संयुजन होकर युग्मनज बनता है। इस सम्पूर्ण प्रक्रम को निषेचन कहते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -10

प्रश्न 4.
फल एवं बीजों का विकास किस प्रकार होता है? बीजों के प्रकीर्णन में सहयक कुछ रचनाओं का चित्र सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर:
फल एवं बीज का विकास : निषेचन के पश्चात् अण्डाशय फल में विकसित होता है, जबकि पुष्प के अन्य भाग मुरझाकर गिर जाते हैं। बीजाण्ड से बीज का निर्माण होता है। बीज में युग्मनज से बना एक भ्रूण होता है। जो सुरक्षात्मक बीजावरण के अन्दर होता है।
बीज प्रकीर्णन : बीजों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर बिखरना प्रकीर्णन कहलाता है। प्रकीर्णन वायु, जल या जानवरों द्वारा होता है।
(i) वायु द्वारा प्रकीर्णित होने वाले बीज प्रायः हल्के अथवा पंख या रोम युक्त होते हैं जो आसानी से वायु में उड़ जाते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -11
(ii) जल द्वारा प्रकीर्णित होने वाले बीज प्रायः हल्के, तरणशील (तैरने वाले) तथा न गलने वाले होते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -12
(iii) जन्तुओं द्वारा प्रकीर्णित होने वाले बीज काँटे युक्त होते हैं। कुछ बीज जन्तुओं द्वारा खा लिये जाते हैं और उनके – मल के साथ दूर-दूर पहुँचाये जाते हैं।

जंतुओं और पादप में परिवहन Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ सभी जीवधारी अपने वंश या प्रजाति को बनाये रखने के लिए जनन या गुणन करते हैं।
→ माता-पिता से संतति का जन्म होना, जनन कहलाता है।
→ पादप में जनन दो प्रकार से होता है- अलैंगिक तथा लैंगिक।
→ अलैंगिक जनन की कुछ विधियाँ खण्डन, मुकुलन, बीजाणु निर्माण और कायिक प्रवर्धन हैं।
→ लैंगिक जनन में नर और मादा युग्मकों का युग्मन होता है।
→ कायिक प्रवर्धन में पत्तियाँ, तना और मूल जैसे कायिक भागों से नये पादप उगाये जाते हैं। पुष्प पादप का जनन अंग है।
→ एकलिंगी पुष्प में या तो नर अथवा मादा जनन अंग होते हैं।
→ द्विलिंगी पुष्प में नर और मादा जनन अंग दोनों ही होते हैं।
→ नर युग्मक परागकणों के अन्दर और मादा युग्मक बीजाण्ड में पाये जाते हैं।
→ किसी पुष्प के परागकोश से उसी पुष्प अथवा किसी अन्य पुष्प के वर्तिकान तक परागकणों के स्थानान्तरण की प्रक्रिया परागण कहलाती है। परागण दो प्रकार का होता है, स्वपरागण और परपरागण।
→ परागण पवन, जल और कीटों के द्वारा हो सकता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन

→ नर और मादा युग्मकों का युग्मन निषेचन कहलाता है।
→ निषेचित अण्ड युग्मनज कहलाता है। युग्मनज का विकास भ्रूण में होता है।
→ फल एक परिपक्व अण्डाशय है, जबकि बीजाण्ड बीज में विकसित होता है। बीज में विकासशील भ्रूण होता है।
→ बीजों का प्रकीर्णन पवन, जल अथवा जन्तुओं के द्वारा होता है।
→ जनन – जीव द्वारा अपने जैसे प्रतिरूप उत्पन्न करना।
→ कायिक अंग – पौधों में मूल, तना एवं पत्तियाँ कायिक अंग कहलाती हैं।
→ जनन अंग – वे अंग जो संतति उत्पन्न करने में भाग लेते हैं।
→ अलैंगिक जनन – बिना बीज के ही नये पौधे के निर्माण की विधि।
→ लैंगिक जनन – नर तथा मादा युग्मकों के संयुजन से युग्मनज बनाना तथा युग्मनज से नये पौधे का विकास होना।
→ कायिक प्रवर्धन – पौधे के किसी कायिक भाग से नये पौधे का निर्माण।
→ कलमकिसी – पौधे की शाखा का पर्वसन्धि युक्त टुकड़ा जो नए पौधे को जन्म दे सकता है।
→ मुकुलन – अलैंगिक प्रजनन की एक विधि जिसमें कोशिका से एक बल्ब जैसा प्रवर्ध मुकुल बनता है। यह नयी कोशिका का निर्माण करता है। यह प्रक्रिया मुकुलन कहलाती है।
→ खण्डन – किसी एक पौधे या कोशिका का दो या दो से अधिक टुकड़ों में टूटना तथा प्रत्येक खण्ड से एक नये पौधे का बनना।
→ बीजाणु – अलैंगिक जनन में एक पौधे द्वारा उत्पन्न बीज जैसी संरचना जो अंकुरण करके नये पौधे का निर्माण करती है।
→ बीजाणुधानी – बीजाणुओं को उत्पन्न करने वाली थैली जैसी रचना।
→ पुंकेसर – पुष्प के नर जननांग। स्त्रीकेसर-पुष्प के मादा जननांग।
→ एक लिंगी पुष्प – पुष्प जिसमें केवल एक प्रकार का जननांग पाया जाए।
→ द्विलिंगी पुष्प – पुष्प जिसमें दोनों प्रकार के जननांग पाए जाएँ।
→ युग्मक – जनन संरचनाएँ जो युग्मन करके युग्मनज बनाती हैं।
→ परागकोश – नर जननांग पुंकेसर का वह भाग जिसमें परागकण बनते हैं।
→ बीजाण्ड – पुष्प में मादा युग्मक धारण करने वाली संरचना।
→ परागकण – नर युग्मकों का निर्माण करने वाली संरचना।
→ परागण – परागकोष से परागकणों का वर्तिकान पर स्थानान्तरण।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन

HBSE 7th Class Science जंतुओं और पादप में परिवहन InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
रक्त का रंग लाल क्यों होता है?
उत्तर:
रक्त में लाल रुधिर कोशिकाओं में उपस्थित लाल वर्णक हीमोग्लोबिन की उपस्थिति के कारण रक्त का रंग लाल होता है।

प्रश्न 2.
पहेली सोच रही है कि हृदय के किस भाग में ऑक्सीजन समृद्ध रक्त होगा और किस भाग में कार्बन डाइऑक्साइड समृद्ध रक्त?
उत्तर:
हृदय के बायीं ओर के भाग में ऑक्सीजन से समृद्ध रक्त होता है तथा दार्थी ओर के भाग में कार्बन डाइऑक्साइड समृद्ध रक्त होता है।

प्रश्न 3.
पहेली जाना चाहती है कि क्या अन्य जन्तु भी मूत्र निष्कासन करते हैं?
उत्तर:
हाँ, अन्य जन्तु भी मूत्र निष्कासन करते हैं।

प्रश्न 4.
बूझो जानना चाहता है क्या स्पंज और हाइड्रा में भी रक्त होता है?
उत्तर:
नहीं।

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प्रश्न 5.
पहेली ने देखा है कि यदि भिण्डी और अन्य सब्जियाँ सूख गई हों, तो उसकी माँ उन्हें कुछ देर के लिए जल में डुबो देती हैं। वह जानना चाहती है कि उनमें जल कैसे प्रवेश करता है।
उत्तर:
जल कुछ दूरी तक एक कोशिका से दूसरी कोशिका में संवहन के कारण प्रवेश कर सकता है।

HBSE 7th Class Science जंतुओं और पादप में परिवहन Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
कॉलम A में दी गई मंरचनाओं का कॉलम B में दिये गये प्रक्रमों से मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
(क) रंध्र(i) जल का अवशोषण
(ख) जाइलम(ii) वाष्पोत्सर्जन
(ग) मूल रोम(iii) भोजन का परिवहन
(घ) फ्लोएम(iv) जल का परिवहन
(v) कार्बोहाइड्रेट का संश्लेषण

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
(क) रंध्र(ii) वाष्पोत्सर्जन
(ख) जाइलम(iv) जल का परिवहन
(ग) मूल रोम(i) जल का अवशोषण
(घ) फ्लोएम(iii) भोजन का परिवहन

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) हृदय से रक्त का शरीर के सभी अंगों में परिवहन …………. के द्वारा होता है।
(ख) हीमोग्लोबिन …………………… कोशिकाओं में पाया जाता है।
(ग) धमनियाँ और शिराएँ ……………. के जाल द्वारा जुड़ी रहती हैं।
(घ) हृदय का लयबद्ध विस्तार और संकुचन ………………… कहलाता है।
(च) मानव शरीर के प्रमुख उत्सर्जित उत्पाद ……………… है।
(छ) पसीने में जल और ………………. होता है।
(ज) वृक्क अपशिष्ट पदार्थों को द्रव रूप में बाहर निकालते हैं, जिसे हम ……………….. कहते हैं।
(झ) वृक्षों में बहुत अधिक ऊँचाइयों तक जल पहुँचाने के कार्य में …………….. द्वारा उत्पन्न चूषण अभिकर्षण बल सहायता करता है।
उत्तर:
(क) धमनियों
(ख) लाल रक्त
(ग) केशिकाओं
(ब) हृदय स्पंदन
(च) यूरिया
(छ) लवण
(ज) मूत्र
(झ) वाष्पोत्सर्जन।

प्रश्न 3.
सही विकल्प का चयन करिए
(क) पादपों में जल का परिवहन होता है
(i) जाइलम के द्वारा
(ii) फ्लोएम के द्वारा
(iii) रंध्रों के द्वारा
(iv) मूलरोमों के द्वारा।
उत्तर:
(i) जाइलम के द्वारा

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन

(ख) मूलों द्वारा जल के अवशोषण की दर को बढ़ाया जा सकता है, उन्हें
(i) छाया में रखकर
(ii) मंद प्रकाश में रखकर
(iii) पंखे के नीचे रखकर
(iv) पॉलीथीन की थैली से ढककर।
उत्तर:
(iii) पंखे के नीचे रखकर

प्रश्न 4.
पादपों अथवा जन्तुओं में पदार्थों का परिवहन क्यों आवश्यक है ? समझाइए।
उत्तर:
पौधों तथा जन्तुओं के शरीर की संरचना जटिल प्रकार की होती है। शरीर के विभिन्न अंगों के कार्य भी भिन्न-भिन्न होते हैं। उदाहरण के लिए; पौधों की जड़ें पानी का अवशोषण करती हैं और पत्तियों का कार्य है भोजन निर्माण करना। अतः भोजन को जड़ों तक तथा जड़ों से जल को पत्तियों तक पहुँचाना आवश्यक होता है। इसी प्रकार हमारे शरीर में भोजन का अवशोषण आँतों में होता है, जिसे सम्पूर्ण शरीर में पहुँचाना आवश्यक होता है। इसीलिए पौधों एवं जन्तुओं में परिवहन होता है।

प्रश्न 5.
क्या होगा यदि रक्त में पट्टिकाणु नहीं होंगे?
उत्तर:
रुधिर में उपस्थित पट्टिकाणु चोट लगने पर रक्त का थक्का बनाने में सहायता करते हैं जिससे शरीर से रक्त अधिक समय तक नहीं बहता है। यदि रक्त में रुधिराणु नहीं होंगे तो रक्त का थक्का नहीं बनेगा और चोट लगने पर अधिक रक्तस्राव होने से व्यक्ति की मृत्यु हो जायेगी।

प्रश्न 6.
रन्ध्र क्या हैं ? रन्नों के दो कार्य बताइए।
उत्तर:
पादपों की पत्तियों एवं कुछ अन्य हरे भागों में सूक्ष्म छिद्र उपस्थित होते हैं जिन्हें रंध्र कहते हैं।
रन्ध्रों के कार्य-
(i) रन्धों द्वारा पौधों के लिए वायु से श्वसन तथा प्रकाश संश्लेषण के लिए गैसों का विनिमय होता है।
(ii) रन्ध्रों द्वारा वाष्पोत्सर्जन होता है जिससे अतिरिक्त जल पत्ती से बाहर निकाला जाता है।

प्रश्न 7.
क्या वाष्पोत्सर्जन पादपों में कोई उपयोगी कार्य करता है?
उत्तर:
हाँ, वाष्पोत्सर्जन के कारण पौधों में एक चूषण अभिकर्षण बल उत्पन्न होता है। इस बल के कारण जड़ों द्वारा अवशोषित जल पौधों में ऊपर चढ़ता है।

प्रश्न 8.
रक्त के घटकों के नाम बताइए।
उत्तर:
रक्त के घटक हैं लाल रक्त कोशिकाएँ, श्वेत रक्त कोशिकाएँ तथा पट्टिकाणु। ये सभी रक्त प्लाज्मा में तैरते रहते हैं।

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प्रश्न 9.
शरीर के सभी अंगों को रक्त की आवश्यकता क्यों होती है ?
उत्तर:
शरीर के सभी अंगों को रक्त की आवश्यकता होती है क्योंकि रक्त आँतों से अवशोषित भोजन को शरीर के सभी अंगों तक पहुंचाता है। रक्त ही ऑक्सीजन तथा अन्य पदार्थों को एक अंग से दूसरे अंगों तक ले जाता तथा वापस लाता है।

प्रश्न 10.
रक्त लाल रंग का क्यों दिखाई देता है ?
उत्तर:
रक्त में लाल रुधिर कोशिकाओं की संख्या सर्वाधिक होती है। इन कोशिकाओं में लाल रंग का वर्णक हीमोग्लोबिन उपस्थित होता है, जिससे रक्त लाल रंग का दिखाई देता है।

प्रश्न 11.
हृदय के कार्य बताइए।
उत्तर:
हृदय का प्रमुख कार्य ऑक्सीजन समृद्ध रक्त को शरीर के सभी अंगों में भेजना तथा कार्बन डाइऑक्साइड समृद्ध रक्त को सभी अंगों से वापस लेकर, इसे ऑक्सीजन समृद्ध होने के लिए फेफड़ों में भेजना है। .

प्रश्न 12.
शरीर द्वारा अपशिष्ट पदार्थों को उत्सर्जित करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
अपशिष्ट पदार्थों का शरीर में एकत्र रहना नुकसानदायक होता है इसीलिए इन्हें शरीर से बाहर निकालना आवश्यक है।

प्रश्न 13.
मानव उत्सर्जन तंत्र का चित्र बनाइए और उसके विभिन्न भागों को नामांकित कीजिए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन -1

HBSE 7th Class Science जंतुओं और पादप में परिवहन Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. रक्त को हृदय से अंगों एवं ऊतकों की ओर ले जाती
(क) धमनी
(ख) शिराएँ
(ग) लिम्फ वाहिकाएँ
(घ) कोशिकाएँ
उत्तर:
(क) धमनी

2. हीमोग्लोबिन उपस्थित होता है
(क) श्वेत रक्त कणिकाओं में
(ख) लाल रक्त कणिकाओं में
(ग) पट्टिकाणुओं में
(घ) लसीकाणुओं में
उत्तर:
(ख) लाल रक्त कणिकाओं में

3. धमनियों में बहता है
(क) ऑक्सीजन समृद्ध रक्त
(ख) कार्बन डाइऑक्साइड समृद्ध रक्त
(ग) प्लाज्मा रहित रक्त
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(क) ऑक्सीजन समृद्ध रक्त

4. हमारे हृदय में कक्षों की संख्या होती हैं
(क) दो
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) पाँच
उत्तर:
(ग) चार

5. मनुष्य के मुख्य उत्सर्जी अंग हैं
(क) त्वचा
(ख) मलाशय
(ग) मूत्राशय
(घ) वृक्क
उत्तर:
(घ) वृक्क

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. हदय और रक्त वाहिनियाँ संयुक्त रूप से हमारे शरीर का ………… बनाती हैं।
2. ………… की कमी होने पर शरीर की सभी कोशिकाओं को कुशलतापूर्वक ऑक्सीजन प्रदान करना कठिन होता हैं।
3. ………… की दीवार मोटी तथा प्रत्यास्थ होती है।
4. जल और पोषक तत्वों के परिवहन के लिए पौधों में उपस्थित ऊतक ………… कहलाता है।
उत्तर:
1. परिसंचरण तंत्र
2. हीमोग्लोबिन
3. धमनी
4. जाइलम।

III. सुमेलन

कॉलम ‘A’ तथा कॉलम ‘B’ के शब्दों का मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
1. धमनी(a) जाइलम व फ्लोएम
2. शिरा(b) ऑक्सीजन समृद्ध रक्त
3. केशिका(c) ऑक्सीजन विहीन रक्त
4. संवहन ऊतक(d) ऊँतकों में वितरण

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. धमनी(b) ऑक्सीजन समृद्ध रक्त
2. शिरा(c) ऑक्सीजन विहीन रक्त
3. केशिका(d) ऊँतकों में वितरण
4. संवहन ऊतक(a) जाइलम व फ्लोएम

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य कथन छाँटिए
1. श्वेत रक्त कणिकाएँ ऑक्सीजन का परिवहन करती हैं।
2. रक्त का ऑक्सीजन समृद्धीकरण फेफड़ों में होता है।
3. उत्सर्जन तंत्र मूत्र निर्माण एवं इसके निष्कासन में भाग लेता है।
4. पौधों में जाइलम व फ्लोएम से बना संवहन ऊतक पाया जाता है।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य
3. सत्य
4. सत्य।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्लाज्मा क्या होता है ?
उत्तर:
रक्त का आधारभूत द्रव जिसमें रक्त कोशिकाएँ निलम्बित होती हैं, प्लाज्मा कहलाता है।

प्रश्न 2.
स्वेद (पसीना) आने का क्या लाभ है?
उत्तर:
यह शरीर के ताप नियन्त्रण में सहायक होता है।

प्रश्न 3.
स्पंदन दर से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
नाड़ी की प्रति मिनट की गति को स्पंदन दर कहते हैं।

प्रश्न 4.
हृदय गति मापने के लिए किस यंत्र का उपयोग किया जाता है?
उत्तर:
स्टेथोस्कोप का।

प्रश्न 5.
यदि हृदय में कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन से समृद्ध रक्त परस्पर मिश्रित हो जाये तो क्या होगा?
उत्तर:
इससे शरीर को ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जायेगी।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन

प्रश्न 6.
धमनी एवं शिरा में एक अन्तर लिखिए।
उत्तर:
धमनी अपेक्षाकृत मोटी दीवार वाली होती है, जबकि शिराएँ पतली दीवार वाली होती हैं।

प्रश्न 7.
श्वेत रक्त कोशिकाएँ हमारे शरीर में क्या कार्य करती हैं ?
उत्तर:
रोग कारक रोगाणुओं को नष्ट करती हैं।

प्रश्न 8.
हृदय को पंपिंग स्टेशन क्यों कहते हैं ?
उत्तर:
हृदय रक्त को हमारे सम्पूर्ण शरीर में पम्प करता है।

प्रश्न 9.
हृदय के दो प्रमुख भाग कौन-से होते हैं?
उत्तर:
(i) अलिन्द और
(ii) निलय।

प्रश्न 10.
रक्त परिसंचरण की खोज किसने की?
उत्तर:
विलियम हार्वे ने।

प्रश्न 11.
नाड़ी स्पंदन क्या है? यह क्यों होता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
धमनी में रुधिर के प्रवाह के कारण स्पंदन होता है। यह स्पंदन नाड़ी स्पंदन कहलाता है और यह धमनियों में प्रवाहित हो रहे रक्त के कारण होता है। यह स्पन्दन एक मिनट में 72 बार होता है।

प्रश्न 12.
मूत्र के घटक क्या होते हैं ?
उत्तर:
मूत्र में 95% जल, 2.5% यूरिया तथा 2.5% अन्य अपशिष्ट होते हैं।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन

प्रश्न 13.
पौधों के दो संवहन ऊतकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(i) जाइलम तथा
(ii) फ्लोएम।

प्रश्न 14.
पौधों में जल तथा खनिजों का अवशोषण कौन-सा अंग करता है ?
उत्तर:
जड़ों पर उपस्थित मूल रोम।

प्रश्न 15.
आलू की गुहाँ में जल का प्रवेश किस कारण हो जाता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
संवहन (परासरण) प्रक्रिया के कारण।

प्रश्न 16.
विशाल वृक्षों में इतनी अधिक ऊँचाई तक जल का आरोहण किस कारण होता है?
उत्तर:
वाष्पोत्सर्जन से उत्पन्न अभिकर्षण बल (खिंचाव) के कारण।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
परिसंचरण तन्त्र का व्यवस्था चित्र बनाइए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन -2

प्रश्न 2.
रक्त का संगठन लिखिए। इसके विभिन्न घटकों के कार्य भी लिखिए।
उत्तर:
रक्त मुख्यतः दो घटकों से मिलकर बना होता
(1) प्लाज्मा – यह रक्त का तरल भाग है, यह हल्के पीले रंग का होता है। इसी में विभिन्न प्रकार की रक्त कोशिकाएँ तथा अन्य पदार्थ निलम्बित रहते हैं।
(2) रक्त कोशिकाएँ – प्लाज्मा में मुख्यत: तीन प्रकार की कोशिकाएँ पायी जाती हैं
(a) लाल रक्त कोशिकाएँ हीमोग्लोबिन की उपस्थिति के कारण ये लाल रंग की होती हैं। ये मुख्यतः ऑक्सीजन का वहन करती हैं।
(b) श्वेत रक्त कोशिकाएँ—ये रंगहीन होती हैं। ये शरीर में प्रवेश करने वाले रोगाणुओं को नष्ट करती हैं।
(c) पट्टिकाणु-ये डिस्क के आकार की कोशिकाएँ होती हैं। ये चोट लगने पर रुधिर का थक्का बनाती हैं।

प्रश्न 3.
धमनी और शिरा में अन्तर लिखिए।
उत्तर:

धमनीशिरा
(i) हृय से ऑक्सीजन समृद्ध रक्त का वितरण करती हैं।(i) ये कार्बन डाइऑक्साइड से समृद्ध रक्त को वापस हृदय में लाती हैं।
(ii) ये प्राय: शरीर में गहराई में स्थित होती हैं।(ii) ये प्रायः सतह पर होती हैं।
(iii) इनकी दीवार मोटी होती है।(iii) इनकी दीवार पतली होती है।
(iv) रक्त प्रवाह झटके से तथा अधिक दाब के साथ होता है।(iv) रक्त प्रवाह समान और धीरे-धीरे होता है।
(v) चमकीली लाल होती हैं।(v) हल्के नीले रंग वाली होती हैं।

प्रश्न 4.
मानव में उत्सर्जन कैसे होता है?
उत्तर:
मानव में मुख्य उत्सर्जी अंग एक जोड़ी वृक्क (गुर्दे) होते हैं। ये यूरिया युक्त रक्त का निस्यंदन करके मूत्र का निर्माण करते हैं। मानव का मुख्य उत्सर्जी उत्पाद यूरिया होता है जिसका निर्माण यकृत में होता है। यकृत से यूरिया युक्त रक्त वृक्कों में आता है। वृक्कों में असंख्य नेफ्रोन होते हैं। ये रक्त से अधिक मात्रा में जल और इसमें घुलित यूरिया को छान देते हैं। वृक्कों में ही जल की काफी मात्रा को पुनः अवशोषित कर लिया जाता है, शेष भाग मूत्र कहलाता है। वाहिनियों द्वारा मूत्र, मूत्राशय में लाया जाता है। मूत्राशय में एकत्र मूत्र को समय-समय पर मूत्र रन्ध्र से होकर बाहर निकाल दिया जाता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
4-5 मिनट तक दौड़ने के बाद पुनः हृदय स्पंदन की दर ज्ञात कीजिए। अपने प्रेक्षणों की तुलना कीजिए। अपनी तथा अपने मित्रों की विश्राम अवस्था में तथा 4-5 मिनट दौड़ने के बाद हृदय स्पंदन तथा नाड़ी स्पंद (पल्स) दर सारणी में रिकॉर्ड कीजिए। क्या आपको अपने हृदय स्पंदन और नाड़ी स्पंद दर के बीच कोई सम्बन्ध दिखाई देता है ? प्रत्येक हृदय स्पंदन धमनियों में एक स्पंद उत्पन्न करता है। प्रति मिनट धमनी में उत्पन्न स्पंद, हृदय स्पंदन दर को बताती है। (क्रियाकलाप)
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन -3

प्रश्न 2.
मानव हृदय का नामांकित चित्र बनाकर इसकी कार्यविधि का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
हृदय:
हदय बन्द मुट्ठी के आकार की संरचना है। यह हमारे शरीर में पम्पिंग स्टेशन का कार्य करता है। यह वक्ष गुहा में स्थित होता है। हमारे हृदय में चार कक्ष होते हैं-दायाँ अलिन्द, बायाँ अलिन्द, दायाँ निलय तथा बायाँ निलय । दायें अलिन्द से महाशिरा तथा बाउँ अलिन्द से फुफ्फुस धमनी निकलती हैं। बायें तथा दायें निलय के बीच एक दीवार उपस्थित होती है जो ऑक्सीजन युक्त तथा कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रुधिर को पृथक करती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन -4
कार्यविधि:
शरीर के विभिन्न अंगों से लाया गया अशुद्ध रक्त महाशिराओं द्वारा दाहिने अलिन्द में छोड़ा जाता है जहाँ से यह दाहिने निलय में आता है। दाहिना निलय अशुद्ध रक्त को फुफ्फुस धमनी द्वारा फेंफड़ों में भेजता है। फेंफड़ों में रक्त को ऑक्सीजन समृद्ध (शुद्ध) किया जाता है। अब फेंफड़ों से शुद्ध रक्त फुफ्फुस शिरा द्वारा बायें अलिन्द में लाया जाता है। यहाँ से इसे बायें निलय में भेजा जाता है। बायें निलय से शुद्ध रक्त को महाधमनी द्वारा सम्पूर्ण शरीर में पम्प कर दिया जाता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन

प्रश्न 3.
पौधों में जल के अवशोषण तथा इसके परिवहन का वर्णन कीजिए। यह भी बताइए कि पौधों में खाद्य पदार्थों का परिवहन कैसे होता है।
उत्तर:
पौधों में जल तथा खाद्य पदार्थों का परिवहन क्रमशः जाइलम तथा फ्लोएम द्वारा होता है। ये दोनों विशेष प्रकार के संवहन ऊतक होते हैं तथा सम्पूर्ण पौधे में एक जाल बनाकर वितरित रहते हैं।
जल का अवशोषण तथा आरोहण:
पौधे जल का अवशोषण जड़ों पर स्थित मूल रोमों द्वारा करते हैं। अवशोषित जल तथा लवणों को विभिन्न कोशिकाओं से होते हुए जाइलम (दारू) तक पहुंचा दिया जाता है। जाइलम ऊतक जल एवं खनिजों को पौधों के विभिन्न भागों तक पहुंचाता है। इस कार्य में वाष्पोत्सर्जन खिंचाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
खाद्य पदार्थों का स्थानान्तरण-खाद्य पदार्थों का निर्माण पौधे के हरे भागों मुख्यतः पत्तियों में होता है। पत्तियों में निर्मित खाद्य पदार्थ जल में घुलकर फ्लोएम (पोषवाह) द्वारा पौधे के विभिन्न अंगों तक पहुँचाये जाते हैं।
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जंतुओं और पादप में परिवहन Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ अधिकांश जन्तुओं के शरीर में प्रवाहित होने वाला रक्त शरीर की विभिन्न कोशिकाओं को भोजन और ऑक्सीजन का वितरण करता है। यह शरीर के विभिन्न भागों से उत्सर्जन के लिए अपशिष्ट पदार्थों को भी लाता है।
→ परिसंचरण तंत्र में हृदय और रक्त वाहिनियाँ होती हैं।
→ मानव शरीर में रक्त, धमनियों और शिराओं में प्रवाहित होता है तथा हृदय पम्प की तरह कार्य करता है।
→ रक्त में प्लाज्मा, लाल रक्त कणिकाएँ (RBCs), श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBCs) और पट्टिकाणु होते हैं। रक्त का लाल रंग, लाल वर्णक युक्त हीमोग्लोबिन की उपस्थिति के कारण होता है।
→ शरीर में विभिन्न प्रकार की रक्त वाहिनियाँ होती हैं जो रक्त को शरीर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती हैं।
→ धमनियाँ हृदय से शरीर के सभी अन्य भागों में रक्त को ले जाती हैं।
→ शिराएँ शरीर के सभी भागों से रक्त को वापस हृदय में लाती हैं।
→ किसी वयस्क व्यक्ति का हृदय एक मिनट में लगभग 70-80 बार धड़कता है। इसे हृदय स्पंदन दर कहते हैं।
→ ऊतकों में पहुँचकर धमनियाँ अत्यंत महीन नलिकाओं में विभाजित हो जाती हैं जिन्हें कोशिकाएँ कहते हैं।
→ हृदय वह अंग है, जो रक्त द्वारा पदार्थों के परिवहन के लिए पंप के रूप में कार्य करता है। हृदय चार कक्षों में बँटा होता है। ऊपरी दो कक्ष अलिन्द तथा निचले दो कक्ष निलय कहलाते हैं।
→ शरीर में से अपशिष्ट उत्पादों को बाहर निकालने का प्रक्रम उत्सर्जन कहलाता है।
→ मानव उत्सर्जन तन्त्र में दो वृक्क (गुर्दे), दो मूत्र वाहिनियाँ, एक मूत्राशय और एक मूत्र मार्ग होता है।
→ लवण और यूरिया जल के साथ स्वेद (पसीने) के रूप में शरीर से बाहर निकाल दिये जाते हैं।
→ मछली अपशिष्ट पदार्थ के रूप में अमोनिया उत्सर्जित करती है, जो सीधे जल में घुल जाती है।
→ पक्षी कीट और छिपकली अर्ध ठोस (सेमी सॉलिड) रूप में यूरिक अम्ल का उत्सर्जन करते हैं।
→ पादप मूलों द्वारा जल और पोषक तत्व मृदा से अवशोषित होते हैं। पूरे पादप में जल के साथ पोषक तत्व जाइलम नामक संवहन ऊतक द्वारा ले जाये जाते हैं।
→ पादप के विभिन्न भागों में भोजन का परिवहन फ्लोएम नामक संवहन ऊतक के द्वारा होता है।
→ वाष्पोत्सर्जन के दौरान रन्ध्रों से वाष्प के रूप में बड़ी मात्रा में जल का रास होता है।
→ वाष्पोत्सर्जन के कारण एक चूषण बल निर्मित होता है, जिसके कारण मूलों द्वारा मृदा में से अवशोषित जल अभिकर्षित (खिंचकर) होकर तने और पत्तियों तक पहुँचता है।
→ परिसंचरण तन्त्र – हृदय, धमनियों, शिराओं एवं केशिकाओं से बना तन्त्र जो हमारे सम्पूर्ण शरीर में रुधिर का संचारण करता है।
→ रक्त – एक तरल पदार्थ (तरल संयोजी ऊतक) जो हृदय और वाहिनियों में बहता है।
→ प्लाज्मा – रुधिर कणिकाओं रहित रक्त का पीला तरल भाग प्लाज्मा कहलाता है।
→ लाल रक्त कोशिकाएं – रुधिर का एक अवयव जिनका रंग लाल होता है।
→ हीमोग्लोबिन – लाल रक्त कणिकाओं में पाया जाने वाला एक श्वसन रंजक।
→ श्वेत रक्त कणिकाएँ – रूधिर अवयव जिसका कार्य शरीर की रक्षा प्रक्रिया में भाग लेना है।
→ पट्टिकाणु – रक्त में प्लेट के आकार की कणिकाएँ।
→ रक्त वाहिनियाँ – रक्त का पूरे शरीर में परिसंचरण कराने वाली पतली नलियाँ।
→ धमनी – हृदय से शरीर के अंगों को ऑक्सीजन से समृद्ध रुधिर ले जाने वाली वाहिकाएँ।
→ शिरा – रक्त वाहिनियाँ जो रूधिर को शरीर के अंगों से हृदय में लाती हैं।
→ हृदय स्पंदन – हृदय का धड़कना।
→ केशिका – रक्त वाहिनियाँ ऊतकों में जाकर अत्यन्त पतली सूक्ष्म नलिकाओं में बँट जाती हैं, ये केशिकाएँ कहलाती है।
→ नाड़ी स्पंद – धमनी में रुधिर का रूक-रूक कर बहना।
→ स्टेथोस्कोप – हृदय की धड़कन सुनने का यन्त्र जो डॉक्टरों के पास रहता है।
→ हृदय – एक मांसल अंग जो रक्त को शरीर में पंप करता है।
→ उत्सर्जन – शरीर से उपापचय के फलस्वरूप अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया।
→ उत्सर्जन तन्त्र – उत्सर्जन की क्रिया में भाग लेने वाले सभी अंग उत्सर्जन तन्त्र बनाते हैं।
→ वृक्क/गुर्दा – प्रमुख उत्सर्जी अंग जो रक्त से मूत्र को अलग करते हैं।
→ डायलाइसिस/अपोहन – जब वृक्क अपना काम बन्द कर देते हैं तो कृत्रिम रूप से वृक्कों का कार्य सम्पन्न कराया जाता है, इसे डायलाइसिस या अपोहन कहते हैं।
→ पसीना/स्वेद – अपशिष्ट पदार्थों से युक्त द्रव जो त्वचा से बाहर निकलता है।
→ मूलरोम – मूल पर उपस्थित बाल जैसी रचनाएँ जो मृदा से जल एवं खनिजों का अवशोषण करती हैं।
→ ऊतक – कोशिकाओं का ऐसा समूह जो संरचना, उत्पत्ति एवं कार्य में समान होता है, ऊतक कहलाता है।
→ जाइलम/दारू – पौधों का एक ऊतक जो जल एवं खनिज लवर्णो का संवहन करता है।
→ फ्लोएम/पोषवाह – पौधों का एक संवहनी ऊतक जो भोज्य पदार्थों का संवहन करता है।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

HBSE 7th Class Science जीवों में श्वसन InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
बूझो ने नोट किया कि जब कुछ देर तक साँस रोके रखने के बाद उसने साँस छोड़ी, तो उसे तेज साँस लेनी पड़ी। क्या आप उसे बता सकते हैं कि ऐसा क्यों हुआ?
उत्तर:
क्योंकि उसके फेफड़ों में ऑक्सीजन की आपूर्ति काफी देर तक नहीं हो पाई जिससे फेफड़ों में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ गई थी।

प्रश्न 2.
पहेली जानना चाहती है कि जब हमें नींद आती है या झपकी आती है, तो हम जम्हाई क्यों लेते हैं ?
उत्तर:
जब हमें नींद आती है तो श्वसन दर कम हो जाती है। श्वसन दर में कमी होने से शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है। जम्हाई लेने से हम अतिरिक्त ऑक्सीजन लेकर कमी को पूरा कर लेते हैं।

प्रश्न 3.
बूझो जानना चाहता है कि कोई व्यक्ति अपने फेफड़ों में कितनी वायु भर सकता है?
उत्तर:
लगभग आधा लीटर (500 mL)।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

प्रश्न 4.
बूझो जानना चाहता है कि क्या कॉकरोच (तिलचट्टा), घोंघे, मछली, केंचुए, चींटी और मच्छर में भी फेफड़े होते हैं।
उत्तर:
नहीं, इन जन्तुओं में फेफड़े नहीं होते हैं। इनमें श्वसन के लिए विशेष प्रकार के श्वसन अंग पाये जाते हैं।

प्रश्न 5.
बूझो ने दूरदर्शन कार्यक्रमों में देखा था कि व्हेल और डॉल्फिन अक्सर पानी की सतह पर ऊपर आ जाती हैं। कभी-कभी ऊपर की ओर आते समय वे पानी की फुहार भी छोड़ती हैं ? वे ऐसा क्यों करती हैं ?
उत्तर:
व्हेल और डॉल्फिन अन्तःश्वसन के दौरान अन्तःश्वसित वायु को सतह पर आकर उच्छ्वसित करती हैं। इसी दौरान जल वाष्प फुहार के रूप में दिखाई देती है।

प्रश्न 6.
पहेली जानना चाहती है कि क्या भूमिगत होते हुए भी पादपों की जड़ें ऑक्सीजन ग्रहण करती हैं ? यदि ऐसा है, तो वे ऐसा किस प्रकार करती हैं?
उत्तर:
हाँ, जड़ें मृदा कणों के बीच खाली स्थानों में उपस्थित वायु से ऑक्सीजन लेती हैं।

HBSE 7th Class Science जीवों में श्वसन Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
कोई धावक दौड़ समाप्त होने पर सामान्य से अधिक तेजी से गहरी साँसें क्यों लेता है ?
उत्तर:
दौड़ने के समय बहुत अधिक ऊर्जा खर्च होती है, इस ऊर्जा की पूर्ति शरीर में ग्लूकोस के विखण्डन से होती है। ग्लूकोस का विखण्डन ऑक्सीजन द्वारा होता है। तेजी से साँस लेने से ऑक्सीजन की अधिक आपूर्ति होती है तथा अधिक से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकल जाती है।

प्रश्न 2.
वायवीय और अवायवीय श्वसन के बीच समानताएं और अन्तर बताइए।
उत्तर:
समानताएँ-
(i) दोनों ही प्रकार के श्वसन में ऊर्जा उत्पन्न होती है।
(ii) दोनों ही प्रकार के श्वसन में कार्बन डाइऑक्साइड बनती है।
(iii) दोनों में ही भोज्य पदार्थ समान होते हैं।

अन्तर-
(i) वायवीय श्वसन में ऑक्सीजन की उपस्थिति अनिवार्य होती है, जबकि अवायवीय श्वसन में नहीं।
(ii) वायवीय श्वसन में ग्लूकोस का पूर्ण विखण्डन होता है, जबकि अवायवीय श्वसन में ग्लूकोस का अपूर्ण विखण्डन होता है।
(iii) वायवीय श्वसन में अधिक ऊर्जा निर्मुक्त होती है जबकि अवायवीय श्वसन में कम ऊर्जा निर्मुक्त होती है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

प्रश्न 3.
जब हम अत्यधिक धूल भरी वायु में साँस लेते हैं, तो हमें छींक क्यों आ जाती है?
उत्तर:
हमारे आस-पास की वायु में बहुत सारे अवांछनीय कण, जैसे- धूल, धुंआ आदि उपस्थित होते हैं। श्वसन के दौरान ये कण हमारे नथुनों में उपस्थित बालों एवं श्लेष्म में फंस जाते हैं। यदि ये कण बालों को पार करके आगे निकल जाते हैं तो नथुनों में खुजलाहट होती है तथा छींक आती है। छींक के रूप में तीन वायु प्रवाह से ये कण बाहर निकल जाते हैं तथा स्वच्छ वायु अन्दर प्रवेश होती है।

प्रश्न 4.
तीन परखनलियाँ लीजिए। प्रत्येक को 3/4 भाग तक जल से भरिये। इनें A, B तथा C द्वारा चिन्हित कीजिए। परखनली A में एक घोंघा रखिए। परखनली B में कोई जलीय पादप रखिए और C में एक घोंघा और पादप दोनों को रखिए। किस परखनली में कार्बन डाईऑक्साइड की सान्द्रता सबसे अधिक होगी।
उत्तर:
परखनली A में कार्बन डाइऑक्साइड की सान्द्रता अधिक होगी। क्योंकि परखनली में केवल घोंधा है जो श्वसन क्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड निर्मुक्त करता है। परखनली B में पादप है जो प्रकाश संश्लेषण करके कार्बन डाइऑक्साइड को सोख लेता है। परखनली C में पादप तथा घोंघा हैं। इसमें घोंघा द्वारा छोड़ी गई कार्बन डाइऑक्साइड को पौध ग्रहण कर लेता है।

प्रश्न 5.
सही उत्तर पर (✓) का निशान लगाइए
(क) तिलचट्टों के शरीर में वायु प्रवेश करती है, उनके
(i) फेफड़ों द्वारा
(ii) क्लोमों द्वारा
(iii) श्वास रन्ध्रों द्वारा
(iv) त्वचा द्वारा।
उत्तर:

(ख) अत्यधिक व्यायाम करते समय हमारी टाँगों में जिस पदार्थ के संचयन के कारण ऐंठन होती है, वह है
(i) कार्बन डाइऑक्साइड
(ii) लैक्टिक अम्ल
(iii) ऐल्कोहॉल
(iv) जल
उत्तर:
(iii) ऐल्कोहॉल

(ग) किसी सामान्य वयस्क व्यक्ति की विश्राम अवस्था में औसत श्वसन दर होती है
(i) 9-12 प्रति मिनट
(ii) 15-18 प्रति मिनट
(iii) 21-24 प्रति मिनट
(iv) 30-33 प्रति मिनट
उत्तर:
(ii) 15-18 प्रति मिनट

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

(घ) उच्छ्व सन के समय पसलियों
(i) बाहर की ओर गति करती हैं
(ii) नीचे की ओर गति करती हैं
(iii) ऊपर की ओर गति करती हैं
(iv) बिल्कुल गति नहीं करती हैं।
उत्तर:
(ii) नीचे की ओर गति करती हैं

प्रश्न 6.
कॉलम A में दिये गये शब्दों का कॉलम B के साथ मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
(क) यीस्ट(i) केंचुआ
(ख) डायाफ्राम (मध्यपट)(ii) क्लोम
(ग) त्वचा(iii) एल्कोहॉल
(घ) पत्तियाँ(iv) वक्ष-गुहा
(च) मछली(v) रन्ध्र
(छ) मेंढक(vi) फेफड़े और त्वचा
(vii) श्वासप्रणाल (वातक)

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
(क) यीस्ट(iii) एल्कोहॉल
(ख) डायाफ्राम (मध्यपट)(iv) वक्ष-गुहा
(ग) त्वचा(i) केंचुआ
(घ) पत्तियाँ(v) रन्ध्र
(च) मछली(ii) क्लोम
(छ) मेंढक(vi) फेफड़े और त्वचा

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

प्रश्न 7.
बताइए कि निम्नलिखित वक्तव्य ‘सत्य’ हैं अथवा ‘असत्य’
(क) अत्यधिक व्यायाम करते समय व्यक्ति की श्वसन दर धीमी हो जाती है।
(ख) पादपों में प्रकाश संश्लेषण केवल दिन में, जबकि श्वसन केवल रात्रि में होता है।
(ग) मेंढक अपनी त्वचा के अतिरिक्त अपने फेफड़ों से भी श्वसन करते हैं।
(घ) मछलियों में श्वसन के लिए फेफड़े होते हैं।
(च) अंतःश्वसन के समय वक्ष-गुहा का आयतन बढ़ जाता है।
उत्तर:
(क) असत्य
(ख) असत्य
(ग) सत्य
(घ) असत्य
(च) सत्य।

प्रश्न 8.
दी गई पहेली के प्रत्येक वर्ग में जीवों के श्वसन से सम्बन्धित हिन्दी वर्णाक्षर अथवा संयुक्ताक्षर दिये गये हैं। इनको मिलाकर जीवों तथा उनके श्वसन अंगों से सम्बन्धित शब्द बनाये जा सकते हैं। शब्द वर्गों के जाल में किसी भी दिशा में, ऊपर, नीचे अथवा विकर्ण में पाये जा सकते हैं। श्वसन तंत्र तथा जीवों के नाम खोजिए।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -1
(1) कीर्टो की वायु नलियाँ।
(2) वक्ष-गुहा को घेरे हुए हड्डियों की संरचना।
(3) वक्ष-गुहा का पेशीय तल।
(4) पत्ती की सतह पर सूक्ष्म छिद्र।
(5) कीट के शरीर के पार्श्व भागों के छोटे छिद्र।
(6) मनुष्यों के श्वसन अंग।
(7) वे छिद्र जिनसे हम साँस भीतर लेते (अंतःश्वसन) करते हैं।
(8) एक अवायवीय जीव।
(9) श्वासप्रणाल तंत्र वाला एक जीव।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -2

प्रश्न 9.
पर्वतारोही अपने साथ ऑक्सीजन सिलिंडर ले जाते हैं, क्योंकि
(क) 5km से अधिक ऊँचाई पर वायु नहीं होती है।
(ख) वहाँ उपलब्ध वायु की मात्रा भू-तल पर उपलब्ध मात्रा से कम होती है।
(ग) वहाँ वायु का ताप भू-तल के ताप से अधिक होता है।
(घ) पर्वत पर वायुदाब भू-तल की अपेक्षा अधिक होता है।
उत्तर:
(ख) वहाँ उपलब्ध वायु की मात्रा भू-तल पर उपलब्ध मात्रा से कम होती है।

HBSE 7th Class Science जीवों में श्वसन Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. वायवीय श्वसन में ग्लूकोज का विखण्डन होता है
(क) ऑक्सीजन द्वारा
(ख) कार्बन डाइऑक्साइड द्वारा
(ग) ऊर्जा द्वारा
(घ) जल द्वारा
उत्तर:
(क) ऑक्सीजन द्वारा

2. अवायवीय जीव कहलाते हैं, जो
(क) ऑक्सीजन द्वारा ऊर्जा प्राप्त करते हैं
(ख) अवायवीय श्वसन द्वारा ऊर्जा प्राप्त करते हैं
(ग) वायु द्वारा ऊर्जा प्राप्त करते हैं।
(घ) ऊर्जा खर्च नहीं करते हैं।
उत्तर:
(ख) अवायवीय श्वसन द्वारा ऊर्जा प्राप्त करते हैं

3. अत्यधिक व्यायाम करने पर पेशियों में ऐंठन उत्पन्न होने का कारण है
(क) ऑक्सीजन एकत्र होना
(ख) ग्लूकोज एकत्र होना
(ग) लैक्टिक अम्ल एकत्र होना
(घ) एल्कोहॉल एकत्र होना।
उत्तर:
(ग) लैक्टिक अम्ल एकत्र होना

4. मनुष्य की श्वसन दर होती है लगभग
(क) 8-10/मिनट
(ख) 16-18/मिनट
(ग) 25-30/मिनट
(घ) 30-40/मिनट
उत्तर:
(ख) 16-18/मिनट

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

5. हमारे फेफड़े स्थित होते हैं
(क) वक्ष गुहा में
(ख) उदर गुहा में
(ग) हृदयावरणी गुहा में
(घ) मस्तिष्क गुहा में
उत्तर:
(क) वक्ष गुहा में

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. ………… जीव की सबसे छोटी संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई होती है।
2. भोजन के विखण्डन से ………… निर्मुक्त होती है।
3. ग्लूकोज का विखण्डन जब ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है तो ………… और ……. बनते है और ऊर्जा मुक्त होती है।
4. ………… जल में घुली ऑक्सीजन का उपयोग करने में मछली की सहायता करते हैं।
उत्तर:
1. कोशिका
2. ऊर्जा
3. कार्बन डाइऑक्साइड, जल
4. क्लोम।

III. सुमेलन

कॉलम A तथा कॉलम B के शब्दों का मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
1. मनुष्य(a) रन्ध्र
2. केंचुआ(b) श्वास रन्ध्र
3. कॉकरोच(c) नम त्वचा
4. पौधा(d) फेफड़े

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. मनुष्य(d) फेफड़े
2. केंचुआ(c) नम त्वचा
3. कॉकरोच(b) श्वास रन्ध्र
4. पौधा(a) रन्ध्र

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य कथन छाँटिए
1. उच्छवसन की प्रक्रिया में पसलियाँ नीचे की ओर एवं डायफ्राम ऊपर की ओर गति करता है।
2. श्वसन के दौरान वक्ष गुहा के आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
3. कीटों में गैस विनिमय के लिए वायु नलियों का जाल बिछा होता है।
4. पादपों में भी जन्तुओं की भाँति कोशिकीय श्वसन पाया जाता है।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य
3. सत्य
4. सत्य।

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अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कोशिकीय श्वसन किसे कहते हैं ?
उत्तर:
भोजन के विखण्डन से ऊर्जा निर्मुक्त होने की प्रक्रिया कोशिका में होती है, इसे कोशिकीय श्वसन कहते हैं।

प्रश्न 2.
अन्तःश्वसन तथा उच्छ्वसन किसे कहते हैं ?
उत्तर:
ऑक्सीजन से समृद्ध वायु को अन्दर लेना अन्तःश्वसन तथा कार्बन डाइऑक्साइड युक्त वायु को शरीर से बाहर करना उच्छ्व सन कहलाता है।।

प्रश्न 3.
कुछ समय तक नथुने और मुंह दोनों बन्द रखने पर क्या महसूस होता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
श्वासावरोध महसूस होता है।

प्रश्न 4.
एक मिनट में हम कितनी बार साँस लेते हैं एवं छोड़ते हैं? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
लगभग 15-16 बार प्रति मिनट।

प्रश्न 5.
तेज चलने के बाद श्वसन दर बताइए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
20-25 बार प्रति मिनट।

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प्रश्न 6.
शरीर की क्रियाओं के संचालन के लिए ऊर्जा कहाँ से आती है?
उत्तर:
भोजन के विखण्डन से।

प्रश्न 7.
क्या आप बता सकते हैं कि आपके माता-पिता आपसे नियमित रूप से भोजन करने के लिए आग्रह क्यों करते हैं?
उत्तर:
भोजन से हमें ऊर्जा प्राप्त होती है। शरीर के निर्माणकारी तत्व भोजन से ही प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 8.
क्या हम जल में जीवित रह सकते हैं ?
उत्तर:
नहीं, क्योंकि हम जल में श्वसन नहीं कर सकते।

प्रश्न 9.
सर्पो एवं छिपकलियों में श्वसन अंग क्या होते हैं ?
उत्तर:
फेंफड़े।

प्रश्न 10.
मनुष्य में कितने फेंफड़े होते हैं?
उत्तर:
एक जोड़ी।

प्रश्न 11.
क्या अन्तःश्वसन तथा उच्छ्वसन में पसलियाँ भी सहायक होती हैं ?
उत्तर:
हाँ।

प्रश्न 12.
साँस खींचने तथा बाहर निकालने में प्रमुख भूमिका किसकी होती है ?
उत्तर:
डायाफ्राम की।

प्रश्न 13.
क्या पौधों में भी श्वसन होता है ?
उत्तर:
हाँ, पौधे भी श्वसन क्रिया करते हैं।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

लयु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जब हम चूने के पानी में एक पतली नली द्वारा फूंक मारते हैं तो क्या होता है? हमारी फूंक में हम कौन-सी गैस उच्छवसित करते हैं? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
जब हम चूने के पानी में फूंक मारते हैं तो चूने का पानी दूधिया होने लगता है। चूंकि चूने के पानी में कार्बन डाइऑक्साइड प्रवाहित करने पर यह दूधिया हो जाता है। इससे स्पष्ट है कि हमारी फूंक में कार्बन डाइऑक्साइड गैस उपस्थित है।

प्रश्न 2.
मछलियाँ जल में श्वसन किस प्रकार करती
उत्तर:
मछलियों के पार्श्व भाग में क्लोम छिद्र होते हैं। इनके क्लोमों में महीन रुधिर वाहिनियों का जाल फैला रहता है। जब ऑक्सीजन समृद्ध जल क्लोमों में प्रवेश करता है तो रुधिर वाहिनियों का रुधिर जल से ऑक्सीजन अवशोषित कर लेता है। जहाँ से सम्पूर्ण शरीर में ऑक्सीजन पहुँचा दी जाती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -3

प्रश्न 3.
पौधों की जड़ें किस प्रकार श्वसन करती हैं ?
उत्तर:
पौधों की जड़ें मृदा कों के बीच उपस्थित वायु को ग्रहण करती हैं। मृदा कणों के बीच उपस्थित वायु मूलों में विसरण करके प्रवेश करती हैं जहाँ से ऑक्सीजन सभी मूल कोशिकाओं को पहुँचा दी जाती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -4

प्रश्न 4.
क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि यदि किसी गमले के पौधे में बहुत अधिक पानी डाल दिया जाये तो क्या होगा?
उत्तर:
यदि गमले में अत्यधिक पानी डाल दिया जायेगा तो पानी मृदा कणों के बीच के खाली स्थानों में भर जायेगा तथा वहाँ की वायु बाहर निकल जायेगी। ऐसी स्थिति में पौधे की जड़ों के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पायेगी और ऊर्जा की उत्पत्ति नहीं होगी फलस्वरूप जड़ें मरने लगेंगी और अन्य क्रियाएँ प्रभावित हो जाएँगी। अन्ततः पौधा सूख जायेगा।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

प्रश्न 5.
श्वासप्रणाल तंत्र क्या होता है ?
उत्तर:
कॉकरोच के शरीर के पार्श्व भाग में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं। अन्य कीटों के शरीर में भी इस प्रकार के छिद्र होते हैं। ये छिद्र श्वास रन्ध्र कहलाते हैं। कीटों में गैस के विनिमय के लिए वायु नलियों का जाल बिछा रहता है जो श्वासप्रणाल या वातक कहलाते हैं। ऑक्सीजन समृद्ध वायु श्वास रन्धों से होकर श्वास प्रणाली में जाती है जहाँ से यह सम्पूर्ण शरीर में विसरित होती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -5

प्रश्न 6.
अन्तःश्वसित और उच्छ्वसित वायु में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का प्रतिशत बताइए।
उत्तर:
अन्तःश्वसित और उच्छ्वसित वायु में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का प्रतिशत
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -6

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
श्वसन क्या है ? यह कितने प्रकार का होता है ? ग्लूकोस के विखण्डन समीकरण देकर समझाइए।
उत्तर:
श्वसन:
भोज्य पदार्थों के जारण से ऊर्जा उत्पन्न होने की प्रक्रिया श्वसन कहलाती है। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन ग्रहण की जाती है तथा कार्बन डाइऑक्साइड मुक्त की जाती है। श्वसन दो प्रकार का होता है
(1) वायवीय श्वसन-जब ग्लूकोस का विखण्डन ऑक्सीजन के उपयोग द्वारा होता है तब इसे वायवीय श्वसन कहते हैं। इस प्रक्रिया में ग्लूकोस का विखण्डन होकर कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल बनता है साथ ही अधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -7
(2) अवायवीय श्वसन – जब ग्लूकोस का विखण्डन ऑक्सीजन के उपयोग के बिना होता है तो इसे अवायवीय श्वसन कहते हैं। इसमें ग्लूकोस के विखण्डन से एल्कोहॉल तथा कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न होती है तथा कम मात्रा में ऊर्जा निकलती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -8

प्रश्न 2.
मनुष्य के श्वसन अंगों का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -9

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

प्रश्न 3.
मानव में श्वसन की क्रियाविधि का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
श्वसन की क्रियाविधि सामान्यतः हम अपने नथुनों (नासा-द्वार) से वायु अन्दर लेते हैं। जब हम वायु को अन्तःश्वसन द्वारा अन्दर लेते हैं तो यह हमारे नथुनों से नासा-गुहा में चली जाती है। नासा-गुहा से वायु, श्वास नली से होकर हमारे फेफड़ों (फुफ्फुस) में जाती है। फेफड़े वक्ष गुहा में स्थित होते हैं। वक्ष गुहा पार्श्व में पसलियों से घिरी होती है। एक बड़ी पेशीय परत जो डायाफ्राम (मध्य पट) कहलाती है, वक्ष गुहा को आधार प्रदान करती है। श्वसन में डायाफ्राम और पसलियों से बने पिंजर की गति सम्मिलित है। अंतःश्वसन के समय पसलियाँ ऊपर और बाहर की ओर गति करती हैं और डायाफ्राम नीचे की ओर गति करता है। यह गति हमारी वक्षगुहा के आयतन को बढ़ा देती है और वायु फेफड़ों में आ जाती है। फेंफड़े वायु से भर जाते हैं। उच्छ्व सन के समय पसलियाँ नीचे और अन्दर की ओर आ जाती हैं, जबकि डायाफ्राम ऊपर की ओर अपनी पूर्व स्थिति में आ जाता है। इससे वक्ष गुहा का आयतन कम हो जाता है। इस कारण वायु फेंफड़ों से बाहर धकेल दी जाती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -10

जीवों में श्वसन Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ श्वसन क्रिया सभी जीवों के जीवित रहने के लिए अनिवार्य है। यह जीव द्वारा ग्रहण किये गये भोजन से ऊर्जा को निर्मुक्त करती है।
→ हम अन्तःश्वसन द्वारा, जो वायु शरीर के अन्दर लेते हैं, उसमें उपस्थित ऑक्सीजन का उपयोग ग्लूकोस को कार्बन डाइऑक्साइड और जल में विखण्डन के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में ऊर्जा मुक्त होती है।
→ ग्लकोस का विखण्डन जीव की कोशिकाओं में होता है, जिसे कोशिकीय श्वसन कहते हैं।
→ यदि भोजन (ग्लूकोस), ऑक्सीजन के उपयोग द्वारा विखण्डित होता है, तो यह वायवीय श्वसन कहलाता है। यदि विखण्डन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है तो यह श्वसन अवायवीय श्वसन कहलाता है।
→ अत्यधिक व्यायाम करते समय जब हमारी पेशी- कोशिकाओं में ऑक्सीजन की आपूर्ति अपर्याप्त होती है तब भोजन का विखण्डन अवायवीय श्वसन द्वारा होता है।
→ साँस लेना श्वसन प्रक्रम का एक चरण है, जिसमें जीव ऑक्सीजन समृद्ध वायु को शरीर के अन्दर लेता है और कार्बन डाइऑक्साइड समृद्ध वायु को बाहर निकालता है। गैसों के विनिमय के लिए विभिन्न जीवों में श्वसन अंग अलग-अलग प्रकार के होते हैं।
→ साँस को अन्दर खींचना अन्तःश्वसन तथा साँस बाहर निकालना उच्छ्वसन कहलाता है। इस प्रक्रम को श्वासोच्छवास भी कहते हैं।
→ शारीरिक सक्रियता के बढ़ने पर श्वसन दर बढ़ जाती है।
→ एक जोड़ी फेंफड़े हमारे मुख्य श्वसन अंग होते हैं, इसके अतिरिक्त नासिका, नासागुहा, श्वासनली आदि सहायक श्वसन अंग हैं।
→ गाय, भैंस, कुत्ते और बिल्ली जैसे जीवों में श्वसन अंग और श्वसन प्रक्रम मानव के समान ही होते हैं।
→ कॉकरोच एवं अन्य कीटों में श्वसन क्रिया श्वास रन्ध्रों द्वारा होती है।
→ केंचुए में गैसों का विनिमय उसकी आई त्वचा के माध्यम से होता है। मछलियों में यह क्लोम से और कीटों में श्वास प्रणाली से होता है।
→ मछलियों में श्वसन के अंग क्लोम होते हैं।
→ पादपों में मूल, मृदा में उपस्थित वायु को ग्रहण करती हैं। पत्तियों में सूक्ष्म छिद्र होते हैं, जिन्हें रन्ध्र कहते हैं, जिनमें गैसों का विनिमय होता है। पादप कोशिकाओं में ग्लूकोस का विखण्डन अन्य जीवों की ही भाँति होता है।
→ श्वसन – भोज्य पदार्थों के विखण्डन द्वारा ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया।
→ कोशिकीय श्वसन – ग्लूकोस का विखण्डन, विकरों की सहायता से कोशिका के अन्दर होता है, इसे कोशिकीय श्वसन कहते हैं।
→ वायवीय श्वसन – यदि भोजन (ग्लूकोस) ऑक्सीजन के उपयोग द्वारा विखण्डित होता है तो यह प्रक्रम वायवीय श्वसन कहलाता है।
→ अवायवीय श्वसन – यदि भोजन ऑक्सीजन के अभाव में विखण्डित होता है तो इसे अवायवीय श्वसन कहते हैं।
→ अन्तःश्वसन – ऑक्सीजन युक्त वायु को फेफड़ों के अन्दर भरना।
→ उच्छ्वसन – कार्बन डाइऑक्साइड युक्त वायु को फेफड़ों से बाहर निकालना। .
→ श्वसन दर – एक व्यक्ति एक मिनट में जितनी बार साँस लेता है, उसे श्वसन दर कहते हैं।
→ फेफड़ा – मनुष्य के मुख्य श्वसन अंग।
→ श्वासनली – नासा गुहा से फेफड़ों को साँस ले जाने वाली नली।
→ डायाफ्राम – वक्ष गुहा को आधार प्रदान करने वाली एक बड़ी पेशीय परत डायाफ्राम कहलाती है।
→ श्वास रंध्र – कुछ कीटों में वायु के आदान-प्रदान के लिए शरीर पर सूक्ष्म छिद्र पाये जाते हैं, इन्हें श्वास रन्ध्र कहते
→ श्वास प्रणाल – कीटों में गैस विनिमय के लिए वायु नलिकाओं का जाल बिछा रहता है। जो श्वासप्रणाल या वातक कहलाता है।
→ क्लोम–मछलियों में ऑक्सीजन युक्त जल को अन्दर खींचने के लिए छिद्र जो श्वसन में सहायक होते हैं।
→ रन्ध – पौधों के हरे भार्गों में पाए जाने वाले विशेष छिद्र जिनसे गैसीय आदान-प्रदान होता है।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदाTextbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

HBSE 7th Class Science मृदा InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
मैं जानना चाहती हूँ कि सड़क के किनारे और बगीचेसे एकत्रित किये गयेनमूनों में मुझेप्लास्टिक की वस्तुओं और पॉलीथीन की थैलियों के कुछ टुकड़े क्यों मिले थे ?
उत्तर:
क्योंकि प्लास्टिक की वस्तुएँ तथा पॉलीथीन की थैलियाँ प्रयोग करने के बाद बगीचों और सड़कों के किनारे फेंक दी जाती हैं जो मिट्टी में दब जाती है।

प्रश्न 2.
मैं जानना चाहता हूँ कि क्या खेत की मिट्टी का उपयोग खिलौनों को बनाने में किया जा सकता है?
उत्तर:
नहीं, क्योंकि इसमें सूक्ष्म जीव तथा तिनके होते हैं। इसके अतिरिक्त दोमट मृदा खिलौने बनाने के लिए उपयुक्त नहीं होती।

प्रश्न 3.
मैं जानना चाहता हूँमटका और सुराही बनाने के लिए किस प्रकार की मदा का उपयोग किया जाना चाहिए?
उत्तर:
मृण्मय मृदा का उपयोग किया जाना चाहिए।

प्रश्न 4.
बूझो को आश्चर्य है कि दोनों वर्गों में पानी के अवशोषण में अन्तर क्यों था?
उत्तर:
विभिन्न प्रकार की मृदा के उपयोग किये जाने के कारण। प्रथम वर्ग घर के फर्श पर बनाया गया था जो पानी का अवशोषण बहुत कम कर सका। दूसरा वर्ग कच्ची सड़क पर बनाया गया था, जहाँ की मिट्टी ने काफी पानी अवशोषित कर लिया।

प्रश्न 5.
अन्तःस्रवण दर और जल धारण करने की क्षमता में क्या अन्तर होता है?
उत्तर:
(1) प्रति इकाई समय में मृदा में जल के प्रवेश की क्षमता उसकी अन्तःस्रवण दर कहलाती है।
(2) जल धारण क्षमता अर्थात् मृदा द्वारा अवशोषित किये गये कुल जल की मात्रा है।
(3) अन्तःस्रवण दर और जल धारण क्षमता दोनों ही विपरीत लक्षण हैं।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

HBSE 7th Class Science मृदा Textbook Questions and Answers

सबसे उपयुक्त उत्तर को चिन्हित करें

प्रश्न 1.
शैल कणों के अतिरिक्त, मृदा में होते हैं
(क) वायु और जल
(ख) जल और पादप
(ग) खनिज, जैव पदार्थ, वायु और जल
(घ) जल, वायु और पादप।
उत्तर:
(ग) खनिज, जैव पदार्थ, वायु और जल।

प्रश्न 2.
जल धारण क्षमता सबसे अधिक होती है
(क) बलुई मृदा में
(ख) मृण्मय मृदा में
(ग) दुमटी मृदा में
(घ) बालू और दुमट के मिश्रण में
उत्तर:
(ख) मृण्मय मृदा में।

प्रश्न 3.
कॉलम A में दी गई वस्तुओं का कॉलम B में दिये गुणों से मिलान कीजिए

कॉलम Aकॉलम B
(क) जीवों को आवास देने वाली(i) बड़े कण
(ख) मृदा की ऊपरी परत(ii) सभी प्रकार की मृदा
(ग) बलुई मृदा(iii) गहरे रंग की
(घ) मृदा की मध्य परत(iv) सघन छोटे कण
(च) मृण्मय मृदा(v) ह्यूमस की कम मात्रा

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
(क) जीवों को आवास देने वाली(ii) सभी प्रकार की मृदा
(ख) मृदा की ऊपरी परत(iii) गहरे रंग की
(ग) बलुई मृदा(i) बड़े कण
(घ) मृदा की मध्य परत(v) ह्यूमस की कम मात्रा
(च) मृण्मय मृदा(iv) सघन छोटे कण

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

प्रश्न 4.
समझाइए कि मृदा कैसे बनती है ?
उत्तर:
पवन, जल और तापन की क्रियाओं द्वारा चट्टानें (शैल) टूटकर छोटे-छोटे खण्डों में बँट जाती हैं। जब ये खण्ड जल की धाराओं के साथ बहते हैं तो और अधिक बारीक कणों में टूट जाते हैं। यह प्रक्रम अपक्षय कहलाता है। अब इसमें विभिन्न सूक्ष्म जीवों की क्रियाओं द्वारा मृदा का निर्माण होता है।

प्रश्न 5.
मृण्मय मृदा किस प्रकार की फसलों के लिए उपयोगी है?
उत्तर:
मृण्मय मृदा में उन फसलों को उगाया जाता है जिनको जल की अधिक आवश्यकता होती है। क्योंकि इसमें जल धारण क्षमता अधिक होती है।

प्रश्न 6.
मृण्मय मृदा और बलुई मृदा के बीच अन्तर बताइए।
उत्तर:

बलुई मृदामृण्मय मृदा
(i) इसकी जलधारण क्षमता निम्न होती है।(i) इसकी जलधारण क्षमता उच्च होती है।
(ii) इसकी उच्च अन्तःस्रवण दर होती है।(ii) इसकी निम्न अन्तःस्रवण दर होती है।

प्रश्न 7.
मृदा की अनुप्रस्थ काट का चित्र बनाइए और विभिन्न परतों को नामांकित कीजिए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -1

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

प्रश्न 8.
रजिया ने खेत में अन्तःस्रवण की दर से सम्बन्धित एक प्रयोग किया। उसने देखा कि उसके द्वारा लिये गये मृदा के नमूने में से 200 mL जल को अन्तःस्रवण करने में 40 मिनट लगे। अन्तःस्रवण दर परिकलित कीजिए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -2

प्रश्न 9.
समझाइए कि मृदा प्रदूषण और मृदा अपरदन को किस प्रकार रोका जा सकता है?
उत्तर:
निम्न प्रकार से मृदा प्रदूषण और मृदा अपरदन को रोका जा सकता है-
(i) अधिकाधिक वृक्षारोपण द्वारा, क्योंकि पौधों की जड़ें मृदा कणों को बांधे रखती हैं तथा तेज पवन एवं वर्षा से मृदा की रक्षा करती हैं।
(ii) वृक्षों की कटाई एवं वनोन्मूलन को रोककर।
(iii) मृदा में पॉलीथीन तथा प्लास्टिक के टुकड़ों के फेंके जाने पर प्रतिबन्ध लगाकर।
(iv) खेतों के चारों ओर ऊँचे वृक्षों की बाड़ लगाकर।

प्रश्न 10.
निम्नलिखित वर्ग पहेली को दिये गये संकेतों की सहायता से हल कीजिए
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -3
सीधे-
(1) इसके बने थैलों के अपशिष्ट से मृदा का प्रदूषण होता है।
(2) इस प्रकार की मृदा में सूक्ष्म कणों का अनुपात अपेक्षाकृत अधिक होता है।
(4) इस प्रकार की मृदा में सूक्ष्म तथा बड़े कणों की मात्रा लगभग समान होती है।
(5) मृदा परिच्छेदिका की परत।
(8) वनस्पति न होने पर यह मृदा को उड़ा ले जाती है।
(9) इस प्रकार की मृदा सुवातित एवं शुष्क होती है।
(10) किसी मृदा द्वारा पानी को रोकने की क्षमता।

ऊपर से नीचे-
(2) भूमि की ऊपरी परत, जो पौधों को आधार प्रदान करती है।
(3) पवन तथा प्रवाही जल के कारण मृदा पर प्रभाव।
(6) मृदा में जल के अवशोषण की प्रक्रिया।
(7) किसी स्थान की मृदा की काट परिच्छेदिका।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -4

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

HBSE 7th Class Science मृदा Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. सर्वाधिक जीव-जन्तु एवं सूक्ष्म जीव पाए जाने की संभावना होती है
(क) बलुई मृदा में
(ख) चिकनी मृदा में
(ग) दुमटी मृदा में
(घ) बजरी में
उत्तर:
(ग) दुमटी मृदा में

2. मृदा प्रदूषक है
(क) प्लास्टिक-पॉलीथीन
(ख) कारखानों के रसायन
(ग) मल-जल
(घ) ये सभी
उत्तर:
(घ) ये सभी

3. पौधे की जड़ें मुख्यतः पायी जाती हैं
(क) A-संस्तर स्थिति में
(ख) B-संस्तर स्थिति में
(ग) C-संस्तर स्थिति में
(घ) इन सभी में।
उत्तर:
(क) A-संस्तर स्थिति में

4. दुमटी मृदा में होती है
(क) बालू अधिक व चिकनी कम
(ख) चिकनी मृदा अधिक बलुई मृदा कम
(ग) बड़े व छोटे कणों की समान मात्रा
(घ) गाद की मात्रा अधिक
उत्तर:
(ग) बड़े व छोटे कणों की समान मात्रा

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

5. जल धारण क्षमता सबसे कम किस मृदा की होती है?
(क) दोमट मृदा की
(ख) चिकनी मृदा की
(ग) मृण्यम मृदा की
(घ) बलुई मृदा की
उत्तर:
(घ) बलुई मृदा की

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. मृदा में उपस्थित सड़े-गले जैव पदार्थ ………… कहलाते
2. किसी मृदा में बालू और चिकनी मिट्टी का अनुपात उस ……….. पर निर्भर करता है, जिससे उसके कण बने हैं।
3. शीर्ष से नीचे की परत में ह्यूमस कम होती है, लेकिन ……………….. अधिक होते हैं।
4. बलुई मृदा हल्की ………… और ………… होती है।
उत्तर:
1. ह्यूमस
2. मूल शैल
3. खनिज
4. सुवातित, शुष्क।

III. सुमेलन

कॉलम ‘A’ के शब्दों का कॉलम ‘B’ के शब्दों का मिलान कीजिए

कॉलम ‘A’ फसलकॉलम ‘B’ मृदा का प्रकार
1. गेहूँ(a) बलुई-दुमट या दुमट
2. धान(b) दुमी मृदा
3. मसूर व दालें(c) मृत्तिका व जैव पदार्थ समृद्ध
4. कपास(d) मृण्यम और दुमटी

उत्तर:

कॉलम ‘A’ फसलकॉलम ‘B’ मृदा का प्रकार
1. गेहूँ(d) मृण्यम और दुमटी
2. धान(c) मृत्तिका व जैव पदार्थ समृद्ध
3. मसूर व दालें(b) दुमी मृदा
4. कपास(a) बलुई-दुमट या दुमट

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य छाँटिए
1. सभी प्रकार की मृदाओं का गठन समान होता है।
2. सभी मृदाओं में जल अन्त:स्रवण की दर भिन्न-भिन्न होती है।
3. दुमटी एवं बलुई मृदा का उपयोग खिलौने बनाने में नहीं किया जा सकता है।
4. मृदा अपरदन केवल जल द्वारा होता है।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य
3. सत्य
4, असत्य।

अतिलयु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
गेहूँ तथा चने की फसल के लिए किस प्रकार की मृदा उपयुक्त है ?
उत्तर:
मृत्तिका तथा दुमट मृदा।

प्रश्न 2.
कपास के उत्पादन के लिए कौन-सी मृदा उपयुक्त है?
उत्तर:
बलुई दुमट या दुमट।

प्रश्न 3.
मृदा में रहने वाले दो जीवों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(i) केंचुआ
(ii) जीवाणु।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

प्रश्न 4.
मृदा के किस संस्तर में अधिकतम जीवित पदार्थ पाये जाते हैं ?
उत्तर:
मृदा के A-संस्तर में अधिकतम जीवित पदार्थ पाये जाते हैं।

प्रश्न 5.
मृदा की प्रकृति किस पर निर्भर करती है?
उत्तर:
मदा की प्रकृति उन शैलों पर निर्भर करती है. जिनसे इसका निर्माण हुआ है।

प्रश्न 6.
मृदा की किस परत में ह्यूमस होता है?
उत्तर:
मृदा की सबसे ऊपरी परत में ह्यूमस होता है।

प्रश्न 7.
मृदा के प्रकार लिखिए।
उत्तर:
मृदाएँ तीन प्रकार की होती हैं
(i) बलुई
(ii) दुमटी, तथा
(iii) मृण्मय।

प्रश्न 8.
पादप किस प्रकार की मृदा में सबसे अधिक वृद्धि करते हैं?
उत्तर:
दुमटी मृदा में।

प्रश्न 9.
क्या आप बता सकते हैं कि किस प्रकार की मृदा, बर्तन, खिलौने और मूर्तियाँ बनाने के लिए सबसे उपयुक्त होती है। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
बर्तन-मृण्यम मृदा, खिलौने व मूर्तियाँ-मृत्तिका।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

प्रश्न 10.
किस मृदा की अन्तःस्रवण दर सबसे कम और सबसे अधिक होती है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
सबसे कम-मृण्यम मृदा की सबसे अधिक – बलुई मृदा की।

प्रश्न 11.
किस प्रकार की मृदा सबसे अधिक मात्रा में जल धारण करती है और किस प्रकार की मृदा सबसे कम? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
मृण्मय मृदा सबसे अधिक तथा बलुई मृदा सबसे कम जल धारण करती है।

प्रश्न 12.
दुमटी मृदा किन प्रकार की मृदाओं से बनती
उत्तर:
दुमटी मृदा, बालू, चिकनी मिट्टी और गाद का मिश्रण है।

प्रश्न 13.
मृदा परिच्छेदिका को प्रभावित करने वाले जलवायवीय कारकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
पवन, वर्षा, ताप, प्रकाश और आर्द्रता।

प्रश्न 14.
धान के लिए आदर्श मृदा क्या होती है?
उत्तर:
धान के लिए मृत्तिका एवं जैव पदार्थ से समृद्ध तथा अच्छी जलधारण क्षमता वाली मृदा आदर्श होती है।

प्रश्न 15.
गेहूँ जैसी फसलों के लिए महीन मृण्मय मृदा क्यों उपयुक्त है?
उत्तर:
क्योंकि यह ह्यूमस से समृद्ध और अत्यधिक उर्वर होती है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
घूमस का निर्माण कैसे होता है?
उत्तर:
पेड़-पौधों के अवशेष तथा जन्तुओं के मृत शरीर तथा इनके अवशिष्ट पदार्थ भूमि में छोड़ दिये जाते हैं। उचित नमी की उपस्थिति में, सूक्ष्म जीवों द्वारा इनका अपघटन किया जाता है। इस प्रक्रम में इन अवशेषों के जटिल पदार्थ सरल पदार्थों में बदल जाते हैं। इस प्रकार मृदा के ऊपर एक गहरे रंग की परत बन जाती है जिसे ह्यूमस कहते हैं। ह्यूमस पादपों की वृद्धि के लिए अत्यधिक उपयोगी होता है।

प्रश्न 2.
विभिन्न स्थानों से मृदा के कुछ नमूने एकत्रित कीजिए और उनको हैण्ड लैंस की सहायता से ध्यानपूर्वक देखिये। प्रत्येक नमूने का ध्यानपूर्वक निरीक्षण कर अपने प्रेक्षणों को सारणी में लिखिए।
उत्तर:
सारणी : मृदा के विभिन्न नमूने एवं उसमें उपस्थित जीव-जन्तु एवं वस्तुएँ
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -5

प्रश्न 3.
मृदा के उपयोगों की एक सूची बनाइए।
उत्तर:
(i) मृदा से भवनों के लिए ईंटें बनाई जाती हैं।
(ii) बर्तन बनाये जाते हैं।
(iii) खिलौने बनाये जाते हैं।
(iv) मृदा में खेती की जाती है।

प्रश्न 4.
मृदा के चार महत्त्व लिखिए।
उत्तर:
मृदा के महत्त्व
(i) मृदा अनेक जीवों का आवास होती है।
(ii) मृदा पौधों की जड़ों को जमाए रखती है।
(iii) मृदा से पौधे जल एवं खनिज पोषक ग्रहण करते
(iv) मृदा में कृषि की जाती है।

प्रश्न 5.
प्लास्टिक, पॉलीथीन तथा पीड़कनाशी मृदा के लिए किस प्रकार नुकसानदायक हैं?
उत्तर:
पॉलीथीन की थैलियाँ और प्लास्टिक मृदा को प्रदूषित करते हैं। ये मृदा में रहने वाले जीवों को भी हानि पहुँचाते हैं इसीलिए पॉलीथीन और प्लास्टिक की वस्तुओं के उपयोग पर प्रतिबन्ध की माँग की जा रही है। अनेक प्रकार के अपशिष्ट पदार्थ, रसायन तथा पीड़कनाशी मृदा को प्रदूषित करते हैं। ऐसे पदार्थ मृदा की उर्वर शक्ति को नष्ट करते हैं तथा लाभदायक सूक्ष्म जीवों की वृद्धि को रोकते हैं। ऐसे अपशिष्ट पदार्थों और रसायनों को मृदा में निर्मुक्त करने से पहले उन्हें उपचारित किया जाना चाहिए। पीड़कनाशियों का प्रयोग कम से कम करना चाहिए।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

प्रश्न 6.
तीनों प्रकार की मृदाओं के गुण लिखिए।
उत्तर:
(1) बलुई मृदा – इस प्रकार की मृदा में बड़े कणों का अनुपात अधिक होता है। इन मृदाओं में जल का अन्त:स्रावण भी अधिक होता है।
(2) मृण्मय मृदा – इस प्रकार की मृदा में बारीक (सूक्ष्म) कणों का अनुपात अधिक होता है। इन मृदाओं में जल का अन्त:स्रवण बहुत कम होता है।
(3) दुमट मृदा – इस प्रकार की मृदाओं में बड़े तथा छोटे कणों की मात्रा लगभग समान होती है। इन मृदाओं में जल का अन्त:स्रवण मध्यम होता है।

प्रश्न 7.
50 ग्राम मृदा नमूना लेकर उसमें अवशोषित जल का प्रतिशत किस प्रकार ज्ञात करेंगे। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
मृदा का द्रव्यमान = 50 ग्राम
मापन सिलिण्डर में जल का आरम्भिक आयतन = U mL
मापन सिलिण्डर में जल का अंतिम आयतन = V mL
मृदा द्वारा अवशोषित जल का आयतन = (U-V) mL
मृदा द्वारा अवशोषित जल का द्रव्यमान = (U-V)g
(1 mL जल का द्रव्यमान 1g के बराबर होता है।)
अवशोषित जल का प्रतिशत = \(\frac{(U-V) \times 100}{50}\)

प्रश्न 8.
मृदा परिच्छेदिका की विभिन्न परतों के नाम चित्र बनाकर लिखिए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -6

प्रश्न 9.
मृत्तिका के गुण लिखिए।
उत्तर:
मृत्तिका (चिकनी मिट्टी) के कण सूक्ष्म (बहुत छोटे) होने के कारण परस्पर जुड़े रहते हैं और उनके बीच रिक्त स्थान बहुत कम होता है। बलुई मृदा के विपरीत इनके कणों के बीच के सूक्ष्म स्थानों में जल रुक जाता है। अतः चिकनी मिट्टी में वायु कम होती है, लेकिन यह भारी होती है, क्योंकि इसमें बलुई मृदा की अपेक्षा अधिक जल होता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

प्रश्न 10.
विभिन्न प्रकार की मृदाओं में उगाई जाने वाली फसलों की सूची तैयार कीजिए।
उत्तर:
विभिन्न प्रकार की मृदाएँ एवं उनमें उगाई जाने वाली फसलें

मृदा का प्रकारइस मृदा में उगाई जाने वाली फसलें
1. मृण्मयगेहूँ, जौ, गुलाब, आलू, चना, चुकन्दर, शकरकंद।
2. दुमटचावल, प्याज, गेहूँ, आलु, मक्का, मिर्च, भिण्डी।
3. बलुईखीरा, तरबूज, ककड़ी, मूंगफली, पत्ता गोभी।

प्रश्न 11.
मृदा से नमी को दूर करने के लिए एक क्रिया कलाप बताइए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
एक क्वथन नली लीजिए। इसमें दो चम्मच मिट्टी मिलाइए। इसे कुछ समय तक किसी लौ पर गर्म कीजिए और क्वथन नली का प्रेक्षण कीजिए। गरम करने पर मृदा में से जल वाष्पित होकर ऊपर उठता है और क्वथन नली के ऊपरी भाग की अपेक्षाकृत ठण्डी भीतरी दीवार पर संघनित हो जाता है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -7

दीर्य उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मृदा अपरदन से आप क्या समझते हैं ? इसके कारण तथा रोकथाम के उपाय लिखिए।
उत्तर:
मृदा अपरदन मिट्टी की ऊपरी ह्यूमस युक्त परत मृदा कहलाती है। मृदा की इस परत का जलधारा, पवन अथवा बर्फ के द्वारा, बह जाना, उड़ जाना या खण्डित हो जाना मृदा अपरदन कहलाता है।
मृदा अपरदन निम्नलिखित कारणों से होता है
(i) अत्यधिक तीव्र वर्षा द्वारा मृदा पानी में घुल जाती है जिससे वह पानी के साथ बह जाती है।
(ii) बाढ़ का तेज बहता पानी मृदा को अपने साथ बहा ले जाता है।
(iii) अत्यधिक चराई तथा घास-पात एवं वृक्षों के अभाव में मृदा की उपजाऊ परत ढीली हो जाती हैं। जब तेज हवाएं चलती हैं तो ये मृदा को उड़ा ले जाती हैं।
(iv) जब बर्फ पिघलती है तो इससे बहने वाला जल मृदा को भी बहा ले जाता है।

मृदा अपरदन की रोकथाम :
खुले स्थानों पर अधिक से अधिक घास, पेड़-पौधे तथा वनाच्छादन करना चाहिए। पौधों की जड़ें मिट्टी को बांधे रखता है तथा इनका पत्तियाँ पानी की तेज बूंदों को रोक लेती हैं जिससे मृदा अपरदन नहीं हो पाता। ऊँची मेढ़बन्दी तथा खेतों के चारों ओर वृक्षों की बाड़ लगाने से भी मृदा अपरदन को रोका जा सकता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

प्रश्न 2.
अन्तः स्रवण दर मापने के लिए एक क्रियाकलाप बताइए।
उत्तर:
क्रियाकलाप-इस क्रियाकलाप के लिए कक्षा के सभी छात्र तीन समूह या दल बना लें। दलों के नाम A, B और C रख सकते हैं। आपको यह मालूम करना है कि किसी दिये गये स्थान पर पानी कितनी तेजी से मृदा में से नीचे चला जाता है। आपको एक खोखले बेलन अथवा पाइप की आवश्यकता होगी। यह सुनिश्चित कर लें कि प्रत्येक दल समान व्यास के पाइप का उपयोग करें। ऐसे पाइप प्राप्त करने के लिए दिये गये कुछ सुझावों पर विचार कर सकते है-

यदि सम्भव हो तो, एक आमाप के तीन छोटे टिन के डिब्बे लेकर उनकी तली को काट लें।
यदि पीवीसी पाइप (लगभग 5 सेमी व्यास का) उपलब्ध हो, तो इसके 20 सेमी लम्बे टुकड़े काट लें और उनका उपयोग करें।

जिस स्थान से आप मृदा एकत्रित करें, वहाँ पाइप को लगभग 2 सेमी की गहराई तक फँसा कर लगा दें। पाइप में धीमे-धीमे 200 mL जल डालिए। 200 mL जल को मापने के लिए आप किसी भी 200 mL की खाली बोतल का उपयोग कर सकते हैं। उस समय को नोट कर लें, जब आपने जल डालना आरंभ किया था। जब सारा जल भूमि द्वारा अवशोषित अर्थात् अंत:स्रावित हो जाये और पाइप खाली हो जाये, तो पुनः समय नोट कीजिए। यह ध्यान रखें कि पाइप में डालते समय पानी न तो छलके और न ही पाइप के बाहर गिरे। 200 mL जल के मृदा में अन्त:स्रावित होने में लगने वाले समय के आधार पर अन्त:स्रवण की दर की गणना निम्नलिखित सूत्र के द्वारा कीजिए-
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -8
उदाहरण के लिए, मान लीजिए किसी नमूने में 200 मिली जल के अन्तःस्रवण में 20 min लगते हैं, तो
अतःस्रवण दर = \(\frac{200mL}{20(min)}\) = 10 mL/min
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -9
अपने द्वारा लिये गये मृदा के नमूनों में अन्त:स्रवण दर की गणना कीजिए। अपने निष्कर्षों की तुलना अन्य दलों के मृदा के नमूनों की अन्त:स्रवण दर से कीजिए। मृदा के नमूनों को अन्त:स्रवण दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करिए।

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मृदा Class 7 HBSE Notes in Hindi

→ मृदा (मिट्टी) सबसे महत्त्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों में से एक है। यह पौधों की जड़ों को दृढ़ता से थामे रखकर तथा उन्हें जल और पोषक तत्वों की आपूर्ति करके उनकी वृद्धि में सहायता करती है।
→ मृदा पृथ्वी पर जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण है और अनेक जीवों का आवास है।
→ किसी स्थान की मृदा परिच्छेदिका वहाँ की विभिन्न परतों का परिच्छेद होती है। ये परतें संस्तर-स्थिति कहलाती हैं।
→ मृदा परिच्छेदिका में मुख्यतया चार परतें होती हैं

  • संस्तर स्थिति,
  • संस्तर स्थिति,
  • संस्तर स्थिति तथा आधार शैल।

→ मृदा विभिन्न प्रकार की होती है—मृण्मय, दुमटी, बलुई।
→ विभिन्न प्रकार की मृदा में जल की अंतःस्रवण दर भिन्न-भिन्न होती है। यह दर बलुई मृदा में सबसे अधिक और मृण्मय मृदा में सबसे कम होती है।
→ विभिन्न प्रकार की फसलों को उगाने के लिए विभिन्न प्रकार की मृदा उपयुक्त होती हैं। मृत्तिका (चिकनी मिट्टी) और दुमट मृदा गेहूँ, चना और धान को उगाने के लिए उपयुक्त है। कपास को बलुई दुमट मृदा में उगाया जाता है।
→ मृदा अपने में जल को रोके रखती है, जिसे मृदा आर्द्रता या मृदा नमी कहते हैं। मृदा की जल को रोके रखने की | क्षमता या जलधारण क्षमता विभिन्न फसलों के लिए महत्वपूर्ण है।
→ मृत्तिका (चिकनी मिट्टी) का उपयोग बर्तनों, खिलौनों और मूर्तियों को बनाने के लिए किया जाता है।
→ मृदा – भूमि की ऊपरी उपजाऊ परत मृदा या मिट्टी कहलाती है।
→ मृदा परिच्छेदिका – मृदा की खड़ी काट, जिसमें विभिन्न परतें दिखाई देती हैं।
→ संस्तर स्थिति – मृदा की परतें।
→ ह्यूमस – मृदा में उपस्थित सड़े-गले जैव पदार्थ ह्यूमस कहलाते हैं।
→ अपक्षय – पवन, जल और जलवायु की क्रिया से चट्टानों के टूटने पर मृदा का निर्माण होता है, यह प्रक्रम अपक्षय कहलाता है।
→ मृतिका या क्ले – चिकनी मिट्टी को मृतिका कहते
→ बलुई मृदा – जिस मृदा में बड़े कणों की मात्रा अधिक होती है, बलुई मृदा कहलाती है।
→ मृण्मय मृदा – जिस मृदा में बारीक कणों की मात्रा अधिक होती है, मृण्मय मृदा कहलाती है।
→ दुमटी मृदा – मृदा जिसमें बड़े तथा छोटे आकार के कण लगभग समान अनुपात में होते हैं।
→ अन्तःस्रवण – मृदा में जल का प्रवेश होना अन्तःस्रवण कहलाता है।
→ आद्रता – मृदा में उपस्थित जल। जल धारण-मृदा द्वारा जल को रोकने रखना।
→ मृदा अपरदन-उपजाऊ मिट्टी का विनाश होना।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

HBSE 7th Class Science पवन, तूफ़ान और चक्रवात InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
मैं यह नहीं समझ पा रही है कि पवन की दिशा ठीक उत्तर-दक्षिण दिशा क्यों नहीं है?
उत्तर:
क्योंकि पवन के प्रवाह की दिशा उत्तर से दक्षिण या दक्षिण से उत्तर होती है जो कि पृथ्वी के घूर्णन के कारण होती है।

प्रश्न 2.
मैं यह जानने के लिए उत्सुक हूँ कि ये पवन धाराएँ हमारे लिए क्या करती हैं ?
उत्तर:
ये पवन धाराएँ अपने साथ जलवाष्प लाती हैं जिनके कारण वर्षा होती है। यह प्रक्रिया जल-चक्र का चरण ही है।

प्रश्न 3.
कभी-कभी वर्षा अनेक समस्याओं को जन्म देती है। क्या आप ऐसी कुछ समस्याओं के नाम बता सकते हैं?
उत्तर:
बाढ़ के कारण चारों ओर जल ही जल भर जाता है, जिससे फसल, मकान तथा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो. जाता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

HBSE 7th Class Science पवन, तूफ़ान और चक्रवात Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वक्तव्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) पवन …………………….. वाय है।
(ख) पवन पृथ्वी के …………………….. तापन के कारण उत्पन्न होती है।
(ग) पृथ्वी की सतह के निकट …………………….. वायु ऊपर उठती है, जबकि …………………….. वायु नीचे आती है।
(घ) वायु …………………….. दाब के क्षेत्र से …………………….. दाब के क्षेत्र की ओर गति करती है।
उत्तर:
(क) गतिशील
(ख) असमान
(ग) गर्म, ठण्डी
(घ) उच्च, निम्न।

प्रश्न 2.
किसी दिये गये स्थान पर पवन की गति की दिशा पता लगाने के लिए दो विधियाँ बताइए।
उत्तर:
(1) पवन की गति की दिशा का पता हवा में छोड़ी गई सूखी पत्ती के उड़ने की दिशा देखकर लगाया जा सकता है।
(2) पवन की दिशा का दिशासूचक यंत्र द्वारा भी पता लगाया जा सकता है।

प्रश्न 3.
ऐसे कोई दो अनुभव बताइए, जिनसे आपको ऐसा अनुभव हुआ हो कि वायु दाब डालती है (अध्याय में दिये गये उदाहरणों के अतिरिक्त)।
उत्तर:
(i) जब हम गुब्बारे में हवा भरते हैं तो वह फूल जाता है।
(ii) जब हवा चलती है तो दरवाजों तथा खिड़कियों पर लगे परदे उड़ते हैं।

प्रश्न 4.
आप एक भवन खरीदना चाहते हैं। क्या आप ऐसा भवन खरीदना चाहेंगे, जिसमें खिड़कियाँ हों, लेकिन रोशनदान न हों ? अपने उत्तर का कारण समझाइए।
उत्तर:
नहीं, क्योंकि मकान में रोशनदान भी आवश्यक होता है। खिड़कियों से प्रवेश होने वाली हवा रोशनदान से निकल जाती है। बिना रोशनदान वाले मकान तेज पवनों से सुरक्षित नहीं रहते हैं। क्योंकि गर्म हवा ऊपर उठती है, यह केवल रोशनदान से ही बाहर निकल पाती है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

प्रश्न 5.
समझाइए कि कपड़े के बैनरों और धातु की चादर से बने विज्ञापन-पट्टों में छिद्र क्यों किये जाते हैं ?
उत्तर:
बैनरों तथा धातु की चादरों पर हवा का दबाव पड़ता है जिससे ये क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। इन पर हवा के दबाव को कम करने के लिए इनमें छिद्र बनाये जाते हैं जिससे हवा कम दबाव डालते हुए बाहर निकल जाती है।

प्रश्न 6.
यदि आपके गाँव अथवा शहर में चक्रवात आ जाये, तो आप अपने पड़ोसियों की सहायता कैसे करेंगे?
उत्तर:
हमें अपने पड़ोसियों की सहायता निम्न प्रकार से करनी चाहिए
(i) आने वाले खतरे से सावधान करके।
(ii) किसी सुरक्षित आश्रय की खोज करके।
(iii) पानी और खाद्य पदार्थों का संग्रह करके।
(iv) प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराकर।

प्रश्न 7.
चक्रवात से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के लिए पहले से किस प्रकार की योजना तैयार करने की आवश्यकता होती है ?
उत्तर:
चक्रवात से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के लिए निम्न योजना की आवश्यकता होती है
(i) चक्रवात की पूर्व घोषणा के लिए चक्रवात चेतावनी केन्द्र की स्थापना।
(ii) जल एवं खाद्य सामग्रियों का संग्रहण ।
(iii) सुरक्षित स्थानों का चयन।
(iv) प्राथमिक चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित में से किस स्थान पर चक्रवात आने की सम्भावना नहीं होती।
(क) चेन्नई
(ख) मेंगलुरू (मंगलोर)
(ग) अमृतसर
(घ) पुरी।
उत्तर:
(ग) अमृतसर में चक्रवात आने की सम्भावना नहीं होती क्योंकि यह तटीय क्षेत्र से दूर है।

प्रश्न 9.
नीचे दिये गये वक्तव्यों में से कौन-सा सही है
(क) शीतकाल में पवन थल से सागर की ओर बहती
(ख) ग्रीष्मकाल में पवन थल से सागर की ओर बहती है।
(ग) चक्रवात का निर्माण अति उच्च दाब तंत्र और उसके इर्द-गिर्द अति उच्च वेग की पवन के घूमने से होता है।
(घ) भारत की तटरेखा पर चक्रवातों के आने की सम्भावना नहीं है।
उत्तर:
(क) शीतकाल में पवन थल से सागर की ओर बहती है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

HBSE 7th Class Science पवन, तूफ़ान और चक्रवात Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. पवन का वेग बढ़ने से वायु दाब
(क) समान रहता है
(ख) बढ़ जाता है
(ग) कम हो जाता है ।
(घ) कभी बढ़ता, कभी घटता है
उत्तर:
(ग) कम हो जाता है ।

2. पवन सदैव अधिक वायु दाब वाले क्षेत्र से
(क) और अधिक वायु दाब वाले क्षेत्र की ओर गति करता
(ख) कम वायु दाब वाले क्षेत्र की ओर गति करती है
(ग) वापस उसी क्षेत्र की ओर लौट जाती है
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ख) कम वायु दाब वाले क्षेत्र की ओर गति करती है

3. पवन धाराएँ उत्पन्न होने का कारण है
(क) पृथ्वी का सदैव ठंडा रहना
(ख) पृथ्वी का सदैव गर्म रहना
(ग) पृथ्वी का असमान रूप से गर्म होना
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ग) पृथ्वी का असमान रूप से गर्म होना

4. समुद्र से थल की ओर बहने वाली पवन कहलाती है
(क) मौसमी चक्रवात
(ख) टाइफून
(ग) मानसूनी पवन
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ग) मानसूनी पवन

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II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए

1. गर्म मानसून हवाएँ अपने साथ जलवाष्प लाती हैं जिससे ………… होती है।
2. कुछ प्राकृतिक घटनाएँ ऐसी परिस्थितियों को जन्म देती हैं जिनसे कभी-कभी ………… आती हैं।
3. बिजली चमकने के साथ तीव्र वर्षा होना …………… कहलाता है।
4. ………… काफी विनाशकारी हो सकते हैं।
उत्तर:
1. वर्षा
2. आपदाएँ
3. तड़ित-झंझावात
4. चक्रवात ।

III. सुमेलन

कॉलम A का कॉलम B के शब्दों से मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
1. उड़ीसा(a) हरिकेन
2. अमेरिकी महाद्वीप(b) तटीय क्षेत्र
3. फिलीपीन्स, जापान(c) 18 अक्टूबर 1999 का चक्रवात
4. चक्रवात(d) टाइफून

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. उड़ीसा(c) 18 अक्टूबर 1999 का चक्रवात
2. अमेरिकी महाद्वीप(a) हरिकेन
3. फिलीपीन्स, जापान(d) टाइफून
4. चक्रवात(b) तटीय क्षेत्र

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य छाँटिए

1. आँधी, तूफान एवं चक्रवात प्राकृतिक घटनाएँ हैं।
2. गुब्बारे में हवा भरने पर उसकी रबर पर अन्दर की ओर से वायु दाब बढ़ जाता है।
3. गर्म वायु, ठंडी वायु की अपेक्षा भारी होती है।
4. पवन धाराएँ पृथ्वी के असमान रूप से गर्म होने के कारण उत्पन्न होती हैं।
उत्तर:
1. सत्य
2. सत्य
3. असत्य
4. सत्य।

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अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
तूफान से बचने के दो उपाय बताइए।
उत्तर:
(i) चेतावनी तंत्र द्वारा प्रेषित सूचना को मानना चाहिए।
(ii) तूफान के दौरान बाहर नहीं जाना चाहिए।

प्रश्न 2.
बताइए कि धुंआ ऊपर क्यों उठता है ? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
धुंआ गर्म होता है। गर्म हवा वायु से हल्की होती है अतः धुंआ ऊपर उठता है।

प्रश्न 3.
जब आप पतंग उड़ाते हैं तो क्या आपके पीछे से आती हवा सहायक होती है?
उत्तर:
हाँ, पीछे से आने वाली हवा पतंग पर दबाव डालती है।

प्रश्न 4.
क्या आपको पवन की दिशा के विपरीत साइकिल चलाने में कठिनाई होती है ?
उत्तर:
हाँ, क्योंकि पवन आगे की ओर से दबाव डालती है।

प्रश्न 5.
साइकिल के ट्यूब के अन्दर हवा क्यों भरते हैं ?
उत्तर:
ट्यूब के अन्दर हवा दाब डालती है जिससे टायर का आकार बना रहता है।

प्रश्न 6.
मानसूनी पवन क्या होती हैं?
उत्तर:
ऐसी पवन जो अपने साथ बादलों को उड़ाकर लाती हैं, मानसूनी पवन कहलाती हैं।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

प्रश्न 7.
गर्म जल से भरे कसकर बन्द किए हुए डिब्बे पर एकदम से ठंडा पानी डालने पर क्या होगा? और क्यों? (क्रियाकलाप)।
उत्तर:
डिब्बे के अन्दर के आयतन में कमी आने के कारण डिज्वा सिकुड़ जाएगा।

प्रश्न 8.
हरिकेन क्या होते हैं ?
उत्तर:
अमेरिकी महाद्वीप में चक्रवात को हरिकेन कहा जाता है।

प्रश्न 9.
मानसून का अर्थ बताइए।
उत्तर:
मानसून शब्द की उत्पत्ति अरबी शब्द मौसम से हुई है जिसका अर्थ है ऋतु।

प्रश्न 10.
पवन वेग बढ़ने से वायु दाब पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
पवन वेग बढ़ने से वायु दाब वास्तव में कम हो जाता है।

प्रश्न 11.
ताप का वायु दाब पर क्या प्रभाव होता है? (क्रियाकलाप)।
उत्तर:
ताप बढ़ने पर वायु दाब भी बढ़ जाता है।

प्रश्न 12.
गर्म मानसूनी हवाएँ क्यों लाभप्रद हैं ?
उत्तर:
गर्म मानसूनी हवाएँ अपने साथ जलवाष्प लाती हैं, जिससे वर्षा होती है।

प्रश्न 13.
टाइफून किसे कहते हैं ?
उत्तर:
हरिकेन को फिलीपीन्स और जापान में टाइफून कहते हैं।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
तड़ित झंझावात किसे कहते हैं ? समझाइए।
उत्तर:
तड़ित झंझावात भारत जैसे गर्म, आई और उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्रों में अक्सर विकसित होते हैं। ताप में वृद्धि होने के कारण ऊपर की ओर उठती हुई पवन प्रबल हो जाती है। पवन वायु में पहले से विद्यमान जल बूंदों को अपने साथ ऊपर की ओर ले जाती है जहाँ ताप कम होने के कारण वे जम जाती हैं और पुनः नीचे की ओर गिरने लगती है। गिरती हुई जल की चर्दै और तीव्र वेग से ऊपर उठती हुई वायु की परस्पर क्रिया से बिजली (तड़ित) काँधती है, जिससे ध्वनि उत्पन्न होती है। इसी घटना को हम तड़ित झंझावात कहते हैं।

प्रश्न 2.
क्या कारण है हमारे देश में ग्रीष्मकाल में अधिक और शीतकाल में कम वर्षा होती है?
उत्तर:
थल विशेष रूप से राजस्थान के मरुस्थलों के असमान तापमान से ग्रीष्मकाल में दक्षिण-पश्चिमी दिशा से मानसून निर्मित होता है। ये मानसूनी पवन अपने साथ हिन्द महासागर से काफी जलवाष्प लेकर आती है। शीतकाल में थल और जल के असमान तापमान के कारण पवन उत्तर-पश्चिम के अपेक्षाकृत ठण्डे स्थानों से आती हैं। ये शीत पवन अपने साथ कम जलवाष्प लाती हैं, इसलिए शीतकाल में वर्षा भी कम होती है।

प्रश्न 3.
चक्रवात किसे कहते हैं और यह कैसे बनता
उत्तर:
बादल के बनने से पहले जल वायुमण्डल से ऊष्मा लेकर वाष्प में परिवर्तित हो जाता है। जलवाष्प वर्षा की बूँदों के रूप में पुनः द्रव रूप में परिवर्तित होती है और यह ऊष्मा वायुमण्डल में निर्मुक्त हो जाती है। निर्मुक्त होने वाली ऊष्मा से आस-पास की वायु गर्म हो जाती है। इस प्रकार गर्म वायु ऊपर की ओर उठती है, जिससे वायु दाब कम हो जाता है। फलस्वरूप तड़ित झंझावात के केन्द्र की ओर उच्च वेग की अधिक वायु गति करने लगती है। इस चक्र की पुनरावृत्ति अनेक बार होती है। घटनाओं की इस श्रृंखला का अन्त बहुत ही निम्न दाब के एक ऐसे तन्त्र के निर्माण के साथ होता है जिसके चारों ओर उच्च वेग की वायु की अनेक परतें कुण्डली के रूप में घूमती रहती हैं। मौसम की इस स्थिति को चक्रवात कहते हैं।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

प्रश्न 4.
वायुमापी क्या है ? इसका चित्र बनाइए।
उत्तर:
आपने पढ़ा कि सभी झंझावात या तूफान निम्न दाब के तन्त्र होते हैं। झंझावात के निर्माण में पवन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए पवन के वेग की माप करना महत्वपूर्ण है। वेग की माप करने वाले उपकरण को वायुमापी कहते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात -1
चित्र : पवन के वेग को मापने के लिए एक वायुमापी

प्रश्न 5.
चक्रवात के दुष्प्रभावों के सुरक्षा उपाय क्या
उत्तर:
चक्रवात के दुष्प्रभावों को कम करने में निम्नलिखित व्यवस्थाएँ सहायक हो सकती हैं। सरकारी/सामाजिक स्तर पर-
(1) चक्रवात पूर्वानुमान और चेतावनी सेवा ।
(2) सरकारी संस्थाओं, समुद्रतटों, मछुआरों, जलपोतों और आम जनता को शीघ्रातिशीघ्र चेतावनी देने के लिए तीव्रगामी संचार व्यवस्था।
(3) चक्रवात सम्भावित क्षेत्रों में चक्रवात आश्रयों का निर्माण और लोगों को तेजी से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था।

प्रश्न 6.
यदि आप चक्रवात प्रभावित क्षेत्र में रहते हों तो वहाँ चक्रवात के बाद आप क्या सावधानी रखेंगे?
उत्तर:
(i) चक्रवात से प्रभावित जल का पीने के लिए प्रयोग नहीं करेंगे क्योंकि यह सन्दूषित हो सकता है।
(ii) हमें गीले स्विच और बिजली के खम्भों को नहीं छूना चाहिये।
(iii) चक्रवात प्रभावित क्षेत्र और बाढ़ को मनोरंजन केन्द्र नहीं बनाना चाहिए।
(iv) बचाव दल के कार्यों में दखल नहीं देना चाहिए।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वायु को गर्म करने पर इसका प्रसार होता है।’ एक क्रियाकलाप द्वारा समझाइए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
एक क्वथन नली लीजिए। नली के मुख पर एक गुब्बारे को कसकर लगाइए। आप इसे कसने के लिए टेप का उपयोग भी कर सकते हैं। किसी बीकर में लगभग दो-तिहाई ऊँचाई तक गर्म जल डालिए। गुब्बारा लगी क्वथन नली को गर्म जल में इस प्रकार रखिए कि गुब्बारा जल से बाहर रहे (चित्र)। दो तीन मिनट तक यह देखिए कि क्या गुब्बारे के आकार में किसी प्रकार का परिवर्तन होता है। क्वथन नली को जल से बाहर निकाल लीजिए, इसे कमरे के ताप तक ठण्डा होने दीजिए। अब एक अन्य बीकर में थोड़ा बर्फ का ठण्डा जल लीजिए और क्वथन नली को पहले की भाँति 2-3 मिनट के लिए ठण्डे जल में रख दीजिए। गुब्बारे के आकार में होने वाले परिवर्तन को नोट कीजिए। अपने प्रेक्षणों के आधार पर आगे दिये गए प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास कीजिए-
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात -2
चित्र : गर्म और ठण्डे जल में गुब्बारे का आकार

प्रश्न 2.
तड़ित झंझावात किसे कहते हैं ? इसके लिए क्या सावधानी रखनी चाहिए?
उत्तर:
तड़ित झंझावात : यदि झंझा के साथ तड़ित (बिजली) भी गिरे तो, उसे तड़ित झंझावात कहते हैं।

पवन वायु में पहले से विद्यमान जल बूंदों को अपने साथ ऊपर की ओर ले जाती है, जहाँ ताप कम होने के कारण वे जम जाती हैं और पुनः नीचे की ओर गिरने लगती हैं। गिरती हुई जल की बूंदें और तीव्र वेग से ऊपर उठती हुई वायु की परस्पर क्रिया से बिजली (तड़ित) काँधती है, जिससे ध्वनि उत्पन्न होती है। तड़ित झंझावात में हमें निम्नलिखित सावधानियाँ बरतनी चाहिए-
(i) किसी ऐसे वृक्ष के नीचे आश्रय न लें, जो अलगथलग हो। यदि आप वन में हैं, तो किसी छोटे वृक्ष के नीचे आश्रय लें। खुली जमीन पर न लेटें।
(ii) धातु की डण्डी वाले छाते का उपयोग न करें।
(iii) खिड़की के निकट न बैठे। खुले गैरेज, भण्डारण शेड, धात्विक चादरों की छत वाले शेड आदि आश्रय लेने के लिए उपयुक्त स्थान नहीं होते।
(iv) कार अथवा बस आश्रय लेने के लिए सुरक्षित स्थान हैं।
(v) यदि आप जल में हैं तो बाहर निकलकर किसी इमारत में चले जाएँ।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

प्रश्न 3.
पवन धाराएँ किस प्रकार उत्पन्न होती हैं ? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
निम्नलिखित दो स्थितियाँ हैं जिनके कारण पवन धाराएँ उत्पन्न होती हैं-
(क) भूमध्यरेखीय और ध्रुवीय क्षेत्रों का असमान रूप से गर्म होना:
भूमध्य रेखा के आस-पास के क्षेत्रों को सर्य की अधिकतम ऊष्मा मिलती है, इससे इन क्षेत्रों में पृथ्वी की सतह के निकट की वायु गर्म हो जाती है। गर्म वायु ऊपर उठती है और ठण्डी वायु भूमध्य रेखा के दोनों ओर स्थित 0 से 30 डिग्री अक्षांश की पट्टी के क्षेत्रों से भूमध्य क्षेत्र की ओर गतिशील हो जाती है। इस प्रकार उत्पन्न पवन धाराएँ उत्तर और दक्षिण से भूमध्य रेखा की ओर बहती हैं। ध्रुवों पर वायु पृथ्वी के लगभग 60° अक्षांश तक के क्षेत्रों की वायु से अधिक ठण्डी होती है। इन क्षेत्रों में गर्म वायु ऊपर उठती है, जिसका स्थान लेने के लिए ध्रुवों से ठण्डी वायु उस ओर प्रवाहित होने लगती है। इस प्रकार वायु का प्रवाह ध्रुवों से अपेक्षाकृत अधिक गर्म क्षेत्रों की ओर होता रहता है।
इसी प्रकार हम समझ सकते हैं कि 30° तथा 60° अक्षांश के क्षेत्रों के असमान रूप से गर्म होने के कारण पवन का प्रवाह 30° अक्षांश से 60° अक्षांश की ओर होगा।

(ख) थल और जल का असमान रूप से गर्म होना:
ग्रीष्मकाल (गर्मियों) में, थलीय क्षेत्र अधिक तेजी से गर्म होता है और अधिकांश समय थल का ताप समुद्री जल की अपेक्षा अधिक रहता है। थल के ऊपर की वायु गर्म होकर ऊपर उठ जाती है। इससे पवन समुद्र से थल की ओर बहती है। यह मानसूनी पवन होती है।

प्रश्न 4.
चक्रवात का निर्माण कैसे होता है? चित्र द्वारा समझाइए।
उत्तर:
किसी चक्रवात का केन्द्र एक शांत क्षेत्र होता है। इसे झंझा का नेत्र कहते हैं। कोई विशाल चक्रवात वायुमण्डल में वायु का तेजी से घूर्णन करता पिण्ड होता है, जो पृथ्वी तल से 10 से 15 km की ऊँचाई पर स्थित होता है। चक्रवात के नेत्र का व्यास 10 से 30 km तक होता है (संलग्न चित्र A)| यह बादलों से मुक्त क्षेत्र होता है और इसमें पवन का वेग न्यून होता है। इस शांत और स्पष्ट नेत्र के इर्दगिर्द लगभग 150 km आमाप का बादल का क्षेत्र होता है (संलग्न चित्र B)। इस क्षेत्र में उच्च वेग की पवन (150250 km/h) और सघन वर्षा वाले घने बादल होते हैं। इस क्षेत्र से परे पवन वेग क्रमशः कम होता जाता है। चक्रवातों की उत्पत्ति का प्रक्रम अत्यधिक जटिल होता है। चित्र A में इसे एक प्रतिरूप द्वारा दर्शाने का प्रयास किया गया है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात -3

प्रश्न 5.
चक्रवात बनने की घटना को समझाने के लिए एक प्रवाह चित्र बनाइए।
उत्तर:
निम्नलिखित प्रवाह चित्र द्वारा इस परिघटना को समझाया जा सकता है, जिसके कारण बादलों का निर्माण और वर्षा होती है तथा तूफान और चक्रवात बनते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात -4

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

पवन, तूफ़ान और चक्रवात Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ गतिशील वायु, पवन कहलाती है।
→ छ हमारे आस-पास की वायु दाब डालती है।
→ पवन का वेग बढ़ने पर वायु दाब घट जाता है।
→ पवन सदैव अधिक वायु दाब वाले क्षेत्र से कम वायु दाब वाले क्षेत्र की ओर गति करती है।
→ वायु गर्म करने पर प्रसारित होती है और ठण्डा करने पर संकुचित होती है।
→ गर्म वायु ऊपर उठती है, जबकि अपेक्षाकृत ठण्डी वायु की प्रवृत्ति पृथ्वी की सतह की ओर आने की होती है।
→ जब गर्म वायु ऊपर उठती है तो उस स्थान पर वायु दाब कम हो जाता है और आस-पास के क्षेत्र की उच्च दाब की ठण्डी वायु उस स्थान की ओर प्रवाहित होने लगती है।
→ गतिशील वायु पवन कहलाती है। ७ पृथ्वी पर असमान तापन पवनों के बनने का प्रमुख कारण है।
→ जलवाष्प वाली पवन वर्षा लाती है। 12 उच्च वेग की पवन और वायुदाब के अन्तर से चक्रवात बन सकते हैं।
→ उपग्रहों तथा राडार जैसी उन्नत प्रौद्योगिकी की सहायता से चक्रवातों की निगरानी करना आसान हो गया है।
→ स्व सहायता सबसे अच्छी सहायता है। अत: किसी भी चक्रवात के आने से पहले ही अपनी सुरक्षा की योजना बना लेना और सुरक्षा के उपायों को तैयार रखना अच्छा रहता है।
→ पवन – गतिशील वायु पवन कहलाती है।
→ दाब – वायु द्वारा किसी एकांक क्षेत्र पर पड़ने वाला बल दाब कहलाता है।
→ पवन वेग मापी – हवा की गति को मापने के यंत्र को पवन वेग मापी कहते हैं।
→ चक्रवात – चक्रवात वह तूफान है जो अधिकांश तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करता है।
→ तड़ित झंझावात – जल की गिरती हुई बूंदों तथा तीव्र गति से ऊपर उठती हुई वायु की परस्पर क्रिया से उत्पन्न ध्वनि को तड़ित झंझावात कहते हैं।
→ मानसूनी पवन – मानसूनी पवन अपने साथ पानी लाती हैं जिससे वर्षा होती है।
→ टॉरनेडो – टॉरनेडो गहरे रंग का कीपाकार बादल होता है। इनकी कीप जैसी संरचना आकाश से पृथ्वी तल की ओर आती हुई प्रतीत होती है।
→ टाइफून – चक्रवात को जापान में टाइफून कहा जाता है।
→ हरिकेन – अमेरिकी महाद्वीप में चक्रवात को हरिकेन कहा जाता है।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल

HBSE 7th Class Science मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
बूझो जानना चाहता है कि मौसम की रिपोर्ट कौन तैयार करता है?
उत्तर:
मौसम की रिपोर्ट मौसम विभाग तैयार करता

प्रश्न 2.
बूझो जानना चाहता है कि मौसम इतनी तेजी से क्यों बदलता है?
उत्तर:
पृथ्वी के सूर्य के परितः तथा अपनी अक्ष के परितः घूर्णन के कारण मौसम इतनी तेजी से बदलता है।

प्रश्न 3.
पहेली जानना चाहती है कि आखिर मौसम का स्रोत क्या है?
उत्तर:
मौसम के सभी परिवर्तनों का स्रोत सूर्य होता है।

प्रश्न 4.
पहेली जानना चाहती है कि क्या मछलियाँ और तितलियाँ भी पक्षियों की तरह प्रवास करती हैं?
उत्तर:
हाँ।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल

HBSE 7th Class Science मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
उन घटकों के नाम बताइए जो किसी स्थान के मौसम को निर्धारित करते हैं ?
उत्तर:
वर्षा, तापमान, आर्द्रता।

प्रश्न 2.
दिन में किस समय ताप के अधिकतम और न्यूनतम होने की सम्भावना होती है ?
उत्तर:
सामान्यतः दोपहर के समय दिन का तापमान अधिकतम होता है। दिन का न्यूनतम तापमान प्रात:काल होता है।

प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) दीर्घ अवधि के मौसम का औसत ……………………. कहलाता है।
(ख) किसी स्थान पर बहुत कम वर्षा होती है और उस स्थान का तापमान वर्ष भर उच्च रहता है, उस स्थान की जलवायु ……………………. और ……………………. होगी।
(ग) चरम जलवायवीय परिस्थितियों वाले पृथ्वी के दो क्षेत्र ……………………. और ……………………. हैं।
उत्तर:
(क) जलवायु
(ख) उष्ण, शुष्क
(ग) ध्रुव, रेगिस्तान।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित क्षेत्रों की जलवायु का प्रकार बताइए
(क) जम्मू एवं कश्मीर
(ख) केरल
(ग) राजस्थान
(घ) उत्तर-पूर्व भारत।
उत्तर:
(क) जम्मू एवं कश्मीर – (क) ठंडी और आई।
(ख) केरल – (ख) गर्म और आर्द्र।
(ग) राजस्थान – (ग) गर्म और शुष्क।
(घ) उत्तर-पूर्व भारत – (घ) गर्म और आई।

प्रश्न 5.
मौसम और जलवायु में से किसमें तेजी से परिवर्तन होता है ?
उत्तर:
मौसम में जलवायु की अपेक्षा तेजी से परिवर्तन होता है। जलवायु किसी स्थान की दीर्घ अवधि 25 वर्ष के मौसम के प्राचलों द्वारा निर्धारित होती है।

प्रश्न 6.
जन्तुओं की कुछ विशेषताओं की सूची नीचे दी गई है
(क) आहार मुख्यतः फल हैं
(ख) सफेद बाल/फर
(ग) प्रवास की आवश्यकता
(घ) तीन स्वर-ध्वनि (तेज आवाज)
(च) पैरों के चिपचिपे तलवे
(छ) त्वचा के नीचे वसा की मोटी परत
(ज) चौड़े और बड़े नखर
(झ) चटख रंग
(ट) मजबूत पूँछ
(ठ) लम्बी और बड़ी चोंच
उपरोक्त प्रत्येक विशेषता के लिए यह बताइए कि वह उष्णकटिबन्धीय वर्षा वन अथवा ध्रुवीय क्षेत्र में से किसके लिए अनुकूलित हैं। क्या आप समझते हैं कि इनमें से कुछ विशेषताएँ दोनों क्षेत्रों के लिए अनुकूलित हो सकती हैं ?
उत्तर:
(क) उष्णकटिबन्धीय
(ख) ध्रुवीय
(ग) दोनों
(घ) दोनों
(च) ध्रुवीय
(छ) ध्रुवीय
(ज) ध्रुवीय
(झ) उष्ण कटिबन्धीय
(ट) उष्ण कटिबन्धीय
(ठ) उष्ण कटिबन्धीय।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल

प्रश्न 7.
उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन जन्तुओं की विशाल जनसंख्या को आवास प्रदान करते हैं। समझाइए कि ऐसा क्यों है?
उत्तर:
उष्णकटिबन्धीय वर्षा वन लगातार गर्मी तथा वर्षा के कारण जन्तुओं तथा वनस्पति की विशाल आबादी को आवास प्रदान करते हैं। वहाँ की परिस्थितियाँ जन्तुओं व वनस्पतियों के अनुकूल होती हैं।

प्रश्न 8.
उदाहरण सहित समझाइए कि किसी विशेष जलवायवीय परिस्थिति में कुछ विशिष्ट जन्तु ही जीवन-यापन करते क्यों पाये जाते हैं ?
उत्तर:
किसी विशेष जलवायवीय परिस्थिति में कुछ विशिष्ट जन्तु ही जीवनयापन करते पाये जाते हैं, क्योंकि वे जन्तु उन स्थितियों में जीने के लिए अनुकूलित होते हैं। जन्तुओं में जीने के लिए जलवायु के प्रति अनुकूलन होना अति आवश्यक है।

उदाहरण धुवीय भालू के सम्पूर्ण शरीर पर सफेद बाल (फर) होते हैं जिसके कारण वे बर्फ की सफेद पृष्ठभूमि में आसानी से दिखाई नहीं देते हैं। इस गुण के कारण उन्हें भोजन हेतु शिकार करने में सहायता मिलती है क्योंकि उनके शिकार जन्तु उन्हें आसानी से देख नहीं पाते। फरों की मोटी परत के कारण इन्हें सर्दी में भी अधिक कठिनाई नहीं होती। ये परतें भालू की अत्यधिक सर्दी से रक्षा करती हैं। इन भालुओं की त्वचा के नीचे चर्बी की मोटी परत होती है जो सर्दी को शरीर में प्रवेश नहीं करने देती तथा शरीर की गर्मी को निर्मुक्त नहीं होने देती। ध्रुवीय भालू का शरीर इतनी अच्छी तरह से शीतरोधी होता है कि वे धीमे-धीमे चलते हैं ताकि उनके शरीर का ताप आवश्यकता से अधिक न हो जाये। गर्म मौसम में भौतिक क्रियाकलापों के बाद इन्हें अपने शरीर को ठंडा रखना पड़ता है। अतः ये समुद्री जल में तैर सकते हैं। इनके पंजे चौड़े तथा बड़े होते हैं जिनमें नाखून उपस्थित होते हैं जिससे इनको बर्फ पर चलने में आसानी होती है। इनके सूंघने तथा देखने की क्षमता अच्छी होती है जिसके कारण ये अपना शिकार बर्फ में भी ढूँढ़ लेते हैं।

प्रश्न 9.
उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वनों में रहने वाला हाथी किस प्रकार अनुकूलित है?
उत्तर:
उष्णकटिबन्धीय वर्षा वनों में रहने वाले हाथियों ने स्वयं को निम्न प्रकार से अनुकूलित किया है
(i) यह अपनी लम्बी सैंड का प्रयोग एक हथियार के रूप में करते हैं, जो हाथी की नाक होती है।
(ii) हाथी अपनी सँड़ का प्रयोग भोजन तोड़ने, पकड़ने एवं उठाने के लिए करता है।
(iii) इनके बाहा दाँत रदनक कहलाते हैं जिनका उपयोग करके ये अपनी पसन्द के वृक्षों की छाल को आसानी से छील सकते हैं।
(iv) हाथी स्पर्धा के बावजूद भी अपना भोजन आसानी – से जुटाने में समर्थ होते हैं।
(v) हाथी के बड़े कान बहुत हल्की ध्वनि को भी सुनने में सहायक होते हैं। ये कान वर्षा वनों की गर्म और आर्द्र जलवायु में हाथी को ठण्डा करने में भी मदद करते हैं।

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निम्नलिखित प्रश्नों में सही विकल्प चुनिए

प्रश्न 10.
कोई मांसाहारी जन्तु, जिनके शरीर पर धारियाँ होती हैं, अपने शिकार को पकड़ते समय बहुत तेजी से भागता है। इसके पाये जाने की सम्भावना है किसी
(क) ध्रुवीय क्षेत्र में
(ख) मरुस्थल में
(ग) महासागर में
(घ) उष्णकटिबन्धीय वर्षा वन में।
उत्तर:
(घ) उष्णकटिबन्धीय वर्षा वन में।

प्रश्न 11.
ध्रुवीय भालू को अत्यधिक ठण्डी जलवायु में रहने के लिए कौन-सी विशेषताएँ अनुकूलित करती
(क) श्वेत बाल/फर, त्वचा के नीचे बसा, तीव्र सूंघने की क्षमता।
(ख) पतली त्वचा, बड़े नेत्र, श्वेत फर या बाल।
(ग) लम्बी पूँछ, मजबूत नखर, सफेद बड़े पंजे।
(घ) श्वेत (सफेद) शरीर, तैरने के लिए पंजे, श्वसन के लिए क्लोम (गिल)।
उत्तर:
(क) श्वेत बाल/फर, त्वचा के नीचे वसा, तीव्र सँधने की क्षमता।

प्रश्न 12.
निम्न में से कौन-सा विकल्प उष्णकटिबन्धीय क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ (सबसे अच्छा) वर्णन करता है?
(क) गर्म और आई
(ख) मध्यम तापमान-अत्यधिक वर्षा
(ग) सर्द और आर्द्र
(घ) गर्म और शुष्क।
उत्तर:
(क) गर्म और आर्द्र।

HBSE 7th Class Science मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए

1. किसी स्थान का मौसम परिवर्तित होता है
(क) दिन-प्रतिदिन
(ख) सप्ताह दर सप्ताह
(ग) प्रत्येक ऋतु में
(घ) से सभी
उत्तर:
(घ) से सभी

2. उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन पाए जाते हैं
(क) भारत में
(ख) ब्राजील में
(ग) मलेशिया में
(घ) इन सभी में
उत्तर:
(घ) इन सभी में

3. ध्रुवीय पेंग्विन है, एक
(क) स्तनी
(ख) रेंगने वाला जन्तु
(ग) पक्षी
(घ) मछली
उत्तर:
(ग) पक्षी

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4. हाथी के लम्बे बाहर निकले दाँत होते हैं
(क) रद (रदनक)
(ख) छेदक
(ग) मोलर
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(क) रद (रदनक)

5. निम्न में से कौन-सा वृक्षाश्रयी नहीं है
(क) लाल नेत्र वाला मेढ़क
(ख) पैंग्विन पक्षी
(ग) टूकन पक्षी
(घ) न्यूवर्ल्ड मंकी
उत्तर:
(ख) पैंग्विन पक्षी

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. वर्षा को ………… यंत्र द्वारा मापा जाता है।
2. ध्रुवों पर ………… महीने तक सूर्यास्त नहीं होता है।
3. ध्रुवीय भालू की तरह…………भी अच्छे तैराक होते है।
4. ………… क्षेत्रों की जलवायु सामान्यतः गर्म होती है।
उत्तर:
1. वर्षा मापी,
2. छ:,
3. पेंग्विन
4: उष्ण कटिबन्धीय।

III. सुमेलन

कॉलम A तथा कॉलम B के शब्दों का मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
1. त्वचा के भीतर वसा परत(a) बर्फ पर चलने हेतु
2. नखर युक्त पैर(b) शिकार को ढूँढ़ना
3. बालों का सफेद रंग(c) सदी से बचाव
4. तीव्र घ्राण शक्ति(d) शिकार की नजर से छिपना

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. त्वचा के भीतर वसा परत(a) बर्फ पर चलने हेतु
2. नखर युक्त पैर(b) शिकार को ढूँढ़ना
3. बालों का सफेद रंग(c) सदी से बचाव
4. तीव्र घ्राण शक्ति(d) शिकार की नजर से छिपना

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IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य कथन छाँटिए
1. ध्रुवों पर किसी भी प्रकार का कोई जीव नहीं पाया जाता
2. ध्रुवीय क्षेत्रों में छः महीने का दिन एवं छ: महीने की रात होती है।
3. सारस एवं कोयल प्रवासी पक्षी हैं।
4. हाथी केवल मरुस्थली क्षेत्रों में पाया जाता है।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य
3. सत्य
4, असत्य।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वर्षामापी क्या है?
उत्तर:
वर्षा मापने का यन्त्र वर्षामापी कहलाता है।

प्रश्न 2.
लाल नेत्र वाला मेढ़क कहाँ पाया जाता है ?
उत्तर:
वृक्षों पर।

प्रश्न 3.
वर्षा वन में पाये जाने वाले प्राणियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
कपि (बन्दर), गुरिल्ला, शेर, चीता, तेंदुआ, सर्प आदि।

प्रश्न 4.
प्रचुर वर्षा वाले क्षेत्र के वनों को क्या कहते है?
उत्तर:
उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन।

प्रश्न 5.
भारतीय उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन के एक सामान्य जन्तु का नाम लिखिए।
उत्तर:
हाथी।

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प्रश्न 6.
पेंग्विन कहाँ का प्रमुख पक्षी है ?
उत्तर:
पैग्विन ध्रुवीय क्षेत्र का प्रमुख पक्षी है।

प्रश्न 7.
किसी मरुस्थलीय जलवायु का प्रमुख लक्षण बताइए।
उत्तर:
यहाँ जलवायु गर्म और शुष्क होती है।

प्रश्न 8.
आपके क्षेत्र का कम से कम तथा अधिकतम तापमान कितना होता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
सर्दियों में 5°C निम्नतम तथा गर्मियों में 45°C अधिकतम।

प्रश्न 9.
पेंग्विन का प्रमुख लक्षण जो इसे धुवीय प्रदेश में रहने के अनुकूल बनाता है, लिखिए।
उत्तर:
शरीर पर घने फरों का पाया जाना।

प्रश्न 10.
आर्द्र जलवायु क्या होती है ?
उत्तर:
वायु में अत्यधिक नमी का पाया जाना।

प्रश्न 11.
किसी प्रवासी पक्षी का नाम लिखिए।
उत्तर:
साइबेरियन क्रेन।

प्रश्न 12.
प्रवासी पक्षी प्रवास पर क्यों आते हैं ?
उत्तर:
प्रजनन के लिए तथा प्रतिकूल मौसम से बचने के लिए।

प्रश्न 13.
हाथी में वृक्षों की छाल छीलने के लिए क्या अनुकूलन होता है ?
उत्तर:
लम्बे व बाहर निकले रदनक दाँत।

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लयु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अखबारों में आने वाली दैनिक मौसम रिपोर्ट कहाँ से आती है?
उत्तर:
मौसम की रिपोर्ट भारत के मौसम विज्ञान विभाग द्वारा तैयार की जाती है। यह विभाग प्रतिदिन विभिन्न स्थानों से वहाँ के ताप, पवन वेग आदि पर आँकड़े एकत्रित करता है और मौसम के बारे में पूर्वानुमान लगाता है। यहाँ से ये रिपोर्ट अखबार में छापी जाती हैं।

प्रश्न 2.
“मौसम में होने वाले सभी परिवर्तन सूर्य के कारण होते हैं,” कैसे ? समझाइए।
उत्तर:
मौसम में सभी परिवर्तन सूर्य के कारण होते हैं। सूर्य अत्यधिक उच्च ताप पर गरम गैसों का गोला है। सूर्य की हमसे दूरी बहुत अधिक है परन्तु सूर्य से उत्सर्जित कर्जा इतनी अधिक है कि पृथ्वी से इतनी दूरी होने के बावजूद सूर्य हमारे लिए समस्त ऊष्मा और प्रकाश का स्रोत है। अत: सूर्य ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत है जो मौसम में परिवर्तन लाता है। पृथ्वी के थल क्षेत्र, समुद्रों और वायुमण्डल द्वारा अवशोषित और परावर्तित की जाने वाली ऊर्जा भी किसी स्थान पर मौसम को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होती है।

प्रश्न 3.
पेंग्विन नामक पक्षी में ध्रुवीय क्षेत्रों में रहने के लिए क्या अनुकूलन पाये जाते हैं ?
उत्तर:
पैग्विन सफेद रंग के होते हैं और आसानी से बर्फ की सफेद पृष्ठभूमि में मिल जाते हैं जिससे ये शिकारियों से बचे रहते हैं। इनके शरीर में स्वयं को सर्दी से बचाने के लिए मोटी त्वचा और अत्यधिक वसा होती है। ये झुण्डों में रहते हैं जिससे भी ये गर्म बने रहते हैं। ये अच्छे तैराक होते हैं, इनके पैरों में तैरने के लिए जाल जैसी रचना पायी जाती है।

प्रश्न 4.
उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन किन देशों में पाये जाते हैं। उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वनों के कुछ वन्य जन्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन भारत, मलेशिया, इण्डोनेशिया, ब्राजील, कांगो गणतन्त्र, केन्या, युगान्डा और नाइजीरिया में पाये जाते हैं। उष्णकटिबन्धीय वर्षा वनों के वन्य जन्तुओं में-चीता, बारहसिंगा, शेर, हाथी, बन्दर, गिलहरी, सर्प, अजगर आदि सम्मिलित हैं।

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प्रश्न 5.
प्रवास से आप क्या समझते हैं ? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
जीवधारी अधिक प्रतिकूल मौसम में स्वयं को बचाने के लिए दूसरे स्थानों पर चले जाते हैं, इस परिघटना को प्रवास कहते हैं। अनेक मछलियाँ ठण्ड से बचने के लिए गर्म धाराओं में प्रवास करती हैं। उदाहरण के लिए, साइबेरियाई क्रेन जो साइबेरिया से राजस्थान में भरतपुर और हरियाणा में सुल्तानपुर जैसे स्थानों पर सर्दियों में प्रवास के लिए आते हैं।

प्रश्न 6.
वर्षा वनों में कुछ जीव वृक्षों पर रहते हैं। इनमें वृक्षों पर रहने के लिए क्या अनुकूलन पाये जाते हैं। दो उदाहरणों द्वारा समझाइए।।
उत्तर:
(1) लाल नेत्र वाले मेंढ़क के पैर के तलवे चिपचिपे होते हैं, जो उन्हें उन वृक्षों पर चढ़ने में सहायता करते हैं, जिन पर वे रहते हैं।
(2) वृक्षवासी बन्दरों की लम्बी पूँछ इन्हें वृक्षों पर रहने में सहायता करती है। यह शाखाओं को पकड़ने में सहायता करती है। इनके हाथ पैर ऐसे होते हैं जिससे ये आसानी से शाखाओं को थामे रहते हैं।

प्रश्न 7.
वर्षा वन में पाये जाने वाले किसी पक्षी में अनुकूलन बताइए।
उत्तर:
ट्रकन नामक पक्षी ऐसे वनों के लिए अनुकलित हैं। ये ऐसे स्थानों से भोजन प्राप्त कर सकते हैं जहाँ अन्य जन्तु नहीं पहुँचते। इनकी लम्बी चोंच ऐसी शाखाओं में लगे फलों तक पहुँचकर फल खा सकती है जो बहुत कमजोर होती हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अधिकतम तापमान में परिवर्तन के लिए एक ग्राफ बनाइए।
उत्तर:
नीचे दिये गये चित्र में 3 अगस्त, 2011 से 9 अगस्त, 2011 तक शिलांग, मेघालय में रिकॉर्ड किये गये अधिकतम तापमान को दिखाया गया है-
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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल

प्रश्न 2.
श्रीनगर और तिरुअनंतपुरम भारतवर्ष के दो विपरीत छोरों के क्षेत्र हैं, इनकी जलवायु में अन्तर के लिए सारणी बनाइए।
उत्तर:
श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर) तथा तिरुअनंतपुरम (केरल) की जलवायु में तुलना

प्रश्न 3.
प्रवासी पक्षी प्रवास क्यों और कैसे करते हैं ? समझाइए।
उत्तर:
कुछ प्रवासी पक्षी अपने आवास की चरम जलवायवीय परिस्थितियों से बचने के लिए 15000 किमी तक की यात्रा करते हैं। सामान्यतः ये अधिक ऊँचाई पर उड़ान भरते हैं, जहाँ वायु प्रवाह उड़ान में सहायक होता है। इस ऊँचाई की शीत स्थितियों उनकी उड़ानपेशियों द्वारा उत्पन्न ऊष्मा का विपरंण आसान कर देती हैं। लेकिन आश्चर्य की बात है कि प्रवासी पक्षी वर्ष दर वर्ष एक ही स्थान पर कैसे आते रहते हैं यह एक रहस्य है। ऐसा लगता है कि इन पक्षियों में दिशा का सहज बोध होता है और ये जानते हैं कि किस दिशा में उड़ना है। मार्गदर्शन के लिए सम्भवत: कुछ भूचिन्हों (लैंडमार्क) का उपयोग करते हैं। संभवतः अनेक पक्षियों को दिन में सूर्य और रात्रि में तारों से मार्गदर्शन मिलता है। इसके भी कुछ प्रमाण हैं कि पक्षी दिशा का पता लगाने के लिए पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का उपयोग करते हैं। केवल पक्षी ही ऐसे जन्तु नहीं, जो प्रवास करते हैं। अनेक स्तनधारी जीव, अनेक प्रकार की मछलियाँ और कीट भी अधिक अनुकूल जलवायु की तलाश के लिए मौसमी रूप से प्रवास करते हैं।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल

मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल Class 7 HBSE Notes in Hindi

→ किसी स्थान पर तापमान, आर्द्रता, वर्षा, पवन वेग आदि के सम्बन्ध में वायुमण्डल की दिन-प्रतिदिन की स्थिति उस स्थान का मौसम कहलाती है।
→ दिन का अधिकतम तापमान सामान्यतः अपराह्न (दोपहर बाद) में जबकि न्यूनतम तापमान प्रातः (भोर) में होता है।
→ वर्ष भर सूर्योदय और सूर्यास्त का समय भी परिवर्तित होता रहता है। .मौसम के सभी परिवर्तन सूर्य से संचालित होते हैं।
→ दीर्घ अवधि, जैसे 25 वर्ष में लिये गये मौसम के प्राचलों के आधार पर तैयार किये गये प्रतिरूप (पैटर्न), उस स्थान की जलवायु निर्धारित करते हैं।
→ जलवायु का सभी जीवों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। जन्तु उन परिस्थितियों के लिए अनुकूलित होते हैं जिनमें वह वास करते हैं।
→ ध्रुवीय क्षेत्रों में चरम जलवायु पायी जाती है। ये क्षेत्र सदैव बर्फ से ढके रहते हैं और यहाँ वर्ष के अधिकांश भाग में अत्यधिक सर्दी रहती है।
→ ध्रुवीय क्षेत्रों में वर्षभर बहुत सर्दी रहती है। ध्रुवों में वर्ष के छः महीने तक सूर्यास्त नहीं होता है और शेष छ: महीने सूर्योदय नहीं होता है।
→ ध्रुवीय भालू और पैंग्विन ध्रुवीय क्षेत्रों में रहने के लिए अनुकूलित होते हैं। इनकी त्वचा के नीचे स्थित वसा की परत तथा त्वचा के ऊपर बाल या फर सर्दी से इनकी सुरक्षा करते हैं।
→ अतिशीत मौसम से बचने के लिए प्रवास एक अन्य साधन है।
→ अनुकूल जलवायवी परिस्थितियों के कारण उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वनों में पादपों और जन्तुओं की विशाल जनसंख्या – पायी जाती है।
→ उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वनों में जन्तु इस प्रकार अनुकूलित होते हैं कि उन्हें अन्य प्रकार के जन्तुओं से भिन्न भोजन एवं आश्रय की आवश्यकता होती है। ताकि उनमें परस्पर स्पर्धा कम से कम हो।
→ मौसम – किसी स्थान पर, तापमान, आर्द्रता, बर्फ, वायु वेग आदि के सन्दर्भ में वायुमण्डल की प्रतिदिन की परिस्थिति उस स्थान का मौसम कहलाती है।
→ मौसम के घटक – तापमान, वर्षा, प्रकाश, आर्द्रता, वायु आदि।
→ आर्द्रता – वायु में जलवाष्प के रूप में उपस्थित नमी।
→ अधिकतम तापमान – दोपहर के बाद मापा गया तापमान।
→ न्यूनतम तापमान – प्रातः के समय मापा गया तापमान।
→ धुवीय क्षेत्र – पृथ्वी के ध्रुव/यहाँ जलवायु की चरम स्थितियाँ होती है।
→ जलवायु – दीर्घ अवधि में लिया गया मौसम का प्रारूप ही उस स्थान की जलवायु कहलाता है।
→ अनुकूलन – वे सभी गुण तथा लक्षण जो जन्तुओं को उनके आवास एवं परिवेश में सही ढंग से रहने योग्य बनाते हैं, अनुकूलन कहलाते हैं।
→ उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्र – पृथ्वी के वह स्थान जहाँ गर्म एवं नम जलवायु होती हैं।
→ उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन – वर्षा की अधिकता वाले क्षेत्र में पाए जाने वाले वन।
→ प्रवास – किसी जीव का एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाना।

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