Author name: Prasanna

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला

Haryana State Board HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 8th Class Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला

HBSE 8th Class Science दहन और ज्वाला InText Questions and Answers

पहेली बूझो

(पृष्ठ संख्या – 64)

प्रश्न 1.
हमें बताया गया था कि भोजन हमारे शरीर के लिए एक ईंधन है।
उत्तर:
हाँ, भोजन हमारे शरीर के लिए एक ईंधन है क्योंकि भोजन हमारे शरीर में ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर अपघटित होता है और इस अभिक्रिया से ऊष्मा उत्पन्न होती है।

(पृष्ठ संख्या – 66)

प्रश्न 2.
हमने पढ़ा है कि सूर्य अपनी ऊष्मा और प्रकाश दोनों उत्पन्न करता है । क्या यह भी एक प्रकार का दहन है?
उत्तर:
सूर्य में प्रकाश और ऊष्मा दोनों नाभिकीय अभिक्रियाओं द्वारा उत्पन्न होते हैं।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला

HBSE 8th Class Science दहन और ज्वाला Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
बहन की परिस्थितियों की सूची बनाइए ।
उत्तर:
दहन के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ –
1. ऑक्सीजन की उपस्थिति
2. ईंधन या ज्वलनशील की उपस्थिति
3. पदार्थ का निम्न ज्वलन ताप ।

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
(क) लकड़ी और कोयला जलने से वायु का ……………….. होता है।
(ख) घरों में काम आने वाला एक द्रव ईंधन ……………….. है।
(ग) जलना प्रारम्भ होने से पहले ईंधन को उसके ……………….. तक गर्म करना आवश्यक है।
(घ) तेल द्वारा उत्पन्न आग को ……………….. द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता।
उत्तर:
(क) प्रदूषण
(ख) एलपीजी
(ग) ज्वलन-ताप
(घ) पानी।

प्रश्न 3.
समझाइए कि मोटर वाहनों में सीएनजी के उपयोग से हमारे शहरों का प्रदूषण किस प्रकार कम हुआ है?
उत्तर:
सीएनजी के दहन के परिणामस्वरूप कोई भी हानिकारक गैस जैसे – नाइट्रोजन डाइ-ऑक्साइड, सल्फर डाइआक्साइड आदि उत्पन्न नहीं होतीं । ये गैसें ही मुख्य रूप से वायु प्रदूषण का कारण होती हैं । पेट्रोल जलने के दौरान जले कार्बन कण छोड़ती है, जो दमा जैसे श्वास रोग उत्पन्न करते हैं, जबकि सीएनजी जलने पर ऐसे कण नहीं छोड़ती है। अत: मोटर वाहनों में सीएनजी के उपयोग
से वायु प्रदूषण कम होता है ।

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प्रश्न 4.
ईंधन के रूप में एलपीजी और लकड़ी की तुलना कीजिए।
उत्तर:

लकड़ीएल.पी.जी.
1. इसका ऊष्मीय मान कम होता है।1. इसका ऊष्मीय मान उच्च होता है।
2. लकड़ी का ज्वलनांक अधिक होता है।2. एल.पी.जी. का ज्वलनांक कम होता है।
3. यह धुएँ के साथ जलती है।3. यह बिना धुआँ किए जलती है।
4. लकड़ी के जलने पर CO2 तथा कम वायु में CO (कार्बन मोनोक्साइड) गैसें उत्पन्न होती हैं।4. इसके जलने पर कोई विषैली गैस उत्पन्न नहीं होती है।
5. ठोस और भारी होने के कारण इसे भण्डारित करना आसान नहीं होता है।5. इसको आसानी से भण्डारित किया जा सकता है।
6. इसको जलाने पर राख अवशेष बनती है।6. इसको जलाने पर अवशेष नहीं बचता है।

प्रश्न 5.
कारण बताइए-
(क) विद्युत उपकरण से संबद्ध आग पर नियंत्रण पाने हेतु जल का उपयोग नहीं किया जाता ।
(ख) एलपीजी लकड़ी से अच्छा घरेलू ईंधन है।
(ग) कागज स्वयं सरलता से आग पकड़ लेता है जबकि ऐलुमिनियम पाइप के चारों ओर लपेटा गया कागज का टुकड़ा आग नहीं पकड़ता।
उत्तर:
(क) जल विद्युत का सुचालक है। इसीलिए विद्युत उपकरण से संबद्ध आग पर नियंत्रण पाने हेतु जल का उपयोग नहीं करते । इससे विद्युत झटका लगने से जान जाने का खतरा होता है ।
(ख) लकड़ी की अपेक्षा एलपीजी आसानी से जलती है और अधिक ऊष्मा उत्पन्न करती है । एलपीजी के दहन से लकड़ी की तुलना में वायु प्रदूषण नगण्य ही होता है ।
(ग) कागज का ज्वलन ताप कम होता है, जबकि ऐलुमिनियम पाइप के साथ कागज लपेटने पर दहन के लिए यह आवश्यक है कि ऐलुमिनियम को उसके ज्वलन ताप तक गर्म किया जाये, जिसके लिए ज्यादा मात्रा में ऊष्मा की आवश्यकता होती है। अतः कागज स्वयं सरलता से आग पकड़ लेता है जबकि ऐलुमिनियम पाइप के चारों ओर लपेटा कागज का टुकड़ा आग आसानी से नहीं पकड़ता ।

प्रश्न 6.
मोमबत्ती की चाला का चिह्नित चित्र बनाइये ।
उत्तर:
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला -1

प्रश्न 7.
ईंधन के ऊष्मीय मान को किस मात्रक द्वारा प्रदर्शित किया जाता है?
उत्तर:
ईधन का ऊष्मीय मान किलोजूल प्रति किलोग्राम के पदों में व्यक्त किया जाता है।

प्रश्न 8.
समझाइए कि CO2 किस प्रकार आग को नियंत्रित करती है।
उत्तर:
CO2 गैस वायु से भारी होती है । इसलिए यह जलती हुई वस्तु के चारों ओर आवरण कर ऑक्सीजन की मात्रा को कम कर देती है तथा वातावरण से ऑक्सीजन के प्रवाह को वस्तु तक नहीं पहुंचने देती तथा जलने वाली वस्तु का ताप उसके ज्वलन ताप से काफी हद तक कम कर देती है, जिस कारण आग बुझ जाती है ।

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प्रश्न 9.
हरी पत्तियों के ढेर को जलाना कठिन होता है, परन्तु सूखी पत्तियों में आग आसानी से लग जाती है, समझाइए।
उत्तर:
हरी पत्तियों का ज्वलन ताप सूखी पत्तियों से अधिक होता है, क्योंकि हरी पत्तियों में नमी की मात्रा अधिक होती है तथा हरी पत्तियों के ढेर में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है। परन्तु सुखी पत्तियों में नमी की मात्रा कम होती है तथा इनके ढेर में ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होती है। इसलिए हरी पत्तियों के ढेर को जलाना कठिन होता है।

प्रश्न 10.
सोने और चाँदी को पिघलाने के लिए स्वर्णकार ज्वाला के किस क्षेत्र का उपयोग करते हैं और क्यों ?
उत्तर:
स्वर्णकार ज्वाला के सबसे ऊपरी अदीप्त, नीले क्षेत्र का उपयोग करते हैं, क्योंकि ज्वाला का बाह्य पूर्ण दहन क्षेत्र सबसे अधिक ऊष्मा वाला होता है। सोना और चाँदी का गलनाक बहुत अधिक होता है। इसलिए उन्हें पिघलन के लिए अधिक ऊष्मा की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 11.
एक प्रयोग में 4.5 Kg. ईधन का पूर्णतया दहन किया गया । उत्पन्न ऊष्मा का मान 1,80,000 Kj. था। ईंधन का ऊष्मीय मान परिकलित कीजिए।
उत्तर:
ईधन की मात्रा (द्रव्यमान) = 4.5 Kg.
4.5 Kg. ईंधन जलाने पर प्राप्त ऊष्मा = 180,000 KJ
1 Kg. ईधन को पूर्णतया दहन करने पर उत्पन्न ऊष्मा = 180,000
4.5 = 40,000 KJ.
ईंधन का ऊष्मीय मान – 40,000 kJ/kg.

प्रश्न 12.
क्या जंग लगने के प्रक्रम को दहन कहा जा संकता है ? विवेचना कीजिए ।
उत्तर:
नहीं, जंग लगने की प्रक्रिया में धातु वातावरण की ऑक्सीजन व नमी से क्रिया कर ऑक्साइड बनाती है जो उसके पृष्ठ पर दिखाई देती है, जबकि दहन प्रक्रम में वस्तु ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलती है । दहन एक तीव्र प्रक्रिया है जबकि जंग लगना धीमी प्रक्रिया है। साथ ही दहन ऊष्मा के साथ ज्वाला भी उत्पन्न करता है। जबकि जंग केवल ऊष्मा उत्पन्न करता है। इस कारण जंग लगने की प्रक्रिया का दहन नहीं कहा जा सकता ह।

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प्रश्न 13.
आबिदा और रमेश ने एक प्रयोग किया जिसमें बीकर में रखे जल को गर्म किया गया । आबिदा ने बीकर को मोमबत्ती चाला के पीले भाग के पास रखा। रमेश ने बीकर को ज्वाला के सबसे बाहरी भाग के पास रखा । किसका पानी कम समय में गर्म हो जाएगा ।
उत्तर:
रमेश के बीकर का जल पहले गर्म होगा क्योंकि ज्वाला का सबसे बाहरी भाग (नीला क्षेत्र) अन्य भागों की तुलना में सबसे अधिक गर्म होता है ।

HBSE 8th Class Science कोयला और पेट्रोलियम Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. मैग्नीशियम जलकर (दहन होकर) क्या बनाता है?
(अ) मैग्नीज,
(ब) मैग्नीशियम ऑक्साइड
(स) मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
(द) मैग्नीशियम क्लोराइड ।
उत्तर:
(ब) मैग्नीशियम ऑक्साइड

2. मोमबत्ती के आंशिक दहन वाले मध्य भाग का रंग होता है
(अ) काला
(ब) नीला
(स) पीला।
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं ।
उत्तर:
(ब) नीला

3. ईंधन के ऊष्यीय मान का मात्रक है –
(अ) न्यूटन
(ब) Kg/KJ
(स) °C
(द) KJ/Kg
उत्तर:
(द) KJ/Kg

4. पेट्रोल का ऊष्मीय मान है –
(अ) 55,000 KJ/Kg.
(ब) 45,000 KJ/Kg
(स) 6,000-8.000 KJ/Kg
(द) 1,50,000 KJ/Kg.
उत्तर:
(ब) 45,000 KJ/Kg

5. ज्वलनशील पदार्थों का ज्वलन ताप होता है –
(अ) बहुत कम
(ब) बहुत अधिक
(स) न बहुत अधिक न बहुत कम
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं ।
उत्तर:
(अ) बहुत कम

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला

6. ईंधन के अपूर्ण दहन से बनने वाली गैस है
(अ) कार्बन डाईऑक्साइड
(ब) हाइड्रोजन
(स) कार्बन मोनोक्साइड
(द) सल्फर डाइऑक्साइड।
उत्तर:
(स) कार्बन मोनोक्साइड

रिक्तस्थान पूर्ति

(क) वह न्यूनतम ताप जिस पर कोई पदार्थ जलने लगता है, उसका ……………. कहलाता है।
(ख) ईधन के ऊष्मीय मान को ……………. मात्रक द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
(ग) ईंधन का अपूर्ण दहन ……………. गैस देता है।
(घ) वायु में कार्बन डाइऑक्साइड गैस की अधिक मात्रा ……………. का कारण बनती है।
उत्तर:
(क) ज्वलन-ताप
(ख) किलोजूल प्रति किलोग्राम
(ग) कार्बन मोनोक्साइड
(घ) विश्व ऊष्णन।

सुमेलन

कॉलम ‘अ’कॉलम ‘ब’
(i) मिट्टी का तेल(क) द्रव ईंधन
(ii) लकड़ी का कोयला(ख) विश्व ऊष्णन का कारण
(iii) पेट्रोल(ग) अम्ल वर्षा का कारण
(iv) कार्बन डाइऑक्साइड(घ) ज्वाला देता है
(v) सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड(ङ) ज्वाला नहीं देता

उत्तर:

कॉलम ‘अ’कॉलम ‘ब’
(i) मिट्टी का तेल(घ) ज्वाला देता है
(ii) लकड़ी का कोयला(ङ) ज्वाला नहीं देता
(iii) पेट्रोल(क) द्रव ईंधन
(iv) कार्बन डाइऑक्साइड(ख) विश्व ऊष्णन का कारण
(v) सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड(ग) अम्ल वर्षा का कारण

सत्य / असत्य कथन

(क) मोमबत्ती ज्वाला के साथ जलती है जबकि कोयला नहीं।
(ख) ईधन के ऊष्मीय मान को किलोजूल प्रति किलोग्राम मात्रक द्वारा प्रदर्शित करते हैं।
(ग) ईंधन के अपूर्ण दहन में कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनती है।
(घ) पृथ्वी के वातावरण के तापमान में वृद्धि अम्ल वर्षा कहलाती है।
उत्तर:
(क) सत्य
(ख) सत्य
(ग) असत्य
(घ) असत्य।

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अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कोई तीन तरल ईंधनों के नाम लिखिए ।
उत्तर:
डीजल, पेट्रोल, केरोसिन तेल (मिट्टी का तेल) आदि ।

प्रश्न 2.
दहन से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
वह रासायनिक प्रक्रम जिसमें पदार्थ ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया करके ऊष्मा प्रदान करता है, दहन कहलाता है।

प्रश्न 3.
ज्वलन ताप की परिभाषा लिखिए ।
उत्तर:
वह न्यूनतम ताप जिस पर कोई पदार्थ आग पकड़ लेता है एवं जलने लगता है, उस पदार्थ का ज्वलन ताप कहलाता है।

प्रश्न 4.
किन्हीं दो ज्वलनशील पदार्थों के नाम लिखिए।
उत्तर:
पेट्रोल एवं द्रवित पेट्रोलियम गैस।

प्रश्न 5.
विद्युत द्वारा लगी आग बुझाने के लिए किस प्रकार के अग्निशामक का उपयोग होता है।
उत्तर:
कार्बन ट्रेटा क्लोराइड नामक अग्निशामक ।

प्रश्न 6.
दहन के प्रकार लिखिए ।
उत्तर:
तीव्र दहन, स्वतः दहन एवं विस्फोट।

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प्रश्न 7.
तीन दहन किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब गैस तेजी से जलने लगती है तथा ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न करती है, तब यह दहन तीव्र दहन कहलाता है।

प्रश्न 8.
स्वतः दहन किसे कहते हैं ?
उत्तर:
ऐसे पदार्थ जो कमरे के ताप पर वायु में जल उठते हैं । जैसे- फॉस्फोरस । यह स्वतः दहन कहलाता है।

प्रश्न 9.
मोमबत्ती की ज्वाला के क्षेत्रों के नाम लिखिए।
उत्तर:
ठंडा अंदरूनी क्षेत्र, मध्य क्षेत्र, बाह्य अदीप्त क्षेत्र।

प्रश्न 10.
किसी ईंधन के ऊष्मीय मान से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
किसी ईंधन के 1 किलोग्राम के पूर्ण दहन से प्राप्त ऊष्मा ऊर्जा की मात्रा, उसका ऊष्मीय मान कहलाती है।

प्रश्न 11.
विश्व ऊष्णन किसे कहते हैं?
उत्तर:
पृथ्वी के वातावरण के तापमान में वृद्धि विश्व ऊष्णन कहलाती है।

प्रश्न 12.
विश्व ऊष्णन का कारण क्या है?
उत्तर:
वायु में कार्बन डाईऑक्साइड की बढ़ी मात्रा को विश्व ऊष्णन का कारण माना जाता है।

प्रश्न 13.
अम्लीय वर्षा के लिए कारक दो गैसों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(i) नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
(ii) सल्फर डाइऑक्साइड।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
परिभाषा लिखिए-
(1) बहन
(2) दाह्य
उत्तर:
(1) दहन : ऐसा प्रक्रम जिसमें पदार्थ को ऑक्सीजन में जलाने से ऊष्मा पैदा होती है ।
(2) दाह्य : दहन की क्रिया में जिस पदार्थ का दहन होता है । दाह्य कहलाता है।

प्रश्न 2.
कुछ दाह्य और अदाह्य पदार्थों के नाम लिखिए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
दाह्य पदार्थ- लकड़ी, कागज, मिट्टी का तेल, स्ट्रा, काष्ठ कोयला एवं माचिस की तीलियाँ। अदाह्य पदार्थ- लोहे की कीलें, पत्थर का टुकड़ा एवं

प्रश्न 3.
एक लकड़ी के कोयले का जलते हुए टुकड़े को एक लोहे की प्लेट पर रखकर एक पारदर्शक प्लास्टिक जार से ढकने पर क्या होता है और क्यों? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
कुछ समय बाद लकड़ी का कोयला जलना बंद हो जाता है क्योंकि इस पर प्लास्टिक जार ढकने से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।

प्रश्न 4.
कागज के बने कप में कागज के बिना जले पानी कैसे उबल जाता है ? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
कागज के कप में पानी को गर्म करते समय बर्नर द्वारा दी गई ऊष्मा कागज के कप में उसमे रखे हुए पानी को स्थानान्तरित हो जाती है जिससे पानी का ताप बढ़ता जाता है तथा अन्त में पानी उबलने लगता है । कागज को प्रदान की जाने वाली ऊष्मा तुरन्त ही जल को स्थानान्तरित होने के कारण कागज अपने ज्वलन ताप तक नहीं पहुँच पाता तथा कागज जलने से बचा रहता है।

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प्रश्न 5.
आग उत्पन्न करने के लिए क्या आवश्यकताएँ
उत्तर:
आग उत्पन्न करने के लिए निम्नलिखित तीन आवश्यकताएँ हैं-
(i) इंधन
(ii) वायु (ऑक्सीजन आपूर्ति हेत)
(iii) ऊष्मा (ईधन का ताप उसके ज्वलन ताप से अधिक करने हेतु)।

प्रश्न 6.
आग बुझाने के लिए सामान्यतया जल का उपयोग क्यों किया जाता है ?
उत्तर:
आग लग जाने पर जल डालने पर जलने वाले पदार्थ का ज्वलन ताप कम हो जाता है, ऐसा करने से आग का फैलना रुक जाता है । जलं वाष्प, ज्वलनशील पदार्थ को घेर लेता है जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक जाता है तथा आग बुझ जाती है । आग बुझाने हेतु वायु का प्रवाह रोक कर या ईंधन का ताप कम करके आग पर नियंत्रण करने का प्रयास किया जाता है।

प्रश्न 7.
तेल या पेट्रोल में लगी आग को हम जल द्वारा नहीं बुझा सकते क्यों ?
उत्तर:
जल तेल से भारी होता है अत: तेल में लगी आग में जल को डालने पर जल नीचे चला जाता है तथा तेल ऊपर तैरकर जलता रहता है, अतः इसके लिए हम जल के स्थान पर कार्बन डाइऑक्साइड (Co) का उपयोग करते हैं जो ऑक्सीजन से भारी होने के कारण आग को एक कम्बल की भांति आवरण रूप दे देती है। इससे ईंधन एवं ऑक्सीजन (वायु से प्राप्त होने वाली) का सम्पर्क टूट जाता है जिससे आग पर नियंत्रण हो जाता है।

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प्रश्न 8.
दहन के प्रकारों को समझाइए।
उत्तर:
दहन निम्नलिखित प्रकारों का होता है-
(i) तीन दहन- कुछ पदार्थ बहुत छोटी सी चिंगारी द्वारा ही जलने लगते हैं; जैसे- गैस लाइटर द्वारा गैस का जलना आदि । इस प्रकार के दहन को तीव्र दहन कहते हैं ।
(ii) स्वतः दहन- कुछ पदार्थ बिना किसी प्रत्यक्ष कारण के, अचानक लपटों के साथ जल उठते हैं, इस प्रकार का दहन स्वतः दहन कहलाता है। जैसे – फॉस्फोरस का कमरे के ताप पर जलना आदि ।
(iii) विस्फोट- इस प्रकार का दहन पटाखों में पाया जाता है । पटाखों के जलने पर आकस्मिक अभिक्रिया होने के कारण ऊष्मा, प्रकाश एवं ध्वनि उत्पन्न होती है।

प्रश्न 9.
दहन क्रिया में कौन से पदार्थ ज्वाला प्रदान करते (क्रियाकलाप),
उत्तर:
दहन क्रिया में सभी पदार्थ ज्वाला प्रदान नहीं करते हैं । दहन के समय वाष्पित होने वाले पदार्थ ज्वाला का निर्माण करते हैं । जैसे – मिट्टी के तेल का लैम्प, मोमबत्ती का पिघला हुआ मोम ज्वाला देते हैं, क्योंकि इनका वाष्पीकरण होता है । कोयला जलकर ज्वाला नहीं देता है क्योंकि यह वाष्पित नहीं होता है ।

प्रश्न 10.
सुनार फूंकनी का उपयोग क्यों करते हैं ?
उत्तर:
सुनार फूंकनी से ज्वाला के सबसे ऊपरी भाग को फॅक कर सोने पर मारते हैं, जिस कारण आग की प्रबलता बढ़ जाती है तथा सोना और चाँदी पिघलने लगते हैं । फूंक मारने के कारण । अधजले कार्बन के कण भी जलने लगते हैं और ऊष्मा अधिक प्राप्त होती है।
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला -2

प्रश्न 11.
स्पष्ट कीजिए –
(1) ज्वलनशील पदार्थ
(2) ईंधन का ऊष्मीय मान ।
उत्तर:
(1) ज्वलनशील पदार्थ : ऐसे पदार्थ जिनका ज्वलन-ताप बहुत कम होता है और ज्वाला के साथ सरलतापूर्वक आग पकड़ लेते हैं, ज्वलनशील पदार्थ कहलाते हैं । उदाहरण- पेट्रोल, ऐल्कोहल, द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) आदि ।
(2) ईंधन का ऊष्मीय मान : किसी ईंधन के किलोग्राम के पूर्ण दहन से प्राप्त ऊष्मा की मात्रा उसका ऊष्मीय मान कहलाती है । ईंधन का ऊष्मीय मान किलोजूल प्रति किलोग्राम (kJ/kg) मात्रक द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

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प्रश्न 12.
एक बंद कमरे में कोयला जलाकर सोने से क्या खतरा होता है?
उत्तर:
एक बंद कमरे में कोयले को ऑक्सीजन पूर्णतया नहीं मिलने पर इसका अपूर्ण दहन कार्बन मोनोक्साइड देता है, जिससे कमरे में सो रहे व्यक्तियों की मृत्यु भी हो सकती है।

प्रश्न 13.
अम्लीय वर्षा से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
सल्फर एवं नाइट्रोजन के ऑक्साइड वर्षा के जल में घुल जाते हैं तथा अम्ल बनाते हैं । ऐसी वर्षा अम्लीय वर्षा कहलाती है । अम्लीय वर्षा फसलों, भवनों एवं मृदा के लिए अत्यन्त हानिकारक होती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
एक प्रयोग द्वारा सिद्ध कीजिए कि दहन के लिए वायु आवश्यक है। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
प्रयोग-एक जलती मोमबत्ती को मेज के ऊपर रखिए। काँच की चिमनी को मोमबत्ती के ऊपर लकड़ी के दो गुटकों की सहायता से इस प्रकार रखिए कि वायु का चिमनी में प्रवेश होता
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला -3
रहे (चित्र (a))। देखिए, ज्वाला को क्या होता है। अब लकड़ी के गुटके हटा कर चिमनी को मेज पर टिका दीजिए (चित्रं (b)) पुनः ज्वाला को देखिए। अंत में एक काँच की प्लेट चिमनी के ऊपर रख दीजिए। (चित्र (c))| ज्वाला को पुन: देखिए। तीनों स्थितियों में क्या होता है? निष्कर्ष-हम पाते हैं कि दहन के लिए वायु आवश्यक है। अवस्था (a) में मोमबत्ती निर्बाध रूप से जलती है, जबकि वायु चिमनी में नीचे से प्रवेश कर सकती है। अवस्था (b) में, जब चिमनी में नीचे से वायु प्रवेश नहीं कर पाती तो ज्वाला में कम्पन होता है और धुआँ उत्पन्न होता है। अवस्था (c) में, ज्वाला बुझ जाती है क्योंकि उसे वायु उपलब्ध नहीं हो पाती।

प्रश्न 2.
मोमबत्ती की ज्वाला के सभी क्षेत्रों का चित्र सहित स्पष्टीकरण कीजिए।
उत्तर:
ज्वाला के तीन मुख्य क्षेत्र होते हैं –
(1) गहरा आंतरिक क्षेत्र : यह ज्वाला का भीतरी ठंडा क्षेत्र है । इसमें मोम की गर्म वाष्प होती है ।
(2) दीप्त क्षेत्र : मध्य भाग चमकीला होता है । इस क्षेत्र में कार्बन के आधे जले कण होते हैं । इन कणों के चमकने से यह क्षेत्र चमकीला है । यह कण ज्वाला से धुएँ और काजल के रूप में उत्पन्न होते हैं।
(3) अदीप्त क्षेत्र : यह ज्वाला का सबसे बाहरी भाग है। जिसका रंग फीका नीला होता है । इस भाग में ऑक्सीजन ईंधन से मिलकर पूर्ण दहन करती है। यह सबसे बाहरी अदीप्त भाग है, जिसका तापमान सबसे अधिक होता है।
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला -4

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प्रश्न 3.
ईंधन को विस्तार से समझाइए ।
उत्तर:
ईंधन :
घरेलू और औद्योगिक उपयोगों से संबंधित ऊष्मा ऊर्जा के मुख्य स्रोत (काष्ठ, कोयला, पेट्रोल, मिट्टी का तेल इत्यादि) ईंधन कहलाते हैं । अच्छा ईंधन वह है जो आसानी से उपलब्ध हो जाए और सस्ता हो । अच्छा ईंध न वायु में सामान्य रूप से सुगमतापूर्वक जलता है, यह अधि क मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करता है । यह जलने के पश्चात् कोई अवांछनीय पदार्थ नहीं छोड़ता । संभवत: ऐसा कोई भी ईंधन नहीं है जिसे आदर्श ईंधन माना जा सके।

प्रश्न 4.
ऊष्मीय मान को समझाइए । कुछ ईंधनों के ऊष्मीय मानों को लिखिए। उत्तर-ऊष्मीय मान-किसी ईंधन के 1 किलोग्राम के पूर्ण दहन से प्राप्त ऊष्मा ऊर्जा की मात्रा, उसका ऊष्मीय मान कहलाती है । ईंधन के ऊष्मीय मान को किलोजूल प्रति किलोग्राम (KI/Kg) मात्रक द्वारा प्रदर्शित किया जाता है । कुछ ईंधनों के ऊष्मीय मान निम्नवत् हैं-

ईधनऊष्मीय मान (kj/kg)
गोबर के उपले6,000-8,000
लकड़ी17,000-22,000
कोयला25,000-33,000
पेट्रोल45,000
मिट्टी का तेल45,000
डीजल45,000
मेथेन50,000
सीएनजी50,000
एलपीजी55,000
जैव गैस35,000-40,000
हाइड्रोजन1,50,000

प्रश्न 5.
ईंधन के दहन से कौन-कौन से हानिकारक उत्पाद उत्पन्न होते हैं? समझाइए।
उत्तर:
ईंधन का बढ़ता हुआ उपभोग पर्यावरण पर अत्यन्त हानिकारक प्रभाव डालता है, इनमें से कुछ निम्नवत् हैं-
(1) लकड़ी, कोयले एवं पेट्रोल जैसे कार्बन ईंधन बिना जले कार्बन कण छोड़ते हैं । ये सूक्ष्म कण दमा एवं श्वास रोग उत्पन्न करते हैं।
(2) ईंधनों का अपूर्ण दहन होने पर यह कार्बन मोनोक्साइड गैस देते हैं । यह अत्यंत विषैली गैस है।
(3) अधिकांश ईंधनों के दहन के परिणामस्वरूप पर्यावरण में कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है । वायु में कार्बन डाइऑक्साइड गैस की अधिक मात्रा को ही विश्व ऊष्णन (Glabal warming) का कारण माना जाता है।
(4) कोयले तथा डीजल के दहन होने पर सल्फर डाइऑक्साइड गैस उत्सर्जित होती है जो कि दमघोंटू और संक्षारक गैस है । इसके अतिरिक्त पेट्रोल इंजन नाइट्रोजन के गैसीय ऑक्साइड छोड़ते हैं । सल्फर एवं नाइट्रोजन के ऑक्साइड वर्षा जल में घुल जाते हैं तथा अम्ल बनाते हैं जो वर्षा के जल से मिलकर अम्लीय वर्षा करते हैं, जो कि फसलों, मृदा के लिए अत्यंत हानिकारक होती है ।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 6 दहन और ज्वाला

दहन और ज्वाला Class 8 HBSE Notes in Hindi

→ दहन (Combustion) : रासायनिक प्रक्रम, जिसमें पदार्थ ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर ऊष्मा देते हैं।

→ दाह्य पदार्थ (Combustible Substance) : वे पदार्थ जो जलने पर प्रकाश और ऊष्मा देते हैं, दाह्य पदार्थ कहलाते हैं।

→ अदाह्य पदार्थ (Non Combustible substance) : वे पदार्थ जो जलने पर न तो प्रकाश देते हैं और न ही ऊष्मा देते हैं, अदाह्य पदार्थ कहलाते हैं।

→ ज्वलन ताप (Ignition Temperature) : वह न्यूनतम ताप, जिस पर कोई पदार्थ जलने लगता है।

→ ज्वलनशील पदार्थ (Flammable Substance) : ऐसे पदार्थ जिनका ज्वलन-ताप बहुत कम होता है और जो ज्वाला के साथ सरलतापूर्वक आग पकड़ लेते हैं, ज्वलनशील पदार्थ कहलाते हैं।

→ अग्निशामक (Fire Extinguisher) : आम बुझाने वाला यत्र ।

→ तीव्र दहन (Rapid Combustion) : दहन जिसमें गैस तेजी से जलने लगती है एवं ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न करती हैं, तीव्र दहन कहलाता है।

→ स्वतः दहन (Spontaneous Combustion) : दहन जिसमें पदार्थ बिना किसी प्रत्यक्ष कारण के अचानक लपटों के साथ जल उठता है, स्वतः दहन कहलाता है।

→ विस्फोट (Explosion) : अभिक्रिया जिसमें बनी गैस बड़ी मात्रा में निकलकर ऊष्मा, प्रकाश और ध्वनि उत्पन्न करती है, विस्फोट कहलाती है।

→ ईंधन (Fuel) : वे पदार्थ जो पूर्ण दहन करने पर ऊष्मा उत्पन्न करते हैं, ईंधन कहलाते हैं।

→ ऊष्मीय मान (CalorificValue) : किसी ईंधन के 1 किलोग्राम के पूर्ण दहन से प्राप्त ऊष्मा ऊर्जा की मात्रा, उसका ऊष्मीय मान कहलाती है।

→ विश्व ऊष्णन (Global Warming) : पृथ्वी के वातावरण में धीमी गति से होने वाली ताप की वृद्धि ।

→ अम्ल वर्षा (Acid Rain) : जब सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड वर्षा जल में घल जाते हैं एवं अम्ल बनाते हैं, तब ऐसी वर्षा अम्ल वर्षा कहलाती है।

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HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 कोयला और पेट्रोलियम

Haryana State Board HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 कोयला और पेट्रोलियम Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 8th Class Science Solutions Chapter 5 कोयला और पेट्रोलियम

HBSE 8th Class Science कोयला और पेट्रोलियम InText Questions and Answers

पहेली बूझो

(पृष्ठ संख्या – 56)

प्रश्न 1.
क्या हम अपने सभी प्राकृतिक संसाधनों का निरन्तर उपयोग कर सकते हैं ?
उत्तर:
नहीं। हम अपने सभी प्राकतिक संसाधनों का निरन्तर उपयोग नहीं कर सकते, क्योंकि प्रकृति में कुछ स्रोत असीमित मात्रा में हैं; जैसे- सूर्य का प्रकाश, वायु आदि जबकि कुछ स्रोत सीमित मात्रा में हैं; जैसे- वन, वन्यजीव, खनिज आदि।

(पृष्ठ संख्या – 57)

प्रश्न 2.
कोयला हमें कहाँ से प्राप्त होता है और यह कैसे बनता है ?
उत्तर:
कोयला हमें पृथ्वी की अंदरूनी सतह अर्थात् खानों से प्राप्त होता है । प्राकृतिक आपदाओं के कारण, वन पृथ्वी के अन्दर समा जाते हैं तथा मिट्टी उनके ऊपर जमा हो जाती है। पृथ्वी के भीतर उच्च ताप तथा दाब के कारण ये मृत पेड़-पौधे धीरे-धीरे कार्बनीकरण की प्रक्रिया द्वारा कोयले के रूप में परिवर्तित हो जाते हैं।

(पृष्ठ संख्या – 61)

प्रश्न 3.
क्या प्रयोगशाला में मृत जीवों से कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस बनाई जा सकती है?
उत्तर:
नहीं । प्रयोगशाला में मृत जीवों से कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस का निर्माण नहीं किया जा सकता, क्योकि इनका बनना बहुत धीमी प्रक्रिया है तथा इनके बनने के लिए आवश्यक दशाएँ प्रयोगशाला में उत्पन्न नहीं की जा सकती।

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HBSE 8th Class Science कोयला और पेट्रोलियम Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
सीएनजी और एलपीजी का ईंधन के रूप में उपयोग करने के क्या लाभ हैं ?
उत्तर:
सीएनजी और एलपीजी का ईंधन के रूप में उपयोग बहुत लाभदायक है क्योंकि इनका वितरण हर जगह आसानी से पाइप लाइन द्वारा किया जा सकता है । इन दोनों का मुख्य गुण है, जलने पर वायु प्रदूषण नहीं फैलाते । इनकी ऊष्मा की उत्पादन क्षमता भी अधिक होती है । इन्हें घरों तथा फैक्टरियों में सीधे ही प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 2.
पेट्रोलियम का कौन-सा उत्पाद सड़क निर्माण हेतु उपयोग में लाया जाता है ?
उत्तर:
बिटुमेन, पेट्रोलियम का उत्पाद है जो सड़क के निर्माण हेतु उपयोग में लाया जाता है ।

प्रश्न 3.
वर्णन कीजिए, मृत वनस्पति से कोयला किस प्रकार बनता है ? यह प्रक्रम क्या कहलाता है?
उत्तर:
कोयले का निर्माण : लगभग 300 मिलियन वर्ष पूर्व जब मृत वनस्पति मिट्टी की सतह के नीचे फँसकर इकट्ठी हो गई, तो निचले स्तर के उच्च ताप व दाब के कारण ये धीरे-धीरे कोयले के रूप में परिवर्तित हो गए है। कोयले के निर्माण की यह धीमी प्रक्रिया ‘कार्बनीकरण’ कहलाती है।

प्रश्न 4.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(क) ………………….. तथा ………………….. जीवाश्म ईंधन हैं।
(ख) पेट्रोलियम के विभिन्न संघटकों को पृथक् करने का प्रक्रम ………………….. कहलाता है।
(ग) वाहनों के लिए सबसे कम प्रदूषक ईंधन ………………….. है ।
उत्तर:
(क) कोयला, पेट्रोलियम,
(ख) परिष्करण
(ग) सीएनजी।

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प्रश्न 5.
निम्नलिखित कथनों के सामने सत्य/असत्य लिखिए
(क) जीवाश्म ईंधन प्रयोगशाला में बनाए जा सकते हैं।
(ख) पेट्रोल की अपेक्षा सीएनजी अधिक प्रदूषक ईंधन
(ग) कोक, कार्बन का लगभग शुद्ध रूप है ।
(घ) कोलतार विभिन्न पदार्थों का मिश्रण है।
(ङ) मिट्टी का तेल एक जीवाश्म ईंधन नहीं है।
उत्तर:
(क) असत्य
(ख) असत्य
(ग) सत्य
(घ) सत्य
(ङ) असत्य ।

प्रश्न 6.
समझाइए, जीवाश्म ईंधन समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन क्यों हैं ?
उत्तर:
जीवाश्म ईंधन मृत जीवों के अवशेषों से प्राप्त होते हैं । इनको बनने की प्रक्रिया में लाखों वर्ष व्यतीत हो जाते हैं। इस कारण जीवाश्म ईंधन काफी सीमित मात्रा में ही उपलब्ध होते हैं तथा मानव के द्वारा यह अत्यधिक मात्रा में प्रयोग में लाए जाते हैं और समाप्त हो सकते हैं । इसी कारण जीवाश्म ईंधन समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन हैं।

प्रश्न 7.
कोक के अभिलक्षणों और उपयोगों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
कोक के अभिलक्षण : यह कठोर, सरंध्रयुक्त और काले रंग का होता है। यह विद्युत तथा ऊष्मा दोनों का कुचालक है। कोक के उपयोग : यह एक अच्छा घरेलू ईंधन है, जो जलने पर धुंआ नहीं छोड़ता है । यह कृत्रिम ग्रेफाइट बनाने तथा धातुओं जैसे- कॉपर, लोहा, जिंक, लैड, टिन आदि के निष्कर्षण के काम आता है ।

प्रश्न 8.
पेट्रोलियम-निर्माण के प्रक्रम को समझाइए।
उत्तर:
पेट्रोलियम का निर्माण :
पेट्रोलियम का निर्माण समुद्र में रहने वाले सूक्ष्म जीवाणुओं की सहायता से होता है । मृत्यु के पश्चात् ये सागर की गहराई में जाकर तली तक पहुंच जाते हैं तथा धीरे-धीरे ये रेत और मिट्टी से ढंकने लगते हैं । करोड़ों वर्षों के बाद उत्प्रेरक क्रिया तथा गर्मी के कारण यह हाइड्रोकार्बन में बदल जाते हैं । ये हाइड्रोकार्बन हल्के होने के कारण छिद्रयुक्त चट्टानों से रिसकर पृथ्वी की सतह की ओर तब तक आते रहते हैं, जब तक अपारगम्य चट्टानें उन्हें रोक नहीं लेतीं । इस प्रकार इन अपारगम्य चट्टानों के बीच तेल कूप बन जाते हैं, चूंकि तेल व गैस जल से हल्के होते हैं, अत: यह जल के साथ मिश्रित नहीं होते तथा ऊपर तैरने लगते है ।

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प्रश्न 9.
निम्नलिखित सारणी में 2004 से 2010 तक भारत में विद्युत की कुल कमी को दिखाया गया है । इन आंकड़ों को ग्राफ द्वारा आलेखित करिए । वर्ष में कमी प्रतिशतता को.Y- अक्ष पर तथा वर्ष को x- अक्ष, पर आलेखित करिए।

वर्षकमी %
20047.8
20058.6
20069.0
20079.5
20089.9
200911.2

उत्तर:
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 कोयला और पेट्रोलियम -1

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 कोयला और पेट्रोलियम

HBSE 8th Class Science कोयला और पेट्रोलियम Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. निम्नलिखित में से समाप्त होने वाला प्राकृतिक संसाध न है
(अ) सूर्य का प्रकाश
(ब) वायु
(स) पेट्रोलियम
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं ।
उत्तर:
(स) पेट्रोलियम

2. मृत पेड़-पौधों के धीमे प्रक्रम द्वारा कोयले में परिवर्तित होने को कहते हैं –
(अ) हाइड्रोजनीकरण
(ब) कार्बनीकरण
(स) ऑक्सीकरण
(द) अपचयन ।
उत्तर:
(ब) कार्बनीकरण

3. सीएनजी का पूरा नाम है –
(अ) संपीडित प्राकृतिक गैस
(ब) कोयला प्राकृतिक गैस
(स) कोलतार प्राकृतिक गैस
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं ।
उत्तर:
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं ।

4. पेन्ट एवं सड़क निर्माण में पेट्रोलियम का निम्न में से कौन-सा घटक प्रयुक्त होता है ।
(अ) एलपीजी
(ब) डीजल
(स) पैराफिन मोम
(द) बिटुमेन
उत्तर:
(द) बिटुमेन

5. PCRA द्वारा सलाह दी जाती है –
(अ) वाहन चलाने के सम्बन्ध में
(ब) वाहन चलाते समय पेट्रोल/डीजल बचाने के सम्बन्ध में
(स) अधिक पेट्रोल डीजल उपयोग करने के सम्बन्ध में
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं ।
उत्तर:
(ब) वाहन चलाते समय पेट्रोल/डीजल बचाने के सम्बन्ध में

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रिक्त स्थान पूर्ति

(क) संसाधन जो प्रकृति द्वारा उपलब्ध कराये जाते हैं, ……………. संसाधन कहलाते हैं।
(ख), मृत वनस्पति के धीमे प्रकम द्वारा कोयले में परिवर्तन को ……………. कहते हैं।
(ग) कोयले के प्रक्रमण द्वारा कोक बनाते समय ………………. प्राप्त होती है।
(घ) प्राकृतिक गैस को …………… दाब पर संपीडित प्राकृतिक गैस के रूप में भंडारित किया जाता है।
उत्तर:
(क) प्राकृतिक
(ख) कार्बनीकरण
(ग) कोयला गैस
(घ) उच्च।

सुमेलन

कॉलम ‘अ’कॉलम ‘ब’
(i) सूर्य का प्रकाश(क) पेट्रोलियम
(ii) कोयला(ख) अक्षय प्राकृतिक संसाधन
(iii) काला सोना(ग) कोलतार
(iv) अप्रिय गंध वाला काला गाढ़ा द्रव(घ) समाप्त होने वाला प्राकृतिक संसाधन

उत्तर:

कॉलम ‘अ’कॉलम ‘ब’
(i) सूर्य का प्रकाश(ख) अक्षय प्राकृतिक संसाधन
(ii) कोयला(घ) समाप्त होने वाला प्राकृतिक संसाधन
(iii) काला सोना(क) पेट्रोलियम
(iv) अप्रिय गंध वाला काला गाढ़ा द्रव(ग) कोलतार

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सत्य / असत्य कथन

(क) कोक एक कठोर, सरंध्र और काला पदार्थ है।
(ख) प्राकृतिक गैस को निम्न दाब पर सीएनजी के रूप में भंडारित किया जाता है।
(ग) बिटुमेन का उपयोग स्नेहन के रूप में किया जाता है।
(घ) कोयला और पेट्रोलियम जीवाश्म ईधन हैं।
उत्तर:
(क) सत्य
(ख) असत्य
(ग) असत्य
(घ) सत्य।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अक्षय प्राकृतिक संसाधन क्या हैं ?
उत्तर:
वे संसाधन जो प्रकृति में असीमित मात्रा में उपस्थित हैं और मानवीय क्रियाकलापों से समाप्त नहीं होते, अक्षय प्राकृतिक संसाधन कहलाते हैं।
उदाहरण : सूर्य का प्रकाश, वायु आदि ।

प्रश्न 2.
समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधनों से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
वे संसाधन जो प्रकृति में सीमित मात्रा में उपस्थित हैं एवं जो मानवीय क्रियाकलापों द्वारा समाप्त हो सकते हैं, समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन कहलाते हैं।
उदाहरण : कोयला, पेट्रोलियम आदि।

प्रश्न 3.
दैनिक जीवन में उपयोग में आने वाले कुछ प्राकृतिक पदार्थों के नाम लिखिए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
खनिज, जल, सूर्य का प्रकाश, पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल आदि।

प्रश्न 4.
दैनिक जीवन में उपयोग में आने वाले कुछ मानव-निर्मित पदार्थों के नाम लिखिए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
प्लास्टिक, रेशा, संश्लेषित रबर, मोटर टायर, बैटरी आदि।

प्रश्न 5.
जीवाश्म ईंधन किसे कहते हैं ?
उत्तर:
जीवाश्म ईंधन : ऐसे ईंधन जो सजीवों के मृत अवशेषों से मृदा में दबने के कारण कई करोड़ वर्षों बाद प्रकृति में परिवर्तित हुए, जीवाश्म ईंधन कहलाते हैं ।

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प्रश्न 6.
यदि कोयले को वायु में जलाया जाए तो क्या होगा?
उत्तर:
कार्बन-डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न होगी ।

प्रश्न 7.
कार्बनीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर:
मृत वनस्पति के धीमे प्रक्रम द्वारा कोयले में परिवर्तन को कार्बनीकरण कहते हैं।

प्रश्न 8.
कोक कैसा पदार्थ है?
उत्तर:
कोक एक कठोर, सरंध्र और काला पदार्थ है। यह कार्बन का लगभग शुद्ध रूप है।

प्रश्न 9.
कोक के दो उपयोग लिखिए।
उत्तर:
कोक का उपयोग निम्नलिखित है-
(i) इस्पात के औद्योगिक निर्माण में।
(ii) धातुओं के निष्कर्षण में।

प्रश्न 10.
बिटुमेन किस काम आता है?
उत्तर:
इसका उपयोग सड़क के निर्माण में किया जाता

प्रश्न 11.
कोयला गैस कैसे प्राप्त होती है?
उत्तर:
कोयले के प्रक्रमण द्वारा कोक बनाते समय कोयला गैस प्राप्त होती है।

प्रश्न 12.
परिष्करण किसे कहते हैं ?
उत्तर:
पेट्रोलियम के प्रभाजों को पृथक् करने का प्रक्रम परिष्करण कहलाता है।

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प्रश्न 13.
सीएनजी का पूरा नाम क्या है ?
उत्तर:
संपीडित प्राकृतिक गैस (Compressed Natural Gas)

प्रश्न 14.
घरों में उपयोग की जाने वाली पेट्रोलियम गैस का नाम लिखिए।
उत्तर:
एलपीजी (द्रवित पेट्रोलियम गैस) ।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रकृति में पाए जाने वाले प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार लिखिए ।
उत्तर:
प्रकृति में पाये जाने वाले प्राकृतिक संसाधनों को दो वर्गों में बाँटा गया है
(1) अक्षय प्राकृतिक संसाधन – ये संसाधन प्रकृति में असीमित मात्रा में उपस्थित हैं तथा मानव क्रियाकलापों द्वारा समाप्त नहीं हो सकते है। उदाहरण- सूर्य का प्रकाश, वायु आदि ।
(2) समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन – प्रकृति में इन स्रोतों की मात्रा सीमित है तथा मानव क्रियाकलापों द्वारा ये समाप्त हो सकते हैं । उदाहरण- वन, खनिज, कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस आदि ।

प्रश्न 2.
कोलतार क्या है ? इसका क्या उपयोग है?
उत्तर:
यह काले रंग वाला गाढ़ा द्रव है । यह लगभग 200 । पदार्थों का मिश्रण है। कोलतार से प्राप्त उत्पादों का उपयोग प्रारम्भिक पदार्थों के रूप में होता है। दैनिक जीवन में काम आने वाले विभिन्न पदार्थों के औद्योगिक निर्माण में तथा उद्योगों, जैसे – संश्लेषित रंग, औषधि, पेन्ट, प्लास्टिक, छत. के निर्माण के लिए सामग्री इत्यादि में इसका उपयोग होता है। नैफ्थलीन की गोलियाँ भी कोलतार से प्राप्त की जाती हैं।

प्रश्न 3.
पेट्रोलियम क्या है ? इसके परिष्करण से कौन-कौन से पदार्थ प्राप्त होते हैं ?
उत्तर:
पेट्रोलियम गहरे रंग का तेलीय द्रव है, इसकी गंध अप्रिय होती है। पेट्रोलियम को जीवाश्मी ईंधन भी कहते हैं । पेट्रोलियम के परिष्करण से पेट्रोलियम गैस, पेट्रोल, डीजल, स्नेहक तेल, पैराफिन मोम आदि प्राप्त होते हैं ।

प्रश्न 4.
प्राकृतिक गैस महत्वपूर्ण क्यों है तथा इसका क्या उपयोग है ?
उत्तर:
यह एक बहुत महत्वपूर्ण जीवाश्म ईंधन है, क्योंकि इसे पाइप द्वारा कहीं भी पहुंचाया जा सकता है। प्राकृतिक गैस को उच्च दाब पर संपीडित प्राकृतिक गैस के रूप में स्टोर किया जाता है।.CNG का प्रयोग कुछ समय से परिवहन वाहनों में ईंधन के रूप में किया जा रहा है ।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 कोयला और पेट्रोलियम

प्रश्न 5.
पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ (PCRA) द्वारा पेट्रोल – डीजल बचत के लिए दिए गए सुझावों को लिखिए।
उत्तर:
पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं –
(1) जहाँ तक सम्भव हो गाड़ी एक समान एवं मध्यम गति से चलानी चाहिए ।
(2) यातायात लाइटों पर अथवा जहाँ प्रतीक्षा करनी हो, गाड़ी का इंजन बंद कर देना चाहिए ।
(3) गाड़ी का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित करना चाहिए।
(4) टायरों में हवा का दबाव उचित रखना चाहिए।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस के भण्डार का चित्र बनाइये।
उत्तर:
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 5 कोयला और पेट्रोलियम -2

प्रश्न 2.
पेट्रोलियम के विभिन्न संघटकों को उपयोग सहित लिखिए।
उत्तर:
पेट्रोलियम के विभिन्न संघटक –
1. द्रवित पेट्रोलियम गैस : इसका उपयोग घरों और उद्योगों में ईंधन के रूप में किया जाता है।
2. मिट्टी का तेल : इसका प्रयोग स्टोव, लैम्प और जेट वायुयान के लिए ईंधन के रूप में किया जाता है।
3. पेट्रोल : इसका प्रयोग मोटरकारों में, वैमानिक ईंधन के रूप में तथा शुष्क धुलाई के लिए विलायक के रूप में होता है।
4. डीजल : विद्युत जनित्रों तथा भारी मोटर वाहनों के लिए ईंधन के रूप में किया जाता है ।
5. स्नेहक तेल : वाहनों के इंजन में स्नेहन के लिए प्रयुक्त होता है।
6. पैराफिन मोम : मरहम, मोमबत्ती, वैसलीन इत्यादि में।
7. बिटुमेन : पेन्ट तथा सड़क निर्माण में ।

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कोयला और पेट्रोलियम Class 8 HBSE Notes in Hindi

→ ईंधन (Fuel) : ऐसे पदार्थ जो पूर्ण दहन करने पर ऊष्मा देते हैं, ईंधान कहलाते हैं।

→ अक्षय प्राकृतिक संसाधन (Inexhaustible Resources) : ऐसे संसाधन जो प्रकृति में असीमित मात्रा में उपस्थित हैं, अक्षय प्राकृतिक संसाधन कहलाते हैं।

→ समाप्त होने वाले संसाधन (Exhaustible Resources) : ऐसे संसाधन जो प्रकृति में सीमित मात्रा में उपस्थित हैं एवं जो मानवीय क्रियाकलापों द्वारा समाप्त हो सकते हैं, समाप्त होने वाले संसाधन कहलाते हैं।

→ जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) : ईंधन जिनका निर्माण सजीव प्राणियों के मृत अवशेषों (जीवाश्मों) से होता है, जीवाश्म ईंधन कहलाते हैं।

→ कोयला (Coal) : एक जीवाश्म ईंधन जो कार्बनीकरण का उत्पाद है ।

→ कार्बनीकरण (Carbonisation) : मृदा के नीचे दबी हुई मृत वनस्पति’ के उच्च ताप और दाब के कारण, धीमे प्रक्रम द्वारा कोयले में परिवर्तित होने के क्रम को ‘कार्बनीकरण’ कहते हैं।

→ कोयले का प्रक्रमण (Destructive distillation of Coal) : कोयले को 1000 °C ताप से अधिक पर गर्म करने का प्रक्रम ‘प्रक्रमण’ कहलाता है।

→ परिष्करण (Refining) : पेट्रोलियम से अशुद्धियों को दूर करने तथा प्रभाजों को पृथक् करने का प्रक्रम ? ‘परिष्करण’ कहलाता है।

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HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

Haryana State Board HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

HBSE 8th Class Science पदार्थ: धातु और अधातु InText Questions and Answers

पहेली बूझो

(पृष्ठ संख्या – 47)

प्रश्न 1.
क्या कॉपर में भी जंग लगता है? मैंने कॉपर के बर्तनों की सतह पर हरा पदार्थ जमा हुआ देखा है ?
उत्तर:
जब कॉपर के बर्तन को लम्बे समय तक नम वायु में खुला रखा जाता है तो उस पर एक हल्की हरी परत जम जाती है। यह हरा पदार्थ कॉपर हाइड्रॉक्साइड [Cu(OH)2] और कॉपर कार्बोनेट [CuCO3] का मिश्रण होता है। अभिक्रिया निम्नलिखित है –
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु -1

(पृष्ठ संख्या – 52)

प्रश्न 2.
मैंने सुना है पौधों में मैग्नीशियम पाया जाता है। यह उनमें किस रूप में पाया जाता है?
उत्तर :
पौधों में मैग्नीशियम, मैग्नीशियम ऑक्साइड के रूप में पाया जाता है। प्रश्न 3. डॉक्टर ने मेरे शरीर में आयरन की कमी बताई है। मेरे शरीर में आयरन कहाँ है ? (पृष्ठ संख्या-52) उत्तर : आयरन, शरीर के रक्त में पाया जाता है । मानव शरीर का अधिकांश आयरन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

HBSE 8th Class Science संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से किसको पीटकर पतली चादरों में परिवर्तित किया जा सकता है ?
(क) जिंक
(ख) फॉस्फोरस
(ग) सल्फर
(घ) ऑक्सीजन।
उत्तरः
(क) जिंक ।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ?
(क) सभी धातुएँ तन्य होती हैं।
(ख) सभी अधातुएँ तन्य होती हैं।
(ग) सामान्यतः धातुएँ तन्य होती हैं।
(घ) कुछ अधातुएँ तन्य होती हैं।
उत्तर :
(ग) सामान्यतः धातुएँ तन्य होती हैं।

प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
(क) फॉस्फोरस बहुत …………………… अधातु है।
(ख) धातुएँ ऊष्मा और …………………… की …………………… होती हैं।
(ग) आयरन, कॉपर की अपेक्षा …………………… अभिक्रियाशील है।
(घ) धातुएँ, अम्लों से अभिक्रिया कर …………………… गैस बनाती हैं।
उत्तर:
(क) अभिक्रियाशील
(ख) विद्युत, सुचालक
(ग) अधिक
(घ) हाइड्रोजन ।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

प्रश्न 4.
यदि कथन सही है तो ‘T’ और यदि गलत है तो कोष्ठक में ‘F’ लिखिए-
(क) सामान्यतः अधातु अम्लों से अभिक्रिया करते हैं।
(ख) सोडियम बहुत अभिक्रियाशील धातु है।
(ग) कॉपर, जिंक सल्फेट के विलयन से जिंक विस्थापित करता है।
(घ) कोयले को खींचकर तारें प्राप्त की जा सकती हैं।
उत्तर:
(क) सामान्यतः अधातु अम्लों से अभिक्रिया करते हैं। (F)
(ख) सोडियम बहुत अभिक्रियाशील धातु है। (T)
(ग) कॉपर, जिंक सल्फेट के विलयन से जिंक विस्थापित करता है। (F)
(घ) कोयले को खींचकर तारें प्राप्त की जा सकती हैं। (F)

प्रश्न 5.
नीचे दी गई सारणी में गुणों की सूची दी गई है । इन गुणों के आधार पर धातुओं और अधातुओं में अन्तर कीजिए
उत्तर:

क्र. गुणधातुअधातु
1. दिखावटचमकीलीविभिन्न रंगों में
2. कठोरताकक्ष ताप पर ठोस और कठोरकक्ष ताप पर ठोस, तरल और गैस तथा भुरभुरी
3. आघातवर्धनीयताआघातवर्धनीय होती हैं। पीटकर शीटें बनाई जा सकती हैंभगुर होती है, चोट मारने पर टूट जाती है
4. तन्यताखींचकर तार बनाया जा सकता है।यह अतन्य होती हैं।
5. ऊष्माचालनउपस्थितिअनुपस्थित
6. विद्युतचालनविद्युत चालक होती हैं।ग्रेफाइट को छोड़कर सभी कुचालक होती हैं।

प्रश्न 6.
निम्नलिखित के लिए कारण दीजिए –
(क) ऐलुमिनियम की पन्नी का उपयोग खाद्य सामग्री को लपेटने में किया जाता है।
(ख) निमज्जन छड़ें (इमरशन रॉड) धात्विक पदार्थों से निर्मित होती हैं।
(ग) कॉपर, जिंक को उसके लवण के विलयन से = विस्थापित नहीं कर सकता ।
(घ) सोडियम और पोटैशियम को मिट्टी के तेल में रखा जाता है।
उत्तर:
(क) अन्य धातुओं की अपेक्षा धातुएँ अधिक आघातवर्धनीय होती हैं । इसलिए ऐलुमिनियम की पतली चादरें (शीट) बनाई जा सकती हैं । साथ ही एल्युमिनियम संक्षारण विरोधी धातु भी है। इस कारण ऐलुमिनियम की पन्नी का प्रयोग खाद्य सामग्री लपेटने में किया जाता है।

(ख) धातुएँ ऊष्मा और विद्युत दोनों की सुचालक होती हैं। इसलिए निमन्जन छड़ें धातुओं की बनाई जाती हैं।

(ग) कॉपर, जिंक से कम सक्रिय होता है और सिर्फ अधिक अभिक्रियाशील ही कम अभिक्रियाशील को विस्थापित कर सकता है। इसलिए उसे विस्थापित नहीं कर सकता ।

(घ) सोडियम और पोटैशियम दोनों अधिक क्रियाशील धातुएँ हैं । ये वातावरण और जल के साथ काफी तीव्रता से क्रिया करती हैं और जल उठती हैं । इसलिए वायु तथा नमी से अलग रखने के लिए इन्हें मिट्टी के तेल में रखा जाता है।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

प्रश्न 7.
क्या आप नींबू के अचार को ऐलुमिनियम के पात्र में रख सकते हैं । स्पष्ट करिए ।
उत्तर:
नहीं । नींबू के अचार में सिट्रिक अम्ल होता है, जिससे इसकी प्रकृति अम्लीय होती है । अम्लीय पदार्थ ऐलुमिनियम पात्रों में संचित नहीं किए जाते, क्योंकि अम्ल और ऐलुमिनियम अभिक्रिया करके विषैला पदार्थ बनाते हैं, जो स्वास्थ्य विरोधी होते हैं।

प्रश्न 8.
नीचे दी गई सारणी के कॉलम ‘I’ में कुछ पदार्थ दिये गये हैं । कॉलम II’ में उनके कुछ उपयोग दिये गये हैं। कॉलम ‘I’ के पदार्थ का कॉलम ‘II’ से सही मिलान करिए –

कॉलम – Iकॉलम – II
1. गोल्ड1. थर्मामीटर
2. आयरन2. बिजली के तार
3. ऐलुमिनियम3. खाद्य सामग्री लपेटना
4. कार्बन4. आभूषण
5.कॉपर5. मशीनें
6. मर्करी6. ईधन

उत्तर:

कॉलम – Iकॉलम – II
1. गोल्ड4. आभूषण
2. आयरन5. मशीनें
3. ऐलुमिनियम3. खाद्य सामग्री लपेटना
4. कार्बन6. ईधन
5.कॉपर2. बिजली के तार
6. मर्करी1. थर्मामीटर

प्रश्न 9.
क्या होता है जब –
(क) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल कॉपर प्लेट पर डाला जाता है?
(ख) लोहे की कील, कॉपर सल्फेट के विलयन में रखी जाती है? संबंधित अभिक्रियाओं के शब्द समीकरण लिखिए।
उत्तर:
(क) जब तनु सल्फ्यूरिक अम्ल कॉपर प्लेट पर डाला जाता है तो कॉपर सल्फेट जल तथा सल्फर डाइ ऑक्साइड उत्पन्न होती है ।
Cu + 2H2SO4 → CusO4+ 2H2O↑+SO2

(ख) आयरन, कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर को विस्थापित कर देता है. यह आयरन सल्फेट तथा कॉपर बनाता है।
CuSO4 + Fe → FeSO4+Cu

प्रश्न 10.
सलोनी ने लकड़ी के कोयले का जलता हुआ टुकड़ा लिया और उससे उत्सर्जित होने वाली गैस को एक परखनली में इकट्ठा किया –
(क) वह गैस की प्रकृति कैसे ज्ञात करेगी ?
(ख) इस प्रक्रम में होने वाली सभी अभिक्रियाओं के शब्द समीकरण लिखिए।
उत्तर:
(क) गैस की प्रकृति लाइम जल (चूने का पानी) या जलती हुई माचिस की तीली से ज्ञात की जा सकती है । चूने का पानी दूधिया हो जायेगा या माचिस की तीली बुझ जाएगी।
(ख) C + O2(g) → CO2(g)
कार्बन ऑक्सीजन कार्बन डाई ऑक्साइड

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

प्रश्न 11.
एक दिन रीता अपनी माँ के साथ आभूषण विक्रेता की दुकान पर गई । उसकी माँ ने सुनार को पॉलिश करने हेतु सोने के पुराने आभूषण दिए । अगले दिन जब वे आभूषण वापस लाईं तो उन्होंने पाया कि उनका भार कुछ कम हो गया है । क्या आप भार में कमी का कारण बता सकते हैं ?
उत्तर:
सुनार आभूषण साफ करने के लिए एक्वारीजिया (Aquaregia) नामक’ विलयन का उपयोग करते हैं क्योंकि सोना इस विलयन में घुल जाता है, इसलिए सोने के भार में कमी आ जाती है । एक्वारीजिया हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) के तीन भाग तथा नाइट्रिक अम्ल (HNO3) के एक भाग को मिलाकर बनाया जाता है ।

HBSE 8th Class Science संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. कॉपर के बर्तन पर जमने वाली हरी पर्त होती है?
(अ) कॉपर हाइड्रॉक्साइड
(ब) कॉपर कार्बोनेट
(स) कॉपर हाइड्रॉक्साइड एवं कॉपर कार्बोनेट का मिश्रण
(द) इनमें से कोई नहीं ।
उत्तर:
(स) कॉपर हाइड्रॉक्साइड एवं कॉपर कार्बोनेट का मिश्रण

2. जो धातु ध्वनियाँ उत्पन्न करते हैं, उन्हें कहते हैं
(अ) गाने वाली धातु
(ब) ध्वनि स्रोत
(स) ध्वानिक
(द) इनमे से कोई नहीं ।
उत्तर:
(स) ध्वानिक

3. ऐसी धातु जो कमरे के तापमान पर द्रव है-
(अ) पोटैशियम
(ब) लोहा
(से) सोडियम
(द) पारा (मर्करी) ।
उत्तर:
(द) पारा (मर्करी) ।

4. निम्न में आघातवर्धनीय नहीं है
(अ) लोहा
(ब) ताँबा
(स) सोना
(द) कोयला।
उत्तर:
(द) कोयला।

5. वह अधातु जो वायु में खुला रखने पर आग पकड़ लेती है, वह है –
(अ) सोडियम
(ब) पोटैशियम
(स) जिंक
(द) फॉस्फोरस।
उत्तर:
(द) फॉस्फोरस।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

रिक्त स्थान पूर्ति

(क) धातुओं का गुण जिसके कारण उन्हें पीटकर शीट में …………………. परिवर्तित किया जा सकता है, …………………. कहलाता है।
(ख) अधातु ऊष्मा तथा विद्युत के …………………. हैं।
(ग) सल्फ्यूरस अम्ल नीले लिटमस पत्र को …………………. कर देता है।
(घ) जिंक, कॉपर और आयरन से …………………. अभिक्रियाशील है।
उत्तर:
(क) आघातवर्धनीयता
(ख) कुचालक
(ग) लाल
(घ) अधिक।

सुमेलन

कॉलम – Iकॉलम – II
(i) जिंक सल्फेट(क) Cu(OH)2
(ii) कॉपर सल्फेट(ख) FeSO4
(iii) आयरन सल्फेट(ग) ZnSO4
(iv) कॉपर हाइड्राक्साइड(घ) CuSO4

उत्तर:

कॉलम – Iकॉलम – II
(i) जिंक सल्फेट(ग) ZnSO4
(ii) कॉपर सल्फेट(घ) CuSO4
(iii) आयरन सल्फेट(ख) FeSO4
(iv) कॉपर हाइड्राक्साइड(क) Cu(OH)2

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

सत्य / असत्य कथन

(क) धातुओं का वह गुण जिससे उन्हें खींचकर तारों में परिवर्तित किया जा सकता है, तन्यता कहलाता है।
(ख) ऐलुमिनियम एक अधातु है।
(ग) फॉस्फोरस एक अधातु है।
(घ) अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते
उत्तर:
(क) सत्य
(ख) असत्य
(ग) सत्य
(घ) सत्य।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आघातवर्धनीयता से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें पीटकर चादरें (शीटें) बनाई जाती हैं, आघातवर्धनीयता कहलाती है।

प्रश्न 2.
तन्यता की परिभाषा लिखिए।
उत्तर:
धातुओं का वह गुण जिसके कारण उनके तार खींचे जा सकते हैं, तन्यता कहलाती है।

प्रश्न 3.
किन धातुओं से विद्युत तार बनाये जाते हैं?
उत्तर:
कॉपर (तांबा), ऐलुमिनियम ।

प्रश्न 4.
आभूषण बनाने में स्वर्ण (गोल्ड) को वरीयता क्यों दी जाती है ?
उत्तर:
स्वर्ण (गोल्ड) मुलायम होने के कारण आसानी से सांचे में ढाला जा सकता है ।

प्रश्न 5.
धातुओं का प्रयोग मशीनें बनाने में क्यों होता है?
उत्तर:
धातुएँ कठोर होती हैं और अधिक तापमान पर अपना अस्तित्व बनाये रखती हैं।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

प्रश्न 6.
धातुओं को लोहार किस प्रकार ढालता है?
उत्तर
लोहार धातुओं को अपनी भट्टी में रक्ततप्त गर्म करके हथौड़े से प्रहार कर ढालता है।

प्रश्न 7.
वो ऐसी धातुएँ जिन्हें चाकू से सरलतापूर्वक काटा जा सकता है, उन्हें लिखिए
उत्तर;
(i) पोटैशियम
(ii) सोडियम

प्रश्न 8.
धातुएँ आभूषणों में क्यों उपयोगी होती हैं?
उत्तर:
धात्विक चमक के गुण के कारण ।

प्रश्न 9.
थर्मामीटर में कौन-सी धातु का प्रयोग होता है?
उत्तर:
मरकरी (पारा) ।

प्रश्न 10.
सल्फ्यूरस अम्ल का लिटमस पत्र पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
सल्फ्यूरस अम्ल नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है।

प्रश्न 11.
फॉस्फोरस को वायु में खुला रखने पर इस पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर;
फॉस्फोरस को वायु में खुला रखने पर यह आग पकड़ लेता है।

प्रश्न 12.
धातु की सोडियम हाइड्रॉक्साइड से अभिक्रिया करने पर कौन सी गैस उत्पन्न होती है?
उत्तर:
हाइड्रोजन गैस।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

प्रश्न 13.
ताँबे की छीलन को आयरन सल्फेट विलयन में डालने पर क्या होता है?
उत्तर:
कोई अभिक्रिया नहीं होती क्योंकि ताँबा आयरन की अपेक्षा कम अभिक्रियाशील होता है।

प्रश्न 14.
एक लोहे की कील को जिंक सल्फेट के विलयन में डालने पर क्या होता है? ।
उत्तर:
कोई क्रिया नहीं होती।।

प्रश्न 15.
आयरन की जंग के विलयन का लिटमस पत्र पर क्या प्रभाव पड़ता है? इस विलयन की प्रकृति बताइए।
उत्तर:
आयरन की जंग की विलयन लाल लिटमस पत्र को नीला कर देता है अर्थात आयरन की जंग (जलीय आयरन आक्साइड) का विलयन क्षारीय प्रकृति का है।

प्रश्न 16.
जल को शुद्ध करने में किस अधातु का प्रयोग किया जाता है?
उत्तर:
अजान ।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
धातु एवं अधातु शब्दों को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
धातु : वे पदार्थ जो कठोर, आघातवर्ध्य, तन्य, व विद्युत के सुचालक होते हैं. धात कहलाते हैं। जैसे – आयरन, कॉपर, ताँबा आदि ।
अधातु : वे पदार्थ जो दिखने में मलिन एवं नरम होते हैं तथा हथौड़े के प्रहार से टूटकर चूरा हो जाते हैं तथा ऊष्मा व विद्युत के कुचालक होते हैं, अधातु कहलाते हैं। जैसे – कोयला, सल्फर, ऑक्सीजन, फॉस्फोरस आदि ।

प्रश्न 2.
विभिन्न पदार्थों की आधातवर्धनीयता निर्धारित कीजिए- लोहे की कील, कोयले का टुकड़ा, ऐलुमिनियम की तार एवं पेंसिल लेड। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
(i) लोहे की कील को हथौड़े से पीटने पर वह चपटी हो गयी, अर्थात् यह आघातवर्धनीयता है।
(ii) कोयले के टुकड़े को हथौड़े से पीटने पर इसके टुकड़े – हो गये अर्थात् यह आघातवर्धनीयता नहीं है।
(iii) ऐलुमिनियम के तार को हथौड़े से पीटने पर यह चपटा . हो गया अर्थात् यह आघातवर्धनीयता है।
(iv) पेंसिल लेड को हथौड़े से पीटने पर इसके टुकड़े हो गये अर्थात् यह आघातवर्धनीयता नहीं हैं।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित पदार्थों की विद्युत चालकता बताइएलोहे की छड़/कील, गंधक, कोयला एवं ताँबे के तार (क्रियाकलाप)
उत्तर:

पदार्थसुचालक/कुचालक
लोहे की छड़/कीलसुचालक
गंधककुचालक
कोयलाकुचालक
ताँबे की तारकुचालक

प्रश्न 4.
धातुएँ ध्वानिक होती हैं। इसे स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
धातुओं को जब कठोर सतह से टकराया जाता है तो एक निनाद ध्वनि उत्पन्न होती है, जैसे दो बर्तनों को बजाने पर ध्वनि उत्पन्न होती है । अतः धातु गायन ध्वानियाँ उत्पन्न करते हैं । इसी कारण से धातुओं को ध्वानिक कहते हैं।

प्रश्न 5.
चांदी के आभूषण कुछ समय बाद काले क्यों हो जाते हैं ? जबकि चाँदी ऑक्सीजन के साथ आसानी से अभिक्रिया नहीं करती।।
उत्तर:
चाँदी ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया नहीं करती, परन्तु यह वायु में उपस्थित सल्फर यौगिकों से अभिक्रिया करके सिल्वर सल्फाइड की काली परत बनाती है । इसी कारण चांदी से निर्मित आभूषण कुछ समय बाद काले पड़ने लगते हैं।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

प्रश्न 6.
सल्फर व ऑक्सीजन की अभिक्रिया के बारे में बताइए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
सल्फर एवं ऑक्सीजन की अभिक्रिया होने पर सल्फर डाईऑक्साइड गैस बनती है । जब सल्फर डाई ऑक्साइड को जल में विलेय करते हैं तो सल्फ्यूरस अम्ल प्राप्त होता है, अभिक्रिया निम्नवत् है –
सल्फर डाईऑक्साइड (SO2) + जल (H2O) → सल्फ्यूरस अम्ल (H2SO3)
सल्फ्यूरस अम्ल नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है । सामान्यत: अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं।

प्रश्न 7.
क्या धातु एवं अधातु जल के साथ क्रिया करते हैं ? स्पष्ट कीजिए। उत्तर-धातुओं की जल के साथ क्रिया-कुछ धातु जैसे-सोडियम जल के साथ तीव्र अभिक्रिया करते हैं जिससे सोडियम ऑक्साइड बनता है, किन्तु अधिकतर धातुओं की जल के साथ क्रिया नहीं होती है । आयरन जल के साथ बहुत धीमी क्रिया करता है । अधातुओं की जल से क्रिया- सामान्य रूप से जल व अधातु की अभिक्रिया नहीं होती है इसीलिए कुछ अधातु जो वायु में सक्रिय हो जाती हैं, उन्हें जल में रखा जाता है। जैसे – फॉस्फोरस एक अत्यन्त सक्रिय अधातु है जिसे जल में रखा जाता है।

प्रश्न 8.
धातुओं व अम्लों की अभिक्रिया किस प्रकार होती है ?
उत्तर:
धातुएँ सामान्यतया अम्लों के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करती हैं । इसके परीक्षण के लिए यदि इस गैस को जलाया जाता है तो यह पॉप ध्वनि के साथ जलती है। सामान्यतया अधातुओं की अम्लों के साथ अभिक्रिया नहीं होती है । धातुओं के साथ अम्ल निम्न प्रकार अभिक्रिया करते हैं –
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु -2

प्रश्न 9.
सोडियम धातु जल से किस प्रकार अभिक्रिया करता है? इसके विलयन का लिटमस पत्र पर क्या प्रभाव पड़ता है। इस विलयन की प्रकृति बताइए। (क्रियाकलाप)
उत्तर- सोडियम अत्यधिक क्रियाशील धातु है, यह जल के साथ क्रिया करके ऊष्मा उत्पन्न करता है एवं सोडियम ऑक्साइड बनाता है। इसका विलयन लाल लिटमस पत्र को नौला कर देता है। यह विलयन क्षारीय होता है।

प्रश्न 10.
किसी धातु जैसे ऐलुमिनियम के टुकड़े को सोडियम हाइड्रॉक्साइड के विलयन में डालने पर कौन-सी गैस उत्पन्न होती है? इसका निर्धारण हम किस प्रकार कर सकते है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
इस अभिक्रिया में हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है। इसका निर्धारण हम परखनली के मुँह के निकट एक जलती हुई माचिस की तीली ले जाकर करते है, जिसकी पॉप ध्वनि उत्पन्न होती है। यह ध्वनि हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति दर्शाती है।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

प्रश्न 11.
यदि कॉपर सल्फेट के विलयन में जिंक का टुकड़ा छड़ डाला जाए, तो क्या होगा?
उत्तर:
जिंक कॉपर की अपेक्षा अधिक अभिक्रियाशील होने के कारण कॉपर को उसके लवणीय विलयन में से विस्थापित कर देता है।
Zn + CuSO4 → ZnSO4 + Cu

प्रश्न 12.
अधातुएँ किस उपयोग में आती हैं ?
उत्तर:
अधातुओं के कुछ उपयोग-
1. अधातुएँ जल शुद्धिकरण में प्रयोग होती हैं ।
2. अधातुएँ औषधि निर्माण में प्रयुक्त होती हैं ।
3. अधातुएँ पटाखे आदि बनाने में प्रयुक्त होती हैं ।
4. अधातुओं का प्रयोग उर्वरकों में भी होता है, जो पौधों की वृद्धि में सहायक हैं।

प्रश्न 13.
धातुओं के प्रमुख उपयोग लिखिए ।
उत्तर:
धातुओं के प्रमुख उपयोग निम्नवत् हैं –
1. धातुओं का उपयोग मशीनों, कारों, रेलगाड़ियों आदि में किया जाता है ।
2. इनका उपयोग बॉयलर में किया जाता है।
3. उपग्रह निर्माण में इनका उपयोग होता है ।
4. औद्योगिक साजो सामान, खाना बनाने के पात्रों में इनका उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 14.
यदि कॉपर सल्फेट के विलयन में एक लोहे की कील डाली जाए तो क्या होगा?
उत्तर:
लोहा (Fe) कॉपर की अपेक्षा अधिक अभिक्रिया होने के कारण कॉपर को उसके लवणीय विलयन से विस्थापित कर देता है एवं विलयन का रंग लाल हो जाता है।
Fe + CuSO → FeSO4 + Cu

प्रश्न 15.
यदि जिंक सल्फेट के विलयन में ताँबे की कील डाली जाए, तो क्या होगा?
उत्तर:
ताँबा (Cu) जिंक की अपेक्षा कम अभिक्रियाशील होता है अत: इसमें कोई क्रिया नहीं होती।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
धातुओं एवं अधातुओं में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
धातु एवं अधातु में अन्तर-

धातुएँअधातुएँ
1. धातुएँ ऊष्मा एवं विद्युत की सुचालक होती हैं।1. अधातुएँ ऊष्मा एवं विद्युत की कुचालक होती हैं (ग्रेफाइट को छोड़कर)
2. धातुएँ चमकदार होती हैं एवं उन पर पॉलिश की जा सकती है।2. अधातुएँ सामान्यत: चमकदार नहीं होतीं एवं उन पर पॉलिश नहीं की जा सकती ।
3. धातुओं के गलनांक एवं क्वथनांक सामान्यत: निम्न होते हैं।3. अधातुओं के गलनांक एवं क्वथनांक अपेक्षाकृत उच्च होते हैं।
4. धातुएँ आघातवर्धनीय तथा तन्य होती हैं।4. अधातुएँ आघातवर्धनीय एवं तन्य नहीं होती हैं।
5. धातुएँ क्षारीय ऑक्साइड बनाती हैं।5. अधातुएँ अम्लीय या उदासीन ऑक्साइड बनाती हैं।
6. धातुएँ ठोस होती है। (मर्करी को छोड़कर, मर्करी एक द्रव धातु है)6. अधातुएँ ठोस, द्रव एवं गैस हो सकती हैं।

प्रश्न 2.
धातुओं एवं अम्लों की अभिक्रियाएँ कैसे होती हैं, समझाइए।
उत्तर:
सक्रिय धातुएँ जैसे जिक, मैग्नीशियम, लोहा आदि अभिक्रियाशील श्रृंखला में हाइड्रोजन से ऊपर स्थित हैं, तनु हाइड्रोक्लोरिक और सल्फ्यूरिक अम्ल जैसे खनिज अम्लों से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन का विस्थापन करती हैं –
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु -3
ऐसी धातुएँ जो हाइड्रोजन के नीचे स्थित हैं, तनु खनिज अम्लों के साथ हाइड्रोजन का विस्थापन नहीं करतीं । उदाहरणार्थ : कॉपर तनु HCl के साथ कोई भी अभिक्रिया नहीं करता ।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ: धातु और अधातु

प्रश्न 3.
निम्नलिखित थातु एवं अधातु तनु Hcl एवं तनु H2SO, से सामान्य ताप पर एवं गर्म करने पर अभिक्रिया करते हैं अथवा नहीं, बताइए।
उत्तर:
धातु और अधातुओं की अम्लों से अभिक्रिया निम्न प्रकार होती है-
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 4 पदार्थ धातु और अधातु -4
अधातु सामान्यत: अम्लों से अभिक्रिया नहीं करते, परन्तु धातु अम्लों से अभिक्रिया करते हैं, और हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं, जो ‘पॉप’ ध्वनि के साथ जलती है । कॉपर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल से गर्म करने पर भी अभिक्रिया नहीं करता । परन्तु यह सल्फ्यूरिक अम्ल से अभिक्रिया कर लेता है।

पदार्थ: धातु और अधातु Class 8 HBSE Notes in Hindi

→ आघातवर्धनीयता (Malleability) :- धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें पीटकर शीट (चादर) में परिवर्तित किया जा सके ।

→ चालकता (Cunductance) :- धातुओं का वह गुण जिसके द्वारा ऊष्मा या विद्युत का चालन हो सके ।

→ तन्यता (Ductility) :- धातुओं का वह गुण जिससे उन्हें खींचकर तारों में परिवर्तित किया जा सके ।

→ ध्वानिक (Sonorus) :- धातुओं का वह गुण जिससे वे टकराने पर ध्वनि उत्पन्न करते हैं ।

→ चमकीलापन (Lustre) :- पदार्थों में चमकती सतह का गुण ।

→ धातु (Metal) :- वे पदार्थ जो ऊष्मां और विद्युत के सुचालक हैं, धातु कहलाते हैं।

→ अधातु (Non-metal) :- वे पदार्थ जो ऊष्मा और विद्युत के कुचालक हैं, अधातु कहलाते हैं।

→ अम्लीय ऑक्साइड (Acidic oxide) :- अधातुओं के ऑक्साइड, जिन्हें जल में घोलकर अम्ल बनाते हैं।

→ क्षारीय ऑक्साइड (Basic oxide) :- धातुओं के ऑक्साइड, जिन्हें जल में घोलकर क्षार बनाते हैं।

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HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक

Haryana State Board HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 8th Class Science Solutions Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक

HBSE 8th Class Science संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक InText Questions and Answers

पहेली बूझो

(पृष्ठ संख्या -33)

प्रश्न 1.
क्या नाइलॉन के रेशे सचमुच इतने मजबूत होते हैं कि हम उससे पैराशूट और चट्टानों पर चढ़ने की रस्सी का निर्माण कर सकते हैं ?
उत्तर:
हाँ, नाइलॉन के रेशे इतने मजबूत होते हैं । एक नाइलॉन का तार, इस्पात के तार से भी अधिक प्रबल होता है। इस कारण से उससे पैराशूट तथा चट्टानों पर चढ़ने वाली रस्सी का निर्माण किया जा सकता है।

(पृष्ठ संख्या -35)

प्रश्न 2.
मेरी माँ जल के लिए सदैव पेट (PET) बोतलें और चावल तथा चीनी संचयन के लिए पेट जार खरीदती हैं । मैं जानने के लिए उत्सुक हूँ कि आखिर यह पेट है. क्या ?
उत्तर:
पेट एक प्रकार का पॉलिएस्टर है, जो कि वजन में, हल्का, मजबूत, सस्ता तथा विद्युत का कुचालक है । इसलिए इससे निर्मित जारों, बोतलों आदि का प्रयोग चावल तथा चीनी संचयन के लिए किया जाता है । यह आसानी से मुड़ता नहीं है, किन्तु आसानी से साफ हो जाता है।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक

(पृष्ठ संख्या -35)

प्रश्न 3.
ओह ! अब मैं समझी कि मेरी माँ रसोईघर में काम करते समय पॉलिएस्टर से बने वस्त्र क्यों नहीं पहनती?
उत्तर:
पॉलिएस्टर से बने वस्त्र गर्म करने पर पिघल जाते हैं एवं पहनने वाले व्यक्ति के शरीर से चिपक जाता है।

HBSE 8th Class Science संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
कुछ रेशे संश्लेषित क्यों कहलाते हैं ?
उत्तर:
ऐसे रेशे जो मानव के द्वारा रासायनिक प्रक्रमों द्वारा बनाए जाते हैं, संश्लेषित रेशे कहलाते हैं । संश्लेषित रेशों की कच्ची सामग्री पेट्रोरसायनों से मिलती है। जो जीवाश्म ईंधन पेट्रोलियम आदि से बनते हैं, अत: ये कृत्रिम रेशे भी कहलाते हैं । ऐक्रिलिक और पॉलिएस्टर रेयान तथा नाइलॉन प्रमुख संश्लेषित रेशे हैं।

प्रश्न 2.
सही उत्तर को चिह्नित (✓) कीजिए-
रेयॉन एक संश्लेषित रेशा नहीं है, क्योकि –
(क) इसका रूप रेशम समान होता है।
(ख) इसे काष्ठ लुगदी से प्राप्त किया जाता है।
(ग) इसके रेशों को प्राकृतिक रेशों के समान बुना जा सकता है।
उत्तर:
(ख) इसे काष्ठ लुगदी से प्राप्त किया जाता है। ✓

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक

प्रश्न 3.
उचित शब्दों द्वारा रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(क) संश्लेषित रेशे …………………….. अथवा …………………….. रेशे भी कहलाते हैं।
(ख) संश्लेषित रेशे कच्चे माल से संश्लेषित किये जाते हैं, जो …………………….. कहलाता है।
(ग) संश्लेषित रेशे की भाँति प्लास्टिक भी एक ……………………. .है।
उत्तर:
(क) कृत्रिम, मानव निर्मित
(ख) पेट्रोरसायन
(ग) बहुलक ।

प्रश्न 4.
नाइलॉन रेशों से निर्मित दो वस्तुओं के नाम बताइए जो नाइलॉन रेशे की प्रबलता दर्शाती हों।
उत्तर:
(1) पैराशूट
(2) पहाड़ों पर चढ़ाई में प्रयुक्त रस्सी । ये नाइलॉन की प्रबलता को दर्शात हैं ।

प्रश्न 5.
खाद्य पदार्थों का संचयन करने हेतु प्लास्टिक पात्रों के उपयोग के तीन प्रमुख लाभ बताइए ।
उत्तर:
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक -1
प्लास्टिक पात्रों के उपयोग के प्रमुख लाभ :
(1) प्लास्टिक पात्र हल्के, मजबूत तथा लम्बे समय तक चलने वाले होते है ।
(2) प्लास्टिक पात्र सभी सम्भव । आकारों व रंग-रूप में उपलब्ध होते हैं ।
(3) प्लास्टिक पात्र ऊष्मा व विद्युत के कुचालक होते हैं, यह भोजन, पानी और वायु से क्रिया नहीं करते।

प्रश्न 6.
थर्मोप्लास्टिक और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के मध्य अन्तर को स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर:

थर्मोप्लास्टिकथर्मोसेटिंग प्लास्टिक
1. गर्म करने पर आसानी से विकृत हो जाते हैं।1. गर्म करने पर विकृत नहीं होते हैं।
2. इन्हें आसानी से मोड़ा जा सकता है।2. इन्हें आसानी से मोड़ा नहीं जा सकता है।
3. ये ऊष्मा के सुचालक होते हैं।3. ये ऊष्मा के कुचालक होते हैं।
4. इनका उपयोग कषियाँ, खिलौने और विभिन्न प्रकार के पात्रों को बनाने में किया जाता है।4. इसका उपयोग बिजली के स्विच, विभिन्न बर्तनों के हत्थे, रसोई के बर्तन बनाने में किया जाता है।
5. इनका पुन: उपयोग किया जा सकता है।5. इनका पुन: उपयोग संभव नहीं है।
6. उदाहरण- पी.वी.सी., पॉलिथीन।6. उदाहरण-बैकलाइट, मेलामाइन।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक

प्रश्न 7.
समझाइए, थमोंसेटिंग प्लास्टिक से निम्नलिखित क्यों बनाए जाते हैं-
(क) डेगची के हत्थे
(ख) विद्युत प्लग/स्विच/ प्लग बोर्ड ।
उत्तर:
(क) डेगची के हत्थे : यह थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के बनाए जाते हैं क्योंकि यह ऊष्मारोधी होते हैं तथा ऊष्मा और अग्नि को आसानी से सह लेते हैं ।
(ख) विद्युत प्लग/स्विच/प्लग बोर्ड : थर्मोसेटिंग प्लास्टिक (जैसे-बैकेलाइट) विद्युत के कुचालक होते हैं, इसलिए विद्युत प्लग, स्विच, प्लग बोर्ड आदि बनाने में इनका प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित पदार्थों को “पुनः चक्रित किये जा सकते हैं” और “पुनः चक्रित नहीं किये जा सकते हैं” में वर्गीकृत कीजिए – टेलीफोन यंत्र, प्लास्टिक खिलौने, कुकर के हत्थे, सामग्री लाने वाले थैले, बॉल प्वाइंट पेन, प्लास्टिक के कटोरे, विद्युत तारों के प्लास्टिक आवरण, प्लास्टिक की कुर्सियाँ, विद्युत स्विच।
उत्तर:
पुनः चक्रित किए जा सकते हैं: प्लास्टिक खिलौने, सामग्री लाने वाले थैले, बाल प्वाइंट पैन, प्लास्टिक के कटोरे, प्लास्टिक की कुर्सियों, विद्युत तारों के प्लास्टिक आवरण आदि ।
पुनः चक्रित नहीं किए जा सकते हैं : टेलीफोन यंत्र, कुकर के हत्थे, विद्युत स्विच आदि ।

प्रश्न 9.
राणा गर्मियों के लिए कमीजें खरीदना चाहता है । उसे सूती कमीजें खरीदनी चाहिए या संश्लेषित ? कारण सहित राणा को सलाह दीजिए।
उत्तर:
राणा को गर्मियों के लिए सूती कमीज खरीदनी चाहिए । क्योंकि सूती कमीजें छिद्रयुक्त होती हैं तथा सूती कमीजें पसीना सोखकर शरीर को सूखा रखती हैं। किन्तु संश्लेषित कमीजे न तो पसीना सोखती हैं और न ही छिद्रयुक्त होती हैं । अत: यह गर्मियों में पहनने के लिए उपयुक्त नहीं होती।

प्रश्न 10.
उदाहरण देकर प्रदर्शित कीजिए कि प्लास्टिक की प्रकृति असंक्षारक होती है।
उत्तर:
प्लास्टिक की प्रकृति असंक्षारक होती है क्योंकि यह वस्तु जल या नमी के साथ क्रिया नहीं करती है ।
उदाहरण :
(1) पानी प्लास्टिक की बोतलों में रखा जाता है ।
(2) अचार तथा अन्य खाने योग्य पदार्थ प्लास्टिक से निर्मित पात्रों में रखे जाते हैं ।
(3) अनेक औषधियों तथा रसायनों को भी प्लास्टिक में संचित किया जाता है।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक

प्रश्न 11.
क्या दाँत साफ़ करने के ब्रुश का हैण्डल और शूक (ब्रिस्टल) एक ही पदार्थ के बनाने चाहिए ? अपना उत्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
नहीं, दाँत साफ करने के बुश के हैण्डल व शूक अलग पदार्थों के बने होने चाहिए । इसका कारण है कि हैंण्डल सहारे (पकड़ने) के लिए होता है, इसे सख्त और मजबूत होना चाहिए । शूक दाँतों की सफाई के लिए है, इन्हें नरम, लचकीले व मजबूत होने चाहिए।

प्रश्न 12.
“जहाँ तक संभव हो प्लास्टिक के उपयोग से बचिए”, इस कथन पर सलाह दीजिए।
उत्तर:
प्लास्टिक बहुत उपयोगी पदार्थ होते हुए भी पर्यावरण हितैषी नहीं है । यह न जल्दी जलकर नष्ट होता है और न ही प्राकृतिक जीवाणुओं द्वारा आसानी से अपघटित होता है । लापरवाही के कारण इधर-उधर फेंकी गई पॉलिथीन की थैलियाँ नालियों को रोक देती हैं, उदाहरण के लिए लोग चिप्स, बिस्कुट और अन्य रैपरों में आने वाले खाद्य सामानों के उपयोग के बाद प्लास्टिक को सड़क, उद्यान या पिकनिक स्थान पर फेंक देते हैं । खाद्य अपशिष्ट खाने के प्रक्रम में पश पॉलिथीनकी थैलियाँ और रैपर निगल जाते हैं यह प्लास्टिक पदार्थ इन पशुओं के श्वसन तंत्र में बाधा उत्पन्न करते हैं अथवा आमाशय में जमकर एक अस्तर बनाते हैं, जिससे यह उनकी मृत्यु का कारण भी बन सकता है । इसलिए हमें इसका उपयोग करते समय 5R सिद्धांतों को याद रखना चाहिए-पुन: उपयोग कीजिए (Reuse), पुनः प्राप्त कीजिए (Recover), पुनः चक्रित काजिए (Recycle), उपयोग कम कीजिए (Reduce), उपयोग ना करना (Refuse)।

प्रश्न 13.
कॉलम ‘अ’ के पदों का कॉलम ‘ब’ में दिए गए वाक्य खण्डों से सही मिलान कीजिए-

कॉलम ‘अ’कॉलम ‘ब’
(a) पॉलिएस्टर(i) काष्ठ लुगदी का उपयोग कर तैयार किया जाता है।
(b) टेपलॉन(ii) पैराशूट और मोजा बनाने में उपयोग किया जाता है।
(c) रेयॉन(iii) न चिपकने वाले भोजन बनाने के पात्रों के निर्माण में उपयोग किया जाता है।
(d) नाइलॉन(iv) कपड़े में आसानी से बल नहीं पड़ते।

उत्तर:

कॉलम ‘अ’कॉलम ‘ब’
(a) पॉलिएस्टर(iv) कपड़े में आसानी से बल नहीं पड़ते।
(b) टेपलॉन(iii) न चिपकने वाले भोजन बनाने के पात्रों के निर्माण में उपयोग किया जाता है।
(c) रेयॉन(i) काष्ठ लुगदी का उपयोग कर तैयार किया जाता है।
(d) नाइलॉन(ii) पैराशूट और मोजा बनाने में उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 14.
“संश्लेषित रेशों का औद्योगिक निर्माण वास्तव में वनों के संरक्षण में सहायक हो रहा है ।” टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
प्राकृतिक रेशे प्राकृतिक स्रोतों से मिलते हैं, किन्तु संश्लेषित रेशों का निर्माण पेट्रोरसायन से प्राप्त कच्चे माल से होता है । इससे स्पष्ट होता है कि संश्लेषित रेशों के निर्माण में वनों से प्राप्त कच्चा माल प्रयुक्त नहीं होता है। अतः य वनो क सरक्षण में सहायक है । इसके लिए जानवरों का शिकार भी नहीं करना पड़ता है।

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प्रश्न 15.
यह प्रदर्शित करने हेतु एक क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए कि थर्मोप्लास्टिक विद्युत का कुचालक है।
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक -2
चित्र के अनुसार एक बल्ब, बैटरी तथा थर्मोप्लास्टिक वस्तु को तांबे के तार द्वारा आपस में जोड़कर परिपथ तैयार कर लीजिए । इस दशा में बल्ब प्रकाशित नहीं होता है, इससे सिद्ध होता है कि थोप्लास्टिक विद्युत का कुचालक है।

HBSE 8th Class Science सूक्ष्मजीव: मित्र एवं शत्रु Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. कृत्रिम रेशम है –
(अ) नाइलॉन
(ब) रेयॉन
(स) ऐक्रिलिक
(द) पॉलिएस्टर ।
उत्तर:
(ब) रेयॉन

2. प्लास्टिक जो गर्म करने पर आसानी से विकृत हो जाता है और सरलतापूर्वक मुड़ जाता है, कहलाता है
(अ) थोप्लास्टिक
(ब) बैकलाइट
(स) नाइलॉन
(द) रेयॉन ।
उत्तर:
(अ) थोप्लास्टिक

3. निम्नलिखित में से जैव अनिम्नीकरणीय पदार्थ है –
(अ) कपड़ा (सूती)
(ब) कागज
(स) लकड़ी
(द) प्लास्टिक का बैग ।
उत्तर:
(द) प्लास्टिक का बैग ।

4. अग्निरोधक प्लास्टिक का उदाहरण है –
(अ) पी. वी. सी.
(ब) पॉलिथीन
(स) मेलामाइन
(द) नाइक्रोम ।
उत्तर:
(स) मेलामाइन

5. ऊनी वस्त्र के अपह्रासित होने का समय (लगभग) है
(अ) 10 से 30 दिन
(ब) 1 से 2 सप्ताह,
(स) 100 से 500 वर्ष
(द) लगभग एक वर्ष ।
उत्तर:
(द) लगभग एक वर्ष ।

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रिक्त स्थान पूर्ति ।

(क) अनेक छोटी इकाइयाँ मिलकर एक बड़ी एकल इकाई बनाते हैं जो …………… कहलाती है।
(ख) टेरौलीन एक …………… है।
(ग) प्लास्टिक ऊष्मा और विद्युत के …………… हैं।
(घ) पदार्थ जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा सरलता से विघटित नहीं होता, …………… कहलाता है।
उत्तर:
(क) बहुलक
(ख) पॉलिएस्टर
(ग) कुचालक
(घ) जैव अनिम्नीकरणीय।

सुमेलन

कॉलम ‘अ’कॉलम ‘ब’
(क) कागज़(i) जैव अनिम्नीकरणीय
(ख) प्लास्टिक(ii) मानव-निर्मित रेशा
(ग) पेट (PET)(iii) पॉलिएस्टर
(घ) नाइलॉन(iv) जैव निम्नीकरणीय

उत्तर:

कॉलम ‘अ’कॉलम ‘ब’
(क) कागज़(iv) जैव निम्नीकरणीय
(ख) प्लास्टिक(i) जैव अनिम्नीकरणीय
(ग) पेट (PET)(iii) पॉलिएस्टर
(घ) नाइलॉन(ii) मानव-निर्मित रेशा

सत्य – असत्य

(क) रेयॉन प्राकृतिक स्रोत काष्ठ लुग्दी से प्राप्त किया जाता है।
(ख) रेयॉन एक मानव निर्मित रेशा है।
(ग) पॉलिएस्टर एक प्राकृतिक रेशा है।
(घ) प्लास्टिक का पनः चक्रण नहीं हो सकता।
उत्तर:
(क) सत्यं
(ख) सत्य
(ग) असत्य
(घ) असत्य।

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अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
रेशे कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
रेशे दो प्रकार के होते हैं-प्राकृतिक एवं कृत्रिम रेशे।

प्रश्न 2.
बहूलक किसे कहते है?
उत्तर:
अनेक छोटी इकाइयाँ मिलकर एक बड़ी एकल इकाई बनाती हैं, जिसे बहुलक कहते हैं।

प्रश्न 3.
बहुलक (पॉलीमर) शब्द किस ‘भाषा से लिया गया है?
उत्तर:
बहुलक यानि पॉलीमर शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों ‘पॉली’ एवं ‘मर’ से मिलकर बना है। ‘पॉली’ का अर्थ अनेक तथा ‘मर’ का अर्थ भाग अथवा इकाई है।

प्रश्न 4.
क्या सेलुलोज एक प्राकृतिक बहुलक है ?
उत्तर:
हाँ।

प्रश्न 5.
रेयॉन क्या है ?
उत्तर:
रेयॉन प्राकृतिक स्रोत काष्ठ लुगदी से तैयार किया जाता है, इसे मानव द्वारा निर्मित किया जाता है ।

प्रश्न 6.
रेयॉन के उपयोग बताइये?
उत्तर:
रेयॉन से वस्त्र, बिस्तर की चादरें और गलीचे बनाये जाते हैं।

प्रश्न 7.
नाइलॉन का प्रयोग कपड़ों के बनाने में बहुत अधिक क्यों प्रचलित हुआ?
उत्तर:
नाइलॉन रेशा, प्रबल, प्रत्यास्थ तथा हल्का होता है। यह चमकीला व धुलने में सुगम है, अत: इसका प्रयोग कपड़ों को बनाने में ज्यादा प्रचलित हुआ ।

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प्रश्न 8.
थर्मोप्लास्टिक के दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
(i) पी. वी. सी. (PVC) (ii) पॉलिथीन।

प्रश्न 9.
प्लास्टिक पर्यावरण के लिए लाभदायक है या हानिकारक ?
उत्तर:
हानिकारक ।

प्रश्न 10.
टेफ्लॉन क्या है?
उत्तर:
यह एक विशिष्ट प्लास्टिक है, जिस पर तेल और जल चिपकता नहीं है, यह भोजन पकाने के पात्रों पर न चिपकने वाली परत लगाने के काम आता है।।

प्रश्न 11.
प्लास्टिक ऊष्मा और विद्युत की सुचालक है या कुचालक?
उत्तर:
प्लास्टिक ऊष्मा तथा विद्युत दोनों की कुचालक है।

प्रश्न 12.
“जैव निम्नीकरणीय” क्या है ?
उत्तर:
पदार्थ जो प्राकृतिक क्रिया जैसे जीवाणु की क्रिया द्वारा अपघटित हो जाता है । जैव निम्नीकरणीय कहलाता है।

प्रश्न 13.
जैव अनिम्नीकरणीय पदार्थों के दो उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
(i) एल्यूमिनियम के डिब्बे
(ii) प्लास्टिक।

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प्रश्न 14.
ऊनी वस्त्र के अपह्रासित होने में लगने वाला लगभग समय बताइए।
उत्तर:
लगभग एक वर्ष।

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1,
रेयॉन क्या है? इसके उपयोग पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
रेयॉन रेशम के गुणों वाला एक रेशा है जो मानव द्वारा निर्मित है । इसे काष्ठ लुगदी के रासायनिक उपचार से प्राप्त किया जाता है । इसे रेयॉन अथवा कृत्रिम रेशम भी कहते हैं।
उपयोग-
(1) रेयॉन को कपास के साथ मिलाकर रेशम की चादर बना सकते हैं।
(2) ऊन के साथ रेयॉन को मिलाकर कालीन या गलीचा तैयार किया जाता है।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित रेशों को उनकी सामर्थ्य के बढ़ते क्रम में लिखिए-
कपास का धागा, रेशम का धागा, ऊन का धागा एवं नाइलॉन का धागा
उत्तर:
उपर्युक्त रेशों में नाइलॉन के धागे की सामर्थ्य अधिकतम होती है। इनकी सामर्थ्य का बढ़ता क्रम निम्नलिखित है-
कपास का धागा < ऊन का धागा < रेशम का धागा < नाइलॉन का धागा।

प्रश्न 3.
नाइलॉन के प्रमुख गुण एवं उपयोग लिखिए। उत्तर-नाइलॉन के गुण –
1. नाइलॉन के रेशे बहुत अधिक हल्के तथा मजबूत होते हैं ।
2. इससे बने कपड़े में सिलवटें नहीं पड़ती हैं तथा अधिक समय तक स्थायी रहते हैं ।
3. ये कम पानी सोखते हैं तथा जल्दी सूख जाते हैं ।

नाइलॉन के उपयोग-
1. नाइलॉन रेशों का उपयोग मछली पकड़ने के जाल, पैराशूट का कपड़ा तथा वस्त्र आदि बनाने में किया जाता है ।
2. नाइलॉन के रस्से इस्पात से बने तारों से मजबूत होते हैं अत: इनका उपयोग चट्टानों पर चढ़ने के लिए रस्सियों के निर्माण में किया जाता है ।
3. नाइलॉन रेशों का उपयोग दाँत साफ करने के बुश, कारों की सीट के पट्टे आदि बनाने में किया जाता है।

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प्रश्न 4.
संक्षिप्त वर्णन कीजिए-
(1) पॉलिएस्टर
(2) ऐक्रिलिक।
उत्तर:
(1) पॉलिएस्टर : पॉलिएस्टर एक संश्लेषित रेशा है। इस रेशे से बने कपड़ों में सिलवटें आसानी से नहीं पड़ती । यह आसानी से धुल जाता है । अतः यह एक बहुत उपयोगी पदार्थ है ।
(2) ऐक्रिलिक : ये अन्य प्रकार के संश्लेषित रेशे होते हैं। ये ऊन के सदृश दिखाई देते हैं। प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त ऊन काफी महंगी होती है, किन्तु ऐक्रिलिक से बनी वस्तुएँ कपड़े से अपेक्षाकृत सस्ती होती हैं । ये अधिक टिकाऊ होते हैं।

प्रश्न 5.
पॉलिएस्टर के महत्वपूर्ण उपयोग लिखिए ।
उत्तर:
पॉलिएस्टर के उपयोग-
(1) फॉलिएस्टर एक संश्लेषित रेशा है । इस रेशे से बने कपड़े में आसानी से सलवटें नहीं पड़ती हैं ।
(2) इसका उपयोग बोतलों, बर्तन आदि उत्पादों के निर्माण में किया जाता है।
(3) पॉलिकॉट, पॉलिएस्टर तथ कपास का मिश्रण है जिससे कपड़े निर्मित किए जाते हैं।

प्रश्न 6.
संश्लेषित रेशों के गुणधर्म लिखिए।
उत्तर:
संश्लेषित रेशे अद्वितीय गुणधर्मों वाले होते हैं। इनके गुणधर्म निम्नलिखित हैं-
(i) ये शीघ्र सूखते हैं।
(ii) ये अधिक चलाऊ होते हैं।
(iii) ये कम महंगे होते हैं।
(iv) ये रेशे आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।
(v) ये रख-रखाव में सुविधाजनक होते हैं।

प्रश्न 7.
प्राकृतिक रेशे एवं संश्लेषित रेशे में उनके जल सोखने के गुण में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
प्राकृतिक रेशे जैसे-सूत, ऊन, रेशम आदि अधिक मात्रा में जल सोखते हैं एवं देर से सूखते हैं जबकि संश्लेषित रेशे जैसे-नाइलॉन, पॉलिएस्टर आदि कम मात्रा में जल सोखते हैं एवं जल्दी सूख जाते हैं।

प्रश्न 8.
प्लास्टिक के प्रकार बताते हुए प्रत्येक के दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
प्लास्टिक दो प्रकार के होते हैं
(1) थर्मोप्लास्टिक
(2) धर्मोसेटिंग प्लास्टिक

थर्मोप्लास्टिक के उदाहरण-
(i) पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC)
(ii) पॉलीथीन

थर्मासेटिंग प्लास्टिक के उदाहरण-
(i) मैलामाइन
(ii) बैकेलाइट

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प्रश्न 9.
प्लास्टिक पर्यावरण के लिए क्यों हानिकारक है ?
उत्तर:
प्लास्टिक द्वारा निर्मित वस्तुएँ व सामान बहुत उपयोगी होते हैं, किन्तु प्लास्टिक द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट पर्यावरण हितैषी नहीं होते हैं, जलाने पर यह विषैली गैसें उत्पन्न करते हैं । भूमि पर डाल देने से यह जानवरों द्वारा खा लिए जाते हैं जो कि उनकी मृत्यु का कारण बन जाते हैं अथवा इन्हें अपघटित होने में कई वर्ष लग सकते हैं। ऐसा इनकी जैव अनिम्नीकरणीय प्रकृति के कारण होता है।

प्रश्न 10.
जैव निम्नीकरणीय एवं जैव अनिम्नीकरणीय से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
जैव निम्नीकरणीय : पदार्थ जो प्राकृतिक प्रक्रिया जैसे जीवाणु की क्रिया द्वारा अपघटित हो जाते हैं; जैव निम्नीकरणीय पदार्थ कहलाते हैं जैसे – सब्जी एवं फलों के छिलके, बचा हुआ भोजन, कागज, सूती कपड़ा, लकड़ी आदि ।
जैव अनिम्नीकरणीय : वे पदार्थ जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा सरलता से विघटित नहीं होते है, जैव अनिम्नीकरणीय पदार्थ कहलाते हैं, जैसे – टिन, ऐल्यूमिनियम एवं अन्य धातुओं के डिब्बे, प्लास्टिक थैलियाँ आदि ।

प्रश्न 11.
‘4R सिद्धान्त’ क्या है ?
उत्तर:
4R सिद्धान्त से निम्न आशय है –
R- (Reduce) उपयोग कम करिए ।
R – (Reuse) पुनः उपयोग करिए ।
R – (Recycle) पुनः चक्रित करिए।
R- (Recover) पुनः प्राप्त करिए ।
ये आदतें प्रत्येक उत्तरदायी नागरिक को विकसित करनी चाहिए जो पर्यावरण के लिए लाभदायक व हितैषी हैं।

प्रश्न 12.
पर्यावरण की सुरक्षा हेतु प्लास्टिक पदार्थों का उपयोग कैसे कम किया जा सकता है?
उत्तर:
पर्यावरण की सुरक्षा हेतु प्लास्टिक पदार्थों का उपयोग निम्न प्रकार से किया जा सकता है-
(i) प्लास्टिक की थैलियाँ जलाशयों में अथवा सड़क पर नहीं फेंकिए।
(ii) खरीददारी के लिए जाते समय एक सूती कपड़े का थैला या जूट का थैला लेकर जाना चाहिए।
(iii) प्लास्टिक के स्थान पर स्टील से बने डिब्बे को भोजन रखने के लिए प्रयोग में लाना चाहिए।

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दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
क्या होगा जब निम्न को वायु में जलाया जाए –
नाइलॉन, पॉलिएस्टर, ऐक्रिलिक रेशे ।
उत्तर:
उपर्युक्त रेशों को जलाने पर निम्न परिणाम प्राप्त होते हैं –
1. नाइलॉन : यह मुश्किल से जलता है । ज्वाला से रेशा सिकुड़ता है । यह गाँठ बनाता है । इसमें बाल जलने जैसी गंध आती है।
2. पॉलिएस्टर : यह नाइलॉन के समान गुण वाला है, किन्तु जलने पर काला धुआँ देता है ।
3. ऐक्रिलिक : यह ज्वाला से सिकुड़ता हुआ गाँठ बनाता है, इसकी गांठ का रंग काला होता है । यह काली धुएँ जैसी ज्वाला देता है ।

प्रश्न 2.
प्लास्टिक क्या है ? इनकी संरचना एवं गुण लिखिए ।
उत्तर:
प्लास्टिक संश्लेषित रेशों की भांति ही एक बहुलक संरचना है- प्लास्टिक में इकाइयों की व्यवस्था रेखीय व तिर्यक बद्ध (क्रास बद्ध) होती हैं ।
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक -3
गुण –
(1) प्लास्टिक का पुनः चक्रण सम्भव है अर्थात् इसे पुनः प्रयोग में लाया जा सकता है ।
(2) इसे आसानी से साँचे में ढालकर किसी भी आकार में निर्मित किया जा सकता है।
(3) यह विद्युत का कुचालक है।

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प्रश्न 3.
प्लास्टिक के अभिलाक्षणिक गुणों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
प्लास्टिक के अभिलाक्षणिक गुण निम्नवत् हैं-
(i) प्लास्टिक अनभिक्रियाशील है : प्लास्टिक जल और वायु से अभिक्रिया नहीं करते। उनका संक्षारण आसानी से नहीं होता है, इनका उपयोग बहुत से रसायनों सहित, विभिन्न प्रकार के संचयन हेतु किया जाता है।
(ii) प्लास्टिक हल्का, प्रबल तथा चिरस्थायी है : प्लास्टिक अत्यन्त हल्का, प्रबल, चिरस्थायी है तथा इसे विभिन्न आकारों में ढाला जा सकता है । ये धातुओं की अपेक्षा अधिक सस्ते होते हैं, इस कारण से उद्योगों और घरेलू कार्यों में इनका उपयोग विस्तृत पैमाने पर किया जाता है।

(iii) प्लास्टिक कुचालक है : प्लास्टिक ऊष्मा एवं विद्युत के कुचालक हैं इसलिए बिजली के तार प्लास्टिक से ढके रहते हैं तथा खाना बनाने वाले पात्रों के हत्थे प्लास्टिक के बने होते हैं ।

प्रश्न 4.
जैव निम्नीकरणीय तथा जैव अनिम्नीकरणीय की व्याख्या उदाहरण सहित कीजिए।
उत्तर:
जैव निम्नीकरणीय : पदार्थ जो प्राकृतिक प्रक्रिया जैसे जीवाणु की क्रिया द्वारा अपघटित हो जाते हैं, जैव निम्नीकरणीय पदार्थ कहलाते हैं ।
जैव अनिम्नीकरणीय : वे पदार्थ जो प्राकृतिक प्रक्रिया द्वारा आसानी से विघटित नहीं होते, जैव अनिम्नीकरणीय प्रकृति वाले पदार्थ कहलाते हैं ।
उदाहरण-

अपशिष्ट के प्रकारअपघटित होने में लगने वाला लगभग समयपदार्थ की प्रकृति
सब्जी, फलों के छिलके, बचा हुआ भोजन आदि ।1 से 2 सप्ताहजैव निम्नीकरणीय
कागज10 से 30 दिनजैव निम्नीकरणीय
सूती कपड़ा2 से 5 माहजैव निम्नीकरणीय
लकड़ी10 से 15 वर्षजैव निम्नीकरणीय
ऊनी वस्त्रलगभग 1 वर्षजैव निम्नीकरणीय
टिन, ऐलुमिनियम और अन्य धातुओं के डिब्बे ।100 से 500 वर्षजैव अनिम्नीकरणीय
प्लास्टिक थैलियाँकई वर्षजैव अनिम्नीकरणीय

संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक Class 8 HBSE Notes in Hindi

→ पेट (PET) : पॉलिएस्टर का खास रूप, जिससे बोतलें, जार, फिल्में और बर्तन आदि बनाए जाते हैं।

→ थर्मोप्लास्टिक (Thermoplastic) : प्लास्टिक की एक ऐसी किस्म जो गर्म होने पर आसानी से विकृत हो जाती हैं तथा बदलकर नया आकार ले लेती है ।

→ बहुलक (Polymer) : रासायनिक पदार्थों की छोटी इकाइयों से बनी बड़ी श्रृंखला ।

→ थर्मोसेटिंग प्लास्टिक (Thermosetting Plastic) : प्लास्टिक की ऐसी किस्म जो ऊष्मा देने पर नरम नहीं होती । इसे एक ही बार साँचे में ढाला जा सकता है।

→ नाइलॉन (Nylon) : मानव-निर्मित रेशे जिनका निर्माण कोयले, जल और वायु के संश्लेषण द्वारा किया जाता है।

→ जैव निम्नीकरणीय पदार्थ (Biodegradable Substance) : पदार्थ जो प्राकृतिक प्रक्रिया, जैसे जीवाणु की क्रिया द्वारा अपघटित हो जाता है।

→ जैव अनिम्नीकरणीय पदार्थ (Non-biodegradable substance) : पदार्थ जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा सरलता से विघटित नहीं होता।

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HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 2 सूक्ष्मजीव: मित्र एवं शत्रु

Haryana State Board HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 2 सूक्ष्मजीव: मित्र एवं शत्रु Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 8th Class Science Solutions Chapter 2 सूक्ष्मजीव: मित्र एवं शत्रु

HBSE 8th Class Science सूक्ष्मजीव: मित्र एवं शत्रु InText Questions and Answers

पहेली बूझो

(पृष्ठ संख्या-15)

प्रश्न 1.
हमने अपनी माँ को गर्म (गुनगुने) दूध में थोड़ा-सा दही मिलाते हुए देखा है, जिससे दही जम जाता है। हमें आश्चर्य हुआ ऐसा क्यों?
उत्तर:
दही में लैक्टोबैसिलस नामक जीवाणु प्रमुख रूप से पाया जाता है, यह दूध को दही में परिवर्तित कर देता है।

(पृष्ठ संख्या-21)

प्रश्न 2.
शिशु एवं बच्चों को टीका क्यों लगाया जाता है?
उत्तर:
हमारे शरीर में जब रोगकारक सूक्ष्मजीव प्रवेश करते हैं, तब उनसे लड़ने के लिए हमारा शरीर प्रतिरक्षी उत्पन्न करता है, शरीर को यह स्मरण रहता है कि सूक्ष्मजीव अगर हमारे शरीर में पुनः प्रवेश करेगा तो उससे किस प्रकार लड़ा जाए। अतः यदि मृत अथवा निष्क्रिय सूक्ष्मजीवों को स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रविष्ट कराया जाए तो शरीर की कोशिकाएँ उसी के अनुसार लड़ने के लिये प्रतिरक्षी उत्पन्न करके रोगकारक को नष्ट कर देती हैं। यह प्रतिरक्षी हमारे शरीर में सदा के लिए बने रहते हैं तथा रोगकारक सूक्ष्मजीव से हमारी सदा के लिए सुरक्षा होती है, इस प्रकार टीका (वैक्सीन) कार्य करता है। हेजा, क्षय, चेचक तथा हैपेटाइटिस जैसी अनेक बीमारियों को वैक्सीन (टीके) द्वारा रोका जा सकता है।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 1 फसल उत्पादन एवं प्रबंध

(पृष्ठ संख्या-23)

प्रश्न 3.
आप संचरणीय रोगों का फैलना किस प्रकार रोकते हैं?
उत्तर:
यदि कोई व्यक्ति संक्रामक रोग से पीडित है तो उसे खाँसते एवं छींकते समय अपने नाक एवं मुँह पर रूमाल रखना चाहिए इससे संचरणीय रोग फैलने से रुकते हैं । इसके अतिरिक्त संक्रमित व्यक्ति से पर्याप्त दूरी बनाकर भी संचरणीय रोगों का फैलना रोका जा सकता है।

(पृष्ठ संख्या-23)

प्रश्न 4.
अध्यापक हमसे ऐसा क्यों कहते हैं कि अपने आस-पास पानी एकत्रित न होने दें।
उत्तर:
मच्छर उत्पन्न होने का मुख्य कारण जल है, कूलरों, टायरों एवं फूलदानों इत्यादि में कहीं भी जल को एकत्र न होने दें। अपने आस-पास के स्थानों को स्वच्छ एवं शुष्क रखकर हम मच्छरों को पैदा होने से रोक सकते हैं।

(पृष्ठ संख्या -25)

प्रश्न 5.
पहेली को आश्चर्य होता है कि भोजन ‘विष’ कैसे बन सकता है?
उत्तर:
सूक्ष्मजीवों द्वारा संदूषित भोजन करने से खाद्य विषाक्त हो सकता है। हमारे भोजन में उत्पन्न होने वाले सूक्ष्मजीव कभी-कभी विषेला पदार्थ उत्पन्न करते हैं। यह भोजन को विषाक्त कर देते हैं जिसके सेवन से व्यक्ति भयंकर रूप से रोगी हो सकता है, अथवा कभी-कभी किसी रोगी की मृत्यु भी हो सकती है। अत: यह आवश्यक है कि हम भोजन को संदूषित होने से बचाएँ।

(पृष्ठ संख्या -26)

प्रश्न 6.
थैलियों में आने वाला दूध संदूषित क्यों नहीं होता? मेरी माँ ने बताया कि यह दूध ‘पॉश्चरीकृत’ है। पॉश्चरीकरण क्या है?
उत्तर:
पॉश्चरीकृत दूध को बिना उबाले इस्तेमाल किया जा सकता है क्योंकि यह सूक्ष्मजीवों से मुक्त होता है। इसके लिए दूध को 70°C पर 15-30 सेकण्ड के लिए गर्म करते हैं, फिर एकाएक ठंडा करके उसका भण्डारण कर लिया । जाता है, ऐसा करने से दूध में सूक्ष्मजीवों की वृद्धि रुक जाती है। इस प्रक्रिया की खोज लुई पॉश्चर नामक वैज्ञानिक ने की थी, इसलिए इसे पॉश्चरीकरण कहते हैं।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 1 फसल उत्पादन एवं प्रबंध

HBSE 8th Class Science सूक्ष्मजीव: मित्र एवं शत्रु Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
(क) सूक्ष्मजीवों को ………………. की सहायता से देखा जा सकता है।
(ख) नीले-हरे शैवाल वायु से ………………. का स्थिरीकरण करते हैं जिससे मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि होती है।
(ग) एल्कोहल का उत्पादन ………………. नामक सूक्ष्मजीव की सहायता से किया जाता है।
(घ) हैजा ………………. के द्वारा होता है।
उत्तर:
(क) सूक्ष्मदर्शी
(ख) नाइट्रोजन
(ग) यीस्ट
(घ) घरेलू मक्खी ।

प्रश्न 2.
सही शब्द के आगे (✓) का निशान लगाइए-
(क) यीस्ट का उपयोग निम्न के उत्पादन में होता है
(i) चीनी
(ii) एल्कोहल ✓
(iii) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
(iv) ऑक्सीजन ।।

(ख) निम्न में से कौन सा प्रतिजैविक है ?
(i) सोडियम बाइकार्बोनेट
(ii) स्ट्रेप्टोमाइसिन ✓
(iii) एल्कोहल
(iv) यीस्ट ।

(ग) मलेरिया परजीवी का वाहक है
(i) मादा एनॉफ्लीज़ मच्छर ✓
(ii) कॉकरोच
(iii) घरेलू मक्खी
(iv) तितली ।

(घ) संचरणीय रोगों का सबसे मुख्य कारक है
(i) चींटी
(ii) घरेलू मक्खी ✓
(iii) ड्रेगन मक्खी
(iv) मकड़ी ।

(ङ) ब्रेड अथवा इडली फूल जाती है, इसका कारण है
(i) ऊष्णता
(ii) पीसना
(iii) यीस्ट कोशिकाओं की वृद्धि ✓
(iv) माढ़ने के कारण ।

(च) चीनी को एल्कोहल में परिवर्तित करने के प्रक्रम का नाम है
(i) नाइट्रोजन स्थिरीकरण
(ii) मोल्डिंग
(ii) किण्वन ✓
(iv) संक्रमण

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प्रश्न 3.
कॉलम – I के जीवों का मिलान कॉलम – II में दिए गये उनके कार्य से कीजिए-

कॉलम – Iकॉलम – II
(क) जीवाणु(i) नाइट्रोजन स्थिरीकरण
(ख) राइजेबियम(ii) दही का जमना
(ग) लैक्टोबेसिलस(iii) ब्रेड की बेकिंग
(घ) यीस्ट(iv) मलेरिया का कारक
(ङ) एक प्रोटोज़ोआ(v) हैजा का कारक
(च) एक विषाणु(vi) AIDS का कारक
(vii) प्रतिजैविक उत्पादित करना

उत्तर:

कॉलम – Iकॉलम – II
(क) जीवाणु(v) हैजा का कारक
(ख) राइजेबियम(i) नाइट्रोजन स्थिरीकरण
(ग) लैक्टोबेसिलस(ii) दही का जमना
(घ) यीस्ट(iii) ब्रेड की बेकिंग
(ङ) एक प्रोटोज़ोआ(iv) मलेरिया का कारक
(च) एक विषाणु(vi) AIDS का कारक

प्रश्न 4.
क्या सूक्ष्मजीव बिना यंत्र की सहायता से देखे जा सकते हैं ? यदि नहीं, तो वे कैसे देखे जा सकते हैं ?
उत्तर:
सूक्ष्मजीव इतने छोटे होते हैं कि उन्हें नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता है, यह केवल सूक्ष्मदर्शी की सहायता से देखे जा सकते हैं। केवल कुछ सूक्ष्मजीव जैसे ब्रेड पर उगने वाले कवक को आवर्धक लेन्स की सहायता से देखा जा सकता है।
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 2 सूक्ष्मजीव मित्र एवं शत्रु -1

प्रश्न 5.
सूक्ष्मजीवों के मुख्य वर्ग कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
सूक्ष्मजीवों का वर्गीकरण उनके आकार के अनुसार मुख्यत: 4 वगों में किया गया है ।
1. जीवाणु – स्पाइटल जीवाणु, छड़नुमा जीवाणु।
2. कवक – पेनिसीलियम, एसपरजिलस।
3. प्रोटोजोआ – पैरामीशियम, अमीबा।
4. शैवाल – स्पाइरोगाइरा, क्लेमाइडामानस।

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प्रश्न 6.
वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का मिट्टी में स्थिरीकरण करने वाले सूक्ष्मजीवों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(a) राइजोबियम जीवाणु
(b) एजोटोवैक्टर
(c) नीले हरे शैवाल ।

प्रश्न 7.
हमारे जीवन में उपयोगी सूक्ष्मजीवों के बारे में 10 पंक्तियाँ लिखिए।
उत्तर:
1. ये कृषि में मृदा की उर्वरता में वृद्धि में सहायक होते हैं। जैसे-राइजोबियम जीवाण।
2. लेक्टोबैसिलस जीवाणु दूध को दही में परिवर्तित करते हैं।
3. यीस्ट किण्वन (या फर्मेंटेशन) में सहायक होते हैं, जिससे शराब और सिरका बनाया जाता है।
4. जीवाणुओं का प्रयोग औषधि बनाने में किया जाता है।
5. रोगों से बचाव के लिए टीके बनाने में उपयोग किया जाता है। जैसेपैनिसीलियम।
6. खाद्य पदार्थों जैसे मशरूम (कवक) के रूप में उपयोग होते हैं।
7. प्रतिजैविक अथवा एंटीबायोटिक बनाने में जीवाणु एवं कवकों का उपयोग किया जाता है। स्ट्रेप्टोमाइसिन, टेट्रोसाइक्लिन प्रमुख प्रतिजैविक हैं।
8. राइजोबियम जीवाणु तथा नौले-हरे शैवाल नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर वायुमण्डल की नाइट्रोजन को ह्यूमस में बदलते हैं।
9. यीस्ट ब्रेड, पेस्ट्री एवं केक बनाने में सहायक होते हैं।
10. जीवाणु पनीर, अचार एवं अनेक खाद्य पदार्थों के उत्पादन में सहायक है।

प्रश्न 8.
सूक्ष्मजीवों द्वारा होने वाले हानिकारक प्रभावों का संक्षिप्त विवरण दीजिये।
उत्तर:
सूक्ष्मजीवों द्वारा होने वाली हानियाँ
(i) कुछ सूक्ष्मजीव मानवों, पौधों तथा जानवरों में रोग उत्पन्न करते हैं। इन्हें रोगाणु कहते हैं।
(ii) कुछ सूक्ष्मजीव कपड़े तथा चमड़े को नष्ट करते हैं।
(iii) विषैले पदार्थ उत्पन्न करके भोजन को संदूषित करते हैं।
(iv) चिकनपॉक्स, पोलियो, खसरा व हेपेटाइटिस-ए रोग के कारक वायरस ह जबाक हजा, क्षय वटाइफायड रोग जीवाणुओं द्वारा होता है ।
(v) जीवाणु जन्तुओं में भी रोग उत्पन्न करते हैं । उदाहरण के लिए-एंधेक्स मनुष्य एवं मवेशियों में होने वाला भयंकर रोग है जो कि जीवाणु द्वारा होता है। गाय में खुर एवं मुँह का रोग भी वायरस द्वारा होता है । इसे खुरपका व मुँहपका कहते हैं ।
(vi) सूक्ष्मजीवों द्वारा गेहूँ, चावल, आलू, गन्ना, सेब, संतरा आदि भी रोग ग्रसित हो जाते हैं । रोग के कारण फसल की उपज में कमी आ जाता है ।

प्रश्न 9.
प्रतिजैविक क्या हैं ? प्रतिजैविक लेते समय कौन-सी सावधानियाँ रखनी चाहिए?
उत्तर:
प्रतिजैविक (Antibiotics):
सूक्ष्मजीवों द्वारा प्राप्त होने वाली ऐसी औषधि जो सूक्ष्मजीवों को नष्ट कर देती है या उनकी वृद्धि को रोकती है। इस प्रकार की औषधि प्रतिजैविक कहलाती है। स्ट्रेप्टोमायसिन, टेट्रासाइक्लिन और एरिथ्रोमाइसिन प्रमुख प्रतिजैविक हैं। वे रक्त के अन्दर शरीर की कोशिकाओं को बिना हानि पहुंचाए जीवाणुओं को मारती हैं। प्रतिजैविक लेते समय निम्न सावधानियाँ रखनी चाहिए-
(1) प्रतिजैविक हमेशा डॉक्टर की सलाह पर लेनी चाहिए।
(2) डॉक्टर द्वारा परामर्श की गई सभी दवाओं का कोर्स पूरा करना चाहिए।
(3) सर्दी, जुकाम एवं फ्लू में प्रतिजैविक प्रभावशाली नहीं हैं क्योंकि ये रोग वायरस द्वारा फैलते हैं।

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विस्तारित अधिगम-क्रियाकलाप एवं परियोजनाएँ

प्रश्न 1.
खेत में चने अथवा सेम का एक पौधा समूल उखाड़िए। इसकी जड़ों का प्रेक्षण कीजिए। आपको कुछ जड़ों में कुछ गोल उभार दिखाई देंगे। यह जड़ों की ग्रंथिकाएँ हैं। एक जड़ का चित्र बनाकर ग्रंथिका दर्शाइए।
उत्तर:
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 2 सूक्ष्मजीव मित्र एवं शत्रु -2

प्रश्न 2.
जैम तथा जेली के लेबल एकत्र कीजिए। इसके ऊपर छपे संघटकों के नामों की सूची बनाइए।
उत्तर:
शर्करा मिश्रण, मिश्रित फलों का जूस, जैलिंग एजेंट, अम्लीय रेग्यूलेटर इसके अतिरिक्त उपर्युक्त मिश्रणों में संश्लेषित भोज्य रंग तथा कृत्रिम स्वाद भिन्न-भिन्न मात्रा में मिले होते हैं। छात्र स्वयं अन्य जैम एकत्र कर इनके संघटक ज्ञात कर सकते हैं।

प्रश्न 3.
एक डॉक्टर से संपर्क कर पता लगाइए कि किसी प्रतिजैविक का बहुत अधिक प्रयोग क्यों नहीं करना चाहिए । इसकी संक्षिप्त रिपोर्ट तैयार कीजिए।
उत्तर:
डॉक्टर की सलाह पर ही प्रतिजैविक दवाएँ लेनी चाहिए तथा उस दवा का कोर्स भी पूरा करना चाहिए। यदि आप प्रतिजैविक बिना आवश्यकता के ही प्रयोग करेंगे तो अगली बार यदि आप बीमार होंगे और आपको प्रतिजैविक की आवश्यकता होगी। तब, यह इतना प्रभावी नहीं होगा। इसके अलावा ज्यादा ली गई प्रतिजैविक शरीर में उपस्थित उपयोगी जीवाणु भी नष्ट कर देती हैं। सर्दी, जुकाम, फ्लू विषाणु द्वारा फैलते हैं इसलिए इनमें प्रतिजैविक असरदायी नहीं होते।

प्रश्न 4.
प्रोजेक्ट-स्वयं प्रयोगशाला में अध्यापक के साथ करें।

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HBSE 8th Class Science सूक्ष्मजीव: मित्र एवं शत्रु Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. पादप रोग नींबू कैंकर होता है-
(अ) कवक द्वारा
(ब) वायरस द्वारा
(स) जीवाणु द्वारा
(द) इनमें से कोई नहीं ।
उत्तर:
(स) जीवाणु द्वारा

2. चेचक के टीके की खोज की थी
(अ) अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने
(ब) लुई पाश्चर ने
(स) एडवर्ड जेनर ने
(द) राबर्ट कोच ने।
उत्तर:
(स) एडवर्ड जेनर ने

3. हमारे वायुमण्डल में नाइट्रोजन की प्रतिशतता है
(अ) 78%
(ब) 87%
(स) 21%
(द) 1%.
उत्तर:
(अ) 78%

4. मादा एडीस मच्छर वाहक है
(अ) डेंगू के वायरस का
(ब) मलेरिया परजीवी का
(स) उपर्युक्त दोनों का
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
उत्तर:
(अ) डेंगू के वायरस का

5. पॉश्चरीकरण के लिए दूध को 15-30 सेकेण्ड तक गर्म किया जाता है –
(अ) 30°C पर
(ब) 150°C पर
(स) 70°C पर
(द) 200°C पर ।
उत्तर:
(स) 70°C पर

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रिक्त स्थान पूर्ति

(i) एण्टं अमीबा …………………. रोग फैलाता है।
(ii) पेनिसिलीन की खोज …………………. ने की।
(iii) मछलियों के भोजन का मख्य स्रोत …………………. हैं।
(iv) सभी मशरूम …………………. नहीं होते।
(v) …………………. द्वारा त्वचा रोग रिंग-वॉर्म फैलता है।
उत्तर:
(i) अमीबी पेचिश।
(ii) अलेक्जेंडर फ्लेमिंग।
(iii) कवक।
(iv) खाने योग्य।
(v) कवक।

सुमेलन

कॉलम – Iकॉलम – II
(क) चिकनपॉक्स(i) कवक
(ख) टाइफायड(ii) जीवाणु
(ग) मलेरिया(iiii) वायरस
(घ) गेहूँ की रस्ट(iv) प्रोटोजोआ

उत्तर:

कॉलम – Iकॉलम – II
(क) चिकनपॉक्स(iiii) वायरस
(ख) टाइफायड(ii) जीवाणु
(ग) मलेरिया(iv) प्रोटोजोआ
(घ) गेहूँ की रस्ट(i) कवक

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सत्य/असत्य

(क) लैक्टोबैसिलस नामक जीवाणु दूध को दही में परिवर्तित कर देता है।
(ख) स्ट्रेप्टोमाइसिन एक खाद्य परिरक्षक है।
(ग) लुइ पाश्चर ने चेचक के टीके की खोज की।
(घ) मादा एडीस मच्छर डेंगू के वायरस का वाहक है।
उत्तर:
(क) सत्य
(ख) असत्य
(ग) असत्य
(घ) सत्य।

अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
शैवाल के दो उदाहरण दीजिए ।
उत्तर:
(i) स्पाइरोगाइरा
(ii) क्लेमाइडोमोनस

प्रश्न 2.
सबसे पहले जीवाणु को कब और किसने देखा?
उत्तर:
1675 ई. में एन्टान बैन लियुवन हॉक ने देखा।

प्रश्न 3.
जीवाणु विज्ञान (Bacteriology) के जनक का नाम बताइये।
उत्तर:
लुई पाश्चर।

प्रश्न 4,
दो प्रतिजैविकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
स्ट्रेप्टोमाइसिन एवं टेट्रासाइक्लिन।

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प्रश्न 5.
टीकाकरण द्वारा रोकी जाने वाली कुछ बीमारियों के नाम बताइये।
उत्तर:
हैजा, टी.बी., छोटी माता (खसरा) तथा हैपेटाइटिस।

प्रश्न 6,
ऐसी कौनसी बीमारियाँ हैं जिन्हें टीकाकरण द्वारा नहीं रोका जा सकता है?
उत्तर:
खाँसी, जुकाम, फ्लू, चिकनपॉक्स, क्षय रोग।

प्रश्न 7.
मलेरिया किस मच्छर के काटने के कारण होता
उत्तर:
मादा एनॉफ्लीज़ मच्छर ।।

प्रश्न 8.
जीवाणु द्वारा कौन से रोग फैलाए जाते हैं ?
उत्तर:
टाइफायड, हैजा, तपेदिक (T.B.)

प्रश्न 9.
एन्क्स रोग का कारक क्या है ?
उत्तर:
एन्थ्रेक्स रोग. बेसीलस एन्थ्रेसिस नामक जीवाणु द्वारा फैलता है।

प्रश्न 10.
बेसीलस एन्थेसिस नामक जीवाणु की खोज किसने की?
उत्तर:
बेसीलस एन्थेसिस नामक जीवाणु की खोज राबर्ट कोच (1876) ने की।

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प्रश्न 11.
डेंगू रोग के वायरस के वाहक का नाम क्या है?
उत्तर:
मादा एडीस मच्छर ।

प्रश्न 12.
किन्हीं दो सामान्य खाद्य परिरक्षकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(i) सोडियम बेंजोएट
(ii) सोडियम मेटाबाई सल्फाइट।

प्रश्न 13.
जल में उपस्थित मिट्टी के कणों को सूक्ष्मदर्शी से देखने पर क्या प्रतीत होता है?
उत्तर:
इसमें अति सूक्ष्मजीव गति करते हुए दिखाई देते है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सूक्ष्मजीव कहाँ पाये जाते हैं ?
उत्तर:
सूक्ष्मजीव एककोशिक हो सकते हैं जैसे कि जीवाणु, कुछ शैवाल, प्रोटोजोआ अथवा बहुकोशिक जैसे कि शैवाल व कवक । ये सूक्ष्मजीव बर्फीली शीत, गर्म स्रोत, मरुस्थल, दलदल आदि में पाए जाते हैं । ये मनुष्य सहित अन्य सभी जन्तुओं के शरीर के अन्दर भी पाये जाते हैं । कुछ सूक्ष्म जीव दूसरे सजीवों पर आश्रित रहते हैं तथा कुछ स्वतंत्र रूप से भी पाए जाते हैं । अमीबा सूक्ष्मजीव अकेले रह सकता है तथा कवक एवं जीवाणु समूह में रहते हैं ।

प्रश्न 2.
विषाणु क्या हैं ?
उत्तर:
विषाणु (वायरस) अति सूक्ष्मजीव होते हैं, जोकि केवल परपोषी में ही गुणन करते हैं। जबकि जीवाणु पौधों में या जन्तु कोशिका में गुणन करते हैं। कुछ सामान्य रोग जैसे खाँसी, इन्फ्लुएंजा, जुकाम आदि विषाणु द्वारा होते हैं । कुछ विशेष रोग पोलियो एवं खसरा आदि के कारक भी विषाणु ही होते हैं।

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प्रश्न 3.
कवक और शैवाल में क्या भिन्नता है?
उत्तर:

शैवालकवक
1. इसका रंग हरी होता है।1. यह हरे रंग के नहीं होते या रंगरहित होते हैं।
2. यह स्वपोषी होते हैं।2. यह परपोषी होते हैं।
3. इनका आवास जलीय3. इनका आवास मृतजीवी माध्यम होता है। या परजीवी होते हैं।

प्रश्न 4.
मित्रवत सूक्ष्मजीव से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
कुछ सूक्ष्मजीवों का उपयोग विभिन्न उपयोगी कार्यों, पर्यावरण को शुद्ध रखने में भी किया जाता है इन्हें ही मित्रवत सूक्ष्मजीव कहा जाता है। इनका उपयोग दूध से दही बनाने में (लैक्टोबैसिलस जीवाणु द्वारा), कार्बनिक अपशिष्ट (सब्जियों के छिलके, जन्तु अवशेष आदि) का अपघटन करने में किया जाता है । जीवाणुओं का उपयोग औषधि उत्पादन एवं कृषि में मृदा की उर्वरता में वृद्धि करने में भी किया जाता है ।

प्रश्न 5.
सूक्ष्मजीव हमारे लिए औषधि के रूप में किस प्रकार प्रयुक्त होते हैं?
उत्तर:
कभी-कभी बीमारी ठीक करने के लिए डॉक्टर प्रतिजैविक यानि एंटीबायोटिक का उपयोग करते हैं जो कि सूक्ष्मजीवों द्वारा उत्पन्न की जाती हैं । यह बीमारी उत्पन्न करने वाले सूक्ष्मजीवों को नष्ट कर देती हैं । आजकल जीवाणु और कवक से अनेक प्रतिजैविक औषधियों का उत्पादन होता है, उदाहरण के लिएस्ट्रेप्टोमाइसिन,टेट्रासाइक्लिन तथा एरिथ्रोमाइसिन सामान्य रूप से उपयोग में आने वाली प्रतिजैविक हैं । पशु आहार व कुक्कुट आहार में भी प्रतिजैविक मिलाए जाते हैं जिससे पशुओं में सूक्ष्मजीवों का संचरण रूक जाता है।

प्रश्न 6.
प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
प्रतिरोधक क्षमता (Immunity): शरीर में होने वाले रोगों से बचाव का प्रबंध प्रतिरोधक क्षमता कहलाता है। यह रोग पैदा करने वाले रोगाणुओं से, सुरक्षा प्रदान करती है। यदि रोगाणु शरीर में प्रवेश हो जाएँ तो शरीर उनका मुकाबला करता है, हमारे शरीर का सुरक्षा प्रबंध दो भागों में विभाजित है-

  1. स्थानीय सुरक्षा प्रबंध
  2. प्रतिरक्षा प्रबंध ।

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प्रश्न 7.
सूक्ष्मजीवों की मृदा की उर्वरता में वृद्धि में भूमिका बताइए?
उत्तर:
मृदा में सूक्ष्मजीवों के रूप में कुछ जीवाणु एवं नीले-हरे शेवाल पाये जाते हैं जो वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर सकते हैं। इस प्रकार नाइट्रोजन का संवर्धन होता है एवं उसकी उर्वरता में वृद्धि होती है।

प्रश्न 8.
हानिकारक सूक्ष्मजीव से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
कुछ सुक्ष्मजीव मनुष्य, जंतुओं एवं पौधों में रोग उत्पन्न करते हैं । रोग उत्पन्न करने वाले ऐसे सूक्ष्म जीवों को रोगाणु अथवा रोगजनक कहते हैं । कुछ सूक्ष्म जीव भोजन, कपड़े एवं चमड़े की वस्तुओं को संदूषित कर देते हैं।

प्रश्न 9.
कीट व जंतुओं को रोग वाहक क्यों कहा जाता है ?
उत्तर:
कुछ कीट व जंतु ऐसे होते हैं जो रोगकारक सूक्ष्म जीवों के रोग-वाहक का कार्य करते हैं । घरेलू मक्खी इसका एक उदाहरण है। मक्खी कूड़े एवं जंतु अपशिष्ट पर बैठती है, जिसके कारण रोगाणु उसके शरीर से चिपक जाते हैं । जब मक्खी बिना ढके भोजन पर बैठती है तो रोगाणुओं का स्थानान्तरण स्वच्छ भोजन पर हो जाता है। जो भी व्यक्ति ऐसा संदूषित भोजन करता है उसके बीमार पड़ने की संभावना बढ़ जाती है, इसीलिए भोजन को ढककर रखना चाहिए ।

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प्रश्न 10.
खाद्य विषाक्तन (Food Poisoning) से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
सूक्ष्मजीवों द्वारा संदूषित भोजन करने से खाद्य विषाक्तन हो जाता है। इसका कारण हमारे भोजन में उत्पन्न होने वाले सूक्ष्मजीव हैं जोकि कभी-कभी विषैले पदार्थ उत्पन्न करते हैं, यह पदार्थ भोजन को विषाक्त बना देते हैं । इस प्रकार के भोजन को खाने से व्यक्ति भयंकर रूप से रोगग्रस्त हो जाते हैं ।

प्रश्न 11.
खाद्य परिरक्षक से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
नमक एवं खाद्य तेल का उपयोग सूक्ष्मजीवों की वृद्धि रोकने के लिए सामान्य रूप से किया जाता है, अत: इन्हें परिरक्षक कहते हैं । नमक अथवा खाद्य तेल का प्रयोग अचार बनाने में किया जाता है जिससे कि सूक्ष्मजीवों की वृद्धि नहीं होती । सोडियम बेंजोएट तथा सोडियम मेटाबाइसल्फाइट सामान्य परिरक्षक हैं।

प्रश्न 12.
नमक द्वारा परिरक्षण किस प्रकार होता है, समझाइए।
उत्तर:
सामान्य नमक का उपयोग मांस व मछली के परिरक्षण के लिए काफी लम्बे समय से किया जा रहा है । जीवाणु की वृद्धि रोकने हेतु मांस एवं मछली को सूखे नमक द्वारा ढक देते हैं जिससे उनमें सूक्ष्मजीवों की वृद्धि नहीं हो पाती है । नमक का उपयोग आम, आँवला एवं इमली के परिरक्षण में भी किया जाता है।

प्रश्न 13.
नाइट्रोजन का स्थिरीकरण क्या है ? जीवाणुओं द्वारा यह क्रिया किस प्रकार सम्पन्न होती है?
उत्तर:
वायुमण्डल में नाइट्रोजन गैस उपलब्ध रहती है। इस नाइट्रोजन गैस को नाइट्रोजन के यौगिकों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कहते हैं। पौधे एवं जन्तु वायुमण्डल में उपस्थित नाइटोजन का उपयोग सीधे नहीं कर सकते हैं । मिट्टी में उपस्थित जीवाणु व नीले हरे शैवाल वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके इसे नाइट्रोजन योगिकों में परिवर्तित कर देते हैं । जिससे पौधे इसका उपयोग मिट्टी में से जड़ तंत्र द्वारा करते

प्रश्न 14.
गुथी हुई मैदा कुछ समय बाद फूल जाती है। कारण बताइए।
उत्तर:
इसका कारण यह है कि इसमें उपस्थित यीस्ट तीव्रता से जनन करके श्वसन के दौरान कार्बन डाईऑक्साइड गैस उत्पन्न करता है। गैस के बुलबुले खमीर वाली मैदा का आयतन बढ़ा देते है।

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प्रश्न 15.
पादप अवशिष्ट किस प्रकार के पदार्थ हैं?
उत्तर:
पादप अवशिष्ट जैव अपघटनीय है, जिनका अपघटन सूक्ष्मजीवों द्वारा होता है एवं ये खाद में परिवर्तित हो जाते हैं।

प्रश्न 16.
400 mL जल में 2 चम्मच चीनी घोलकर आधा चम्मच यीस्ट पाउडर मिलाकर इसे 4 – 5 घंटे के लिए उष्ण स्थान पर ढंककर रखने पर इस विलयन को सूंघने पर किसकी गंध आती है एवं इसका क्या कारण है?
उत्तर:
इस विलयन को सूंघने पर एल्कोहल की गंध आती है। इसका कारण यह है कि प्रक्रिया के दौरान चीनी एल्कोहल में परिवर्तित हो जाती है। चीनी के एल्कोहल में परिवर्तन की यह प्रक्रिया किण्वन कहलाती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मनुष्य में सूक्ष्मजीवों द्वारा होने वाले सामान्य रोगों की सारणी बनाइए।
उत्तर:
मनुष्य में सूक्ष्मजीवों द्वारा होने वाले सामान्य रोग

मानव रोगरोगकारक सूक्ष्मजीवसंचरण का तरीकबचाव के उपाय (सामान्य)
क्षयरोगजीवाणुवायुरोगी व्यक्ति को पूरी तरह से अन्य व्यक्तियों
खसरा (Measles)वायरसवायुसे अलग रखना। रोगी की व्यक्तिगत वस्तुओं
चिकनपॉक्सवायरसवायु/सीधे संपर्कको अलग रखना। उचित समय पर टीकाकरण।
पोलियोवायरसवायु/जलव्यक्तिगत स्वच्छता एवं अच्छी आदतों को
हैजाजीवाणुजल/भोजनअपनाना। भलीभाँति पके भोजन, उबला पेयजल एवं टीकाकरण।
टाइफायडजीवाणुजलउबले हुए पेयजल का प्रयोग, टीकाकरण।
हैपेटाइटिस-एवायरसजलमच्छरदानियों का प्रयोग, मच्छर भगाने वाले रसायन का प्रयोग, कीटनाशक का छिड़काव एवं मच्छर के प्रजनन रोकने के लिए जल को किसी भी स्थान पर एकत्र न रहने देना।
मलेरियाप्रोटोजोआमच्छरबचाव के उपाय (सामान्य)

प्रश्न 2.
खाद्य परिरक्षण को विस्तार से समझाइए।
उत्तर:
खाद्य परिरक्षण (Food Preservation):
ऐसी विधि जिसके द्वारा खाद्य पदार्थ को संदूषित होने से बचाया जा सके तथा लंबे समय तक उसके पोषक तत्व ठीक रहें, जिससे वह आवश्यकता पड़ने पर उपयोग में लाया जा सके, खाद्य परिरक्षण कहते हैं। खाद्य परिरक्षण की विधियाँ :
(1) नमक और चीनी द्वारा (By salt and sugar) : नमक और चीनी अच्छे परिरक्षक हैं। अचार, जैम, जैली, कैचअप, स्क्वैश आदि का परिरक्षण नमक और चीनी – डालकर किया जा सकता है ।

(2) अति ठंडा करना (Deep Freezing) : यह एक आसान तरीका है। इस विधि में खाद्य पदार्थ को 0°C से निम्न ताप तक ठंडा किया जाता है। इस विधि के द्वारा फल, सब्जियाँ, मांस, मछली को परिरक्षित किया जाता है।

(3)निर्जलीकरण और धूप में सुखाना (Dehydration and.Drying in sunlight) : फलों और सब्जियों में पानी की मात्रा को कम करना निर्जलीकरण कहलाता है। फलों और सब्जियों को धूप में सुखाना सबसे पुरानी विधि है, इससे भोजन में पानी कम हो जाता है। सूक्ष्मजीवों की वृद्धि रुक जाती है।

(4) रासायनिक परिरक्षण (Chemical Preservation) : कभी-कभी कुछ खाद्य पदार्थों को संदूषित होने से बचाने के लिए रसायनों की आवश्यकता पड़ती है, ऐसे रसायन खाद्य परिरक्षण रसायन कहलाते हैं। जैसे- सोडियम बैंजोएट, सोडियम मेटाबाइसल्फाइट आदि ।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 1 फसल उत्पादन एवं प्रबंध

प्रश्न 3.
नाइट्रोजन-चक्र की सचित्र व्याख्या कीजिये।
उत्तर:
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 2 सूक्ष्मजीव मित्र एवं शत्रु -3
वायुमण्डल में 78% नाइट्रोजन गैस उपस्थित है, पौध एवं जन्तु वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का उपयोग सीधे नहीं कर सकते। मिट्टी में उपस्थित जीवाणु व नीले, हरे शैवाल वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करके नाइट्रोजन यौगिकों में परिवर्तित कर देते हैं, जब नाइट्रोजन इस प्रकार यौगिकों में परिवर्तित हो जाती हैं तो पौधे इसका उपयोग मिट्टी से जड़ तंत्र द्वारा करते हैं। इसके पश्चात् अवशोषित नाइट्रोजन का उपयोग प्रोटीन एवं अन्य यौगिकों के संश्लेषण में करते हैं।

पौधे एवं जन्तुओं की मृत्यु के बाद मिट्टी में उपस्थित जीवाणु एवं कवक नाइट्रोजनी अपशिष्ट को नाइट्रोजनी यौगिकों में परिवर्तित कर देते हैं जो पौधों द्वारा पुनः उपयोग होता है, कुछ विशिष्ट जीवाणु नाइट्रोजनी यौगिकों को नाइट्रोजन गैस में बदल देते हैं जो वायुमण्डल में मिल जाती है। इसके परिणामस्वरूप वायुमण्डल में नाइट्रोजन की मात्रा लगभग स्थिर रहती है।

सूक्ष्मजीव: मित्र एवं शत्रु Class 8 HBSE Notes in Hindi

→ सूक्ष्मजीव (Micro-organism) : अत्यन्त छोटे जीव जिन्हें नग्न आँखों से नहीं देखा जा सकता है । ये केवल सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखे जा सकते हैं।

→ जीवाणु (Bacteria) : आकार में बहुत छोटे सूक्ष्मजीव जो हर जगह व्यापक रूप से पाए जाते हैं।

→ विषाणु (Virus) : केवल पोषी (host) के शरीर में ही प्रजनन करने वाले सूक्ष्मजीव जो घातक होते हैं ।

→ कवक (Fungi) : ये बहुकोशिकीय जीव होते हैं, ये खाद्य पदार्थों को संदूषित करते हैं।

→ प्रोटोजोआ (Protozoa) : पेचिश और मलेरिया जैसे रोग फैलाने वाला एककोशिकीय सूक्ष्मजीव।

→ खमीर (Yeast) : यह एक कोशिकीय कवक है जो किण्वन द्वारा बीयर, शराब और दूसरे पेय पदार्थ बनाने के काम आता है।

→ राइजोबियम (Rhizobium) : फलीदार पौधों की जड़-ग्रंथियों में पाये जाने वाला जीवाणु जो नाइट्रोजन स्थिरीकरण में सहायक होता है।

→ वाहक (Carriers) : कीट अथवा दूसरे जीव जो रोग फैलाने वाले सूक्ष्मजीवों का संचरण करते हैं।

→ किण्वन (Fermentation) : चीनी के एल्कोहल में परिवर्तन होने की प्रक्रिया को किण्वन कहते हैं।

→ प्रति जैविक (Antibiotics) : ऐसी औषधि जो बीमारी पैदा करने वाले सूक्ष्म जीवों को नष्ट कर देती है अथवा उनकी वृद्धि को रोक देती है, प्रतिजैविक कहलाती है।

→ प्रतिरक्षी (Antibodies) : रोगाणु शरीर में प्रवेश करते हैं तो शरीर रोगाणुओं से लड़ने के लिए प्रतिरक्षी उत्पन्न करता है।

→ रोगाणु (Pathogen) : ऐसे सूक्ष्मजीव जो रोग फैलाते हैं, रोगाणु कहलाते हैं।

→ संचरणीय रोग (Communicable diseases) : सूक्ष्मजीवों द्वारा होने वाले ऐसे रोग जो एक संक्रमित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में वायु, जल, भोजन अथवा कायिक संपर्क द्वारा फैलते हैं, संचरणीय रोग कहलाते हैं।

→ खाद्य परिरक्षक (Food Preservatives) : वे रसायन जिनका उपयोग खाद्य पदार्थों में सूक्ष्मजीवों की वृद्धि रोकने के लिए किया जाता है, खाद्य परिरक्षक कहलाते हैं।

→ पॉश्चरीकरण (Pasteurisation) : वह प्रक्रिया जिसमें दूध को 70°C पर 15-30 सैकेंड के लिए गर्म करते हैं फिर एकाएक ठंडा कर उसका भण्डारण कर लेते है, पॉश्चरीकरण कहलाती है।

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HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 1 फसल उत्पादन एवं प्रबंध

Haryana State Board HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 1 फसल उत्पादन एवं प्रबंध Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 8th Class Science Solutions Chapter 1 फसल उत्पादन एवं प्रबंध

HBSE 8th Class Science फसल उत्पादन एवं प्रबंध InText Questions and Answers

पहेली बूझो 

(पृष्ठ संख्या – 1)

प्रश्न 1.
मैं जानना चाहता हूँ कि हम इन औजारों का उपयोग कहाँ और कैसे करते हैं ? खरपी, दराँती, बेलचा, हल इत्यादि।
उत्तर:
हम निम्नलिखित औजारों का उपयोग कृषि पद्धतियों में विभिन्न उपयोगों के लिए करते हैं। खुरपी : इसका उपयोग करके हम क्यारी बनाते हैं तथा मिट्टी खोदने व खरपतवार हटाने का कार्य भी करते हैं। दराँती : इसके प्रयोग द्वारा हम फसल को काटते हैं। बेलचा: इसके प्रयोग द्वारा मिटटी एवं अनाज को भरा जाता है। हल:- इसका उपयोग जुताई, खाद/उर्वरक मिलाने, खरपतवार हटाने तथा मिट्टी को खुरचने के लिए किया जाता है।

(पृष्ठ संख्या – 1)

प्रश्न 2.
क्योंकि हम सभी को भोजन की आवश्यकता होती है। अतः हम अपने देश के इतने अधिक लोगों को भोजन किस प्रकार उपलब्ध करा सकते हैं ?
उत्तर:
भोजन को बड़े स्तर पर उपलब्ध कराने के लिए अनाज के उत्पादन की मात्रा बढ़ाई जाए तथा इसका प्रबंधन एवं वितरण आवश्यकतानुसार किया जाए।

(पृष्ठ संख्या – 2)

प्रश्न 3.
धान को शीत ऋतु में क्यों नहीं उगाया जा सकता ?
उत्तर:
धान को बहुत अधिक पानी की आवश्यकता होती है, अतः इसे केवल वर्षा ऋतु में ही उगाते हैं।

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(पृष्ठ संख्या – 4)

प्रश्न 4.
एक दिन मैंने अपनी माँ को देखा कि माँ चने के कुछ बीज एक बर्तन में रखकर उसमें कुछ पानी डाल रही है। कुछ मिनट पश्चात् कुछ बीज पानी के ऊपर तैरने लगे। मुझे आश्चर्य हुआ कि कछ बीज पानी के ऊपर क्यों तैरने लगे?
उत्तर:
खराब बीज अन्दर से खोखले होने लगते हैं तथा हल्के हो जाते हैं। हल्के होने के कारण बीज पानी के ऊपर तैरने लगते हैं।

(पृष्ठ संख्या – 5)

प्रश्न 5.
मेरे विद्यालय के समीप एक पौधशाला (नर्सरी) है। मैंने देखा कि पौधे छोटे-छोटे थैलों में रखे हैं। वे इस प्रकार क्यों रखे गए हैं ?
उत्तर:
धान जैसे कुछ पौधों के बीजों को पहले पौधशाला में उगाया जाता है। पौधे तैयार हो जाने पर उन्हें हाथों द्वारा खेत में रोपित कर देते हैं। कुछ वनीय पौधे एवं पुष्पी पौधे भी पौधशाला में उगाए जाते हैं। .

(पृष्ठ संख्या – 5)

प्रश्न 6.
मैंने एक खेत में उगने वाली स्वस्थ फसल के पौधों को देखा। जबकि पास के खेत में पौधे कमजोर थे। कुछ पौधे अन्य पौधों की तुलना में ज्यादा अच्छी तरह से क्यों उगते हैं ?
उत्तर:
खेत में लगातार फसलों के उगाने से मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। इन पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए खाद मिट्टी में मिलाई जाती है। कुछ पौधे खाद की कमी के कारण कमजोर रह जाते हैं।

(पृष्ठ संख्या – 10)

प्रश्न 7.
क्या ये अन्य पौधे विशेष उद्देश्य के लिए उगाये गये हैं?
उत्तर:
खेत में कई अन्य पौधे प्राकृतिक रूप से फसल के साथ उग जाते हैं। इन अवांछित पौधों को खरपतवार कहते हैं। ये खरपतवार जल, पोषक तत्त्व, जगह और प्रकाश की स्पर्धा कर फसल की वृद्धि पर प्रभाव डालते हैं तथा कुछ खरपतवार कटाई में भी बाधा डालते हैं, ये मनुष्य एवं पशुओं के लिए कुछ विषेले भी हो सकते हैं। अत: इनकी निराई आवश्यक है।

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(पृष्ठ संख्या -10)

प्रश्न 8.
क्या खरपतवारनाशी का प्रभाव इसको छिड़कने वाले व्यक्ति पर भी पड़ता है. ?
उत्तर:
खरपतवारनाशी हानिकारक रसायनों के बने होते हैं, इनके छिड़काव से किसान के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ सकता है। अत: इन रसायनों के प्रयोग के समय किसान को अपना मुँह एवं नाक कपड़े से ढंक लेने चाहिए।

(पृष्ठ संख्या – 11)

प्रश्न 9.
मैंने अपनी माँ को अनाज रखे लोहे के ड्रम में नीम की सूखी पत्तियाँ रखते देखा। मुझे आश्चर्य हुआ, क्यों?
उत्तर:
नीम की सूखी पत्तियाँ रखने से बीजों की कीट पीड़कों, जीवाणु एवं कवक से सुरक्षा हो जाती है।

HBSE 8th Class Science फसल उत्पादन एवं प्रबंध Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
उचित शब्द छाँटकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
तैरने, जल, फसल, पोषक, तैयारी
(क) एक स्थान पर एक ही प्रकार के बड़ी मात्रा में उगाए गए पौधों को …………….. कहते हैं।
(ख) फसल उगाने से पहले प्रथम चरण मिट्टी की …………….. होती है।
(ग) क्षतिग्रस्त बीज जल की सतह पर ……………….. लगेंगे।
(घ) फसल उगाने के लिए पर्याप्त सूर्य का प्रकाश एवं मिट्टी से तथा …………….. आवश्यक हैं।
उत्तर:
(क) फसल
(ख) तैयारी
(ग) तैरने
(घ) जल, पोषक तत्त्व।

प्रश्न 2.
कॉलम ‘A’ में दिये गए शब्दों का मिलान कॉलम ‘B’ से कीजिए।

कॉलम ‘A’कॉलम ‘B’
(i) खरीफ फसल(a) मवेशियों का चारा
(ii) रबी फसल(b) यूरिया एवं सुपर फॉस्फेट
(iii) रासायनिक उर्वरक(c) पशु अपशिष्ट, गोबर, मूत्र  एवं पादप अवशेष
(iv) कार्बनिक खाद(d) गेहूँ, चना, मटर
(e) धान एवं मक्का

उत्तर:

कॉलम ‘A’कॉलम ‘B’
(i) खरीफ फसल(e) धान एवं मक्का
(ii) रबी फसल(d) गेहूँ, चना, मटर
(iii) रासायनिक उर्वरक(b) यूरिया एवं सुपर फॉस्फेट
(iv) कार्बनिक खाद(c) पशु अपशिष्ट, गोबर, मूत्र  एवं पादप अवशेष

प्रश्न 3.
निम्न के दो-दो उदाहरण दीजिए –
(क) खरीफ फसल
(ख) रबी फसल
उत्तर:
(क) खरीफ फसल – (i) धान (ii) मक्का
(ख) रबी फसल – (i) गेहूँ (ii) चना

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प्रश्न 4.
निम्न पर अपने शब्दों में एक-एक पैराग्राफ लिखिए-
(क) मिट्टी तैयार करना
(ख) बुआई
(ग) निराई
(घ) श्रेशिंग
उत्तर:
(क) मिट्टी तैयार करना ( Preparation of soil):
यह प्रक्रिया फसल उगाने का प्रथम चरण है। इस प्रक्रिया में मिट्टी को पलटा जाता है व पोला किया जाता है। इस प्रकार पौधे की जड़ें मिट्टी में आसानी से साँस ले सकती हैं। पोली बनाई हुई मिट्टी में केंचुओं और सूक्ष्मजीवों को वृद्धि में सहायता मिलती है तथा ये मिट्टी को और अधिक पोला कर ह्यूमस बनाते हैं, इसके अतिरिक्त मिट्टी पलटने से पोषक पदार्थ ऊपर आ जाते हैं, इससे पौधों की वृद्धि भी होती है। इस क्रिया को ‘जुताई’ कहते हैं।

(ख) बुआई (Sowing):
बीजों को खेत में हाथों द्वारा या सीड-ड्रिल द्वारा बोया जाता है, खेत में बीज बोने की प्रक्रिया बुआई कहलाती है। यह फसल उत्पादन का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। बीज अच्छी किस्म के साफ एवं स्वच्छ होने से पैदावार भी अधिक होती है। उचित बीजों को चुनने के पश्चात इन बीजों को उचित गहराई तथा उचित दूरी पर बोना चाहिए ताकि प्रत्येक पौधे को पर्याप्त हवा, प्रकाश, खनिज एवं पानी मिल सके। खेतों में बुआई के दो तरीके हैं
(i) परम्परागत औजारों द्वारा : यह औजार कीप के आकार का होता है। बीज को कीप के अंदर डालकर दो या तीन नुकीले सिरे वाले पाइपों से गुजारा जाना है जोकि मिट्टी को भेदकर बीज को स्थापित कर देते हैं।
(ii) सीड-डिल द्वारा : ट्रैक्टर द्वारा संचालित सीड-ड्रिल आजकल बुआई के लिए उपयोग में लाया जाता है, इसके द्वारा बीज समान दूरी व समान गहराई पर बने रहते हैं बुआई के पश्चात् बीज मिट्टी द्वारा ढक जाते हैं। सीडडिल द्वारा बुआई करने से समय एवं श्रम दोनों की बचत हो जाती है तथा पक्षियों द्वारा बीजों को होने वाले नुकसान
से भी बचा जा सकता है।

(ग) निराई (Weeding):
खेत में प्राकृतिक रूप से फसल के साथ उगने वाले पौधे अवांछित होते हैं जो खरपतवार कहलाते हैं। इस खरपतवार को खेत से हटाने की क्रिया निराई कहलाती है। खरपतवार हटाने का सबसे सही समय फूल एवं बीज बनने से पहले होना चाहिए। यह अत्यन्त आवश्यक है, क्योंकि खरपतवार जल, पोषक तत्व, जगह और प्रकाश की स्पर्धा कर फसल की वृद्धि पर प्रभाव डालते हैं। इनको विभिन्न तरीकों से हटाया व नियत्रित किया जा सकता है। समय-समय पर इन पौधों को हाथ से जड़ सहित उखाड़कर अथवा भूमि के निकट से हटा दिया जाता है, यह कार्य खुरपी या हैरो की मदद से भी किया जाता है। रसायनों के उपयोग से भी खरपतवार नियंत्रण किया जाता है, यह रसायन खरपतवारनाशी कहलाते हैं। जैसे – 2, 4-D आदि।

(घ) शिंग (Threshing):
फसल की कटाई के पश्चात् फसल के दानों या बीजों को भूसे से अलग करना. श्रेशिंग कहलाता है। बड़े स्तर पर यह कार्य कॉम्बाइन मशीन द्वारा किया जाता है। छोटे खेत वाले किसान अनाज के दानों को फटककर (विनोइंग) अलग करते हैं।

प्रश्न 5.
स्पष्ट कीजिए कि उर्वरक खाद से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर:

उर्वरकखाद
1. यह एक अकार्बनिक लवण है।1. यह एक कार्बनिक पदार्थ है।
2. इसका उत्पादन फैक्ट्री में होता है।2. खाद खेतों में बनाई जाती है।
3. उर्वरक से मिट्टी को यूमस प्राप्त नहीं होता।3. खाद से मिट्टी को यूमस प्रचुर मात्रा में प्राप्त होता है।
4. उर्वरक में पादप पोषक तत्त्व जैसे कि नाइट्रोजन, फॉस्फोरस प्रचुरता में होते हैं ।4. खाद में पादप पोषक तत्त्व तुलनात्मक रूप से कम होते हैं ।
5. यह पानी में घुलनशील होने के कारण इनका अवशोषण शीघ्र हो जाता है।5 यह पानी में अघुलनशील होने के कारण इनका अवशोषण धीरे-धीरे होता है।

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प्रश्न 6.
सिंचाई किसे कहते हैं ? जल संरक्षित करने वाली सिंचाई की दो विधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
सिंचाई (Irrigation):
वृद्धि के लिए फसलों को को जल की आवश्यकता होती है, आवश्यकतानुसार ‘विभिन्न अंतराल पर खेत में जल देना सिंचाई कहलाता है।’ आधुनिक तरीकों से सिंचाई की विधि – जल संरक्षित करने वाली सिंचाई की दो विधियाँ निम्न हैं
(1) छिड़काव तंत्र (Sprinklersystem):
इस विधि का उपयोग असमतल भूमि के लिए किया जाता है। इस विधि में (चित्रानुसार) ऊर्ध्व पाइपों (नलों) के ऊपरी सिरों पर घूमने वाले नोजल लगे होते हैं। यह पाइप निश्चित दूरी पर मुख्य पाइप से जुड़े होते हैं। जब पम्प की सहायता से जल मुख्य पाइप म भजा जाता है तो वह घूमते हुए नोजल से बाहर निकलता है। इसका छिड़काव पौधों पर इस प्रकार होता है, जैसे वर्षा हो रही हो। यह छिड़काव बलुई मिट्टी के लिए अत्यन्त उपयोगी है।
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 1 फसल उत्पादन एवं प्रबंध -1
(ii) ड्रिप तंत्र ( Drip system):
इस विधि में जल बूंद-बूंद करके पौधों की जड़ों में गिरता है, इसलिए यह ड्रिप तंत्र कहलाता है।
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 1 फसल उत्पादन एवं प्रबंध -2
इस विधि में एक मुख्य नली व उसकी सहायक नलियाँ होती हैं। इन सहायक नलियों के सिरे पर विशेष नोज़ल लगी होती है, इनके द्वारा जल बूंद-बूँद करके जड़ों में जाता है तथा पानी व्यर्थ नहीं जाता। यह विधि जल की कमी वाले क्षेत्रों के लिए वरदान सिद्ध हुई है।

प्रश्न 7.
यदि गेहूँ को खरीफ ऋतु में उगाया जाए तो क्या होगा ? चर्चा कीजिए।
उत्तर:
गेहूँ की फसल शीत ऋतु में होती है, यह एक रबी फसल है, इसे कम तापमान और कम पानी की आवश्यकता होती है। यदि गेहूँ को खरीफ़ अर्थात् वर्षा ऋतु में उगाया जाए तो इसको अधिक पानी मिलेगा, जिसको यह फसल सहन नहीं कर सकेगी। गेहूँ के पौधे को अधिक मात्रा में पानी मिलने की वजह से सड़कर खराब हो जायेंगे और फसल बर्वाद हो जाएगी।

प्रश्न 8.
खेत में लगातार फसल उगाने से मिट्टी पर क्या प्रभाव पड़ता है ? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
किसी भी खेत में फसल के भरपूर उत्पादन के लिए खेतों में खाद व उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग किया जाता है। नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम आदि सभी पोषक तत्व खाद व उर्वरकों में अत्यधिक मात्रा में होते हैं, यह मिट्टी की प्रकृति को क्षारीय अथवा अम्लीय बना देते हैं। अधिक उपयोग से जब मिट्टी की प्रकृति ही बदल जाएगी तो पैदावार भी ठीक नहीं होगी।

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प्रश्न 9.
खरपतवार क्या हैं? हम उनका नियंत्रण कैसे कर सकते हैं?
उत्तर:
खरपतवार :
फसल के साथ उगे हुए अवांछित पौधे खरपतवार कहलाते हैं। खरपतवार हटाने की प्रक्रिया ‘निराई’ कहलाती है। इनकी वृद्धि पर नियंत्रण हम निम्न विधियों द्वारा कर सकते हैं-
(i) जुताई : जुताई हल से की जाती है। फसलें उगाने से पहले मिट्टी को पलटना, पोला बनाना और समतल करना जुताई कहलाती है। इस क्रिया में खरपतवार उखड़ कर मिट्टी में मिल जाते हैं।
(ii) हाथ से उखाड़कर : खरपतवार को हाथों द्वारा उखाड़कर अथवा खुरपी द्वारा मिट्टी से अलग किया जा सकता है।
(iii) रासायनिक विधियों द्वारा : इस विधि में रासायनिक पदार्थों को उपज पर छिड़का जाता है। खेतों में इनका छिड़काव करने पर खरपतवार पौधे मर जाते हैं जबकि फसल को कोई हानि नहीं होती है। खरपतवारनाशी को जल में आवश्यकतानुसार मिलाकर स्प्रेयर (फुहारने का यंत्र) की सहायता से खेत में छिड़काव किया जाता है। यह पदार्थ खरपतवारनाशी कहलाते हैं, जैसे-2.4. D आदि।

प्रश्न 10.
निम्न बॉक्स को सही क्रम में इस प्रकार लगाइए कि गन्ने की फसल उगाने का रेखाचित्र तैयार हो जाए।
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उत्तर:
5 → 6 → 4 → 7 → 2 → 3 → 1 →

प्रश्न 11.
नीचे दिए गए संकेतों की सहायता से पहेली को पूरा कीजिए-
ऊपर से नीचे की ओर
1. सिंचाई का पारंपरिक तरीका,
2 बड़े पैमाने पर पालतू पशुओं की उचित देखभाल करना,
3. फसल जिन्हें वर्षा ऋतु में बोया जाता है,
6. फसल पक जाने के बाद काटना

बाई से दाईं ओर
1. शीत ऋतु में उगाई जाने वाली फसलें,
4. एक ही किस्म के पौधे जो बड़े पैमाने पर उगाए जाते हैं,
5. रासायनिक पदार्थ जो पौधे को पोषक तत्त्व प्रदान करते हैं,
7. खरपतवार हटाने की प्रक्रिया
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 1 फसल उत्पादन एवं प्रबंध -4
उत्तर:
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HBSE 8th Class Science फसल उत्पादन एवं प्रबंध Important Questions and Answers

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. खरपतवार हटाने को कहते हैं
(अ) कटाई
(ब) निराई
(स) बुआई
(द) थ्रेशिंग
उत्तर:
(ब) निराई

2. हार्वेस्टर का उपयोग होता है
(अ) खरपतवार हटाने में
(ब) सिंचाई करने में
(स) फसल को काटने में
(द) बीज की बुआई करने में।
उत्तर:
(स) फसल को काटने में

3. उचित समय एवं अंतराल पर फसल को जल देना कहलाता है
(अ) सिंचाई
(ब) थ्रेसिंग
(स) निराई
(द) बुआई
उत्तर:
(अ) सिंचाई

4. कल्टीवेटर का कार्य है
(अ) बुआई में
(ब) जुताई में
(स) निराई में
(द) सिंचाई में।
उत्तर:
(ब) जुताई में

5. फलीदार पौधों की फसल द्वारा भूमि में जिस तत्व की मात्रा बढ़ती है, वह है
(अ) फास्फोरस
(ब) पोटेशियम
(स) नाइट्रोजन
(द) ऑक्सीजन।
उत्तर:
(स) नाइट्रोजन

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रिक्त स्थान पूर्ति

(i) उर्वरक एक ……………… लवण है।
(ii) ……………… कटाई के काम आती है।
(iii) छोटे खेत वाले किसान अनाज के दानों को ……………… कर अलग करते हैं।
(iv) ……………… रसायन खरपतवार को नष्ट करते हैं।
उत्तर:
(i) अकार्बनिक
(ii) दराँती
(iii) फटक(विनोइंग)
(iv) खरपतवारनाशी।

सुमेलन

कॉलम ‘A’कॉलम ‘B’
(i) रहट(a) कॉड लीवर तेल
(ii) ड्रिप तंत्र(b) सिंचाई का पारंपरिक तरीका
(iii) 2, 4-D(c) सिंचाई का आधुनिक तरीका
(iv) विटामिन-D(d) खरपतवरनाशी

उत्तर:

कॉलम ‘A’कॉलम ‘B’
(i) रहट(b) सिंचाई का पारंपरिक तरीका
(ii) ड्रिप तंत्र(c) सिंचाई का आधुनिक तरीका
(iii) 2, 4-D(d) खरपतवरनाशी
(iv) विटामिन-D(a) कॉड लीवर तेल

सत्य/असत्य कथन

(क) खाद से मिट्टी को घूमस प्रचुर मात्रा में प्राप्त होती है।
(ख) खरपतवार हटाने को जताई कहते हैं।
(ग) दानों को भूसे से अलग करना थ्रेसिंग कहलाता है।
(घ) बीजों को पीड़कों एवं सूक्ष्म जीवों से संरक्षित करने के लिए उचित भण्डारण आवश्यक है।
उत्तर:
(क) सत्य
(ख) असत्य
(ग) सत्य
(घ) सत्य।

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अति लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
‘कृषि’ की परिभाषा बताएँ।
उत्तर:
कृषि (Agriculture): फसलों को खेतों में उगाने की प्रक्रिया कृषि कहलाती है।

प्रश्न 2.
“फसल’ किसे कहते हैं ?
उत्तर:
एक ही किस्म के पौधों को एक ही स्थान पर उगाया जाना फसल कहलाता है।

प्रश्न 3.
पौधों की उचित वृद्धि के लिए कौन-से कारक उत्तरदायी हैं ?
उत्तर:
पौधों की वृद्धि के लिए उत्तरदायी कारक
(i) वायु
(ii) सूर्य का प्रकाश
(iii) जल व. पोषक तत्व।

प्रश्न 4.
ऋतुओं के अनुसार उपज का वर्गीकरण कैसे किया गया है ?
उत्तर:
फसलें दो प्रकार की होती हैं –

  • रबी फसल
  • खरीफ फसल

प्रश्न 5.
खरीफ फसल कौन-से महीनों में होती है?
उत्तर:
भारत में सामान्यतः वर्षा ऋतु के अनुसार जून से सितम्बर तक होती है।

प्रश्न 6.
कौन-सी फसल शीत ऋतु में होती है ?
उत्तर:
रबी की फसल।

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प्रश्न 7.
दो फलीदार पौधों के नाम बताओ।
उत्तर:

  • चना
  • मटर।

प्रश्न 8.
जुताई से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
मिट्टी को उलटने-पलटने व पोला करने की प्रक्रिया जुताई कहलाती है।

प्रश्न 9.
‘कुदाली’ क्या है?
उत्तर:
यह एक सरल औजार है जिसका उपयोग खरपतवार निकालने एवं मिट्टी को पोला करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 10.
‘खाद एवं उर्वरक’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
जो पदार्थ मिट्टी में पोषक स्तर बनाए रखने के लिए मिलाए जाते हैं, खाद एवं उर्वरक कहलाते हैं।

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प्रश्न 11.
सिंचाई के स्रोतों के नाम लिखें।
उत्तर:
कुएँ, जलकूप, तालाब/झील, नदियाँ, बाँध, नहर इत्यादि जल के स्रोत हैं।

प्रश्न 12.
सिंचाई के लिए प्रयुक्त होने वाली दो मुख्य आधुनिक विधियाँ कौन-सी हैं?
उत्तर:

  • छिड़काव तंत्र द्वारा
  • ड्रिप तंत्र द्वारा।

प्रश्न 13.
सीड-ड्रिल का उपयोग कहाँ होता है?
उत्तर:
उचित गहराई में बीज बोने के लिए सीड-ड्रिल का उपयोग होता है।

प्रश्न 14.
खरपतवारनाशी क्या होते हैं?
उत्तर:
ऐसे रसायन जो खरपतवार को नष्ट कर देते हैं, खरपतवारनाशी कहलाते हैं।

प्रश्न 15.
कॉम्बाइन (Combine) से आप क्या समझते
उत्तर:
यह कटाई और श्रेसिंग दोनों प्रक्रियाओं को साथ में आसानी से करने वाला यंत्र है।

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प्रश्न 16.
मछली से प्राप्त कॉड लीवर तेल में कौन-सा विटामिन प्रचुर मात्रा में मिलता है?
उत्तर:
विटामिन DI

प्रश्न 17.
पौधों की सर्वाधिक वृद्धि के लिए कौन से पदार्थ आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं?
उत्तर:
पौधों की सर्वाधिक वृद्धि के लिए यूरिया एवं जैविक खाद आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सजीव भोजन ग्रहण क्यों करते हैं?
उत्तर:
सजीव विभिन्न जैविक प्रक्रमों जैसे-पाचन, श्वसन एवं उत्सर्जन के संपादन हेतु ऊर्जा प्राप्त करने के लिए भोजन ग्रहण करते हैं। भोजन पौधों अथवा जंतुओं या दोनों से प्राप्त करते हैं।

प्रश्न 2.
‘कल्टीवेटर’ का उपयोग क्या है ?
उत्तर:
कल्टीवेटर : आजकल जताई ट्रैक्टर द्वारा संचालित कल्टीवेटर से की जाती है, इसके प्रयोग से श्रम व समय दोनों की बचत होती है।
HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 1 फसल उत्पादन एवं प्रबंध -6
कल्टीवेटर को ट्रैक्टर द्वारा चलाते हुए

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प्रश्न 3.
खाद क्या है? यह कैसे प्राप्त की जाती है?
उत्तर:
खाद एक कार्बनिक (जैविक) पदार्थ है जो कि पौधों या जंतु अपशिष्ट से प्राप्त होती है। किसान पादप एवं जंतु अपशिष्टों को एक गड्ढे में डालते जाते हैं तथा इसका अपघटन होने के लिए खुले में छोड़ देते हैं। अपघटन कुछ सूक्ष्म जीवों द्वारा होता है। अपघटित पदार्थ खाद के रूप में उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 4.
उर्वरक क्या हैं ? उदाहरण दीजिए?
उत्तर:
उर्वरक रासायनिक पदार्थ हैं जो विशेष पोषकों से समृद्ध होते हैं। इनका उत्पादन फैक्ट्रियों में किया जाता है।
उदाहरण – यूरिया, अमोनिया, सल्फेट, N.PK. (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम)

प्रश्न 5.
फसल चक्रण क्या है?
उत्तर:
फसल चक्रण:
फसल चक्रण का अर्थ है फसल का बदलना। प्रतिवर्ष नई फसल की पैदावार करना फसल चक्रण कहलाता है। इस प्रक्रिया से भूमि में विशेष पोषक तत्वों की कमी नहीं होती तथा कीट पीड़क भी अधिक नहीं पनप पाते। यदि एक ही फसल को एक ही भूमि पर बार-बार उगाया जाए तो उस भूमि पर कुछ विशेष पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।

प्रश्न 6.
मिट्टी में खाद के उपयोग से क्या लाभ होता है?
उत्तर:
खाद के उपयोग से मिट्टी के गठन एवं जल अवशोषण क्षमता में वृद्धि होती है। मिट्टी में सभी पोषक तत्वों की कमी भी पूरी होती है तथा खाद से निम्नलिखित लाभ होते हैं-
(1) मिट्टी की जल धारण करने की क्षमता में वृद्धि हो जाती है।
(2) इससे मित्र जीवाणुओं की संख्या बढ़ जाती है।
(3) इसके द्वारा मिट्टी संरन्ध्र हो जाती है जिससे गैस विनिमय सुगमता से होता है।
(4) इससे मिट्टी का गठन सुधर जाता है।

प्रश्न 7.
फल, सब्जियों अथवा अनाजों को उपयोग में लाने से पहले धोया जाता है, क्यों ?
उत्तर:
इनके ऊपर पीड़कनाशकों की तह हो सकती है। इसलिए खेत से प्राप्त अनाज, फल, सब्जियों को धोकर प्रयोग में लाना चाहिए।

प्रश्न 8.
‘साइलो’ शब्द से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
बीजों का बड़े पैमाने पर भण्डारण करने के लिए उपयुक्त होने वाले पात्र, साइलों कहलाते हैं।

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प्रश्न 9.
लगातार वर्षा का फसलों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर:
कुछ फसलों को पानी की कम आवश्यकता होती है, यदि वर्षा अधिक व लगातार होती रहेगी तो फसलें मर जाएँगी तथा अस्वस्थ-पैदावार होगी।

प्रश्न 10.
कृषि पद्धतियाँ (Agricultural Methods) क्या हैं ? विस्तार से समझाओ।
उत्तर:
कृषि पद्धतियाँ – फसल उगाने के लिए किसान द्वारा सामयिक अवधि में अपनाए गए कई क्रिया कलापों को कृषि पद्धतियाँ कहते हैं। यह क्रिया-कलाप निम्न हैं

  1. मिट्टी तैयार करना
  2. बुआई
  3. खाद एवं उर्वरक देना
  4. सिंचाई
  5. खरपतवार से सुरक्षा
  6. कटाई
  7. भण्डारण।

प्रश्न 11.
एक बीकर में कुछ मात्रा में पानी लेकर उसमें एक मुट्ठी गेहूँ डालने पर कुछ समय बाद क्या प्रतीत होता है?
उत्तर:
गेहूँ के कुछ दाने पानी में बँट जाते है जबकि कुछ दाने पानी में तैरते है क्यों यह अन्दर से खोखले होते है। इस विधि से, अच्छे व स्वस्थ बीजों की क्षतिग्रस्त बीजों – से आसानी से अलग किया जा सकता है।

प्रश्न 12.
निम्नलिखित खाद पदार्थों के स्रोत बताइए
दूध, माँस, शहद, कॉड लिवर तेल
उत्तर:

खाद पदार्थस्रोत
दूधगाय, भैंस, बकरी
माँसबकरी, भेड, मुर्गी
शहदमधुमक्खी
कॉड लिवर तेलमछली

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 1 फसल उत्पादन एवं प्रबंध

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
फसल से क्या तात्पर्य है ? मोटे तौर पर फसलों को कितने प्रकार में बाँटा गया है उन्हें समझाइए।
उत्तर:
जब एक ही प्रकार के पौधे किसी स्थान पर अत्यधिक बड़े पैमाने पर उगाए जाते हैं तो इसे फसल कहते हैं। फसलें विभिन्न प्रकार की होती है, जैसे कि अन्न सब्जियाँ एवं फल। जिस मौसम में ये पौधे उगाए जाते हैं उसके आधार पर फसलों का वर्गीकरण किया जाता है। हमारे देश में विभिन्न स्थानों पर विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं। इसके बावजूद मोटे तौर पर फसलों को मुख्यतः दो भागों में बाँटा जा सकता है-
(i) खरीफ फसल : वह फसलें जिन्हें वर्षा ऋतु में बोया जाता है, खरीफ फसल कहलाती है; जैसे- धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, कपास आदि। भारत में वर्षा ऋतु सामान्यत: जून से सितम्बर के बीच होती है, अतः ये सभी खरीफ की फसलें इन माहों में बोयी जाती हैं।
(ii) रबी फसल : शीत ऋतु में उगाई जाने वाली फसलें रबी फसलें कहलाती हैं; जैसे- गेहूँ, चना, मटर, सरसों आदि रबी की फसलों के उदाहरण हैं।

प्रश्न 2.
पौधों की सिंचाई (जल देना) क्यों आवश्यक है, सिंचाई के स्रोत लिखिए।
उत्तर:
प्रत्येक जीव को जल की आवश्यकता होती है। पौधों की जड़ों द्वारा जल का अवशोषण किया जाता है जिसके साथ-साथ खनिजों एवं उर्वरकों का भी अवशोषण होता है। पौधों में लगभग 90% जल होता है। जल की आवश्यकता के कारण निम्नवत् हैं0

(1) बीजों के अंकुरण के लिए जल आवश्यक है।
(2) जल में घुले पोषक तत्वों का स्थानान्तरण पौधे के प्रत्येक भाग में होता है।
(3) यह फसल की पाले एवं गर्म हवा से रक्षा करता है।
(4) मिट्टी की नमी को बनाए रखता है जिससे कि स्वस्थ फसल की प्राप्ति होती है।

इसके लिए विभिन्न समय अन्तराल पर खेत में जल देना चाहिए, इसे सिंचाई कहते हैं। सिंचाई का समय एवं बारम्बारता फसलों, मिट्टी एवं ऋतु में भिन्न-भिन्न होती है। सिंचाई के स्रोत :- कुएँ, तालाब/झील, नदियाँ, जलकूप, बाँध एवं नहर इत्यादि सिंचाई के स्रोत हैं।

HBSE 8th Class Science Solutions Chapter 1 फसल उत्पादन एवं प्रबंध

प्रश्न 3.
कृषि उत्पादों के भण्डारण पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
फसल को अधिक समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसे नमी, कीट, चूहों तथा सूक्ष्म जीवों से बचाना तथा उसका भण्डारण आवश्यक है। भण्डारण से पहले दानों (बीजों) को धूप में सुखाना आवश्यक है क्योंकि यदि ताजी काटी गई फसल के दानों को सुखाए बिना भण्डारित किया गया हो तो उनके खराब होने की सम्भावना बहुत अधिक हो जाती है।

धूप में सुखाए जाने से बीजों की नमी में कमी आ जाती है तथा उनकी कोट, पीड़कों, जीवाणु, कवक आदि से सुरक्षा हो जाती है। आजकल किसान अपनी फसल उत्पादों को जूट के बोरों, धातु के बड़े पात्रों (Bins) में रखते हैं जिससे वे सुरक्षित बने रहते हैं। उच्च पैमाने पर भण्डारण हेत साइलो और भण्डारगृहों का प्रयोग दानों को सुरक्षित रखने के – लिए किया जाता है। इससे ये चूहे एवं कीटों से सुरक्षित रहते हैं। नीम की सूखी पत्तियाँ घरों में अनाज के भण्डारण में उपयोग में लायी जाती हैं। बड़े भण्डार गृहों में अनाज को पीडकों एवं सूक्ष्म जीवों से सुरक्षित रखने के लिए उन पर रासायनिक उपचार भी किया जाता है।

फसल उत्पादन एवं प्रबंध Class 8 HBSE Notes in Hindi

→ फसल (Crops) : किसी एक स्थान पर एक ही किस्म के पौधों को बड़ी मात्रा में उगाने को फसल कहते हैं।

→ कृषि पद्धतियाँ (Agricultural Methods) : फसल उगाने के लिए किसान द्वारा सामयिक अवधि में अपनाए गए क्रिया-कलापों को कृषि पद्धतियाँ कहते हैं।

→ जुताई (Ploughing) : वह क्रिया, जिसमें फसल उगाने से पहले मिट्टी को पलटना, पोला बनाना और समतल करना पड़ता है, जुताई कहलाती है ।

→ बुआई (Sowing) : मिट्टी में बीज बोने की विधि बुआई कहलाती है ।

→ उर्वरक (Fertilizers) : वे पदार्थ जिन्हें मिट्टी में पोषक स्तर बनाए रखने के लिए मिलाते हैं, उर्वरक कहलाते|

→ सिंचाई (Irrigation) : पौधों के वृद्धि एवं परिवर्द्धन के लिए आवश्यकतानुसार पानी देने की क्रिया सिंचाई| कहलाती है।

→ खरपतवार (Weeds) : फसल के साथ उगे हुए अवांछित पौधों को खरपतवार कहते हैं।

→ खरपतवारनाशी (Weedicide) : वे रसायन जिनसे खरपतवार को नियंत्रित करते हैं, खरपतवारनाशी कहलाते|

→ कटाई (Harvesting) : फसल के पकने पर काटे जाने की प्रक्रिया कटाई कहलाती है।

→ निराई (Weeding) : खरपतवार को खेत से निकालने की प्रक्रिया को निराई कहते हैं ।

→ भंडारण (Storage) : फसल के दानों को बड़े-बड़े भंडारगृहों में एकत्रित किया जाना, भंडारण कहलाता है।

→ भंडारगृह (Granaries) : बड़े-बड़े खुले हॉल जहाँ अनाज के दानों को बड़े पैमाने पर एकत्र किया जा सके ।

→ पशुपालन (Animal husbandry) : पशुओं के उचित भोजन, आवास और देखभाल को पशु-पालन कहते हैं।

→ श्रेशिंग (Threshing) : भूसे से अनाज के दानों को पृथक् करने की विधि थ्रेशिंग कहलाती है।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

HBSE 7th Class Science अपशिष्ट जल की कहानी InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र का बोझ मत बढ़ाइए। पहेली जानना चाहती है कि यह कैसे सम्भव होगा?
उत्तर:
(i) नालियों में चिकनाई न बहाकर ।
(ii) रासायनिक पदार्थ तथा औषधियाँ न बहाकर इनसे शुद्धिकरण में सहायक सूक्ष्म जीव मर सकते हैं।
(iii) कोई भी ठोस पदार्थ नाली में न बहाकर।

प्रश्न 2.
बूझो जानना चाहता है कि हवाई जहाज में वाहित मल का निबटान कैसे होता है ?
उत्तर:
इसे एक टैंक में एकत्रित करके हवाई अड्डे पर लाकर संयंत्र में डाला जाता है जहाँ इसका निबटान किया जाता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

HBSE 7th Class Science अपशिष्ट जल की कहानी Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) जल को स्वच्छ करना ……………………. को दूर करने का प्रक्रम है।
(ख) घरों द्वारा निर्मुक्त किये जाने वाला अपशिष्ट जल ……………………. कहलाता है।
……………………. का उपयोग खाद के रूप में किया जाता है।
(घ) नालियाँ ……………………. और ……………………. के द्वारा अवरुद्ध हो जाती हैं।
उत्तर:
(क) संदूषकों
(ख) वाहित मल
(ग) गोबर
(घ) पॉलीथीन, आपंक।

प्रश्न 2.
वाहित मल क्या है ? अनुपचारित वाहित मल को नदियों अथवा समुद्र में विसर्जित करना हानिकारक क्यों है, समझाइए।
उत्तर:
वाहित मल अपशिष्ट जल होता है जो कि घरों, उद्योगों, अस्पतालों आदि द्वारा उपयोग के बाद प्रवाहित होता है। तेज वर्षा के समय गलियों, सड़कों तथा छतों से बहकर आने वाला वर्षा जल भी इसमें शामिल है जो अपने साथ हानिकारक पदार्थों को भी बहा ले जाता है। वाहित मल में धुले हुए तथा निलम्बित अपद्रव्य युक्त जल होता है। ये अपद्रव्य संदूषक कहलाते हैं।

प्रश्न 3.
तेल और वसाओं को नाली में क्यों नहीं बहाना चाहिए ? समझाइए।
उत्तर:
तेल या वसा हल्का होने के कारण जल की सतह पर तैरता रहता है। इसके कारण वायु जल के अन्दर प्रवेश नहीं कर पाती है। फलस्वरूप ऐसे जल में रहने वाले जीवों को ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पाती और श्वसन के अभाव में उनकी मृत्यु हो जाती है।

प्रश्न 4.
अपशिष्ट जल से स्वच्छ जल प्राप्त करने के प्रक्रम में सम्मिलित चरणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्वच्छ जल प्राप्त करने के प्रक्रम में सर्वप्रथम जल को बार-बार शलाका छन्नों (बार स्क्रीन) से गुजारा जाता है जिससे कि बड़े आकार के सन्दूषक पृथक हो जाते हैं। अब वाहित अपशिष्ट जल को इस टंकी के अपशिष्ट जल से कम प्रवाह से छोड़ा जाता है, जिससे उसमें उपस्थित बालू, ग्रिट, कंकड़, पत्थर उसकी पेंदी में बैठ जाते हैं। फिर आपंक को अलग किया जाता है। उपचारित जल में अल्प मात्रा में कार्बनिक पदार्थ और निलम्बित अशुद्धियाँ होती हैं। इसे समुद्र, नदी अथवा भूमि में विसर्जित कर दिया जाता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

प्रश्न 5.
आपंक क्या है ? समझाइए कि इसे कैसे उपचारित किया जाता है ?
उत्तर:
जल शोधन के समय टंकी की तली में बैठ जाने वाली अशुद्धियों (मल आदि) खुरचकर बाहर निकाली जाती हैं जिन्हें आपंक कहते हैं। आपंक को पृथक् टंकी में स्थानान्तरित करके जीवाणुओं द्वारा अपघटित कराया जा सकता है। जल को बालू बिछाकर बनाये शुष्कन तलों अथवा मशीनों द्वारा हटा दिया जाता है। शुष्क अपंक का प्रयोग खाद के रूप में कृषि में किया जाता है।

प्रश्न 6.
अनुपचारित मानव मल एक स्वास्थ्य संकट है। समझाइए।
उत्तर:
अनुपचारित मानव मल, जल तथा मृदा प्रदूषण का कारण बन सकता है। इससे भौमजल तथा सतही जल दोनों ही प्रदूषित हो सकते हैं। अनुपचारित मानव मल से भयंकर बीमारियों के फैलने की अत्यधिक संभावनाएँ होती हैं। इसीलिये यह एक स्वास्थ्य संकट है।

प्रश्न 7.
जल को रोगाणुनाशित (रोगाणुमुक्त) करने के लिये उपयोग किये जाने वाले दो रसायनों के नाम बताइए।
उत्तर:
(i) क्लोरीन
(ii) ओजोन।

प्रश्न 8.
अपशिष्ट जल उपचार संयन्त्र में शलाका छन्नों के कार्यों को समझाइए।
उत्तर:
अपशिष्ट जल को शलाका छन्नों से गुजारे जाने पर बड़े आकार के सभी सन्दूषक अलग हो जाते हैं।

प्रश्न 9.
स्वच्छता और रोग के बीच सम्बन्ध को समझाइए।
उत्तर:
स्वच्छता और रोग के बीच निम्न सम्बन्ध हैं
(i) गन्दगी के कारण रोगाणु तथा रोग फैलते हैं।
(ii) साफ तथा स्वच्छ शरीर से रोगाणु दूर रहते हैं।
(iii) जहाँ स्वच्छता होती है वहाँ रोग नहीं होते।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

प्रश्न 10.
स्वच्छता के सन्दर्भ में एक सक्रिय नागरिक के रूप में अपनी भूमिका को समझाइए।
उत्तर:
स्वच्छता के सन्दर्भ में एक सक्रिय नागरिक के रूप में हम निम्न कार्य कर सकते हैं
(i) हम सबसे पहले अपने शरीर को साफ एवं स्वच्छ रखेंगे।
(ii) हम अपने घर तथा इसके आस-पास के वातावरण को स्वच्छ रखेंगे।
(iii) हम अपने पड़ोसियों के साथ मिलकर जल निकास की उचित व्यवस्था करेंगे।
(iv) मल-मूत्र को खले में नहीं छोड़ेंगे।
(v) हम सम्बन्धित नगरपालिका को साफ-सफाई के सम्बन्ध में सहयोग करेंगे।

प्रश्न 11.
प्रस्तुत वर्ग पहेली को दिये गये संकेतों की सहायता से हल कीजिए।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी -1

बाएँ से दाएँ-

2. वाहित मल उपचार संयन्त्र से प्राप्त गैसीय उत्पाद.
4. इस प्रक्रम में प्रदूषित जल से वायु को गुजारा जाता है।
7. वाहित मल ले जाने वाले पाइपों की व्यवस्था
8. उपयोग के बाद नालियों में बहता जल।

ऊपर से नीचे
1. जल उपचार में रोगाणुनाशन के लिए प्रयुक्त एक रसायन
3. वह सूक्ष्मजीव, जो ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में जैव पदार्थों का विघटन करते हैं।
5. सन्दूषित जल
6. यह स्थान, जहाँ वाहित मल से प्रदूषक पृथक किये जाते हैं।
19. अनेक व्यक्ति इसका विसर्जन खुले स्थानों में करते हैं।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी -2

प्रश्न 12.
ओजोन के बारे में निम्नलिखित वक्तव्यों को ध्यानपूर्वक पढ़िए-
(क) यह सजीव जीवों के श्वसन के लिये अनिवार्य
(ख) इसका उपयोग जल को रोगाणु रहित करने के लिये किया जाता है।
(ग) यह पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर लेती
(घ) वायु में इसका अनुपात लगभग 3% है। इनमें से कौन से वक्तव्य सही हैं।
(i) (क), (ख) और (ग)
(ii) (ख) और (ग)
(iii) (क) और (ग)
(iv) सभी चार
उत्तर:
(i) (ख) और (ग)।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

HBSE 7th Class Science अपशिष्ट जल की कहानी Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. ‘जीवन के लिए जल’ पर कार्य के लिए अन्तर्राष्ट्रीय दशक के रूप में घोषित किया गया
(क) वर्ष 1990 से 2000
(ख) वर्ष 1995 से 2005
(ग) वर्ष 2005 से 2015
(घ) वर्ष 2010 से 2020
उत्तर:
(ग) वर्ष 2005 से 2015

2. जल में कार्बनिक अशुद्धियाँ हो सकती हैं
(क) मानव मल
(ख) पीड़कनाशी
(ग) तेल
(घ) ये सभी
उत्तर:
(घ) ये सभी

3. प्रदूषित जल में हानिकारक जीव हो सकते हैं
(क) जीवाणु
(ख) प्रोटोजोआ
(ग) बीजाणु
(घ) ये सभी
उत्तर:
(घ) ये सभी

4. जल शोधक पदार्थ है
(क) मेथेन
(ख) क्लोरीन
(ग) सैकरीन
(घ) फीनॉल
उत्तर:
(ख) क्लोरीन

5. जैव निम्नीकरणीय जल प्रदूषक है
(क) प्लास्टिक की थैली
(ख) शाकनाशी
(ग) पीड़कनाशी
(घ) मानव मल
उत्तर:
(घ) मानव मल

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. अपशिष्ट जल के उपचार का प्रक्रम सामान्य रूप से ……………….. कहलाता है।
2. सीवर मिलकर ………… की व्यवस्था करता है।
3. निर्मलीकृत जल में पंप द्वारा वायु को गुजारा जाता है जिससे उसमें ………… की वृद्धि होती है।
4. ………… उन स्थानों के लिए उपयुक्त हैं जहाँ मल वहन की व्यवस्था नहीं है।
उत्तर;
1. वाहित मल उपचार
2. मल विसर्जन
3. वायवीय जीवाणु
4. सैप्टिक टैंक।

III. सुमेलन

कॉलम A तथा कॉलम B के शब्दों का मिलान कीजिए

कॉलम Aकॉलम B
1. टाइफाइड(a) वायुवीय जीवाणु
2. जल निर्मलीकरण(b) प्रदूषित जल का उपयोग
3. कीटनाशक(c) वाहित मल उपचार संयंत्र
4. वातित्र(d) जल प्रदूषक

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. टाइफाइड(b) प्रदूषित जल का उपयोग
2. जल निर्मलीकरण(a) वायुवीय जीवाणु
3. कीटनाशक(d) जल प्रदूषक
4. वातित्र(c) वाहित मल उपचार संयंत्र

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य कथन छाँटिए
1. वह जल जो शौचालयों, लान्ड्री, सिंक, कारखानों आदि से निकलता है, अपशिष्ट जल कहलाता है।
2. हैजा और टाइफाइड रोग के रोग कारक क्रमशः विनियो कोलेरा एवं साल्मानेला पैराटाइफी जीवाणु हैं।
3. अपशिष्ट जल में तैरने वाले तेल और ग्रीज को हटाने के लिए अपमथित्र (स्किमर) का उपयोग किया जाता है।
4. बायोगैस का उपयोग ऊर्जा के स्रोत के रूप में नहीं किया जा सकता है।
उत्तर:
1, सत्य
2. सत्य
3. सत्य
4. असत्य।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जल के शुद्धिकरण से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
शुद्धिकरण की प्रक्रिया जिसमें जल से पानी व सन्दूषित पदार्थों को पृथक् कर दिया जाता है।

प्रश्न 2.
वाहित मल क्या होता है ?
उत्तर:
वाहित मल घरों, उद्योगों, अस्पतालों, कार्यालयों और अन्य उपयोगों के बाद प्रवाहित किया जाने वाला जल होता है।

प्रश्न 3.
सन्दूषक किसे कहते हैं ?
उत्तर;
जल में घुले हुए तथा निलम्बित अपद्रव्य होते हैं जिन्हें सन्दूषक कहते हैं।

प्रश्न 4.
वाहित मल जल में कौन-कौन से पदार्थ हो सकते हैं? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
(i) सूक्ष्म जीव
(ii) रासायनिक अपशिष्ट
(iii) धातुओं के कण
(iv) सीसा के कण।

प्रश्न 5.
सन्दूषित जल के प्रयोग से किन रोगों के होने की सम्भावना होती है ?
उत्तर:
हैजा, टाइफाइड, पोलियो, मेनिन्जाइटिस, हेपैटाइटिस और पेचिश।

प्रश्न 6.
उस जीव का नाम लिखिये जिसका प्रयोग जल के शुद्धिकरण में किया जाता है ?
उत्तर:
जीवाणु (बैक्टीरिया)।

प्रश्न 7.
दो ऐसे पदार्थों के नाम लिखिए जिनसे जल को कीटाणु मुक्त किया जा सकता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
(i) फिटकरी
(ii) क्लोरीन।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

प्रश्न 8.
नदियों में जल प्रदूषण के दो कारक लिखिए।
उत्तर:
(i) घरेलू बाहित मल
(ii) उद्योगों का कचरा।

प्रश्न 9.
अपशिष्ट जल को कहाँ उपचारित किया जाता है ?
उत्तर:
अपशिष्ट जल को वाहित मल उपचार संयन्त्र में उपचारित किया जाता है।

प्रश्न 10.
हमारे लिये जल के स्रोत क्या हैं ?
उत्तर:
नदियाँ, कुएँ, ट्यूबवैल, झरने आदि।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित आरेख में खाली स्थानों में उपयुक्त शब्द भरिए। (क्रियाकलाप)
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी -3
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी -4

प्रश्न 2.
ऐसे चार क्रियाकलापों की सूची बनाइए जिसे न करने पर आप जल को सन्दूषणरहित बनाने में योगदान कर सकते हैं?
उत्तर:
(i) हमें खुले स्थानों पर मल विसर्जन नहीं करना चाहिए।
(ii) रसोईघर के अपशिष्ट पदार्थ, जैसे सब्जियों के छिलके आदि को नालियों में नहीं डालना चाहिए।
(ii) खाना पकाने के तेल एवं बर्तन साफ करने से निकले मैले को जल में नहीं डालना चाहिए।
(iv) कीटनाशकों, औषधियों, पेंट, विलायक आदि को जल में नहीं फेंकना चाहिए।

प्रश्न 3.
कृमि प्रसंस्करण शौचालय का क्या महत्व
उत्तर:
भारत में ऐसे शौचालयों की रूपरेखा का परीक्षण किया गया है, जिसमें मानव मल को केंचुओं द्वारा उपचारित किया जाता है। यह तकनीक मानव मल के सुरक्षित प्रसंस्करण के लिये आदर्श सिद्ध हो सकती है, क्योंकि इसके उपयोग में जल की बहुत कम मात्रा की आवश्यकता होती है। शौचालय का संचालन बहुत सरल और स्वच्छ है। मानव मल पूर्णत: कृमि केकों में परिवर्तित हो जाता है जो मृदा के लिये अति समृद्ध पोषक है।

प्रश्न 4.
वाहित जल में पाई जाने वाली विभिन्न अशुद्धियों का विवरण दीजिए।
उत्तर:
वाहित जल में पाई जाने वाली अशुद्धियाँ निम्न प्रकार हैं
(1) कार्बनिक अशुद्धियाँ-मानव मल, जैविक अपशिष्ट पदार्थ, तेल, यूरिया (मूत्र), पीड़कनाशी, शाकनाशी, फल एवं सब्जी का कचरा आदि।
(2) अकार्बनिक अशुद्धियाँ-नाइट्रेट, फॉस्फेट, धातुएँ।
(3) पोषक तत्व-फॉस्फोरस और नाइट्रोजनयुक्त पदार्थ।
(4) जीवाणु-हैजा और टाइफाइड आदि रोग उत्पन्न करने वाले।
(5) अन्य सूक्ष्म जीव पेचिश आदि रोग उत्पन्न करने वाले।

प्रश्न 5.
मल विसर्जन व्यवस्था क्या होती है ?
उत्तर:
घरों तथा सार्वजनिक भवनों को स्वच्छ जल की आपूर्ति सामान्यत: पाइपों के जाल द्वारा की जाती है। पाइपों के एक अन्य जाल द्वारा उपयोग किये जा चुके जल को ले जाया जाता है। उपयोग किये जा चुके जल को ले जाने वाली पाइप लाइनों को सीवर कहते हैं जो मल विसर्जन की व्यवस्था करता है। यह एक परिवहन तन्त्र की तरह है जो वाहित मल को उसके उद्गम स्थल से उसके निबटान के स्थान अर्थात् उपचार संयन्त्र तक ले जाता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अपशिष्ट जल उपचार संयन्त्र का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अपशिष्ट जल के उपचार में भौतिक, रासायनिक और जैविक प्रक्रम सम्मिलित होते हैं। यह प्रक्रम जल को सन्दूषित करने वाले भौतिक, रासायनिक और जैविक द्रव्यों को पृथक् करने में सहायता करते हैं।
(1) सबसे पहले अपशिष्ट जल को ऊर्ध्वाधर लगी छड़ों से बने शलाका छन्ने (बार स्क्रीन) से गुजारा जाता है। इससे अपशिष्ट जल में उपस्थित कपड़ों के टुकड़े, डण्डियाँ, डिब्बे, प्लास्टिक के पैकेट, नैपकिन आदि जैसे बड़े साइज के सन्दूषक अलग हो जाते हैं।

(2) अब वाहित अपशिष्ट जल को ग्रिट और बालू अलग करने की टंकी में ले जाया जाता है। इस टंकी में अपशिष्ट जल को कम प्रवाह से छोड़ा जाता है, जिससे उसमें उपस्थित बालू, ग्रिट और कंकड़-पत्थर उसकी पेंदी में बैठ जाते हैं।

(3) फिर जल को एक ऐसी बड़ी टंकी में ले जाया जाता है जिसका पेंदा मध्य भाग की ओर ढलान वाला होता है। जल को इस टंकी में कई घण्टों तक रखा जाता है, जिसमें मल जैसे ठोस उसकी तली के मध्य भाग में बैठ जाते हैं। इन अशुद्धियों को खुरचकर बाहर निकाल दिया जाता है। यह आपंक (स्लज) होता है। अपशिष्ट जल में तैरने वाले तेल और ग्रीस जैसी अशुद्धियों को हटाने के लिये अपमथित्र (स्किमर) का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार साफ किया गया जल निर्मलीकृत होता है।

(4) निर्मलीकृत जल में पम्प द्वारा वायु को गुजारा जाता है जिससे जीवाणुओं की वृद्धि होती है। ये अनेक अपशिष्ट पदार्थों का विघटन कर देते हैं।

कई घण्टों के पश्चात् जल में निलम्बित सूक्ष्म जीव टंकी की पेंदी में सक्रिय आपंक के रूप में बैठ जाते हैं। अब शीर्ष भाग से जल को निकाल दिया जाता है। सक्रिय आपंक लगभग 97% जल है। जल को बालू बिछाकर बनाये शुष्कन तो अथवा मशीनों द्वारा हटा दिया जाता है। शुष्क आपंक का उपयोग खाद के रूप में किया जाता है जिससे कार्बनिक पदार्थ और पोषक तत्व पुनः मृदा में वापस चले जाते हैं।

उपचारित जल में अल्प मात्रा में कार्बनिक पदार्थ और निलम्बित तत्व होते हैं। इसे समुद्र, नदी अथवा भूमि में विसर्जित कर दिया जाता है। कभी-कभी जल को वितरण तन्त्र में निर्मुक्त करने से पहले उसमें क्लोरीन अथवा ओजोन मिलाकर रोगाणुमुक्त किया जाता है।

प्रश्न 2.
अपने संदूषक सर्वेक्षण के आधार पर वाहित मल के प्रकार, उत्पत्ति स्थल, उपस्थित संदूषक पदार्थों की तालिका बनाइए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
सारणी सन्दूषक सर्वेक्षण

वाहित मल का प्रकारउत्पत्ति स्थलसंदूषक पदार्थकोई अन्य टिप्पणी
कूड़ा-करकट/मलिन जलरसोईशाकनाशीज्यादा प्रदूषित नहीं
दुर्गन्ध युक्त अपशिष्टशौचालयमलबहुत प्रदूषित
व्यावसायिक अपशिष्टऔद्योगिक और व्यावसायिक संस्थानरसायनअत्यधिक प्रदूषित

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 18 अपशिष्ट जल की कहानी

वन: हमारी जीवन रेखा Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ झाग से भरपूर, तेल मिश्रित, काले, भूरे रंग का जल जो सिंक, शौचालय, लॉन्ड्री आदि से नालियों में जाता है, वह अपशिष्ट जल कहलाता है।
→ जल समस्या की गंभीरता को समझते हुए विश्व जल दिवस 22 मार्च 2005 को संयुक्त राष्ट्र की जनरल एसेम्बली ने 2005-2015 को जीवन के लिए जल पर कार्य के लिए अन्तर्राष्ट्रीय दशक के रूप में घोषित किया है।
→ वाहित मल घरों, उद्योगों, अस्पतालों, कार्यालयों और अन्य उपयोगों के बाद प्रवाहित किए जाने वाला जल अपशिष्ट जल होता है।
→ प्रयुक्त जल अपशिष्ट जल कहलाता है, जिसका पुन: उपयोग किया जा सकता है।
→ वाहित मल द्रवरूपी अपशिष्ट पदार्थ होता है जो जल और मृदा का प्रदूषण उत्पन्न करता है।
→ छोटे एवं बड़े पाइपों की भूमि के अन्दर बनायी गयी व्यवस्था जो मिलकर मल विसर्जन की व्यवस्था करती है, सीवर कहलाती है।
→ अपशिष्ट जल उपचार के सह-उत्पाद, आपंक और बायो गैस हैं।
→ खुली (मुक्त) नाली व्यवस्था, मक्खी, मच्छर और अन्य ऐसे जीवों के लिए प्रजनन स्थल प्रदान करती है, जो रोग उत्पन्न करते हैं।
→ हमें खुले में मलत्याग नहीं करना चाहिये। कम लागत विधियों को अपनाकर मल का सुरक्षित निबटान सम्भव है।
→ अपशिष्ट जल – उपयोग के बाद बचा प्रदूषित जल अपशिष्ट जल कहलाता है।
→ वाहित मल – नालियों से बहता हुआ जल जिसमें घरेल, औद्योगिक अपशिष्ट पदार्थ होते हैं।
→ सीवर – वह व्यवस्था जो नालियाँ एवं पाइपों को जोड़कर मल विसर्जन के लिए बनायी जाती है।
→ वातन – वाहित मल में वायु का संचरण करना।
→ अपशिष्ट पदार्थ – ऐसे पदार्थ जो प्रयोग करने के बाद व्यर्थ बच जाते हैं।
→ आपंक – जब अपशिष्ट जल को साफ करने के लिये टंकी में ले जाया जाता है तो अपशिष्ट ठोस उसकी तली में बैठ जाते हैं, यह आपंक कहलाता है।
→ अवायवीय जीवाणु – जीवाणु जिन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं होती है।
→ वायवीय जीवाणु – जीवाणु जिन्हें जीवित रहने के लिये ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है।
→ जैवनिम्नीकरण – ऐसे अपशिष्ट पदार्थ जिन्हें सूक्ष्म जीवों द्वारा अपघटित (निम्नीकृत) किया जा सकता है।
→ बायो गैस – अवायवीय जीवाणुओं द्वारा आपंक को अपघटित करने पर एक ज्वलनशील गैस उत्पन्न होती है जो बायो गैस कहलाती है।
→ जल शोधन – अपशिष्ट जल का शुद्धीकरण।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 17 वन: हमारी जीवन रेखा

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 17 वन: हमारी जीवन रेखा Textbook Exercise Questions and Answers.

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HBSE 7th Class Science वन: हमारी जीवन रेखा InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
पहेली को याद आया कि उसने अपने विद्यालय की पावं दीवार पर पीपल का एक पौधा उगा हुआ देखा था। क्या आप यह समझने में उसकी सहायता कर सकते हैं कि वह वहाँ कैसे उग आया ?
उत्तर:
पीपल के फल गोल तथा स्वादिष्ट होते हैं। इनके अन्दर असंख्य सूक्ष्म बीज होते हैं। पके फलों को पक्षियों द्वारा खा लिया जाता है। पक्षियों के उदर में फल तो पच जाते हैं पर बीज नहीं पचते। ये बीज पक्षियों की बीट के साथ बाहर आते हैं। पक्षियों की बीट दीवारों, अन्य वृक्षों आदि पर गिरती हैं तो ये दीवारों या तनों की छाल में एकत्र थोड़ी-सी मिट्टी में ही उग आते हैं। ये इन स्थानों पर काफी बड़े हो सकते हैं।

प्रश्न 2.
यदि वन लुप्त हो जाये तो क्या होगा?
उत्तर:
पर्यावरण सन्तुलन बिगड़ जायेगा। वन्य जीवन में उथल-पुथल हो जायेगा। पर्यावरण में प्रदूषण बढ़ जाएगा। इसके कारण जन्तु-जीवन भी खतरे में आ जाएगा।

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HBSE 7th Class Science वन: हमारी जीवन रेखा Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
समझाइए कि वन में रहने वाले जन्तु किस प्रकार वनों की वृद्धि करने और पुनर्जनन में सहायक होते
उत्तर:
जन्तु कुछ विशेष प्रकार के पादपों के बीजों के प्रकीर्णन में सहायक होते हैं। जन्तुओं के क्षयमान मल से नवोद्भिदों को उगने के लिये पोषकता भी प्राप्त होती है। कुछ बीज तो ऐसे होते हैं जो जन्तुओं के पेट में जाकर और मल के साथ बाहर निकलकर ही अंकुरण कर पाते हैं। इस प्रकार जन्तु वनों की वृद्धि और पुनर्जनन में सहायक होते हैं।

प्रश्न 2.
समझाइए कि वन, बाढ़ की रोकथाम किस प्रकार करते हैं ?
उत्तर:
वन अनेक प्रकार से बाढ़ की रोकथाम करते हैं, जैसे-
(i) वनों के कारण वर्षा जल सीधे जमीन पर नहीं गिरता।
(ii) घना तथा विस्तृत वितरण होने पर वर्षा भी एक ही स्थान पर नहीं होती और वर्षा का पानी जमीन में रिसकर चला जाता है।
(iii) पेड़-पौधों की जड़ें मिट्टी को बाँधे रखती हैं जिससे मृदा का क्षरण नहीं होता है।
(iv) जल के साथ बहने वाली मृदा नदियों में पहुँचकर उन्हें अवरुद्ध कर देती है जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है।
(v) इस प्रकार पेड़-पौधे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बाढ़ नियन्त्रण में सहायक होते हैं।

प्रश्न 3.
अपघटक किन्हें कहते हैं ? इनमें से किन्हीं दो के नाम बताइए। ये वन में क्या करते हैं ?
उत्तर:
अपघटक – ऐसे सूक्ष्म जीव जो मृत पेड़-पौधों तथा जन्तुओं एवं इनके अपशिष्टों का अपघटन करके इन्हें ह्यूमस में परिवर्तित कर देते हैं, अपघटक कहलाते हैं।
उदाहरण – जीवाणु एवं मशरूम अपघटक की श्रेणी में आते हैं। वन में अपघटक पेड़-पौधों से गिरी पत्तियों, मृत जन्तुओं के शरीरों का अपघटन करके मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ाते हैं।

प्रश्न 4.
वायुमण्डल में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के बीच सन्तुलन को बनाए रखने में वनों की भूमिका को समझाइए।
उत्तर:
सभी हरे पौधे प्रकाश संश्लेषण की क्रिया में वायुमण्डल से कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं तथा ऑक्सीजन मुक्त करते हैं। इस प्रकार वन वायुमण्डल में ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड के सन्तुलन को बनाये रखते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 17 वन हमारी जीवन रेखा -1

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 17 वन: हमारी जीवन रेखा

प्रश्न 5.
समझाइए कि वनों में कुछ भी व्यर्थ क्यों नहीं होता है?
उत्तर:
पेड़-पौधों की गिरी हुई, पत्तियाँ, कूड़ा-करकट, जन्तुओं के मृत शरीर, हड्डियाँ आदि सभी को सूक्ष्म जीव अपघटित करके अपना पोषण प्राप्त कर लेते हैं तथा अनेक पदार्थों को मृदा में मिला देते हैं।

प्रश्न 6.
ऐसे पाँच उत्पादों के नाम बताइए जिन्हें हम वनों से प्राप्त करते हैं ?
उत्तर;
कागज, गोंद, मसाले, फल, रेशा, शहद आदि।

प्रश्न 7.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) कीट, तितलियाँ, मधुमक्खियाँ और पक्षी, पुष्पीय पादपों की ……….. में सहायता करते हैं।
(ख) वन परिशुद्ध करते हैं ………………. और ………………. को।
(ग) शाक वन में ………………. परत बनाते हैं।
(घ) वन में क्षयमान पत्तियाँ और जन्तुओं की लीद ………………. को समृद्ध करते हैं।
उत्तर;
(क) परागण
(ख) जल, हवा
(ग) सतही
(घ) ह्यूमस।

प्रश्न 8.
हमें अपने से दूर स्थित वनों से सम्बन्धित परिस्थितियों और मुद्दों के विषय में चिन्तित होने की क्यों आवश्यकता है?
उत्तर:
वन हमारे लिए अति उपयोगी संसाधन हैं। ये वायु को शुद्ध करने के साथ-साथ जल-चक्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वन वर्षा कराने, बाढ़ नियन्त्रण आदि में भी हमारे लिये उपयोगी हैं। वनों से हमें अनेक वस्तुएँ एवं खाद्य प्राप्त होते हैं। इसलिए हमें सभी प्रकार के वनों से सम्बन्धित परिस्थितियों और मुद्दों के विषय में चिन्तित होने की आवश्यकता है।

प्रश्न 9.
समझाइए कि वनों में विभिन्न प्रकार के जन्तुओं और पादपों के होने की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर:
वनों में अनेक खाद्य श्रृंखलाएँ मिलती हैं तथा – सभी परस्पर सम्बद्ध होती हैं। यदि किसी एक खाद्य श्रृंखला में कोई विघ्न पड़ता है, तो अन्य खाद्य श्रृंखलाएँ प्रभावित होती हैं। उदाहरण के लिये; घास को कीटों द्वारा खाया जाता है जिन्हें मेंढक खाते हैं, मेंडक को सर्प खा लेते हैं। इस प्रकार बनी श्रृंखला, खाद्य शृंखला कहलाती है।

वन की प्रत्येक कड़ी एक-दूसरी कड़ी पर निर्भर होता है। किसी एक घटक को अलग कर देने पर अन्य सभी घटक प्रभावित होते हैं।

प्रश्न 10.
चित्र (पा. पु. पृष्ठ 228) में चित्रकार, चित्र को नामांकित करना और तीरों द्वारा दिशा दिखाना भूल गया है। तीरों पर दिशा को दिखाइए और चित्र को निम्नलिखित नामों द्वारा नामांकित कीजिए
बादल, वर्षा, वायुमण्डल, कार्बन डाइऑक्साइड, ऑक्सीजन, पादप, जन्तु, मृदा, अपघटक, मूल, भौमजल स्तर।
उत्तर:
नामांकित चित्र
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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 17 वन: हमारी जीवन रेखा

प्रश्न 11.
निम्नलिखित में से कौन-सा वन उत्पाद नहीं
(i) गोंद
(ii) प्लाईवुड
(iii) सील करने की लाख
(iv) कैरोसीन।
उत्तर:
(iv) कैरोसीन।

प्रश्न 12.
निम्नलिखित में से कौन-सा वक्तव्य सही नहीं है
(i) वन, मृदा को अपरदन से बचाते हैं।
(ii) वन में पादप और जन्तु एक-दूसरे पर निर्भर नहीं होते हैं।
(iii) वन जलवायु और चल चक्र को प्रभावित करते हैं।
(iii) मृदा, वनों की वृद्धि और पुनर्जनन में सहायक होती
उत्तर:
(ii) वन में पादप और जन्तु एक-दूसरे पर निर्भर नहीं होते हैं।

प्रश्न 13.
सूक्ष्म जीवों द्वारा मृत पादपों पर क्रिया करने से बनने वाले एक उत्पाद का नाम है
(i) बालू
(ii) मशरूम
(iii) ह्यूमस
(iv) काष्ठ।
उत्तर:
(iii) ह्यूमस

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HBSE 7th Class Science वन: हमारी जीवन रेखा Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. किसी वन में होते हैं
(क) वृक्ष और जन्तु
(ख) सूक्ष्म जीव-जन्तु
(ग) अपघटक व जीवाणु
(घ) ये सभी
उत्तर:
(घ) ये सभी

2. वन आवास है
(क) गौर का
(ख) शूकरों का
(ग) बन्दरों का
(घ) इन सभी का
उत्तर:
(घ) इन सभी का

3. वन्य उत्पाद नहीं है
(क) शहद
(ख) काष्ठ
(ग) खनिज लवण
(घ) जड़ी-बूटी।
उत्तर:
(ग) खनिज लवण

4. उत्पादक हैं
(क) घास
(ख) ट्ड्डिा
(ग) मेढ़क
(घ) गरूड़
उत्तर:
(क) घास

5. वन
(क) वायु शुद्ध करते हैं
(ख) वर्षा कराते हैं
(ग) मृदा अपरदन रोकते हैं
(घ) ये सभी
उत्तर:
(घ) ये सभी

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II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. हरे भरे वन हमारे लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितना हमारे ………… हैं।
2. वन, जल ………… के रूप में भी कार्य करते हैं।
3. वृक्षों की शाखाओं व पत्तियों से बनी छतरी आकार की संरचना ………… कहलाती है।
4. वन वर्षा जल के ………… का कार्य करते हैं।
उत्तर:
1. फेफड़े
2. शोधन तंत्रों
3. वितान
4. प्राकृतिक अवशोषक।

III. सुमेलन

कॉलम ‘A’ के शब्दों को कॉलम ‘B’ के शब्दों से मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
1. ह्यूमस(a) हरे पौधे
2. प्रकाश संश्लेषण(b) अपघटक
3. कैटरपिलर(c) उगते हुए बीज
4. नवोदभिद्(d) लार्वा

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. ह्यूमस(b) अपघटक
2. प्रकाश संश्लेषण(a) हरे पौधे
3. कैटरपिलर(d) लार्वा
4. नवोदभिद्(c) उगते हुए बीज

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य कथन छाँटिए
1. वनों में सूक्ष्म जीवों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
2. शेर वन में स्वतंत्र रूप से विचरण करते हैं, उनका वनों से कोई सम्बन्ध नहीं होता।
3. वन एक गतिक सजीव इकाई है।
4. वन व्यर्थ में जल उड़ाते है, पर्यावरण में इनकी कोई भूमिका नहीं होती है।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य
3. सत्य
4. असत्य।

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अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जब वन में कोई जन्तु मर जाता है, तो उसका क्या होता है ?
उत्तर:
वह माँसाहारी जीवों, जैसे- गिद्ध, कौआ, सियार और सूक्ष्म जीवों का आहार बनता है।

प्रश्न 2.
जब आपके शहर में तेज वर्षा होती है, तो क्या होता है ?
उत्तर:
तेज वर्षा होने पर जगह-जगह पानी भर जाता है। कई बार तो बाढ़ आ जाती है।

प्रश्न 3.
वन दिन-प्रतिदिन क्यों खत्म हो रहे हैं ?
उत्तर:
जनसंख्या वृद्धि के कारण, उद्योगों एवं सड़कों आदि के बनाने के कारण।

प्रश्न 4.
वन पर्यावरण के फेफड़े क्यों कहलाते हैं ?
उत्तर:
जिस प्रकार हमारे फेफड़े शुद्ध वायु को हमारे शरीर में भेजते हैं उसी प्रकार वन वायु को शुद्ध करते हैं।

प्रश्न 5.
दो वन्य जन्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
सियार, सिंह।

प्रश्न 6.
दो वन्य वृक्षों के नाम लिखिए।
उत्तर:
शीशम, बाँस।

प्रश्न 7.
कैनोपी क्या होती हैं ?
उत्तर:
बड़े वृक्षों की शाखाएँ छत जैसी आकृति बनाती हैं, इन्हें वितान (कैनोपी) कहते हैं।

प्रश्न 8.
पौधों को उनके आकार के आधार पर कितने भागों में बाँटा जा सकता है ?
उत्तर:
तीन भागों में शाक, झाड़ी तथा वृक्ष।

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प्रश्न 9.
वन में पायी जाने वाली किसी आहार श्रृंखला को बनाइए।
उत्तर:
घास → कीट → मेंढक → सर्प → मोर।

प्रश्न 10.
वन भूमि की सतह पर आपको क्या दिखाई देता है ?
उत्तर:
वन भूमि की सतह पर सूखी पत्तियाँ, कीड़ेमकोड़े, गोबर आदि दिखाई देता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वन हमारी किस प्रकार सहायता करते हैं ?
उत्तर:
वन हमारी निम्न प्रकार सहायता करते हैं
(i) वन हमारे वातावरण को शुद्ध करते हैं।
(ii) वन हमें ईंधन के लिए लकड़ी प्रदान करते हैं।
(iii) वर्गों से हमें फल, फूल, ईधन आदि प्राप्त होते हैं।
(iv) वन वर्षा कराने में सहायता करते हैं।

प्रश्न 2.
“वन में इतने सारे वृक्ष हैं। यदि हम कारखाने के लिए कुछ वृक्षों को काट दें, तो क्या फर्क पड़ेगा ?” (क्रियाकलाप)
उत्तर:
वृक्ष पर्यावरण की रक्षा करते हैं। ये वायु को शुद्ध करते हैं तथा वर्षा होने में मदद करते हैं। वन अनेक वन्य जीवों के आवास भी हैं। वनों से वृक्षों को काटने पर उपरोक्त क्रियाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। .

प्रश्न 3.
यदि वृक्षों की संख्या कम होगी तो जल चक्र किस प्रकार प्रभावित होगा?
उत्तर:
वृक्ष भीमजल का अवशोषण करके उसका वाष्पोत्सर्जन करते हैं। वृक्षों द्वारा बादलों का आकर्षण भी होता है। जहाँ अधिक वृक्ष होते हैं वहाँ का वातावरण ठण्डा हो जाता है जिससे बादल ठण्डे होकर बरसते हैं। वाष्पीकरण से बादल बनते हैं तथा संघनन द्वारा बरसते हैं। इस प्रकार ये जल-चक्र में सहायता करते हैं। यदि वृक्षों की संख्या कम हो जायेगी तो जल-चक्र प्रभावित होगा।

प्रश्न 4.
मृदा अपरदन क्या है ? वृक्ष मृदा अपरदन को किस प्रकार रोकते हैं?
उत्तर:
जल धारा या तेज पवन द्वारा मृदा को बहाकर ले जाया जाना मृदा अपरदन कहलाता है। वृक्ष मृदा अपरदन को रोकने में निम्न प्रकार से सहायता करते हैं-
(i) वृक्षों का वितान वर्षा की तीव्र बूंदों को जमीन पर सीधे ही नहीं आने देता है जिससे मिट्टी पानी में नहीं घुल पाती।
(ii) वृक्षों की जड़ें मिट्टी को बांधे रखती हैं जिससे मिट्टी पानी के साथ बह नहीं पाती है।

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प्रश्न 5.
वन अपरोपण क्या है ? इसके क्या प्रभाव
उत्तर:
वनों का खत्म होना या कटाई होना अपरोपण कहलाता है। वन अपरोपण के निम्न प्रभाव होंगे।
(i) यदि वन नष्ट होंगे तो वायु में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ेगी, जिससे पृथ्वी का ताप बढ़ेगा।
(ii) पेड़ों और पादपों की अनुपस्थिति में जीवों को खाद्य और आश्रय नहीं मिलेगा।
(iii) पेड़ों की अनुपस्थिति में मृदा, जल को नहीं बाँध पाती है जिससे बाढ़ आती है।
(iv) हमारे जीवन और वातावरण के लिये वन अपरोपण घातक है।

प्रश्न 6.
ह्यूमस का निर्माण कैसे होता है ? यह किस प्रकार लाभदायक है ?
उत्तर:
वनों में पेड़-पौधों से पत्तियाँ गिरती रहती हैं जिससे वन भूमि इनसे ढक जाती है। साथ ही वन भूमि पर जन्तुओं के अपशिष्ट भी गिरते रहते हैं। ऐसी भूमि में सूक्ष्म जीवों की भरमार होती है। ये सूक्ष्म जीव पत्तियों, मल तथा अन्य अपशिष्ट पदार्थों का विघटन करके अपना भोजन प्राप्त करते हैं। फलस्वरूप एक गहरे रंग का पदार्थ बनता है जिसे होमस कहते हैं। घुमस में अनेक कार्बनिक पदार्थ उपस्थित होते हैं। ये मृदा में मिलकर पौधों के लिए पोषण प्रदान करते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वनों से प्राप्त होने वाले विभिन्न उत्पादों को सूचीबद्ध कीजिए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
काष्ठ से बनी वस्तुएँ-प्लाईवुड, ईंधन की लकड़ी, बक्से, कागज, माचिस की तीलियाँ , फर्नीचर, खिलौने।
शहद-वनों में मधुमक्खी अपने छत्ते बनाती हैं। औषधियाँ-अनेक जड़ी-बूटियाँ। अन्य-मसाले, फल, चारा, तेल, गोंद आदि ।

प्रश्न 2.
वन में मृदा, पादप, जन्तु और अपघटक किस प्रकार सम्बन्धित होते हैं ? चित्र बनाकर वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मृदा सभी के लिये अत्यन्त आवश्यक कारक है। पौधे मृदा में उगते हैं तथा जन्तु मृदा में रहते हैं। पौधों को जल एवं खनिज लवण मृदा से ही प्राप्त होते हैं। मृदा में ये पदार्थ इनके चक्रण से सूक्ष्म जीवों द्वारा ही आते हैं। मृदा में जल उपस्थित होता है जिसे पौधे अवशोषित करते हैं। वृक्ष एवं पौधे अनेक जन्तुओं का आश्रय तथा भोजन बनते हैं। ये पर्यावरण को शुद्ध करते हैं तथा जन्तुओं के लिए ऑक्सीजन भी देते हैं। अनेक जन्तु पेड़ों के बीजों का प्रकीर्णन करके वनों के पुनर्जनन में सहायता करते हैं। पेड़ों और पौधों के लिए कार्बन डाइऑक्साइड की आवश्यकता होती है जो कि जन्तुओं द्वारा श्वसन से प्राप्त होती है। इस प्रकार वन में पादप, जन्तु तथा सूक्ष्म जीव परस्पर, सम्बन्धित होते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 17 वन हमारी जीवन रेखा -3

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 17 वन: हमारी जीवन रेखा

प्रश्न 3.
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए
(क) खाद्य श्रृंखला
(ख) अधोतल
(ग) अपघटक
(घ) वृक्ष वितान।
उत्तर:
(क) खाद्य श्रृंखला: वन में विभिन्न जीव एक-दूसरे से सम्बन्धित होते हैं। जैसे-घास को टिड्डा खाता है, टिड्डे को मेंढ़क खाता है, मेंढ़क को सर्प खाता है तथा सर्प को मोर खाता है। इस प्रकार एक श्रृंखला बन जाती है। इसे खाद्य श्रृंखला कहते हैं।

(ख) अधोतल : वन में विभिन्न आकार के वृक्ष पाये जाते हैं। बहुत से लम्बे वृक्षों के नीचे छोटे वृक्ष भी होते हैं। छोटे वृक्षों द्वारा बनाया गया तल अधोतल कहलाता है।

(ग) अपघटक : मृदा में उपस्थित सूक्ष्म जीव, जैसेकेंचुआ, जीवाणु, कवक, सहस्रपाद, चीटिया, दीमक आदि अपघटक कहलाते हैं। ये मृत पेड़-पौधों, जन्तुओं तथा इनके अपशिष्ट उत्पाद (गोबर, मूत्र) आदि का विघटन करके अपना भोजन प्राप्त करते हैं तथा ह्यूमस का निर्माण करते हैं।

(घ) वृक्ष वितान : वृक्षों के आकार एवं आकृति विभिन्न प्रकार की होती हैं। इनकी शाखाएँ एक विशिष्ट आकृति बनाती हैं जिसे वृक्ष वितान या कैनोपी कहते हैं। उदाहरण के लिए; नीम की कैनोपी गुम्बदाकार होती है तथा चीड़ की कैनोपी छाते के आकार की होती है।

प्रश्न 4.
क्या सभी वनों में वृक्ष समान प्रकार के होते हैं ? वृक्षों की लम्बाई, पत्तियों का प्रकार, शिखर आदि को तालिकाबद्ध कीजिए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
नहीं, वनों में उस प्रदेश की जलवायवीय स्थितियों के अनुसार वृक्षों में अन्तर पाया जाता है।
कुछ वृक्षों की विशेषताएँ

वृक्ष का नामलम्बाईपत्तियों का आकारशिखरपुष्पों का प्रकारफलों का प्रकारबीज
1. आम8-12 मीचौड़ी लम्बाग्रगुम्बदाकारअत्यधिक छोटेरसीलेबड़े
2. पीपल8-12 मीचौड़ी अण्डाकारगुम्बदाकारबहुत छोटे एक गोली जैसी संरचना में बन्दबेरी प्रकार केसूक्ष्म
3. चीड़10-15 मीसुई के आकार कीसँकरेनहीं बनतेनहीं बनतेमध्यम तथा काले
4. अशोक12-15 मीपत्ती चौड़ी तथा लम्बीसँकराछोटेमध्यम बेर जैसेबड़े

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 17 वन: हमारी जीवन रेखा

प्रश्न 5.
कुछ वृक्षों के शिखर आरेख का चित्र बनाइए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
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वन: हमारी जीवन रेखा Class 7 HBSE Notes in Hindi

→ ‘वन’ विभिन्न पादपों, जन्तुओं और सूक्ष्म जीवों से मिलकर बना एक तन्त्र है।
→ वनों से हमें अनेक उत्पाद मिलते हैं। वनों की सबसे ऊपरी परत वृक्ष शिखर बनाते हैं, जिसके नीचे झाड़ियों द्वारा बनी परत होती है। शाक वनस्पतियाँ सबसे नीचे की परत बनाती हैं।
→ वनों में वनस्पतियों की विभिन्न परतें जन्तुओं, पक्षियों और कीटों को भोजन और आश्रय प्रदान करती हैं।
→ वन में उत्पादक (हरे पौधे) तथा उपभोक्ता (जन्तु) एक-दूसरे से अन्योन्य क्रियाएँ करते हैं।
→ उत्पादक तथा उपभोक्ता मिलकर खाद्य शृंखलाएँ तथा खाद्य जाल बनाते हैं।
→ पादपों तथा जन्तुओं के मृत शरीर को अपघटित करने वाले सूक्ष्म जीव अपघटक कहलाते हैं।
→ वन के सभी घटक एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं।
→ वन वृद्धि करते और परिवर्तित होते रहते हैं तथा उनका पुनर्जनन हो सकता है।
→ वन में मृदा, जल, वायु और सजीवों के बीच परस्पर क्रिया होती रहती है।
→ वन मृदा को अपरदन से बचाते हैं।
→ जल धारा या तेज पवन द्वारा मृदा की उपजाऊ परत का स्थानान्तरण मृदा अपरदन कहलाता है।
→ मृदा, वनों की वृद्धि करने और उनके पुनर्जनन में सहायक होती है।
→ वन, जलवायु, जल-चक्र और वायु की गुणवत्ता को नियमित करते हैं।
→ वन – जंगल। विभिन्न पादपों, जन्तुओं और सूक्ष्म जीवों का एक तंत्र जो विस्तृत क्षेत्र पर फैला होता है।
→ वृक्ष वितान – वृक्षों की शाखाओं एवं पत्तियों से बनी विशेष आकृति वृक्ष वितान या कैनोपी कहलाती है।
→ वृक्ष शिखर – वृक्ष का तने से ऊपर उठा शाखीय भाग।
→ ह्यूमस – सूक्ष्म जीवों द्वारा मृदा की ऊपरी परत में पेड़पौधों तथा जन्तु अपशिष्टों को सड़ा-गलाकर बनाया गया कार्बनिक पदार्थ जो गहरे रंग का होता है।
→ अपघटक – सूक्ष्म जीव जो पादपों एवं जन्तुओं के मृत शरीरों का अपघटन कर देते हैं।
→ पुनर्जनन – वन्य पदार्थों की पुनः उत्पत्ति।
→ मृदा अपरदन – जलधारा या तेज पवन द्वारा मृदा का नष्ट होना।
→ अधो-तल – वनों के नीचे का स्थान।
→ वन अरोपण – वनों की वृद्धि।
→ वन अपरोपण – वनों की कटाई।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 16 जल: एक बहुमूल्य संसाधन

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 16 जल: एक बहुमूल्य संसाधन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 16 जल: एक बहुमूल्य संसाधन

HBSE 7th Class Science जल: एक बहुमूल्य संसाधन Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वक्तव्य ‘सत्य’ हैं अथवा असत्य’
(क) भौमजल विश्वभर की नदियों और झीलों में पाये जाने वाले जल से कहीं अधिक है।
(ख) जल की कमी की समस्या का सामना केवल ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी करते हैं।
(ग) नदियों का जल खेतों में सिंचाई का एकमात्र स्रोत है।
(घ) वर्षा जल का चरम स्रोत है।
उत्तर:
(क) सत्य
(ख) असत्य
(ग) असत्य
(घ) सत्य।

प्रश्न 2.
समझाइए कि भौमजल की पुनःपूर्ति किस प्रकार होती है ?
उत्तर:
वर्षा का जल विभिन्न जल स्रोतों, जैसे-नदियों, झीलों, तालाबों, रिक्त स्थानों एवं दरारों में भर जाता है। यह जल रिस-रिस कर जमीन के अन्दर चला जाता है।

प्रश्न 3.
किसी गली में पचास घर हैं, जिनके लिए दस नलकूप (ट्यूबवैल) लगाये गये हैं। भौमजल स्तर पर इसका दीर्घावधि प्रभाव क्या होगा?
उत्तर:
भौमजल के लगातार दोहन से भौमजल का स्तर नीचे चला जायेगा और फिर पानी प्राप्त करना मुश्किल होगा।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 16 जल: एक बहुमूल्य संसाधन

प्रश्न 4.
मान लीजिये आपको किसी बगीचे का रखरखाव करने की जिम्मेदारी दी जाती है। आप जल का सदुपयोग करने के लिए क्या कदम उठायेंगे ?
उत्तर:
हम जल का सदुपयोग करने के लिये निम्न कदम उठायेंगे
(1) हम वर्षा जल एकत्र करेंगे।
(2) नहाने और घरेलू कार्यों के बाद उस जल से सिंचाई करेंगे।

प्रश्न 5.
भौमजल स्तर के नीचे गिरने के लिये उत्तरदायी कारकों को समझाइए।
उत्तर:
भौमजल स्तर कई कारणों से नीचे गिर रहा है
(1) जनसंख्या वृद्धि के कारण पानी की आवश्यकता भी बढ़ गयी है जबकि खुले मैदान कम हो गये हैं। इससे वर्षा का जल बहकर नदियों में चला जाता है और यह भूमि में नहीं रिस पाता है।
(2) उद्योग-धन्धे बढ़ने से भी जल स्तर नीचे गिर गया है, क्योंकि सभी उद्योग-धन्धों में पानी की आवश्यकता होती है।
(3) कृषि कार्यों में जल का अत्यधिक प्रयोग होता है। हमारे देश में अधिकांश कृषि वर्षा द्वारा सिंचाई पर ही निर्भर है। वर्षा न होने पर इसकी पूर्ति भौमजल से ही की जाती है।

प्रश्न 6.
रिक्त स्थानों की उचित शब्द भरकर पूर्ति कीजिए।
(क) भौमजल प्राप्त करने के लिये …………………. तथा …………………. का उपयोग होता है।
(ख) जल की तीन अवस्थाएँ …………………., …………………. और …………………. हैं।
(ग) भूमि की जल धारण करने वाली परत …………………. कहलाती है।
(घ) भूमि में जल के अवस्रवण के प्रक्रम को …………………. कहते हैं।
उत्तर:
(क) कुंआ, पम्प
(ख) ठोस, द्रव, गैस
(ग) जल भर
(घ) अन्त:स्यंदन।

प्रश्न 7.
निम्नलिखित में से कौन-सा कारक जल की कमी के लिये उत्तरदायी नहीं है ?
(क) औद्योगीकरण में वृद्धि
(ख) बढ़ती जनसंख्या
(ग) अत्यधिक वर्षा
(घ) जल संसाधनों का कुप्रबंधन।
उत्तर:
(ग) अत्यधिक वर्षा।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 16 जल: एक बहुमूल्य संसाधन

प्रश्न 8.
सही विकल्प का चयन कीजिए
(क) विश्व की सभी झीलों और नदियों में जल की कुल मात्रा नियत (स्थिर) रहती है।
(ख) भूमिगत जल की कुल मात्रा नियत रहती है।
(ग) विश्व के समुद्रों और महासागरों में जल की कुल. मात्रा नियत है।
(घ) विश्व में जल की कुल मात्रा नियत है।
उत्तर:
(घ) विश्व में जल की कुल मात्रा नियत है।

प्रश्न 9.
भौमजल और भौमजल स्तर को दिखाते हुए एक चित्र बनाइए। उसे चिन्हित कीजिए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 16 जल एक बहुमूल्य संसाधन -1

क्या आप जानते हैं?

कोठापल्ली गाँव के समीप जल संभर प्रबन्धन परियोजना द्वारा जल प्रबन्धन के महत्त्व पर प्रकाश डाला गया है। परियोजना के नाटकीय परिणाम आये हैं। भौमजल स्तर बढ़ गया है, हरित क्षेत्र में वृद्धि हुई है। इसके परिणामस्वरूप इस उपबंजर क्षेत्र में उत्पादकता और आय में आशातीत वृद्धि हुई है।

HBSE 7th Class Science जल: एक बहुमूल्य संसाधन Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. विश्व जल दिवस मनाया जाता है
(क) 25 दिसम्बर
(ख) 5 जून
(ग) 22 मार्च
(घ) 15 अगस्त
उत्तर:
(ग) 22 मार्च

2. पृथ्वी की सतह का कितना भाग जल से ढका है?
(क) 25%
(ख) 51%
(ग) 71%
(घ) 91%
उत्तर:
(ग) 71%

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 16 जल: एक बहुमूल्य संसाधन

3. पीने योग्य जल है
(क) कुएँ का जल
(ख) नदियों का जल
(ग) झरने का जल
(घ) ये सभी
उत्तर:
(घ) ये सभी

4. भूमि में जल का रिसाव कहलाता है
(क) जलभर
(ख) अंत: स्पंदन
(ग) संचरण
(घ) विसरण
उत्तर:
(ख) अंत: स्पंदन

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. ………… को अन्तर्राष्ट्रीय अलवण जल वर्ष मनाया गया था।
2. ………… अवस्था में जल बर्फ और हिम के रूप में पृथ्वी के ध्रुवों पर पाया जाता है।
3. गैसीय अवस्था में जल हमारे आस-पास की वायु में ………… के रूप में उपस्थित रहता है।
4. संचित भौम जल के भंडारों को ………… कहते हैं।
उत्तर:
1. वर्ष 2003
2. ठोस
3. जलवाष्प
4, जलभर।

III. सुमलन

कॉलम A तथा कॉलम B के शब्दों का मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
1. ताजा जल(a) जलवाष्प लिए
2. समुद्री जल(b) अलवणीय
3. ठोस जल(c) लवणीय
4. गैसीय जल(d) बर्फ

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. ताजा जल(b) अलवणीय
2. समुद्री जल(c) लवणीय
3. ठोस जल(d) बर्फ
4. गैसीय जल(a) जलवाष्प लिए

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य छाँटिए
1. भौमजल की पुनः पूर्ति प्रायः वर्षा जल के अवनवण द्वारा हो जाती है।
2. शहरीकरण, सड़क निर्माण, हवाई पत्तन आदि निर्माण से अवस्रवण पर कोई प्रभाव नहीं होता।
3. बढ़ते उद्योगों के कारण भी पेयजल समस्या उत्पन्न हुई
4. जल भंडारण के लिए बावड़ी निर्माण एक प्राचीन पद्धति है।
उत्तर:
1, सत्य
2. असत्य
3. सत्य
4. सत्य।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 16 जल: एक बहुमूल्य संसाधन

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
विश्व जल दिवस कब मनाया जाता है ?
उत्तर:
विश्व जल दिवस 22 मार्च को बनाया जाता है।

प्रश्न 2.
क्या हम भूमि के नीचे से निरन्तर जल निकाल सकते हैं?
उत्तर:
नही, क्योंकि भूमि के अन्दर जल सीमित है।

प्रश्न 3.
अत्यधिक वनारोपण का जल-चक्र पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
अधिक वर्षा होती है।

प्रश्न 4.
भारत के किस राज्य में सबसे कम तथा किस राज्य में सबसे अधिक वर्षा होती है ?
उत्तर:
राजस्थान में सबसे कम तथा मेघालय में सबसे अधिक वर्षा होती है।

प्रश्न 5.
जल संग्रहण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
भविष्य के लिये जल का नियमित संग्रह जल संग्रहण कहलाता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 16 जल: एक बहुमूल्य संसाधन

प्रश्न 6.
सिंचाई की एक व्यवस्था का नाम लिखिए जिसमें कम-से-कम जल का अपव्यय होता है ?
उत्तर:
बूंद-बूँद (ड्रिप) सिंचाई विधि।

प्रश्न 7.
एक पारम्परिक तरीका लिखिए जो वर्षा जल संग्रहण के लिये महत्वपूर्ण है?
उत्तर:
बावड़ी का निर्माण।

प्रश्न 8.
पादपों पर जल की कमी का क्या प्रभाव होता है?
उत्तर:
जल की कमी होने पर पौधों की क्रियाएँ रुक जाती हैं।

लयु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
ऐसे चार उद्योगों के नाम लिखिए जिनसे निकला जल नदियों को प्रदूषित करता है। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
(1) सूती वस्त्र उद्योग सूती वस्त्र।
(2) कागज उद्योग कागज।
(3) शीतल पेय उद्योग शीतल पेय।
(4) इस्पात उद्योग-इस्पात ।

प्रश्न 2.
पृथ्वी पर कितना जल है ? यह कहाँ-कहाँ वितरित है?
उत्तर:
पृथ्वी की सम्पूर्ण सतह का लगभग 71 प्रतिशत भाग जल से ढका है। सर्वाधिक जल समुद्रों एवं महासागरों के रूप में है जो हमारे उपयोग हेतु नहीं है। जल की कुछ मात्रा पहाड़ों पर बर्फ के रूप में, नदियों, झीलों तथा तालाबों में होती है। इसके अतिरिक्त अल्प मात्रा में जल भूमि के अन्दर भौमजल के रूप में पाया जाता है।

प्रश्न 3.
भौमजल की पुन: पूर्ति किस प्रकार होती है ?
उत्तर:
वर्षा जल और अन्य स्रोतों, जैसे नदियों और तालाबों का जल मृदा में से रिसकर भूमि के नीचे की गहराई में रिक्त स्थानों और दरारों को भर देता है। भूमि में जल का रिसाव अन्त:स्यंदन कहलाता है। अतः इस प्रक्रम द्वारा उपयोग किये जा चुके भौमजल की पुनः परिपूर्ति हो जाती है।

प्रश्न 4.
भौमजल स्तर के अवक्षय से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
भूमि के नीचे से निकाले गये भौमजल की पुन: पूर्ति प्रायः वर्षा जल के अवनवण (रिसाव) द्वारा हो जाती है। भौमजल स्तर तब तक प्रभावित नहीं होता, जब तक कि हम केवल उतना ही जल निकालते हैं जितने जल की प्राकृतिक प्रक्रमों द्वारा पुनः पूर्ति हो जाती है। तथापि जल की पर्याप्त रूप से पुनः पूर्ति न होने पर भौमजल स्तर नीचे गिर सकता है।

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दीर्य उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जल-चक्र का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
सूर्य की गर्मी के कारण सागरों, महासागरों, नदियों, झरनों तथा तालाबों की सतह से जल का वाष्पीकरण होता रहता है। इसके अलावा पौधों द्वारा भी जल का वाष्पीकरण होता है। यह वाष्पीकृत जल वायु में ऊपर जाकर संघनन करता है और बादल बन जाते हैं। पवन के द्वारा बादलों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है। जब बादल ठण्डे होते हैं, तो जल बूंदों के रूप पुन: पृथ्वी पर आता है अथवा पहाड़ी पर हिमपात के रूप में गिरकर बर्फ बनाता है। वर्षा का जल नदियों द्वारा समुद्रों एवं जलाशयों में पहुँचता है। कुछ जल जमीन में रिसकर भौमजल में मिल जाता है। भौमजल को कुओं तथा हैडपम्पों के द्वारा निकाला जाता है। इस प्रकार जल-चक्र चलता रहता है।

प्रश्न 2.
जल प्रबन्धन पर एक लेख लिखिए।
उत्तर:
जल भविष्य की सबसे बड़ी चिन्ता का विषय है। आजकल हो रहे जल के अत्यधिक दोहन से भविष्य का जल संकट गहराता जा रहा है।
जल की इस समस्या से निजात पाने के लिये जल के सीमित दोहन तथा जल को संरक्षित करने के सम्बन्ध में क्रियान्वयन जल प्रबन्धन कहलाता है।
जल संरक्षण के उपाय-
(i) हमें अत्यधिक जल का दोहन बन्द करना चाहिए।
(ii) नलों की टौटियों को व्यर्थ में खुला नहीं छोड़ना चाहिए।
(iii) रिसते पाइपों की लीकेज को बन्द करना चाहिए।
(iv) व्यर्थ हुए घरेलू एवं औद्योगिक जल को उपचारित करके उसका प्रयोग सिंचाई के लिये करना चाहिए।

हमें वर्षा जल संग्रहण के लिये उचित कार्यक्रम प्रारम्भ करने चाहिए, जैसे-
(i) खाली स्थानों पर अधिकाधिक तालाब बनवाकर ।
(ii) वर्षा जल को बहने से रोकने के लिये मेड़बन्दी करके।
(iii) बाँध बनाकर ।
(iv) अधिक वृक्षारोपण करके।

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प्रश्न 3.
जल चक्र का आरेख बनाकर उस पर विभिन्न क्रियाओं का नामांकन कीजिए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 16 जल एक बहुमूल्य संसाधन -2
1. भौम जल
2. वाष्प
3. संघनन
4. बादल
5. वाष्पोत्सर्जन
6, अन्तःस्यंदन
7. वर्षण।

प्रश्न 4.
भारत वर्ष में वार्षिक वर्षा के वितरण को मानचित्र में प्रदर्शित कीजिए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 16 जल एक बहुमूल्य संसाधन -3

जल: एक बहुमूल्य संसाधन Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ हर व्यक्ति का जल संरक्षण के महत्त्व की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए ही हम प्रत्येक वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस के रूप में मनाते हैं।
→ यदि जल उपलब्ध है तो हमारा भविष्य सुरक्षित है।
→ जल सभी जीवों के लिये अनिवार्य है। इसके बिना जीवन सम्भव नहीं है।
→ पृथ्वी की सतह का लगभग 71% भाग जल से ढका है।
→ उपयोग के लिए उपयुक्त जल अलवण जल है। अधिकांश जल समुद्रों में पाया जाता है जो लवणीय जल है और उपयोग लायक नहीं है।
→ जल तीन अवस्थाओं में पाया जाता है- ठोस, द्रव तथा गैस (वाष्प)।
→ यद्यपि जलचक्र के द्वारा जल की आपूर्ति बनी रहती है, फिर भी विश्व के अनेक भागों में उपभोग योग्य जल की कमी है।
→ विश्व के विभिन्न भागों में जल का वितरण असमान है। ऐसा बहुत कुछ मानव क्रियाकलापों के कारण भी है।
→ उद्योगों की तेजी से वृद्धि, बढ़ती जनसंख्या, सिंचाई की बढ़ती आवश्यकताएँ और कुप्रबन्धन जल की कमी के कुछ प्रमुख कारण हैं।
→ समय की माँग है कि हर व्यक्ति जल का उचित उपयोग मितव्यता से करे।
→ यदि पौधों को कुछ दिनों तक पानी न दिया जाये तो वह मुरझा जाते हैं और अन्तत: सूख जाते हैं।
→ अलवण जल – वह जल जो प्रयोग करने के योग्य हो। सामान्य तौर पर इसे ताजा जल कहा जाता है।
→ भौमजल – भौमजल स्तर के नीचे पाया जाने वाला जल।
→ अंत:स्यंदन – प्रक्रिया जिसमें जल मृदा में से रिसकर भूमि के नीचे गहराई में रिक्त स्थानों और दरारों को भर देता है।
→ जलभर – संचित भौमजल के भण्डार। वनोन्मूलन वनों का नष्ट होना। जल संग्रहण जल को भविष्य के लिये बचाना, संग्रह करना।
→ अवक्षय – समाप्त होना।
→ पुनःपूर्ति – वर्षा जल का उपयोग भौमजल स्तर की पुनः पूर्ति के लिये किया जाता है।
→ बूंद सिंचाई व्यवस्था – पौधों को पाइपों के जाल द्वारा बूंद-बूंद पानी देने की तकनीक।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश

HBSE 7th Class Science प्रकाश InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
बूझो मुड़े हुए पाइप से मोमबत्ती की लौ क्यों नहीं देख पाया ?
उत्तर:
क्योंकि प्रकाश एक सीधी रेखा में ही गमन करता है। इसलिये मोमबत्ती का प्रकाश मुड़े हुए पाइप से गमन नहीं कर पाया।

प्रश्न 2.
पहेली जानना चाहती है कि हमें वस्तुएँ कैसे दिखाई देती हैं ? बूझो का विचार है कि वस्तुएँ तभी दिखाई देती हैं, जब प्रकाश उनसे परावर्तित होकर हमारी आँखों तक पहुंचे। क्या आप उससे सहमत हैं?
उत्तर:
हाँ, बूझो का विचार सही है।

प्रश्न 3.
बूझो ने अपनी नोटबुक में लिखा। क्या यह आश्चर्यजनक नहीं है कि दर्पण चाहे छोटा हो या बड़ा, मेरा प्रतिबिम्ब मेरे साइज के समान ही बनता है ?
उत्तर:
हाँ।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश

प्रश्न 4.
पहेली ने अपनी नोटबुक पर लिखा। समतल दर्पण में प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे बनता है। यह सीधा होता है। बिम्ब के साइज के समान होता है तथा दर्पण से प्रतिबिम्ब की दूरी, दर्पण के सामने बिम्ब की दूरी के बराबर होती है।
उत्तर:
हाँ।

HBSE 7th Class Science प्रकाश Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) जिस प्रतिबिम्ब को पर्दे पर न प्राप्त किया जा सके, वह ………… कहलाता है।
(ख) यदि प्रतिबिम्ब सदैव आभासी तथा साइज में छेटा हो, तो यह किसी उत्तल ………… द्वारा बना होगा।
(ग) यदि प्रतिबिम्ब सदैव बिम्ब के साइज का बने, तो दर्पण ………… होगा।
(घ) जिस प्रतिबिम्ब को पर्दे पर प्राप्त किया जा सके, वह ……… प्रतिबिम्ब कहलाता है।
(च) अवतल ……………….. द्वारा बनाया गयां प्रतिबिम्ब पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता।
उत्तर:
(क) आभासी प्रतिबिम्ब
(ख) दर्पण
(ग) समतल
(घ) वास्तविक प्रतिबिम्ब
(च) लस।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित वक्तव्य ‘सत्य’ है अथवा ‘असत्य
(क) हम उत्तल दर्पण से आवर्धित तथा सीधा प्रतिबिम्ब प्राप्त कर सकते हैं।
(ख) अवतल लेंस सदैव आभासी प्रतिबिम्ब बनाता
(ग) अवतल दर्पण से हम वास्तविक, आवर्धित तथा उल्टा प्रतिबिम्ब प्राप्त कर सकते हैं
(घ) वास्तविक प्रतिबिम्ब को पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता है।
(च) अवतल दर्पण सदैव वास्तविक प्रतिबिम्ब बनाता है।
उत्तर:
(क) सत्य
(ख) असत्य
(ग) असत्य
(घ) असत्य
(च) असत्य।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश

प्रश्न 3.
कॉलम A में दिये गये शब्दों का मिलान कॉलम B के एक अथवा अधिक कथनों से कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
(क) समतल दर्पण(i) आवर्धक लेंस की भाँति उपयोग होता है।
(ख) उत्तल दर्पण(ii) अधिक क्षेत्र के दृश्य का प्रतिबिम्ब बना सकता है।
(ग) उत्तल लेंस(iii) दंत चिकित्सक दाँतों का आवर्धित प्रतिबिम्ब देखने के लिए उपयेग करते हैं।
(घ) अवतल दर्पण(iv) उल्टा तथा आवर्धित प्रतिबिम्ब बना सकता है।
(च) अवतल लेंस(v) प्रतिबिम्ब सीधा तथा बिम्ब के साइज का प्रतिबिम्ब बनाता है।

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
(क) समतल दर्पण(v) प्रतिबिम्ब सीधा तथा बिम्ब के साइज का प्रतिबिम्ब बनाता है।
(ख) उत्तल दर्पण(ii) अधिक क्षेत्र के दृश्य का प्रतिबिम्ब बना सकता है।
(ग) उत्तल लेंस(i) आवर्धक लेंस की भाँति उपयोग होता है।
(घ) अवतल दर्पण(iii) दंत चिकित्सक दाँतों का आवर्धित प्रतिबिम्ब देखने के लिए उपयेग करते हैं।
(च) अवतल लेंस(iv) उल्टा तथा आवर्धित प्रतिबिम्ब बना सकता है।

प्रश्न 4.
समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिम्ब के अभिलक्षण लिखिए।
उत्तर:

इसमें प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे बनता है।
प्रतिबिम्ब सीधा, समान आकार का तथा दर्पण से वस्तु की दूरी के बराबर दूरी पर बनता है।

प्रश्न 5.
अंग्रेजी या अन्य कोई भाषा, जिसका आपको ज्ञान है, की वर्णमाला के उन अक्षरों का पता लगाइए, जिनके समतल दर्पण में बने प्रतिबिम्ब बिल्कुल अक्षरों के सदृश्य लगते हैं। अपने परिणामों की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
A, H, I, M, O, T, U, V, W,X, Y.

प्रश्न 6.
आभासी प्रतिबिम्ब क्या होता है ? कोई ऐसी स्थिति बताइए, जहाँ आभासी प्रतिबिम्ब बनता हो।
उत्तर:
जो प्रतिबिम्ब पर्दे पर प्राप्त न किया जा सके उसे आभासी प्रतिबिम्ब कहते हैं। आभासी प्रतिबिम्ब अवतल दर्पण से बनता है।

प्रश्न 7.
उत्तल तथा अवतल लेंसों में दो अन्तर बताइए।
उत्तर:

1. उत्तल लेंस बीच से मोटा तथा किनारों से पतला होता है, जबकि अवतल लेंस बीच से पतला तथा किनारों से मोटा होता है।
2. उत्तल लेंस वास्तविक प्रतिबिम्ब बना सकता है, जबकि अवतल लेंस वास्तविक प्रतिबिम्ब नहीं बनाता है।

प्रश्न 8.
अवतल तथा उत्तल दर्पणों का एक-एक उपयोग लिखिए।
उत्तर:

1. अवतल दर्पण का प्रयोग डेंटिस्ट मुख में दाँतों को देखने के लिये करते हैं।
2. उत्तल दर्पणों का प्रयोग वाहनों में पीछे के दृश्यों को देखने में किया जाता है।

प्रश्न 9.
किस प्रकार का दर्पण वास्तविक प्रतिबिम्ब बना सकता है?
उत्तर:
अवतल दर्पण।

प्रश्न 10.
किस प्रकार का लेंस सदैव आभासी प्रतिबिम्ब बनाता है?
उत्तर:
अवतल लेंस।

प्रश्न संख्या 11 से 13 में सही विकल्प का चयन कीजिए

प्रश्न 11.
बिम्ब से बड़े साइज का आभासी प्रतिबिम्ब बनाया जा सकता है?
(i) अवतल लेंस द्वारा
(ii) अवतल दर्पण द्वारा
(iii) उत्तल दर्पण द्वारा
(iv) समतल दर्पण द्वारा
उत्तर:
(ii) अवतल दर्पण द्वारा

प्रश्न 12.
डेविड अपने प्रतिबिम्ब को समतल दर्पण में देख रहा है। दर्पण तथा उसके प्रतिबिम्ब के बीच की दूरी 4m है। यदि वह दर्पण की ओर 1 m चलता है, तो डेविड तथा उसके प्रतिबिम्ब के बीच की दूरी होगी
(i) 3 m
(ii) 5 m
(iii) 6 m.
(iv) 8 m.
उत्तर:
(iii) 6 m.

प्रश्न 13.
एक कार का पश्च दृश्य दर्पण समतल दर्पण है। डाइवर अपनी कार को 2 m/s की चाल से ‘बैक’ करते समय पश्च दृश्य दर्पण में अपनी कार के पीछे खडे (पार्क किये हुये) किसी दूक का प्रतिबिम्ब देखता है। ड्राइवर को ट्रक का प्रतिबिम्ब जिस चाल से अपनी ओर आता प्रतीत होगा, वह है
(i) 1 m/s
(ii) 2 m/s
(iii) 4 m/s
(iv) 8 m/s.
उत्तर:
(iii) 4 m/s

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश

क्या आप जानते हैं ?

दर्पण, अस्त्रों की भाँति भी उपयोग में लाये जा सकते हैं। कहते हैं कि ग्रीक वैज्ञानिक आर्किमिडीज ने लगभग दो हजार वर्ष पहले ऐसा कर दिखाया था। जब रोमनों ने ग्रीक के समुद्री तट के सायराक्यूज (सिसली) नामक नगर पर आक्रमण किया, तो आर्किमिडीज ने नीचे चित्र में दर्शाये अनुसार दर्पणों को लगाया। दर्पणों को किसी भी दिशा में घुमाया जा सकता था। इन्हें इस प्रकार व्यवस्थित किया गया कि वे सूर्य के प्रकाश को रोमन सैनिकों के ऊपर परावर्तित कर सकते थे। सूर्य के प्रकाश से रोमन सैनिक चाँधिया गये। वे नहीं जानते थे कि क्या हो रहा है। वे चकरा गये और भाग खड़े हुए। यह एक ऐसा उदाहरण है, जो यह स्पष्ट करता है कि किस प्रकार सैनिक ताकत पर सूझ-बूझ से विजय पाई जा सकती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश -1

HBSE 7th Class Science प्रकाश Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए

1. प्रकाश के परावर्तन के लिए उपयुक्त सतह होगी
(क) समतल बालू
(ख) स्टेनलेस स्टील की चमकदार प्लेट
(ग) लकड़ी का चिकना टुकड़ा
(घ) पत्थर
उत्तर;
(ख) स्टेनलेस स्टील की चमकदार प्लेट

2. समतल दर्पण में काँच की पतली प्लेट को पालिश किया जाता है
(क) एक सतह पर
(ख) दोनों सतहों पर
(ग) किनारों पर
(घ) कोनों पर
उत्तर;
(क) एक सतह पर

3. एक समतल दर्पण के सामने एक मोमबत्ती को जलाकर रखा गया है, मोमबत्ती का प्रतिबिम्ब बनेगा
(क) सीधा, समान आमाप का
(ख) सीधा बड़े आमाप का
(ग) उल्टा, समान आमाप का
(घ) उल्टा, छोटे आमाप का
उत्तर;
(क) सीधा, समान आमाप का

4. पर्दे पर बनने वाला प्रतिबिम्ब कहलाता है
(क) आभासी
(ख) वास्तविक
(ग) अर्द्ध आभासी
(घ) अनिश्चित
उत्तर;
(ख) वास्तविक

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश

5. उत्तल लेंस का उपयोग होता है
(क) डॉक्टर द्वारा दाँत देखने में
(ख) टार्च के अग्रदीप के परावर्तक पृष्ठ में
(ग) वाहन के पार्श्व दृश्यन में
(घ) आवर्धक (हैण्ड लेंस) में
उत्तर;
(घ) आवर्धक (हैण्ड लेंस) में

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. प्रकाश ………… के अनुदिश गमन करता है।
2. कोई भी पॉलिश किया हुआ अथवा चमकदार पृष्ठ ……………. की भाँति कार्य कर सकता है।
3. यदि किसी दर्पण का परावर्तक पृष्ठ उत्तल है तो इसे …………. कहते हैं।
4. इन्द्रधनुष में ………… रंगों की पट्टियाँ होती हैं।
उत्तर:
1. सरल रेखा
2. दर्पण
3. उत्तल दर्पण
4. सात।

III. सुमेलन

कॉलम A तथा कॉलम B के शब्दों को सुमेलित कीजिए-

कॉलम ‘A’कॉलम ‘B’
1. अभिसारी(a) अवतल लेंस
2. अपसारी(b) समतल दर्पण
3. वर्ण विक्षेपण(c) उत्तल लेंस
4. दाढ़ी बनाने के लिए दर्पण(d) प्रिज्म

उत्तर:

कॉलम ‘A’कॉलम ‘B’
1. अभिसारी(c) उत्तल लेंस
2. अपसारी(a) अवतल लेंस
3. वर्ण विक्षेपण(d) प्रिज्म
4. दाढ़ी बनाने के लिए दर्पण(b) समतल दर्पण

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य छाँटिए
1. गोलीय दर्पण का परावर्तक पृष्ठ अवतल है तो वह दर्पण अवतल दर्पण कहलाता है।
2. कार के पार्श्व दर्पण में उत्तल लैंस का उपयोग किया जाता है।
3. सूक्ष्मदर्शी में लेंसों का उपयोग किया जाता है।
4. सूर्य के प्रकाश में केवल एक ही प्रकार का प्रकाश होता है।
उत्तर:
1. सत्य
2. सत्य
3. सत्य
4. असत्य।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश

अतिलयु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रकाश का परावर्तन क्या है ?
उत्तर:
प्रकाश किरणों का किसी चिकने तल से टकराकर वापस लौटना प्रकाश का परावर्तन कहलाता है।

प्रश्न 2.
समतल दर्पण पर टार्च का प्रकाश डालने पर क्या होता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
दर्पण प्रकाश का परावर्तन कर देता है।

प्रश्न 3.
जलती मोमबत्ती का समतल दर्पण के सामने कैसा प्रतिबिम्ब बनेगा? (क्रियाकलाप)
उत्तर;
मोमबत्ती के समान आकार का तथा दर्पण से मोमबत्ती की समान दूरी पर।

प्रश्न 4.
क्या समतल दर्पण में बने प्रतिबिम्ब को पर्दे पर प्राप्त कर सकते हैं? (क्रियाकलाप)
उत्तर;
नहीं।

प्रश्न 5.
क्या दर्पण से प्रतिबिम्ब की दूरी तथा दर्पण के सामने रखे बिम्ब की दूरी में आप कोई सम्बन्ध पाते हैं? (क्रियाकलाप)
उत्तर;
हाँ, जितनी दूरी बिम्ब की होती है, उतनी ही दूरी पर प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे बनता है।

प्रश्न 6.
जब आप स्वयं को किसी दर्पण में देखते हो तो क्या विशेष बात नजर आती है ?
उत्तर:
हमारा दायाँ भाग बायाँ प्रतीत होता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश

प्रश्न 7.
AMBULANCE पर यह शब्द उल्टा क्यों लिखा जाता है ?
उत्तर:
किसी वाहन का ड्राइवर अपने बैक मिरर से इस शब्द को सीधा पढ़ सके और एम्बुलेंस को पास दे दे।

प्रश्न 8.
आप सिनेमा हॉल में किस प्रकार का बिम्ब देखते हैं ?
उत्तर:
वास्तविक बिम्ब क्योंकि यह पर्दे पर बनता है।

प्रश्न 9.
लाइट हाउस क्या है?
उत्तर:
बन्दरगाहों पर जहाजों को समुद्री किनारा दिखाने के लिये प्रकाशपुंज की व्यवस्था।

प्रश्न 10.
क्या जल भी वस्तुओं का परावर्तन दिखाता
उत्तर:
हाँ, जल का पृष्ठ भी दर्पण की भाँति कार्य करता है।

प्रश्न 11.
दाँतों के निरीक्षण के लिए डॉक्टर किस दर्पण का प्रयोग करते हैं ?
उत्तर:
अवतल दर्पण का।

प्रश्न 12.
टॉर्च के काँच की आकृति कैसी होती है ?
उत्तर:
अवतल।

प्रश्न 13.
हैंड लेंस में कौन-सा लेंस लगाया जाता है ?
उत्तर:
उत्तल लेंस।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश

प्रश्न 14.
आप उत्तल लेंस को कैसे पहचानोगे?
उत्तर:
उत्तल लेंस बीच में मोटा तथा किनारों पर पतला होता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
गोलीय दर्पण क्या है ? इनके प्रकार बताइए।
उत्तर:
काँच के किसी खोखले गोले को काटकर तथा इसके एक पृष्ठ पर पॉलिश करके बनाया गया दर्पण गोलीय दर्पण कहलाता है। गोलीय दर्पण दो प्रकार के होते हैं
(i) अवतल दर्पण – इसका परावर्तक पृष्ठ अवतल होता है।
(ii) उत्तल दर्पण – इसका परावर्तक पृष्ठ उत्तल होता है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश -2
चित्र : दो प्रकार के दर्पण

प्रश्न 2.
अवतल तथा उत्तल दर्पणों को गोलीय दर्पण क्यों कहते हैं ? समझाने के लिए एक संक्षिप्त क्रियाकलाप लिखिए।
उत्तर:
अवतल तथा उत्तल दर्पणों को गोलीय दर्पण कहते हैं- रबड़ की एक गेंद लीजिए तथा इसके एक भाग को चाकू अथवा आरी से काटिए चित्र (a)।

सावधान! गेंद काटने के लिये किसी अपने से बड़े व्यक्ति की सहायता लीजिए।
कटी हुई गेंद का भीतरी पृष्ठ अवतल तथा बाहरी पृष्ठ उत्तल कहलाता है [चित्र (b)]।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश -3

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश

प्रश्न 3.
स्टेनलेस स्टील की चम्मच को दर्पण की भाँति प्रयोग करते हुए इससे अपने चेहरे के प्रतिबिम्बों की प्रकृति बताइए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
चम्मच के वक्रित भाग पर चेहरे का प्रतिबिम्ब सीधा तथा बड़ा दिखाई देता है। चम्मच से चेहरे की दूरी बढ़ाने पर बड़ा व उल्टा प्रतिबिम्ब दिखाई देता है। चम्मच के उभरे हुए भाग में सीधा व छोटा प्रतिबिम्ब दिखाई देता है।

प्रश्न 4.
अवतल दर्पण द्वारा बिम्ब की विभिन्न स्थितियों के लिए बने प्रतिबिम्बों को तालिका बनाकर लिखिए।
उत्तर:
सारणी किसी अवतल दर्पण द्वारा बिम्ब की विभिन्न स्थितियों के लिए बने प्रतिबिम्ब

बिम्ब की दर्पण से दूरी

प्रतिबिम्ब की प्रकुति

बिम्ब से छोटा/बड़ाउल्टा/सीधावास्तविक/आभासी
50 cmछोटाउल्टावास्तविक
40 cmछोटाउल्टावास्तविक
30 cmछोटाउल्टावास्तविक
20 cmबराबरउल्टावास्तविक
10 cmबहुत बड़ाउल्टावास्तविक
5 cmबड़ासीधाआभासी

प्रश्न 5.
प्रिज्म द्वारा प्रकाश के अपवर्तन को चित्र द्वारा प्रदर्शित कीजिए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
काँच का एक प्रिज्म लीजिए। किती अंधेरे कमरे की खिड़की के छोटे छिद्र से सूर्य के प्रकाश का एक पतला किरण पुंज प्रिज्म के एक फलक पर डालिए। प्रिज्म के दूसरे फलक से बाहर निकलने वाले प्रकाश को सफेद कागज की एक शीट अथवा सफेद दीवार पर गिरने दीजिए।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश -4

प्रश्न 6.
लेंस कितने प्रकार के होते हैं ?
उत्तर:
लेस दो प्रकार के होते हैं-

उत्तल लेंस यह लेंस बीच में मोटा तथा किनारों पर पतला होता है।
अवतल लेंसयह लेंस बीच में पतला तथा किनारों पर मोटा होता है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश -5
चित्र : विभिन्न लेंस

प्रश्न 7.
अपसारी तथा अभिसारी लेंस क्या होते हैं?
उत्तर:
अवतल लेंस प्रायः आपतित प्रकाश को अपसरित (बाहर की ओर मोड़ना) करता है इसलिये इसे अपसारी लेंस कहते हैं। उत्तल लेंस आपतित प्रकाश को अभिसरित (अन्दर की ओर मोड़ना) करता है, इसीलिये इसे अभिसारी लेंस कहते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश -6

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश

दीर्य उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
“प्रकाश सीधी रेखा में गमन करता है ?” सिद्ध करने के लिए एक क्रियाकलाप लिखिए।
उत्तर:
क्रियाकलाप मेज पर एक मोमबत्ती रखकर उसे जलाइए। अब एक पाइप (लगभग 30-50 cm) लेकर उसमें से होकर मोमबत्ती की लौ को देखिए। आपको मोमबत्ती की लौ स्पष्ट दिखाई देगी (चित्र a) अब पाइप को उसके बीच के भाग से थोड़ा-सा मोड़ दीजिए। पुनः पाइप से होकर मोमबत्ती की लौ को देखिए। क्या अब आपको मोमबत्ती की लौ दिखाई दी। नहीं, (चित्र b) क्योंकि मुड़े हुए पाइप ने प्रकाश को रोक HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 15 प्रकाश -7

प्रकाश Class 7 HBSE Notes in Hindi

→ प्रकाश सरल रेखा के अनुदिश गमन करता है।
→ कोई भी पालिश किया हुआ अथवा चमकदार पृष्ठ दर्पण की भाँति कार्य करता है।
→ दर्पण द्वारा प्रकाश की दिशा को परिवर्तित किया जाना प्रकाश का परावर्तन कहलाता है।
→ समतल दर्पण द्वारा बनने वाला प्रतिबिम्ब दर्पण में सीधा तथा बिंब के समान आमाप (साइज) का दिखाई देता है।
→ जो प्रतिबिम्ब पर्दे पर प्राप्त किया जा सके, वास्तविक प्रतिबिम्ब कहलाता है।
→ जिस प्रतिबिम्ब को पर्दे पर प्राप्त न किया जा सके, उसे आभासी प्रतिबिम्ब कहते हैं।
→ अवतल दर्पण वास्तविक तथा उल्टा प्रतिबिम्ब बना सकता है। जब बिम्ब को दर्पण के अत्यन्त निकट रखते हैं, तो प्रतिबिम्ब आभासी सीधा तथा आवर्धित होता है।
→ उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिम्ब सीधा, आभासी तथा साइज में बिम्ब से छोटा होता है।
→ उत्तल लेंस वास्तविक तथा उल्टा प्रतिबिम्ब बना सकता है। जब बिम्ब लेंस के अत्यन्त निकट रखा जाता है, तो बनने वाला प्रतिबिम्ब आभासी, सीधा तथा आवर्धित होता है।
→ जब उत्तल लेंस को वस्तुओं को आवर्धित करके देखने के लिये उपयोग किया जाता है, तो उसे आवर्धक लेंस कहते हैं।
→ अवतल लैंस सदैव सीधा, आभासी तथा साइज में बिम्ब से छोटा प्रतिबिम्ब बनाता है।
→ श्वेत प्रकाश सात वर्णों-बेंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी तथा लाल का मिश्रण है।
→ प्रकाश का परावर्तन – दर्पण द्वारा प्रकाश की दिशा का परिवर्तन।
→ समतल दर्पण – काँच की एक प्लेट के एक ओर पॉलिश करके बनाया गया दर्पण।
→ गोलीय दर्पण – किसी खोखले गोले को काटकर बनाये गये दर्पण।
→ प्रतिबिम्ब – किसी वस्तु का लेंस या दर्पण द्वारा बना प्रतिरूप।
→ बिम्ब – वस्तु जिसका प्रतिबिम्ब बनता है।
→ पश्च दूश्य दर्पण – उत्तल दर्पण जो वाहनों में पीछे के वाहन देखने के लिये लगाया जाता है।
→ अवतल दर्पण – गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ अवतल होता है।
→ उत्तल दर्पण – गोलीय दर्पण जिसका परावर्तक पृष्ठ उत्तल होता है।
→ आभासी प्रतिबिम्ब – पर्दे पर प्राप्त न होने वाला प्रतिबिम्ब।
→ अभिसरित – परावर्तित किरणें जो मुख्य अक्ष की ओर एकत्र होती हैं।
→ पार्श्व दर्पण – पार्श्व की वस्तुओं को देखने वाला दर्पण।

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