Class 7

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन

HBSE 7th Class Science पादप में जनन InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
पहेली यह समझती थी कि नये पादप सदैव बीजों से ही उगते हैं, लेकिन उसने कभी गन्ना, आलू और गुलाब के बीज नहीं देखे थे। वह जानना चाहती है कि ये पादप जनन कैसे करते हैं?
उत्तर:
ऐसे पौधों में कायिक प्रवर्धन होता है। गन्ने एवं गुलाब के टुकड़ों के जमीन में दबाने पर इनसे नये पौधे बन जाते हैं।

प्रश्न 2.
बूझो जानना चाहता है कि क्या कायिक प्रवर्धन का कोई लाभ है?
उत्तर:
हाँ, इससे कम समय में अधिक पौधे तैयार होते

प्रश्न 3.
बूझो जानना चाहता है कि परागकण में उपस्थित नर युग्मक किस प्रकार बीजाण्ड में उपस्थित मादा युग्मक तक पहुंचता है?
उत्तर:
परागकण जब वर्तिकान पर पहुँचता है तो इससे एक पराग नलिका बनती है। यह पराग नलिका नर युग्मक को बीजाण्ड तक पहुँचाती है।

प्रश्न 4.
बूझो जानना चाहता है कि पुष्प सामान्यतः इतने रंग-बिरंगे और सुगन्धयुक्त क्यों होते हैं ? क्या ऐसा कीटों को आकर्षित करने के लिए होता है?
उत्तर:
हाँ, पुष्पों के विभिन्न रंग तथा सुगन्ध कीटों को आकर्षित करने के लिए होते हैं जो परागण कराने का कार्य करते हैं।

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HBSE 7th Class Science पादप में जनन Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) जनक पादप के कायिक भागों से नये पादप के उत्पादन का प्रक्रम ………………….. कहलाता है।
(ख) ऐसे पुष्पों को, जिनमें केवल नर अथवा मादा जनन अंग होता है ………………….. पुष्प कहते हैं।
(ग) परागकणों का उसी अथवा उसी प्रकार के अन्य पुष्प के परागकोश से वर्तिकान पर स्थानान्तरण का प्रक्रम ………………….. कहलाता है।
(घ) नर और मादा युग्मकों का युग्मन ………………….. कहलाता है।
(च) बीज प्रकीर्णन ………………….. और ………………….. के द्वारा होता है।
उत्तर:
(क) कायिक प्रवर्धन
(ख) एकलिंगी
(ग) परागण
(घ) निषेचन
(च) पवन, कीट, जल।

प्रश्न 2.
अलैंगिक जनन की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए। प्रत्येक का उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
कायिक प्रवर्धन, मुकुलन, खण्डन, बीजाणु निर्माण आदि अलैंगिक जनन की विधियाँ हैं।
(1) कायिक प्रवर्धन – इस विधि में पादपों का कोई कायिक भाग, जैसे- जड़, तना, पत्ती या कली, वृद्धि करके नये पौधे का निर्माण करता है। क्योंकि इस विधि में नये पौधे का निर्माण पौधे के शरीर से होता है बीजों से नहीं, इसीलिए यह कायिक प्रवर्धन कहलाता है।

(2) मुकुलन – यीस्ट में मुकुलन द्वारा प्रजनन सामान्य रूप से पाया जाता है। यह एक कोशिकीय कवक होता है। इसकी कोशिका से एक बटन जैसी संरचना विकसित होती है जिसे मुकुल कहते हैं। मुकुल मातृ कोशिका से अलग होकर नई कोशिका बनाता है।

(3) खण्डन – यह प्रायः तन्तुवत शैवालों में पाया जाता है। इस विधि में तन्तु दो या अधिक टुकड़ों में टूट जाता है। प्रत्येक टुकड़ा वृद्धि करके नया शैवाल बनाता है, इसे खण्डन कहते हैं।

(4) बीजाणु निर्माण – कुछ जीवाणु, कवकों एवं शैवालों में कुछ कोशिकाएँ बड़ी होकर बीजाणुधानी बनाती हैं। इनके अन्दर चल या अचल बीजाणुओं का निर्माण होता है। ये बीजाणु प्रकीर्णित होकर अंकुरण करके नये पादपों का निर्माण करते हैं।

प्रश्न 3.
पादपों में लैंगिक जनन के प्रक्रम को समझाइए।
उत्तर:
पादपों में लैंगिक जनन:
पादपों में जनन अंग पुष्प के अन्दर होते हैं। नर जननांग पुंकेसर तथा मादा जननांग स्त्रीकेसर कहलाते हैं। पुंकेसर के परागकोष के अन्दर असंख्य परागकणों का निर्माण होता है। परागकणों के अन्दर नर युग्मक बनते हैं। स्त्रीकेसर के अन्दर अण्डाशय बनते हैं। अण्डाशय का सबसे ऊपरी भाग वर्तिकान कहलाता है। अण्डाशय के अन्दर अण्डप उपस्थित होता है और अण्डप के अन्दर मादा युग्मक का विकास होता है।

परागकोश के अन्दर निर्मित परागकण अण्डाशय के वर्तिकान पर पहुंचता है। वर्तिकान पर परागकण अंकुरण करके एक पराग नलिका बनाता है। पराग नलिका नर युग्मक को अण्डाशय के भीतर छोड़ देती है। अण्डाशय के अन्दर नर तथा मादा युग्मकों के बीच संयुजन होता है जिससे युग्मनज बनता है। युग्मनज वृद्धि करके भ्रूण बनाता है। भ्रूण बीज में सुरक्षित रहता है। जब बीज को बोया जाता है तो यह अंकुरण करके नये पौधे को जन्म देता है।

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प्रश्न 4.
अलैंगिक तथा लैंगिक जनन के बीच प्रमुख अन्तर बताइए।
उत्तर:
अलैंगिक जनन में युग्मकों का निर्माण नहीं होता, जबकि लैंगिक जनन में युग्मकों का निर्माण एवं संयुजन होता है।

प्रश्न 5.
किसी पुष्प का चित्र खींचकर उसमें जनन अंगों को नामांकित कीजिए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -1

प्रश्न 6.
स्व-परागण तथा पर-परागण के बीच अन्तर बताइए।
उत्तर:
यदि परागकोश से मुक्त परागकण उसी पुष्प या उसी पौधे के किसी अन्य पुष्प के वर्तिकान पर पहुँच कर निषेचन क्रिया सम्पन्न करते हैं तो इसे स्वपरागण कहते हैं। यदि परागकोश से मुक्त परागकण उसी जाति के किसी अन्य पौधे के पुष्प के वर्तिकान पर पहुँचकर उसे निषेचित करते हैं तो इसे पर-परागण कहते हैं।

प्रश्न 7.
पुष्यों में निषेचन का प्रक्रम किस प्रकार सम्पन्न होता है ?
उत्तर:
परागकण वर्तिकान पर अंकुरित होकर पराग नलिका बनाते हैं। यह पराग नलिका नर युग्मक को अण्डाशय के भीतर पहुँचाती है। अण्डाशय के अन्दर उपस्थित मादा युग्मक तथा नर युग्मक आपस में युग्मन करते हैं, इसी प्रक्रम को निषेचन कहते हैं। इस प्रक्रिया के फलस्वरूप युग्मनज का निर्माण होता है।

प्रश्न 8.
बीजों के प्रकीर्णन की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
बीजों के प्रकीर्णन की विभिन्न विधियाँ निम्न प्रकार हैं
(1) पवन द्वारा बहुत से पौधों के बीज बहुत हल्के होते हैं जो पवन के साथ आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थानों पर उड़कर पहुँच जाते हैं। कुछ पादपों, जैसे- सहजन तथा द्विफल (मैपिल) के बीज पंखयुक्त होते हैं जो आसानी से वायु में एक स्थान से दूसरे स्थान पर उड़कर पहुंचते हैं। सूरजमुखी एवं आक में रोमयुक्त बीज होते हैं जो पवन (वायु) के साथ उड़कर एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँच जाते हैं।

(2) जल द्वारा नारियल तथा कमल में बीजों का प्रकीर्णन जल द्वारा होता है। ये बीज पानी की धाराओं द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाये जाते हैं।

(3) जानवरों द्वारा – काँटेदार बीज; जैसे-जैन्थियम, चिरचिटा आदि जन्तुओं के बालों में उलझकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँच जाते हैं।

(4) फैलकर-कुछ पौधों में फल झटके के साथ फटते हैं जिससे अनेक बीज छिटककर दूर-दूर बिखर जाते हैं।

प्रश्न 9.
कॉलम A में दिये गये शब्दों का कॉलम B में दिये गये शब्दों से मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
(क) कली/मुकुल(i) मैपिल
(ख) आँख(ii) स्पाइरोगाइरा
(ग) खण्डन(iii) यीस्ट
(घ) पंख(iv) डबलरोटी का फदै
(च) बीजाणु(v) आलू
(vi) गुलाब

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
(क) कली/मुकुल(iii) यीस्ट
(ख) आँख(v) आलू
(ग) खण्डन(ii) स्पाइरोगाइरा
(घ) पंख(i) मैपिल
(च) बीजाणु(iv) डबलरोटी का फदै

प्रश्न 10.
सही विकल्प पर (✓) निशान लगाइए
(क) पादप का जनन भाग होता है, उसका
(i) पत्ती/पर्ण
(ii) तना
(iii) मूल
(iv) पुष्प।
उत्तर:
(iv) पुष्प। ✓

(ख) नर और मादा युग्मक के युग्मन का प्रक्रम कहलाता
(i) निषेचन
(ii) परागण
(iii) जनन
(iv) बीज निर्माण।
उत्तर:
(i) निषेचन ✓

(ग) परिपक्व होने पर अण्डाशय विकसित हो जाता है
(i) बीज में
(ii) पुंकेसर में
(iii) स्त्रीकेसर में
(iv) फल में।
उत्तर:
(iv) फल में। ✓

(घ) बीजाणु उत्पन्न करने वाला एक पादप जीव है।
(i) गुलाब
(ii) डबलरोटी का फफूंद
(iii) आलू
(iv) अदरक।
उत्तर:
(ii) डबलरोटी का फफूंद ✓

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(च) ब्रायोफिलम अपने जिस भाग द्वारा जनन करता है, वह है
(i) तना
(ii) पत्ती
(iii) मूल
(iv) पुष्प।
उत्तर:
(ii) पत्ती ✓

HBSE 7th Class Science पादप में जनन Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. आलू में कायिक प्रजनन संरचना है-
(क) भूमिगत प्रकन्द
(ख) वायवीय तना
(ग) पत्ती
(घ) पुष्प
उत्तर:
(क) भूमिगत प्रकन्द

2. किस्में जड़ों द्वारा कायिक जन्न होता है?
(क) आलू
(ख) शकरकंद
(ग) ब्रायोफिल्लम
(घ) गुलाब
उत्तर:
(ख) शकरकंद

3. बीजाणुधानी पायी जाती है-
(क) सरसों में
(ख) यीष्ट में
(ग) राइजोपस (कवक) में
(घ) स्पाइरोगाइरा में
उत्तर:
(ग) राइजोपस (कवक) में

4. मादा जनमांग कवक) में-
(क) पुभंग
(ख) परागकोष
(ग) परागकण
(घ) जायांग
उत्तर:
(घ) जायांग

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5. जैन्धियम में बीजों का प्रकीर्णन होता है-
(क) वायु द्वारा
(ख) जन्तुओं द्वारा
(ग) जल द्वारा
(घ) तितली द्वारा
उत्तर:
(ख) जन्तुओं द्वारा

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. यीस्ट कोशिका से बाहर निकलने वाला छोटा बल्ब जैसा प्रवर्ध ………… कहलाता है।
2. ………… पुष्प के नर जनन अंग तथा ………… पुष्प के मादा जनन अंग होते हैं।
3. परागकोष में ………… का निर्माण होता है।
4. ………… भ्रूण में विकसित होता है।
उत्तर:
1. मुकुल
2. पुंकेसर, स्त्रीकेसर
3, परागकणों
4. युग्मनज।

III. सुमेलन

कॉलम A के शब्दों का कॉलम B के शब्दों से मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
1. स्त्रीकेसर(a) परागकण
2. पुंकेसर(b) बीजाणु
3. फल(c) भ्रूण
4. बीज(d) बीज

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. स्त्रीकेसर(b) बीजाणु
2. पुंकेसर(a) परागकण
3. फल(d) बीज
4. बीज(c) भ्रूण

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य कथन छाँटिए
1. आम, सेब और सन्तरा रसीले फल होते हैं।
2. भ्रूण से बीजाण्ड विकसित होता है।
3. मैपिल में पंख युक्त बीज पाए जाते हैं।
4. आक में बीजों का प्रकीर्णन वायु द्वारा होता है।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य
3. सत्य
4. सत्य।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्रजनन क्या होता है?
उत्तर:
किसी जीवधारी द्वारा अपने जैसे प्रतिरूप उत्पन्न करना प्रजनन कहलाता है।

प्रश्न 2.
पादपों के कायिक जनन अंग कौन-कौन से होते हैं ?
उत्तर:
जड़, तना, पत्तियाँ, पादपों के कायिक जनन अंग होते हैं।

प्रश्न 3.
पौधों के जननांग कहाँ पाये जाते हैं?
उत्तर:
पुष्प के अन्दर।

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प्रश्न 4.
चम्पा में अलैंगिक प्रजनन की विधि क्या है?
उत्तर:
कलम लगाना।

प्रश्न 5.
अदरक एवं हल्दी में उन अंगों के नाम लिखिए जिनसे कायिक प्रजनन होता है ?
उत्तर:
अदरक एवं हल्दी में प्रकन्द द्वारा कायिक प्रजनन होता है।

प्रश्न 6.
गुलाब अथवा चम्पा के पौधे की कलम से नए पत्ते बनने में कितना समय लगता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
लगभग दो सप्ताह।

प्रश्न 7.
आलू के आँख युक्त टुकड़े को मिट्टी में दबाने पर कुछ दिनों बाद आप क्या देखेंगे? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
आलू की आँख से कलिका प्रस्फुटित होकर नया पौधा बना देगी।

प्रश्न 8.
फर्न में बीजाणु कहाँ उत्पन्न होते हैं?
उत्तर:
फर्न में बीजाणु पत्तियों पर उपस्थित बीजाणुधानियों में बनते हैं।

प्रश्न 9.
सरसों में प्रजनन विधि क्या होती है?
उत्तर:
लैंगिक प्रजनन।

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प्रश्न 10.
युग्मन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
नर एवं मादा युग्मकों के आपस में मिलने को युग्मन कहते हैं।

प्रश्न 11.
एकलिंगी पुष्य तथा द्विलिंगी पुष्प का उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
कदू, ककड़ी, लौकी आदि में एकलिंगी पुष्प पाये जाते हैं। सरसों, मटर आदि में द्विलिंगी पुष्प पाये जाते हैं।

प्रश्न 12.
एक रसीले तथा एक कठोर फल का नाम बताइए।
उत्तर:
रसीला फल-आम, कठोर फल-बादाम।

लयु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आलू एवं अदरक में कायिक प्रजनन किस प्रकार होता है ? नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
आलू में कायिक प्रजनन कन्द पर उपस्थित आँखों से तथा अदरक में प्रकन्द पर उपस्थित अपस्थानिक कलिकाओं से होता है।
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प्रश्न 2.
बायोफिलम में प्रजनन किस प्रकार होता
उत्तर:
बायोफिलम (पत्थरचटा) में कायिक प्रजनन पत्तियों द्वारा होता है। इसमें पत्तियों के किनारे की खाँचों से कलिकाएँ उत्पन्न होकर नये पादप का निर्माण करती हैं।
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प्रश्न 3.
यीस्ट में मुकुलन विधि को चित्र बनाकर समझाइए।
उत्तर:
यीस्ट एक एककोशिकीय कवक है। इसमें मुकुलन द्वारा प्रजनन सामान्य रूप से पाया जाता है। इसकी कोशिका से एक बल्ब जैसा प्रवर्ध उत्पन्न होता है। इसे मुकुल या कली कहते हैं। मुकुल क्रमशः वृद्धि करता है और जनक कोशिका से अलग होकर नयी यीस्ट कोशिका बनाता है। कभी-कभी ये मुकुल मातृकोशिका से अलग नहीं होते जिससे कोशिकाओं की एक छोटी श्रृंखला बन जाती है।
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प्रश्न 4.
स्पाइरोगाइरा में खण्डन प्रक्रिया को चित्र द्वारा समझाइए।
उत्तर:
स्पाइरोगाइरा एक तन्तुवत शैवाल होता है। जब तालाब में पोषक तत्व भरपूर होते हैं तो ये शैवाल खुब वृद्धि करते हैं। शैवाल तन्तु अनेक भागों में विखण्डित हो जाता है। ये खण्ड अथवा टुकड़े नये शैवालों का निर्माण करते हैं।
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प्रश्न 5.
किसी कवक में बीजाणु निर्माण को चित्र द्वारा बनाइए।
उत्तर:
डबलरोटी के फफूंद (कवक) में बीजाणु द्वारा प्रजनन होता है। डबलरोटी पर रुई जैसे बाल उत्पन्न हो जाते हैं जिसे कवक जाल कहते हैं। इससे ऊपर की ओर कुछ धागे जैसी संरचनाएँ बनती हैं। इन धागों के शीर्ष पर एक गोलाकार संरचना बनती हैं जिसे बीजाणुधानी कहते हैं। बीजाणुधानी में असंख्य बीजाणुओं का निर्माण होता है। ये बीजाणु हवा द्वारा उड़-उड़कर बहुत दूर-दूर तक पहुँच जाते हैं। उपयुक्त माध्यम पर गिरकर वहाँ नये कवक जाल का निर्माण करते हैं।
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दीर्य उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
लैंगिक जनन क्या होता है? पौधे के नर तथा मादा जननांगों का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
लैंगिक जनन: यह प्रजनन की एक विधि है जिसमें नर एवं मादा – युग्मकों का संयुजन होता है। नर युग्मकों का निर्माण नर जननांग (पुंकेसर) में होता है तथा मादा युग्मकों का निर्माण मादा जननांग (स्त्रीकेसर) में होता है।

नर जननांग-पौधे के नर जननांग पुंकेसर कहलाते हैं। प्रत्येक पुंकेसर के दो भाग होते हैं-
(i) पुतंतु,
(ii) परागकोष। परागकोष के अन्दर परागकणों का निर्माण होता है।
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मादा जननांग: पौधे के मादा जननांग स्त्रीकेसर कहलाते हैं। प्रत्येक मा स्त्रीकेसर के तीन भाग होते हैं
(i) अण्डाशय
(ii) वर्तिका
(iii) वर्तिकान।
अण्डाशय स्त्रीकेसर का नीचे का फूला हुआ भाग होता हैजिसमें बीजाण्ड पाये जाते हैं। अण्डाशय के ऊपर का संकरा भाग वर्तिका कहलाता है। वर्तिका के ऊपर एक गोलाकार संरचन वर्तिकान कहलाती है। वर्तिकान पर ही परागकण स्थानान्तरित होते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -8

प्रश्न 2.
पौधों में परागण की क्रिया का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
परागण : परागकोष से परागकणों का वर्तिकान पर स्थानान्तरण परागण कहलाता है। परागण दो प्रकार का होता है-
(1) स्व-परागण : जब किसी पुष्प के परागकोश से निकले परागकण उसी पुष्प या उसी पौधे के किसी दूसरे पुष्प के वर्तिकान पर पहुँचते हैं तो इसे स्व-परागण कहते हैं।
(2) पर-परागण : जब किसी पुष्प के परागकोश से निकले परागकण किसी दूसरे पौधे के किसी पुष्प के वर्तिकान पर स्थानान्तरित होते हैं तो इसे पर-परागण कहते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -9
परागण की क्रिया पवन, जल, कीट या पक्षियों द्वारा सम्पन्न होती है। पौधों में मुख्यत: कीट परागण पाया जाता है। जब कोई कीट पुष्प पर मकरन्द चूसने के लिए पहुँचता है तो उस पुष्य के परागकण कीट से चिपक जाते हैं। जब यही कीट किसी दूसरे पुष्प पर पहुँचता है तो परागकण वर्तिकान पर गिर जाते हैं। इस प्रकार परागण क्रिया सम्पन्न होती है।

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प्रश्न 3.
निषेचन क्रिया का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
निषेचन:
नर तथा मादा युग्मकों के युग्मन की क्रिया निषेचन कहलाती है। परागण की क्रिया में वर्तिकान पर छोड़ा गया परागकण अंकुरित होकर पराग नलिका बनाता है। इस पराग नलिका में नर युग्मक उपस्थित होता है। पराग नलिका नर युग्मक को बीजाण्ड में स्थित अण्ड कोशिका तक पहुँचा देती है। अण्ड कोशिका में मादा युग्मक होता है। नर एवं मादा युग्मकों का संयुजन होकर युग्मनज बनता है। इस सम्पूर्ण प्रक्रम को निषेचन कहते हैं।
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प्रश्न 4.
फल एवं बीजों का विकास किस प्रकार होता है? बीजों के प्रकीर्णन में सहयक कुछ रचनाओं का चित्र सहित वर्णन कीजिए।
उत्तर:
फल एवं बीज का विकास : निषेचन के पश्चात् अण्डाशय फल में विकसित होता है, जबकि पुष्प के अन्य भाग मुरझाकर गिर जाते हैं। बीजाण्ड से बीज का निर्माण होता है। बीज में युग्मनज से बना एक भ्रूण होता है। जो सुरक्षात्मक बीजावरण के अन्दर होता है।
बीज प्रकीर्णन : बीजों का एक स्थान से दूसरे स्थान पर बिखरना प्रकीर्णन कहलाता है। प्रकीर्णन वायु, जल या जानवरों द्वारा होता है।
(i) वायु द्वारा प्रकीर्णित होने वाले बीज प्रायः हल्के अथवा पंख या रोम युक्त होते हैं जो आसानी से वायु में उड़ जाते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -11
(ii) जल द्वारा प्रकीर्णित होने वाले बीज प्रायः हल्के, तरणशील (तैरने वाले) तथा न गलने वाले होते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन -12
(iii) जन्तुओं द्वारा प्रकीर्णित होने वाले बीज काँटे युक्त होते हैं। कुछ बीज जन्तुओं द्वारा खा लिये जाते हैं और उनके – मल के साथ दूर-दूर पहुँचाये जाते हैं।

जंतुओं और पादप में परिवहन Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ सभी जीवधारी अपने वंश या प्रजाति को बनाये रखने के लिए जनन या गुणन करते हैं।
→ माता-पिता से संतति का जन्म होना, जनन कहलाता है।
→ पादप में जनन दो प्रकार से होता है- अलैंगिक तथा लैंगिक।
→ अलैंगिक जनन की कुछ विधियाँ खण्डन, मुकुलन, बीजाणु निर्माण और कायिक प्रवर्धन हैं।
→ लैंगिक जनन में नर और मादा युग्मकों का युग्मन होता है।
→ कायिक प्रवर्धन में पत्तियाँ, तना और मूल जैसे कायिक भागों से नये पादप उगाये जाते हैं। पुष्प पादप का जनन अंग है।
→ एकलिंगी पुष्प में या तो नर अथवा मादा जनन अंग होते हैं।
→ द्विलिंगी पुष्प में नर और मादा जनन अंग दोनों ही होते हैं।
→ नर युग्मक परागकणों के अन्दर और मादा युग्मक बीजाण्ड में पाये जाते हैं।
→ किसी पुष्प के परागकोश से उसी पुष्प अथवा किसी अन्य पुष्प के वर्तिकान तक परागकणों के स्थानान्तरण की प्रक्रिया परागण कहलाती है। परागण दो प्रकार का होता है, स्वपरागण और परपरागण।
→ परागण पवन, जल और कीटों के द्वारा हो सकता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 12 पादप में जनन

→ नर और मादा युग्मकों का युग्मन निषेचन कहलाता है।
→ निषेचित अण्ड युग्मनज कहलाता है। युग्मनज का विकास भ्रूण में होता है।
→ फल एक परिपक्व अण्डाशय है, जबकि बीजाण्ड बीज में विकसित होता है। बीज में विकासशील भ्रूण होता है।
→ बीजों का प्रकीर्णन पवन, जल अथवा जन्तुओं के द्वारा होता है।
→ जनन – जीव द्वारा अपने जैसे प्रतिरूप उत्पन्न करना।
→ कायिक अंग – पौधों में मूल, तना एवं पत्तियाँ कायिक अंग कहलाती हैं।
→ जनन अंग – वे अंग जो संतति उत्पन्न करने में भाग लेते हैं।
→ अलैंगिक जनन – बिना बीज के ही नये पौधे के निर्माण की विधि।
→ लैंगिक जनन – नर तथा मादा युग्मकों के संयुजन से युग्मनज बनाना तथा युग्मनज से नये पौधे का विकास होना।
→ कायिक प्रवर्धन – पौधे के किसी कायिक भाग से नये पौधे का निर्माण।
→ कलमकिसी – पौधे की शाखा का पर्वसन्धि युक्त टुकड़ा जो नए पौधे को जन्म दे सकता है।
→ मुकुलन – अलैंगिक प्रजनन की एक विधि जिसमें कोशिका से एक बल्ब जैसा प्रवर्ध मुकुल बनता है। यह नयी कोशिका का निर्माण करता है। यह प्रक्रिया मुकुलन कहलाती है।
→ खण्डन – किसी एक पौधे या कोशिका का दो या दो से अधिक टुकड़ों में टूटना तथा प्रत्येक खण्ड से एक नये पौधे का बनना।
→ बीजाणु – अलैंगिक जनन में एक पौधे द्वारा उत्पन्न बीज जैसी संरचना जो अंकुरण करके नये पौधे का निर्माण करती है।
→ बीजाणुधानी – बीजाणुओं को उत्पन्न करने वाली थैली जैसी रचना।
→ पुंकेसर – पुष्प के नर जननांग। स्त्रीकेसर-पुष्प के मादा जननांग।
→ एक लिंगी पुष्प – पुष्प जिसमें केवल एक प्रकार का जननांग पाया जाए।
→ द्विलिंगी पुष्प – पुष्प जिसमें दोनों प्रकार के जननांग पाए जाएँ।
→ युग्मक – जनन संरचनाएँ जो युग्मन करके युग्मनज बनाती हैं।
→ परागकोश – नर जननांग पुंकेसर का वह भाग जिसमें परागकण बनते हैं।
→ बीजाण्ड – पुष्प में मादा युग्मक धारण करने वाली संरचना।
→ परागकण – नर युग्मकों का निर्माण करने वाली संरचना।
→ परागण – परागकोष से परागकणों का वर्तिकान पर स्थानान्तरण।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 11 जंतुओं और पादप में परिवहन

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HBSE 7th Class Science जंतुओं और पादप में परिवहन InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
रक्त का रंग लाल क्यों होता है?
उत्तर:
रक्त में लाल रुधिर कोशिकाओं में उपस्थित लाल वर्णक हीमोग्लोबिन की उपस्थिति के कारण रक्त का रंग लाल होता है।

प्रश्न 2.
पहेली सोच रही है कि हृदय के किस भाग में ऑक्सीजन समृद्ध रक्त होगा और किस भाग में कार्बन डाइऑक्साइड समृद्ध रक्त?
उत्तर:
हृदय के बायीं ओर के भाग में ऑक्सीजन से समृद्ध रक्त होता है तथा दार्थी ओर के भाग में कार्बन डाइऑक्साइड समृद्ध रक्त होता है।

प्रश्न 3.
पहेली जाना चाहती है कि क्या अन्य जन्तु भी मूत्र निष्कासन करते हैं?
उत्तर:
हाँ, अन्य जन्तु भी मूत्र निष्कासन करते हैं।

प्रश्न 4.
बूझो जानना चाहता है क्या स्पंज और हाइड्रा में भी रक्त होता है?
उत्तर:
नहीं।

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प्रश्न 5.
पहेली ने देखा है कि यदि भिण्डी और अन्य सब्जियाँ सूख गई हों, तो उसकी माँ उन्हें कुछ देर के लिए जल में डुबो देती हैं। वह जानना चाहती है कि उनमें जल कैसे प्रवेश करता है।
उत्तर:
जल कुछ दूरी तक एक कोशिका से दूसरी कोशिका में संवहन के कारण प्रवेश कर सकता है।

HBSE 7th Class Science जंतुओं और पादप में परिवहन Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
कॉलम A में दी गई मंरचनाओं का कॉलम B में दिये गये प्रक्रमों से मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
(क) रंध्र(i) जल का अवशोषण
(ख) जाइलम(ii) वाष्पोत्सर्जन
(ग) मूल रोम(iii) भोजन का परिवहन
(घ) फ्लोएम(iv) जल का परिवहन
(v) कार्बोहाइड्रेट का संश्लेषण

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
(क) रंध्र(ii) वाष्पोत्सर्जन
(ख) जाइलम(iv) जल का परिवहन
(ग) मूल रोम(i) जल का अवशोषण
(घ) फ्लोएम(iii) भोजन का परिवहन

प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) हृदय से रक्त का शरीर के सभी अंगों में परिवहन …………. के द्वारा होता है।
(ख) हीमोग्लोबिन …………………… कोशिकाओं में पाया जाता है।
(ग) धमनियाँ और शिराएँ ……………. के जाल द्वारा जुड़ी रहती हैं।
(घ) हृदय का लयबद्ध विस्तार और संकुचन ………………… कहलाता है।
(च) मानव शरीर के प्रमुख उत्सर्जित उत्पाद ……………… है।
(छ) पसीने में जल और ………………. होता है।
(ज) वृक्क अपशिष्ट पदार्थों को द्रव रूप में बाहर निकालते हैं, जिसे हम ……………….. कहते हैं।
(झ) वृक्षों में बहुत अधिक ऊँचाइयों तक जल पहुँचाने के कार्य में …………….. द्वारा उत्पन्न चूषण अभिकर्षण बल सहायता करता है।
उत्तर:
(क) धमनियों
(ख) लाल रक्त
(ग) केशिकाओं
(ब) हृदय स्पंदन
(च) यूरिया
(छ) लवण
(ज) मूत्र
(झ) वाष्पोत्सर्जन।

प्रश्न 3.
सही विकल्प का चयन करिए
(क) पादपों में जल का परिवहन होता है
(i) जाइलम के द्वारा
(ii) फ्लोएम के द्वारा
(iii) रंध्रों के द्वारा
(iv) मूलरोमों के द्वारा।
उत्तर:
(i) जाइलम के द्वारा

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(ख) मूलों द्वारा जल के अवशोषण की दर को बढ़ाया जा सकता है, उन्हें
(i) छाया में रखकर
(ii) मंद प्रकाश में रखकर
(iii) पंखे के नीचे रखकर
(iv) पॉलीथीन की थैली से ढककर।
उत्तर:
(iii) पंखे के नीचे रखकर

प्रश्न 4.
पादपों अथवा जन्तुओं में पदार्थों का परिवहन क्यों आवश्यक है ? समझाइए।
उत्तर:
पौधों तथा जन्तुओं के शरीर की संरचना जटिल प्रकार की होती है। शरीर के विभिन्न अंगों के कार्य भी भिन्न-भिन्न होते हैं। उदाहरण के लिए; पौधों की जड़ें पानी का अवशोषण करती हैं और पत्तियों का कार्य है भोजन निर्माण करना। अतः भोजन को जड़ों तक तथा जड़ों से जल को पत्तियों तक पहुँचाना आवश्यक होता है। इसी प्रकार हमारे शरीर में भोजन का अवशोषण आँतों में होता है, जिसे सम्पूर्ण शरीर में पहुँचाना आवश्यक होता है। इसीलिए पौधों एवं जन्तुओं में परिवहन होता है।

प्रश्न 5.
क्या होगा यदि रक्त में पट्टिकाणु नहीं होंगे?
उत्तर:
रुधिर में उपस्थित पट्टिकाणु चोट लगने पर रक्त का थक्का बनाने में सहायता करते हैं जिससे शरीर से रक्त अधिक समय तक नहीं बहता है। यदि रक्त में रुधिराणु नहीं होंगे तो रक्त का थक्का नहीं बनेगा और चोट लगने पर अधिक रक्तस्राव होने से व्यक्ति की मृत्यु हो जायेगी।

प्रश्न 6.
रन्ध्र क्या हैं ? रन्नों के दो कार्य बताइए।
उत्तर:
पादपों की पत्तियों एवं कुछ अन्य हरे भागों में सूक्ष्म छिद्र उपस्थित होते हैं जिन्हें रंध्र कहते हैं।
रन्ध्रों के कार्य-
(i) रन्धों द्वारा पौधों के लिए वायु से श्वसन तथा प्रकाश संश्लेषण के लिए गैसों का विनिमय होता है।
(ii) रन्ध्रों द्वारा वाष्पोत्सर्जन होता है जिससे अतिरिक्त जल पत्ती से बाहर निकाला जाता है।

प्रश्न 7.
क्या वाष्पोत्सर्जन पादपों में कोई उपयोगी कार्य करता है?
उत्तर:
हाँ, वाष्पोत्सर्जन के कारण पौधों में एक चूषण अभिकर्षण बल उत्पन्न होता है। इस बल के कारण जड़ों द्वारा अवशोषित जल पौधों में ऊपर चढ़ता है।

प्रश्न 8.
रक्त के घटकों के नाम बताइए।
उत्तर:
रक्त के घटक हैं लाल रक्त कोशिकाएँ, श्वेत रक्त कोशिकाएँ तथा पट्टिकाणु। ये सभी रक्त प्लाज्मा में तैरते रहते हैं।

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प्रश्न 9.
शरीर के सभी अंगों को रक्त की आवश्यकता क्यों होती है ?
उत्तर:
शरीर के सभी अंगों को रक्त की आवश्यकता होती है क्योंकि रक्त आँतों से अवशोषित भोजन को शरीर के सभी अंगों तक पहुंचाता है। रक्त ही ऑक्सीजन तथा अन्य पदार्थों को एक अंग से दूसरे अंगों तक ले जाता तथा वापस लाता है।

प्रश्न 10.
रक्त लाल रंग का क्यों दिखाई देता है ?
उत्तर:
रक्त में लाल रुधिर कोशिकाओं की संख्या सर्वाधिक होती है। इन कोशिकाओं में लाल रंग का वर्णक हीमोग्लोबिन उपस्थित होता है, जिससे रक्त लाल रंग का दिखाई देता है।

प्रश्न 11.
हृदय के कार्य बताइए।
उत्तर:
हृदय का प्रमुख कार्य ऑक्सीजन समृद्ध रक्त को शरीर के सभी अंगों में भेजना तथा कार्बन डाइऑक्साइड समृद्ध रक्त को सभी अंगों से वापस लेकर, इसे ऑक्सीजन समृद्ध होने के लिए फेफड़ों में भेजना है। .

प्रश्न 12.
शरीर द्वारा अपशिष्ट पदार्थों को उत्सर्जित करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
अपशिष्ट पदार्थों का शरीर में एकत्र रहना नुकसानदायक होता है इसीलिए इन्हें शरीर से बाहर निकालना आवश्यक है।

प्रश्न 13.
मानव उत्सर्जन तंत्र का चित्र बनाइए और उसके विभिन्न भागों को नामांकित कीजिए।
उत्तर:
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HBSE 7th Class Science जंतुओं और पादप में परिवहन Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. रक्त को हृदय से अंगों एवं ऊतकों की ओर ले जाती
(क) धमनी
(ख) शिराएँ
(ग) लिम्फ वाहिकाएँ
(घ) कोशिकाएँ
उत्तर:
(क) धमनी

2. हीमोग्लोबिन उपस्थित होता है
(क) श्वेत रक्त कणिकाओं में
(ख) लाल रक्त कणिकाओं में
(ग) पट्टिकाणुओं में
(घ) लसीकाणुओं में
उत्तर:
(ख) लाल रक्त कणिकाओं में

3. धमनियों में बहता है
(क) ऑक्सीजन समृद्ध रक्त
(ख) कार्बन डाइऑक्साइड समृद्ध रक्त
(ग) प्लाज्मा रहित रक्त
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(क) ऑक्सीजन समृद्ध रक्त

4. हमारे हृदय में कक्षों की संख्या होती हैं
(क) दो
(ख) तीन
(ग) चार
(घ) पाँच
उत्तर:
(ग) चार

5. मनुष्य के मुख्य उत्सर्जी अंग हैं
(क) त्वचा
(ख) मलाशय
(ग) मूत्राशय
(घ) वृक्क
उत्तर:
(घ) वृक्क

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II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. हदय और रक्त वाहिनियाँ संयुक्त रूप से हमारे शरीर का ………… बनाती हैं।
2. ………… की कमी होने पर शरीर की सभी कोशिकाओं को कुशलतापूर्वक ऑक्सीजन प्रदान करना कठिन होता हैं।
3. ………… की दीवार मोटी तथा प्रत्यास्थ होती है।
4. जल और पोषक तत्वों के परिवहन के लिए पौधों में उपस्थित ऊतक ………… कहलाता है।
उत्तर:
1. परिसंचरण तंत्र
2. हीमोग्लोबिन
3. धमनी
4. जाइलम।

III. सुमेलन

कॉलम ‘A’ तथा कॉलम ‘B’ के शब्दों का मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
1. धमनी(a) जाइलम व फ्लोएम
2. शिरा(b) ऑक्सीजन समृद्ध रक्त
3. केशिका(c) ऑक्सीजन विहीन रक्त
4. संवहन ऊतक(d) ऊँतकों में वितरण

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. धमनी(b) ऑक्सीजन समृद्ध रक्त
2. शिरा(c) ऑक्सीजन विहीन रक्त
3. केशिका(d) ऊँतकों में वितरण
4. संवहन ऊतक(a) जाइलम व फ्लोएम

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य कथन छाँटिए
1. श्वेत रक्त कणिकाएँ ऑक्सीजन का परिवहन करती हैं।
2. रक्त का ऑक्सीजन समृद्धीकरण फेफड़ों में होता है।
3. उत्सर्जन तंत्र मूत्र निर्माण एवं इसके निष्कासन में भाग लेता है।
4. पौधों में जाइलम व फ्लोएम से बना संवहन ऊतक पाया जाता है।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य
3. सत्य
4. सत्य।

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अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्लाज्मा क्या होता है ?
उत्तर:
रक्त का आधारभूत द्रव जिसमें रक्त कोशिकाएँ निलम्बित होती हैं, प्लाज्मा कहलाता है।

प्रश्न 2.
स्वेद (पसीना) आने का क्या लाभ है?
उत्तर:
यह शरीर के ताप नियन्त्रण में सहायक होता है।

प्रश्न 3.
स्पंदन दर से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
नाड़ी की प्रति मिनट की गति को स्पंदन दर कहते हैं।

प्रश्न 4.
हृदय गति मापने के लिए किस यंत्र का उपयोग किया जाता है?
उत्तर:
स्टेथोस्कोप का।

प्रश्न 5.
यदि हृदय में कार्बन डाइऑक्साइड और ऑक्सीजन से समृद्ध रक्त परस्पर मिश्रित हो जाये तो क्या होगा?
उत्तर:
इससे शरीर को ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जायेगी।

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प्रश्न 6.
धमनी एवं शिरा में एक अन्तर लिखिए।
उत्तर:
धमनी अपेक्षाकृत मोटी दीवार वाली होती है, जबकि शिराएँ पतली दीवार वाली होती हैं।

प्रश्न 7.
श्वेत रक्त कोशिकाएँ हमारे शरीर में क्या कार्य करती हैं ?
उत्तर:
रोग कारक रोगाणुओं को नष्ट करती हैं।

प्रश्न 8.
हृदय को पंपिंग स्टेशन क्यों कहते हैं ?
उत्तर:
हृदय रक्त को हमारे सम्पूर्ण शरीर में पम्प करता है।

प्रश्न 9.
हृदय के दो प्रमुख भाग कौन-से होते हैं?
उत्तर:
(i) अलिन्द और
(ii) निलय।

प्रश्न 10.
रक्त परिसंचरण की खोज किसने की?
उत्तर:
विलियम हार्वे ने।

प्रश्न 11.
नाड़ी स्पंदन क्या है? यह क्यों होता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
धमनी में रुधिर के प्रवाह के कारण स्पंदन होता है। यह स्पंदन नाड़ी स्पंदन कहलाता है और यह धमनियों में प्रवाहित हो रहे रक्त के कारण होता है। यह स्पन्दन एक मिनट में 72 बार होता है।

प्रश्न 12.
मूत्र के घटक क्या होते हैं ?
उत्तर:
मूत्र में 95% जल, 2.5% यूरिया तथा 2.5% अन्य अपशिष्ट होते हैं।

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प्रश्न 13.
पौधों के दो संवहन ऊतकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(i) जाइलम तथा
(ii) फ्लोएम।

प्रश्न 14.
पौधों में जल तथा खनिजों का अवशोषण कौन-सा अंग करता है ?
उत्तर:
जड़ों पर उपस्थित मूल रोम।

प्रश्न 15.
आलू की गुहाँ में जल का प्रवेश किस कारण हो जाता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
संवहन (परासरण) प्रक्रिया के कारण।

प्रश्न 16.
विशाल वृक्षों में इतनी अधिक ऊँचाई तक जल का आरोहण किस कारण होता है?
उत्तर:
वाष्पोत्सर्जन से उत्पन्न अभिकर्षण बल (खिंचाव) के कारण।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
परिसंचरण तन्त्र का व्यवस्था चित्र बनाइए।
उत्तर:
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प्रश्न 2.
रक्त का संगठन लिखिए। इसके विभिन्न घटकों के कार्य भी लिखिए।
उत्तर:
रक्त मुख्यतः दो घटकों से मिलकर बना होता
(1) प्लाज्मा – यह रक्त का तरल भाग है, यह हल्के पीले रंग का होता है। इसी में विभिन्न प्रकार की रक्त कोशिकाएँ तथा अन्य पदार्थ निलम्बित रहते हैं।
(2) रक्त कोशिकाएँ – प्लाज्मा में मुख्यत: तीन प्रकार की कोशिकाएँ पायी जाती हैं
(a) लाल रक्त कोशिकाएँ हीमोग्लोबिन की उपस्थिति के कारण ये लाल रंग की होती हैं। ये मुख्यतः ऑक्सीजन का वहन करती हैं।
(b) श्वेत रक्त कोशिकाएँ—ये रंगहीन होती हैं। ये शरीर में प्रवेश करने वाले रोगाणुओं को नष्ट करती हैं।
(c) पट्टिकाणु-ये डिस्क के आकार की कोशिकाएँ होती हैं। ये चोट लगने पर रुधिर का थक्का बनाती हैं।

प्रश्न 3.
धमनी और शिरा में अन्तर लिखिए।
उत्तर:

धमनीशिरा
(i) हृय से ऑक्सीजन समृद्ध रक्त का वितरण करती हैं।(i) ये कार्बन डाइऑक्साइड से समृद्ध रक्त को वापस हृदय में लाती हैं।
(ii) ये प्राय: शरीर में गहराई में स्थित होती हैं।(ii) ये प्रायः सतह पर होती हैं।
(iii) इनकी दीवार मोटी होती है।(iii) इनकी दीवार पतली होती है।
(iv) रक्त प्रवाह झटके से तथा अधिक दाब के साथ होता है।(iv) रक्त प्रवाह समान और धीरे-धीरे होता है।
(v) चमकीली लाल होती हैं।(v) हल्के नीले रंग वाली होती हैं।

प्रश्न 4.
मानव में उत्सर्जन कैसे होता है?
उत्तर:
मानव में मुख्य उत्सर्जी अंग एक जोड़ी वृक्क (गुर्दे) होते हैं। ये यूरिया युक्त रक्त का निस्यंदन करके मूत्र का निर्माण करते हैं। मानव का मुख्य उत्सर्जी उत्पाद यूरिया होता है जिसका निर्माण यकृत में होता है। यकृत से यूरिया युक्त रक्त वृक्कों में आता है। वृक्कों में असंख्य नेफ्रोन होते हैं। ये रक्त से अधिक मात्रा में जल और इसमें घुलित यूरिया को छान देते हैं। वृक्कों में ही जल की काफी मात्रा को पुनः अवशोषित कर लिया जाता है, शेष भाग मूत्र कहलाता है। वाहिनियों द्वारा मूत्र, मूत्राशय में लाया जाता है। मूत्राशय में एकत्र मूत्र को समय-समय पर मूत्र रन्ध्र से होकर बाहर निकाल दिया जाता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
4-5 मिनट तक दौड़ने के बाद पुनः हृदय स्पंदन की दर ज्ञात कीजिए। अपने प्रेक्षणों की तुलना कीजिए। अपनी तथा अपने मित्रों की विश्राम अवस्था में तथा 4-5 मिनट दौड़ने के बाद हृदय स्पंदन तथा नाड़ी स्पंद (पल्स) दर सारणी में रिकॉर्ड कीजिए। क्या आपको अपने हृदय स्पंदन और नाड़ी स्पंद दर के बीच कोई सम्बन्ध दिखाई देता है ? प्रत्येक हृदय स्पंदन धमनियों में एक स्पंद उत्पन्न करता है। प्रति मिनट धमनी में उत्पन्न स्पंद, हृदय स्पंदन दर को बताती है। (क्रियाकलाप)
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प्रश्न 2.
मानव हृदय का नामांकित चित्र बनाकर इसकी कार्यविधि का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
हृदय:
हदय बन्द मुट्ठी के आकार की संरचना है। यह हमारे शरीर में पम्पिंग स्टेशन का कार्य करता है। यह वक्ष गुहा में स्थित होता है। हमारे हृदय में चार कक्ष होते हैं-दायाँ अलिन्द, बायाँ अलिन्द, दायाँ निलय तथा बायाँ निलय । दायें अलिन्द से महाशिरा तथा बाउँ अलिन्द से फुफ्फुस धमनी निकलती हैं। बायें तथा दायें निलय के बीच एक दीवार उपस्थित होती है जो ऑक्सीजन युक्त तथा कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रुधिर को पृथक करती है।
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कार्यविधि:
शरीर के विभिन्न अंगों से लाया गया अशुद्ध रक्त महाशिराओं द्वारा दाहिने अलिन्द में छोड़ा जाता है जहाँ से यह दाहिने निलय में आता है। दाहिना निलय अशुद्ध रक्त को फुफ्फुस धमनी द्वारा फेंफड़ों में भेजता है। फेंफड़ों में रक्त को ऑक्सीजन समृद्ध (शुद्ध) किया जाता है। अब फेंफड़ों से शुद्ध रक्त फुफ्फुस शिरा द्वारा बायें अलिन्द में लाया जाता है। यहाँ से इसे बायें निलय में भेजा जाता है। बायें निलय से शुद्ध रक्त को महाधमनी द्वारा सम्पूर्ण शरीर में पम्प कर दिया जाता है।

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प्रश्न 3.
पौधों में जल के अवशोषण तथा इसके परिवहन का वर्णन कीजिए। यह भी बताइए कि पौधों में खाद्य पदार्थों का परिवहन कैसे होता है।
उत्तर:
पौधों में जल तथा खाद्य पदार्थों का परिवहन क्रमशः जाइलम तथा फ्लोएम द्वारा होता है। ये दोनों विशेष प्रकार के संवहन ऊतक होते हैं तथा सम्पूर्ण पौधे में एक जाल बनाकर वितरित रहते हैं।
जल का अवशोषण तथा आरोहण:
पौधे जल का अवशोषण जड़ों पर स्थित मूल रोमों द्वारा करते हैं। अवशोषित जल तथा लवणों को विभिन्न कोशिकाओं से होते हुए जाइलम (दारू) तक पहुंचा दिया जाता है। जाइलम ऊतक जल एवं खनिजों को पौधों के विभिन्न भागों तक पहुंचाता है। इस कार्य में वाष्पोत्सर्जन खिंचाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
खाद्य पदार्थों का स्थानान्तरण-खाद्य पदार्थों का निर्माण पौधे के हरे भागों मुख्यतः पत्तियों में होता है। पत्तियों में निर्मित खाद्य पदार्थ जल में घुलकर फ्लोएम (पोषवाह) द्वारा पौधे के विभिन्न अंगों तक पहुँचाये जाते हैं।
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जंतुओं और पादप में परिवहन Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ अधिकांश जन्तुओं के शरीर में प्रवाहित होने वाला रक्त शरीर की विभिन्न कोशिकाओं को भोजन और ऑक्सीजन का वितरण करता है। यह शरीर के विभिन्न भागों से उत्सर्जन के लिए अपशिष्ट पदार्थों को भी लाता है।
→ परिसंचरण तंत्र में हृदय और रक्त वाहिनियाँ होती हैं।
→ मानव शरीर में रक्त, धमनियों और शिराओं में प्रवाहित होता है तथा हृदय पम्प की तरह कार्य करता है।
→ रक्त में प्लाज्मा, लाल रक्त कणिकाएँ (RBCs), श्वेत रक्त कणिकाएँ (WBCs) और पट्टिकाणु होते हैं। रक्त का लाल रंग, लाल वर्णक युक्त हीमोग्लोबिन की उपस्थिति के कारण होता है।
→ शरीर में विभिन्न प्रकार की रक्त वाहिनियाँ होती हैं जो रक्त को शरीर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती हैं।
→ धमनियाँ हृदय से शरीर के सभी अन्य भागों में रक्त को ले जाती हैं।
→ शिराएँ शरीर के सभी भागों से रक्त को वापस हृदय में लाती हैं।
→ किसी वयस्क व्यक्ति का हृदय एक मिनट में लगभग 70-80 बार धड़कता है। इसे हृदय स्पंदन दर कहते हैं।
→ ऊतकों में पहुँचकर धमनियाँ अत्यंत महीन नलिकाओं में विभाजित हो जाती हैं जिन्हें कोशिकाएँ कहते हैं।
→ हृदय वह अंग है, जो रक्त द्वारा पदार्थों के परिवहन के लिए पंप के रूप में कार्य करता है। हृदय चार कक्षों में बँटा होता है। ऊपरी दो कक्ष अलिन्द तथा निचले दो कक्ष निलय कहलाते हैं।
→ शरीर में से अपशिष्ट उत्पादों को बाहर निकालने का प्रक्रम उत्सर्जन कहलाता है।
→ मानव उत्सर्जन तन्त्र में दो वृक्क (गुर्दे), दो मूत्र वाहिनियाँ, एक मूत्राशय और एक मूत्र मार्ग होता है।
→ लवण और यूरिया जल के साथ स्वेद (पसीने) के रूप में शरीर से बाहर निकाल दिये जाते हैं।
→ मछली अपशिष्ट पदार्थ के रूप में अमोनिया उत्सर्जित करती है, जो सीधे जल में घुल जाती है।
→ पक्षी कीट और छिपकली अर्ध ठोस (सेमी सॉलिड) रूप में यूरिक अम्ल का उत्सर्जन करते हैं।
→ पादप मूलों द्वारा जल और पोषक तत्व मृदा से अवशोषित होते हैं। पूरे पादप में जल के साथ पोषक तत्व जाइलम नामक संवहन ऊतक द्वारा ले जाये जाते हैं।
→ पादप के विभिन्न भागों में भोजन का परिवहन फ्लोएम नामक संवहन ऊतक के द्वारा होता है।
→ वाष्पोत्सर्जन के दौरान रन्ध्रों से वाष्प के रूप में बड़ी मात्रा में जल का रास होता है।
→ वाष्पोत्सर्जन के कारण एक चूषण बल निर्मित होता है, जिसके कारण मूलों द्वारा मृदा में से अवशोषित जल अभिकर्षित (खिंचकर) होकर तने और पत्तियों तक पहुँचता है।
→ परिसंचरण तन्त्र – हृदय, धमनियों, शिराओं एवं केशिकाओं से बना तन्त्र जो हमारे सम्पूर्ण शरीर में रुधिर का संचारण करता है।
→ रक्त – एक तरल पदार्थ (तरल संयोजी ऊतक) जो हृदय और वाहिनियों में बहता है।
→ प्लाज्मा – रुधिर कणिकाओं रहित रक्त का पीला तरल भाग प्लाज्मा कहलाता है।
→ लाल रक्त कोशिकाएं – रुधिर का एक अवयव जिनका रंग लाल होता है।
→ हीमोग्लोबिन – लाल रक्त कणिकाओं में पाया जाने वाला एक श्वसन रंजक।
→ श्वेत रक्त कणिकाएँ – रूधिर अवयव जिसका कार्य शरीर की रक्षा प्रक्रिया में भाग लेना है।
→ पट्टिकाणु – रक्त में प्लेट के आकार की कणिकाएँ।
→ रक्त वाहिनियाँ – रक्त का पूरे शरीर में परिसंचरण कराने वाली पतली नलियाँ।
→ धमनी – हृदय से शरीर के अंगों को ऑक्सीजन से समृद्ध रुधिर ले जाने वाली वाहिकाएँ।
→ शिरा – रक्त वाहिनियाँ जो रूधिर को शरीर के अंगों से हृदय में लाती हैं।
→ हृदय स्पंदन – हृदय का धड़कना।
→ केशिका – रक्त वाहिनियाँ ऊतकों में जाकर अत्यन्त पतली सूक्ष्म नलिकाओं में बँट जाती हैं, ये केशिकाएँ कहलाती है।
→ नाड़ी स्पंद – धमनी में रुधिर का रूक-रूक कर बहना।
→ स्टेथोस्कोप – हृदय की धड़कन सुनने का यन्त्र जो डॉक्टरों के पास रहता है।
→ हृदय – एक मांसल अंग जो रक्त को शरीर में पंप करता है।
→ उत्सर्जन – शरीर से उपापचय के फलस्वरूप अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया।
→ उत्सर्जन तन्त्र – उत्सर्जन की क्रिया में भाग लेने वाले सभी अंग उत्सर्जन तन्त्र बनाते हैं।
→ वृक्क/गुर्दा – प्रमुख उत्सर्जी अंग जो रक्त से मूत्र को अलग करते हैं।
→ डायलाइसिस/अपोहन – जब वृक्क अपना काम बन्द कर देते हैं तो कृत्रिम रूप से वृक्कों का कार्य सम्पन्न कराया जाता है, इसे डायलाइसिस या अपोहन कहते हैं।
→ पसीना/स्वेद – अपशिष्ट पदार्थों से युक्त द्रव जो त्वचा से बाहर निकलता है।
→ मूलरोम – मूल पर उपस्थित बाल जैसी रचनाएँ जो मृदा से जल एवं खनिजों का अवशोषण करती हैं।
→ ऊतक – कोशिकाओं का ऐसा समूह जो संरचना, उत्पत्ति एवं कार्य में समान होता है, ऊतक कहलाता है।
→ जाइलम/दारू – पौधों का एक ऊतक जो जल एवं खनिज लवर्णो का संवहन करता है।
→ फ्लोएम/पोषवाह – पौधों का एक संवहनी ऊतक जो भोज्य पदार्थों का संवहन करता है।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

HBSE 7th Class Science जीवों में श्वसन InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
बूझो ने नोट किया कि जब कुछ देर तक साँस रोके रखने के बाद उसने साँस छोड़ी, तो उसे तेज साँस लेनी पड़ी। क्या आप उसे बता सकते हैं कि ऐसा क्यों हुआ?
उत्तर:
क्योंकि उसके फेफड़ों में ऑक्सीजन की आपूर्ति काफी देर तक नहीं हो पाई जिससे फेफड़ों में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ गई थी।

प्रश्न 2.
पहेली जानना चाहती है कि जब हमें नींद आती है या झपकी आती है, तो हम जम्हाई क्यों लेते हैं ?
उत्तर:
जब हमें नींद आती है तो श्वसन दर कम हो जाती है। श्वसन दर में कमी होने से शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है। जम्हाई लेने से हम अतिरिक्त ऑक्सीजन लेकर कमी को पूरा कर लेते हैं।

प्रश्न 3.
बूझो जानना चाहता है कि कोई व्यक्ति अपने फेफड़ों में कितनी वायु भर सकता है?
उत्तर:
लगभग आधा लीटर (500 mL)।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

प्रश्न 4.
बूझो जानना चाहता है कि क्या कॉकरोच (तिलचट्टा), घोंघे, मछली, केंचुए, चींटी और मच्छर में भी फेफड़े होते हैं।
उत्तर:
नहीं, इन जन्तुओं में फेफड़े नहीं होते हैं। इनमें श्वसन के लिए विशेष प्रकार के श्वसन अंग पाये जाते हैं।

प्रश्न 5.
बूझो ने दूरदर्शन कार्यक्रमों में देखा था कि व्हेल और डॉल्फिन अक्सर पानी की सतह पर ऊपर आ जाती हैं। कभी-कभी ऊपर की ओर आते समय वे पानी की फुहार भी छोड़ती हैं ? वे ऐसा क्यों करती हैं ?
उत्तर:
व्हेल और डॉल्फिन अन्तःश्वसन के दौरान अन्तःश्वसित वायु को सतह पर आकर उच्छ्वसित करती हैं। इसी दौरान जल वाष्प फुहार के रूप में दिखाई देती है।

प्रश्न 6.
पहेली जानना चाहती है कि क्या भूमिगत होते हुए भी पादपों की जड़ें ऑक्सीजन ग्रहण करती हैं ? यदि ऐसा है, तो वे ऐसा किस प्रकार करती हैं?
उत्तर:
हाँ, जड़ें मृदा कणों के बीच खाली स्थानों में उपस्थित वायु से ऑक्सीजन लेती हैं।

HBSE 7th Class Science जीवों में श्वसन Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
कोई धावक दौड़ समाप्त होने पर सामान्य से अधिक तेजी से गहरी साँसें क्यों लेता है ?
उत्तर:
दौड़ने के समय बहुत अधिक ऊर्जा खर्च होती है, इस ऊर्जा की पूर्ति शरीर में ग्लूकोस के विखण्डन से होती है। ग्लूकोस का विखण्डन ऑक्सीजन द्वारा होता है। तेजी से साँस लेने से ऑक्सीजन की अधिक आपूर्ति होती है तथा अधिक से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकल जाती है।

प्रश्न 2.
वायवीय और अवायवीय श्वसन के बीच समानताएं और अन्तर बताइए।
उत्तर:
समानताएँ-
(i) दोनों ही प्रकार के श्वसन में ऊर्जा उत्पन्न होती है।
(ii) दोनों ही प्रकार के श्वसन में कार्बन डाइऑक्साइड बनती है।
(iii) दोनों में ही भोज्य पदार्थ समान होते हैं।

अन्तर-
(i) वायवीय श्वसन में ऑक्सीजन की उपस्थिति अनिवार्य होती है, जबकि अवायवीय श्वसन में नहीं।
(ii) वायवीय श्वसन में ग्लूकोस का पूर्ण विखण्डन होता है, जबकि अवायवीय श्वसन में ग्लूकोस का अपूर्ण विखण्डन होता है।
(iii) वायवीय श्वसन में अधिक ऊर्जा निर्मुक्त होती है जबकि अवायवीय श्वसन में कम ऊर्जा निर्मुक्त होती है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

प्रश्न 3.
जब हम अत्यधिक धूल भरी वायु में साँस लेते हैं, तो हमें छींक क्यों आ जाती है?
उत्तर:
हमारे आस-पास की वायु में बहुत सारे अवांछनीय कण, जैसे- धूल, धुंआ आदि उपस्थित होते हैं। श्वसन के दौरान ये कण हमारे नथुनों में उपस्थित बालों एवं श्लेष्म में फंस जाते हैं। यदि ये कण बालों को पार करके आगे निकल जाते हैं तो नथुनों में खुजलाहट होती है तथा छींक आती है। छींक के रूप में तीन वायु प्रवाह से ये कण बाहर निकल जाते हैं तथा स्वच्छ वायु अन्दर प्रवेश होती है।

प्रश्न 4.
तीन परखनलियाँ लीजिए। प्रत्येक को 3/4 भाग तक जल से भरिये। इनें A, B तथा C द्वारा चिन्हित कीजिए। परखनली A में एक घोंघा रखिए। परखनली B में कोई जलीय पादप रखिए और C में एक घोंघा और पादप दोनों को रखिए। किस परखनली में कार्बन डाईऑक्साइड की सान्द्रता सबसे अधिक होगी।
उत्तर:
परखनली A में कार्बन डाइऑक्साइड की सान्द्रता अधिक होगी। क्योंकि परखनली में केवल घोंधा है जो श्वसन क्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड निर्मुक्त करता है। परखनली B में पादप है जो प्रकाश संश्लेषण करके कार्बन डाइऑक्साइड को सोख लेता है। परखनली C में पादप तथा घोंघा हैं। इसमें घोंघा द्वारा छोड़ी गई कार्बन डाइऑक्साइड को पौध ग्रहण कर लेता है।

प्रश्न 5.
सही उत्तर पर (✓) का निशान लगाइए
(क) तिलचट्टों के शरीर में वायु प्रवेश करती है, उनके
(i) फेफड़ों द्वारा
(ii) क्लोमों द्वारा
(iii) श्वास रन्ध्रों द्वारा
(iv) त्वचा द्वारा।
उत्तर:

(ख) अत्यधिक व्यायाम करते समय हमारी टाँगों में जिस पदार्थ के संचयन के कारण ऐंठन होती है, वह है
(i) कार्बन डाइऑक्साइड
(ii) लैक्टिक अम्ल
(iii) ऐल्कोहॉल
(iv) जल
उत्तर:
(iii) ऐल्कोहॉल

(ग) किसी सामान्य वयस्क व्यक्ति की विश्राम अवस्था में औसत श्वसन दर होती है
(i) 9-12 प्रति मिनट
(ii) 15-18 प्रति मिनट
(iii) 21-24 प्रति मिनट
(iv) 30-33 प्रति मिनट
उत्तर:
(ii) 15-18 प्रति मिनट

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

(घ) उच्छ्व सन के समय पसलियों
(i) बाहर की ओर गति करती हैं
(ii) नीचे की ओर गति करती हैं
(iii) ऊपर की ओर गति करती हैं
(iv) बिल्कुल गति नहीं करती हैं।
उत्तर:
(ii) नीचे की ओर गति करती हैं

प्रश्न 6.
कॉलम A में दिये गये शब्दों का कॉलम B के साथ मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
(क) यीस्ट(i) केंचुआ
(ख) डायाफ्राम (मध्यपट)(ii) क्लोम
(ग) त्वचा(iii) एल्कोहॉल
(घ) पत्तियाँ(iv) वक्ष-गुहा
(च) मछली(v) रन्ध्र
(छ) मेंढक(vi) फेफड़े और त्वचा
(vii) श्वासप्रणाल (वातक)

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
(क) यीस्ट(iii) एल्कोहॉल
(ख) डायाफ्राम (मध्यपट)(iv) वक्ष-गुहा
(ग) त्वचा(i) केंचुआ
(घ) पत्तियाँ(v) रन्ध्र
(च) मछली(ii) क्लोम
(छ) मेंढक(vi) फेफड़े और त्वचा

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प्रश्न 7.
बताइए कि निम्नलिखित वक्तव्य ‘सत्य’ हैं अथवा ‘असत्य’
(क) अत्यधिक व्यायाम करते समय व्यक्ति की श्वसन दर धीमी हो जाती है।
(ख) पादपों में प्रकाश संश्लेषण केवल दिन में, जबकि श्वसन केवल रात्रि में होता है।
(ग) मेंढक अपनी त्वचा के अतिरिक्त अपने फेफड़ों से भी श्वसन करते हैं।
(घ) मछलियों में श्वसन के लिए फेफड़े होते हैं।
(च) अंतःश्वसन के समय वक्ष-गुहा का आयतन बढ़ जाता है।
उत्तर:
(क) असत्य
(ख) असत्य
(ग) सत्य
(घ) असत्य
(च) सत्य।

प्रश्न 8.
दी गई पहेली के प्रत्येक वर्ग में जीवों के श्वसन से सम्बन्धित हिन्दी वर्णाक्षर अथवा संयुक्ताक्षर दिये गये हैं। इनको मिलाकर जीवों तथा उनके श्वसन अंगों से सम्बन्धित शब्द बनाये जा सकते हैं। शब्द वर्गों के जाल में किसी भी दिशा में, ऊपर, नीचे अथवा विकर्ण में पाये जा सकते हैं। श्वसन तंत्र तथा जीवों के नाम खोजिए।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -1
(1) कीर्टो की वायु नलियाँ।
(2) वक्ष-गुहा को घेरे हुए हड्डियों की संरचना।
(3) वक्ष-गुहा का पेशीय तल।
(4) पत्ती की सतह पर सूक्ष्म छिद्र।
(5) कीट के शरीर के पार्श्व भागों के छोटे छिद्र।
(6) मनुष्यों के श्वसन अंग।
(7) वे छिद्र जिनसे हम साँस भीतर लेते (अंतःश्वसन) करते हैं।
(8) एक अवायवीय जीव।
(9) श्वासप्रणाल तंत्र वाला एक जीव।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -2

प्रश्न 9.
पर्वतारोही अपने साथ ऑक्सीजन सिलिंडर ले जाते हैं, क्योंकि
(क) 5km से अधिक ऊँचाई पर वायु नहीं होती है।
(ख) वहाँ उपलब्ध वायु की मात्रा भू-तल पर उपलब्ध मात्रा से कम होती है।
(ग) वहाँ वायु का ताप भू-तल के ताप से अधिक होता है।
(घ) पर्वत पर वायुदाब भू-तल की अपेक्षा अधिक होता है।
उत्तर:
(ख) वहाँ उपलब्ध वायु की मात्रा भू-तल पर उपलब्ध मात्रा से कम होती है।

HBSE 7th Class Science जीवों में श्वसन Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. वायवीय श्वसन में ग्लूकोज का विखण्डन होता है
(क) ऑक्सीजन द्वारा
(ख) कार्बन डाइऑक्साइड द्वारा
(ग) ऊर्जा द्वारा
(घ) जल द्वारा
उत्तर:
(क) ऑक्सीजन द्वारा

2. अवायवीय जीव कहलाते हैं, जो
(क) ऑक्सीजन द्वारा ऊर्जा प्राप्त करते हैं
(ख) अवायवीय श्वसन द्वारा ऊर्जा प्राप्त करते हैं
(ग) वायु द्वारा ऊर्जा प्राप्त करते हैं।
(घ) ऊर्जा खर्च नहीं करते हैं।
उत्तर:
(ख) अवायवीय श्वसन द्वारा ऊर्जा प्राप्त करते हैं

3. अत्यधिक व्यायाम करने पर पेशियों में ऐंठन उत्पन्न होने का कारण है
(क) ऑक्सीजन एकत्र होना
(ख) ग्लूकोज एकत्र होना
(ग) लैक्टिक अम्ल एकत्र होना
(घ) एल्कोहॉल एकत्र होना।
उत्तर:
(ग) लैक्टिक अम्ल एकत्र होना

4. मनुष्य की श्वसन दर होती है लगभग
(क) 8-10/मिनट
(ख) 16-18/मिनट
(ग) 25-30/मिनट
(घ) 30-40/मिनट
उत्तर:
(ख) 16-18/मिनट

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5. हमारे फेफड़े स्थित होते हैं
(क) वक्ष गुहा में
(ख) उदर गुहा में
(ग) हृदयावरणी गुहा में
(घ) मस्तिष्क गुहा में
उत्तर:
(क) वक्ष गुहा में

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. ………… जीव की सबसे छोटी संरचनात्मक एवं क्रियात्मक इकाई होती है।
2. भोजन के विखण्डन से ………… निर्मुक्त होती है।
3. ग्लूकोज का विखण्डन जब ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है तो ………… और ……. बनते है और ऊर्जा मुक्त होती है।
4. ………… जल में घुली ऑक्सीजन का उपयोग करने में मछली की सहायता करते हैं।
उत्तर:
1. कोशिका
2. ऊर्जा
3. कार्बन डाइऑक्साइड, जल
4. क्लोम।

III. सुमेलन

कॉलम A तथा कॉलम B के शब्दों का मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
1. मनुष्य(a) रन्ध्र
2. केंचुआ(b) श्वास रन्ध्र
3. कॉकरोच(c) नम त्वचा
4. पौधा(d) फेफड़े

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. मनुष्य(d) फेफड़े
2. केंचुआ(c) नम त्वचा
3. कॉकरोच(b) श्वास रन्ध्र
4. पौधा(a) रन्ध्र

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य कथन छाँटिए
1. उच्छवसन की प्रक्रिया में पसलियाँ नीचे की ओर एवं डायफ्राम ऊपर की ओर गति करता है।
2. श्वसन के दौरान वक्ष गुहा के आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
3. कीटों में गैस विनिमय के लिए वायु नलियों का जाल बिछा होता है।
4. पादपों में भी जन्तुओं की भाँति कोशिकीय श्वसन पाया जाता है।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य
3. सत्य
4. सत्य।

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अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कोशिकीय श्वसन किसे कहते हैं ?
उत्तर:
भोजन के विखण्डन से ऊर्जा निर्मुक्त होने की प्रक्रिया कोशिका में होती है, इसे कोशिकीय श्वसन कहते हैं।

प्रश्न 2.
अन्तःश्वसन तथा उच्छ्वसन किसे कहते हैं ?
उत्तर:
ऑक्सीजन से समृद्ध वायु को अन्दर लेना अन्तःश्वसन तथा कार्बन डाइऑक्साइड युक्त वायु को शरीर से बाहर करना उच्छ्व सन कहलाता है।।

प्रश्न 3.
कुछ समय तक नथुने और मुंह दोनों बन्द रखने पर क्या महसूस होता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
श्वासावरोध महसूस होता है।

प्रश्न 4.
एक मिनट में हम कितनी बार साँस लेते हैं एवं छोड़ते हैं? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
लगभग 15-16 बार प्रति मिनट।

प्रश्न 5.
तेज चलने के बाद श्वसन दर बताइए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
20-25 बार प्रति मिनट।

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प्रश्न 6.
शरीर की क्रियाओं के संचालन के लिए ऊर्जा कहाँ से आती है?
उत्तर:
भोजन के विखण्डन से।

प्रश्न 7.
क्या आप बता सकते हैं कि आपके माता-पिता आपसे नियमित रूप से भोजन करने के लिए आग्रह क्यों करते हैं?
उत्तर:
भोजन से हमें ऊर्जा प्राप्त होती है। शरीर के निर्माणकारी तत्व भोजन से ही प्राप्त होते हैं।

प्रश्न 8.
क्या हम जल में जीवित रह सकते हैं ?
उत्तर:
नहीं, क्योंकि हम जल में श्वसन नहीं कर सकते।

प्रश्न 9.
सर्पो एवं छिपकलियों में श्वसन अंग क्या होते हैं ?
उत्तर:
फेंफड़े।

प्रश्न 10.
मनुष्य में कितने फेंफड़े होते हैं?
उत्तर:
एक जोड़ी।

प्रश्न 11.
क्या अन्तःश्वसन तथा उच्छ्वसन में पसलियाँ भी सहायक होती हैं ?
उत्तर:
हाँ।

प्रश्न 12.
साँस खींचने तथा बाहर निकालने में प्रमुख भूमिका किसकी होती है ?
उत्तर:
डायाफ्राम की।

प्रश्न 13.
क्या पौधों में भी श्वसन होता है ?
उत्तर:
हाँ, पौधे भी श्वसन क्रिया करते हैं।

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लयु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
जब हम चूने के पानी में एक पतली नली द्वारा फूंक मारते हैं तो क्या होता है? हमारी फूंक में हम कौन-सी गैस उच्छवसित करते हैं? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
जब हम चूने के पानी में फूंक मारते हैं तो चूने का पानी दूधिया होने लगता है। चूंकि चूने के पानी में कार्बन डाइऑक्साइड प्रवाहित करने पर यह दूधिया हो जाता है। इससे स्पष्ट है कि हमारी फूंक में कार्बन डाइऑक्साइड गैस उपस्थित है।

प्रश्न 2.
मछलियाँ जल में श्वसन किस प्रकार करती
उत्तर:
मछलियों के पार्श्व भाग में क्लोम छिद्र होते हैं। इनके क्लोमों में महीन रुधिर वाहिनियों का जाल फैला रहता है। जब ऑक्सीजन समृद्ध जल क्लोमों में प्रवेश करता है तो रुधिर वाहिनियों का रुधिर जल से ऑक्सीजन अवशोषित कर लेता है। जहाँ से सम्पूर्ण शरीर में ऑक्सीजन पहुँचा दी जाती है।
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प्रश्न 3.
पौधों की जड़ें किस प्रकार श्वसन करती हैं ?
उत्तर:
पौधों की जड़ें मृदा कों के बीच उपस्थित वायु को ग्रहण करती हैं। मृदा कणों के बीच उपस्थित वायु मूलों में विसरण करके प्रवेश करती हैं जहाँ से ऑक्सीजन सभी मूल कोशिकाओं को पहुँचा दी जाती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -4

प्रश्न 4.
क्या आप अनुमान लगा सकते हैं कि यदि किसी गमले के पौधे में बहुत अधिक पानी डाल दिया जाये तो क्या होगा?
उत्तर:
यदि गमले में अत्यधिक पानी डाल दिया जायेगा तो पानी मृदा कणों के बीच के खाली स्थानों में भर जायेगा तथा वहाँ की वायु बाहर निकल जायेगी। ऐसी स्थिति में पौधे की जड़ों के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पायेगी और ऊर्जा की उत्पत्ति नहीं होगी फलस्वरूप जड़ें मरने लगेंगी और अन्य क्रियाएँ प्रभावित हो जाएँगी। अन्ततः पौधा सूख जायेगा।

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प्रश्न 5.
श्वासप्रणाल तंत्र क्या होता है ?
उत्तर:
कॉकरोच के शरीर के पार्श्व भाग में छोटे-छोटे छिद्र होते हैं। अन्य कीटों के शरीर में भी इस प्रकार के छिद्र होते हैं। ये छिद्र श्वास रन्ध्र कहलाते हैं। कीटों में गैस के विनिमय के लिए वायु नलियों का जाल बिछा रहता है जो श्वासप्रणाल या वातक कहलाते हैं। ऑक्सीजन समृद्ध वायु श्वास रन्धों से होकर श्वास प्रणाली में जाती है जहाँ से यह सम्पूर्ण शरीर में विसरित होती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -5

प्रश्न 6.
अन्तःश्वसित और उच्छ्वसित वायु में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का प्रतिशत बताइए।
उत्तर:
अन्तःश्वसित और उच्छ्वसित वायु में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का प्रतिशत
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -6

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
श्वसन क्या है ? यह कितने प्रकार का होता है ? ग्लूकोस के विखण्डन समीकरण देकर समझाइए।
उत्तर:
श्वसन:
भोज्य पदार्थों के जारण से ऊर्जा उत्पन्न होने की प्रक्रिया श्वसन कहलाती है। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन ग्रहण की जाती है तथा कार्बन डाइऑक्साइड मुक्त की जाती है। श्वसन दो प्रकार का होता है
(1) वायवीय श्वसन-जब ग्लूकोस का विखण्डन ऑक्सीजन के उपयोग द्वारा होता है तब इसे वायवीय श्वसन कहते हैं। इस प्रक्रिया में ग्लूकोस का विखण्डन होकर कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल बनता है साथ ही अधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -7
(2) अवायवीय श्वसन – जब ग्लूकोस का विखण्डन ऑक्सीजन के उपयोग के बिना होता है तो इसे अवायवीय श्वसन कहते हैं। इसमें ग्लूकोस के विखण्डन से एल्कोहॉल तथा कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न होती है तथा कम मात्रा में ऊर्जा निकलती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -8

प्रश्न 2.
मनुष्य के श्वसन अंगों का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -9

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन

प्रश्न 3.
मानव में श्वसन की क्रियाविधि का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
श्वसन की क्रियाविधि सामान्यतः हम अपने नथुनों (नासा-द्वार) से वायु अन्दर लेते हैं। जब हम वायु को अन्तःश्वसन द्वारा अन्दर लेते हैं तो यह हमारे नथुनों से नासा-गुहा में चली जाती है। नासा-गुहा से वायु, श्वास नली से होकर हमारे फेफड़ों (फुफ्फुस) में जाती है। फेफड़े वक्ष गुहा में स्थित होते हैं। वक्ष गुहा पार्श्व में पसलियों से घिरी होती है। एक बड़ी पेशीय परत जो डायाफ्राम (मध्य पट) कहलाती है, वक्ष गुहा को आधार प्रदान करती है। श्वसन में डायाफ्राम और पसलियों से बने पिंजर की गति सम्मिलित है। अंतःश्वसन के समय पसलियाँ ऊपर और बाहर की ओर गति करती हैं और डायाफ्राम नीचे की ओर गति करता है। यह गति हमारी वक्षगुहा के आयतन को बढ़ा देती है और वायु फेफड़ों में आ जाती है। फेंफड़े वायु से भर जाते हैं। उच्छ्व सन के समय पसलियाँ नीचे और अन्दर की ओर आ जाती हैं, जबकि डायाफ्राम ऊपर की ओर अपनी पूर्व स्थिति में आ जाता है। इससे वक्ष गुहा का आयतन कम हो जाता है। इस कारण वायु फेंफड़ों से बाहर धकेल दी जाती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 10 जीवों में श्वसन -10

जीवों में श्वसन Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ श्वसन क्रिया सभी जीवों के जीवित रहने के लिए अनिवार्य है। यह जीव द्वारा ग्रहण किये गये भोजन से ऊर्जा को निर्मुक्त करती है।
→ हम अन्तःश्वसन द्वारा, जो वायु शरीर के अन्दर लेते हैं, उसमें उपस्थित ऑक्सीजन का उपयोग ग्लूकोस को कार्बन डाइऑक्साइड और जल में विखण्डन के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में ऊर्जा मुक्त होती है।
→ ग्लकोस का विखण्डन जीव की कोशिकाओं में होता है, जिसे कोशिकीय श्वसन कहते हैं।
→ यदि भोजन (ग्लूकोस), ऑक्सीजन के उपयोग द्वारा विखण्डित होता है, तो यह वायवीय श्वसन कहलाता है। यदि विखण्डन ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है तो यह श्वसन अवायवीय श्वसन कहलाता है।
→ अत्यधिक व्यायाम करते समय जब हमारी पेशी- कोशिकाओं में ऑक्सीजन की आपूर्ति अपर्याप्त होती है तब भोजन का विखण्डन अवायवीय श्वसन द्वारा होता है।
→ साँस लेना श्वसन प्रक्रम का एक चरण है, जिसमें जीव ऑक्सीजन समृद्ध वायु को शरीर के अन्दर लेता है और कार्बन डाइऑक्साइड समृद्ध वायु को बाहर निकालता है। गैसों के विनिमय के लिए विभिन्न जीवों में श्वसन अंग अलग-अलग प्रकार के होते हैं।
→ साँस को अन्दर खींचना अन्तःश्वसन तथा साँस बाहर निकालना उच्छ्वसन कहलाता है। इस प्रक्रम को श्वासोच्छवास भी कहते हैं।
→ शारीरिक सक्रियता के बढ़ने पर श्वसन दर बढ़ जाती है।
→ एक जोड़ी फेंफड़े हमारे मुख्य श्वसन अंग होते हैं, इसके अतिरिक्त नासिका, नासागुहा, श्वासनली आदि सहायक श्वसन अंग हैं।
→ गाय, भैंस, कुत्ते और बिल्ली जैसे जीवों में श्वसन अंग और श्वसन प्रक्रम मानव के समान ही होते हैं।
→ कॉकरोच एवं अन्य कीटों में श्वसन क्रिया श्वास रन्ध्रों द्वारा होती है।
→ केंचुए में गैसों का विनिमय उसकी आई त्वचा के माध्यम से होता है। मछलियों में यह क्लोम से और कीटों में श्वास प्रणाली से होता है।
→ मछलियों में श्वसन के अंग क्लोम होते हैं।
→ पादपों में मूल, मृदा में उपस्थित वायु को ग्रहण करती हैं। पत्तियों में सूक्ष्म छिद्र होते हैं, जिन्हें रन्ध्र कहते हैं, जिनमें गैसों का विनिमय होता है। पादप कोशिकाओं में ग्लूकोस का विखण्डन अन्य जीवों की ही भाँति होता है।
→ श्वसन – भोज्य पदार्थों के विखण्डन द्वारा ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया।
→ कोशिकीय श्वसन – ग्लूकोस का विखण्डन, विकरों की सहायता से कोशिका के अन्दर होता है, इसे कोशिकीय श्वसन कहते हैं।
→ वायवीय श्वसन – यदि भोजन (ग्लूकोस) ऑक्सीजन के उपयोग द्वारा विखण्डित होता है तो यह प्रक्रम वायवीय श्वसन कहलाता है।
→ अवायवीय श्वसन – यदि भोजन ऑक्सीजन के अभाव में विखण्डित होता है तो इसे अवायवीय श्वसन कहते हैं।
→ अन्तःश्वसन – ऑक्सीजन युक्त वायु को फेफड़ों के अन्दर भरना।
→ उच्छ्वसन – कार्बन डाइऑक्साइड युक्त वायु को फेफड़ों से बाहर निकालना। .
→ श्वसन दर – एक व्यक्ति एक मिनट में जितनी बार साँस लेता है, उसे श्वसन दर कहते हैं।
→ फेफड़ा – मनुष्य के मुख्य श्वसन अंग।
→ श्वासनली – नासा गुहा से फेफड़ों को साँस ले जाने वाली नली।
→ डायाफ्राम – वक्ष गुहा को आधार प्रदान करने वाली एक बड़ी पेशीय परत डायाफ्राम कहलाती है।
→ श्वास रंध्र – कुछ कीटों में वायु के आदान-प्रदान के लिए शरीर पर सूक्ष्म छिद्र पाये जाते हैं, इन्हें श्वास रन्ध्र कहते
→ श्वास प्रणाल – कीटों में गैस विनिमय के लिए वायु नलिकाओं का जाल बिछा रहता है। जो श्वासप्रणाल या वातक कहलाता है।
→ क्लोम–मछलियों में ऑक्सीजन युक्त जल को अन्दर खींचने के लिए छिद्र जो श्वसन में सहायक होते हैं।
→ रन्ध – पौधों के हरे भार्गों में पाए जाने वाले विशेष छिद्र जिनसे गैसीय आदान-प्रदान होता है।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदाTextbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

HBSE 7th Class Science मृदा InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
मैं जानना चाहती हूँ कि सड़क के किनारे और बगीचेसे एकत्रित किये गयेनमूनों में मुझेप्लास्टिक की वस्तुओं और पॉलीथीन की थैलियों के कुछ टुकड़े क्यों मिले थे ?
उत्तर:
क्योंकि प्लास्टिक की वस्तुएँ तथा पॉलीथीन की थैलियाँ प्रयोग करने के बाद बगीचों और सड़कों के किनारे फेंक दी जाती हैं जो मिट्टी में दब जाती है।

प्रश्न 2.
मैं जानना चाहता हूँ कि क्या खेत की मिट्टी का उपयोग खिलौनों को बनाने में किया जा सकता है?
उत्तर:
नहीं, क्योंकि इसमें सूक्ष्म जीव तथा तिनके होते हैं। इसके अतिरिक्त दोमट मृदा खिलौने बनाने के लिए उपयुक्त नहीं होती।

प्रश्न 3.
मैं जानना चाहता हूँमटका और सुराही बनाने के लिए किस प्रकार की मदा का उपयोग किया जाना चाहिए?
उत्तर:
मृण्मय मृदा का उपयोग किया जाना चाहिए।

प्रश्न 4.
बूझो को आश्चर्य है कि दोनों वर्गों में पानी के अवशोषण में अन्तर क्यों था?
उत्तर:
विभिन्न प्रकार की मृदा के उपयोग किये जाने के कारण। प्रथम वर्ग घर के फर्श पर बनाया गया था जो पानी का अवशोषण बहुत कम कर सका। दूसरा वर्ग कच्ची सड़क पर बनाया गया था, जहाँ की मिट्टी ने काफी पानी अवशोषित कर लिया।

प्रश्न 5.
अन्तःस्रवण दर और जल धारण करने की क्षमता में क्या अन्तर होता है?
उत्तर:
(1) प्रति इकाई समय में मृदा में जल के प्रवेश की क्षमता उसकी अन्तःस्रवण दर कहलाती है।
(2) जल धारण क्षमता अर्थात् मृदा द्वारा अवशोषित किये गये कुल जल की मात्रा है।
(3) अन्तःस्रवण दर और जल धारण क्षमता दोनों ही विपरीत लक्षण हैं।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

HBSE 7th Class Science मृदा Textbook Questions and Answers

सबसे उपयुक्त उत्तर को चिन्हित करें

प्रश्न 1.
शैल कणों के अतिरिक्त, मृदा में होते हैं
(क) वायु और जल
(ख) जल और पादप
(ग) खनिज, जैव पदार्थ, वायु और जल
(घ) जल, वायु और पादप।
उत्तर:
(ग) खनिज, जैव पदार्थ, वायु और जल।

प्रश्न 2.
जल धारण क्षमता सबसे अधिक होती है
(क) बलुई मृदा में
(ख) मृण्मय मृदा में
(ग) दुमटी मृदा में
(घ) बालू और दुमट के मिश्रण में
उत्तर:
(ख) मृण्मय मृदा में।

प्रश्न 3.
कॉलम A में दी गई वस्तुओं का कॉलम B में दिये गुणों से मिलान कीजिए

कॉलम Aकॉलम B
(क) जीवों को आवास देने वाली(i) बड़े कण
(ख) मृदा की ऊपरी परत(ii) सभी प्रकार की मृदा
(ग) बलुई मृदा(iii) गहरे रंग की
(घ) मृदा की मध्य परत(iv) सघन छोटे कण
(च) मृण्मय मृदा(v) ह्यूमस की कम मात्रा

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
(क) जीवों को आवास देने वाली(ii) सभी प्रकार की मृदा
(ख) मृदा की ऊपरी परत(iii) गहरे रंग की
(ग) बलुई मृदा(i) बड़े कण
(घ) मृदा की मध्य परत(v) ह्यूमस की कम मात्रा
(च) मृण्मय मृदा(iv) सघन छोटे कण

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

प्रश्न 4.
समझाइए कि मृदा कैसे बनती है ?
उत्तर:
पवन, जल और तापन की क्रियाओं द्वारा चट्टानें (शैल) टूटकर छोटे-छोटे खण्डों में बँट जाती हैं। जब ये खण्ड जल की धाराओं के साथ बहते हैं तो और अधिक बारीक कणों में टूट जाते हैं। यह प्रक्रम अपक्षय कहलाता है। अब इसमें विभिन्न सूक्ष्म जीवों की क्रियाओं द्वारा मृदा का निर्माण होता है।

प्रश्न 5.
मृण्मय मृदा किस प्रकार की फसलों के लिए उपयोगी है?
उत्तर:
मृण्मय मृदा में उन फसलों को उगाया जाता है जिनको जल की अधिक आवश्यकता होती है। क्योंकि इसमें जल धारण क्षमता अधिक होती है।

प्रश्न 6.
मृण्मय मृदा और बलुई मृदा के बीच अन्तर बताइए।
उत्तर:

बलुई मृदामृण्मय मृदा
(i) इसकी जलधारण क्षमता निम्न होती है।(i) इसकी जलधारण क्षमता उच्च होती है।
(ii) इसकी उच्च अन्तःस्रवण दर होती है।(ii) इसकी निम्न अन्तःस्रवण दर होती है।

प्रश्न 7.
मृदा की अनुप्रस्थ काट का चित्र बनाइए और विभिन्न परतों को नामांकित कीजिए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -1

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

प्रश्न 8.
रजिया ने खेत में अन्तःस्रवण की दर से सम्बन्धित एक प्रयोग किया। उसने देखा कि उसके द्वारा लिये गये मृदा के नमूने में से 200 mL जल को अन्तःस्रवण करने में 40 मिनट लगे। अन्तःस्रवण दर परिकलित कीजिए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -2

प्रश्न 9.
समझाइए कि मृदा प्रदूषण और मृदा अपरदन को किस प्रकार रोका जा सकता है?
उत्तर:
निम्न प्रकार से मृदा प्रदूषण और मृदा अपरदन को रोका जा सकता है-
(i) अधिकाधिक वृक्षारोपण द्वारा, क्योंकि पौधों की जड़ें मृदा कणों को बांधे रखती हैं तथा तेज पवन एवं वर्षा से मृदा की रक्षा करती हैं।
(ii) वृक्षों की कटाई एवं वनोन्मूलन को रोककर।
(iii) मृदा में पॉलीथीन तथा प्लास्टिक के टुकड़ों के फेंके जाने पर प्रतिबन्ध लगाकर।
(iv) खेतों के चारों ओर ऊँचे वृक्षों की बाड़ लगाकर।

प्रश्न 10.
निम्नलिखित वर्ग पहेली को दिये गये संकेतों की सहायता से हल कीजिए
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -3
सीधे-
(1) इसके बने थैलों के अपशिष्ट से मृदा का प्रदूषण होता है।
(2) इस प्रकार की मृदा में सूक्ष्म कणों का अनुपात अपेक्षाकृत अधिक होता है।
(4) इस प्रकार की मृदा में सूक्ष्म तथा बड़े कणों की मात्रा लगभग समान होती है।
(5) मृदा परिच्छेदिका की परत।
(8) वनस्पति न होने पर यह मृदा को उड़ा ले जाती है।
(9) इस प्रकार की मृदा सुवातित एवं शुष्क होती है।
(10) किसी मृदा द्वारा पानी को रोकने की क्षमता।

ऊपर से नीचे-
(2) भूमि की ऊपरी परत, जो पौधों को आधार प्रदान करती है।
(3) पवन तथा प्रवाही जल के कारण मृदा पर प्रभाव।
(6) मृदा में जल के अवशोषण की प्रक्रिया।
(7) किसी स्थान की मृदा की काट परिच्छेदिका।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -4

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

HBSE 7th Class Science मृदा Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. सर्वाधिक जीव-जन्तु एवं सूक्ष्म जीव पाए जाने की संभावना होती है
(क) बलुई मृदा में
(ख) चिकनी मृदा में
(ग) दुमटी मृदा में
(घ) बजरी में
उत्तर:
(ग) दुमटी मृदा में

2. मृदा प्रदूषक है
(क) प्लास्टिक-पॉलीथीन
(ख) कारखानों के रसायन
(ग) मल-जल
(घ) ये सभी
उत्तर:
(घ) ये सभी

3. पौधे की जड़ें मुख्यतः पायी जाती हैं
(क) A-संस्तर स्थिति में
(ख) B-संस्तर स्थिति में
(ग) C-संस्तर स्थिति में
(घ) इन सभी में।
उत्तर:
(क) A-संस्तर स्थिति में

4. दुमटी मृदा में होती है
(क) बालू अधिक व चिकनी कम
(ख) चिकनी मृदा अधिक बलुई मृदा कम
(ग) बड़े व छोटे कणों की समान मात्रा
(घ) गाद की मात्रा अधिक
उत्तर:
(ग) बड़े व छोटे कणों की समान मात्रा

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

5. जल धारण क्षमता सबसे कम किस मृदा की होती है?
(क) दोमट मृदा की
(ख) चिकनी मृदा की
(ग) मृण्यम मृदा की
(घ) बलुई मृदा की
उत्तर:
(घ) बलुई मृदा की

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. मृदा में उपस्थित सड़े-गले जैव पदार्थ ………… कहलाते
2. किसी मृदा में बालू और चिकनी मिट्टी का अनुपात उस ……….. पर निर्भर करता है, जिससे उसके कण बने हैं।
3. शीर्ष से नीचे की परत में ह्यूमस कम होती है, लेकिन ……………….. अधिक होते हैं।
4. बलुई मृदा हल्की ………… और ………… होती है।
उत्तर:
1. ह्यूमस
2. मूल शैल
3. खनिज
4. सुवातित, शुष्क।

III. सुमेलन

कॉलम ‘A’ के शब्दों का कॉलम ‘B’ के शब्दों का मिलान कीजिए

कॉलम ‘A’ फसलकॉलम ‘B’ मृदा का प्रकार
1. गेहूँ(a) बलुई-दुमट या दुमट
2. धान(b) दुमी मृदा
3. मसूर व दालें(c) मृत्तिका व जैव पदार्थ समृद्ध
4. कपास(d) मृण्यम और दुमटी

उत्तर:

कॉलम ‘A’ फसलकॉलम ‘B’ मृदा का प्रकार
1. गेहूँ(d) मृण्यम और दुमटी
2. धान(c) मृत्तिका व जैव पदार्थ समृद्ध
3. मसूर व दालें(b) दुमी मृदा
4. कपास(a) बलुई-दुमट या दुमट

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य छाँटिए
1. सभी प्रकार की मृदाओं का गठन समान होता है।
2. सभी मृदाओं में जल अन्त:स्रवण की दर भिन्न-भिन्न होती है।
3. दुमटी एवं बलुई मृदा का उपयोग खिलौने बनाने में नहीं किया जा सकता है।
4. मृदा अपरदन केवल जल द्वारा होता है।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य
3. सत्य
4, असत्य।

अतिलयु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
गेहूँ तथा चने की फसल के लिए किस प्रकार की मृदा उपयुक्त है ?
उत्तर:
मृत्तिका तथा दुमट मृदा।

प्रश्न 2.
कपास के उत्पादन के लिए कौन-सी मृदा उपयुक्त है?
उत्तर:
बलुई दुमट या दुमट।

प्रश्न 3.
मृदा में रहने वाले दो जीवों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(i) केंचुआ
(ii) जीवाणु।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

प्रश्न 4.
मृदा के किस संस्तर में अधिकतम जीवित पदार्थ पाये जाते हैं ?
उत्तर:
मृदा के A-संस्तर में अधिकतम जीवित पदार्थ पाये जाते हैं।

प्रश्न 5.
मृदा की प्रकृति किस पर निर्भर करती है?
उत्तर:
मदा की प्रकृति उन शैलों पर निर्भर करती है. जिनसे इसका निर्माण हुआ है।

प्रश्न 6.
मृदा की किस परत में ह्यूमस होता है?
उत्तर:
मृदा की सबसे ऊपरी परत में ह्यूमस होता है।

प्रश्न 7.
मृदा के प्रकार लिखिए।
उत्तर:
मृदाएँ तीन प्रकार की होती हैं
(i) बलुई
(ii) दुमटी, तथा
(iii) मृण्मय।

प्रश्न 8.
पादप किस प्रकार की मृदा में सबसे अधिक वृद्धि करते हैं?
उत्तर:
दुमटी मृदा में।

प्रश्न 9.
क्या आप बता सकते हैं कि किस प्रकार की मृदा, बर्तन, खिलौने और मूर्तियाँ बनाने के लिए सबसे उपयुक्त होती है। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
बर्तन-मृण्यम मृदा, खिलौने व मूर्तियाँ-मृत्तिका।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

प्रश्न 10.
किस मृदा की अन्तःस्रवण दर सबसे कम और सबसे अधिक होती है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
सबसे कम-मृण्यम मृदा की सबसे अधिक – बलुई मृदा की।

प्रश्न 11.
किस प्रकार की मृदा सबसे अधिक मात्रा में जल धारण करती है और किस प्रकार की मृदा सबसे कम? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
मृण्मय मृदा सबसे अधिक तथा बलुई मृदा सबसे कम जल धारण करती है।

प्रश्न 12.
दुमटी मृदा किन प्रकार की मृदाओं से बनती
उत्तर:
दुमटी मृदा, बालू, चिकनी मिट्टी और गाद का मिश्रण है।

प्रश्न 13.
मृदा परिच्छेदिका को प्रभावित करने वाले जलवायवीय कारकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
पवन, वर्षा, ताप, प्रकाश और आर्द्रता।

प्रश्न 14.
धान के लिए आदर्श मृदा क्या होती है?
उत्तर:
धान के लिए मृत्तिका एवं जैव पदार्थ से समृद्ध तथा अच्छी जलधारण क्षमता वाली मृदा आदर्श होती है।

प्रश्न 15.
गेहूँ जैसी फसलों के लिए महीन मृण्मय मृदा क्यों उपयुक्त है?
उत्तर:
क्योंकि यह ह्यूमस से समृद्ध और अत्यधिक उर्वर होती है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
घूमस का निर्माण कैसे होता है?
उत्तर:
पेड़-पौधों के अवशेष तथा जन्तुओं के मृत शरीर तथा इनके अवशिष्ट पदार्थ भूमि में छोड़ दिये जाते हैं। उचित नमी की उपस्थिति में, सूक्ष्म जीवों द्वारा इनका अपघटन किया जाता है। इस प्रक्रम में इन अवशेषों के जटिल पदार्थ सरल पदार्थों में बदल जाते हैं। इस प्रकार मृदा के ऊपर एक गहरे रंग की परत बन जाती है जिसे ह्यूमस कहते हैं। ह्यूमस पादपों की वृद्धि के लिए अत्यधिक उपयोगी होता है।

प्रश्न 2.
विभिन्न स्थानों से मृदा के कुछ नमूने एकत्रित कीजिए और उनको हैण्ड लैंस की सहायता से ध्यानपूर्वक देखिये। प्रत्येक नमूने का ध्यानपूर्वक निरीक्षण कर अपने प्रेक्षणों को सारणी में लिखिए।
उत्तर:
सारणी : मृदा के विभिन्न नमूने एवं उसमें उपस्थित जीव-जन्तु एवं वस्तुएँ
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -5

प्रश्न 3.
मृदा के उपयोगों की एक सूची बनाइए।
उत्तर:
(i) मृदा से भवनों के लिए ईंटें बनाई जाती हैं।
(ii) बर्तन बनाये जाते हैं।
(iii) खिलौने बनाये जाते हैं।
(iv) मृदा में खेती की जाती है।

प्रश्न 4.
मृदा के चार महत्त्व लिखिए।
उत्तर:
मृदा के महत्त्व
(i) मृदा अनेक जीवों का आवास होती है।
(ii) मृदा पौधों की जड़ों को जमाए रखती है।
(iii) मृदा से पौधे जल एवं खनिज पोषक ग्रहण करते
(iv) मृदा में कृषि की जाती है।

प्रश्न 5.
प्लास्टिक, पॉलीथीन तथा पीड़कनाशी मृदा के लिए किस प्रकार नुकसानदायक हैं?
उत्तर:
पॉलीथीन की थैलियाँ और प्लास्टिक मृदा को प्रदूषित करते हैं। ये मृदा में रहने वाले जीवों को भी हानि पहुँचाते हैं इसीलिए पॉलीथीन और प्लास्टिक की वस्तुओं के उपयोग पर प्रतिबन्ध की माँग की जा रही है। अनेक प्रकार के अपशिष्ट पदार्थ, रसायन तथा पीड़कनाशी मृदा को प्रदूषित करते हैं। ऐसे पदार्थ मृदा की उर्वर शक्ति को नष्ट करते हैं तथा लाभदायक सूक्ष्म जीवों की वृद्धि को रोकते हैं। ऐसे अपशिष्ट पदार्थों और रसायनों को मृदा में निर्मुक्त करने से पहले उन्हें उपचारित किया जाना चाहिए। पीड़कनाशियों का प्रयोग कम से कम करना चाहिए।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

प्रश्न 6.
तीनों प्रकार की मृदाओं के गुण लिखिए।
उत्तर:
(1) बलुई मृदा – इस प्रकार की मृदा में बड़े कणों का अनुपात अधिक होता है। इन मृदाओं में जल का अन्त:स्रावण भी अधिक होता है।
(2) मृण्मय मृदा – इस प्रकार की मृदा में बारीक (सूक्ष्म) कणों का अनुपात अधिक होता है। इन मृदाओं में जल का अन्त:स्रवण बहुत कम होता है।
(3) दुमट मृदा – इस प्रकार की मृदाओं में बड़े तथा छोटे कणों की मात्रा लगभग समान होती है। इन मृदाओं में जल का अन्त:स्रवण मध्यम होता है।

प्रश्न 7.
50 ग्राम मृदा नमूना लेकर उसमें अवशोषित जल का प्रतिशत किस प्रकार ज्ञात करेंगे। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
मृदा का द्रव्यमान = 50 ग्राम
मापन सिलिण्डर में जल का आरम्भिक आयतन = U mL
मापन सिलिण्डर में जल का अंतिम आयतन = V mL
मृदा द्वारा अवशोषित जल का आयतन = (U-V) mL
मृदा द्वारा अवशोषित जल का द्रव्यमान = (U-V)g
(1 mL जल का द्रव्यमान 1g के बराबर होता है।)
अवशोषित जल का प्रतिशत = \(\frac{(U-V) \times 100}{50}\)

प्रश्न 8.
मृदा परिच्छेदिका की विभिन्न परतों के नाम चित्र बनाकर लिखिए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -6

प्रश्न 9.
मृत्तिका के गुण लिखिए।
उत्तर:
मृत्तिका (चिकनी मिट्टी) के कण सूक्ष्म (बहुत छोटे) होने के कारण परस्पर जुड़े रहते हैं और उनके बीच रिक्त स्थान बहुत कम होता है। बलुई मृदा के विपरीत इनके कणों के बीच के सूक्ष्म स्थानों में जल रुक जाता है। अतः चिकनी मिट्टी में वायु कम होती है, लेकिन यह भारी होती है, क्योंकि इसमें बलुई मृदा की अपेक्षा अधिक जल होता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

प्रश्न 10.
विभिन्न प्रकार की मृदाओं में उगाई जाने वाली फसलों की सूची तैयार कीजिए।
उत्तर:
विभिन्न प्रकार की मृदाएँ एवं उनमें उगाई जाने वाली फसलें

मृदा का प्रकारइस मृदा में उगाई जाने वाली फसलें
1. मृण्मयगेहूँ, जौ, गुलाब, आलू, चना, चुकन्दर, शकरकंद।
2. दुमटचावल, प्याज, गेहूँ, आलु, मक्का, मिर्च, भिण्डी।
3. बलुईखीरा, तरबूज, ककड़ी, मूंगफली, पत्ता गोभी।

प्रश्न 11.
मृदा से नमी को दूर करने के लिए एक क्रिया कलाप बताइए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
एक क्वथन नली लीजिए। इसमें दो चम्मच मिट्टी मिलाइए। इसे कुछ समय तक किसी लौ पर गर्म कीजिए और क्वथन नली का प्रेक्षण कीजिए। गरम करने पर मृदा में से जल वाष्पित होकर ऊपर उठता है और क्वथन नली के ऊपरी भाग की अपेक्षाकृत ठण्डी भीतरी दीवार पर संघनित हो जाता है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -7

दीर्य उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
मृदा अपरदन से आप क्या समझते हैं ? इसके कारण तथा रोकथाम के उपाय लिखिए।
उत्तर:
मृदा अपरदन मिट्टी की ऊपरी ह्यूमस युक्त परत मृदा कहलाती है। मृदा की इस परत का जलधारा, पवन अथवा बर्फ के द्वारा, बह जाना, उड़ जाना या खण्डित हो जाना मृदा अपरदन कहलाता है।
मृदा अपरदन निम्नलिखित कारणों से होता है
(i) अत्यधिक तीव्र वर्षा द्वारा मृदा पानी में घुल जाती है जिससे वह पानी के साथ बह जाती है।
(ii) बाढ़ का तेज बहता पानी मृदा को अपने साथ बहा ले जाता है।
(iii) अत्यधिक चराई तथा घास-पात एवं वृक्षों के अभाव में मृदा की उपजाऊ परत ढीली हो जाती हैं। जब तेज हवाएं चलती हैं तो ये मृदा को उड़ा ले जाती हैं।
(iv) जब बर्फ पिघलती है तो इससे बहने वाला जल मृदा को भी बहा ले जाता है।

मृदा अपरदन की रोकथाम :
खुले स्थानों पर अधिक से अधिक घास, पेड़-पौधे तथा वनाच्छादन करना चाहिए। पौधों की जड़ें मिट्टी को बांधे रखता है तथा इनका पत्तियाँ पानी की तेज बूंदों को रोक लेती हैं जिससे मृदा अपरदन नहीं हो पाता। ऊँची मेढ़बन्दी तथा खेतों के चारों ओर वृक्षों की बाड़ लगाने से भी मृदा अपरदन को रोका जा सकता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

प्रश्न 2.
अन्तः स्रवण दर मापने के लिए एक क्रियाकलाप बताइए।
उत्तर:
क्रियाकलाप-इस क्रियाकलाप के लिए कक्षा के सभी छात्र तीन समूह या दल बना लें। दलों के नाम A, B और C रख सकते हैं। आपको यह मालूम करना है कि किसी दिये गये स्थान पर पानी कितनी तेजी से मृदा में से नीचे चला जाता है। आपको एक खोखले बेलन अथवा पाइप की आवश्यकता होगी। यह सुनिश्चित कर लें कि प्रत्येक दल समान व्यास के पाइप का उपयोग करें। ऐसे पाइप प्राप्त करने के लिए दिये गये कुछ सुझावों पर विचार कर सकते है-

यदि सम्भव हो तो, एक आमाप के तीन छोटे टिन के डिब्बे लेकर उनकी तली को काट लें।
यदि पीवीसी पाइप (लगभग 5 सेमी व्यास का) उपलब्ध हो, तो इसके 20 सेमी लम्बे टुकड़े काट लें और उनका उपयोग करें।

जिस स्थान से आप मृदा एकत्रित करें, वहाँ पाइप को लगभग 2 सेमी की गहराई तक फँसा कर लगा दें। पाइप में धीमे-धीमे 200 mL जल डालिए। 200 mL जल को मापने के लिए आप किसी भी 200 mL की खाली बोतल का उपयोग कर सकते हैं। उस समय को नोट कर लें, जब आपने जल डालना आरंभ किया था। जब सारा जल भूमि द्वारा अवशोषित अर्थात् अंत:स्रावित हो जाये और पाइप खाली हो जाये, तो पुनः समय नोट कीजिए। यह ध्यान रखें कि पाइप में डालते समय पानी न तो छलके और न ही पाइप के बाहर गिरे। 200 mL जल के मृदा में अन्त:स्रावित होने में लगने वाले समय के आधार पर अन्त:स्रवण की दर की गणना निम्नलिखित सूत्र के द्वारा कीजिए-
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -8
उदाहरण के लिए, मान लीजिए किसी नमूने में 200 मिली जल के अन्तःस्रवण में 20 min लगते हैं, तो
अतःस्रवण दर = \(\frac{200mL}{20(min)}\) = 10 mL/min
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा -9
अपने द्वारा लिये गये मृदा के नमूनों में अन्त:स्रवण दर की गणना कीजिए। अपने निष्कर्षों की तुलना अन्य दलों के मृदा के नमूनों की अन्त:स्रवण दर से कीजिए। मृदा के नमूनों को अन्त:स्रवण दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करिए।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 9 मृदा

मृदा Class 7 HBSE Notes in Hindi

→ मृदा (मिट्टी) सबसे महत्त्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधनों में से एक है। यह पौधों की जड़ों को दृढ़ता से थामे रखकर तथा उन्हें जल और पोषक तत्वों की आपूर्ति करके उनकी वृद्धि में सहायता करती है।
→ मृदा पृथ्वी पर जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण है और अनेक जीवों का आवास है।
→ किसी स्थान की मृदा परिच्छेदिका वहाँ की विभिन्न परतों का परिच्छेद होती है। ये परतें संस्तर-स्थिति कहलाती हैं।
→ मृदा परिच्छेदिका में मुख्यतया चार परतें होती हैं

  • संस्तर स्थिति,
  • संस्तर स्थिति,
  • संस्तर स्थिति तथा आधार शैल।

→ मृदा विभिन्न प्रकार की होती है—मृण्मय, दुमटी, बलुई।
→ विभिन्न प्रकार की मृदा में जल की अंतःस्रवण दर भिन्न-भिन्न होती है। यह दर बलुई मृदा में सबसे अधिक और मृण्मय मृदा में सबसे कम होती है।
→ विभिन्न प्रकार की फसलों को उगाने के लिए विभिन्न प्रकार की मृदा उपयुक्त होती हैं। मृत्तिका (चिकनी मिट्टी) और दुमट मृदा गेहूँ, चना और धान को उगाने के लिए उपयुक्त है। कपास को बलुई दुमट मृदा में उगाया जाता है।
→ मृदा अपने में जल को रोके रखती है, जिसे मृदा आर्द्रता या मृदा नमी कहते हैं। मृदा की जल को रोके रखने की | क्षमता या जलधारण क्षमता विभिन्न फसलों के लिए महत्वपूर्ण है।
→ मृत्तिका (चिकनी मिट्टी) का उपयोग बर्तनों, खिलौनों और मूर्तियों को बनाने के लिए किया जाता है।
→ मृदा – भूमि की ऊपरी उपजाऊ परत मृदा या मिट्टी कहलाती है।
→ मृदा परिच्छेदिका – मृदा की खड़ी काट, जिसमें विभिन्न परतें दिखाई देती हैं।
→ संस्तर स्थिति – मृदा की परतें।
→ ह्यूमस – मृदा में उपस्थित सड़े-गले जैव पदार्थ ह्यूमस कहलाते हैं।
→ अपक्षय – पवन, जल और जलवायु की क्रिया से चट्टानों के टूटने पर मृदा का निर्माण होता है, यह प्रक्रम अपक्षय कहलाता है।
→ मृतिका या क्ले – चिकनी मिट्टी को मृतिका कहते
→ बलुई मृदा – जिस मृदा में बड़े कणों की मात्रा अधिक होती है, बलुई मृदा कहलाती है।
→ मृण्मय मृदा – जिस मृदा में बारीक कणों की मात्रा अधिक होती है, मृण्मय मृदा कहलाती है।
→ दुमटी मृदा – मृदा जिसमें बड़े तथा छोटे आकार के कण लगभग समान अनुपात में होते हैं।
→ अन्तःस्रवण – मृदा में जल का प्रवेश होना अन्तःस्रवण कहलाता है।
→ आद्रता – मृदा में उपस्थित जल। जल धारण-मृदा द्वारा जल को रोकने रखना।
→ मृदा अपरदन-उपजाऊ मिट्टी का विनाश होना।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

HBSE 7th Class Science पवन, तूफ़ान और चक्रवात InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
मैं यह नहीं समझ पा रही है कि पवन की दिशा ठीक उत्तर-दक्षिण दिशा क्यों नहीं है?
उत्तर:
क्योंकि पवन के प्रवाह की दिशा उत्तर से दक्षिण या दक्षिण से उत्तर होती है जो कि पृथ्वी के घूर्णन के कारण होती है।

प्रश्न 2.
मैं यह जानने के लिए उत्सुक हूँ कि ये पवन धाराएँ हमारे लिए क्या करती हैं ?
उत्तर:
ये पवन धाराएँ अपने साथ जलवाष्प लाती हैं जिनके कारण वर्षा होती है। यह प्रक्रिया जल-चक्र का चरण ही है।

प्रश्न 3.
कभी-कभी वर्षा अनेक समस्याओं को जन्म देती है। क्या आप ऐसी कुछ समस्याओं के नाम बता सकते हैं?
उत्तर:
बाढ़ के कारण चारों ओर जल ही जल भर जाता है, जिससे फसल, मकान तथा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो. जाता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

HBSE 7th Class Science पवन, तूफ़ान और चक्रवात Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्नलिखित वक्तव्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) पवन …………………….. वाय है।
(ख) पवन पृथ्वी के …………………….. तापन के कारण उत्पन्न होती है।
(ग) पृथ्वी की सतह के निकट …………………….. वायु ऊपर उठती है, जबकि …………………….. वायु नीचे आती है।
(घ) वायु …………………….. दाब के क्षेत्र से …………………….. दाब के क्षेत्र की ओर गति करती है।
उत्तर:
(क) गतिशील
(ख) असमान
(ग) गर्म, ठण्डी
(घ) उच्च, निम्न।

प्रश्न 2.
किसी दिये गये स्थान पर पवन की गति की दिशा पता लगाने के लिए दो विधियाँ बताइए।
उत्तर:
(1) पवन की गति की दिशा का पता हवा में छोड़ी गई सूखी पत्ती के उड़ने की दिशा देखकर लगाया जा सकता है।
(2) पवन की दिशा का दिशासूचक यंत्र द्वारा भी पता लगाया जा सकता है।

प्रश्न 3.
ऐसे कोई दो अनुभव बताइए, जिनसे आपको ऐसा अनुभव हुआ हो कि वायु दाब डालती है (अध्याय में दिये गये उदाहरणों के अतिरिक्त)।
उत्तर:
(i) जब हम गुब्बारे में हवा भरते हैं तो वह फूल जाता है।
(ii) जब हवा चलती है तो दरवाजों तथा खिड़कियों पर लगे परदे उड़ते हैं।

प्रश्न 4.
आप एक भवन खरीदना चाहते हैं। क्या आप ऐसा भवन खरीदना चाहेंगे, जिसमें खिड़कियाँ हों, लेकिन रोशनदान न हों ? अपने उत्तर का कारण समझाइए।
उत्तर:
नहीं, क्योंकि मकान में रोशनदान भी आवश्यक होता है। खिड़कियों से प्रवेश होने वाली हवा रोशनदान से निकल जाती है। बिना रोशनदान वाले मकान तेज पवनों से सुरक्षित नहीं रहते हैं। क्योंकि गर्म हवा ऊपर उठती है, यह केवल रोशनदान से ही बाहर निकल पाती है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात

प्रश्न 5.
समझाइए कि कपड़े के बैनरों और धातु की चादर से बने विज्ञापन-पट्टों में छिद्र क्यों किये जाते हैं ?
उत्तर:
बैनरों तथा धातु की चादरों पर हवा का दबाव पड़ता है जिससे ये क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। इन पर हवा के दबाव को कम करने के लिए इनमें छिद्र बनाये जाते हैं जिससे हवा कम दबाव डालते हुए बाहर निकल जाती है।

प्रश्न 6.
यदि आपके गाँव अथवा शहर में चक्रवात आ जाये, तो आप अपने पड़ोसियों की सहायता कैसे करेंगे?
उत्तर:
हमें अपने पड़ोसियों की सहायता निम्न प्रकार से करनी चाहिए
(i) आने वाले खतरे से सावधान करके।
(ii) किसी सुरक्षित आश्रय की खोज करके।
(iii) पानी और खाद्य पदार्थों का संग्रह करके।
(iv) प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराकर।

प्रश्न 7.
चक्रवात से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के लिए पहले से किस प्रकार की योजना तैयार करने की आवश्यकता होती है ?
उत्तर:
चक्रवात से उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के लिए निम्न योजना की आवश्यकता होती है
(i) चक्रवात की पूर्व घोषणा के लिए चक्रवात चेतावनी केन्द्र की स्थापना।
(ii) जल एवं खाद्य सामग्रियों का संग्रहण ।
(iii) सुरक्षित स्थानों का चयन।
(iv) प्राथमिक चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था।

प्रश्न 8.
निम्नलिखित में से किस स्थान पर चक्रवात आने की सम्भावना नहीं होती।
(क) चेन्नई
(ख) मेंगलुरू (मंगलोर)
(ग) अमृतसर
(घ) पुरी।
उत्तर:
(ग) अमृतसर में चक्रवात आने की सम्भावना नहीं होती क्योंकि यह तटीय क्षेत्र से दूर है।

प्रश्न 9.
नीचे दिये गये वक्तव्यों में से कौन-सा सही है
(क) शीतकाल में पवन थल से सागर की ओर बहती
(ख) ग्रीष्मकाल में पवन थल से सागर की ओर बहती है।
(ग) चक्रवात का निर्माण अति उच्च दाब तंत्र और उसके इर्द-गिर्द अति उच्च वेग की पवन के घूमने से होता है।
(घ) भारत की तटरेखा पर चक्रवातों के आने की सम्भावना नहीं है।
उत्तर:
(क) शीतकाल में पवन थल से सागर की ओर बहती है।

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HBSE 7th Class Science पवन, तूफ़ान और चक्रवात Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए
1. पवन का वेग बढ़ने से वायु दाब
(क) समान रहता है
(ख) बढ़ जाता है
(ग) कम हो जाता है ।
(घ) कभी बढ़ता, कभी घटता है
उत्तर:
(ग) कम हो जाता है ।

2. पवन सदैव अधिक वायु दाब वाले क्षेत्र से
(क) और अधिक वायु दाब वाले क्षेत्र की ओर गति करता
(ख) कम वायु दाब वाले क्षेत्र की ओर गति करती है
(ग) वापस उसी क्षेत्र की ओर लौट जाती है
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ख) कम वायु दाब वाले क्षेत्र की ओर गति करती है

3. पवन धाराएँ उत्पन्न होने का कारण है
(क) पृथ्वी का सदैव ठंडा रहना
(ख) पृथ्वी का सदैव गर्म रहना
(ग) पृथ्वी का असमान रूप से गर्म होना
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ग) पृथ्वी का असमान रूप से गर्म होना

4. समुद्र से थल की ओर बहने वाली पवन कहलाती है
(क) मौसमी चक्रवात
(ख) टाइफून
(ग) मानसूनी पवन
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ग) मानसूनी पवन

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II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए

1. गर्म मानसून हवाएँ अपने साथ जलवाष्प लाती हैं जिससे ………… होती है।
2. कुछ प्राकृतिक घटनाएँ ऐसी परिस्थितियों को जन्म देती हैं जिनसे कभी-कभी ………… आती हैं।
3. बिजली चमकने के साथ तीव्र वर्षा होना …………… कहलाता है।
4. ………… काफी विनाशकारी हो सकते हैं।
उत्तर:
1. वर्षा
2. आपदाएँ
3. तड़ित-झंझावात
4. चक्रवात ।

III. सुमेलन

कॉलम A का कॉलम B के शब्दों से मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
1. उड़ीसा(a) हरिकेन
2. अमेरिकी महाद्वीप(b) तटीय क्षेत्र
3. फिलीपीन्स, जापान(c) 18 अक्टूबर 1999 का चक्रवात
4. चक्रवात(d) टाइफून

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. उड़ीसा(c) 18 अक्टूबर 1999 का चक्रवात
2. अमेरिकी महाद्वीप(a) हरिकेन
3. फिलीपीन्स, जापान(d) टाइफून
4. चक्रवात(b) तटीय क्षेत्र

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य छाँटिए

1. आँधी, तूफान एवं चक्रवात प्राकृतिक घटनाएँ हैं।
2. गुब्बारे में हवा भरने पर उसकी रबर पर अन्दर की ओर से वायु दाब बढ़ जाता है।
3. गर्म वायु, ठंडी वायु की अपेक्षा भारी होती है।
4. पवन धाराएँ पृथ्वी के असमान रूप से गर्म होने के कारण उत्पन्न होती हैं।
उत्तर:
1. सत्य
2. सत्य
3. असत्य
4. सत्य।

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अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
तूफान से बचने के दो उपाय बताइए।
उत्तर:
(i) चेतावनी तंत्र द्वारा प्रेषित सूचना को मानना चाहिए।
(ii) तूफान के दौरान बाहर नहीं जाना चाहिए।

प्रश्न 2.
बताइए कि धुंआ ऊपर क्यों उठता है ? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
धुंआ गर्म होता है। गर्म हवा वायु से हल्की होती है अतः धुंआ ऊपर उठता है।

प्रश्न 3.
जब आप पतंग उड़ाते हैं तो क्या आपके पीछे से आती हवा सहायक होती है?
उत्तर:
हाँ, पीछे से आने वाली हवा पतंग पर दबाव डालती है।

प्रश्न 4.
क्या आपको पवन की दिशा के विपरीत साइकिल चलाने में कठिनाई होती है ?
उत्तर:
हाँ, क्योंकि पवन आगे की ओर से दबाव डालती है।

प्रश्न 5.
साइकिल के ट्यूब के अन्दर हवा क्यों भरते हैं ?
उत्तर:
ट्यूब के अन्दर हवा दाब डालती है जिससे टायर का आकार बना रहता है।

प्रश्न 6.
मानसूनी पवन क्या होती हैं?
उत्तर:
ऐसी पवन जो अपने साथ बादलों को उड़ाकर लाती हैं, मानसूनी पवन कहलाती हैं।

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प्रश्न 7.
गर्म जल से भरे कसकर बन्द किए हुए डिब्बे पर एकदम से ठंडा पानी डालने पर क्या होगा? और क्यों? (क्रियाकलाप)।
उत्तर:
डिब्बे के अन्दर के आयतन में कमी आने के कारण डिज्वा सिकुड़ जाएगा।

प्रश्न 8.
हरिकेन क्या होते हैं ?
उत्तर:
अमेरिकी महाद्वीप में चक्रवात को हरिकेन कहा जाता है।

प्रश्न 9.
मानसून का अर्थ बताइए।
उत्तर:
मानसून शब्द की उत्पत्ति अरबी शब्द मौसम से हुई है जिसका अर्थ है ऋतु।

प्रश्न 10.
पवन वेग बढ़ने से वायु दाब पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
पवन वेग बढ़ने से वायु दाब वास्तव में कम हो जाता है।

प्रश्न 11.
ताप का वायु दाब पर क्या प्रभाव होता है? (क्रियाकलाप)।
उत्तर:
ताप बढ़ने पर वायु दाब भी बढ़ जाता है।

प्रश्न 12.
गर्म मानसूनी हवाएँ क्यों लाभप्रद हैं ?
उत्तर:
गर्म मानसूनी हवाएँ अपने साथ जलवाष्प लाती हैं, जिससे वर्षा होती है।

प्रश्न 13.
टाइफून किसे कहते हैं ?
उत्तर:
हरिकेन को फिलीपीन्स और जापान में टाइफून कहते हैं।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
तड़ित झंझावात किसे कहते हैं ? समझाइए।
उत्तर:
तड़ित झंझावात भारत जैसे गर्म, आई और उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्रों में अक्सर विकसित होते हैं। ताप में वृद्धि होने के कारण ऊपर की ओर उठती हुई पवन प्रबल हो जाती है। पवन वायु में पहले से विद्यमान जल बूंदों को अपने साथ ऊपर की ओर ले जाती है जहाँ ताप कम होने के कारण वे जम जाती हैं और पुनः नीचे की ओर गिरने लगती है। गिरती हुई जल की चर्दै और तीव्र वेग से ऊपर उठती हुई वायु की परस्पर क्रिया से बिजली (तड़ित) काँधती है, जिससे ध्वनि उत्पन्न होती है। इसी घटना को हम तड़ित झंझावात कहते हैं।

प्रश्न 2.
क्या कारण है हमारे देश में ग्रीष्मकाल में अधिक और शीतकाल में कम वर्षा होती है?
उत्तर:
थल विशेष रूप से राजस्थान के मरुस्थलों के असमान तापमान से ग्रीष्मकाल में दक्षिण-पश्चिमी दिशा से मानसून निर्मित होता है। ये मानसूनी पवन अपने साथ हिन्द महासागर से काफी जलवाष्प लेकर आती है। शीतकाल में थल और जल के असमान तापमान के कारण पवन उत्तर-पश्चिम के अपेक्षाकृत ठण्डे स्थानों से आती हैं। ये शीत पवन अपने साथ कम जलवाष्प लाती हैं, इसलिए शीतकाल में वर्षा भी कम होती है।

प्रश्न 3.
चक्रवात किसे कहते हैं और यह कैसे बनता
उत्तर:
बादल के बनने से पहले जल वायुमण्डल से ऊष्मा लेकर वाष्प में परिवर्तित हो जाता है। जलवाष्प वर्षा की बूँदों के रूप में पुनः द्रव रूप में परिवर्तित होती है और यह ऊष्मा वायुमण्डल में निर्मुक्त हो जाती है। निर्मुक्त होने वाली ऊष्मा से आस-पास की वायु गर्म हो जाती है। इस प्रकार गर्म वायु ऊपर की ओर उठती है, जिससे वायु दाब कम हो जाता है। फलस्वरूप तड़ित झंझावात के केन्द्र की ओर उच्च वेग की अधिक वायु गति करने लगती है। इस चक्र की पुनरावृत्ति अनेक बार होती है। घटनाओं की इस श्रृंखला का अन्त बहुत ही निम्न दाब के एक ऐसे तन्त्र के निर्माण के साथ होता है जिसके चारों ओर उच्च वेग की वायु की अनेक परतें कुण्डली के रूप में घूमती रहती हैं। मौसम की इस स्थिति को चक्रवात कहते हैं।

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प्रश्न 4.
वायुमापी क्या है ? इसका चित्र बनाइए।
उत्तर:
आपने पढ़ा कि सभी झंझावात या तूफान निम्न दाब के तन्त्र होते हैं। झंझावात के निर्माण में पवन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए पवन के वेग की माप करना महत्वपूर्ण है। वेग की माप करने वाले उपकरण को वायुमापी कहते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात -1
चित्र : पवन के वेग को मापने के लिए एक वायुमापी

प्रश्न 5.
चक्रवात के दुष्प्रभावों के सुरक्षा उपाय क्या
उत्तर:
चक्रवात के दुष्प्रभावों को कम करने में निम्नलिखित व्यवस्थाएँ सहायक हो सकती हैं। सरकारी/सामाजिक स्तर पर-
(1) चक्रवात पूर्वानुमान और चेतावनी सेवा ।
(2) सरकारी संस्थाओं, समुद्रतटों, मछुआरों, जलपोतों और आम जनता को शीघ्रातिशीघ्र चेतावनी देने के लिए तीव्रगामी संचार व्यवस्था।
(3) चक्रवात सम्भावित क्षेत्रों में चक्रवात आश्रयों का निर्माण और लोगों को तेजी से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था।

प्रश्न 6.
यदि आप चक्रवात प्रभावित क्षेत्र में रहते हों तो वहाँ चक्रवात के बाद आप क्या सावधानी रखेंगे?
उत्तर:
(i) चक्रवात से प्रभावित जल का पीने के लिए प्रयोग नहीं करेंगे क्योंकि यह सन्दूषित हो सकता है।
(ii) हमें गीले स्विच और बिजली के खम्भों को नहीं छूना चाहिये।
(iii) चक्रवात प्रभावित क्षेत्र और बाढ़ को मनोरंजन केन्द्र नहीं बनाना चाहिए।
(iv) बचाव दल के कार्यों में दखल नहीं देना चाहिए।

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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वायु को गर्म करने पर इसका प्रसार होता है।’ एक क्रियाकलाप द्वारा समझाइए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
एक क्वथन नली लीजिए। नली के मुख पर एक गुब्बारे को कसकर लगाइए। आप इसे कसने के लिए टेप का उपयोग भी कर सकते हैं। किसी बीकर में लगभग दो-तिहाई ऊँचाई तक गर्म जल डालिए। गुब्बारा लगी क्वथन नली को गर्म जल में इस प्रकार रखिए कि गुब्बारा जल से बाहर रहे (चित्र)। दो तीन मिनट तक यह देखिए कि क्या गुब्बारे के आकार में किसी प्रकार का परिवर्तन होता है। क्वथन नली को जल से बाहर निकाल लीजिए, इसे कमरे के ताप तक ठण्डा होने दीजिए। अब एक अन्य बीकर में थोड़ा बर्फ का ठण्डा जल लीजिए और क्वथन नली को पहले की भाँति 2-3 मिनट के लिए ठण्डे जल में रख दीजिए। गुब्बारे के आकार में होने वाले परिवर्तन को नोट कीजिए। अपने प्रेक्षणों के आधार पर आगे दिये गए प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास कीजिए-
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात -2
चित्र : गर्म और ठण्डे जल में गुब्बारे का आकार

प्रश्न 2.
तड़ित झंझावात किसे कहते हैं ? इसके लिए क्या सावधानी रखनी चाहिए?
उत्तर:
तड़ित झंझावात : यदि झंझा के साथ तड़ित (बिजली) भी गिरे तो, उसे तड़ित झंझावात कहते हैं।

पवन वायु में पहले से विद्यमान जल बूंदों को अपने साथ ऊपर की ओर ले जाती है, जहाँ ताप कम होने के कारण वे जम जाती हैं और पुनः नीचे की ओर गिरने लगती हैं। गिरती हुई जल की बूंदें और तीव्र वेग से ऊपर उठती हुई वायु की परस्पर क्रिया से बिजली (तड़ित) काँधती है, जिससे ध्वनि उत्पन्न होती है। तड़ित झंझावात में हमें निम्नलिखित सावधानियाँ बरतनी चाहिए-
(i) किसी ऐसे वृक्ष के नीचे आश्रय न लें, जो अलगथलग हो। यदि आप वन में हैं, तो किसी छोटे वृक्ष के नीचे आश्रय लें। खुली जमीन पर न लेटें।
(ii) धातु की डण्डी वाले छाते का उपयोग न करें।
(iii) खिड़की के निकट न बैठे। खुले गैरेज, भण्डारण शेड, धात्विक चादरों की छत वाले शेड आदि आश्रय लेने के लिए उपयुक्त स्थान नहीं होते।
(iv) कार अथवा बस आश्रय लेने के लिए सुरक्षित स्थान हैं।
(v) यदि आप जल में हैं तो बाहर निकलकर किसी इमारत में चले जाएँ।

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प्रश्न 3.
पवन धाराएँ किस प्रकार उत्पन्न होती हैं ? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
निम्नलिखित दो स्थितियाँ हैं जिनके कारण पवन धाराएँ उत्पन्न होती हैं-
(क) भूमध्यरेखीय और ध्रुवीय क्षेत्रों का असमान रूप से गर्म होना:
भूमध्य रेखा के आस-पास के क्षेत्रों को सर्य की अधिकतम ऊष्मा मिलती है, इससे इन क्षेत्रों में पृथ्वी की सतह के निकट की वायु गर्म हो जाती है। गर्म वायु ऊपर उठती है और ठण्डी वायु भूमध्य रेखा के दोनों ओर स्थित 0 से 30 डिग्री अक्षांश की पट्टी के क्षेत्रों से भूमध्य क्षेत्र की ओर गतिशील हो जाती है। इस प्रकार उत्पन्न पवन धाराएँ उत्तर और दक्षिण से भूमध्य रेखा की ओर बहती हैं। ध्रुवों पर वायु पृथ्वी के लगभग 60° अक्षांश तक के क्षेत्रों की वायु से अधिक ठण्डी होती है। इन क्षेत्रों में गर्म वायु ऊपर उठती है, जिसका स्थान लेने के लिए ध्रुवों से ठण्डी वायु उस ओर प्रवाहित होने लगती है। इस प्रकार वायु का प्रवाह ध्रुवों से अपेक्षाकृत अधिक गर्म क्षेत्रों की ओर होता रहता है।
इसी प्रकार हम समझ सकते हैं कि 30° तथा 60° अक्षांश के क्षेत्रों के असमान रूप से गर्म होने के कारण पवन का प्रवाह 30° अक्षांश से 60° अक्षांश की ओर होगा।

(ख) थल और जल का असमान रूप से गर्म होना:
ग्रीष्मकाल (गर्मियों) में, थलीय क्षेत्र अधिक तेजी से गर्म होता है और अधिकांश समय थल का ताप समुद्री जल की अपेक्षा अधिक रहता है। थल के ऊपर की वायु गर्म होकर ऊपर उठ जाती है। इससे पवन समुद्र से थल की ओर बहती है। यह मानसूनी पवन होती है।

प्रश्न 4.
चक्रवात का निर्माण कैसे होता है? चित्र द्वारा समझाइए।
उत्तर:
किसी चक्रवात का केन्द्र एक शांत क्षेत्र होता है। इसे झंझा का नेत्र कहते हैं। कोई विशाल चक्रवात वायुमण्डल में वायु का तेजी से घूर्णन करता पिण्ड होता है, जो पृथ्वी तल से 10 से 15 km की ऊँचाई पर स्थित होता है। चक्रवात के नेत्र का व्यास 10 से 30 km तक होता है (संलग्न चित्र A)| यह बादलों से मुक्त क्षेत्र होता है और इसमें पवन का वेग न्यून होता है। इस शांत और स्पष्ट नेत्र के इर्दगिर्द लगभग 150 km आमाप का बादल का क्षेत्र होता है (संलग्न चित्र B)। इस क्षेत्र में उच्च वेग की पवन (150250 km/h) और सघन वर्षा वाले घने बादल होते हैं। इस क्षेत्र से परे पवन वेग क्रमशः कम होता जाता है। चक्रवातों की उत्पत्ति का प्रक्रम अत्यधिक जटिल होता है। चित्र A में इसे एक प्रतिरूप द्वारा दर्शाने का प्रयास किया गया है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात -3

प्रश्न 5.
चक्रवात बनने की घटना को समझाने के लिए एक प्रवाह चित्र बनाइए।
उत्तर:
निम्नलिखित प्रवाह चित्र द्वारा इस परिघटना को समझाया जा सकता है, जिसके कारण बादलों का निर्माण और वर्षा होती है तथा तूफान और चक्रवात बनते हैं।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 8 पवन, तूफ़ान और चक्रवात -4

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पवन, तूफ़ान और चक्रवात Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ गतिशील वायु, पवन कहलाती है।
→ छ हमारे आस-पास की वायु दाब डालती है।
→ पवन का वेग बढ़ने पर वायु दाब घट जाता है।
→ पवन सदैव अधिक वायु दाब वाले क्षेत्र से कम वायु दाब वाले क्षेत्र की ओर गति करती है।
→ वायु गर्म करने पर प्रसारित होती है और ठण्डा करने पर संकुचित होती है।
→ गर्म वायु ऊपर उठती है, जबकि अपेक्षाकृत ठण्डी वायु की प्रवृत्ति पृथ्वी की सतह की ओर आने की होती है।
→ जब गर्म वायु ऊपर उठती है तो उस स्थान पर वायु दाब कम हो जाता है और आस-पास के क्षेत्र की उच्च दाब की ठण्डी वायु उस स्थान की ओर प्रवाहित होने लगती है।
→ गतिशील वायु पवन कहलाती है। ७ पृथ्वी पर असमान तापन पवनों के बनने का प्रमुख कारण है।
→ जलवाष्प वाली पवन वर्षा लाती है। 12 उच्च वेग की पवन और वायुदाब के अन्तर से चक्रवात बन सकते हैं।
→ उपग्रहों तथा राडार जैसी उन्नत प्रौद्योगिकी की सहायता से चक्रवातों की निगरानी करना आसान हो गया है।
→ स्व सहायता सबसे अच्छी सहायता है। अत: किसी भी चक्रवात के आने से पहले ही अपनी सुरक्षा की योजना बना लेना और सुरक्षा के उपायों को तैयार रखना अच्छा रहता है।
→ पवन – गतिशील वायु पवन कहलाती है।
→ दाब – वायु द्वारा किसी एकांक क्षेत्र पर पड़ने वाला बल दाब कहलाता है।
→ पवन वेग मापी – हवा की गति को मापने के यंत्र को पवन वेग मापी कहते हैं।
→ चक्रवात – चक्रवात वह तूफान है जो अधिकांश तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करता है।
→ तड़ित झंझावात – जल की गिरती हुई बूंदों तथा तीव्र गति से ऊपर उठती हुई वायु की परस्पर क्रिया से उत्पन्न ध्वनि को तड़ित झंझावात कहते हैं।
→ मानसूनी पवन – मानसूनी पवन अपने साथ पानी लाती हैं जिससे वर्षा होती है।
→ टॉरनेडो – टॉरनेडो गहरे रंग का कीपाकार बादल होता है। इनकी कीप जैसी संरचना आकाश से पृथ्वी तल की ओर आती हुई प्रतीत होती है।
→ टाइफून – चक्रवात को जापान में टाइफून कहा जाता है।
→ हरिकेन – अमेरिकी महाद्वीप में चक्रवात को हरिकेन कहा जाता है।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल

HBSE 7th Class Science मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
बूझो जानना चाहता है कि मौसम की रिपोर्ट कौन तैयार करता है?
उत्तर:
मौसम की रिपोर्ट मौसम विभाग तैयार करता

प्रश्न 2.
बूझो जानना चाहता है कि मौसम इतनी तेजी से क्यों बदलता है?
उत्तर:
पृथ्वी के सूर्य के परितः तथा अपनी अक्ष के परितः घूर्णन के कारण मौसम इतनी तेजी से बदलता है।

प्रश्न 3.
पहेली जानना चाहती है कि आखिर मौसम का स्रोत क्या है?
उत्तर:
मौसम के सभी परिवर्तनों का स्रोत सूर्य होता है।

प्रश्न 4.
पहेली जानना चाहती है कि क्या मछलियाँ और तितलियाँ भी पक्षियों की तरह प्रवास करती हैं?
उत्तर:
हाँ।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल

HBSE 7th Class Science मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
उन घटकों के नाम बताइए जो किसी स्थान के मौसम को निर्धारित करते हैं ?
उत्तर:
वर्षा, तापमान, आर्द्रता।

प्रश्न 2.
दिन में किस समय ताप के अधिकतम और न्यूनतम होने की सम्भावना होती है ?
उत्तर:
सामान्यतः दोपहर के समय दिन का तापमान अधिकतम होता है। दिन का न्यूनतम तापमान प्रात:काल होता है।

प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) दीर्घ अवधि के मौसम का औसत ……………………. कहलाता है।
(ख) किसी स्थान पर बहुत कम वर्षा होती है और उस स्थान का तापमान वर्ष भर उच्च रहता है, उस स्थान की जलवायु ……………………. और ……………………. होगी।
(ग) चरम जलवायवीय परिस्थितियों वाले पृथ्वी के दो क्षेत्र ……………………. और ……………………. हैं।
उत्तर:
(क) जलवायु
(ख) उष्ण, शुष्क
(ग) ध्रुव, रेगिस्तान।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित क्षेत्रों की जलवायु का प्रकार बताइए
(क) जम्मू एवं कश्मीर
(ख) केरल
(ग) राजस्थान
(घ) उत्तर-पूर्व भारत।
उत्तर:
(क) जम्मू एवं कश्मीर – (क) ठंडी और आई।
(ख) केरल – (ख) गर्म और आर्द्र।
(ग) राजस्थान – (ग) गर्म और शुष्क।
(घ) उत्तर-पूर्व भारत – (घ) गर्म और आई।

प्रश्न 5.
मौसम और जलवायु में से किसमें तेजी से परिवर्तन होता है ?
उत्तर:
मौसम में जलवायु की अपेक्षा तेजी से परिवर्तन होता है। जलवायु किसी स्थान की दीर्घ अवधि 25 वर्ष के मौसम के प्राचलों द्वारा निर्धारित होती है।

प्रश्न 6.
जन्तुओं की कुछ विशेषताओं की सूची नीचे दी गई है
(क) आहार मुख्यतः फल हैं
(ख) सफेद बाल/फर
(ग) प्रवास की आवश्यकता
(घ) तीन स्वर-ध्वनि (तेज आवाज)
(च) पैरों के चिपचिपे तलवे
(छ) त्वचा के नीचे वसा की मोटी परत
(ज) चौड़े और बड़े नखर
(झ) चटख रंग
(ट) मजबूत पूँछ
(ठ) लम्बी और बड़ी चोंच
उपरोक्त प्रत्येक विशेषता के लिए यह बताइए कि वह उष्णकटिबन्धीय वर्षा वन अथवा ध्रुवीय क्षेत्र में से किसके लिए अनुकूलित हैं। क्या आप समझते हैं कि इनमें से कुछ विशेषताएँ दोनों क्षेत्रों के लिए अनुकूलित हो सकती हैं ?
उत्तर:
(क) उष्णकटिबन्धीय
(ख) ध्रुवीय
(ग) दोनों
(घ) दोनों
(च) ध्रुवीय
(छ) ध्रुवीय
(ज) ध्रुवीय
(झ) उष्ण कटिबन्धीय
(ट) उष्ण कटिबन्धीय
(ठ) उष्ण कटिबन्धीय।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल

प्रश्न 7.
उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन जन्तुओं की विशाल जनसंख्या को आवास प्रदान करते हैं। समझाइए कि ऐसा क्यों है?
उत्तर:
उष्णकटिबन्धीय वर्षा वन लगातार गर्मी तथा वर्षा के कारण जन्तुओं तथा वनस्पति की विशाल आबादी को आवास प्रदान करते हैं। वहाँ की परिस्थितियाँ जन्तुओं व वनस्पतियों के अनुकूल होती हैं।

प्रश्न 8.
उदाहरण सहित समझाइए कि किसी विशेष जलवायवीय परिस्थिति में कुछ विशिष्ट जन्तु ही जीवन-यापन करते क्यों पाये जाते हैं ?
उत्तर:
किसी विशेष जलवायवीय परिस्थिति में कुछ विशिष्ट जन्तु ही जीवनयापन करते पाये जाते हैं, क्योंकि वे जन्तु उन स्थितियों में जीने के लिए अनुकूलित होते हैं। जन्तुओं में जीने के लिए जलवायु के प्रति अनुकूलन होना अति आवश्यक है।

उदाहरण धुवीय भालू के सम्पूर्ण शरीर पर सफेद बाल (फर) होते हैं जिसके कारण वे बर्फ की सफेद पृष्ठभूमि में आसानी से दिखाई नहीं देते हैं। इस गुण के कारण उन्हें भोजन हेतु शिकार करने में सहायता मिलती है क्योंकि उनके शिकार जन्तु उन्हें आसानी से देख नहीं पाते। फरों की मोटी परत के कारण इन्हें सर्दी में भी अधिक कठिनाई नहीं होती। ये परतें भालू की अत्यधिक सर्दी से रक्षा करती हैं। इन भालुओं की त्वचा के नीचे चर्बी की मोटी परत होती है जो सर्दी को शरीर में प्रवेश नहीं करने देती तथा शरीर की गर्मी को निर्मुक्त नहीं होने देती। ध्रुवीय भालू का शरीर इतनी अच्छी तरह से शीतरोधी होता है कि वे धीमे-धीमे चलते हैं ताकि उनके शरीर का ताप आवश्यकता से अधिक न हो जाये। गर्म मौसम में भौतिक क्रियाकलापों के बाद इन्हें अपने शरीर को ठंडा रखना पड़ता है। अतः ये समुद्री जल में तैर सकते हैं। इनके पंजे चौड़े तथा बड़े होते हैं जिनमें नाखून उपस्थित होते हैं जिससे इनको बर्फ पर चलने में आसानी होती है। इनके सूंघने तथा देखने की क्षमता अच्छी होती है जिसके कारण ये अपना शिकार बर्फ में भी ढूँढ़ लेते हैं।

प्रश्न 9.
उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वनों में रहने वाला हाथी किस प्रकार अनुकूलित है?
उत्तर:
उष्णकटिबन्धीय वर्षा वनों में रहने वाले हाथियों ने स्वयं को निम्न प्रकार से अनुकूलित किया है
(i) यह अपनी लम्बी सैंड का प्रयोग एक हथियार के रूप में करते हैं, जो हाथी की नाक होती है।
(ii) हाथी अपनी सँड़ का प्रयोग भोजन तोड़ने, पकड़ने एवं उठाने के लिए करता है।
(iii) इनके बाहा दाँत रदनक कहलाते हैं जिनका उपयोग करके ये अपनी पसन्द के वृक्षों की छाल को आसानी से छील सकते हैं।
(iv) हाथी स्पर्धा के बावजूद भी अपना भोजन आसानी – से जुटाने में समर्थ होते हैं।
(v) हाथी के बड़े कान बहुत हल्की ध्वनि को भी सुनने में सहायक होते हैं। ये कान वर्षा वनों की गर्म और आर्द्र जलवायु में हाथी को ठण्डा करने में भी मदद करते हैं।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल

निम्नलिखित प्रश्नों में सही विकल्प चुनिए

प्रश्न 10.
कोई मांसाहारी जन्तु, जिनके शरीर पर धारियाँ होती हैं, अपने शिकार को पकड़ते समय बहुत तेजी से भागता है। इसके पाये जाने की सम्भावना है किसी
(क) ध्रुवीय क्षेत्र में
(ख) मरुस्थल में
(ग) महासागर में
(घ) उष्णकटिबन्धीय वर्षा वन में।
उत्तर:
(घ) उष्णकटिबन्धीय वर्षा वन में।

प्रश्न 11.
ध्रुवीय भालू को अत्यधिक ठण्डी जलवायु में रहने के लिए कौन-सी विशेषताएँ अनुकूलित करती
(क) श्वेत बाल/फर, त्वचा के नीचे बसा, तीव्र सूंघने की क्षमता।
(ख) पतली त्वचा, बड़े नेत्र, श्वेत फर या बाल।
(ग) लम्बी पूँछ, मजबूत नखर, सफेद बड़े पंजे।
(घ) श्वेत (सफेद) शरीर, तैरने के लिए पंजे, श्वसन के लिए क्लोम (गिल)।
उत्तर:
(क) श्वेत बाल/फर, त्वचा के नीचे वसा, तीव्र सँधने की क्षमता।

प्रश्न 12.
निम्न में से कौन-सा विकल्प उष्णकटिबन्धीय क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ (सबसे अच्छा) वर्णन करता है?
(क) गर्म और आई
(ख) मध्यम तापमान-अत्यधिक वर्षा
(ग) सर्द और आर्द्र
(घ) गर्म और शुष्क।
उत्तर:
(क) गर्म और आर्द्र।

HBSE 7th Class Science मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए

1. किसी स्थान का मौसम परिवर्तित होता है
(क) दिन-प्रतिदिन
(ख) सप्ताह दर सप्ताह
(ग) प्रत्येक ऋतु में
(घ) से सभी
उत्तर:
(घ) से सभी

2. उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन पाए जाते हैं
(क) भारत में
(ख) ब्राजील में
(ग) मलेशिया में
(घ) इन सभी में
उत्तर:
(घ) इन सभी में

3. ध्रुवीय पेंग्विन है, एक
(क) स्तनी
(ख) रेंगने वाला जन्तु
(ग) पक्षी
(घ) मछली
उत्तर:
(ग) पक्षी

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4. हाथी के लम्बे बाहर निकले दाँत होते हैं
(क) रद (रदनक)
(ख) छेदक
(ग) मोलर
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(क) रद (रदनक)

5. निम्न में से कौन-सा वृक्षाश्रयी नहीं है
(क) लाल नेत्र वाला मेढ़क
(ख) पैंग्विन पक्षी
(ग) टूकन पक्षी
(घ) न्यूवर्ल्ड मंकी
उत्तर:
(ख) पैंग्विन पक्षी

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. वर्षा को ………… यंत्र द्वारा मापा जाता है।
2. ध्रुवों पर ………… महीने तक सूर्यास्त नहीं होता है।
3. ध्रुवीय भालू की तरह…………भी अच्छे तैराक होते है।
4. ………… क्षेत्रों की जलवायु सामान्यतः गर्म होती है।
उत्तर:
1. वर्षा मापी,
2. छ:,
3. पेंग्विन
4: उष्ण कटिबन्धीय।

III. सुमेलन

कॉलम A तथा कॉलम B के शब्दों का मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
1. त्वचा के भीतर वसा परत(a) बर्फ पर चलने हेतु
2. नखर युक्त पैर(b) शिकार को ढूँढ़ना
3. बालों का सफेद रंग(c) सदी से बचाव
4. तीव्र घ्राण शक्ति(d) शिकार की नजर से छिपना

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. त्वचा के भीतर वसा परत(a) बर्फ पर चलने हेतु
2. नखर युक्त पैर(b) शिकार को ढूँढ़ना
3. बालों का सफेद रंग(c) सदी से बचाव
4. तीव्र घ्राण शक्ति(d) शिकार की नजर से छिपना

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IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य कथन छाँटिए
1. ध्रुवों पर किसी भी प्रकार का कोई जीव नहीं पाया जाता
2. ध्रुवीय क्षेत्रों में छः महीने का दिन एवं छ: महीने की रात होती है।
3. सारस एवं कोयल प्रवासी पक्षी हैं।
4. हाथी केवल मरुस्थली क्षेत्रों में पाया जाता है।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य
3. सत्य
4, असत्य।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
वर्षामापी क्या है?
उत्तर:
वर्षा मापने का यन्त्र वर्षामापी कहलाता है।

प्रश्न 2.
लाल नेत्र वाला मेढ़क कहाँ पाया जाता है ?
उत्तर:
वृक्षों पर।

प्रश्न 3.
वर्षा वन में पाये जाने वाले प्राणियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
कपि (बन्दर), गुरिल्ला, शेर, चीता, तेंदुआ, सर्प आदि।

प्रश्न 4.
प्रचुर वर्षा वाले क्षेत्र के वनों को क्या कहते है?
उत्तर:
उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन।

प्रश्न 5.
भारतीय उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन के एक सामान्य जन्तु का नाम लिखिए।
उत्तर:
हाथी।

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प्रश्न 6.
पेंग्विन कहाँ का प्रमुख पक्षी है ?
उत्तर:
पैग्विन ध्रुवीय क्षेत्र का प्रमुख पक्षी है।

प्रश्न 7.
किसी मरुस्थलीय जलवायु का प्रमुख लक्षण बताइए।
उत्तर:
यहाँ जलवायु गर्म और शुष्क होती है।

प्रश्न 8.
आपके क्षेत्र का कम से कम तथा अधिकतम तापमान कितना होता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
सर्दियों में 5°C निम्नतम तथा गर्मियों में 45°C अधिकतम।

प्रश्न 9.
पेंग्विन का प्रमुख लक्षण जो इसे धुवीय प्रदेश में रहने के अनुकूल बनाता है, लिखिए।
उत्तर:
शरीर पर घने फरों का पाया जाना।

प्रश्न 10.
आर्द्र जलवायु क्या होती है ?
उत्तर:
वायु में अत्यधिक नमी का पाया जाना।

प्रश्न 11.
किसी प्रवासी पक्षी का नाम लिखिए।
उत्तर:
साइबेरियन क्रेन।

प्रश्न 12.
प्रवासी पक्षी प्रवास पर क्यों आते हैं ?
उत्तर:
प्रजनन के लिए तथा प्रतिकूल मौसम से बचने के लिए।

प्रश्न 13.
हाथी में वृक्षों की छाल छीलने के लिए क्या अनुकूलन होता है ?
उत्तर:
लम्बे व बाहर निकले रदनक दाँत।

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लयु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अखबारों में आने वाली दैनिक मौसम रिपोर्ट कहाँ से आती है?
उत्तर:
मौसम की रिपोर्ट भारत के मौसम विज्ञान विभाग द्वारा तैयार की जाती है। यह विभाग प्रतिदिन विभिन्न स्थानों से वहाँ के ताप, पवन वेग आदि पर आँकड़े एकत्रित करता है और मौसम के बारे में पूर्वानुमान लगाता है। यहाँ से ये रिपोर्ट अखबार में छापी जाती हैं।

प्रश्न 2.
“मौसम में होने वाले सभी परिवर्तन सूर्य के कारण होते हैं,” कैसे ? समझाइए।
उत्तर:
मौसम में सभी परिवर्तन सूर्य के कारण होते हैं। सूर्य अत्यधिक उच्च ताप पर गरम गैसों का गोला है। सूर्य की हमसे दूरी बहुत अधिक है परन्तु सूर्य से उत्सर्जित कर्जा इतनी अधिक है कि पृथ्वी से इतनी दूरी होने के बावजूद सूर्य हमारे लिए समस्त ऊष्मा और प्रकाश का स्रोत है। अत: सूर्य ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत है जो मौसम में परिवर्तन लाता है। पृथ्वी के थल क्षेत्र, समुद्रों और वायुमण्डल द्वारा अवशोषित और परावर्तित की जाने वाली ऊर्जा भी किसी स्थान पर मौसम को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होती है।

प्रश्न 3.
पेंग्विन नामक पक्षी में ध्रुवीय क्षेत्रों में रहने के लिए क्या अनुकूलन पाये जाते हैं ?
उत्तर:
पैग्विन सफेद रंग के होते हैं और आसानी से बर्फ की सफेद पृष्ठभूमि में मिल जाते हैं जिससे ये शिकारियों से बचे रहते हैं। इनके शरीर में स्वयं को सर्दी से बचाने के लिए मोटी त्वचा और अत्यधिक वसा होती है। ये झुण्डों में रहते हैं जिससे भी ये गर्म बने रहते हैं। ये अच्छे तैराक होते हैं, इनके पैरों में तैरने के लिए जाल जैसी रचना पायी जाती है।

प्रश्न 4.
उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन किन देशों में पाये जाते हैं। उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वनों के कुछ वन्य जन्तुओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन भारत, मलेशिया, इण्डोनेशिया, ब्राजील, कांगो गणतन्त्र, केन्या, युगान्डा और नाइजीरिया में पाये जाते हैं। उष्णकटिबन्धीय वर्षा वनों के वन्य जन्तुओं में-चीता, बारहसिंगा, शेर, हाथी, बन्दर, गिलहरी, सर्प, अजगर आदि सम्मिलित हैं।

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प्रश्न 5.
प्रवास से आप क्या समझते हैं ? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
जीवधारी अधिक प्रतिकूल मौसम में स्वयं को बचाने के लिए दूसरे स्थानों पर चले जाते हैं, इस परिघटना को प्रवास कहते हैं। अनेक मछलियाँ ठण्ड से बचने के लिए गर्म धाराओं में प्रवास करती हैं। उदाहरण के लिए, साइबेरियाई क्रेन जो साइबेरिया से राजस्थान में भरतपुर और हरियाणा में सुल्तानपुर जैसे स्थानों पर सर्दियों में प्रवास के लिए आते हैं।

प्रश्न 6.
वर्षा वनों में कुछ जीव वृक्षों पर रहते हैं। इनमें वृक्षों पर रहने के लिए क्या अनुकूलन पाये जाते हैं। दो उदाहरणों द्वारा समझाइए।।
उत्तर:
(1) लाल नेत्र वाले मेंढ़क के पैर के तलवे चिपचिपे होते हैं, जो उन्हें उन वृक्षों पर चढ़ने में सहायता करते हैं, जिन पर वे रहते हैं।
(2) वृक्षवासी बन्दरों की लम्बी पूँछ इन्हें वृक्षों पर रहने में सहायता करती है। यह शाखाओं को पकड़ने में सहायता करती है। इनके हाथ पैर ऐसे होते हैं जिससे ये आसानी से शाखाओं को थामे रहते हैं।

प्रश्न 7.
वर्षा वन में पाये जाने वाले किसी पक्षी में अनुकूलन बताइए।
उत्तर:
ट्रकन नामक पक्षी ऐसे वनों के लिए अनुकलित हैं। ये ऐसे स्थानों से भोजन प्राप्त कर सकते हैं जहाँ अन्य जन्तु नहीं पहुँचते। इनकी लम्बी चोंच ऐसी शाखाओं में लगे फलों तक पहुँचकर फल खा सकती है जो बहुत कमजोर होती हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
अधिकतम तापमान में परिवर्तन के लिए एक ग्राफ बनाइए।
उत्तर:
नीचे दिये गये चित्र में 3 अगस्त, 2011 से 9 अगस्त, 2011 तक शिलांग, मेघालय में रिकॉर्ड किये गये अधिकतम तापमान को दिखाया गया है-
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प्रश्न 2.
श्रीनगर और तिरुअनंतपुरम भारतवर्ष के दो विपरीत छोरों के क्षेत्र हैं, इनकी जलवायु में अन्तर के लिए सारणी बनाइए।
उत्तर:
श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर) तथा तिरुअनंतपुरम (केरल) की जलवायु में तुलना

प्रश्न 3.
प्रवासी पक्षी प्रवास क्यों और कैसे करते हैं ? समझाइए।
उत्तर:
कुछ प्रवासी पक्षी अपने आवास की चरम जलवायवीय परिस्थितियों से बचने के लिए 15000 किमी तक की यात्रा करते हैं। सामान्यतः ये अधिक ऊँचाई पर उड़ान भरते हैं, जहाँ वायु प्रवाह उड़ान में सहायक होता है। इस ऊँचाई की शीत स्थितियों उनकी उड़ानपेशियों द्वारा उत्पन्न ऊष्मा का विपरंण आसान कर देती हैं। लेकिन आश्चर्य की बात है कि प्रवासी पक्षी वर्ष दर वर्ष एक ही स्थान पर कैसे आते रहते हैं यह एक रहस्य है। ऐसा लगता है कि इन पक्षियों में दिशा का सहज बोध होता है और ये जानते हैं कि किस दिशा में उड़ना है। मार्गदर्शन के लिए सम्भवत: कुछ भूचिन्हों (लैंडमार्क) का उपयोग करते हैं। संभवतः अनेक पक्षियों को दिन में सूर्य और रात्रि में तारों से मार्गदर्शन मिलता है। इसके भी कुछ प्रमाण हैं कि पक्षी दिशा का पता लगाने के लिए पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का उपयोग करते हैं। केवल पक्षी ही ऐसे जन्तु नहीं, जो प्रवास करते हैं। अनेक स्तनधारी जीव, अनेक प्रकार की मछलियाँ और कीट भी अधिक अनुकूल जलवायु की तलाश के लिए मौसमी रूप से प्रवास करते हैं।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 7 मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल

मौसम, जलवायु तथा जलवायु के अनुरूप जंतुओं द्वारा अनुकूल Class 7 HBSE Notes in Hindi

→ किसी स्थान पर तापमान, आर्द्रता, वर्षा, पवन वेग आदि के सम्बन्ध में वायुमण्डल की दिन-प्रतिदिन की स्थिति उस स्थान का मौसम कहलाती है।
→ दिन का अधिकतम तापमान सामान्यतः अपराह्न (दोपहर बाद) में जबकि न्यूनतम तापमान प्रातः (भोर) में होता है।
→ वर्ष भर सूर्योदय और सूर्यास्त का समय भी परिवर्तित होता रहता है। .मौसम के सभी परिवर्तन सूर्य से संचालित होते हैं।
→ दीर्घ अवधि, जैसे 25 वर्ष में लिये गये मौसम के प्राचलों के आधार पर तैयार किये गये प्रतिरूप (पैटर्न), उस स्थान की जलवायु निर्धारित करते हैं।
→ जलवायु का सभी जीवों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। जन्तु उन परिस्थितियों के लिए अनुकूलित होते हैं जिनमें वह वास करते हैं।
→ ध्रुवीय क्षेत्रों में चरम जलवायु पायी जाती है। ये क्षेत्र सदैव बर्फ से ढके रहते हैं और यहाँ वर्ष के अधिकांश भाग में अत्यधिक सर्दी रहती है।
→ ध्रुवीय क्षेत्रों में वर्षभर बहुत सर्दी रहती है। ध्रुवों में वर्ष के छः महीने तक सूर्यास्त नहीं होता है और शेष छ: महीने सूर्योदय नहीं होता है।
→ ध्रुवीय भालू और पैंग्विन ध्रुवीय क्षेत्रों में रहने के लिए अनुकूलित होते हैं। इनकी त्वचा के नीचे स्थित वसा की परत तथा त्वचा के ऊपर बाल या फर सर्दी से इनकी सुरक्षा करते हैं।
→ अतिशीत मौसम से बचने के लिए प्रवास एक अन्य साधन है।
→ अनुकूल जलवायवी परिस्थितियों के कारण उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वनों में पादपों और जन्तुओं की विशाल जनसंख्या – पायी जाती है।
→ उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वनों में जन्तु इस प्रकार अनुकूलित होते हैं कि उन्हें अन्य प्रकार के जन्तुओं से भिन्न भोजन एवं आश्रय की आवश्यकता होती है। ताकि उनमें परस्पर स्पर्धा कम से कम हो।
→ मौसम – किसी स्थान पर, तापमान, आर्द्रता, बर्फ, वायु वेग आदि के सन्दर्भ में वायुमण्डल की प्रतिदिन की परिस्थिति उस स्थान का मौसम कहलाती है।
→ मौसम के घटक – तापमान, वर्षा, प्रकाश, आर्द्रता, वायु आदि।
→ आर्द्रता – वायु में जलवाष्प के रूप में उपस्थित नमी।
→ अधिकतम तापमान – दोपहर के बाद मापा गया तापमान।
→ न्यूनतम तापमान – प्रातः के समय मापा गया तापमान।
→ धुवीय क्षेत्र – पृथ्वी के ध्रुव/यहाँ जलवायु की चरम स्थितियाँ होती है।
→ जलवायु – दीर्घ अवधि में लिया गया मौसम का प्रारूप ही उस स्थान की जलवायु कहलाता है।
→ अनुकूलन – वे सभी गुण तथा लक्षण जो जन्तुओं को उनके आवास एवं परिवेश में सही ढंग से रहने योग्य बनाते हैं, अनुकूलन कहलाते हैं।
→ उष्ण कटिबन्धीय क्षेत्र – पृथ्वी के वह स्थान जहाँ गर्म एवं नम जलवायु होती हैं।
→ उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वन – वर्षा की अधिकता वाले क्षेत्र में पाए जाने वाले वन।
→ प्रवास – किसी जीव का एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में जाना।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 6 भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 6 भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 6 भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

HBSE 7th Class Science भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
अध्याय 1 में हमने पढ़ा कि पादप (पौधे) अपना भोजन प्रकाश संश्लेषण नामक प्रक्रम द्वारा स्वयं बनाते हैं। क्या हम प्रकाश संश्लेषण को रासायनिक परिवर्तन कह सकते हैं ?
उत्तर:
हाँ। क्योंकि इसमें भी नये पदार्थ बनते हैं।

प्रश्न 2.
पहेली ने कहा पाचन भी एक रासायनिक परिवर्तन है ?
उत्तर:
हाँ। क्योंकि इसमें पदार्थों के रासायनिक गुण परिवर्तित हो जाते हैं।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 6 भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

HBSE 7th Class Science भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रक्रमों के अन्तर्गत होने वाले परिवर्तनों को भौतिक अथवा रासायनिक परिवर्तन के रूप में वर्गीकृत कीजिए
(क) प्रकाश संश्लेषण
(ख) जल में शक्कर को घोलना
(ग) कोयले को जलाना
(घ) मोम को पिघलाना
(च) ऐलुमिनियम के टुकड़े को पीटकर उसका पतला पत्र (फॉइल) बनाना
(छ) भोजन का पाचन।
उत्तर:
रासायनिक परिवर्तन – (क) प्रकाश संश्लेषण, (ग) कोयले को जलाना, (छ) भोजन का पाचन ।
भौतिक परिवर्तन – (ख) जल में शक्कर को घोलना, (घ) मोम को पिघलाना, (च) ऐलुमिनियम के टुकड़े को पीटकर उसका पतला पत्र (फॉइल) बनाना।

प्रश्न 2.
बताइए कि निम्नलिखित कथन सत्य हैं अथवा असत्य। यदि कथन असत्य हो तो,अपनी अभ्यास पुस्तिका में उसे सही करके लिखिए
(क) लकड़ी के लढे को टुकड़ों में काटना एक रासायनिक परिवर्तन है। (सत्य/असत्य)
(ख) पत्तियों से खाद का बनना एक भौतिक परिवर्तन (सत्य/असत्य)
(ग) जस्ते (जिंक) लेपित लोहे के पाइपों में आसानी से जंग नहीं लगती है। (सत्य/असत्य)
(घ) लोहा और जंग एक ही पदार्थ हैं। (सत्य/असत्य)
(च) भाप का संघनन रासायनिक परिवर्तन नहीं है। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
(क) असत्य – क्योंकि लकड़ी के लट्ठे को टुकड़ों में काटना एक भौतिक परिवर्तन है।
(ख) असत्य – क्योंकि पत्तियों से खाद बनना एक रासायनिक परिवर्तन है।
(ग) सत्य – क्योंकि जस्ता जंग का प्रतिरोधी है।
(घ) असत्य – क्योंकि लोहा और जंग अलग-अलग पदार्थ हैं।
(च) सत्य – क्योंकि रासायनिक परिवर्तनों में नए पदार्थ बनते है।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित कथनों में रिक्त स्थानों को भरिए
(क) जब कार्बन डाइऑक्साइड को चूने के पानी में प्रवाहित किया जाता है, तो यह ………………. के बनने के कारण दूधिया हो जाता है।
(ख) खाने के सोडे का रासायनिक नाम ………………. है।
(ग) ऐसी दो विधियाँ, जिनके द्वारा लोहे को जंग लगने से बचाया जा सकता है ………………. और ………………. हैं।
(घ) ऐसे परिवर्तन भौतिक परिवर्तन कहलाते हैं, जिनमें किसी पदार्थ के केवल ………………. गुणों में परिवर्तन होता है।
(च) ऐसे परिवर्तन जिनमें नये पदार्थ बनते हैं, ………………. परिवर्तन कहलाते हैं।
उत्तर:
(क) कैल्सियम कार्बोनेट ।
(ख) सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट।
(ग) पेंटिंग और यशद्-लेपन।
(घ) भौतिक।
(च) रासायनिक।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 6 भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

प्रश्न 4.
जब नींबू के रस में खाने का सोडा मिलाया जाता है, तो बुलबुले बनते हैं और गैस निकलती है। यह किस प्रकार का परिवर्तन है ? समझाइए।
उत्तर:
नींबू के रस में सिट्रिक अम्ल होने के कारण जब खाने का सोडा इसमें मिलाया जाता है तो बुलबुले उठते हैं। यहाँ कार्बन डाइऑक्साइड गैस निर्मुक्त होती है। यह एक रासायनिक परिवर्तन है।

प्रश्न 5.
जब कोई मोमबत्ती जलती है, तो भौतिक और रासायनिक परिवर्तन दोनों होते हैं। इन परिवर्तनों की पहचान कीजिए। ऐसे ही किसी ज्ञात प्रक्रम का एक और उदाहरण दीजिए, जिसमें भौतिक और रासायनिक परिवर्तन दोनों होते हैं।
उत्तर:
किसी मोमबत्ती के जलाने पर पहले मोमबत्ती पिघलती है फिर वाष्पीकृत होती है तथा बाद में जलती है। मोम का पिघलना भौतिक परिवर्तन कहलाता है जब तक कि उस पिघले मोम से कोई नयी वस्तु न बने। मोमबत्ती की भाप जलने पर धुओं और कार्बन डाइऑक्साइड दो नये पदार्थ बनते हैं। अत: यह एक रासायनिक प्रक्रम है।
उदाहरण शुष्क सेल की सहायता से टार्च के बल्ब को जलाना भौतिक तथा रासायनिक दोनों प्रक्रियाओं का उदाहरण है। इस प्रक्रम में बल्ब का जलना भौतिक परिवर्तन है क्योंकि इसमें कोई नया पदार्थ नहीं बनता। सेल से धारा का उत्पन्न होना रासायनिक परिवर्तन है। इस परिवर्तन में सेल के भीतर स्थित रसायन अन्य पदार्थों में परिवर्तित हो जाते हैं। अत: नये पदार्थों के बनने के कारण यह एक रासायनिक प्रक्रिया है।

प्रश्न 6.
आप यह कैसे दिखायेंगे कि दही का जमना एक रासायनिक परिवर्तन है?
उत्तर:
दूध का स्वाद मीठा होता है। जब इसमें खट्टा पदार्थ (जामन) डाला जाता है तो कुछ घण्टे बाद यह दही में परिवर्तित हो जाता है। अर्थात् दूध से एक नया पदार्थ दही बनता है। दही को पुनः दूध में नहीं बदला जा सकता। इसलिए यह एक रासायनिक परिवर्तन है।

प्रश्न 7.
समझाइए कि लकड़ी के जलने और उसे छोटे टुकड़ों में काटने को दो भिन्न प्रकार के परिवर्तन क्यों माना जाता है?
उत्तर:
(1) लकड़ी जलने पर भस्म (राख) तथा धुआँ दो अलग पदार्थ बनते हैं। इसलिए यह एक रासायनिक परिवर्तन है।
(2) लकड़ी के लढे को छोटे टुकड़ों में काटना एक भौतिक प्रक्रिया है, क्योंकि इसमें लकड़ी के गुणधर्म में कोई परिवर्तन नहीं होता है। इसलिए लकड़ी का जलना तथा कटना दो भिन्न-भिन्न परिवर्तन हैं।

प्रश्न 8.
कॉपर सल्फेट के क्रिस्टल कैसे बनाते हैं, इसका वर्णन कीजिए।
उत्तर:
किसी बीकर में लगभग एक कप जल लेकर उसमें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की कुछ बूंदें मिलाते हैं। अब जल को गर्म करते हैं। जब जल उबलना आरम्भ कर दे तो इसमें धीरे-धीरे कॉपर सल्फेट का चूर्ण मिलाना तब तक जारी रखते हैं जब तक उसमें कॉपर सल्फेट घोलना मुश्किल हो जाए। विलयन को फिल्टर पेपर की सहायता से छान लेते हैं और इसे ठंडा होने देते है। ठंडा होते समय इससे किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करते हैं। कुछ समय बाद हमें कॉपर सल्फेट के क्रिस्टल दिखाई देते हैं।

प्रश्न 9.
समझाइए कि लोहे के गेट को पेण्ट करने से उसका जंग लगने से बचाव किस कारण से होता है ?
उत्तर:
लोहा जब नमी एवं वायु के सम्पर्क में आता है तो इस पर गेरुई रंग की जंग लग जाती है। पेण्टं लोहे को हवा तथा नमी के सम्पर्क में नहीं आने देता अत: पेण्ट लोहे को जंग लगने से बचाता है।

प्रश्न 10.
समझाइए कि रेगिस्तानी क्षेत्रों की अपेक्षा समुद्रतटीय क्षेत्रों में लोहे की वस्तुओं में जंग अधिक क्यों लगती है?
उत्तर:
(i) समुद्रतटीय क्षेत्रों में हवा में नमी की मात्रा अधिक होती है।
(ii) रेगिस्तान में जल की कमी के कारण वायु शुष्क होती है। इसलिए समुद्रतटीय क्षेत्रों में लोहे की वस्तुओं में अधिक जंग लगती है।

प्रश्न 11.
हम रसोई में जिस गैस का उपयोग करते हैं, वह द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) कहलाती है। सिलिंडर में LPG द्रव के रूप में होती है। सिलिंडर से बाहर आते ही यह गैस में परिवर्तित हो जाती है (परिवर्तन A); फिर यही गैस जलती है (परिवर्तन B)। निम्नलिखित कथन इन परिवर्तनों से सम्बन्धित हैं। सही कथन का चयन कीजिए।
(क) प्रक्रम-A एक रासायनिक परिवर्तन है।
(ख) प्रक्रम-B एक रासायनिक परिवर्तन है।
(ग) प्रक्रम-A और प्रक्रम-B दोनों ही रासायनिक परिवर्तन हैं।
(घ) इनमें से कोई भी प्रक्रम रासायनिक परिवर्तन नहीं
उत्तर:
(ख) प्रक्रम-B एक रासायनिक परिवर्तन है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 6 भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

प्रश्न 12.
अवायवीय जीवाणु जैविक अपशिष्ट पदार्थों को अपघटित कर जैव गैस (बायोगैस) बनाते हैं (परिवर्तन-A)। फिर जैव गैस ईंधन के रूप में जलाई जाती है (परिवर्तन-B)। निम्नलिखित कथन इन परिवर्तनों से सम्बन्धित हैं। सही कथन चुनिए।
(क) प्रक्रम-A एक रासायनिक परिवर्तन है।
(ख) प्रक्रम-B एक रासायनिक परिवर्तन है।
(ग) प्रक्रम-A और प्रक्रम-B दोनों ही रासायनिक परिवर्तन हैं।
(घ) इनमें से कोई प्रक्रम रासायनिक परिवर्तन नहीं है।
उत्तर:
(ग) प्रक्रम-A और प्रक्रम-B दोनों ही रासायनिक परिवर्तन हैं।

HBSE 7th Class Science भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन Important Questions and Answers

I. वस्तुनिष्ठ प्रश्न

बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए

1. निम्नलिखित में से कौन-सा भौतिक परिवर्तन है?
(क) जल का बर्फ बनना
(ख) गीले कपड़े का सूखना
(ग) नमक को पानी में घोलना
(घ) ये सभी।
उत्तर:
(घ) ये सभी।

2. निम्नलिखित में से कौन-सा रासायनिक परिवर्तन है?
(क) चाय पत्ती से चाय बनाना
(ख) दही को मथकर मक्खन बनाना
(ग) फलों का पकना
(घ) ये सभी
उत्तर:
(घ) ये सभी

3. जंग लगने के लिए आवश्यक परिस्थिति/परिस्थितियाँ हैं
(क) केवल नमी
(ख) केवल वायु
(ग) नमी व वायु दोनों
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(ग) नमी व वायु दोनों

4. मैग्नीशिमय रिबन को वायु में जलाने पर बनता है
(क) Mg
(ख) MgO
(ग) MgSO4
(घ) [Mg (OH)2]
उत्तर:
(ख) MgO

5. फेरस सल्फेट विलयन का रंग होता है
(क) हरा
(ख) नीला
(ग) सफेद
(घ) पीला
उत्तर:
(क) हरा

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 6 भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. रासायनिक परिवर्तन को ………… भी कहते हैं।
2. जब कार्बन डाइऑक्साइड को चूने के पानी में प्रवाहित किया जाता है, तो चूने के पानी का रंग ……………….. हो जाता है।
3. पटाखों का विस्फोट एक ………… परिवर्तन है।
4. जंग लगने के लिए ………… और ………… दोनों की उपस्थिति अनिवार्य है।
उत्तर:
1. रासायनिक अभिक्रिया,
2. दूधिया,
3. रासायनिक,
4. ऑक्सीजन, जल।

III. सुमेलन

कॉलम A तथा कॉलम B के शब्दों का मिलान कीजिए

कॉलम Aकॉलम B
1. भोजन का विकृत होना(a) भौतिक परिवर्तन
2. बर्फ का पिघलना(b) आयरन ऑक्साइड
3. जंग(c) रासायनिक परिवर्तन
4. यशद लेपन(d) जंग रोधन

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. भोजन का विकृत होना(c) रासायनिक परिवर्तन
2. बर्फ का पिघलना(a) भौतिक परिवर्तन
3. जंग(b) आयरन ऑक्साइड
4. यशद लेपन(d) जंग रोधन

V. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य कथन छाँटिए
1. रासायनिक परिवर्तन में ऊष्मा उत्पन्न या अवशोषित हो सकती है।
2. भौतिक परिवर्तन में रासायनिक गुणों में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
3. मैग्नीशियम रिबन का जलना एक भौतिक परिवर्तन है।
4. कटे हुए सेब का कुछ समय बाद भूरा होना एक रासायनिक परिवर्तन है।
उत्तर:
1. सत्य
2. सत्य
3. असत्य
4. सत्य।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 6 भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

अतिलयु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कागज का फाड़ा जाना रासायनिक परिवर्तन है या भौतिक, क्यों ? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
भौतिक परिवर्तन, क्योंकि इसमें कागज के रासायनिक गुणों में कोई परिवर्तन नहीं होता है।

प्रश्न 2.
चॉक को चूर्ण में पानी मिलाकर क्या इससे पुन: चॉक बनाया जा सकता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
नहीं, चौक के चूर्ण से पुन: चाक नहीं बनाया जा सकता।

प्रश्न 3.
एक पात्र में थोड़ा-सा जल लेकर उसे उबालिए। क्या आपको जल की सतह से भाप निकलती दिखाई देती है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
हाँ, जल की सतह से भाप निकलती दिखाई देती है।

प्रश्न 4.
उबलते हुए जल से कुछ दूरी पर भाप के ऊपर किसी बर्तन को उलटा करके रखिए। बर्तन की भीतरी सतह को देखिए। क्या आपको वहाँ जल की कोई बूंद दिखाई देती है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
हाँ, उल्टे रखे बर्तन के भीतर पानी की बूंदें दिखाई देती हैं।

प्रश्न 5.
क्रिस्टलीकरण भौतिक परिवर्तन के अन्तर्गत क्यों रखा जाता है?
उत्तर:
क्योंकि इसमें कोई नया पदार्थ नहीं बनता।

प्रश्न 6.
लोहे में जंग लगना एक रासायनिक परिवर्तन क्यों है ?
उत्तर:
जंग लगने के दौरान लोहा आयरन ऑक्साइड बनाता है इसीलिए जंग लगना एक रासायनिक परिवर्तन है।

प्रश्न 7.
मोमबत्ती का जलना एक रासायनिक परिवर्तन क्यों है ?
उत्तर:
क्योंकि मोमबत्ती को जलने के बाद पुनः प्राप्त नहीं किया जा सकता।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 6 भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

प्रश्न 8.
आरी में ब्लेड के अगले भाग को स्टोव की ज्वाला में रखने पर क्या होता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
ज्वाला वाले भाग का रंग लाल हो जाता है और ठंडा होने पर पुनः वैसा ही हो जाता है।

प्रश्न 9,
मैग्नीशियम फीते को साफ करके ज्वाला में जलाने पर क्या होता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
यह तीव्र प्रकाश के साथ जलती है तथा अन्त में भस्म (राख) बचती है।

प्रश्न 10.
मैग्नीशियम के फीते को जलना कैसा परिवर्तन है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
रासायनिक परिवर्तन।।

प्रश्न 11.
कोई विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है? यह विलयन कैसा है। अम्लीय/क्षारीय। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
क्षारीय।

प्रश्न 12.
जब भोजन सामग्री बासी हो जाती है अथवा सड़-गल जाती है, तो उसमें से दुर्गन्ध आने लगती है। क्या इस परिवर्तन को रासायनिक परिवर्तन कह सकते हैं ?
उत्तर:
हाँ, क्योंकि रंग तथा गन्ध में परिवर्तन होना रासायनिक परिवर्तन कहलाता है।

प्रश्न 13.
पादप अपना भोजन प्रकाश संश्लेषण द्वारा बनाते हैं ? क्या हम इस प्रक्रम को रासायनिक परिवर्तन कह सकते हैं, क्यों?
उत्तर:
हाँ, क्योंकि प्रकाश संश्लेषण में नये पदार्थ बनते

प्रश्न 14.
नीला थोथा के जलीय विलयन में कुछ बूंदें सल्फ्यूरिक अम्ल की डालने के पश्चात् इस विलयन में लोहे की एक कील डाल दी गई। कुछ समय पश्चात कील और विलयन का रंग कैसा हो जाएगा? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
विलयन नीले से रंगहीन तथा कील पर भूरी परत चढ़ जाती है।

प्रश्न 15.
यशद्-लेपन क्या है?
उत्तर:
धातुओं को जंग से बचाने के लिए परत चढ़ाने की प्रक्रिया।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 6 भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन

प्रश्न 16.
रासायनिक परिवर्तन को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
वह परिवर्तन जिसमें एक अथवा एक से अधिक नये पदार्थ बनते हैं, रासायनिक परिवर्तन कहलाते हैं।

प्रश्न 17.
पटाखों का विस्फोट एक रासायनिक परिवर्तन क्यों है ?
उत्तर:
विस्फोट से, ऊष्मा, ध्वनि, प्रकाश व गैसें उत्पन्न होती हैं।

प्रश्न 18.
जल का जल वाष्य में बदलना तथा जल वाष्प का पुनः जल में या बर्फ में बदलना कौन-सा परिवर्तन है ?
उत्तर:
भौतिक परिवर्तन।

प्रश्न 19.
किसी रासायनिक परिवर्तन का समीकरण लिखिए।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 6 भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन -1

प्रश्न 20.
अम्ल का प्रयोग करते समय सावधानी क्यों बरतनी चाहिए?
उत्तर:
अम्ल हानिकारक होते हैं। त्वचा पर पड़ने पर ये जला सकते हैं।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन छाँटिए लकड़ी का जलना, मिट्टी को पानी में घोलना, कागज का जलना, चीनी को पीसना, चाय बनाना, दही से मक्खन बनाना।
उत्तर:
भौतिक परिवर्तन : मिट्टी को पानी में घोलना, चीनी को पीसना।
रासायनिक परिवर्तन : लकड़ी का जलना, कागज का जलना, चाय बनाना, दही से मक्खन बनाना।

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प्रश्न 2.
भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तनों में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तनों में अन्तर
Table 3

प्रश्न 3.
किसी रासायनिक परिवर्तन को समीकरण सहित समझाइए।
उत्तर:
(i) जब किसी परखनली में ऐसीटिक अम्ल तथा सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट मिलाया जाता है तो कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनती है। समीकरण
सिरका (ऐसीटिक अम्ल) + खाने का सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) → कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) + अन्य पदार्थ।

(ii) जब CO, गैस को चूने के पानी में प्रवाहित किया जाता है तो चूने का पानी दूधिया हो जाता है। समीकरण
CO2 + चूने का पानी [Ca(OH)2] → कैल्सियम कार्बोनेट (CaCO3) + जल।
उपरोक्त दोनों क्रियाएँ रासायनिक परिवर्तन हैं।

प्रश्न 4.
रासायनिक परिवर्तन में नये उत्पादों के अतिरिक्त सम्भव घटनाओं को लिखिए।
उत्तर:
(i) ऊष्मा, प्रकाश अथवा किसी अन्य विकिरण का निर्मुक्त होना।
(ii) ध्वनि का उत्पन्न होना।
(iii) रंग में परिवर्तन ।
(iv) किसी गैस का बनना।

प्रश्न 5.
क्या होता है? जब- (क्रियाकलाप)
(क) सिरका विलयन में एक चुटकी खाने का सोडा डाला जाता है।
(ख) CO2 गैस को चूने के पानी में गुजारा जाता है।
(ग) सिरके की खाने के सोडे से क्रिया कराने पर कौनसा नया पदार्थ बनता है।
उत्तर:
(क) बुद बुदाहट के साथ CO2 गैस निकलती
(ख) चूने के पानी को दूधिया कर देती है। (ग) कैल्सियम कार्बोनेट।

दीर्य उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
आपके आस-पास होने वाले दस भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तनों की सूची बनाइए।
उत्तर:
भौतिक परिवर्तन – रासायनिक परिवर्तन
(1) पंखे का चलना। – (1) फूल खिलना।
(2) बल्ब का जलना। – (2) आटा गूंथना।
(3) बर्फ का पिघलना। – (3) लकड़ी का जलना।
(4) रेडियो का बजना। – (4) दूध से दही बनना।
(5) दिन और रात का होना। – (5) चाय बनाना।
(6) बिजली का चमकना। – (6) कैरोसिन का जलना।
(7) भाप का बनना। – (7) अम्ल में क्षार मिलाना।
(8) कपड़े का सूखना। – (8) पेट्रोल का इंजन में जलना।
(9) पेन से कागज पर लिखना। – (9) खाने में सूक्ष्म जीव लगना।
(10) काँच का टूटना। – (10) CO2 को चूने के पानी में घोलना।

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित को समझाइए
(a) ओजोन का निर्माण एवं विघटन भौतिक परिवर्तन है।
(b) मैग्नीशियम फीते का जलना रासायनिक परिवर्तन है।
उत्तर:
(a) ओजोन का निर्माण एवं विघटन भौतिक परिवर्तन है ओजोन का निर्माण ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं के मिलने से होता है। जब इसका विघटन होता है तो ऑक्सीजन के परमाणु मुक्त हो जाते हैं। अत: यह भौतिक परिवर्तन है। ओजोन परत हमारे वायुमण्डल में स्थित होती है। यह परत हमें सूर्य की पराबैंगनी किरणों से बचाती है। यह परत इन हानिकारक किरणों को अवशोषित कर लेती है।

(b) जब मैग्नीशियम के फीते को आग की लौ के सम्पर्क में लाया जाता है तो यह श्वेत प्रकाश के साथ जलने लगता है और अन्त में एक प्रकार की भस्म शेष रह जाती है।
यह भस्म मैग्नीशियम ऑक्साइड होती है।

जब मैग्नीशियम ऑक्साइड की क्रिया जल से कराई जाती है तो मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड बनता है।

हाइड्रॉक्साइड) उपरोक्त दोनों क्रियाओं में नये पदार्थ बनते हैं। अत: यह रासायनिक परिवर्तन है।

भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन Class 7 HBSE Notes in Hindi

→ भौतिक परिवर्तन – वह परिवर्तन जिससे पदार्थ के भौतिक गुणों में परिवर्तन होता है, रासायनिक गुणों में नहीं भौतिक परिवर्तन कहलाता है।
→ रासायनिक परिवर्तन – वह परिवर्तन जिससे एक या एक से अधिक नये पदार्थ बनते हैं, रासायनिक परिवर्तन कहलाता है।
→ रासायनिक अभिक्रिया – वह अभिक्रिया जिसके द्वारा रासायनिक परिवर्तन से नये पदार्थ बनते हैं।
→ भस्म – मैग्नीशियम रिबन को ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलाने के पश्चात् बचा शेष पदार्थ।
→ जंग लगना – नमी के प्रभाव से लोहे पर गेरुई रंग की परत बनना जंग लगना कहलाती है।
→ यशद्-लेपन – लोहे पर जिंक की एक पतली परत चढ़ाने की प्रक्रिया को यशद्-लेपन कहते हैं।
→ क्रिस्टलीकरण – किसी पदार्थ के उसके विलयन से क्रिस्टल प्राप्त करने की प्रक्रिया क्रिस्टलीकरण कहलाती है।
→ शक्कर का विलयन बनाना एक परिवर्तन है, दूध से दही जमना भी एक परिवर्तन है, इसी प्रकार दूध का खट्टा होना भी एक परिवर्तन है।
→ पदार्थ के आकार, आमाप, रंग और अवस्था जैसे गुण उसके भौतिक गुण कहलाते हैं।
→ वह परिवर्तन जिसमें किसी पदार्थ के भौतिक गुणों में परिवर्तन तो होता है, किन्तु कोई नया पदार्थ नहीं बनता है, भौतिक परिवर्तन कहलाता है।
→ भौतिक परिवर्तन सामान्यतया उत्क्रमणीय होता है।
→ कागज के टुकड़े करना, जल का वाष्प बनना आदि भौतिक परिवर्तन है।
→ लोहे के टुकड़े को खुले में छोड़ देने पर उसके ऊपर भूरे रंग की एक पर्त जम जाती है, यह पदार्थ जंग है और इसे जंग लगना कहते हैं।
→ जब मैग्नीशियम के तार को ऑक्सीजन की उपस्थिति में जलाया जाता है तो चमकदार श्वेत प्रकाश के साथ यह जलने लगता है तथा मैग्नीशियम ऑक्साइड शेष बचता है।
→ मैग्नीशियम ऑक्साइड को जल में घोलने पर मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड बनता है।
→ वह परिवर्तन जिसमें एक अथवा एक-से अधिक नए पदार्थ बनते हैं, रासायनिक परिवर्तन कहलाता है।
→ लोहे में जंग लगना, प्रकाश संश्लेषण तथा भोजन का पाचन, रासायनिक परिवर्तन के उदाहरण हैं।
→ लोहे को जंग से बचाने के लिए उस पर एक प्रकार की जिंक की पतली परत चढ़ाना यशद्-लेपन (गैल्वेनाइजेशन) कहलाता है। विज्ञान ।
→ स्टेनलेस स्टील लोहे में कार्बन और क्रोमियम, निकिल तथा मैंगनीज जैसी धातुओं को मिलाकर बनाया जाता है। इससे जंग नहीं लगती।
→ किसी पदार्थ के शुद्ध तथा बड़ी आमाप के क्रिस्टल उनके विलयन से प्राप्त किये जा सकते हैं। यह प्रक्रिया क्रिस्टलीकरण कहलाती है।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 5 अम्ल, क्षारक और लवण

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 5 अम्ल, क्षारक और लवण Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 5 अम्ल, क्षारक और लवण

HBSE 7th Class Science अम्ल, क्षारक और लवण InText Questions and Answers

बूझो/पहेली

प्रश्न 1.
बूझो जानना चाहता है कि, क्या मैं सभी पदार्थों का स्वाद ज्ञात करने के लिए उन्हें चख सकता हूँ?
उत्तर:
नहीं, अज्ञात पदार्थों को नहीं चखना चाहिए क्योंकि ये हमें हानि पहुँचा सकते हैं।

प्रश्न 2.
हल्दी का दाग साबुन से धोने पर लाल क्यों हो जाता है?
उत्तर:
साबुन का विलयन क्षारकीय होता है जो हल्दी (प्राकृतिक सूचक) का रंग लाल कर देता है।

प्रश्न 3.
जब शुष्क लिटमस पत्र पर खाने के सोडे के ठोस कण रखे जाते हैं तो इससे किसी तरह का परिणाम प्राप्त नहीं होता। क्यों?
उत्तर:
लिटमस पत्र किसी अम्ल या क्षारक का परीक्षण प्रायः विलयन अवस्था में ही देते हैं।

प्रश्न 4.
पहेली आपके लिए निम्नलिखित समस्या लेकर आई हैकॉफी का रंग भूरा है, और स्वाद है कड़वा, अम्ल है यह, या है क्षार, प्रश्न बड़ा ही है दुश्वार, स्वाद के कारण से अनजान, बिना परीक्षण हो ना ज्ञान। उत्तर:
अम्लीय।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 5 अम्ल, क्षारक और लवण

HBSE 7th Class Science अम्ल, क्षारक और लवण Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
अम्लों और क्षारकों के बीच अन्तर बताइए।
उत्तर:
अम्लों और क्षारकों में अन्तर

अम्लक्षारक
(i) अम्ल स्वाद में खट्टे होते हैं।क्षार स्वाद में कड़वे होते हैं।
(ii) ये नीले लिटमस पत्र को लाल कर देते हैं।ये लाल लिटमस पत्र को नीला कर देते हैं।

प्रश्न 2.
अनेक घरेलू उत्पादों, जैसे खिड़की साफ करने के मार्जकों आदि में अमोनिया पाया जाता है। ये लाल लिटमस को नीला कर देते हैं। इनकी प्रकृति क्या है?
उत्तर:
इसकी प्रकृति क्षारीय है। क्योंकि क्षारक लाल लिटमस को नीला करने का गुण रखते हैं।

प्रश्न 3.
उस स्रोत का नाम बताइए, जिससे लिटमस विलयन को प्राप्त किया जाता है। इस विलयन का क्या उपयोग है?
उत्तर:
लाइकेन नामक पौधे से लिटमस विलयन प्राप्त किया जाता है। इस विलयन को सूचक के रूप में प्रयुक्त किया जाता है।

प्रश्न 4.
क्या आसुत जल अम्लीय/क्षारकीय/उदासीन होता है ? आप इसकी पुष्टि कैसे करेंगे?
उत्तर:
आसुत जल उदासीन होता है। इसकी उदासीनता की पुष्टि लिटमस पेपर से कर सकते हैं। यह जल लिटमस पत्र पर कोई प्रभाव नहीं डालता है।

प्रश्न 5.
उदासीनीकरण के प्रक्रम को एक उदाहरण देते हुए समझा
उत्तर:
अम्ल तथा क्षारक के बीच होने वाली क्रिया को उदासीनीकरण कहते हैं। इस क्रिया में ऊष्मा निर्मुक्त होने के साथ-साथ लवण और जल भी निर्मित होते हैं।
अम्ल + क्षारक → लवण + जल (ऊर्जा निर्मुक्त होती है।)
जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा सोडियम हाइड्रॉक्साइड की क्रिया कराई जाती है तो सोडियम क्लोराइड एवं जल बनता है साथ ही ऊष्मा निकलती है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 5 अम्ल, क्षारक और लवण -1

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 5 अम्ल, क्षारक और लवण

प्रश्न 6.
निम्नलिखित कथन यदि सही हैं, तो (T) अथवा गलत हैं, तो (F) लिखिए
(क) नाइट्रिक अम्ल लाल लिटमस को नीला कर देता
(ख) सोडियम हाइड्रॉक्साइड नीले लिटमस को लाल कर देता है।
(ग) सोडियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एक-दूसरे को उदासीन करके लवण और जल बनाते हैं।
(घ) सूचक वह पदार्थ है, जो अम्लीय और क्षारकीय विलयनों में भिन्न रंग दिखाता है।
(च) दंत क्षय, क्षार की उपस्थिति के कारण होता है।
उत्तर:
(क) नाइट्रिक अम्ल लाल लिटमस को नीला कर देता है। (F)
(ख) सोडियम हाइड्रॉक्साइड नीले लिटमस को लाल कर देता है। (F)
(ग) सोडियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एक-दूसरे को उदासीन करके लवण और जल बनाते हैं। (T)
(घ) सूचक वह पदार्थ है, जो अम्लीय और क्षारकीय विलयनों में भिन्न रंग दिखाता है। (T)
(च) दंत क्षय, क्षार की उपस्थिति के कारण होता है। (F)

प्रश्न 7.
दोरजी के रैस्टोरेन्ट में शीतल (मृदु) पेय की कुछ बोतलें हैं। लेकिन दुर्भाग्य से वे चिन्हित नहीं हैं। उसे ग्राहकों की मांग के अनुसार पेय परोसने हैं। एक ग्राहक अम्लीय पेय चाहता है, दूसरा क्षारकीय और तीसरा उदासीन पेय चाहता है। दोरजी यह कैसे तय करेगा, कि कौन-सी बोतल किस ग्राहक को देनी है।
उत्तर:
(i) दोरजी सूचक की सहायता से तय कर सकता है।
(ii) क्षारीय होने पर पेय का नमूना लाल लिटमस पत्र को नीला कर देगा।
(iii) अम्लीय होने पर यह नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है।
(iv) उदासीन होने पर पेय लिटमस पर कोई रंग उत्पन्न नहीं करेगा।

प्रश्न 8.
समझाइए, ऐसा क्यों होता है
(क) जब आप अतिअम्लता से पीड़ित होते हैं, तो प्रति अम्ल की गोली लेते हैं।
(ख) जब चींटी काटती है, तो त्वचा पर कैलेमाइन का विलयन लगाया जाता है।
(ग) कारखाने के अपशिष्ट को जलाशयों में बहाने से पहले उसे उदासीन किया जाता है।
उत्तर:
(क) जब हम अतिअम्लता से पीड़ित होते हैं, तो प्रतिअम्ल की गोली लेते हैं। क्योंकि उदर में अम्ल की मात्रा बढ़ती है तो प्रतिअम्ल की गोली क्षारकीय होने के कारण इसे उदासीन कर देती है और हमें आराम मिलता है।
(ख) चींटी एक अम्ल त्वचा में छोड़ती है। कैलेमाइन का विलयन, इसके प्रभाव को उदासीन करता है इसलिए दर्द में राहत मिलती है।
(ग) अम्लीय तथा क्षारीय दोनों प्रकृति के अपशिष्ट कारखानों से जलाशयों में बहाये जाते हैं। ये अम्ल जलीय जीवों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। इसलिए उन्हें उदासीन कर दिया जाता है।

प्रश्न 9.
आपको तीन द्रव दिये गये हैं, जिनमें से एक हाइड्रोक्लोरिक अम्ल है, दूसरा सोडियम हाइड्रॉक्साइड और तीसरा शक्कर का विलयन है। आप हल्दी को सूचक के रूप में उपयोग करके उनकी पहचान कैसे करेंगे?
उत्तर:
(1) हल्दी का विलयन क्षारकों के सम्पर्क में आने पर लाल हो जाता है। अम्ल तथा उदासीन पदार्थ इसके सम्पर्क में आने पर प्रभावित नहीं होते।
(2) सबसे पहले हल्दी में अम्ल मिलाया जाता है। अम्ल के सम्पर्क में आने पर यह लाल हो जाता है।
(3) अब हल्दी तथा अम्ल के मिश्रण में तीनों में से एक विलयन धीरे-धीरे डाला जाता है।
(4) यदि विलयन पुन: पीला हो जाता है तो डाला गया विलयन हाइड्रोक्लोरिक अम्ल है। अन्यथा डाला गया द्रव्य शक्कर का विलयन है।

प्रश्न 10.
नीले लिटमस पत्र को एक विलयन में डुबोया गया। यह नीला ही रहता है। विलयन की प्रकृति क्या है ? समझाइए।
उत्तर:
(1) विलयन उदासीन या क्षारीय कोई भी हो सकता है।
(2) नीले लिटमस पत्र पर उदासीन या क्षारीय विलयन का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

प्रश्न 11.
निम्नलिखित वक्तव्यों को ध्यान से पढ़ें
(क) अम्ल और क्षारक दोनों सभी सूचकों के रंगों को परिवर्तित कर देते हैं।
(ख) यदि कोई सूचक अम्ल के साथ रंग परिवर्तित कर देता है, तो वह क्षारक के साथ रंग परिवर्तन नहीं करता।
(ग) यदि कोई सूचक क्षारक के साथ रंग परिवर्तित करता है, तो वह अम्ल के साथ रंग परिवर्तन नहीं करता।
(घ) अम्ल और क्षारक में रंग परिवर्तन सूचक के प्रकार पर निर्भर करता है।
ऊपर लिखे वक्तव्यों में से कौन-से वक्तव्य सही हैं?
(i) सभी चार
(ii) (क) और (घ)
(iii) (ग) और (घ)
(iv) सिर्फ (घ)
उत्तर:
(iv) सिर्फ (घ)।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 5 अम्ल, क्षारक और लवण

HBSE 7th Class Science अम्ल, क्षारक और लवण Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए

1. निम्न में से किसमें अम्ल उपस्थित है?
(क) आँवला
(ख) साबुन
(ग) खाने का सोडा
(घ) वाशिंग पाउडर
उत्तर:
(क) आँवला

2. एसिड शब्द की उत्पत्ति एसियर शब्द से हुई है। यह किस भाषा का शब्द है?
(क) अंग्रेजी
(ख) हिन्दी
(ग) लैटिन
(घ) फ्रेंच
उत्तर:
(ग) लैटिन

3. निम्नलिखित में से कौन-सा प्राकृतिक सूचक नहीं है?
(क) हल्दी
(ख) लिटमस
(ग) गुड़हल की पंखुड़ियाँ
(घ) पालक की पत्तियाँ
उत्तर:
(घ) पालक की पत्तियाँ

4. उदासीन विलयन
(क) क्षारीय होता है
(ख) अम्लीय होता है
(ग) मीठा होता है
(घ) न उदासीन और न अम्लीय होता है
उत्तर:
(घ) न उदासीन और न अम्लीय होता है

5. क्षारीय विलयन के साथ फिनॉल्फथेलिन रंग देता है
(क) लाल
(ख) गुलाबी
(ग) नीला
(घ) बैंगनी
उत्तर:
(ख) गुलाबी

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II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए-
1. ऐसे पदार्थ जिनका स्वाद कड़वा होता है और स्पर्श करने पर साबुन जैसे लगते हैं, ………… कहलाते हैं।
2. ………… को जब अम्लीय या क्षारकीय पदार्थ युक्त विलयन में मिलाया जाता है तो उनका रंग बदल जाता हैं।
3. कागज की पट्टियों के रूप में उपलब्ध सूचक को …………. कहते हैं।
4. अपाचन से मुक्ति पाने के लिए हम प्रतिअम्ल लेते हैं जिसमें …………. होता है।
उत्तर:
1. क्षारक
2. सूचकों
3. लिटमस पत्र
4. मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड।

III. सुमेलन
कॉलम A तथा कॉलम B के शब्दों का मिलान कीजिए

कॉलम Aकॉलम B
1. चूने का पानी(a) लिटमस
2. चींटी का डंक(b) उदासीन
3. लाइके(c) क्षारक
4. आसुत जल(d) अम्ल

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. चूने का पानी(c) क्षारक
2. चींटी का डंक(d) अम्ल
3. लाइके(a) लिटमस
4. आसुत जल(b) उदासीन

IV. सत्य/असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य छाँटिए
1. शैम्पू के विलयन में अम्ल उपस्थित होता है।
2. उदासीन विलयन न अम्लीय होते हैं और न क्षारकीय।
3. चींटी काटने के स्थान पर चूने का पानी लगाने से लाभ होता है।
4. अम्ल एवं क्षारक की अभिक्रिया लवणीकरण कहलाती
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य
3. सत्य
4. असत्य।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
उदासीनीकरण के तत्काल बाद परखनली को स्पर्श करें। आप क्या अनुभव करते हैं ?
उत्तर:
परखनली गर्म अनुभव होती है। इसका अर्थ है, इस क्रिया में ऊष्मा निर्मुक्त होती है।

प्रश्न 2.
जब नींबू के रस के जलीय विलयन की एक बूंद को लाल लिटमस पर डाला जाता है तो क्या होता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
लाल लिटमस नीला हो जाता है।

प्रश्न 3.
सूचक क्या होते हैं ?
उत्तर:
कोई पदार्थ अम्लीय है अथवा क्षारकीय, इसका परीक्षण करने के लिए विशेष प्रकार के पदार्थों का उपयोग किया जाता है, जिन्हें सूचक कहते हैं।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 5 अम्ल, क्षारक और लवण

प्रश्न 4.
अम्लों एवं क्षारकों के रखरखाव में क्यों सावधानी बरतनी चाहिए ?
उत्तर:
ये संक्षारक प्रकृति के होते हैं, जो त्वचा में जलन उत्पन्न करते हैं तथा हानि पहुँचाते हैं।

प्रश्न 5.
जब किसी अम्लीय विलयन को क्षारीय विलयन में मिलाया जाता है तो क्या होता है ?
उत्तर:
उदासीन विलयन बनता है।

प्रश्न 6.
जब चूने के पानी में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल मिलाया जाता है तो मिश्रण गर्म होगा या ठंडा?
उत्तर:
गर्म हो जायेगा।

प्रश्न 7.
दो प्राकृतिक अम्ल सूचकों के नाम बताइए।
उत्तर:
हल्दी, गुड़हल के फूल की पंखुड़ियाँ।

प्रश्न 8.
लवण क्या होते हैं ?
उत्तर:
उदासीनीकरण अभिक्रिया में नया पदार्थ बनता है जो लवण कहलाता है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
चार खनिज अम्लों के नाम तथा उनके सूत्र बताइए।
उत्तर:
(i) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl)
(ii) नाइट्रिक अम्ल (HNO3)
(iii) सल्फ्यू रिक अम्ल (H2SO4)
(iv) ऐसीटिक अम्ल (CH3COOH)।

प्रश्न 2.
चार सूचकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(i) हल्दी
(ii) लिटमस
(iii) गुड़हल की पंखुड़ियाँ
(iv) फिनॉल्फथेलिन।

प्रश्न 3.
लिटमस को कैसे तैयार किया जाता है ?
उत्तर:
सबसे सामान्य रूप से उपयोग किया जाने वाला प्राकृतिक सूचक लिटमस है। इसे लाइकेन (शैक) से निष्कर्षित किया जाता है। आसुत जल में इसका रंग मॉव (नीलशोण) होता है। जब इसे अम्लीय विलयन में मिलाया जाता है, तो यह लाल हो जाता है और जब क्षारीय विलयन में मिलाया जाता है तो यह नीला हो जाता है। यह विलयन के रूप में अथवा कागज की पट्टियों के रूप में उपलब्ध होता है जिन्हें लिटमस पत्र कहते हैं। सामान्यतः यह लाल और नीले लिटमस पत्र के रूप में उपलब्ध होता है।

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प्रश्न 4.
हल्दी पत्रक कैसे बनाते हैं? इसको कैसे सूचक की तरह प्रयोग करेंगे? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
एक चम्मच हल्दी पाउडर में थोड़ा पानी मिलाकर उसका पेस्ट बनाते है। ब्लोटिंग पेपर पर इस पेस्ट को लगाकर सुखा लेते हैं। अब इसकी पतली पट्टियाँ काट लेते हैं। जब हल्दी पत्रक पर साबुन के विलयन की बूंदे डालते हैं तो पत्रक का रंग लाल हो जाता है।

प्रश्न 5.
अम्ल वर्षा से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर:
कुछ गैसें, जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (जो वायु में प्रदूषकों के रूप में निर्मुक्त होती हैं) वर्षा के साथ क्रिया करके क्रमशः काबौनिक अम्ल, सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल बनाती हैं। वर्षा के साथ ये अम्ल जमीन पर आते हैं, जिसे अम्ल वर्षा कहते हैं। अम्ल वर्षा, भवनों, ऐतिहासिक इमारतों, पौधों और जन्तुओं को क्षति पहुँचा सकती है।

प्रश्न 6.
चींटी के डंक में कौन-सा अम्ल होता है ? इसे कैसे उदासीन किया जा सकता है?
उत्तर:
चींटी के डंक में फॉर्मिक अम्ल होता है। जब चींटी काटती है तो त्वचा में फार्मिक अम्ल छोड़ देती है। इसके अम्लीय प्रभाव को उदासीन करने के लिए डंक के स्थान की त्वचा पर नमी युक्त खाने का सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट) अथवा कैलेमाइन विलयन मलकर उदासीन किया जा सकता है।

प्रश्न 7.
मृदा उपचार क्या है ? अम्लीय एवं क्षारीय मृदा को कैसे उपचारित किया जाता है ?
उत्तर:
रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग मृदा को अम्लीय बना देता है। यदि मृदा अत्यधिक अम्लीय अथवा अत्यधिक क्षारीय हो तो पादपों की वृद्धि अच्छी नहीं होती। जब मृदा अत्यधिक अम्लीय होती है तो उसमें बिना बुझा चूना (कैल्सियम ऑक्साइड) अथवा बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) जैसे धारक मिलाकर उदासीन किया जा सकता है। यदि मृदा क्षारकीय हो तो इसमें जैव पदार्थ मिलाये जाते हैं। जैव पदार्थ मृदा में अम्ल निर्मुक्त करते हैं, जो उसकी क्षारीय प्रकृति को उदासीन कर देते हैं।

प्रश्न 8.
कारखानों के अपशिष्ट पदार्थों को कैसे उदासीन किया जाता है?
उत्तर:
अनेक कारखानों के अपशिष्ट (कचरे) में अम्लीय पदार्थ मिश्रित होते हैं। यदि ऐसे अपशिष्ट पदार्थों को सीधे ही जलाशयों में बहने दिया (विसर्जित किया जाए तो मछली और अन्य जलीय जीवों को अम्ल नष्ट कर सकते हैं। अत: कारखानों के अपशिष्ट को जलाशयों में विसर्जित करने से पहले क्षारकीय पदार्थ मिलाकर उदासीन किया जाता है।

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दीर्य उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
नल का पानी, अपमार्जक (डिटरजेंट) का घोल, वातित पेय पदार्थ, साबुन का विलयन, शैम्पू, सामान्य नमक का विलयन, शक्कर का विलयन, सिरका, बेकिंग सोडे का विलयन, दूधिया मैग्नीशियम, धावन सोडे का विलयन तथा चूने का पानी, (यदि सम्भव हो, तो विलयन आसुत जल में बनायें)। अपने प्रेक्षणों को सारणी में नोट कीजिए।
उत्तर:

विलयन का नामनीले लिटमस पर प्रभावलाल लिटमस पर प्रभाव
1. नल का पानी
2. अपमार्जक का घोलनीला
3. वातित पेय पदार्थलाल
4. साबुन का विलयननीला
5. शैम्पूनीला
6. समान्य नमक का विलयन
7. शक्कर का विलयन
8. सिरकालाल
9. बैंकिंग सोड़े का विलयननीला
10. दूधिया मैगनीशियमनीला
11. धावन सोडे का विलयननीला
12. चूने का पानीनीला

प्रश्न 2.
अपाचन (अम्लता) से आप क्या समझते हैं? इसे कैसे दूर किया जा सकता है? इसके समाधान में कौन-सी क्रिया होती है?
उत्तर:
अपाचन (अम्लता)-हमारे आमाशय से भोजन में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल स्रावित होता है। यह हमारे भोजन को पचाने में सहायता करता है। किन्तु कभी-कभी इस अम्ल की आवश्यकता से अधिक मात्रा हो जाती है जिसे अपाचन या अम्लता कहते हैं। कभी-कभी यह अत्यधिक कष्टदायक होता है। अम्लता के प्रभाव को किसी प्रतिअम्ल जिसमें मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड होता है, को देकर कम किया जा सकता है। मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, आमाशय में उत्पन्न अम्ल के प्रभाव को उदासीन कर देता है। इस क्रिया को उदासीनीकरण कहते हैं।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से अम्ल एवं क्षारक पहचान कर बताइए कि ये किसमें पाये जाते हैं?
ऐसीटिक अम्ल, कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड, फॉर्मिक अम्ल,अमोनियम हाइड्रॉक्साइड, सोडियम हाइड्रॉक्साइड, साइट्रिक अम्ल, टार्टरिक अम्ल, विटामिन C, पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड, लैक्टिक अम्ल, मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड तथा ऑक्सेलिक अम्ल।
उत्तर:

अम्ल का नामकिसमें पाया जाता है।
(i) ऐसीटिक अम्लसिरका
(ii) फॉर्मिक अम्लचींटी का डंक
(iii) साइट्रिक अम्लनींबू कल के फल, जैसे संतरा, नींबू
(iv) ऑक्सेलिक अम्लपालक
(v) एस्कॉर्बिक अम्ल या विटामिन-Cआँवला, सिट्रस फल
(vi) लैक्टिक अम्लदही
(vii) टार्टरिक अम्लइमली, कच्चे आम, अंगूर
क्षारक का नामकिसमें पाया जाता है
(i) कैल्सियम हाइड्रॉक्साइडचूने का पानी
(ii) अमोनियम हाइड्रॉक्साइडखिड़की के काँच साफ करने में प्रयुक्त मार्जक
(iii) सोडियम हाइड्रॉक्साइडसाबुन
(iv) पोटैशियम हाइड्रॉक्साइडसाबुन
(v) मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइडदूधिया मैग्नीशियम (मिल्क ऑफ मैग्नीशिया)

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प्रश्न 4.
गुड़हल के पुष्य की कुछ पंखुड़ियाँ लीजिए और उन्हें किसी बीकर में रख दीजिए। इसमें थोड़ा गरम जल मिलाइए। मिश्रण को कुछ समय तक रखिए, जब तक जल रंगीन न हो जाए। रंगीन जल को सूचक के रूप में प्रयोग कीजिए। इस सूचक की पाँच-पाँच बूंदें निम्न सारणी में दिए गए प्रत्येक विलयन में मिलाइए। अब निम्न सारणी को पूरा कीजिए।

परीक्षण विलयनआरसिभक रंगअन्तिम रंग
शैम्पू ( तनु विलयन)
नीबू का रस
सोडा जल
सोडियम हाइड्रोजन
कार्बोनेट का विलयन सिरका
शक्कर का विलयन

उत्तर:

परीक्षण विलयनआरसिभक रंगअन्तिम रंग
शैम्पू ( तनु विलयन)लालहरा
नीबू का रसलालमेजेन्टा
सोडा जललालहरा
सोडियम हाइड्रोजनलालहरा
कार्बोनेट का विलयन सिरकालालमेजेन्टा
शक्कर का विलयनलाललाल

अम्ल, क्षारक और लवण Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ अम्ल – पदार्थ जो स्वाद में खट्टे होते हैं और नीले लिटमस को लाल कर देते हैं।
→ क्षारक – स्वाद में कसैले और छूने पर साबुन जैसे पद । जो लाल लिटमस को नीला कर देते हैं।
→ सूचक – सूचक वह पदार्थ है जो अम्लीय तथा क्षारीय पदार्थों को विभिन्न रंगों में बदल देते हैं।
→ लिटमस – एक प्राकृतिक सूचक जो लाइकेन (शैक) से प्राप्त किया जाता है।
→ लाइकेन – कवक एवं शैवाल के सहयोग से बने एक प्रकार के छोटे पौधे।
→ उदासीन विलयन – ऐसा विलयन जो न अम्लीय होता है और न क्षारीय।
→ उदासीनीकरण – अम्ल और क्षार की अभिक्रिया जिसमें लवण तथा जल बनते हैं।
→ लवण – उदासीनीकरण क्रिया में बना नया पदार्थ।
→ अपाचन – आमाशय में अत्यधिक अम्ल बनने की स्थिति।
→ दही, नींबू का रस, सन्तरे का रस और सिरके का स्वाद खट्टा होता है। इन पदार्थों का स्वाद खट्टा इसलिए होता है, क्योंकि इनमें अम्ल (एसिड) होते हैं।
→ ऐसे पदार्थ जिनका स्वाद कड़वा होता है और स्पर्श करने पर साबुन जैसे लगते हैं, क्षारक कहलाते हैं।
→ कोई पदार्थ अम्लीय है अथवा क्षारकीय, इसका परीक्षण करने के लिए विशेष प्रकार के पदार्थों का उपयोग किया जाता है। ये पदार्थ सूचक कहलाते हैं।
→ हल्दी, लिटमस, गुड़हल की पंखुड़ियाँ आदि कुछ प्राकृतिक रूप से पाये जाने वाले सूचक हैं।
→ सबसे सामान्य रूप से उपयोग किया जाने वाला प्राकृतिक सूचक लिटमस है। इसे लाइकेनों (शैक) से निष्कर्षित किया जाता है।
→ लिटमस या तो विलयन के रूप में होता है अथवा कागज की पट्टियों (लिटमस पत्र) के रूप में होता है।
→ अम्ल नीले लिटमस को लाल कर देते हैं। श्री क्षारक लाल लिटमस को नीला कर देते हैं।
→ वे पदार्थ जो न तो अम्लीय होते हैं और न क्षारकीय, उदासीन कहलाते हैं।
→ किसी अम्ल और किसी क्षारक के बीच होने वाली अभिक्रिया उदासीनीकरण कहलाती है। इस प्रक्रम में ऊष्मा के निर्मुक्त होने के साथ-साथ लवण और जल बनते हैं।
→ उदासीनीकरण अभिक्रिया में नया पदार्थ बनता है, वह लवण कहलाता है।
→ हमारे आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल पाया जाता है। यह भोजन के पाचन में सहायता करता है।
→ जब चींटी काटती हैं तो यह त्वचा में अम्लीय द्रव डाल देती है। डंक के प्रभाव को नमीयुक्त खाने का सोडा (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट अथवा कैलेमाइन विलयन) मलकर उदासीन किया जा सकता है।
→ यदि मृदा अत्यधिक अम्लीय अथवा क्षारीय हो तो उसे बुझा हुआ या बिना बुझा हुआ चूना जैसे क्षारकों से उपचारित किया जाता है।
→ कारखानों के अपशिष्ट को जलाशयों व नदियों में विसर्जित करने से पहले क्षारकीय पदार्थ मिलाकर उदासीन किया जाता है।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 4 ऊष्मा

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 4 ऊष्मा Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 4 ऊष्मा

HBSE 7th Class Science ऊष्मा InText Questions and Answers

बूझो / पहेली

प्रश्न 1.
बूझो कहता है, “मेरा बायाँ हाथ कहता है कि मग C में पानी गर्म है तथा दाहिना हाथ उसी पानी को ठण्डा बताता है। मैं क्या निष्कर्ष निकालूं।”
उत्तर:
दोनों हाथों से सम्बन्धित दोनों निष्कर्ष सही हैं लेकिन दी हुई सूचना से एक अकेला निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

प्रश्न 2.
बूझो के मस्तिष्क में एक नटखट विचार आया। वह डॉक्टरी थर्मामीटर से गर्म दूध का ताप मापना चाहता था। पहेली ने उसको ऐसा करने से क्यों रोक दिया?
उत्तर:
क्योंकि डॉक्टरी थर्मामीटर को केवल मानव शरीर का ताप मापने के लिए ही डिजाइन किया गया है। धूप तथा आग के पास ले जाने पर यह चटक सकता है।

प्रश्न 3.
बूझो को अब समझ में आ गया है कि उच्च तापों को मापने के लिए डॉक्टरी थर्मामीटर का उपयोग क्यों नहीं करना चाहिए। लेकिन वह अब भी उलझन में है कि क्या प्रयोगशाला तापमापी द्वारा उसके शरीर का ताप मापा जा सकता है?
उत्तर:
प्रयोगशाला तापमापी द्वारा शरीर का ताप मापा तो जा सकता है किन्तु ऐसा करना सुविधाजनक नहीं है और सही ताप नोट करना कठिन है।

प्रश्न 4.
बूझो यह जानने के लिए उत्सुक है कि जब तापमापी का बल्ब किसी वस्तु के सम्पर्क में आता है, तो पारे के तल में परिवर्तन क्यों होता है?
उत्तर:
अनेक बार वस्तुओं का तापमान तापमापी के बल्ब जितना नहीं होता। ऐसी स्थिति में जब बल्ब को वस्तु के सम्पर्क में लाया जाता है तो बल्य अपना तापमान बदलता है जिससे पारे का तल भी परिवर्तित हो जाता है।’

प्रश्न 5.
पहेली जानना चाहती है “क्या इसका यह अर्थ है कि यदि दो वस्तुओं का ताप समान हो तो ऊष्मा स्थानान्तरित नहीं होगी?”
उत्तर:
हाँ, दो वस्तुओं का ताप समान होने पर इनके बीच ऊष्मा का आदान-प्रदान नहीं होता है।

प्रश्न 6.
बूझो दुविधा में है कि चित्र 4.1 में दर्शाए दो मापक्रमों में से वह किसे पढ़े। पहेली ने उसे बताया कि भारत में हमने सेल्सियस स्केल को अपनाया है और हमें इसी स्केल का उपयोग करना चाहिए। दूसरा मापक्रम फारेनहाइट स्केल (F) है जिसका परिसर 94 -108 डिग्री तक है, इसे पहले प्रयोग किया जाता था।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 4 ऊष्मा -1
डॉक्टरी थर्मामीटर
उत्तर:
बूझो को सेल्सियस स्केल पर ताप पढ़ना चाहिए।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 4 ऊष्मा

HBSE 7th Class Science ऊष्मा Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
प्रयोगशाला तापमापी तथा डॉक्टरी थर्मामीटर के बीच समानताएँ तथा अन्तर लिखिए।
उत्तर:
समानताएँ

प्रयोगशाला तापमापीडॉक्टरी थर्मामीटर
(i) इसमें पारा होता है।इसमें भी पारा होता है।
(ii) इस थर्मामीटर में उपयोग किया जाने वाला मापक्रम सेल्सियस स्केल है।इस थर्मामीटर में भी उपयोग किया जाने वाला मापक्रम सेल्सियस स्केल है।

असमानताएँ

प्रयोगशाला तापमापीडॉक्टरी थर्मामीटर
(i) यह थर्मामीटर शरीर के ताप को मापने के अलावा अन्य वस्तुओं के ताप को भी मापने में काम आता है।यह सिर्फ मानव शरीर का तापमान मापने के काम आता है।
(ii) इसकी तापमापन क्षमता 10°C से 100°C तक होती है।इसकी तापमापन क्षमता 35°C से 42°C तक होती है।

प्रश्न 2.
ऊष्मा चालक तथा ऊष्मारोधी, प्रत्येक के दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
ऊष्मा चालक ताँबा, ऐलुमिनियम। ऊष्मारोधी-लकड़ी, प्लास्टिक।

प्रश्न 3.
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) कोई वस्तु कितनी गरम है, इसकी जानकारी …………… द्वारा प्राप्त होती है।
(ख) उबलते हुए पानी का ताप …………… तापमापी से नहीं मापा जा सकता।
(ग) ताप को डिग्री …………… में मापते हैं।
(घ) बिना किसी माध्यम द्वारा ऊष्मा स्थानान्तरण के प्रक्रम को …………… कहते हैं।
(च) स्टील की एक ठंडी चम्मच गर्म दूध के प्याले में रखी गई है। यह अपने दूसरे सिरे तक ऊष्मा का स्थानान्तरण …………… प्रक्रम द्वारा करेगी।
(छ) हल्के रंग के वस्त्रों की अपेक्षा …………… रंग के वस्त्र ऊष्मा का अधिक अवशोषण करते हैं।
उत्तर:
(क) तापमान
(ख) डॉक्टरी
(ग) सेल्सियस
(घ) विकिरण
(च) चालन
(छ) काले।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 4 ऊष्मा

प्रश्न 4.
कॉलम A में दिये कथनों का कॉलम B के शब्दों से मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
(क) थल समीर के बहने का समय(i) गर्मियों
(ख) समुद्र समीर के बहने का समय(ii) सर्दियाँ
(ग) गहरे रंग के कपड़े पसन्द करने का समय(iii) दिन
(घ) हल्के रंग के कपड़े पसन्द करने का समय(iv) रात

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
(क) थल समीर के बहने का समय(iv) रात
(ख) समुद्र समीर के बहने का समय(iii) दिन
(ग) गहरे रंग के कपड़े पसन्द करने का समय(ii) सर्दियाँ
(घ) हल्के रंग के कपड़े पसन्द करने का समय(i) गर्मियों

प्रश्न 5.
सर्दियों में एक मोटा वस्त्र पहनने की तुलना में उसी मोटाई का कई परतों का बना वस्त्र अधिक उष्णता क्यों प्रदान करता है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
सर्दियों में एक मोटा वस्त्र पहनने की तुलना में उसकी मोटाई का कई परतों का बना वस्त्र अधिक ऊष्णता प्रदान करता है क्योंकि

  • हवा कपड़ों की दो परतों के बीच फंसी होती हैं।
  • हवा ऊष्मा की कुचालक होती है जिससे शरीर की ऊष्मा बाहर नहीं निकल पाती है और शरीर एवं वस्त्र के बीच गर्माहट महसूस होती है।

प्रश्न 6.

को देखिए। अंकित कीजिए कि कहाँ-कहाँ चालन, संवहन तथा विकिरण द्वारा ऊष्मा स्थानान्तरित हो रही है?
उत्तर:

प्रश्न 7.
गरम जलवायु के स्थानों पर यह परामर्श दिया जाता है कि घरों की बाहरी दीवारों पर श्वेत (सफेद) पेंट किया जाये। व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
गरम जलवायु के स्थानों पर यह परामर्श दिया जाता है कि घरों की बाहरी दीवारों पर श्वेत (सफेद) पेंट किया जाये क्योंकि श्वेत रंग ऊष्मा का परावर्तन करता है। यह कम मात्रा में ऊष्मा का अवशोषण करता है। अत: बाहर से कम से कम ऊष्मा घर में भीतर प्रवेश करती है।

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प्रश्न 8.
30°C के एक लिटर जल को 50°C के एक लिटर जल के साथ मिलाया गया। मिश्रण का ताप होगा।
(क) 80°C
(ख) 50°C से अधिक लेकिन 80°C से कम ।
(ग) 20°C
(घ) 30°C तथा 500C के बीच।
उत्तर:
(घ) 30°C तथा 50°C के बीच। ।

प्रश्न 9.
40°C ताप की लोहे की किसी गोली को कटोरी में भरे 40°C ताप के जल में डुबाया गया। इस प्रक्रिया में ऊष्मा
(क) लोहे की गोली से जल की ओर स्थानान्तरित होगी।
(ख) न तो लोहे की गोली से जल की ओर और न ही जल से लोहे की गोली की ओर स्थानान्तरित होगी।
(ग) जल से लोहे की गोली की ओर स्थानान्तरित होगी।
(घ) दोनों के ताप में वृद्धि कर देगी।
उत्तर:
(ख) न तो लोहे की गोली से जल की ओर और न जल से लोहे की गोली की ओर स्थानान्तरित होगी।

प्रश्न 10.
लकड़ी की एक चम्मच को आइसक्रीम के प्याले में डुबोया गया है। इसका दूसरा सिरा
(क) चालन के कारण ठंडा हो जायेगा।
(ख) संवहन के कारण ठंडा हो जायेगा।
(ग) विकिरण के कारण ठंडा हो जायेगा।
(घ) ठंडा नहीं होगा।
उत्तर:
(घ) ठंडा नहीं होगा।

प्रश्न 11.
स्टेनलेस इस्पात की कड़ाही में प्रायः कॉपर (ताँबे) की तली लगाई जाती है। इसका कारण हो सकता
(क) ताँबे की तली कड़ाही को अधिक टिकाऊ बना देती है।
(ख) ऐसी कड़ाही देखने में सुन्दर लगती है।
(ग) स्टेनलेस इस्पात की अपेक्षा ताँबा ऊष्मा का अच्छा चालक है।
(घ) स्टेनलेस इस्पात की अपेक्षा ताँबा को साफ करना अधिक आसान है।
उत्तर:
(ग) स्टेनलेस इस्पात की अपेक्षा ताँबा ऊष्मा का अच्छा चालक है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 4 ऊष्मा

HBSE 7th Class Science ऊष्मा Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

I. बहुविकल्पीय प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए

1. जब हम किसी गर्म वस्तु को छूते हैं तो हमें जलने का आभास क्यों होता है?
(क) ऊष्मा हमारे हाथ से गर्म वस्तु में चली जाती है।
(ख) ऊष्मा गर्म वस्तु से तीव्रता से हमारे हाथ में प्रवेश करती है।
(ग) ऊष्मा का कोई स्थानान्तरण नहीं होता है।
(घ) इनमें से कोई नहीं।
उत्तर:
(ख) ऊष्मा गर्म वस्तु से तीव्रता से हमारे हाथ में प्रवेश करती है।

2. हम बुखार का मापन कर सकते हैं
(क) प्रयोगशाला तापमापी से
(ख) डाक्टरी तापमापी से
(ग) सेल्सियस मापी से
(घ) ये सभी
उत्तर:
(ख) डाक्टरी तापमापी से

3. मानव शरीर का फारेनहाइट पैमाने पर ताप कितना होता हैं?
(क) 37°C
(ख) 50°C
(ग) 37°F
(घ) 97°F
उत्तर:
(घ) 97°F

4. निम्न में से ऊष्मा का कुचालक है
(क) लोहे की कील
(ख) ऐल्यूमिनियम की कढ़ाही
(ग) लकड़ी का हत्था
(घ) स्टील की कटोरी
उत्तर:
(ग) लकड़ी का हत्था

II. रिक्त स्थान

निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए
1. किसी वस्तु की ऊष्णता की विश्वसनीय माप उसके ………… से की जाती है।
2. थर्मामीटर को धोने के लिए किसी ………… घोल का उपयोग करना सुरक्षित रहता है।
3. ………… तापमापी का उपयोग शरीर ताप मापन के लिए उचित नहीं है।
4. किसी ठोस वस्तु में ऊष्मा का स्थानान्तरण ……………. कहलाता है।
उत्तर:
1. ताप
2. रोगाणुरोधी (प्रतिरोधी)
3. प्रयोगशाला
4. चालन।

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III. सुमेलन
कॉलम A तथा कॉलम B के शब्दों का मिलान कीजिए

कॉलम Aकॉलम B
1. धातु की ठोस वस्तु(a) संवहन
2. बर्तन में उबलता पानी(b) चालन
3. प्लास्टिक का तार(c) लकड़ी का हत्था
4. ऊष्मा रोधी(d) कुचालक

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. धातु की ठोस वस्तु(b) चालन
2. बर्तन में उबलता पानी(a) संवहन
3. प्लास्टिक का तार(d) कुचालक
4. ऊष्मा रोधी(c) लकड़ी का हत्था

IV. सत्य / असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य छाँटिए
1. ठोसों में ऊष्मा का चालन प्रायः संवहन द्वारा होता है।
2. बर्तन में रखे पानी को गर्म करने पर वह संवहन द्वारा उबलता है।
3. सुचालक पदार्थों में ऊष्मा का स्थानान्तरण आसानी से नहीं होता है।
4. तवे में लकड़ी का हत्था लगाने से हमारा हाथ जलता नहीं क्योंकि लकड़ी ऊष्मा की कुचालक है।
उत्तर:
1. असत्य
2. सत्य
3. असत्य
4. सत्य।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
सूर्य से हमें ऊष्मा कैसे प्राप्त होती है?
उत्तर:
सूर्य से हमें ऊष्मा विकिरण द्वारा प्राप्त होती है?

प्रश्न 2.
जब आप धूप में बाहर जाते हैं, आपको छाता प्रयोग करने की सलाह क्यों दी जाती है?
उत्तर:
छाता हमें सूर्य की तेज किरणों से बचाता है?

प्रश्न 3.
जल में ऊष्मा का वितरण किस प्रक्रम द्वारा होता है?
उत्तर:
संवहन द्वारा।

प्रश्न 4.
किसी बीकर या मग में थोड़ा गर्म जल लेकर तापमापी के बल्ब को इसमें डुबोया जाता है। थोड़ी देर पश्चात् आप क्या प्रेक्षण करेंगे? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
तापमापी में पारे का तल ऊपर उठा हुआ दिखाई देता है।

प्रश्न 5.
किसी वस्तु के ताप को ज्ञात करने के लिए क्या तापमापी का बल्ब उस वस्तु के सम्पर्क में आना आवश्यक होता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
हाँ, तापमापी किसी वस्तु का ताप तभी बताएगा जब उसका बल्ब वस्तु के सम्पर्क में हो।

प्रश्न 6.
डॉक्टरी थर्मामीटर को मुँह से बाहर निकाल लेने पर पारे का तल नीचे या ऊपर क्यों नहीं जाता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
डॉक्टरी थर्मामीटर में एक विभंग होता है जो पारे के तल को नीचे या ऊपर जाने से रोकता है।

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प्रश्न 7.
किसी डॉक्टरी थर्मामीटर का फिर से प्रेक्षण कीजिए। क्या आप बल्ब के पास कोई विभंग (किंक) देखते हैं? विभंग का क्या लाभ है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
हाँ, डॉक्टरी थर्मामीटर में विभंग होता है। यह पारे के तल को अपने आप नीचे गिरने से रोकता है।

प्रश्न 8.
डॉक्टरी थर्मामीटर में वह कौन-सी युक्ति होती है जो पारे को नीचे जाने से रोकती है?
उत्तर:
थर्मामीटर का विभंग।

प्रश्न 9.
हमें किसी वस्तु के गर्म होने का अनुभव कैसे होता है?
उत्तर:
गर्म वस्तु की ऊष्मा हमारे शरीर में स्थानान्तरित होने लगती है।

प्रश्न 10.
मानव शरीर का तापमान कितना होता है?
उत्तर:
मानव शरीर का सामान्य तापमान 37°C होता

प्रश्न 11.
प्रयोगशाला तापमापी का परिसर कितना होता है?
उत्तर:
प्रयोगशाला तापमापी का परिसर प्रायः – 10°C से 110°C होता है।

प्रश्न 12.
चालन किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह प्रक्रम जिसमें ऊष्मा किसी वस्तु के गर्म सिरे से ठंडे सिरे की ओर स्थानान्तरित होती है, चालन कहलाता है।

प्रश्न 13.
क्या सभी प्रकार के पदार्थों में ऊष्मा का संचरण समान होता है? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
नहीं, सभी पदार्थों में ऊष्मा का संचरण समान नहीं होता है।

प्रश्न 14.
वायु में ऊष्मा का स्थानान्तरण किस प्रकार होता है? धुआँ किस दिशा में जाता है?
उत्तर:
वायु में ऊष्मा का स्थानान्तरण संवहन द्वारा होता है। धुआँ ऊपर की ओर जाता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 4 ऊष्मा

लयु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
हमें गर्म एवं ठंडे पानी का अनुभव कैसे होता (क्रियाकलाप)
उत्तर:
जब हम अपने शरीर ताप से कम ताप की वस्तु को छूते हैं तब वह हमें ठंडी महसूस होती है क्योंकि हमारे हाथ से ऊष्मा वस्तु में जाने लगती है। जब हम शरीर ताप से अधिक ताप की वस्तु को छूते हैं तो वह हमें गर्म महसूस होती है क्योंकि ऊष्मा हमारे हाथ में प्रवेश करने लगती है।

प्रश्न 2.
यदि सर्दियों में आपको ‘एक मोटे कम्बल’ अथवा एक के ऊपर एक जुड़े दो पतले कम्बलों’ में से किसी एक का चुनाव करके उपयोग करने की छूट हो तो आप इनमें से किसे चुनेंगे और क्यों?
उत्तर:
हमें एक के ऊपर एक जुड़े दो पतले कम्बलों का चुनाव करना चाहिए। इसका कारण है कि दो कम्बलों को जोड़ने पर उनके बीच के स्थान में हवा भर जाती है। अर्थात् दोनों कम्बलों के बीच हवा की एक पर्त बन जाती है। हवा ऊष्मारोधी होती है। ऐसे कम्बल को ओढ़ने पर हवा की परत के कारण शरीर की ऊष्मा बाहर नहीं निकल पाती और हमारा शरीर गर्म रहता है।

प्रश्न 3.
सर्दियों में वस्त्र हमें गर्म बनाए रखते हैं क्यों?
उत्तर:
सर्दियों में हम ऊनी वस्त्र पहनते हैं। ऊन के अन्दर वायु फैसी होती है और वायु ऊष्मारोधी होती है। जब हम ऊनी वस्त्र पहनते हैं तो हमारे शरीर से निकलने वाली ऊष्मा बाहर स्थानान्तरित नहीं हो पाती। इसलिए ऊनी वस्त्र हमें गर्म बनाए रखते हैं।

प्रश्न 4.
किसी वस्तु का ताप क्यों बढ़ जाता है?
उत्तर:
सभी गर्म पिण्ड विकिरणों के रूप में ऊष्मा विकरित करते हैं। जब ये ऊष्मा विकिरण किसी अन्य वस्तु से टकराते हैं, तो इनका कुछ भाग परावर्तित हो जाता है, कुछ भाग अवशोषित हो जाता है तथा कुछ भाग पारगत हो सकता है। ऊष्मा के अवशोषित भाग के कारण वस्तु का ताप बढ़ जाता है।

प्रश्न 5.
खाना बनाने के बर्तनों की तली (बाहरी पृष्ठ) को प्रायः काला बनाया जाता है। क्यों? ।
उत्तर:
काला रंग ऊष्मा का सर्वाधिक अवशोषण करता है, इसीलिए खाना बनाने वाले बर्तनों को बाहर से काला कर दिया जाता है। जब इन बर्तनों को आग पर रखा जाता है तो काला पुता हुआ बर्तन अधिक से अधिक ऊष्मा अवशोषित करता है। फलस्वरूप खाना शीघ्र पक जाता है।

प्रश्न 6.
क्या ऐसे भवन बनाना सम्भव है, जिन पर बाहरी गर्मी या सर्दी का कोई प्रभाव न हो?
उत्तर:
हाँ, ऐसे भवन बनाना सम्भव है, जिन पर बाहरी गर्मी या सर्दी का प्रभाव न पड़े।

  • भवन को इस प्रकार बनवाया जाए कि दीवारों के बीच एक हवा की परत बन जाए।
  • भवन के अन्दर खोखली ईंटों का प्रयोग किया जाये।
  • गर्मी में भवन की बाहर से हल्के रंग से तथा सर्दी में गहरे रंग से पुताई की जाए।

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दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
थर्मामीटर को पढ़ने की विधि बताइए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
थर्मामीटर को पढ़ने के लिए सबसे पहले इसके किन्हीं दो क्रमागतं (एक के बाद एक) बड़े चिह्नों द्वारा निरूपित ताप के अंतर को नोट करते है। इन दोनों चिों के बीच भागों की संख्या (छोटे चिों द्वारा दर्शाए गए) को नोट करते हैं। मान लें कि दो बड़े चिह्नों के बीच एक डिग्री का अंतर है तथा इन चिह्नों के बीच पाँच भाग हैं। तब एक छोटे भाग का मान 1/5 °C अर्थात 0.2°C होगा।

उपयोग करने से पहले थर्मामीटर को अच्छी प्रकार धो लेते हैं। धोने के लिए किसी पूतिरोधी (रोगाणुरोधक) घोल का उपयोग करना सुरक्षित रहता है। अब इसे अपने हाथ में कसकर पकड़ते हैं और कुछ झटके देते हैं। झटके देने से पारे का तल नीचे आ जाएगा। सुनिश्चित करते हैं कि यह 35°C से नीचे आ गया है। अब थर्मामीटर के बल्ब को अपनी जीभ के नीचे रखते हैं। एक मिनट के पश्चात् थर्मामीटर को बाहर निकालते हैं और उसका पाठ्यांक नोट कर लेते हैं। यह हमारे शरीर का ताप है। ताप को सदैव इसके मात्रक, °C के साथ व्यक्त किया जाता है।

प्रश्न 2.
विभिन्न प्रकार के तापमापी उपकरणों को प्रयोग करते समय क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए ?
उत्तर:
(1) डॉक्टरी थर्मामीटर का उपयोग मानव शरीर का ताप मापने को छोड़कर किसी अन्य वस्तु का ताप मापने के लिए कभी नहीं करना चाहिए।
(2) थर्मामीटर को धूप तथा आग के पास नहीं ले जाना चाहिए।
(3) विभिन्न प्रयोजनों के लिए भिन्न-भिन्न तापमापी उपयोग करने चाहिए।
(4) प्रयोगशाला तापमापी का बल्ब चारों ओर से उस पदार्थ से घिरा होना चाहिए जिसका ताप मापना है। बल्ब बर्तन को नहीं छूना चाहिए। तापमापी को सदैव उर्ध्वाधर रखना चाहिए।
(5) यदि किसी कारण तापमापी टूट जाए तो उसके अन्दर के पारे का तुरन्त निस्तारण करना चाहिए क्योंकि पारा बहुत विषाक्त होता है।
(6) डॉक्टरी थर्मामीटर का प्रयोग करने से पहले एवं बाद में इसे किसी प्रतिरोधी द्रव से धोना चाहिए।
(7) थर्मामीटर को उसके बल्ब की ओर से नहीं पकड़ना चाहिए।

प्रश्न 3.
स्थल समीर एवं समुद्र समीर का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग एक मनोरंजक परिघटना का अनुभव करते हैं। दिन के समय स्थल (धरती) जल की अपेक्षा अधिक गर्म होता है। स्थल के ऊपर की वायु गर्म होकर ऊपर उठती है। इसका स्थान लेने के लिए समुद्र की ओर से ठंडी वायु स्थल की ओर बहती है। चक्र को पूरा करने के लिए स्थल की ओर से गर्म वायु समुद्र की ओर बहती है। समुद्र की ओर से आने वाली वायु को समुद्र समीर कहते हैं।

रात्रि में यह प्रक्रम ठीक विपरीत होता है। समुद्र का जल स्थल की अपेक्षा धीमी गति से ठंडा होता है। इसलिए स्थल की ओर से ठंडी वायु समुद्र की ओर बहती है और समुद्र की गर्म वायु स्थल की ओर आती है। इसे थल समीर कहते हैं।

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ऊष्मा Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ ताप – किसी वस्तु की ऊष्णता की कोटि को ताप कहते हैं।
→ तापमापी – ताप मापने के लिए उपयोग की जाने वाली युक्ति को तापमापी (थर्मामीटर) कहते हैं।
→ सेल्सियस स्केल – ताप मापने का एक मापक्रम जिसमें ताप °C में दर्शाया जाता है।
→ अधिकतम-न्यूनतम तापमापी – मौसम की रिपोर्ट में दिए गए अधिकतम तथा न्यूनतम तापों की जानकारी देने के लिए अधिकतम-न्यूनतम तापमापी का उपयोग किया जाता है।
→ अंकीय तापमापी – वह तापमापी जिस पर ताप अंकों में मापा जाता है।
→ चालन – वह प्रक्रिया जिसमें ऊष्मा गर्म वस्तु से ठंडी वस्तु की ओर प्रवाहित होती है।
→ चालक – ऐसे पदार्थ जो ऊष्मा को अपने से होकर प्रवाहित होने देते हैं, सुचालक कहलाते हैं।
→ कुचालक – ऐसे पदार्थ जो ऊष्मा को अपने से होकर प्रवाहित नहीं होने देते हैं। कुचालक कहते है। इन पदार्थों को ऊष्मारोधी भी कहते हैं।
→ संवहन – द्रवों में ऊष्मा के स्थानान्तरण को संवहन कहते
→ थल समीर – रात्रि में समुद्र के ऊपर की गर्म हवा ऊपर उठती है, इससे उत्पन्न कम दबाव के स्थल की ओर से समुद्र की ओर वायु बहना थल समीर कहलाता है।
→ समुद्र समीर – दिन के समय स्थल को गर्म हवा ऊपर उठती है और समुद्री हवा तेजी से स्थल की ओर आती है, -इसे समुद्र समीर कहते हैं।
→ विकिरण – विकिरण ऊष्मा का स्थानान्तरण है परन्तु इसके लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है।
→ पूतिरोधी – रोगाणु रोधक (ऐंटीसेप्टिक) ।
→ ताप किसी वस्तु की ऊष्णता की कोटि की माप है।
→ किसी वस्तु की उष्णता की कोटि ज्ञात करने के लिए हम सदैव अपनी स्पर्श-इंद्रिय पर विश्वास नहीं कर सकते।
→ तापमापी वह यंत्र है जिससे ताप मापा जाता है।
→ मानव शरीर का सामान्य ताप 37°C होता है।
→ डॉक्टरी थर्मामीटर का उपयोग शरीर का ताप मापने के लिए किया जाता है। इस थर्मामीटर का परिसर 35°C से 42°C होता है। अन्य कार्यों के लिए हम प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग करते हैं। इन तापमापियों का परिसर प्रायः -10°C से 110°C होता है।
→ प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग हमारे शरीर के तापमान को मापने के लिए उपयुक्त नहीं है।
→ कष्मा उच्च ताप के पिण्ड से निम्न ताप के पिण्ड की ओर स्थानान्तरित होती है। एक वस्तु से दूसरी वस्तु को ऊष्मा तीन प्रक्रों द्वारा स्थानांतरित हो सकती है। ये है, चालन, संवहन तथा विकिरण।
→ ठोसों में ऊष्मा, चालन द्वारा तथा द्रव व गैसों में उष्मा संवहन द्वारा स्थानान्तरित होती है।
→ जो पदार्थ अपने से होकर ऊष्मा को आसानी से प्रवाहित होने देते हैं, उन्हें ऊष्मा का चालक कहते हैं। जैसे-ऐलुमिनियम, आयरन, कॉपर आदि।
→ वे पदार्थ जो अपने से होकर ऊष्मा को आसानी से नहीं जाने देते, ऊष्मा के कुचालक कहलाते हैं।
→ कुचालकों को ऊष्मारोधी पदार्थ भी कहते हैं।
→ द्रवों में ऊष्मा के स्थानान्तरण को संवहन कहते हैं।
→ समुद्र की ओर से थल की ओर आने वाली वायु को समुद्र समीर कहते हैं तथा थल से समुद्र की ओर जाने वाली वायु को थल समीर कहते हैं।
→ सूर्य से ऊष्मा, पृथ्वी तक जिस प्रक्रम से आती है, उसे विकिरण कहते हैं।
→ गहरे रंग की वस्तुएँ हल्के रंग की वस्तुओं की अपेक्षा ऊष्मीय विकिरणों की अच्छी अवशोषक होती हैं। यही कारण है कि हम गर्मियों में हल्के रंग के वस्त्रों में अधिक आराम का अनुभव करते हैं।
→ सर्दियों में कनी वस्त्र हमें गरम रखते हैं। इसका कारण यह है कि ऊन ऊष्मारोधी है तथा इसके रेशों के बीच में वायु फंसी (ट्रैप) होती है।

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HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 3 रेशों से वस्त्र तकग

Haryana State Board HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 3 रेशों से वस्त्र तकग Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Science Solutions Chapter 3 रेशों से वस्त्र तकग

HBSE 7th Class Science रेशों से वस्त्र तकग InText Questions and Answers

बूझो / पहेली

प्रश्न 1.
बूझो को आश्चर्य होता है कि जब कोई उसके बालों को खींचता है, तो दर्द होता है, परन्तु जब वह बाल कटवाता है, तब दर्द नहीं होता है। ऐसा क्यों होता है?
उत्तर:
यदि कोई हमारे बाल खींचता है तो इससे दर्द इसलिए होता है, क्योंकि बालों की जड़ें त्वचा से जुड़ी होती हैं। लेकिन बालों को कटवाने में सिर्फ इनके सिरे ही काटे जाते हैं, जो कि मृत हैं इसलिए बाल कटवाने में दर्द का अनुभव नहीं होता है।

प्रश्न 2.
बूझो यह जानने को उत्सुक है कि सर्दियों में सूती कपड़े हमें उतना गर्म क्यों नहीं रख पाते हैं, जितना ऊनी स्वेटर रखता है।
उत्तर:
सूती कपड़े पतले होने के कारण इनमें हवा नहीं भरती। ऊन सूती कपड़ों की अपेक्षा मोटी होती है और इसके बीच जगह होती है जिसमें हवा भर जाती है। हवा ऊष्मा की कुचालक होने के कारण शरीर की ऊष्मा को बाहर नहीं जाने देती। इसलिए हमें सर्दियों में ऊनी कपड़े आरामदायक लगते हैं।

प्रश्न 3.
पहेली जानना चाहती है कि क्या कपास के धागे और रेशम के धागे की कताई और बुनाई एक ही प्रकार से की जाती है?
उत्तर:
नहीं, रेशम के धागे स्वतः ही काफी लम्बे होते

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 2 प्राणियों में पोषण

HBSE 7th Class Science रेशों से वस्त्र तकग Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
सम्भवतः आपने नर्सरी कक्षा में निम्नलिखित पंक्तियाँ पढ़ी होंगी
(क) ‘बा बा ब्लेक शीप हेव यू एनी वूल’
(ख) ‘मेरी हेड ए लिट्ल लैम्ब, हूज फ्लीस वाज व्हाइट एज स्नो’
ऊपर लिखी पंक्तियों के आधार पर यह बताइए कि
(1) ब्लैक शीप (काली भेड़) के किन भागों में ऊन होती है?
(i) मेमने (लैम्ब) के सफेद रोमों का क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
(क) (i) सामान्यतः भेड़ों की पीठ तथा पेट पर ऊन होती है।
(ख) (ii) मेमने के शरीर पर सफेद बाल पाए जाते हैं। इन्हें सफेद रोम भी कहते हैं। इनसे ऊन तैयार की जाती है।

प्रश्न 2.
रेशम कीट (अ) कैटरपिलर, (ब) लार्वा हैं। सही विकल्प चुनिए।
(क) केवल (अ)
(ख) केवल (ब)
(ग) (अ) और (ब)
(घ) न ही (अ) और न (ब)।
उत्तर:
(क) केवल (अ)।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से किससे ऊन प्राप्त नहीं होती?
(क) याक
(ख) ऊँट
(ग) बकरी
(घ) घने बालों वाला कुत्ता।
उत्तर:
(घ) घने बालों वाला कुत्ता।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित शब्दों का क्या अर्थ है?
(क) पालन
(ख) ऊन कटाई
(ग) रेशम कीट पालन
उत्तर:
(क) पालन-जन्तुओं को उनसे कुछ वस्तुओं की प्राप्ति के लिए उनकी देखभाल करना पालन कहलाता है।
(i) भेड़ो का पालना भड़ पालन है।
(ii) गड़रिए भड़ा को चराने ले जाते हैं।
(iii) भेड़ों को खिलाना, पिलाना, गर्मी, सर्दी से बचाना, इनकी सुरक्षा करना पालन के अंतर्गत आता है।

(ख) ऊन कटाई-भेड़ों के बालों को त्वचा से उतारने की प्रक्रिया ऊन की कटाई कहलाती है। भेड़ के बाल उतारने के लिए मशीन का प्रयोग किया जाता है। प्रायः बालों को गर्मी के मौसम में काटा जाता है। ऊन काटने से भेड़ को कोई हानि नहीं होती है।

(ग) रेशम कीट पालन-रेशम प्राप्त करने के लिए रेशम के कीटों का पाला जाना रेशम कीट पालन कहलाता है। रेशम कीट पालन एक पुराना व आर्थिक महत्व का व्यवसाय है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 2 प्राणियों में पोषण

प्रश्न 5.
ऊन के संसाधन के विभिन्न चरणों के क्रम में कुछ चरण नीचे दिये गये हैं। शेष चरणों को उनके सही क्रम में लिखिए।
ऊन कटाई, ………….., छंटाई …………, …………..।
उत्तर:
1, ऊन कटाई, 2, अभिमार्जन, 3. छैटाई, 4. रीलिंग, 5. रंगाई।

प्रश्न 6.
रेशम कीट के जीवन-चक्र की उन दो अवस्थाओं के चित्र बनाइए जो प्रत्यक्ष रूप से रेशम के उत्पादन से सम्बन्धित हैं।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 3 रेशों से वस्त्र तकग -1

प्रश्न 7.
निम्नलिखित में से कौन-से दो शब्द रेशम उत्पादन से सम्बन्धित हैं?
रेशम कीट पालन, पुष्प कृषि, शहतूत कृषि, मधुमक्खी पालन, वनवर्धन।
संकेत :
(i) रेशम उत्पादन में शहतूत की पत्तियों की खेती और रेशम कीटों को पालना सम्मिलित है।
(ii) शहतूत का वैज्ञानिक नाम मोरस एल्बा है।
उत्तर:
(i) रेशम कीट पालन
(ii) शहतूत की खेती।

प्रश्न 8.
कॉलम A में दिये शब्दों को कॉलम B में दिये गये वाक्यों से मिलाइए-

कॉलम Aकॉलम B
(क) अभिमार्जन(i) रेशम फाइबर उत्पन्न
(ख) शहतूत की पत्तियाँ(ii) ऊन देने वाला जंतु
(ग) याक(iii) रेशम कीट का भोजन
(घ) कोकून(iv) रीलिंग
(v) काटी गई ऊन की सफाई

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
(क) अभिमार्जन(v) काटी गई ऊन की सफाई
(ख) शहतूत की पत्तियाँ(iii) रेशम कीट का भोजन
(ग) याक(ii) ऊन देने वाला जंतु
(घ) कोकून(i) रेशम फाइबर उत्पन्न

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 2 प्राणियों में पोषण

प्रश्न 9.
इस पाठ पर आधारित एक वर्ग पहेली दी गई है। रिक्त स्थानों को उन अक्षरों से भरने । के लिए संकेतों का उपयोग करिए, जो अक्षर को पूरा करते है।
सीधे
2. कार्तित ऊन को अच्छी तरह से धोने का प्रक्रम
3. एक प्रकार का जांतव रेशा
6. लम्बी धागे जैसी संरचना जिससे बुनकर वस्त्र बनाते हैं।

ऊपर से नीचे
1. इससे बुने वस्त्र शरीर को गरम रखते हैं।
4. इसकी पत्तियों को रेशम कीट खाते हैं
5. रेशम कीट के अंडे से निकलते हैं।
उत्तर:
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 3 रेशों से वस्त्र तकग -2

HBSE 7th Class Science प्राणियों में पोषण Important Questions and Answers

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों में से सही विकल्प का चयन कीजिए

I. बहुविकल्पीय प्रश्न

1. निम्न में से कौन-सा जान्तव रेशा नहीं है?
(क) ऊन
(ख) रेशम
(ग) पटसन
(घ) ये सभी
उत्तर:
(ग) पटसन

2. भेड़ की रोंयेदार त्वचा पर कितने प्रकार के बाल होते
(क) एक प्रकार के
(ख) दो प्रकार के
(ग) तीन प्रकार के
(घ) चार प्रकार के
उत्तर:
(ख) दो प्रकार के

3. पश्मीना शालों को बनाने के लिए ऊन प्राप्त होती है
(क) भेड़ से
(ख) याक से
(ग) बकरी से
(घ) ऊँट से
उत्तर:
(ग) बकरी से

4. लामा एवं ऐल्पेको पाए जाते हैं
(क) भारत में
(ख) अफगानिस्तान में
(ग) चीन में
(घ) दक्षिण अमेरिका में
उत्तर:
(घ) दक्षिण अमेरिका में

5. कैटरपिलर का भोजन है
(क) सूक्ष्म कीट
(ख) फलों का रस
(ग) शहतूत की पत्तियाँ
(घ) मकरन्द
उत्तर:
(ग) शहतूत की पत्तियाँ

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 2 प्राणियों में पोषण

II. रिक्त स्थान निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थान भरिए

1. उन्नत नश्ल की भेड़ों को ………… द्वारा उत्पन्न किया जाता है।
2. आजकल अभिमार्जन ………… द्वारा किया जाता है।
3. कैटरपिलर अपने जीवन चक्र की अगली अवस्था में प्रवेश करने के लिए तैयार होता है तब यह …………. कहलाता है।
4. सबसे सामान्य रेशम कीट ………… है।
उत्तर:
1. वरणात्मक प्रजनन
2. मशीनों
3. प्यूपा/कोशित
4. शहतूत रेशम कीट।

III. सुमेलन कॉलम A तथा कॉलम B के शब्दों का मिलान कीजिए-

कॉलम Aकॉलम B
1. प्यूपा(a) सिल्क
2. मादा रेशम कीट(b) अण्डे
3. कैटरपिलर(c) रेशम
4. रेशम(d) शहतूत की पत्ती

उत्तर:

कॉलम Aकॉलम B
1. प्यूपा(c) रेशम
2. मादा रेशम कीट(b) अण्डे
3. कैटरपिलर(d) शहतूत की पत्ती
4. रेशम(a) सिल्क

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IV. सत्य / असत्य

निम्नलिखित वाक्यों में से सत्य एवं असत्य कथन छाँटिए
1, भेड़ शाकाहारी होती है और वह घास व पत्तियाँ खाना पसंद करती है।
2. कैटरपिलर को भोजन की आवश्यकता नहीं होती है।
3. ऊन ऊष्मा की कुचालक होती है।
4. रेशम स्टील के तार के समान ही मजबूत होता है।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य
3. सत्य
4. सत्य।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
हमें शरीर के कौन से बाल रूखे तथा कौन-से बाल मुलायम प्रतीत होते हैं? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
हमें सिर के बाल रूखे और शरीर के बाल मुलायम प्रतीत होते हैं।

प्रश्न 2.
क्या हमारी तरह जन्तुओं के शरीर पर भी दो प्रकार के बाल पाए जाते हैं? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
हाँ, जन्तुओं के शरीर पर भी दो प्रकार के बाल होते हैं।

प्रश्न 3.
जन्तुओं के इन दो प्रकार के बालों के नाम बताइए।
उत्तर:
(i) दाड़ी के रूखे बाल
(ii) त्वचा के मुलायम बाल।

प्रश्न 4.
हमें अंगोरा ऊन किस जानवर से प्राप्त होती है?
उत्तर:
अंगोरा ऊन अंगोरा नस्ल की बकरियों से प्राप्त की जाती है।

प्रश्न 5.
पश्मीना शॉलें कहाँ बनायी जाती हैं?
उत्तर:
कश्मीर में।

प्रश्न 6.
सर्दियों में भेड़ों से बाल क्यों नहीं उतारने चाहिए? (क्रियाकलाप)
उत्तर:
बाल भेड़ों को सर्दियों में ठंड से बचाते हैं। सर्दी में बाल उतरवाने के कारण भेड़ों को ठंड लग सकती है।

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प्रश्न 7.
कैटरपिलर किसे कहते हैं?
उत्तर:
रेशम कीट के अण्डों में से निकले हुए लार्वा – कैटरपिलर कहलाते हैं।

प्रश्न 8.
प्यूपा से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
जब कैटरपिलर अपने जीवन-चक्र की अगली अवस्था में प्रवेश करने के लिए तैयार होता है तो यह एक खोल में बंद हो जाता है, इसे प्यूपा कहते हैं।

प्रश्न 9.
रेशम के रेशे किस प्रकार उपयोगी हैं?
उत्तर:
रेशम फाइबर को रेशमी वस्त्र बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 10.
कृत्रिम रेशम और शुद्ध रेशम ऊन किन पदार्थों की बनी होती है। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
कृत्रिम रेशम रासायनिक पदार्थों की बनी होती है। जबकि शुद्ध रेशम तथा ऊन प्रोटीन की बनी होती है।

प्रश्न 11.
वरणात्मक प्रजनन किसे कहते हैं?
उत्तर:
जनकों के चयन करके प्रजनन कराने की प्रक्रिया को वरणात्मक प्रजनन कहते हैं।

प्रश्न 12.
जन्तुओं के शरीर पर घने बालों का क्या लाभ है?
उत्तर:
बाल जन्तुओं को ठंड से बचाते हैं।

प्रश्न 13.
सेरीकल्चर किसे कहते हैं?
उत्तर:
रेशम कीट पालन को सेरीकल्चर कहते हैं?

प्रश्न 14.
अभिमार्जन किसे कहते हैं?
उत्तर:
भेड़ से उतारे गये बालों की सफाई को अभिमार्जन कहते हैं?

प्रश्न 15.
रीलिंग किसे कहते हैं?
उत्तर:
कोकून से रेशे निकालने के बाद धागे बनाने की प्रक्रिया रीलिंग कहलाती है।

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लघु उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
भारत में पायी जाने वाली भेड़ों की कुछ प्रजातियों के नाम बताइए। उनसे प्राप्त होने वाली ऊन का प्रकार तथा किस राज्य में पायी जाती हैं? बताइए। (क्रियाकलाप)
उत्तर:
भेड़ों की भारतीय नस्ल

नस्लउन की गुणवत्ताराज्य जहाँ पाई जाती हैं
1. मारवाड़ीमोटी/रुक्ष ऊनगुजरात
2. लोहीअच्छी गुणवत्ता की ऊनराजस्थान, पंजाब
3. रामपुर बुशायरभूरी ऊनउत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश

प्रश्न 2.
कृत्रिम रेशम और प्राकृतिक रेशम में अन्तर लिखिए।
उत्तर:
कृत्रिम रेशम एवं प्राकृतिक रेशम में अन्तर

कृत्रिम रेशमप्राढृतिक रेशम
(i) कृत्रिम रेशम रासायनिक पदार्थों से बनता है।(i) प्राकृतिक रेशम, कीटों से प्राप्त होता है।
(ii) यह बहुत रूक्ष होता है।(ii) यह बहुत मुलायम होता है।
(iii) यह प्राकृतिक रेशम की अपेक्षा कमजोर होता है।(iii) यह बहुत मजबूत होता है।
(iv) इसे बनाने में कम समय लगता है।(iv) इसे बनाने में अधिक समय लगता है।
(v) इसे वृर्तिम रूप से चमकाया जाता है।(v) इसमें प्राकृतिक चमक होती है।

प्रश्न 3.
रेशम कीट पालन पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
मादा रेशम कीट एक बार में सैकड़ों अण्डे देती है। अण्डों को सावधानी से कपड़े की पट्टियों अथवा कागज पर संग्रहीत किया जाता है। संग्रहीत अण्डे रेशम कीट पालकों को बेच दिये जाते हैं। रेशम कीट पालक इन अण्डों को अनुकूल दशाओं एवं उचित ताप तथा आर्द्रता की स्थितियों में रखते हैं। अण्डों से निकले लार्वाओं को शहतूत की पत्तियाँ खिलाई जाती हैं।

प्रश्न 4.
कोकून से रेशम किस प्रकार प्राप्त किया जाता है?
उत्तर:
सबसे पहले रेशम कीट के कोकूनों का सावधानीपूर्वक चयन कर लिया जाता है। ध्यान रखा जाना चाहिए कि यदि कोकून से कीट कोकून को तोड़कर बाहर आ जाता है तो रेशम बेकार हो जाता है। एकत्र कोकून को गर्म पानी में डुबो दिया जाता है जिससे उनके अन्दर कीट मर जाते हैं। अब रेशम के तारों की रीलिंग कर ली जाती है।

प्रश्न 5.
ऊन उद्योग में व्यावसायिक संकट क्या है?
उत्तर:
ऊन उद्योग हमारे देश में अनेक व्यक्तियों के लिए जीविकोपार्जन का एक महत्वपूर्ण साधन है। लेकिन छंटाई करने वालों का कार्य जोखिम भरा है क्योंकि कभी-कभी वे एन्थ्रेक्स नामक जीवाणु द्वारा संक्रमित हो जाते हैं, जो एक घातक रक्त रोगकारक है। जिसे सॉर्टर्स रोग कहते हैं। किसी भी उद्योग में कारीगरों द्वारा ऐसे जोखिमों को झेलना व्यावसायिक संकट कहलाता है।

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 2 प्राणियों में पोषण

प्रश्न 6.
भेड़ के अलावा किन-किन जन्तुओं से ऊन प्राप्त की जाती है? ये कहाँ पाए जाते हैं?
उत्तर:
ऊन प्रदान करने वाले जन्तु
याक-यह तिब्बत और लद्दाख में पाया जाता है। अंगोरा बकरी-जम्मू एवं कश्मीर में पायी जाती है। ऊँट राजस्थान में पाया जाता है। लामा और ऐल्पेको ये दक्षिणी अमेरिका में पाए जाते हैं।

दीर्य उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
रेशों से ऊन संसाधित करने की प्रक्रिया समझाइए।
उत्तर:
रेशों से ऊन एक लम्बी प्रक्रिया द्वारा तैयार की जाती है। इसके प्रमुख चरण निम्न प्रकार हैं.
1. कटाई – सबसे पहले भेड़ के बालों को त्वचा की पतली परत के साथ शरीर से उतार लिया जाता है। इसके लिए मशीनें उपयोग की जाती हैं।
2. अभिमार्जन – त्वचा सहित उतारे गये बालों को टंकियों में डालकर अच्छी तरह से धोया जाता है जिससे उनकी चिकनाई, धूल और गर्द निकल जाए। यह क्रिया अभिमार्जन कहलाती है। आजकल मशीनों द्वारा भी अभिमार्जन किया जाता है।
3. छंटाई – इस प्रक्रिया के लिए बालों को कारखानों में भेज दिया जाता है। जहाँ विभिन्न गठन वाले बालों को छाँटा जाता है।
4. रेशों को छाँटना – बालों को सुखाने से पहले उनमें से कोमल व फूले हुए रेशों को छाँट लिया जाता है जो बर कहलाते हैं। इन्हें सुखाकर धागों के रूप में कातकर ऊन तैयार की जाती है।
5. रंगाई – अब रेशों की विभिन्न रंगों से रंगाई की जाती है।

प्रश्न 2.
रेशम कीट के जीवन-चक्र का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
रेशम कीट के नर एवं मादा कोट अलग-अलग होते हैं। ये दोनों ही पंख वाले होते हैं। मादा कीट शहतूत की पत्तियों पर एक बार में सौ से अधिक अण्डे देती है। अण्डों से रेशम कीट का लार्वा निकलता है जिसे कैटरपिलर कहते हैं। कैटरपिलर शहतूत की पत्तियों को खाता है और आकार में वृद्धि करता है। खूब पत्तियाँ खाकर यह अब शिथिल होने लगता है। अपनी उदर ग्रन्थि से यह प्रोटीन से बना पदार्थ स्रावित करके स्वयं को लगातार ढकता जाता है। इस प्रकार यह अपने ऊपर एक गोलाकार खोल बना लेता है। इस खोल सहित कीट को कोकून कहते हैं। कुछ समय पश्चात् पंखों वाला रेशम कीट कोकून को तोड़कर बाहर निकल आता है तथा पुनः अपना जीवन-चक्र प्रारम्भ करता है।
HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 3 रेशों से वस्त्र तकग -3

HBSE 7th Class Science Solutions Chapter 2 प्राणियों में पोषण

प्रश्न 3.
रेशम का संसाधन कैसे किया जाता है?
उत्तर:
रेशम का संसाधन:
रेशम फाइबर प्राप्त करने के लिए कोकूनों की बड़ी ढेरी का उपयोग किया जाता है। वयस्क कीट में विकसित होने से पहले ही कोकूनों को धूप में रखा जाता है अथवा पानी में उबाला जाता है या गर्म भाप में रखा जाता है। इस प्रक्रम में रेशम के फाइबर पृथक् हो जाते हैं। रेशम के रूप में उपयोग के लिए कोकून में से रेशे निकालने के पश्चात् उनसे धागे बनाने की प्रक्रिया रेशम की रीलिंग कहलाती है। रीलिंग विशेष मशीनों से की जाती है जो कोकून में से फाइबर या रेशों को निकालती हैं। फिर रेशम के फाइबरों की कताई की जाती है, जिससे रेशम के धागे प्राप्त हो जाते हैं। बुनकरों द्वारा रेशम के इन्हीं धार्गों से वस्त्र बुने जाते हैं।

रेशों से वस्त्र तकग Class 7  HBSE Notes in Hindi

→ जांतव रेशे – जन्तुओं से प्राप्त रेशे, जान्तव रेशे कहलाते हैं।
→ कर्तित ऊन – भेड़ की त्वचा के निकट अवस्थित तन्तु रूपी मुलायम बाल।
→ वरणात्मक प्रजनन – तंतुरूपी मुलायम बालों जैसे गुणों वाली भेड़ों के उत्पादन के लिए जनकों के चयन की प्रक्रिया।
→ ऊन कटाई – भेंड़ एवं अन्य जन्तुओं से बाल उतारना।
→ अभिमार्जन – जन्तुओं की त्वचा से उतारे गए बालों को साफ करने की प्रक्रिया।
→ रीलिंग – रेशों को सीधा करके उन्हें सुलझाने तथा लपेटकर धागे बनाने की प्रक्रिया।
→ रेशम कीट – एक प्रकार का कीट जिससे रेशम प्राप्त होता है।
→ सेरीकल्चर – रेशम कीट पालन।
→ कैटरपिलर – रेशम कीट के अण्डे से निकलने वाली इल्ली।
→ प्यूपा/कोशित/कोकून – रेशम कीट लार्वा स्वयं को सिल्क के रेशों से पूर्णतः ढक लेता है। यह आवरण प्यूपा/ कोशित/कोकून कहलाता है।
→ संसाधन – कोकून से रेशम के रेशों को पृथक् करके उनको साफ करना।

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