Author name: Prasanna

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 14 खानपान की बदलती तस्वीर

Haryana State Board HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 14 खानपान की बदलती तस्वीर Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 14 खानपान की बदलती तस्वीर

HBSE 7th Class Hindi खानपान की बदलती तस्वीर Textbook Questions and Answers

निबंध से

प्रश्न 1.
खान पान की मिश्रित संस्कृति से लेखक का क्या मतलब है ? अपने घर के उदाहरण देकर इसकी व्याख्या करें ।
उत्तर :
खान पान की संस्कृति से लेखक का मतलब यह है कि विभिन्न प्रकार के व्यंजनों को मिश्रित स्वरूप में अपनाया जाता है। इसमें जल्दी तैयार होने वाले व्यंजन हैं। प्रीतिभोजों और पार्टियों में प्लेट में ढेर सारे व्यंजन रख लिए जाते हैं। इससे हम कई बार चीजों का असली स्वाद नहीं ले पाते। सभी चीजों का स्वाद गड्डमड्ड हो जाता है। हमारे घर में उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय दोनों प्रकार के व्यंजन तैयार होते हैं। अब खान पान की हमारी कोई एक विशेष संस्कृति नहीं रह गई है। हम सभी प्रकार की चीजें खाते हैं।

प्रश्न 2.
खानपान में बदलाव के कौन से फायदे हैं ? फिर लेखक इस बदलाव को लेकर चिंतित क्यों हैं ?
उत्तर :
खान पान में बदलाव के फायदे

  • अब हमें एक प्रकार का खाना नहीं पड़ता, बल्कि उसमें विविधता का समावेश हो गया है। हम बदल-बदल कर खाना खा सकते हैं।
  • राष्ट्रीय एकता को बढ़ाने में मदद मिली है।
  • ‘फास्ट फूड’ तुरंत तैयार हो जाता है अत: समय की बचत होती है।

लेखक इस बदलाव को लेकर इसलिए चिंतित है क्योंकि अब स्थानीय खानों को लोग भूलते जा रहे हैं, वे बाजार से गायब हो रहे हैं। आधुनिकता के नाम पर हमने चीजें अपना ली हैं जो स्वाद और स्वास्थ्य की दृष्टि से हमारे अनुकूल नहीं हैं।

प्रश्न 3.
खान पान के मामले में स्थानीयता का क्या अर्थ है?
उत्तर :
खान पान के मामले में स्थानीयता का यह अर्थ है कि वे व्यंजन जो स्थानीय आधार पर बनते थे। कहीं पूड़ियाँ-कचौड़ियाँ-जलेबी बनती धीं, मथुरा के पेड़े प्रसिद्ध थे तो आगरा का पेठा-नमकीन। इन चीजों का अपना विशेष महत्त्व एवं स्वाद था। अब इनका प्रचलन घटता चला जा रहा है। हाँ, पाँच सितारा होटल इन्हें ‘एथनिक’ कहकर परोसने लगे हैं।

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निबंध से आगे

प्रश्न 1.
घर में बातचीत करके पता कीजिए कि आपके घर में क्या चीजें पकती हैं और क्या चीजें बनी-बनाई बाजार से आती हैं ? इनमें से बाजार से आनेवाली कौन-सी चीजें आपके माँ-पिता जी के बचपन में घर में बनती थी ?
उत्तर :
हमारे घर में निम्नलिखित चीजें पकती हैं – बाजार से आने वाली चीजें
दाल – समोसे
सब्जी – जलेबी
रोटी – पकौड़े
पूड़ी-कचौड़ी – बर्फी
खीर – खस्ता कचौड़ी
इनमें से जो चीजें माँ-पिताजी के बचपन में घर में बनती थींसमोसे, पकौड़े, बर्फी

प्रश्न 2.
यहाँ खाने, पकाने और स्वाद से संबंधित कुछ शब्द दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से देखिए और इनका वर्गीकरण कीजिएउबालना, तलना, भूनना, सेंकना, दाल, भात, रोटी, पापड़ आलू, बैंगन, खट्टा, मीठा, तीखा, नमकीन, कसैला

भोजनकैसे पकायास्वाद

उत्तर:

भोजनकैसे पकायास्वाद
दालउबालनास्वाद
भातउबालनानमकीन
रोटीसेंकनामीठा
पापड़सेंकनामीठा
आलूउबालनानमकीन
बैंगनभूननामीठा

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प्रश्न 3.
छोक, चावल, कड़ी
इन शब्दों में क्या अंतर है? समझाइए। इन्हें बनाने के तरीके विभिन प्रांतों में अलग-अलग हैं। पता करें कि आपके प्रांत में इन्हें कैसे बनाया जाता है।
उत्तर :
विद्यार्थी इनके बनाने के तरीक पता करे।

प्रश्न 4.
पिछली शताब्दी में खानपान की बदलती हुई तस्वीर का खाका खींचें तो इस प्रकार होगा
सन साठ का दशक – छोले-भटूरे
सन सत्तर का दशक – इडली, डोसा
सन अस्सी का दशक – तिब्बती (चीनी) खाना
सन नब्बे का दशक – पीजा, पाव भाजी

इसी प्रकार आप कपड़ों या पोशाकों की बदलती तस्वीर का खाका खींचिए।
सन साठ का दशक – सलवार-कुरता-साड़ी
सन सत्तर का दशक – चूड़ीदार पाजामा, टाइट कपड़े
सन अस्सी का दशक – पैंट, शर्ट, सूट
सन नब्बे का दशक – पैंट, जींस, टॉप।

प्रश्न 5.
मान लीजिए कि आपके घर कोई मेहमान आ रहे हैं जो आपके प्रांत का पारंपरिक भोजन करना चाहते हैं। उन्हें खिलाने के लिए घर के लोगों की मदद से एक व्यंजन-सूची ( मेन्यू) बनाइए।
उत्तर :
हम उत्तर भारत के हैं और मेहमान दक्षिण भारत से आ रहे हैं। हम उन्हें अपने प्रांत का यह पारंपरिक भोजन कराना चाहेंगे

  • पूड़ी-आलू-मटर की सब्जी
  • बूंदी का रायता
  • आलू-गोभी की सब्जी
  • छोले
  • आम का अचार
  • सलाद
  • गाजर का हलवा।

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HBSE 7th Class Hindi खानपान की बदलती तस्वीर Important Questions and Answers

अति लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
उत्तर भारत की कौन-सी संस्कृति पूरे भारत में फैल चुकी है?
उत्तर :
उत्तर भारत की ‘डान्बा संस्कृति’ लगभग पूरे देश में फैल चुकी है।

प्रश्न 2.
आजकल बड़े शहरों में किसका प्रचलन बढ़ गया है?
उत्तर :
आजकल बड़े शहरों में फास्ट फूड, चाइनीज नूडल्स, आलू-चिप्स का प्रचलन बढ़ गया है।

प्रश्न 3.
पहले ब्रेड कहाँ तक सीमित थी और अब कहाँ तक पहुंच चुकी है?
उत्तर :
पहले ब्रेड अंग्रेजी साहबों के ठिकानों तक सीमित थी और अब यह कस्बों के घरों तक जा पहुंची है।

प्रश्न 4.
मथुरा-आगरा की कौन-सी चीजें प्रसिद्ध रही
उत्तर :
मथुरा के पड़े और आगरा का दालमोठ-पेठा प्रसिद्ध रहा है।

प्रश्न 5.
आजकल खान-पान की जो संस्कृति बनी है, इसका सकारात्मक पक्ष क्या है?
उत्तर :
इसका सकारात्मक पक्ष यह है कि इसे गृहिणियाँ और काम-काजी महिलाएं जल्दी तैयार कर लेती हैं।

प्रश्न 6.
खान-पान की मिश्रित संस्कृति के कारण क्या गड़बड़ हो रही है?
उत्तर :
खान-पान की मिश्रित संस्कृति में खाने की चीजों का अलग-अलग स्वाद नहीं मिल पा रहा है।

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लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
दक्षिण भारत के कुछ व्यंजनों के नाम लिखिए।
उत्तर :
दक्षिण भारत के व्यंजन :
डोसा, इडली, बड़ा, रसमा

प्रश्न 2.
‘ढाबा’ संस्कृति से लेखक का क्या आशय है ?
उत्तर :
ढाबा संस्कृति से लेखक का यह आशय है कि सड़कों के किनारे बने ढाबों पर मिलने वाला खाना। ढाबों पर पंजाबी संस्कृति का खाना मिलता है। इसमें तंदूर की रोटियाँ, दाल, राजमा, कड़ी, चावल, अचार आदि होते हैं। तंदूर की रोटियों का अपना अलग ही स्वाद होता है।

प्रश्न 3.
‘टिफिन’ संस्कृति क्या है ?
उत्तर :
टिफिन में खाना रखकर ले जाना टिफिन संस्कृति है। स्कूलों के बच्चे टिफिन ले जाते हैं। दफ्तरों, कारखानों में काम करने वाले भी टिफिन ले जाते हैं या बने-बनाए खाने का टिफिन मंगाते हैं।

प्रश्न 4.
स्थानीय व्यंजनों का पुनरुद्धार क्यों आवश्यक है?
उत्तर :
अब धीरे-धीरे स्थानीय व्यंजन बाजारों और घरों से गायब होते चले जा रहे हैं। इससे हमारे खाने की पुरानी पहचान मिटती चली जा रही है। पांच सितारा होटल उन्हीं को ‘एथनिक’ कहकर पुकारने लगे हैं। अब इनके पुनः प्रचलित करने की -आवश्यकता है।

प्रश्न 5.
खान-पान की मिश्रित संस्कृति लेखक को अच्छी क्यों नहीं लगती?
उत्तर :
लेखक का कहना है कि इसमें चीजों का अलग और असली स्वाद नहीं आ पाता। सब गड्डमड्ड हो जाता है। कई बार प्लट म विपरीत प्रकृति के भोजन परास लिए जात है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रहता है।

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खानपान की बदलती तस्वीर गिद्यांशों पर अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न

1. पिछले दस-पंद्रह ……………….. नहीं रहे।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. इस गद्यांश के पाठ और लेखक का नाम बताइए।
2 खान-पान के बारे में क्या बताया गया है?
3. दक्षिण भारत के व्यंजन कौन-कौन से हैं?
4. उत्तर भारतीय भोजन में क्या-क्या होता है?
5. फास्ट फूड में क्या-क्या चीजें शामिल हैं?
उत्तर :
1.इस गद्यांश के पाठ का नाम है– खान-पान की बदलती हुई तस्वीर। लेखक का नाम- प्रयाग शुक्ला
2. खान-पान के बारे में यह बताया गया है कि पिछले 10-15 वर्षों में हमारी खान-पान की संस्कृति में बहुत बड़ा बदलाव आया है।
3. दक्षिण भारत के व्यंजन हैं-इडली, डोसा, बड़ा-साँभर, रसमा
4. उत्तर भारतीय व्यंजन हैं–रोटी-दाल-सब्जी-चावला
5. फास्ट फूड में ये चीजें शामिल हैं-नूडल्स, बर्गर।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. किस बात में बदलाव आया है?
(क) खान-पान की संस्कृति में
(ख) वेशभूषा में
(ग) सोचने-विचारने में
(घ) इन सभी में
उत्तर :
(क) खान-पान की संस्कृति में

2. ‘ढाबा संस्कृति’ कहाँ तक फैल चुकी है?
(क) दक्षिण भारत तक
(ख) उत्तर भारत तक
(ग) पूरे देश में
(घ) कहीं नहीं
उत्तर :
(ग) पूरे देश में

3. बड़े शहरों में किसका प्रचलन बढ़ा है?
(क) फास्ट फूड का
(ख) साँभर-डोसा का
(ग) दाल-रोटी का
(घ) खान-पान का
उत्तर :
(क) फास्ट फूड का

4. क्या चीज अब अजनबी नहीं रही?
(क) नूडल्स
(ख) दही-भल्ले
(ग) डोसा
(घ) छोले-भटूरे
उत्तर :
(क) नूडल्स

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2. खानपान की ……………………. दुःसाध्य है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. खान-पान की बदली संस्कृति का अधिक प्रभाव किस पर पड़ा है?
2. स्थानीय व्यंजनों की क्या दशा है?
3. इस गद्यांश में किन-किन स्थानीय व्यंजनों का उल्लेख हुआ है?
4. अब घरों में मौसम और ऋतुओं के अनुसार व्यंजन क्यों नहीं बन पाते?
उत्तर :
1. खान-पान की बदली हुई संस्कृति का सबसे अधिक प्रभाव नई पीढ़ी पर पड़ा है। यह स्थानीय व्यंजनों के बारे में बहुत कम जानती है।
2. स्थानीय व्यंजन घटकर कुछ चीजों तक ही सीमित रह गए हैं। लोग इन्हें भूलते जा रहे हैं।
3. इस गद्यांश में निम्नलिखित स्थानीय व्यंजनों के नाम आए हैं-

  • मुंबई की पाव-भाजी
  • दिल्ली के छोले-कुल्चे
  • मथुरा के पेड़े
  • आगरा का पेठा-नमकीन।

4. अब घरों में मौसम और ऋतुओं के अनुसार व्यंजन इसलिए नहीं बन पाते क्योंकि अब उन्हें इनको बनाने की फुरसत नहीं है। काम-काजी महिलाओं के लिए सामान तैयार करना और व्यंजन बनाना कठिन है।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. खान-पान की बदली संस्कृति ने किसे अधिक प्रभावित किया है?
(क) नई पीढ़ी को
(ख) पुरानी पीढ़ी को
(ग) सभी को
(घ) किसी को नहीं
उत्तर :
(क) नई पीढ़ी को

2. मुंबई की क्या चीज़ प्रसिद्ध खान-पान में है?
(क) छोले-भटूरे
(ख) पाव-भाजी
(ग) दाल-रोटी
(घ) डोसा-वड़ा
उत्तर :
(ख) पाव-भाजी

3. खान-पान की चीजों की किस बात में फर्क आया
(क) स्वाद में
(ख) गुणवत्ता में
(ग) दोनों में
(घ) किसी में नहीं
उत्तर :
(ग) दोनों में

4. ‘दुःसाध्य’ शब्द का सही अर्थ है
(क) जिसे साधना कठिन हो
(ख) जो करने में कठिन हो
(ग) जिसे किया ही न जा सके
(घ) जिसे साधा जा सके
उत्तर :
(क) जिसे साधना कठिन हो

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3. हम खान-पान ……… रही है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. खान-पान की नई संस्कृति का क्या लाभ है?
2 स्थानीय व्यंजनों का पुनरुद्धार क्यों जरूरी है?
3. क्या-क्या चोरों घरों-बाजारों से गायब हो रही है?
4. किन चीजों को होटलों पर नहीं छोड़ देना चाहिए?
उत्तर :
1. खान-पान की नई संस्कृति का यह लाभ है कि इससे राष्ट्रीय एकता की भावना पनपती है। खान-पान की चीजों के अलावा अन्य बातों की ओर भी हमारा ध्यान जाएगा।
2. स्थानीय व्यंजनों का पुनरुद्धार इसलिए जरूरी है क्योंकि इनका प्रचलन निरंतर घटता चला जा रहा है। इनको जानना और अपनाना आवश्यक हो गया है।
3. ये चीरों घरों और बाजारों से गायब हो रही है-पूड़ियाँ, . कचौड़ियाँ-जलेबियाँ, मौसमी सख्ती से भरे समोसे।
4. स्थानीय व्यंजनों को ‘एथनिक’ के नाम पर पाँच सितारा होटलों के ऊपर नहीं छोड़ देना चाहिए।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. खान-पान की नई संस्कृति का लाभ है
(क) एक-दूसरे को जानते हैं।
(ख) राष्ट्रीय एकता स्थापित होती है
(ग) दूसरी चीजों की ओर भी ध्यान जाएगा।
(घ) उपर्युक्त सभी लाभ
उत्तर :
(घ) उपर्युक्त सभी लाभ

2. किसका पुनरुद्धार जरूरी है?
(क) स्थानीय व्यंजनों का
(ख) नए व्यंजनों का
(ग) एथनिक का
(घ) किसी का नहीं
उत्तर :
(क) स्थानीय व्यंजनों का

3. ‘मौसमी सब्जियाँ’- रेखांकित शब्द क्या है?
(क) संज्ञा
(ख) सर्वनाम
(ग) विशेषण
(घ) क्रिया
उत्तर :
(ग) विशेषण

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4. अचरज नहीं ………………… अनुकूलित हैं।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. क्या बात अचरज नहीं है?
2. कड़वा सच क्या है?
3. नई खाद्य चीजें कैसी हैं?
उत्तर :
1. यह बात अचरज की नहीं है कि जो चीरों उत्तर भारत में गली-मुहल्लों की दुकानों पर आसानी से मिल जाया करती थीं, अब उन्हें खास दुकानों में तलाशना पड़ता
2. कड़वा सच यह है कि हमने आधुनिकता की होड़ में स्थानीय व्यंजनों के प्रयोग को छोड़ दिया है।
3. पश्चिम की नकल करते हुए हमने खाने-पीने की ऐसी बहुत-सी चीजें अपना ली हैं जो स्वाद और स्वास्थ्य की दृष्टि से हमारे अनुकूल नहीं हैं।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. अब पहले की आम चीजों को कहाँ तलाशा जाता
(क) खास दुकानों में
(ख) गली-मुहल्लों में
(ग) सामान्य दुकानों में
(घ) कहीं नहीं
उत्तर :
(क) खास दुकानों में

2. ‘आधुनिकता’ में ‘ता’ क्या है?
(क) उपसर्ग
(ख) प्रत्यय
(ग) मूल शब्द
(घ) सामान्य शब्द
उत्तर :
(ख) प्रत्यय

3. ‘अनुकूलित’ में किस प्रत्यय का प्रयोग है?
(क) अ
(ख) कूल
(ग) इतर
(घ) लित
उत्तर :
(ग) इतर

4. इस पाठ के लेखक हैं
(क) प्रयाग शुक्ल
(ख) रमापति शुक्ल
(ग) आचार्य शुक्ल
(घ) प्रयाग शर्मा
उत्तर :
(क) प्रयाग शुक्ल

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खानपान की बदलती तस्वीर Summary in Hindi

खानपान की बदलती तस्वीर पाठ का सार

इस पाठ में लेखक ने खानपान के क्षेत्र में आए बदलाव का चित्रण किया है। पिछले 10-15 वर्षों में खानपान की संस्कृति में काफी बदलाव दिखाई दिया है। अब दक्षिण भारत के व्यंजन इडली-डोसा-बड़ा-साँभर-रसम पूरे उत्तर भारत में मिलते हैं और खाए भी जाते हैं। ‘ढाबा’ संस्कृति भी सभी जगह दिखाई देती है। उत्तर भारतीय खाना रोटी-दाल-साग भी सभी जगह उपलब्ध है। अब तो ‘फास्ट फूड’ का चलन भी खूब बढ़ चला है। इसमें बर्गर, नूडल्स चीजें शामिल हैं। अब गुजराती व्यंजन ढोकला-गाठिया भी देश के सभी भागों में स्वाद लेकर खाए जाते हैं। बंगाली मिठाइयाँ भी सभी शहरों में मिल जाती हैं।

अंग्रेजी राज में प्रचलित ब्रेड नाश्ते के रूप में लाखों-करोड़ों घरों में सेंकी-तली जा रही है। खानपान की इस बदलती संस्कृति ने नई पीढ़ी को सबसे अधिक प्रभावित किया है। मुंबई की पाव-भाजी और दिल्ली के छोले-कुल्चे की अपनी दुनिया है। अब मथुरा के पेड़े और आगरा के पेठे-नमकीन में वह बात नहीं रह गई है। अब इनकी गुणवत्ता में अंतर आ गया है। अब कामकाजी महिलाओं के लिए खरबूजे के बीज सुखाना और छीलना फिर उनसे व्यंजन तैयार करना कठिन हो गया है। अब तो देसी-विदेशी वे व्यंजन अपनाए जा रहे हैं जिन्हें बनाने पकाने में सुविधा होती हो।

कई बार व्यंजन पुस्तिकाओं के आधार पर तैयार किए जाते हैं। इसके कुछ सकारात्मक पक्ष भी हैं। आजादी के बाद अब ‘टिफिन’ संस्कृति का प्रचार बढ़ा है। स्कूली बच्चे टिफिन ले जाते हैं। खानपान की नई संस्कृति में राष्ट्रीय एकता के बीज भी मिल जाते हैं। अब स्थानीय व्यंजनों के पुनरुद्धार की भी जरूरत है। इन्हें पाँच सितारा होटलों के लिए ही नहीं छोड़ देना चाहिए। अब पूड़ियाँ-कचौड़ियाँ-जलेबियाँ स्थानीय बाजारों से गायब हो रही हैं। मौसमी सब्जियों से भरे समोसे भी नहीं मिल पाते।

हमने पश्चिम की नकल में खाने की ऐसी बहुत सी चीजें अपना ली हैं जो स्वाद, स्वास्थ्य और सरसता की दृष्टि से हमारे अनुकूल नहीं हैं। खानपान की मिश्रित संस्कृति में हम कई बार चीजों का सही स्वाद नहीं ले पाते हैं। प्रीतिभोजों में चीजों का स्वाद गड्डमड हो जाता है। खाने की चीजों के चुनाव में हम सही लाभ न उठाकर विपरीत प्रकृति वाले व्यंजन खा लेते हैं। खानपान की मिश्रित-विविध संस्कृति को जाँचते रहना आवश्यक है।

खानपान की बदलती तस्वीर शब्दार्थ

ढाबा = रोटी की दुकान (Dhaba)। चाइनीस = चीन देश का (Chines)। अजनबी = अपरिचित (Unknown)। स्थानीय = स्थान विशेष का (Local)। विज्ञापित = विज्ञापन में दिखाया गया (Advertised)। विविधता = अनेक रूप या विभिन्न, अनेकता (Diversity)। मसलन = जैसे, यथा (AS)। साहबी ठिकानों तक = समृद्ध (अमीर) लोगों के घरों तक (Prosperous people)। कस्बा = नगर या गाँव (Town, village)। गृहिणी = वे महिलाएँ जो कहीं नौकरी नहीं करती (House wife)। कामकाजी ” काम-काज करने वाली महिलाएँ (Working Ladies)। भागमभाग = भागदौड़, जीवन की, व्यस्तता (Busy life) मिश्रित = मिली-जुली (Mixed)। बोली-बानी = बोलचाल की भाषा (Speaking Language)। पुनरुद्धार = फिर से ऊपर उठाना या फिर से छुटकारा (Renovation)। प्रचारार्थ = प्रचार के लिए (For publicity)। दुर्भाग्य = बदकिस्मती (Bad luck)। दुर्गति = बुरी हालत (Bad condition)। अचरज = आश्चर्य (Surprise)। तलाश = खोजा, ढूँढा (Invention)। कड़वा = असली, वास्तविकता (Bitter)। विनिहित . रखा हुआ (Captured).

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HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 13 एक तिनका

Haryana State Board HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 13 एक तिनका Textbook Exercise Questions and Answers.

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HBSE 7th Class Hindi एक तिनका Textbook Questions and Answers

कविता से

प्रश्न 1.
नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को सामान्य वाक्य में बदलिए।
जैसे-एक तिनका आँख में मेरी पड़ा-मेरी आँख में एक तिनका पड़ा।
[ देने लोग कपड़े की लगे-लोग कपड़े की मँठ देने लगे।]
(क) एक दिन जब था मुंडेरे पर खड़ा – ………….
(ख) लाल होकर आँख भी दुखने लगी – ……………
(ग) ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी – ……………
(घ) जब किसी ढब से निकल तिनका गया – ……………
उत्तर :
(क) एक दिन जब था मुंडेरे पर खड़ा – एक दिन मैं मुंडेर पर खड़ा था
(ख) लाल होकर आँख भी दुखने लगी – आँख लाल होकर दुखने लगी
(ग) ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी – बेचारी ऐंठ दबे पाँव भाग गई
(घ) जब किसी ढब से निकल तिनका गया – जब किसी ढब (उपाय) से तिनका निकल गया

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कविता से आगे

प्रश्न 2.
‘एक तिनका’ कविता में किस घटना की चर्चा की गई है, जिससे घमंड नहीं करने का संदेश मिलता है ?
उत्तर :
इस कविता में उस घटना की चर्चा की गई है जब कवि की आँख में एक तिनका गिर गया। उस तिनके के कारण कवि को बहुत बेचैनी का अनुभव हुआ। उसकी आँख लाल हो गई। जब किसी उपाय से तिनका निकला तभी उसे चैन पड़ा। इससे यह संदेश मिलता है कि व्यक्ति को स्वयं पर घमंड नहीं करना चाहिए। एक तुच्छ व्यक्ति या वस्तु भी हमारी परेशानी का कारण बन सकती है।

प्रश्न 3.
आँख में तिनका पड़ने के बाद घमंडी की क्या दशा हुई ?
उत्तर :
आँख में तिनका पड़ने के बाद घमंडी बेचैन हो गया। उसकी आँख लाल हो गई। उसे तब तक चैन नहीं पड़ा जब तक उसकी आँखों से तिनका निकल नहीं गया।

प्रश्न 4.
घमंडी की आँख से तिनका निकालने के लिए उसके आसपास लोगों ने क्या किया ?
उत्तर :
घमंडी की आँखों से तिनका निकालने के लिए उसके आसपास के लोगों ने कपड़े की मूंठ बनाकर उसकी आँख को सेंक पहुँचाने का उपाय किया जिससे उसके आँख की लाली कम हो सकी और आँख की पीड़ा घटी। इसी उपाय से उसकी आँख में पड़ा तिनका निकल सका।

प्रश्न 5.
‘एक तिनका’ कविता में घमंडी को उसकी ‘समझ’ ने चेतावनी दी-
ऐंठता तू किसलिए इतना रहा,
एक तिनका है बहुत तेरे लिए।

इसी प्रकार की चेतावनी कबीर ने भी दी है-
तिनका कबहूँ न निदिए, पाँव तले जो होय।
कबहूँ उड़ि आँखिन परै, पीर घनेरी होय।।
इन दोनों में क्या समानता है और क्या अंतर ? लिखिए।
उत्तर :
कबीर ने भी कहा कि हमें कभी भी तिनके (छोटे व्यक्ति) की भी बुराई नहीं करनी चाहिए क्योंकि यदि तिनका हमारी आँख में गिर जाए तो हमें बहुत तकलीफ देता है। छोटे-से-छोटे व्यक्ति या वस्तु का अपना महत्त्व होता है।

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HBSE 7th Class Hindi एक तिनका Important Questions and Answers

अति लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
इस कविता के रचयिता कौन हैं?
उत्तर :
इस कविता के रचयिता हैं-अयोध्यासिंह उपाध्याय हरिऔधा

प्रश्न 2.
कवि छत की मुंडेर पर किस भाव में खड़ा था?
उत्तर :
कवि छत की मुंडेर पर घमंड से भरे हुए भाव में खड़ा था।

प्रश्न 3.
कवि की आँख में क्या आ पड़ा?
उत्तर :
कवि की आँख में एक तिनका आ पड़ा।

प्रश्न 4.
तिनके से कवि की क्या हालत हो गई?
उत्तर :
तिनके से कवि बेचैन हो गया।

प्रश्न 5.
आस-पास के लोगों ने क्या उपाय किया?
उत्तर :
आस-पास के लोग कपड़े की मूंठ बनाकर आँख को सेंकने लगे।

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प्रश्न 6.
क्या तिनका आँख से निकल गया?
उत्तर :
हाँ, किसी तरह तिनका आँख से निकल गया।

प्रश्न 7.
तिनका कवि को क्या सिखा गया?
उत्तर :
तिनका कवि को यह सिखा गया कि घमंड करना बेकार है।

लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
“एक तिनका’ कविता का प्रतिपाद्य क्या है?
उत्तर :
‘एक तिनका’ कविता का प्रतिपाद्य यह है कि व्यक्ति को कभी भी स्वयं पर घमंड नहीं करना चाहिए। एक तुच्छ व्यक्ति या वस्तु भी व्यक्ति के घमंड को चूर कर देने में सक्षम है। एक तिनका तक व्यक्ति को परेशानी में डाल सकता है।

एक तिनका काव्यांशों की सप्रसंग व्याख्या

1. मैं घमंडों …………………….. तेरे लिए।

शब्दार्थ : घमंड – अहंकार (Proud)। अचानक = एकदम (Suddenly)। बेचैन = व्याकुल (Restless)। ढब = उपाय (Way)

सप्रसंग व्याख्या:
प्रसंग : प्रस्तुत कविता प्रसिद्ध कवि अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’द्वारा रचित है। इसे हमारी पाठ्यपुस्तक ‘वसंत भाग-2’ में संकलित किया गया है। इस कविता में नीति संबंधी बात बताई गई है।

व्याख्या : कवि बताता है कि एक दिन मैं घमंड की भावना से भरकर अपने आप में ऐंठा हुआ (अकड़ा हुआ) एक मुंडेर पर खड़ा था। तभी अचानक दूर से उड़ता हुआ एक तिनका मेरी आँख में आ गिरा।

इस तिनके ने मुझे बेचैन कर दिया। पहले तो मैं झिझका, फिर परेशान हो गया। तिनके के कारण आँख लाल हो गई और दुखने लगी। मेरे दुख को देखकर लोग कपड़े की मुंठ (गोलाकार रूप) बनाकर मेरी आँख को सेंकने लगे। तब मेरी अकड़ स्वतः ही भाग गई अर्थात् मेरा घमंड चकनाचूर हो गया।

उस समय किसी उपाय से मेरी आँख का तिनका तो निकल गया, पर मुझे अपनी भूल का अहसास हो गया। तब मेरी बुद्धि ने मुझे ताना मारते हुए कहा कि भला तू किसलिए ऐंठता था अर्थात् तेरा घमंड करना बेकार था। तेरे (अर्थात् कवि के) घमंड को चूर करने के लिए तो एक तिनका ही काफी है अर्थात् एक तुच्छ व्यवित या वस्तु भी हमें कष्टकर स्थिति में डाल सकती है। अत: व्यक्ति को स्वयं पर घमंड नहीं करना चाहिए।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. कवि कहाँ, किस मनः स्थिति में खड़ा था?
2 अचानक क्या हुआ?
3. तिनके ने कवि की हालत क्या कर दी?
4. तिनका कैसे निकला?
5. कवि को क्या बात समझ आ गई?
उत्तर:
1. कवि घमंड में भरा हुआ एक दिन छत की मुँडेर पर खड़ा था।
2. अचानक एक तिनका उड़कर कवि की आँख में गिर गया।
3. तिनके ने कवि को बेचैन कर दिया। उसकी आँख दुखने लगी।
4. कुछ लोगों ने कपड़े की मुंठ बनाकर कवि की आँख पर लगाई तब जाकर तिनका निकल पाया।
5. कवि को यह बात समझ आ गई कि आदमी को परेशान करने के लिए एक तिनका ही काफी है। अत: उसे किसी बात का घमंड नहीं करना चाहिए।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. इस कविता के रचयिता कौन हैं?
(क) अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’
(ख) कबीर
(ग) मैथिलीशरण गुप्त
(घ) रहीम
उत्तर :
(क) अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’

2. ‘ढब’ कैसा शब्द है?
(क) तत्सम
(ख) तद्भव
(ग) देशज
(घ) विदेशी
उत्तर :
(ग) देशज

3. इस कविता से क्या शिक्षा मिलती है?
(क) तिनका निकाल दो
(ख) घमंड मत करो
(ग) लोगों की मदद लो
(घ) तिनका बहुत है
उत्तर :
(ख) घमंड मत करो

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 13 एक तिनका

एक तिनका Summary in Hindi

एक तिनका कवि-परिचय

प्रश्न : अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ के जीवन एवं साहित्य का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर :
अयोध्यासिंह उपाध्याय का जन्म 1865 ई. में निजामाबाद जिला आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। इनके पिता का नाम श्री भोलासिंह था। आप वहीं तहसीली स्कूल में अध्यापक रहे तथा बाद में बीस वर्षों तक कानूनगो का काम बड़ी सच्चाई और ईमानदारी के साथ किया। 1923 से 1941 ई. तक आप काशी हिंदू विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के अवैतनिक प्राध्यापक रहे। 1945 ई. में हरिऔध जी स्वर्ग सिधार गए।

रचनाएँ :
हरिऔध जी बहुमुखी प्रतिभा संपन्न व्यक्ति थे। प्रिय प्रवास, वैदेही वनवास, रस कलश, चुभते चौपदे, चोखे चौपदे, परिजात आदि आपके प्रमुख काव्य ग्रंथ हैं। हरिऔध जी के काव्य के विषय हैं-लोकमंगल, समाज चेतना, प्रकृति चित्रण, करुणा एवं मानवीयता। उन्होंने ‘प्रियप्रवास’ तथा ‘वैदेही वनवास’ में श्रीकृष्ण तथा श्रज्ञी राम को एक नए रूप में हमारे सामने प्रस्तुत किया है।

हरिऔध जी शब्द शिल्पी व भाषा के जादूगर हैं। उनका खड़ी बोली तथा ब्रजभाषा दोनों पर पूरा अधिकार था। उन्होंने जहाँ संस्कृत के तत्सम शब्दों का भरपूर प्रयोग किया है वहाँ प्रचलित उर्दू के शब्दों का भी प्रयोग करके भाषा को एक नई शक्ति दी है।

एक तिनका कविता का सार

यह एक लघु कविता है। इसमें व्यक्ति को अहंकारी न बनने की प्रेरणा दी गई है। व्यक्ति को स्वयं को बहुत बड़ा नहीं समझना चाहिए। हर छोटी वस्तु का अपना महत्त्व होता है। एक तुच्छ प्रतीत होने वाला तिनका भी हमें परेशान कर सकता है। वह यदि आँख में पड़ जाए तो हमें बेचैन कर देता है। एक तिनका व्यक्ति को उसकी हैसियत बता देता है। एक बार एक तिनका कवि की आँख में जा पड़ा। वह बेचैन हो उठा, आँख भी लाल होकर दुखने लगी। लोग कपड़े की मूंठ बनाकर आँख को सेंकने लगे। सारी ऐंठ जाती रही। जब तिनका घमंड करना व्यर्थ है।

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HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 12 कंचा

Haryana State Board HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 12 कंचा Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 12 कंचा

HBSE 7th Class Hindi कंचा Textbook Questions and Answers

कहानी से

प्रश्न 1.
कंचे जब जार से निकलकर अप्पू के मन की कल्पना में समा जाते हैं, तब क्या होता है ?
उत्तर :
कंचा जब जार से निकलकर अप्पू के दिमाग में घुस आता है तो वह ये खेल दिखाता है उसके देखते-देखते जार बड़ा होने लगा। वह आसमान सा बड़ा हो गया तो वह भी उसके भीतर आ गया। वह कंचे चारों तरफ बिखेरता मजे में खेलता रहा। जब अप्पू के दिमाग में कंचा घुस जाता है तब मास्टर जी के द्वारा बना रेलगाड़ी का बॉयलर भी उसे कांच का जार नजर आता है। उसमें हरी लकीरवाले सफेद गोल कंचे भरे लगने लगे। वह इनसे जार्ज के साथ खेलने की कल्पना से खुश था।

प्रश्न 2.
दुकानदार और ड्राइवर के सामने अप्पू की क्या स्थिति है ? वे दोनों उसको देखकर पहले परेशान होते हैं, फिर हँसते हैं। कारण बताइए।
उत्तर :
दुकानदार ड्राइवर तथा माँ अप्पू की अजीब हरकतों एवं मन:स्थिति को देखकर खीझते हैं और परेशान होते हैं। दुकानदार को लगता है कि अप्पू कचों के जार को गिरा कर तोड़ देगा। ड्राइवर उसे बीच सड़क पर कंचे चुगता देखता है। वह हार्न की आवाज भी नहीं सुन रहा था। माँ भी अप्प के बस्ते में कंचे-हो-कचे देखती है। ये तीनों व्यक्ति पहली बार में उसकी दशा देखकर परेशान होते हैं, फिर वस्तुस्थिति समझकर हँसते हैं। बाद में वे उसकी दशा को समझ जाते हैं। तीनों जान जाते हैं कि अप्पू का कंचों के साथ बहुत लगाव है।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 12 कंचा

प्रश्न 3.
“मास्टर जी की आवाज़ अब कम ऊंची थी। वे रेलगाड़ी के बारे में बता रहे थे।” मास्टर जी की आवाज़ धीमी क्यों हो गई होगी ? लिखिए।
उत्तर :
जब मास्टर जी ने कक्षा के बच्चों को रेलगाड़ी का पाठ पढ़ाना शुरू किया था तब उनकी आवाज ऊँची थी। वे रेलगाड़ी के बारे में काफी बातें कह चुके तब उनकी आवाज कुछ धीमी हो गई। अब वे समझाने की मुद्रा में थे अत: उनकी आवाज धीमी हो गई होगी।

कहानी से आगे

1. कंचे, गिल्ली-डंडा, गेंदतड़ी (पिट्ठ) जैसे गली-मोहल्लों के कई खेल ऐसे हैं जो बच्चों में बहुत लोकप्रिय हैं। आपके इलाके में ऐसे कौन-कौन से खेल खेले जाते हैं ? उनकी एक सूची बनाइए।
उत्तर :

  • कंचे खेलना, गुल्ली-डंडा, गेंद खेलना। किसी एक खेल को खेले जाने की विधि का वर्णन भी कीजिए।
  • गुल्ली-डंडा : एक जगह गड्ढा सा बना लिया जाता है। उस पर गुल्ली रख दी जाती है। एक नुकीले डंडे से उसे ऊपर की ओर उछाला जाता है। कोई बच्चा उसे लपकता है और खिलाड़ी को आउट कर देता है।

HBSE 7th Class Hindi कंचा Important Questions and Answers

अति लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
अप्पू को दुकान के जारों में रखे कंचे ही क्यों आकर्षित करते हैं, अन्य चीजें क्यों नहीं?
उत्तर :
अन्य चीजें तो उसके पिताजी ला देते थे, कंचे उसने पहली बार देखे थे।

प्रश्न 2.
कंचों को देखकर सबसे पहले अप्पू क्या सोचता है?
उत्तर :
पहले ये कंचे दुकान में नहीं थे। शायद दुकानदार ने इन्हें तुरंत ही यहाँ रखा है।

प्रश्न 3.
कंचे का सबसे अच्छा खिलाड़ी कौन है?
उत्तर :
लड़कों के बीच जॉर्ज ही कंचों का अच्छा खिलाड़ी है।

प्रश्न 4.
मास्टर जी किसके बारे में समझा रहे थे?
उत्तर :
मास्टर जी रेलगाड़ी के हर एक हिस्से के बारे में समझा रहे थे।

प्रश्न 5.
पानी रखने की खास जगह को अंग्रेजी में क्या कहते हैं?
उत्तर :
बॉयलर।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 12 कंचा

लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
इस कहानी का शीर्षक ‘कंचा’ क्यों रखा गया है?
उत्तर :
इस कहानी में चर्चा का मुख्य विषय ‘कंचा’ ही है। कहानी का मुख्य पात्र अप्पू का मन कंचों में उलझ जाता है। वह हर समय कंचों के बारे में ही सोचता रहता है। सारी कहानी कंचे के इर्द-गिर्द ही घूमती है। अत: इस कहानी का शीर्षक ‘कंचा’ रखा गया है।

प्रश्न 2.
कंचा खरीदने में अप्यू किसकी मदद लेना चाहता है और क्यों?
उत्तर :
कंचा खरीदने में अप्पू जार्ज की मदद लेना चाहता है। जॉर्ज कंचों के खेल का सबसे अच्छा खिलाड़ी माना जाता है। उसे कोई हरा नहीं पाता। जार्ज हारे हुए खिलाड़ी की बंद मुट्ठी’ के जोड़ों की हड्डी को तोड़ देता है।

प्रश्न 3.
माँ ने अप्पू के बस्ते में क्या पाया?
उत्तर :
माँ को अप्पू के बस्ते में कंचे-ही-कंचे मिले। उसे यह देखकर हैरानी हुई। वह सोचने लगी कि यह इतने कंचे कहाँ से लाया?

प्रश्न 4.
इस कहानी के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है?
उत्तर :
इस कहानी के माध्यम से लेखक बालमन की कामना को दर्शाना चाहता है। बालक के मन में जो बात एक बार बैठ जाए, उसे वह पूरी करके रहता है। बालक का मन भोला होता है।

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प्रश्न 5.
जॉर्ज के कंचा खिलाड़ी के बारे में क्या बताया गया है?
उत्तर :
जॉर्ज कंचे का अच्छा खिलाड़ी है। चाहे कितना भी बड़ा लड़का उसके साथ कंचा खेले, उससे मात खाएगा। हारे हुए खिलाड़ी को अपनी बंद मुट्ठी जमीन पर रखनी पड़ती थी। तब जॉर्ज कंचा चलाकर बंद मुट्ठी के जोड़ों की हड्डी तोड़ता है।

प्रश्न 6.
मास्टर जी पाठ पढ़ाते हुए क्या समझा रहे थे?
उत्तर :
मास्टर जी पाठ में रेलगाड़ी के बारे में समझा रहे थे। वे बता रहे थे कि इसे भाप की गाड़ी भी कहते हैं क्योंकि यह यंत्र भाप की गाडी से चलता है। भाप का मतलब पानी से निकलती भाप से है। यह गाड़ी छुक-छुक करती है।

कंचा गद्यांशों पर अर्थग्रहण सम्बन्धी प्रश्न

1. वह चलते-चलते ……………….. रखा होगा।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. कौन, कहाँ पहुँचा?
2 उसने वहाँ क्या देखा?
3. उसका ध्यान किसने आकृष्ट किया?
4. कंचे कैसे थे?
उत्तर :
1. अप्पू नामक लड़का स्कूल की ओर जाते-जाते रास्ते में एक दुकान के सामने जा पहुंचा।
2. वहाँ उसने देखा कि एक अलमारी में काँच के बड़े-बड़े जार कतार में रखे हैं। उन जारों में चॉकलेट, पिपरमेंट और बिस्कुट थे। उसकी नज़र उन पर नहीं थी।
3. अप्पू का ध्यान एक नए जार ने आकृष्ट किया। उस जार में कंचे भरे थे। वह जार नया-नया ला कर रखा गया था।
4. जार के कंचे हरी लकीरवाले बढ़िया सफेद गोल थे। वे बड़े आँवले जैसे दिखाई देते थे।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. दुकान के सामने कौन पहुँचा?
(क) अप्पू
(ख) रामन
(ग) जॉर्ज
(घ) कोई लड़का
उत्तर :
(क) अप्पू

2. लड़के की नजर किस जार पर थी?
(क) चॉकलेट
(ख) बिस्कुट
(ग) पिपरमेंट
(घ) कंचे
उत्तर :
(घ) कंचे

3. जार में कैसे कंचे हैं?
(क) हरी लकीर वाले
(ख) गोल
(ग) आँवले जैसे
(घ) ये सभी
उत्तर :
(घ) ये सभी

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2. अरे हाँ! ………… में भी

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. जॉर्ज कौन है? वह स्कूल क्यों नहीं आया?
2. मास्टर जी कौन सा पाठ पढ़ा रहे थे?
3. मास्टर जी किस मुद्रा में बच्चों को समझा रहे थे?
4. मास्टरजी ने रेलगाड़ी के बारे में क्या बताया?
उत्तर :
1. जाज अप्पू की कक्षा में ही पढ़ता है। वह कंचे का सबसे अच्छा खिलाड़ी है। उसे आज बुखार है इसलिए वह स्कूल नहीं आया।
2. मास्टर जी ‘रेलगाड़ी’ का पाठ पढ़ा रहे थे।
3. मास्टर जी के हाथ में बेंत थी। उस बेंत से वे मेज़ को ठोककर ऊंची आवाज़ में बच्चों को पाठ समझा रहे थे।
4. मास्टर जी ने बच्चों को रेलगाड़ी के बारे में यह बताया कि इसे भाप की गाड़ी भी कहते हैं क्योंकि इसका यंत्र (इंजन) भाप की शक्ति से चलता है। भाप पानी से निकलती है। यह घरों के चूल्हों पर भी निकलती है।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. जॉर्ज को क्या है?
(क) बुखार
(ख) पेटदर्द
(ग) सिरदर्द
(घ) कुछ नहीं
उत्तर :
(क) बुखार

2. पुस्तक में कौन-सा पाठ खुला था?
(क) रेलगाड़ी का
(ख) भाप का
(ग) यंत्रों का
(घ) चूल्हे का
उत्तर :
(क) रेलगाड़ी का

3. मास्टर जी बीच-बीच में क्या कर रहे थे?
(क) बेंत से मेज़ ठोक रहे थे
(ख) ऊँची आवाज़ में बोल रहे थे
(ग) रेलगाड़ी के बारे में बता रहे थे
(घ) ये सभी काम कर रहे थे।
उत्तर :
(घ) ये सभी काम कर रहे थे।

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3. रोते-रोते …………….. समाप्त किया।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. कौन रो रहा था और क्यों?
2. बेंच पर खड़े-खड़े किसने, क्या सोचा?
3. कंचे किस प्रकार के थे?
4. मास्टर जी ने बच्चों से क्या पूछा?
उत्तर :
1. अप्पू रो रहा था। उसे मास्टर जी ने सभी के सामने बेंच पर खड़ा कर दिया था। सभी बच्चे उस पर हँस रहे थे।
2. बेंच पर खड़े-खड़े अप्पू ने सोचा कि सब को कंचे – दिखा दूंगा। जॉर्ज के आने पर ही वह कंचे खरीदेगा। इन हँसने वालों में से किसी को कंचे खेलने के लिए नहीं बुलाएगा।
3. कंचे खूबसूरत थे। वे हरी लकीरवाले सफेद गोल कंचे थे। ये आँवले जैसे बड़े थे।
4. मास्टर जी ने बच्चों से कहा कि यदि पाठ के बारे में किसी बच्चे को कोई भी शक हो तो वह पूछ ले। इसके बाद पाठ समाप्त हो गया।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. रामन, मल्लिका किसकी हँसी उड़ा रहे थे?
(क) जॉर्ज की
(ख) अप्पू की
(ग) कंचों को
(घ) सभी की
उत्तर :
(ख) अप्पू की

2. अप्पू जॉर्ज के आने पर क्या खरीदेगा?
(क) कंचे
(ख) किताबें
(ग) पेंसिले
(घ) कुछ नहीं
उत्तर :
(क) कंचे

3. अप्पू किसके बारे में सोच रहा था?
(क) बच्चों के बारे में
(ख) कंचों के बारे में
(ग) मास्टर जी के बारे में
(घ) अपने बारे में
उत्तर :
(ख) कंचों के बारे में

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4. दफ्तर में ………………. पैसे-दस पैसे।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. दफ्तर के बाहर भीड़ क्यों थी?
2 क्लर्क बाबू ने क्या कहा?
3. किस-किसने फीस जमा की?
4. अप्पू क्या सोच रहा था?
उत्तर :
1. दफ्तर के बाहर फीस जमा करने वालों की भीड़ जमा थी।
2. क्लर्क बाबू ने यह कहा सभी बच्चे एक-एक करके आएँ।
3. रामन, मल्लिका तथा अन्य बच्चों ने फीस जमा कराई।
4. अप्पु यह सोच रहा था कि मैं जॉर्ज को साथ ले जाकर दुकानदार से कंचे खरीद कर लाऊँगा। पता नहीं यह देगा भी या नहीं।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. दफ्तर में भीड़ किनकी थी?
(क) फीस जमा करने वालों की
(ख) किताबें खरीदने वालों की
(ग) नौकरी पाने वालों की
(घ) बच्चों की
उत्तर :
(क) फीस जमा करने वालों की

2. दूर कौन खड़ा था?
(क) अप्पू
(ख) रामन
(ग) जार्ज
(घ) अन्य
उत्तर :
(क) अप्पू

3. अप्पू अभी भी किसके बारे में सोच रहा था?
(क) फीस के बारे में
(ख) कंचों के बारे में
(ग) लड़कों के बारे में
(घ) किसी के बारे में
नहीं
उत्तर :
(ख) कंचों के बारे में

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5. कागज की ……………. रहे हैं।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. कागज़ की पोटली में क्या था?
2. पोटली को लिए कौन, कहाँ चला जा रहा था?
3. उसका जी क्या चाहता था?
4. पोटली खुलने पर क्या हुआ?
उत्तर :
1. कागज की पोटली (पुड़िया) में कंचे थे। ये व कंचे थे जो अप्पू ने दुकानदार से खरीदे थे।
2. कंचों की पोटली लिए हुए अप्पू नीम के पेड़ों की छाँव के नीचे चला जा रहा था।
3. अप्पू का जी हो रहा था कि उसे कंचों का पूरा जार मिल जाता तो कितना अच्छा होता। वह जार को छूना चाहता था।
4. कागज़ की पोटली खुलने पर सारे कंचे बिखर गए और सड़क के बीचोंबीच फैल गए।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. अब कंचे कहाँ थे?
(क) कागज़ की पोटली में
(ख) जेब में
(ग) जार में
(घ) मुँह में
उत्तर :
(क) कागज़ की पोटली में

2. अप्पू का जी क्या चाहता था?
(क) पूरा जार उसे मिल जाता
(ख) उसे सारे कंचे मिल जाते
(ग) कंचों को छूना चाहता था
(घ) ये सभी काम
उत्तर :
(क) पूरा जार उसे मिल जाता

3. अप्पू को क्या शक हुआ?
(क) क्या मेरे पास पूरे कंचे हैं?
(ख) क्या सभी कंचों में लकीर होगी?
(ग) क्या जॉर्ज मुझे कंचे देगा?
(घ) क्या कोई मेरे कंचे छीन लेगा?
उत्तर :
(ख) क्या सभी कंचों में लकीर होगी?

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कंचा Summary in Hindi

कंचा कहानी का सार

अप्पू नीम के पेड़ों की छाया के नीचे से होते हुए सियार की कहानी का मजा लेता आ रहा था। उसका बस्ता झूल रहा था। कहानी में सियार कौए से बोलता है-‘कौए. तुम्हारा गाना सुनने के लिए तरस रहा हूँ, गाओ।’ कौआ मुँह खोलता है और उसके मुँह में दबा रोटी का टुकड़ा नीचे गिर जाता है। सियार उसे उठाकर ‘भाग जाता है। कौआ बड़ा बुद्ध निकला।

अप्पू चलते-चलते एक दुकान के सामने जा पहुँचा। वहाँ एक जार में हरी लकीर वाले सफेद कंचे भरे हुए थे। लड़के को वे कंचे बड़े खूबसूरत लगे। उसके दिल-दिमाग पर वे कंचे छाने लगे। दुकानदार ने उससे पूछा कि क्या कंचा चाहिए ? तो लड़का ‘न’ में सिर हिला देता है। वह चाहता तो कंचा ले सकता था। स्कूल की घंटी सुनकर वह बस्ता थामे हुए दौड़ पड़ा। वह चुपचाप पीछे की बेंच पर बैठ गया। रामन अगली बेंच पर, तीसरी बेंच पर मल्लिका और अम्मु हैं। लड़कों में जार्ज कंचे का सबसे अच्छा खिलाड़ी है। जार्ज को बुखार है अत: वह आज नहीं आया। मास्टर जी के आने पर उसने पुस्तक खोलकर सामने रख ली। पृष्ठ 37 पर रेलगाड़ी का पाठ था।

मास्टर जी बेंत से मेज को ठोकते हुए रेलगाड़ी के बारे में बता रहे थे कि यह भाप की शक्ति से चलती है। अप्पू ने सोचा कि रेलगाड़ी तो उसने भी देखी है। अप्पू की अभी भी काँच के कंचे याद आ रहे थे। वह उन्हीं के बारे में सोच रहा था। मास्टर जी ने उसे टोका भी और पूछा कि मैं अभी किसके बारे में बता रहा था। अप्पू ने कहा-‘कंचा’। मास्टर जी ने उसे बेंच पर खड़ा कर दिया। सब उसकी हँसी उड़ा रहे थे। अप्पू के दिल-दिमाग में अभी भी कंचे थे। हरी लकीर वाले गोल, आँवले जैसे कंचे। मास्टर जी ने पाठ समाप्त किया। कई छात्रों ने अपनी शंका का समाधान कर लिया। अप्पू सोच रहा था कि कंचों में कितने पैसे लगेंगे।

फिर मास्टर जी ने कहा कि जो फीस लाए हैं वे ऑफिस में जाकर जमा करा दें। बहुत से छात्र फीस जमा कराने गए। अप्पू के पिता ने उसे डेढ़ रुपया फीस जमा कराने के लिए दिया था। वह बेंच से उतरा, पर मास्टर जी ने उसको रोक दिया। वह बेंच पर चढ़कर रोने लगा। फिर वह दफ्तर गया। वहाँ भीड़ थी। अप्पू दूर खड़ा रहा। वह अभी भी जार्ज के साथ जाकर कंचे लेने की बात सोच रहा था। वह पैसों का हिसाब लगा रहा था। उसने फीस जमा नहीं की। वह बस्ता कंधे पर लटकाए चलने लगा।

कंचों की दुकान नजदीक आ रही थी। दुकानदार भी उसके इंतजार में था। दुकानदार जार का ढक्कन खोलने लगा तो अप्पू ने पूछा-कंचे अच्छे तो हैं ? दुकानदार ने कहा-बढ़िया, फर्स्टक्लास कंचे हैं। तुम्हें कितने कंचे चाहिए ? अप्पू ने एक रुपया पचास पैसे दिखाए। दुकानदार इतने पैसे देखकर चौंका। पहले कभी किसी लड़के ने इतनी बड़ी रकम से कंचे नहीं खरीदे थे। अप्पू कागज की पोटली छाती से चिपकाए नीम के पेड़ों की छाँव में चलने लगा। कंचे उसकी हथेली में थे। उसने पोटली को हिलाकर देखा। उसने पोटली खोलकर देखना चाहा तो सारे कंचे बिखर गए। वह उन्हें चुनने लगा। वह कंचे बस्ते में डालने लगा। एक कार सड़क पर ब्रेक लगा रही थी, पर अप्पू कंचे चुनने में व्यस्त था। अप्पू ने ड्राइवर को कंचा दिखाया, वह बहुत खुश हुआ।

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अप्पू घर लौट आया। माँ शाम की चाय तैयार करके उसकी राह देख रही थी। अप्पू माँ के गले लग गया। माँ ने देखा कि बस्ते में कंचे ही कंचे थे। माँ समझ गई कि फीस के पैसों से अप्पू ने कंचे खरीद लिए हैं। माँ की पलकें भीग गईं। अप्पू ने पूछा-क्या कंचे अच्छे नहीं हैं ? माँ ने उसका मन रखने के लिए कहा-बहुत अच्छे लगते हैं। दोनों हँस पड़े। अब अप्पू के दिल से खुशी छलक रही थी।

कंचा शब्दार्थ

केंद्रित = एक स्थान पर ध्यान (Centred)। नौ-दो ग्यारह होना = भाग जाना (Run away)। आकृष्ट आकर्षित (Attract)! निषेध = नकारना, मना करना (Forebidden)। स्पर्श = छूना (To touchy। यंत्र = मशीन (Machine)। भूचाल भूकंप (Earthquake)। सुबकता = रोता (Weeping)। शंका = शक (Doubt) चिकोटी = चुटकी (Pinching)।धीरज-धैर्य(Patience)। सटाए = चिपकाए (To stick)। अहसास = अनुभव (Feeling)। समाप्त – खत्म (Finished)। इंतजार = बाट देखना (Wait)।

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HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 11 रहीम की दोहे

Haryana State Board HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 11 रहीम की दोहे Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 11 रहीम की दोहे

HBSE 7th Class Hindi रहीम की दोहे Textbook Questions and Answers

दोहे से

प्रश्न 1.
पाठ में दिए गए दोहों की कोई पंक्ति कथन है और कोई कथन को प्रमाणित करनेवाला उदाहरण। इन दोनों प्रकार की पंक्तियों को पहचान कर अलग-अलग लिखिए।
उत्तर :
वास्तविकता का वर्णन करने वाले दोहे कहि रहीम संपति सर्ग, बनत बहुत बहु रीति। विपति कसौटी जे कसे, तेई साँचे मीत।। अन्य सभी दोहे उदाहरण के माध्यम से संदेश देते हैं खैर खून खाँसी खुसी, और प्रीति मदपान। रहिमन दा न दवें, जानत सकल जहाना। जाल परे जल जात बहि, तजि मीनन को मोह। रहिमन मछरी नीर को, तऊ न छाँड़ति छोह।। तरुवर फल नहिं खात है, सरवर पियत न पान। कहि रहीम परकाज हित, संपति-संचहि सुजान।। थोथे बादर पवार के, ज्यों रहीम पहरात। धनी पुरुष निर्धन भए, करें पाछिली बात।। धरती की-सी रीत है, सीत घाम औं मेह जैसी परे सो सहि रहे. त्यों रहीम यह देह।

प्रश्न 2.
रहीम ने क्वार के मास में गरजनेवाले बादलों की तुलना ऐसे निर्धन व्यक्तियों से क्यों की है जो पहले कभी धनी थे और बीती बातों को बताकर दूसरों को प्रभावित करना चाहते हैं? दोहे के आधार पर आप सावन के बरसने और गरजनेवाले बदलों के विषय में क्या कहना चाहेंगे?
उत्तर :
रहीम ने आश्विन (क्वार) के महीने में आकाश में छाने वाले बादलों की तुलना निर्धन हो गए व्यक्तियों से इसलिए की है क्योंकि दोनों बड़बड़ा कर रह जाते हैं, कुछ कर नहीं पाते। बादल बरस नहीं पाते, निर्धन व्यक्ति का धन लौटकर नहीं आता।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 11 रहीम की दोहे

दोहों से आगे

प्रश्न 1.
नीचे दिए गए दोहों में बताई गई सच्चाइयों को यदि हम अपने जीवन में उतार लें तो उनके क्या लाभ होंगे? सोचिए और लिखिए :
(क) तरुवर फल ………………. सहि सुजान।।
(ख) धरती की-सी ………” यह देह।।
उत्तर :
(क) हम परोपकारी बन जाएँगी, लालच त्याग देंगे।
(ख) यदि हम इस दोहे के वर्णित यथार्थ को जीवन में स्वीकार कर लें तो हम कभी दुःखी नहीं रहेंगे। हम हर स्थिति में संतुष्ट रहेंगे।

HBSE 7th Class Hindi रहीम की दोहे Important Questions and Answers

अति लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
सच्चा मित्र कब साथ नहीं छोड़ता?
उत्तर :
सच्चा मित्र विपत्ति काल में साथ नहीं छोड़ता।

प्रश्न 2.
परोपकार की शिक्षा किन-किनके उदाहरण से मिलती है?
उत्तर :
तरुवर (पेड़) और सरवर (तालाब) के उदाहरण से।

प्रश्न 3.
किस मास के गरजने वाले बादल व्यर्थ हैं?
उत्तर :
क्वार मास के गरजने वाले बादल व्यर्थ हैं।

प्रश्न 4.
धरती हमें क्या शिक्षा देती है?
उत्तर :
धरती हमें सहनशीलता की शिक्षा देती है।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 11 रहीम की दोहे

लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
रहीम ने सच्चे मित्र की क्या पहचान बताई है?
उत्तर :
रहीम ने सच्चे मित्र की यह पहचान बताई है कि वह विपत्ति की घड़ी में हमारे साथ खड़ा रहता है। जो मित्र विपत्ति की कसौटी पर खरा उतरता है, वही सच्चा मित्र है।

प्रश्न 2.
रहीम के दोहों से अनुप्रास अलंकार के उदाहरण छाँट कर लिखिए।
उत्तर :
अनुप्रास अलंकार के उदाहरण :

  1. बनत बहुत बहु रोति। (‘व’ वर्ण की आवृत्ति)
  2. खैर खून खाँसी खुसी (‘ख’ वर्ण की आवृत्ति)
  3. जाल पर जल जात (‘ज’ वर्ण की आवृत्ति)
  4. छाँडति छोह (‘छ’ वर्ण की आवृत्ति)
  5. संपत्ति संचहि सुजान (‘स’ वर्ण की आवृत्ति)।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 11 रहीम की दोहे

रहीम की दोहे दोहों की सप्रसंग व्याख्या

1. कहि रहीम ……….. साँचे मीत॥

शब्दार्थ : संपत्ति सगे = धन होने पर अपने (Wealth)। बहुत रीत = तरह-तरह से (Different type)। विपत्ति = मुसीबत (Trouble)। कसौटी = जाँच (Test)। कसे = जो कसा जाए,खरा उतरे (Tested)।

सप्रसंग व्याख्या:
प्रसंग : प्रस्तुत दोहा रहीमदास द्वारा रचित है।

व्याख्या : रहीम कहते हैं कि जब धन मनुष्य के पास रहता है तब अनेक प्रकार के लोग सगे-संबंधी और रिश्तेदार बनने लगते हैं पर ऐसे लोगों को सच्चा मित्र नहीं कहा जा सकता। सच्चा मित्र तो वही होता है, जो मुसीबत रूपी कसौटी पर खरा उतरता है। जैसे खरा सोना कसौटी के पत्थर पर खरा उतरता है, उसी प्रकार सच्चा मित्र हर विपत्ति की घड़ी में साथ निभाता है।

विशेष : ‘विपत्ति-कसौटी’ में रूपक अलंकार है। ‘बनत बहुत बहु’ में अनुप्रास अलंकार है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. लोग कब सगे बनने का प्रयास करते हैं?
2. सच्चा मित्र कौन होता है?
उत्तर:
1. जब किसी के पास धन-सम्पत्ति होती है तब लोग उसके सगे बनने का प्रयास करते हैं।
2. सच्चा मित्र वह होता है जो विपत्ति की कसौटी पर खरा उतरता है अर्थात् मुसीबत के समय काम आता है।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. ‘संपत्ति सगे’ में किस अलंकार का प्रयोग है?
(क) अनुप्रास
(ख) पुनरुक्ति
(ग) यमक
(घ) श्लेष
उत्तर :
(क) अनुप्रास

2. साँचा मीत किसे कहा गया है?
(क) विपति की कसौटी पर खरा उतरने वाला
(ख) सच बोलने वाला
(ग) संपत्ति हड़पने वाला
(घ) मिलने वाला
उत्तर :
(क) विपति की कसौटी पर खरा उतरने वाला

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 11 रहीम की दोहे

2. खैर खून ………………… सकल जहान॥

शब्दार्थ : खैर – कत्था (Catechu)। बैर – शत्रुता (Enmity)। प्रीति = प्रेम (Love)। मदपान = शराब पीना (Drinking alcohol)। दाबै ” दबाने से (To press)। सकल = सारा (Whole)। जहान = संसार (I World)!

सप्रसंग व्याख्या:
प्रसंग : प्रस्तुत दोहा रहीमदास द्वारा रचित है। इसमें नीति संबंधी बात बताई गई है।

व्याख्या : रहीमदास बताते हैं कि कत्था, खून, खाँसी, खुशी, शत्रुता और प्रेम तथा शराब पीना दबाने या छिपाने से दबते-छिपते नहीं हैं। इनको सारा संसार जान ही जाता है। पान में कत्थे का रंग लाली लाता ही है. खून दिख जाता है, खाँसी रोकी या छिपाई नहीं जा सकती, बैर-प्रीति भी प्रकट होकर रहती है. शराबी की चाल भी उसका पता बता देती है। इनको दबाया नहीं जा सकता।

विशेष : ‘ख’ वर्ण की आवृत्ति के कारण अनुप्रास अलंकार का प्रयोग हुआ है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. किस-किसको दबाया नहीं जा सकता?
2 ‘जानत सकल जहान’ का क्या अर्थ है?
उत्तर:
1. कत्था, खून, खाँसी, खुशी, बैर-प्रीति और मदिरा सेवन को दबाया नहीं जा सकता।
2. इसका अर्थ है– इस बात को सारा संसार जानता है।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. ‘खैर खून खाँसी खुसी’ में किस अलंकार का प्रयोग है?
(क) पुनरुक्ति
(ख) अनुप्रास
(ग) यमक
(घ) श्लेष
(ख) अनुप्रास

2. ‘जहान’ शब्द किस भाषा का है?
(क) हिंदी का
(ख) उर्दू का
(ग) पंजाबी का
(घ) अंग्रेजी का
उत्तर :
(ख) उर्दू का

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 11 रहीम की दोहे

3. जाल परे ………………… छाँड़ति छोह॥

शब्दार्थ : तजि – त्यागना (To leave)। मीन – मछली (Fish)। नीर – पानी (Water)। छाँड़ति – छोड़ती (To leave)।

सप्रसंग व्याख्या:
प्रसंग : प्रस्तुत दोहा रहीमदास द्वारा रचित है।

व्याख्या : जब नदी या तालाब के पानी में जाल पड़ता है तब पानी तो मछलियों का मोह त्याग कर बह जाता है लेकिन मछली तब भी पानी का मोह नहीं त्यागती। वह या तो पानी में ही रहती है या पानी के बिना अपने प्राण त्याग देती है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. ‘जल को मछलियों से कोई मोह नहीं होता’-कैसे?
2. मछलियाँ किसके प्रति अपना लगाव नहीं छोड़ पाती?
उत्तर:
1. जल को मछलियों से कोई मोह (लगाव) नहीं होता, इसका प्रमाण है, जाल में मछलियों के फंसते ही जल उन्हें छोड़कर आगे बह जाता है।
2. मछलियाँ जल के प्रति अपना मोह नहीं छोड़ पाती। वे जल के लिए तड़पती रहती हैं और जल से बाहर होते ही अपने प्राण त्याग देती हैं।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. ‘छाँडति छोह’ में किस अलंकार का प्रयोग है?
(क) अनुप्रास
(ख) यमक
(ग) श्लेष
(घ) पुनरुक्ति
उत्तर :
(क) अनुप्रास

2. इस दोहे के रचयिता हैं
(क) रहीम
(ख) कबीर
(ग) तुलसी
(घ) सूर
उत्तर :
(क) रहीम

4. तरूवर फल ………… संचहि सुजान।

शब्दार्थ: तरुवर = वृक्ष (Tree)। सरवर – नदी (River)। पान = पानी (IWater)। परकाज = दूसरों का काम, परोपकार (For others)। संचहि . जोड़ता है (Collects)। सुजान – चतुर, बुद्धिमान (Intelligent)

सप्रसंग व्याख्या:
प्रसंग : प्रस्तुत दोहा रहीमदास द्वारा रचित है और हमारी पाठ्यपुस्तक ‘वसंत भाग-2’ में संकलित है।

व्याख्या : रहीमदास परोपकार का महत्त्व बताते हुए कहते हैं कि वृक्ष कभी अपने फल नहीं खाते और नदियाँ कभी अपना पानी स्वयं नहीं पीतीं। वे इन्हें दूसरों को ही देती हैं। इसी प्रकार बुद्धिमान लोग दूसरों की भलाई के लिए ही धन-संपत्ति का संग्रह करते हैं।

विशेष : ‘संपति-संचहि सुजान’ में अनुप्रास अलंकार का प्रयोग है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
1. तरुवर क्या नहीं करते?
2. तालाब क्या करता है?
3. बुद्धिमान लोग किसके लिए सम्पत्ति जोड़ते हैं?
उत्तर:
1. तरुवर अर्थात् पेड़ अपने फल नहीं खाते।
2 तालाब अपना पानी कभी नहीं पीते।
3. बुद्धिमान दूसरों की भलाई करने के लिए सम्पत्ति जोड़ते

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. इस दोहे से हमें किसकी शिक्षा मिलती है?
(क) परोपकार की
(ख) धन जोड़ने की
(ग) फल खाने की
(घ) पानी पीने की
उत्तर :
(क) परोपकार की

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 11 रहीम की दोहे

5. थोथे बादर …………. पाछिली बात।

शब्दार्थ : थोथे = खाली (Empty)। घहरात = घहराते हैं (To make noise)। पाछिली – पिछली (Previous)।

सप्रसंग व्याख्या:
प्रसंग : प्रस्तुत दोहा रहीमदास द्वारा रचित है।
व्याख्या : रहीमदास बताते हैं कि जिस प्रकार क्वार के महीने में खाली बादल केवल घहरा कर रह जाते हैं, बरस नहीं पाते, उसी प्रकार धनी व्यक्ति यदि गरीब हो जाए तो पिछली बातों याद को करके ही रह जाता है। वह कुछ कर नहीं पाता।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. कवि ने क्वार मास के बादलों को कैसा बताया है?
2. यदि धनी पुरुष निर्धन हो जाए तो वह क्या करता है?
उत्तर:
1. कवि ने क्वार मास के बादलों को थोथा अर्थात् बेकार गरजने वाला बताया है।
2 यदि कोई धनी पुरुष निर्धन हो जाए तो वह पिछली बातों का जिक्र करता रहता है, जो व्यर्थ है।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. ‘थोथे बादर’ में रेखांकित शब्द क्या है?
(क) संज्ञा
(ख) सर्वनाम
(ग) विशेषण
(घ) क्रिया
उत्तर :
(ग) विशेषण

2. ‘पाछिली’ शब्द कैसा है?
(क) तत्सम
(ख) तद्भव
(ग) देशज
(घ) विदेशी
उत्तर :
(ग) देशज

6. धरती की ……………. यह देह॥

शब्दार्थ : रीत = नियम (Rule)। सीत – सर्दी (Winter)। घाम = धूप, गर्मी (Summer)। मेह – वर्षा (Rain)। देह = शरीर (Body)।

सप्रसंग व्याख्या:
प्रसंग : यह दोहा रहीमदास द्वारा रचित है। दो चीजों की समानता बताते हुए रहीम कहते हैं

व्याख्या : जिस प्रकार यह धरती सर्दी, गर्मी और वर्षा सभी ऋतुओं को सह लेती है उसी प्रकार हमारा शरीर भी सभी प्रकार के कष्टों को सहन कर लेता है। जिस पर जैसी विपत्ति पड़ती है, उसे सह लेता है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. धरती क्या-क्या सह लेती है?
2. हमारा शरीर भी कैसा है?
उत्तर:
1. धरती शीत (सर्दी), घाम (धूप) और मेह (वर्षा) आदि ऋतुओं के प्रभाव को सह लेती है।
2. हमारा शरीर भी सभी प्रकार की स्थितियों को सहने वाला है।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. ‘घाम’ शब्द कैसा है?
(क) तत्सम
(ख) तद्भव
(ग) देशज
(घ) विदेशी
उत्तर :
(क) तत्सम

2. इए दोहे के रचयिता हैं
(क) रहीम
(ख) कबीर
(ग) तुलसी
(घ) सूरदास
उत्तर :
(ग) तुलसी

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अपूर्व अनुभव Summary in Hindi

रहीम की दोहे कवि-परिचय

जीवन-परिचय :
रहीम का पूरा नाम अब्दुर्रहीम खानखाना था। रहीम अपने समय के वीर योद्धा, कुशल राजनीतिज्ञ और सहृदय कवि थे। इनका जन्म सन् 1556 ई. में लाहौर (पश्चिम पंजाब, पाकिस्तान) में हुआ था। ये अकबर के संरक्षण बैरमखाँ के पुत्र थे। रहीम अकबर के दरबार के नवरत्नों में से एक थे। ये अकबर के प्रधान सेनापति और मंत्री भी थे। ये वीर योद्धा थे और बड़े कौशल से सेना का संचालन करते थे। इनकी दानशीलता भी काफी प्रसिद्ध थी। कहते हैं अंत समय तक इनके यहाँ से किसी याचक को निराश नहीं लौटना पड़ा। सन् 1627 में इनकी मृत्यु हो गई। इनका मकबरा दिल्ली में बना हुआ है।

अध्ययन और ज्ञानार्जन में रुचि होने पर भी इन्हें युद्ध-क्षेत्र में ही अपने जीवन का अधिकतर समय व्यतीत करना पड़ा। इन्होंने अपने जीवन में अनेक उतार-चढाव देखे। अपनी बहादुरी और पराक्रम के लिए सूबेदारी और जागीरें भी मिलीं, सम्राट जहाँगीर के कोप के कारण दारिद्र्य भी भोगना पड़ा। अरबी, तुर्की, फारसी तथा संस्कृत के ये पंडित थे। हिंदी काव्य के ये मर्मज्ञ थे और हिंदी कवियों का बड़ा सम्मान करते थे।

रचनाएँ :
रहीम ने अनेक काव्य-ग्रंथों का प्रणयन किया है जिनमें से ‘रहीम सतसई’, ‘शृंगार सतसई’, ‘मदनाष्टक’, ‘रहीम रत्नावली’, ‘रासपंचाध्यायी’ तथा ‘बरवै नायिका भेद वर्णन’ प्रमुख हैं। इनकी रचनाओं का पूर्ण संग्रह ‘रहीम रत्नावली’ के नाम से प्रकाशित हुआ है। इन्होंने फारसी भाषा में भी ग्रंथों की रचना की है।

विशेषताएँ :
रहीम बड़े लोकप्रिय कवि थे। इनके नीति के दोहे तो सर्वसाधारण की जिह्वा पर रहते हैं। इनके दोहों में कोरी नीति की नीरसता नहीं है। उनमें मार्मिकता तथा कवि हृदय की सच्ची संवेदना भी मिलती है। दैनिक जीवन की अनुभूतियों पर आधारित दृष्टांतों के माध्यम से इनका कथन सीधे हृदय पर चोट करता है। इनकी रचना में नीति के अतिरिक्त भक्ति तथा शृंगार की भी सुंदर व्यंजना हुई है।

अगर रहीम जन-साधारण में अपने दोहों के लिए प्रसिद्ध थे, तो उन्होंने कवित्त, सवैया, सोरठा तथा बरवै छंदों में भी सफल काव्य रचना की है। रहीम का ब्रज और अवधी भाषाओं पर समान अधिकार था। इनकी भाषा सरल, स्पष्ट तथा प्रवाहपूर्ण है। इनकी रचना में भारतीय जीवन के सजीव चित्र अंकित हैं। रहीम ने खड़ी बोली में भी कुछ पद्य लिखे हैं।

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HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 10 अपूर्व अनुभव

Haryana State Board HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 10 अपूर्व अनुभव Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 10 अपूर्व अनुभव

HBSE 7th Class Hindi अपूर्व अनुभव Textbook Questions and Answers

पाठ से

प्रश्न 1.
यासुकी-चान को अपने पेड़ पर चढ़ाने के लिए तोत्तो-चान ने अथक प्रयास क्यों किया ? लिखिए।
उत्तर :
यासुकी-चान पोलियोग्रस्त था अतः स्वयं पेड़ पर नहीं चढ़ सकता था। वह तोत्तो-चान की मदद से ही पेड़ पर चढ़ सका। इसके लिए तोत्ता-चान को भारी परिश्रम करना पड़ा।

पहले तो वह चौकीदार की झोपड़ी से एक सीढ़ी लाई। उसे पेड़ के सहारे लगा दिया। पर यासुकी-चान के हाथ-पैर इतने कमजोर थे कि वह पहली सीढ़ी पर भी नहीं चढ़ पाया। फिर तोत्तो-चान चौकीदार की झोपड़ी से एक तिपाई-सीढ़ी खींचकर लाई। बहुत प्रयास के बाद वह ऊपर तो पहुँच गया। फिर तोतो-चान ने उसकी पोलियोग्रस्त उँगलियों में अपनी उँगलियाँ फंसाकर ऊपर खींचा। इस प्रकार यासुकी-चान पेड़ की द्विशाखा तक पहुँचने में सफल हो सका।

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प्रश्न 2.
दृढ़ निश्चय और अथक परिश्रम से सफलता पाने के बाद तोत्तो-चान और यासुकी-चान को अपूर्व अनुभव मिला, इन दोनों के अपूर्व अनुभव कुछ अलग-अगल थे। दोनों में क्या अंतर रहे ? लिखिए।
उत्तर :
पेड़ से बच्चों का नाता गहरा था। वे एक-एक पेड़ को अपनी निजी संपत्ति मानते थे। वे उन पर चढ़ते थे और आनंदित होते थे। बाग के पेड़ों पर वे खूब मजा लेते थे। बाग में उनकी गतिविधियों को देखकर यासुकी-चान को अपनी अपंगता पर हताशा होती होगी। उसके मन में उदासी छा जाती होगी। वह अपनी विवशता पर दुःखी होता होगा।

प्रश्न 3.
पाठ में खोजकर देखिए-कब सुरज का ताप यासुकी-चान और तोत्तो-चान पर पड़ रहा था, वे दोनों पसीने से तरबतर हो रहे थे और कब बादल का एक टुकड़ा उन्हें छाया देकर कड़कती धूप से बचाने लगा था। आपके अनुसार इस प्रकार परिस्थिति के बदलने का कारण क्या हो सकता है?
उत्तर :
जब यासुकी-चान और तोत्तो-चान एक सीढ़ी के द्वारा पेड़ की द्विशाखा तक जा पहुँचे तब उन पर सूरज का ताप पर पड़ रहा था। उन्हें काफी पसीना आ रहा था। वे दोनों पसीने से तरबतर हो रहे थे। जब तोत्तो-चान अपनी पूरी ताकत से यासुकी-चान को खींच रही थी तभी बादल का एक बड़ा टुकड़ा बीच-बीच में छाया कर उन्हें कड़कती धूप से बचाने लगा।
यह मौसम का बदलाव था।

प्रश्न 4.
“यासुकी-चान के लिए पेड़ पर चढ़ने का यह ……..” अंतिम मौका था।” इस अधूरे वाक्य को पूरा कीजिए और लेखिका ने ऐसा क्यों लिखा होगा?
उत्तर :
लेखिका ने ऐसा इसलिए लिखा होगा क्योंकि यासुकी-चान के लिए स्वयं अपने बूते पर चढ़ना लगभग असंभव था। उसे हर बार तोत्तो-चान जैसा सहयोगी मिल पाना कठिन था। एक बार पेड़ पर चड़ने पर ही उसे घोर परिश्रम करना पड़ा था।

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पाठ से आगे

प्रश्न 1.
तोत्तो-चान ने अपनी योजना को बड़ों से इसलिए छिपा लिया कि उसमें जोखिम था, यासुकी-चान के गिर जाने की संभावना थी। फिर भी उसके मन में यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाने की दृढ़ इच्छा थी। ऐसी दृढ़ इच्छाएँ बुद्धि और कठोर परिश्रम से अवश्य पूरी हो जाती हैं। आप किस तरह की सफलता के लिए तीव्र इच्छा और बुद्धि का उपयोग कर कठोर परिश्रम करना चाहते हैं ?
उत्तर :
हम जोखिम भरा काम करना पसंद करेंगे क्योंकि कुछ पाने के लिए जोखिम तो उठाना ही पड़ता है।

प्रश्न 2.
हम अकसर बहादुरी के बड़े-बड़े कारनामों के बारे में सुनते रहते हैं, लेकिन ‘अपूर्व अनुभव’, कहानी एक मामूली बहादुरी और जोखिम की आर हमारा ध्यान खींचती है। यदि आपको अपने आसपास के संसार में कोई रोमांचकारी अनुभव प्राप्त करना हो तो कैसे प्राप्त करेंगे?
उत्तर :
एक बार की बात है कि हम एक नदी के किनारे पिकनिक पर गए हुए थे तभी एक लड़का पानी में उतर गया। पानी की लहर उसे बहाकर दूर तक ले गई। वह चिल्लाने लगा-बचाओ-बचाओ। मैंने उसकी आवाज सुन ली। मैं दौडकर उस तक गया। मैं तैरना जानता था। अत: कपड़े उतारकर नदी के पानी में कूद गया। मैंने उस तक पहुँचकर उसका हाथ पकड़ लिया और अपनी ओर खींचने लगा। यद्यपि मैं भी घबरा रहा था, पर उसे किनारे तक खींच लाया। उसके पेट में पानी भर गया था अत: उसे जमीन पर लिटाकर कमर पर दबाव डाला। इससे उसके मुंह के रास्ते पेट का पानी निकल गया। थोड़ी देर में वह ठीक हो गया।
तब तक अध्यापक एवं अन्य साथी आ गए थे। सभी ने मेरी प्रशंसा की। मुझे अपने साहस पर हैरानी हो रही थी।

HBSE 7th Class Hindi अपूर्व अनुभव Important Questions and Answers

अति लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
तोत्तो-चान ने किसको क्या निमत्रंण दिया?
उत्तर :
तोते-चान ने यासुकी-चान को अपने पेड़ पर चढ़ने का निमंत्रण दिया।

प्रश्न 2.
बच्चे किसे अपनी निजी सम्पत्ति मानते थे?
उत्तर :
बच्चे अपने-अपने पेड़ को अपनी निजी सम्पत्ति मानते थे।

प्रश्न 3.
यासुकी-चान किस रोग से ग्रस्त था?
उत्तर :
यासुकी-चान पोलियो रोग से ग्रस्त था।

प्रश्न 4.
तोत्तो-चान को यासुकी-चान कहाँ मिला?
उत्तर :
उसे यासुकी-चान मैदान में क्यारियों के पास मिला।

प्रश्न 5.
तोत्तो-चान यासुकी-चान को कहाँ ले गई?
उत्तर :
तोत्तो-चान यासुकी-चान को अपने पेड़ की ओर ले गई।

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प्रश्न 6.
यासुकी-चान बिना सहारे के सीढ़ी पर क्यों नहीं चढ़ पाया?
उत्तर :
यासुको-चान के हाथ-पैर बहुत कमजोर थे।

प्रश्न 7.
तोत्तो-चान को चौकीदार के घर से क्या मिल गया?
उत्तर :
उसे वहाँ से एक तिपाई सीढ़ी मिल गई।

लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
तोत्तो-चान कौन थी? उसकी हार्दिक इच्छा क्या थी?
उत्तर :
तोत्तो-चान एक जापानी लड़की थी। उसकी यह हार्दिक इच्छा थी कि उसका अपंग साथी यासुकी-चान उसके पेड़ पर आकर उसकी चीजों एवं दुनिया को देखे।

प्रश्न 2.
तोत्तो-चान के चरित्र की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर :
तोत्तो-चान एक सहृदय बालिका है। उसके मन में अपने साथी के लिए असीम प्यार एवं सम्मान की भावना है। वह उसे भी वह खुशी देना चाहती हैं जो दूसरे बालकों को मिलती है। तोत्तो-चान परोपकारी है। वह दूसरों का भला करती है। तोत्तो-चान परिश्रमी है। वह परिश्रमपूर्वक सीढ़ी तथा तिपाई झोंपड़ी से खींचकर ले आती है।

प्रश्न 3.
यासुकी-चान किसी पेड़ को अपना क्यों नहीं कह पाता?
उत्तर :
यासुकी-चान पोलियोग्रस्त है। उसके हाथ-पैर काम नहीं करते। अत: वह किसी भी पेड़ पर चढ़ नहीं पाता। यही कारण है कि वह किसी पेड़ को अपना नहीं कह पाता। कोई पेड़ उसकी निजी संपत्ति नहीं बन सकता।

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अपूर्व अनुभव गद्यांशों पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न

1. बच्चे अपने ……………………….. जरूर डाँटते।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. बच्चे अपने पेड़ को क्या मानते थे ?
2. किसी दूसरे के पेड़ पर चढ़ने से पूर्व क्या करना पड़ता था?
3. कोन, किस कारण पंड़ पर नहीं चढ़ पाता था ?
4. किसने, किसको, कहाँ आमंत्रित किया था?
उत्तर :
1. बच्चे अपने-अपने पेड़ को अपनी निजी संपत्ति मानते थे।
2 किसी दूसरे के पेड़ पर चढ़ने से पूर्व उस पेड़ के स्वामी से शिष्टतापूर्वक पूछना पड़ता था-“माफ कीजिए, क्या मैं अंदर आ जाऊँ ?”
3. यासुकी-चान किसी पेड़ पर नहीं चढ़ पाता था क्योंकि उसको पोलियो था। वह किसी पेड़ को अपनी संपत्ति भी नहीं मानता था।
4. तोत्तो-चान ने यासुकी चान को अपने पेड़ पर आमंत्रित किया था।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. बच्चे किसे अपनी सम्पत्ति मानते थे?
(क) स्वयं को
(ख) अपने पेड़ को
(ग) अपनी जगह को
(घ) किसी को नहीं
उत्तर :
(ख) अपने पेड़ को

2. थासुकी-चान को क्या रोग था?
(क) पोलियो
(ख) अंधापन
(ग) बहरापन
(घ) हकलापन
उत्तर :

3. यासुकी-चान को किसके लिए आमंत्रित किया गया था?
(क) खाना खाने के लिए
(ख) पेड़ पर चढ़ने के लिए
(ग) आपस में मिलने के लिए
(घ) कहीं चलने के लिए
उत्तर :
(ख) पेड़ पर चढ़ने के लिए

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2. यासुकी-चान ……………… क्या करे वह?

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. तोत्तो-चान ने पेड़ पर चढ़ने का क्या उपाय किया था?
2. क्या यासुकी-चान सीढ़ी पर चढ़ गया? क्यों?
3. तोत्तो-चान ने क्या प्रयास किया?
4. दोनों की क्या दशा थी?
उत्तर :
1. तोत्तो-चान चौकीदार के छप्पर से एक सीढ़ी पेड़ तक घसीट लाई थी और उसे तने के सहारे लगा दिया था ताकि द्विशाखा तक पहुँचा जा सके।
2. नहीं, यासुकी-चान पहली सीढ़ी पर भी बिना सहारे के नहीं चढ़ पाया। पोलियो के कारण उसके हाथ-पैर बहुत कमजोर थे।
3. तोत्तो-चान यासुकी-धान को पीछे से धकियाने लगी, जिससे वह सौढ़ी पर चढ़ सके।
4. यासुकी-चान ने अपना पैर सीढ़ी से हटा लिया। वह हताशा में सिर झुकाकर खड़ा हो गया। तोत्तो-चान ने भी समझ लिया कि यह काम उतना आसान नहीं है जितना उसने समझा था।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. यासुकी-चान का कौन-सा अंग कमजोर था?
(क) मस्तिष्क
(ख) हाथ-पैर
(ग) आँखें
(घ) कोई नहीं
उत्तर :
(ख) हाथ-पैर

2. पेड़ से नीचे कौन उतर आया?
(क) यासुकी-चान
(ख) तोत्तो-चान
(ग) वायु चान
(घ) माओ चान
उत्तर :
(ख) तोत्तो-चान

3. यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़ाने का काम कैसा था?
(क) आसान
(ख) कठिन
(ग) पक्का
(घ) ठीक
उत्तर :
(ख) कठिन

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 10 अपूर्व अनुभव

3. यासुकी-चान ……………. रही थी।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. किसकी क्या इच्छा थी?
2. तोत्तो-चान किस प्रयास में लगी थी?
3. तोत्तो-चान ने क्या उपाय किया?
4. तोतो-चान किस बात पर हैरान थी?
उत्तर :
1. तोत्तो-चान की यह हार्दिक इच्छा थी कि यासुकी-चान उसके पेड़ पर चढ़े।
2. जय तोत्तो-चान ने यासुकी-चान का उदास-लटका चेहरा देखा तो वह उसे हँसाने के प्रयास में लग गई। उसने अपना गाल फुलाकर तरह-तरह के चेहरे बनाए।
3. तोत्तो-चान चौकीदार के छप्पर की चोर दौड़ी गई। वहाँ उसे एक तिपाई-सीढ़ी मिल गई इसे थामे रहना भी जरूरी नहीं था।
4. तोत्तो-चान इस बात पर हैरान थी कि उसमें इतनी शक्ति कहाँ से आ गई कि वह तिपाई-सीढ़ी को यहाँ तक खींच लाने में सफल हो सकी। यह तिपाई-सीढ़ी द्विशाखा तक पहुंच गई।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. ‘यह उसकी हार्दिक इच्छा थी’-किसकी?
(क) यासुकी-चान की
(ख) तोत्तो-चान की
(ग) दोनों की
(घ) किसी की नहीं
उत्तर :
(ख) तोत्तो-चान की

2. उदास कौन था?
(क) यासुकी-चान
(ख) तोत्तो-चान
(ग) कोई नहीं
(घ) सभी
उत्तर :
(क) यासुकी-चान

3. तोत्तो-चान को चौकीदार के छप्पर से क्या वस्तु मिली?
(क) तिपाई-सीढ़ी
(ख) चारपाई
(ग) कुरसी
(घ) स्टूल
उत्तर :
(क) तिपाई-सीढ़ी

4. तिपाई की ऊपरी सीढ़ी कहाँ तक पहुँच गई?
(क) छत तक
(ख) द्विशाखा तक
(ग) पेड़ तक
(घ) घर तक
उत्तर :
(ख) द्विशाखा तक

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 10 अपूर्व अनुभव

4. काफी मेहनत …………. लड़ाते रहे।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. किसकी, किस मेहनत के बाद यासुको-चान पेड़ की द्विशाखा पर पहुंच पाया था?
2. तोत्तो-चान ने यासुकी-चान से क्या कहा?
3. यासुकी-चान ने किस मुद्रा में क्या पूछा?
4. यासुकी-चान को पेड़ पर चढ़कर क्या अनुभूति हुई?
उत्तर :
1. तोत्तो-चान ने यासुकी-चान की पोलियोग्रस्त उँगलियों में अपनी उँगलियाँ फंसाकर उसे पूरी ताकत से ऊपर खींचा था। तभी वह पेड़ की द्विशाखा पर पहुंच पाया था।
2. तोत्तो-चान ने यासुकी-चान के सम्मान में सिर झुकाकर कहा कि मेरे पेड़ पर तुम्हारा स्वागत है।
3. यासुकी-चान ने मुसकराते हुए तोत्तो-चान से पूछा कि क्या वह अंदर आ सकता है ?
4. यासुकी-चान ने पेड़ पर चढ़कर दुनिया की नई झलक देखी। इसे उसने पहले कभी नहीं देखा था। उसे पेड़ पर चढ़ने का विचित्र अनुभव हुआ।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. तोत्तो-चान ने यासुकी-चान का स्वागत कहाँ किया?
(क) अपने पेड़ पर
(ख) जमीन पर
(ग) तिपाई पर
(घ) सीढ़ी पर
उत्तर :
(क) अपने पेड़ पर

2. यासुकी-चान ने क्या पूछा?
(क) क्या पेड़ पर स्वागत है?
(ख) क्या मैं अंदर आ सकता हूँ?
(ग) क्या मैं पेड़ पर चढ़ सकता हूँ?
(घ) क्या ऐसे चढ़ा जाता है?
उत्तर :
(ख) क्या मैं अंदर आ सकता हूँ?

3. यासुकी-चान ने पेड़ पर क्या देखा?
(क) दुनिया की नई झलक
(ख) पेड़ों का दृश्य
(ग) नीला आसमान
(घ) सभी कुछ
उत्तर :
(क) दुनिया की नई झलक

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 10 अपूर्व अनुभव

अपूर्व अनुभव Summary in Hindi

अपूर्व अनुभव पाठ का सार

इस कहानी में दो पात्र हैं-एक बालिका तोत्ता-चान और उससे एक साल बड़ा लड़का यासुकी-चान। यासुकी-चान को पोलियों था अतः वह किसी पेड़ पर नहीं चढ़ पाता था। सभागार में शिविर लगने के दो दिन बाद तोखे चान को एक साहसपूर्ण काम करने का दिन आया। उसने अपंग यासुकी-चान को अपने पेड़ पर चढ़ने का न्योता दिया। तोमोए में प्रत्येक बच्चा बाग के एक-एक पेड़ को अपने खुद के चढ़ने का पेड़ मानता था। तोत्ता-चान अक्सर खाने की छुट्टी के समय या स्कूल के बाद पेड़ के ऊपर चढ़ी मिलती थी।

सभी बच्चे अपने-अपने पेड़ को निजी संपत्ति मानते थे। किसी दूसरे के पेड़ पर चढ़ने से पूर्व पूछना पड़ता था। यासुकी-चान पोलियोग्रस्त होने के कारण किसी पेड़ को अपना नहीं मान पाता था। घर से निकलते समय तोत्तो चान ने झूठ बोला था कि वह यासुकी-चान के घर डेनेनचोफु जा रही है पर उसने रॉकी को सच बता दिया था। जब तोत्तो-चान स्कूल पहुँची तो उसे यासुकी-चान मैदान में क्यारियों के पास मिला। जैसे ही यासुकी चान ने तोत्तो चान को देखा, वह पैर घसीटता हुआ उसकी ओर आया।

तोत्ता-चान यासुकी-चान को अपने पेड़ की ओर ले गई। वह चौकीदार के छप्पर से एक सीढ़ी घसीट लाई और उसे तने के सहारे ऐसे लगा दिया, जिससे वह द्विशाखा तक पहुँच जाए। उसने सीढ़ी को पकड़ लिया और यासुकी-चान को ऊपर चढ़ने की कोशिश करने को कहा, पर उसके हाथ-पैर इतने कमजोर थे कि वह बिना सहारे के पहली सीढ़ी भी नहीं चढ़ पाया।

वह सिर झुकाकर खड़ा हो गया। तोत्तो-चान कोई और उपाय सोचने लगी। वह चौकीदार के छप्पर से एक तिपाई-सीढ़ी खींच लाई। वह सीढ़ी द्विशाखा तक पहुँच रही थी। यासुकी-चान ने घबराकर तिपाई-सीढ़ी की ओर देखा। उसे पसीना आ रहा था। उसने निश्चय के साथ पाँव उठाकर पहली सीढ़ी पर रखा। तोत्तो-चान उसकी मदद कर रही थी।

यासुको-चान पूरी शक्ति के साथ जूझ रहा था और आखिर वह ऊपर पहुँच गया, पर तभी सारी मेहनत बेकार होती लगने लगी। तोत्तो चान तो सीढ़ी पर से द्विशाखा पर छलांग लगाकर पहुँच गई, पर यासुकी-चान को सीढ़ी से पेड़ पर लाने की हर कोशिश बेकार रही। तोत्तो चान की रुलाई छूटने को थी, क्योंकि वह चाहती थी कि वह यासुकी-चान को अपने पेड़ पर आमंत्रित कर तमाम नई-नई चीजें दिखाए।

तोत्तो चान ने यासुकी-चान की पोलियो से पिचकी और अकड़ी उँगलियों को अपने हाथ में थाम लिया और बोली-“तुम लेटे रहो, मैं तुम्हें पेड़ पर खींचने की कोशिश करती हूँ।” यह कहकर वह पूरी ताकत से यासुकी-चान को खींचने लगी। काफी मेहनत के बाद दोनों आमने-सामने पेड़ की द्विशाखा पर थे। तोत्तो ने सम्मान से सिर झुकाकर कहा-“मेरे पेड़ पर तुम्हारा स्वागत है।” यासुकी-चान ने मुस्कराते हुए पूछा-“क्या मैं अंदर आ सकता हूँ?”

उस दिन यासुकी-घान ने दुनिया की एक ऐसी नई झलक देखी जैसी उसने पहले कभी नहीं देखी थी। वे दोनों गप्पें लड़ाते रहे। यासुकी-चान ने उमंग में भरकर बताया कि उसकी बहन अमेरिका में है। उसने एक चीज टेलीविजन के बारे में बताया है। वह कहती है कि इसमें वह सूमो-कुश्ती भी देख सकेगा। तोत्तो-चान सोचती रही कि सूमो पहलवान किसी डिब्बे में कैसे
समा सकता है।

अपूर्व अनुभव शब्दार्थ

उदास = निराश, दु:खी होना (Sad)। छप्पर = झोंपड़ी के ऊपर घास-पूस की छत (Hut), तिपाई = तीन पाँवों/पैरों वाली (Stool)। धामे = पकड़े (Caught)। तरबतर = लथपथ, डूबे हुए (Drenched)। तमाम = समस्त, सारी (Total)। जोखिम = खतरा (Danger)। भरोसा = विश्वास (Belief) झिझकता हुआ = हिचक या संकोच के साथ धीरे-धीरे (Hesitated)। सम्मान से = आदर के साथ (With regard)। झलक = तस्वीर (Picture)। सूमों = (जापानी पहलवान जो कुश्ती लड़ते हैं उन्हें सूमों बोला जाता है।) (A wrestler)। ताकना = देखना (To see)। आमंत्रित = बुलाया हुआ (Invited) स्थिर = टिका हुआ (Stable)। संपत्ति = प्रापर्टी (Property)। हताशा = निराशा (Distress)। हैरान = आश्चर्यचकित (Surprised)। सभागार = बैठक करने का बड़ा कक्ष (Meeting Place)। शिविर = किसी निश्चित उद्देश्य से एकत्र होना (Camp)। द्विशाखा = दो शाखाएँ (Two wigs)। निजी = अपनी (Own)। सूना = खाली-खाली, सुनसान (Empty place)। उत्तेजित = जोश में आना (Excited)। भेद = अंतर (Difference)।

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HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 9 चिड़िया की बच्ची

Haryana State Board HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 9 चिड़िया की बच्ची Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 9 चिड़िया की बच्ची

HBSE 7th Class Hindi चिड़िया की बच्ची Textbook Questions and Answers

कहानी से

प्रश्न 1.
किन बातों से ज्ञात होता है कि माधवदास का जीवन संपन्नता से भरा था और किन बातों से ज्ञात होता है कि वह सुखी नहीं था?
उत्तर :
निम्नलिखित बातों से ज्ञात होता है कि माधवदास का जीवन संपन्नता से भरा था –

  • माधवदास ने संगमरमर की नई कोठी बनवाई है।
  • उसके पास धन की कोई कमी नहीं है।
  • वह चिड़िया से कहता है
  • मेरे पास बहुत-सा सोना-मोती है। सोने के एक बहुत सुंदर घर मैं तुम्हें बना दूंगा, मोतियों की झालर उसमें लटकेगी।
  • मेरी कोठियों पर कोठियाँ हैं, बगीचों पर बगीचे हैं।

निम्नलिखित बातों से प्रतीत होता है कि वह सुखी नहीं था :

  • खयाल-ही-खयाल में संध्या को स्वप्न की भांति गुजार देते हैं।
  • जी भरकर भी कुछ खाली सा रहता है।
  • मेरा महल भी सूना है। वहाँ कोई भी चहकता नहीं।
  • मेरा दिल वीरान है। वहाँ कब हँसी सुनने को मिलती है?

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 9 चिड़िया की बच्ची

प्रश्न 2.
माधवदास क्यों बार-बार चिड़िया से कहता है कि यह बगीचा तुम्हारा ही है? क्या माधवदास नि:स्वार्थ मन से ऐसा कह रहा था? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर :
माधवदास चिड़िया से यार-बार ऐसा इसलिए कहता है क्योंकि उसे चिड़िया बहुत सुंदर और प्यारी लगी। उसे देखकर उसका मन प्रफुल्लित हो गया। वह उसे देखते रहना चाहता था। इससे उसके मन का एकाकीपन दूर होता था। माधवदास का ऐसा कहना पूरी तरह से नि:स्वार्थ मन से नहीं था। चिड़िया को देखने से उसके मन को संतुष्टि कर अनुभव हो रहा था। वह अपने मन के सुख के लिए चिड़िया को अपने बगीचे में रखना चाहता था।

प्रश्न 3.
माधवदास के बार-बार समझाने पर भी चिड़िया सोने के पिंजरे और सुख-सुविधाओं को कोई महत्त्व नहीं दे रही थी। दूसरी तरफ माधवदास की नज़र में चिड़िया की जिद का कोई तुक न था। माधवदास और चिड़िया के मनोभावों के अंतर क्या-क्या थे? अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर :
चिड़िया और माधवदास के मनोभावों में भारी अंतर था। माधवदास अभी भी अपनी धन-दौलत को सभी कुछ समझ रहा था। उसका विचार था कि सोने, चाँदी, महल आदि से सभी को वश में किया जा सकता है।

जबकि चिड़िया प्रकृति-प्रेमी है। उसे अपनी स्वच्छंदता प्यारी है। वह धन-दौलत को कुछ नहीं समझती। उसे अपनी माँ की गोद सबसे मूल्यवान और प्यारी प्रतीत होती है। यही कारण है कि चिड़िया माधवदास के बार-बार समझाने पर भी सोने के पिंजरे और सुख-सुविधाओं के लालच में नहीं आती।

प्रश्न 4.
कहानी के अंत में नही चिड़िया का सेठ के नौकर के पंजे से भाग निकलने की बात पड़कर तुम्हें कैसा लगा? चालीस-पचास या इससे कुछ अधिक शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया लिखिए।
उत्तर :
कहानी के अंत में चिड़िया सेठ के नौकर के पंजे के चंगुल से भाग निकलती है और उड़कर सीधी माँ की गोद में जाकर सुबकने लगती है। इस बात को पढ़कर हमें बहुत अच्छा लगा। हाँ, यदि सेठ का नौकर उसे पकड़कर पिंजरे में डाल देता तो हमें बहुत बुरा लगता। उसके भाग निकलने से उसकी स्वच्छंदता कायम रहती है। पक्षी को बंधन में रहना कतई पसंद नहीं होता। वह किसी भी लोभ में नहीं फँसता। उसे तो प्रकृति में स्वच्छंद उड़ान भरना प्रिय लगता है। वह घोंसले में रहकर और माँ का सान्निध्य पाकर खुश रहता है।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 9 चिड़िया की बच्ची

प्रश्न 5.
‘माँ मेरी बाट देखती होगी’-नन्ही चिड़िया बार-बार इसी बात को कहती है। आप अपने अनुभव के आधार पर बताइए कि हमारी जिंदगी में माँ का क्या महत्त्व है?
उत्तर :
हमारी जिंदगी में भी माँ का बहुत महत्त्व है। जिस प्रकार चिड़िया बार-बार माँ के पास जाने की रट लगाए रहती है, उसी प्रकार हम भी अपनी माँ के पास जाने की चाह रखते हैं। माँ हमें जन्म देती है, हमारा पालन-पोषण करती है, हमें सभी सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराती है तथा दु:ख की घड़ी में हमें ढाढस बंधाती है। हम माँ के ऋण से उऋण नहीं हो सकते। माँ हमारे सुख की सच्ची साथी होती है।

प्रश्न 6.
इस कहानी का कोई और शीर्षक देना हो तो आप क्या देना चाहेंगे और क्यों?
उत्तर :
हम कहानी का शीर्षक ‘सुखी कौन? देना चाहेंगे। इसका कारण यह है कि सुखी धन-दौलत में नहीं मिलता। सुखी वह है जो प्रकृति की गोद में रहकर स्वच्छंद जीवन बिताता है। सेठ सुख नहीं है जबकि चिड़िया सुखी है।

कहानी से आगे

1. इस कहानी में आपने देखा कि वह चिड़िया अपने घर से दूर आकर भी फिर अपने घोंसले तक वापस पहुँच जाती है। मधुमक्खियों, चींटियों, ग्रह-नक्षत्रों तथा प्रकृति की अन्य विभिन्न चीजों में हमें एक अनुशासनबद्धता देखने को मिलती है। इस तरह के स्वाभाविक अनुशासन का रूप आपको कहाँ-कहाँ देखने को मिलता है? उदाहरण देकर बताइए।
उत्तर :
इस प्रकार का स्वाभाविक अनुशासन का रूप हमें प्रकृति के विभिन्न रूपों में मिलता है
‘सूर्य’ अपने नियत समय पर निकलता है और छिपता है। वह एक दिन के लिए भी छुट्टी नहीं करता। ‘चंद्रमा की भी यही स्थिति है।
‘ऋतु-चक्र’ भी अनुशासन का पालन करता है।

2. सोचकर लिखिए कि यदि सारी सुविधाएँ देकर एक कमरे में आपको सारे दिन बंद रहने को कहा जाए तो क्या आप स्वीकार करेंगे? आपको अधिक प्रिय क्या होगा-“स्वाधीनता’ या ‘प्रलोभनोंवाली पराधीनता’? ऐसा क्यों कहा जाता है कि पराधीन व्यक्ति को सपने में भी सुख नहीं मिल पाता। नीचे दिए गए कारणों को पढ़ें और विचार करें
उत्तर :
(क) क्योंकि किसी को पराधीन बनाने की इच्छा रखनेवाला व्यक्ति स्वयं दुखी होता है, वह किसी को सुखी नहीं कर सकता।
(ख) क्योंकि पराधीन व्यक्ति सुख के सपने देखना ही नहीं चाहता।
(ग) क्योंकि पराधीन व्यक्ति को सुख के सपने देखने का भी अवसर नहीं मिलता।
हमें अपनी स्वाधीनता पसंद है। हम किसी भी कीमत पर पराधीनता को स्वीकार नहीं करेंगे। यह बिल्कल सही है कि पराधीन व्यक्ति को सपने में भी सुख नहीं मिल पाता।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 9 चिड़िया की बच्ची

HBSE 7th Class Hindi चिड़िया की बच्ची Important Questions and Answers

अति लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
सेठ का नाम क्या था?
उत्तर :
सेठ का नाम माधवदास था।

प्रश्न 2.
सेठ ने क्या काम किया था?
उत्तर :
सेठ ने अपनी नई कोठी बनवाई थी।

प्रश्न 3.
सेठ में क्या-क्या गुण थे?
उत्तर :
सेठ में कोई व्यसन नहीं था। ये कला प्रेमी थे तथा सुंदर अभिरुचि वाले व्यक्ति थे।

प्रश्न 4.
सेठ माधवदास को चिड़िया कैसी लगी?
उत्तर :
सेठ माधवदास को चिड़िया बहुत सुंदर पर मनमानी लगी।

प्रश्न 5.
सेठ के प्रस्ताव का चिड़िया पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर :
सेठ के प्रस्ताव पर चिड़िया सकुथा गई।

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प्रश्न 6.
सेठ चिड़िया को क्या देना चाहता था?
उत्तर :
सेठ चिड़िया को सुंदर घर तथा काफी धन देना चाहता था।

प्रश्न 7.
चिड़िया को सबसे प्यारी कौन लगती थी?
उत्तर :
चिड़िया को अपनी माँ सबसे प्यारी लगती थी।

लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
एक दिन संध्या के समय सेट माधवदास ने अपने बगीचे में क्या दृश्य देखा?
उत्तर :
एक दिन सेठ जी ने देखा कि संध्या समय उनके देखते-देखते सामने की गुलाब की डाली पर एक चिड़िया आन बैठी। चिड़िया बहुत सुंदर थी। उसकी गरदन लाल थी और गुलाबी होते-होते किनारों पर जरा-जरा नीली पड़ गई थी। पंख ऊपर से चमकदार स्याह थे। उसका नन्हा-सा सिर तो बहुत प्यारा लगता था और शरीर पर चित्र-विचित्र चित्रकारी थी। चिड़िया को मानो माधवदास की सत्ता का कुछ पता नहीं था और मानो तनिक देर का आराम भी उसे नहीं चाहिए था। कभी पर हिलाती थी, कभी फुदकती थी। वह खूब खुश मालूम होती थी। अपनी नन्ही-सी चोंच से प्यारी-प्यारी आवाज निकाल रही थी।

प्रश्न 2.
माधवदासने चिड़िया को क्या-क्या प्रलोभन दिए?
उत्तर :
माधवदास ने चिड़िया को ये प्रलोभन दिए –

  • मैं तुम्हें एक सुंदर घर बनवाकर दूंगा।
  • उसमें मोतियों की झालर लटकेगी।
  • तुम्हें सोना-मोती दूंगा।
  • यह बगीचा उसी का होगा।

प्रश्न 3.
चिड़िया ने सेठ के प्रस्ताव को ठुकराते हुए क्या कहा?
उत्तर :
चिड़िया ने सेठ के प्रस्ताव को ठुकराते हुए यह कहा कि उसकी समझ में सेठ की बातें नहीं आती। उसकी माँ के घोंसले के बाहर बहुत-सी धूप बिखरी रहती है। उसकी माँ उसे प्यार करती है।

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प्रश्न 4.
चिड़िया को अंत में क्या बोध हुआ तथा वह कहाँ जा पहुँची?
उत्तर :
चिड़िया को अंत में किसी व्यक्ति के कठोर, स्पर्श का बोध हुआ। जैसे ही किसी ने उसके शरीर को छुआ वह चीखी और चिंचिया कर उड़ गई। वह उड़ती हुई एक ही साँस में माँ के पास पहुँच गई तथा माँ की गोद में सिसकने लगी।

चिड़िया की बच्ची गद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या

1. माधवदास ने …………………….. मिलती है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. माधवदास ने किसका निर्माण करवाया?
2. माधवदास किस स्वभाव के व्यक्ति हैं?
3. वे शाम को कहाँ, किस प्रकार बैठते हैं?
4. उन्हें किसमें तृप्ति मिलती है?
उत्तर:
1. माधवदास ने एक संगमरमर की कोठी और उसके सामने सुहावने बगीचे का निर्माण करवाया।
2. माधवदास कला-प्रेमी और सुंदर अभिरुचि वाले हैं।
3. वे शाम को कोठी के बाहर चबूतरे पर तख़्त डलवाकर मसनद के सहारे गलीचे पर बैठते हैं।
4. उन्हें प्रकृति की छटा निहारने में तृप्ति मिलती है।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. माधवदास की कोठी किससे बनी है?
(क) लाल पत्थर से
(ख) संगमरमर से
(ग) सीमेंट से
(घ) सफेद पत्थरों से
उत्तर :
(ख) संगमरमर से

2. माधवदास के पास धन की
(क) कमी है
(ख) कमी नहीं है
(ग) दिक्कत है
(घ) स्थिति पता नहीं
उत्तर :
(ख) कमी नहीं है

3. उनके पास समय
(क) काफी है
(ख) कम है
(ग) अच्छा है
(घ) पता नहीं
उत्तर :
(क) काफी है

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 9 चिड़िया की बच्ची

2. उस दिन …………………. होती थी।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. उस दिन संध्या को क्या हुआ?
2 चिड़िया कैसी थी?
3. चिड़िया को क्या पता नहीं था?
4. वह कैसी मालूम देती थी?
उत्तर:
1. उस दिन संध्या के समय एक चिड़िया गुलाब की डाली पर आ बैठी।
2. चिड़िया बहुत सुंदर थी। उसकी गरदन लाल थी। उसके पंख चमकदार थे; शरीर पर चित्रकारी थी।
3. चिड़िया को माधवदास की सत्ता का कुछ पता नहीं था।
4. चिड़िया बहुत खुश मालूम देती थी।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. चिड़िया कहाँ आ बैठी थी?
(क) गुलाब की डाली पर
(ख) नीम की डाली पर
(ग) कदंव के पेड़ पर
(घ) पीपल के पेड़ पर
उत्तर :
(क) गुलाब की डाली पर

2. चिड़िया की गरदन कैसी थी?
(क) लाल
(ख) गुलाबी
(ग) नीली
(घ) स्याह
उत्तर :
(क) लाल

3. चिड़िया क्या कर रही थी?
(क) पर हिला रही थी
(ख) कभी फुदकती थी
(ग) दोनों काम
(घ) कुछ नहीं
उत्तर :
(ग) दोनों काम

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 9 चिड़िया की बच्ची

3, माधवदास ने ………………. न रहो?

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. माधवदास ने चिड़िया से क्या कहा?
2. माधवदास का महल कैसा है?
3. माधवदास ने चिड़िया से क्या प्रार्थना की?
उत्तर:
1. माधवदास ने चिड़िया से कहा-तुम बड़ी भोली हो। तुम्हें देखकर मेरा मन खुश हो जाता है।
2. माधवदास का महल सूना है। वहाँ कोई भी.चहकता नहीं।
3. माधवदास ने चिड़िया से अपने महल में ही रहने की प्रार्थना की।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. ‘भोली चिड़िया’ में रेखांकित शब्द क्या है?
(क) संज्ञा
(ख) विशेषण
(ग) क्रिया
(घ) सर्वनाम
उत्तर :
(ख) विशेषण

2. ‘तुम प्यारी हो।’-रेखांकित शब्द क्या है?
(क) संज्ञा
(ख) सर्वनाम
(ग) विशेषण
(घ) क्रिया
उत्तर :
(ख) सर्वनाम

3. माधवदास कौन है?
(क) एक सेठ
(ख) एक कला प्रेमी
(ग) दोनों
(घ) कोई नहीं
उत्तर :
(ग) दोनों

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4. तुम सेठ ………………. होना चाहिए?

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. चिड़िया क्या नहीं जानती?
2. चिड़िया ने माँ के बारे में क्या कहा?
3. मालामाल किसे कहते हैं?
उत्तर:
1. चिड़िया यह नहीं जानती कि सामने वाला व्यक्ति सेठ है। वह सेठ को भी नहीं जानती।
2. चिड़िया ने कहा कि उसकी माँ उसे बहुत प्यार करती है और वह उसकी प्रतीक्षा करती होगी।
3. मालामाल धनी व्यक्ति को कहते हैं।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. चिड़िया स्वयं को कैसा बताती है?
(क) समझदार
(ख) अनसमझ
(ग) प्यारी
(घ) मूर्ख
उत्तर :
(ख) अनसमझ

2. क्या चिड़िया मालामाल होना चाहती थी?
(क) हाँ
(ख) नहीं
(ग) पता नहीं
(घ) कुछ-कुछ
उत्तर :
(ख) नहीं

3. चिड़िया की राह कौन देख रही होगी?
(क) माँ
(ख) सखी
(ग) पड़ोसन
(घ) कोई नहीं
उत्तर :
(क) माँ

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 9 चिड़िया की बच्ची

5. इतने में ……………. सुबकने लगी।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. चिड़िया को क्या बोध हुआ?
2. कठोर स्पर्श पर चिड़िया ने क्या प्रतिक्रिया दी?
3. वह उड़ती हुई कहाँ जा पहुँची?
उत्तर:
1. चिड़िया को बोध हुआ कि किसी का कठोर स्पर्श उसके शरीर को छू रहा है।
2. उस कठोर स्पर्श से चिड़िया चीखी और चिचियाई।
3. यह चिड़िया उड़ती हुई एक साँस में माँ की गोद में जा गिरी।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. ‘कठोर स्पर्श’ में रेखांकित शब्द क्या है?
(क) संज्ञा
(ख) सर्वनाम
(ग) विशेषण
(घ) क्रिया
उत्तर :
(ग) विशेषण

2. यह कठोर स्पर्श किसका हो सकता है?
(क) सेठ का
(ख) माधवदास का
(ग) नौकर का
(घ) किसी का भी
उत्तर :
(ग) नौकर का

3. माँ की गोद में चिड़िया क्या करने लगी?
(क) रोने
(ख) सुबकने
(ग) हँसने
(घ) सोने
उत्तर :
(ख) सुबकने

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चिड़िया की बच्ची Summary in Hindi

चिड़िया की बच्ची पाठ का सार

एक सेठ थे-माधवदास। उन्होंने संगरमरमर की नई कोठी ‘बनवाई और उसमें सुहावना बगीचा भी लगाया। उन्हें कला से बहुत प्रेम था। उनके पास धन की कोई कमी न थी। उन्हें बगीचे में फूल-पौधे और फव्वारों से उछलता पानी देखना बहुत अच्छा लगता था। वे मित्रों से विनोद-चर्चा अथवा हुक्के की नली को मुँह में दयाए संध्या को स्वप्न की भाँति गुजार देते थे।

एक दिन की बात है कि वे मसनद के सहारे बैठे थे। मन कुछ खाली-सा था। तभी सामने गुलाब की डाली पर एक चिड़िया आ बैठी। वह बड़ी रंग-बिरंगी और प्यारी लग रही थी। माधवदास को वह चिड़िया बड़ी अच्छी लगी। उसने चिड़िया से कहा, “आओ, तुम बड़ी अच्छी आईं। यह बगीचा तुम लोगों के बिना सूना लगता है।

सुनो चिड़िया, तुम खुशी से यह समझो कि यह बगीचा मैंने तुम्हारे लिए ही बनवाया है। तुम बेखटके यहाँ आया करो।” चिड़िया तो घबरा गई। वह बोली.-“मुझे मालूम नहीं था कि यह बगीचा आपका है। मैं अभी चली जाती हूँ। पलभर साँस लेने के लिए मैं यहाँ टिक गई थी।” सेठ माधवदास ने उससे बार-बार आग्रह किया वह यहीं रहे और इस संगमरमर की कोठी तथा बगीचे को अपना ही समझे।

चिड़िया इसके लिए तैयार न हुई। वह बार-बार यही कहती रही कि मैं अपनी माँ के पास जा रही हूँ। अब साँझ हो गई है। मेरी । माँ मेरी बाट देख रही होगी। सेठ ने उसे अपना परिचय दिया और कहा कि वह जो कुछ माँगेगी, वही उसे मिलेगी। चिड़िया को सेठ से कुछ भी नहीं चाहिए था। वह मालामाल नहीं होना चाहती थी।

वह सोने को भी नहीं जानती थी। सेठ को लगा कि चिड़िया नादान है। सेठ ने एक बटन दबा दिया। उसकी आवाज सनकर कोठी के भीतर से एक दास झपटकर बाहर आया। सेठ ने दास को इशारा कर दिया और वह चिड़िया को पकड़ने का उपाय करने लगा। चिड़िया के मन के भीतर चैन नहीं था।

वह सेठ से कहने लगी-” सेठ मुझे डर लगता है। माँ मेरी दूर है। रात हो जाएगी तो राह नहीं सूझेगी।” तभी चिड़िया को लगा कि कोई कठोर स्पर्श उसके शरीर को छू गया है। वह चीखकर एकदम उड़ी। वह नौकर के फैले पंजे से निकल गई और एक ही साँस में माँ के पास जा पहुँची। वह माँ की गोद में गिरकर सुबकने लगी। माँ ने उसे छाती से चिपकाकर पूछा-“क्या है मेरी बच्ची?” चिड़िया बस सुबकंती रही। वह पलक मींचकर माँ की छाती से चिपककर सो गई।

चिड़िया की बच्ची शब्दार्थ

सुहावना = सुदर (Beautiful)। व्यसन = बुरी आदत (Addiction)। अभिरुचि = अच्छी रुचि (Good taste)। रकाबी = तश्तरी (Plate)। निहारते – देखते (To see)। गुजारना – बिताना (To spend)। प्रकाश = रोशनी (Light)। स्वच्छंदता – आजादी (Freedom)। सकुचाना = झिझकना (To hesitate)। भयभीत = डरी हुई (Feared)। प्रफुल्लित = प्रसन्न चित्त (Cheerful)। वीरान = सुनसान (Lonely)। मालामाल = धनी (Rich)। किस्मत = भाग्य (Luck)। अनगिनती = जिनकी गिनती न हो सकी Countless): देह = शरीर (Body)। राह = रास्ता (Parh)। ढाढस = तसल्ली (Solace)। तृप्ति = संतुष्टि (Satisfaction)।

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HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 8 शाम एक किशान

Haryana State Board HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 8 शाम एक किशान Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 8 शाम एक किशान

HBSE 7th Class Hindi शाम एक किशान Textbook Questions and Answers

कविता से

प्रश्न 1.
इस कविता में शाम के दृश्य को किसान के रूप में दिखाया गया है-यह एक रूपक है। इसे बनाने के लिए पाँच एकरूपताओं की जोड़ी बनाई गई है। उन्हें उपमा कहते हैं। पहली एकरूपता आकाश और सोफे में दिखाते हुए कविता में ‘आकाश का साफा’ वाक्यांश आया है। इसी तरह तीसरी एकरूपता नदी और चादर में दिखाई गई है, मानों नदी चादर-सी हो। अब आप दूसरी, चौथी और पाँचवी एकरूपताओं को खोजकर लिखिए।

  • इस प्रकार की दूसरी एकरूपता दिखाने वाली उपमाओं को कविता से खोजकर सूची बनाइए।

उत्तर :
एकरूपता दिखाने वाली उपमाएँ
1. पहाड़ – किसान
2. नदी – चादर
3. पलाश का जंगल – दहकती अँगीठी
4. अंधकार – भेड़ों का गल्ला।

प्रश्न 2.
शाम का दृश्य अपने घर की छत या खिड़की से देखकर बताइए
(क) शाम कब से शुरू हुई ?
(ख) तब से लेकर सूरज डूबने में कितना समय लगा?
(ग) इस बीच आसमान में क्या-क्या परिवर्तन आए?
उत्तर :
(क) सायं छह बजे शुरू हुई।
(ख) आधे घंटे का समय लगा।
(ग) आसमान में लालिमा छा गई, आकाश पीला-पीला हो गया और अंत में सूरज आँखों से ओझल हो गया।

प्रश्न 3.
मोर के बोलने पर कवि को लगा जैसे किसी ने कहा हो-‘सुनते हो’। आगे दिए गए पक्षियों की बोली सुनकर उन्हें भी एक या दो शब्दों में बाँधिए –
कबूतर, कौआ, मैना, तोता, चील, हंस.
उत्तर:

  1. कबूतर-गुटरगूं
  2. कौआ-काँव-काँव
  3. चील-चें-चें

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कविता से आगे

प्रश्न 1.
इस कविता को चित्रित करने के लिए किन-किन रंगों का प्रयोग करना होगा ?
उत्तर :
पीला, सुनहरा, सफेद, लाल रंगों का प्रयोग करना होगा।

प्रश्न 2.
शाम के समय ये क्या करते हैं, पता लगाइए और लिखिए
पक्षी, खिलाड़ी, फलवाले, माँ, पेड़-पौधे, पिताजी, किसान, बच्चे.
उत्तर :

  1. पक्षी : घोंसलों की ओर लौट जाते हैं।
  2. खिलाड़ी : खेलना बंद कर देते हैं।
  3. फल वाले : फल बेचते हैं।
  4. माँ : बच्चों के लिए खाना पकाने की तैयारी करती है।
  5. पेड़-पौधे : सोने लगते हैं।
  6. पिताजी : घर लौट आते हैं।
  7. किसान : खेतों से लौट आते हैं। गाय-भैंसों का दूध निकालते हैं।
  8. बच्चे : गृह कार्य करते हैं।

प्रश्न 3.
हिंदी के एक प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने संध्या का वर्णन इस प्रकार किया है
संध्या का झुटपुट, कौओं का झुटपुट, चहक रही है चिड़ियाँ, टी वी टी टुर-टुर,
ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वरदयाल की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा ? लिखिए।
उत्तर :
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना ने संध्याकालीन दृश्य का किसान के रूप में रूपक बाँधकर प्रस्तुत किया है जबकि कवि पंत ने संध्याकाल में विभिन्न पक्षियों की आवाजों को सुनवाया है।

HBSE 7th Class Hindi शाम एक किशान Important Questions and Answers

अति लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
कविता में पहाड़ को किस रूप में दर्शाया गया है?
उत्तर :
कविता में पहाड़ को साफा बाँधे किसान के रूप में दर्शाया गया है।

प्रश्न 2.
इस किसान के घुटनों पर क्या है?
उत्तर :
इस किसान के घुटनों पर चादर है।

प्रश्न 3.
किसे अंगीठी बताया गया है और क्यों?
उत्तर :
पलाश के जंगल को अँगीठी बताया गया है क्योंकि पलाश के लाल-लाल फूल आग की तरह दहकते प्रतीत होते हैं।

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प्रश्न 4.
‘भेड़ों के गल्ले-सा’ किसे कहा गया है?
उत्तर :
अंधकार को भेड़ों के गल्ले-सा कहा गया है।

प्रश्न 5.
मोर की आवाज़ कैसी लगी?
उत्तर :
जैसे किसी के कहा हो-‘सुनते हो?’

लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
किसको किस रूप में चित्रित किया गया है ?
पहाड़, नदी, पलाश के जंगल को, डूबते सूरज को, आकाश को
उत्तर :

  1. पहाड़ को : किसान के रूप में
  2. नदी को : चादर के रूप में
  3. पलाश के जंगल को : दहकती अँगीठी के रूप में।
  4. डूबते सूरज को : चिलम के रूप में।
  5. आकाश को : किसान के साफे के रूप में।

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प्रश्न 2.
चिलम औंधी क्यों हो गई?
उत्तर :
सूरज चिलम के रूप में था। अंधकार होते ही सूरज डूब गया और इसके साथ चिलम का आकार भी गायब हो गया। इससे ऐसा लगा कि किसान की चिलम औंधी हो गई है।

शाम एक किशान काव्यांशों की सप्रसंग व्याख्या

1. आकाश का …………… गल्ले-सा।

शब्दार्थ: आकाश = आसमान (Sky)सूरज = सूर्य (Sun), बहकना = जलना (To burn)

सप्रसंग व्याख्या:
प्रसंग :
प्रस्तुत पक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक ‘वसंत भाग-2’ में संकलित कविता ‘शाम : एक किसान’ से ली गई हैं। इस कविता के रचयिता सर्वेश्वरदयाल सक्सेना हैं। इसमें कवि ने जाई की शाम में पहाड़ को एक किसान के रूप में चित्रित किया है।

व्याख्या :
कवि जाड़े की शाम के प्राकृतिक दृश्य का चित्रण करते हुए कहता है कि इस दृश्य में पहाड़ एक किसान की तरह दिखाई देता है। आकाश उसके सिर के साफे के समान है। सूरज चिलम के समान प्रतीत होता है जिसे वह दम लगाकर खींचता – है। पहाड़ के नीचे नदी बहती रहती है और यह नदी पहाड़ रूपी किसान के घुटनों पर पड़ी चादर के समान प्रतीत होती है। सर्दी भगाने के लिए इस किसान के पास अंगीठी दहक रही है। पलाश के लाल-लाल फूलों को अंगीठी का रूप दिया गया है। पूरब दिशा में क्षितिज पर होता अंधकार झुंड में बैठी भेड़ों जैसा प्रतीत होता है। पश्चिम दिशा में डूबता सूरज इस पहाड़ रूपी किसान की चिलम है। यह पूरा दृश्य शांत है।

विशेष :
1. प्रकृति का मनोहारी चित्रण किया गया है।
2. ‘भेड़ों का गल्ला-सा’ में उपमा अलंकार है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. कॉन, किस रूप में बैठा है?
2. नदी किसके समान प्रतीत होती है?
3. किसे दहकती अंगीठी बताया गया है?
4. अंधकार कैसा लग रहा है?
उत्तर:
1. पहाड़ एक किसान के रूप में बैठा है। उसने सिर पर साफा बाँध रखा है तथा चिलम पी रहा है।
2 पहाड़ के नीचे की नदी किसान के घुटनों पर पड़ी चादर के समान प्रतीत होती है।
3. पलाश के लाल-लाल फूलों को दहकती अंगीठी बताया गया है।
4. अंधकार दूर सिमटा भेड़ों के गल्ले के समान लग रहा है।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. इस कविता के रचयिता कौन है?
(क) सर्वेश्वरदयाल सक्सेना
(ख) सुमित्रानंदन पंत
(ग) रघुवरदयाल सक्सेना
(घ) मैथिलीशरण गुप्त
उत्तर :
(ख) सुमित्रानंदन पंत

2. पहाड़ किस रूप में है?
(क) किसान के रूप में
(ख) साफा बाँधे हुए
(ग) चिलम खींचता
(घ) ये सभी रूप
उत्तर :
(घ) ये सभी रूप

3. कौन-सी अंगीठी दहक रही है?
(क) पलाश के जंगल की
(ख) कोयले की
(ग) लकड़ी की
(घ) प्रकृति की
उत्तर :
(क) पलाश के जंगल की

4. ‘भेड़ों के गल्ले-सा’ में कौन-सा अलंकार है?
(क) अनुप्रास
(ख) उपमा
(ग) रूपक
(घ) यमक
उत्तर :
(ख) उपमा

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2. अचानक – बोला …………………….. छा गया।

सप्रसंग व्याख्या
प्रसंग :
प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक ‘वसंत भाग-2’ में संकलित कविता ‘शाम : एक किसान’ से ली गई हैं। इस कविता के रचयिता सर्वेश्वरदयाल सक्सेना है। इसमें कवि ने जाडे की शाम में पहाड़ को एक किसान के रूप में चित्रित किया है।

व्याख्या :
कवि जाड़े की संध्या का चित्रण करते हुए बताता है कि अभी तक सारा वातावरण शांत था। अचानक मोर बोल उठता है, मानो किसी ने आवाज़ लगाई हो-‘सुनते हो?’ इसके बाद प्रकृति में सारा दृश्य घटना में बदल जाता है–चिलम उलट जाती है, आग बुझ जाती है, धुआँ उठने लगता है.सूरज डूब जाता है, शाम ढल जाती है और रात का अँधेरा छा जाता है।

विशेष : संध्याकालीन वातावरण का सजीव चित्रण किया गया है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न :
1. इस कविता के रचयिता कौन हैं?
2 इस कविता में किस वातावरण का चित्रण है?
3. दृश्य में क्या परिवर्तन आ जाता है?
उत्तर:
1. इस कविता के रचयिता सर्वेश्वरदयाल सक्सेना हैं।
2. इस कविता में जाड़े की एक संध्या के वातावरण का चित्रण है।
3. मोर के बोलते ही अर्थात् संध्या के होते ही सारा प्राकृतिक वातावरण बदल जाता है-सूरज डूब जाता है, रात का अंधेरा छाने लगता है। लगता है, चिलम औंधी हो गई है, आग बुझ गई है।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. अचानक कौन बोल उठा?
(क) मोर
(ख) किसान
(ग) तांता
(घ) किसान की पत्नी
उत्तर :
(क) मोर

2. “चिलम औंधी होना’ किसका प्रतीक है?
(क) सूरज डूबने का
(ख) सूरज चमकने का
(ग) दिन छपने का
(घ) रात होने का
उत्तर :
(क) सूरज डूबने का

3. कौन-सा शब्द ‘सूरज’ का पर्यायवाची नहीं है
(क) रवि
(ख) दिनकर
(ग) भास्कर
(घ) शशि
उत्तर :
(घ) शशि

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शाम एक किशान Summary in Hindi

शाम एक किशान कवि-परिचय

प्रश्न : कवि सर्वेश्वरदयाल सक्सेना के जीवन एवं साहित्य का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर :
जीवन एवं साहित्यिक परिचय :
आधुनिक हिंदी साहित्य की नई कविता के कवियों में श्री सर्वेश्वर दयाल सक्सेना का नाम अग्रगण्य है। आपका जन्म 15 सितंबर, 1927 को उत्तर ‘प्रदेश स्थित बस्ती में हुआ। आपने एंग्लों संस्कृत विद्यालय, बस्ती से हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की और क्वीस कॉलेज वाराणसी में प्रवेश लिया।

तत्पश्चात् आपने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम. ए. की परीक्षा उत्तीर्ण की। शिक्षा क्षेत्र में अध्यापन करने के उपरांत आपने आकाशवाणी में सहायक प्रोड्यूसर के रूप में कार्य किया। सर्वेश्वरदयाल सक्सेना ने कुछ दिन दिनमान के प्रमुख उपसंपादक पद पर भी कार्य किया। बाद में बच्चों की पत्रिका ‘पराग’ का संपादन कार्य भी किया। आपका देहावसान 25 सितंबर, 1984 को हुआ।

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना ‘तीसरा तारसप्तक’ के कवि हैं। छायावाद के उपरांत नई कविता के कवियों में महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं। सुमित्रानंदन पंत ने सक्सेना जी की साहित्य कला दृष्टि की सराहना की है तथा उन्हें सहज-प्रयत्न कवि और नए कवियों में कलाबोध का पारखी बताया है। उनके काव्य में रोमानियत और सम-सामयिकता पाई जाती है। वे समष्टि चेतना और व्यष्टि चेतना के प्रति सजग हैं। आपने कविता के नए-नए विषयों की ओर ध्यान दिया है। सक्सेना जी ने जीवन के विविध पक्षों को अपनी कविता में नए रंग-ढंग से व्यक्त किया है।

भाषा-शैली :
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना खड़ी बोली के कवि हैं। उन्हें छंदमुक्त कविता अभीष्ट है। आपकी भाषा सरल और स्पष्ट है। कविता में कहीं-कहीं तीखे व्यंग्य पाए जाते हैं। कविता में बिंब योजना और प्रतीकात्मकता विशेष रूप से परिलक्षित होती है। भाषा प्रसाद गुण युक्त है। भाषा में तत्सम शब्दों के साथ स्थानीय शब्दों का अदभुत समन्वय है तथा कल्पना की प्रधानता है। चित्रात्मकता के साथ मानवीकरण उनकी अनूठी विशेषता है।

रचनाएँ : सर्वेश्वरदयाल सक्सेना बहुमुखी प्रतिभा के धनी साहित्यकार हैं। आपकी साहित्यिक कृतियाँ निम्न प्रकार हैं

काव्य कृतियाँ : काठ की घंटियाँ, बाँस का पुल, एक सूनी नाव, गर्म हवाएँ, जंगल का दर्द, खूटियों पर टंगे लोग आदि।

नाटक : बकरी, कल फिर भात आएगा, लड़ाई, अब गरीबी हटाओ, राज-बाज बहादुर और रानी रूपमती आदि।

उपन्यास : पागल कुत्तों का मसीहा, सोया हुआ जल। लेख संग्रह : चरचे और चरखे आदि।

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शाम एक किशान कविता का सार

‘शाम : एक किसान’ शीर्षक कविता सर्वेश्वरदयाल सक्सेना द्वारा रचित है। इस कविता में कवि ने जाड़े की शाम के दृश्य को एक किसान के रूप में दर्शाया है। यह कविता एक रूपक है। इस कविता में शाम के दृश्य और किसान के बीच एकरूपता दिखाई गई है।

जिस प्रकार किसान सिर पर साफा बाँधकर चिलम खींचता या पीता है, उसी प्रकार पहाड़ (जो एक किसान के रूप में है) आकाश रूपी साफा बाँधकर और सूरज की चिलम को खींचता दिखाई देता है। जिस प्रकार किसान के घुटनों पर चादर पड़ी रहती है उसी प्रकार शाम के घुटनों पर नदी पड़ी रहती है। सर्दी भगाने के लिए किसान अँगीठी जलाता है।

शाम की अँगीठी है-पलाश के जंगल। इनमें लाल-लाल फूल आग की तरह दहकते हैं। अंधकार भेड़ों के गल्ले के समान दूर छिपकर बैठा रहता है। तभी अचानक बोल उठा, मानो कोई आवाज़ दे रहा हो। उस समय वह चिलम उल्टी हो गई, धुआँ उठने लगा और सूरज डूब गया तथा चारों ओर अंधेरा छा गया।

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HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 7 पापा खो गए

Haryana State Board HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 7 पापा खो गए Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 7 पापा खो गए

HBSE 7th Class Hindi पापा खो गए Textbook Questions and Answers

नाटक से

प्रश्न 1.
नाटक में आपको सबसे बुद्धिमान पात्र कौन लगा और क्यों ?
उत्तर :
नाटक में हमें सबसे बुद्धिमानी पात्र लैटरबॉक्स लगा। इसका कारण यह है कि उसे पढ़ना-लिखना आता है। वह लड़की के प्रति सच्ची सहानुभूति रखता है। वह बच्ची को उसके पापा से मिलवाने की योजना बनाता है। वह गुड़िया को उसके घर पहुँचाने के लिए सब कुछ करने को तैयार हो जाता है।

प्रश्न 2.
पेड़ और खंभे में दोस्ती कैसी हुई ?
उत्तर :
पेड़ और खंभा पास-पास खड़े हैं। एक बार जब आँधी आई तब खंभा पेड़ के ऊपर ही आ गिर पड़ा था। पेड़ खड़ा था अतः खंभा संभल गया। पेड़ ने उसे अपने ऊपर झेल लिया। इस प्रयास में पेड़ खुद जख्मी हो गया था। बाद में उसका गरूर झड़ गया और दोनों में दोस्ती हो गई।

प्रश्न 3.
लैंटरबॉक्स को सभी लाल ताऊ कहकर क्यों पुकारते थे ?
उत्तर :
लैटरबॉक्स को सभी लाल ताऊ कहकर इसलिए पुकारते थे क्योंकि वह लाल रंग का था। दूसरा रंग था ही नहीं। वह ताऊ की तरह बातें भी करता है। अत: लोग उसे लाल ताऊ कहकर पुकारते थे।

प्रश्न 4.
लाल ताऊ किस प्रकार बाकी पात्रों से भिन्न है?
उत्तर :
लाल ताऊ अन्य पात्रों से इस प्रकार भिन्न है क्योंकि वही एक ऐसा पात्र है जो पढ़ा-लिखा है। वह कुछ भजन गा भी लेता है। लाल ताऊ अपने अंदर की चिट्ठियाँ पढ़ लेता है। वह किसी से डरता नहीं है। वह तो अपने मन की बोरियत दूर करने के लिए दूसरों के पत्र पढ़ता है।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 7 पापा खो गए

प्रश्न 5.
नाटक में बच्ची को बचाने वाले पात्रों में एक ही सजीव पात्र है। उसकी कौन-कौन सी बातें आपको मजेदार लगीं ? लिखिए।
उत्तर :
नाटक में बच्ची को बचाने वालों में एक ही सजीव पात्र है और वह है-कौआ।
हमें उसकी ये बातें मजेदार लगीं –

  • वह दुष्ट चोर है कौन ? पहले उसे नजर तो आने दीजिए।
  • ताऊ, एक जगह बैठकर यह कैसे जान सकोगे ? उसके लिए तो मेरी तरह रोज चारों दिशाओं में गश्त लगानी पड़ेगी, तब जान पाओगे यह सब।
  • खूब हँसी उड़ाई।
  • सुबह जब हो जाए तो पेड़ राजा, तो आप अपनी घनी छाया इस पर किए रहें। वह आराम से देर तक सोई रहंगी।

प्रश्न 6.
क्या वजह थी कि सभी पात्र मिलकर भी एक लड़की को घर नहीं पहुंचा पा रहे थे ?
उत्तर :
सभी पात्र मिलकर भी एक लड़की को उसके घर इसलिए नहीं पहुंचा पा रहे थे क्योंकि किसी को उसके घर का पता मालूम नहीं था। वह लड़की भी इतनी भोली थी वह अपने मुहल्ले, गली का नाम तथा घर का नंबर तक नहीं जानती थी। वह अपने पापा का नाम भी नहीं जानती थी क्योंकि वह बहुत छोटी थी। उन्होंने इस काम के लिए पुलिस की मदद लेने की बात सोची।

नाटक से आगे

1. अपने-अपने घर का पता लिखिए तथा चित्र बनाकर वहाँ पहुँचने का रास्ता भी बताइए।
उत्तर :
सभी बच्चे अपने-अपने घर का पता लिखें तथा चित्र बनाकर रास्ता भी बताएँ।

2. मराठी से अनूदित इस नाटक का शीर्षक ‘पापा खो गए’ क्यों रखा गया होगा? अगर आपके मन में कोई दूसरा शीर्षक हो तो सुझाइए और साथ में कारण भी बताइए।
उत्तर :
इस नाटक का शीर्षक ‘पापा खो गए’ इसलिए रखा गया होगा क्योंकि बच्ची को उसके नपापा मिल नहीं रहे थे। नाटक के अंत में लैटरबॉक्स कहता भी है-“किसी को अगर इस प्यारी-सी बच्ची के पापा मिल जाएँ तो उन्हें जितनी जल्दी हो सके यहाँ ले आइए।”
अन्य शीर्षक : खोई हुई बच्ची।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 7 पापा खो गए

3. क्या आप बच्ची के पापा को खोजने का नाटक से अलग कोई और तरीका बता सकते हैं ?
उत्तर :
बच्ची को पुलिस थाने ले जाकर उसकी रिपोर्ट लिखवा देनी चाहिए। पुलिस अपने साधनों से उसके पापा को खोज निकाल लेगी।
दूसरा उपाय यह हो सकता है कि टी.वी. पर मीडिया के माध्यम से बच्ची को दिखाया जाए और उसके बारे में थोड़ी-बहुत जानकारी दे दी जाए। यह सूचना बच्ची के पापा तक भी पहुँच जाएगी और उनको खोज लिया जाएगा।

HBSE 7th Class Hindi पापा खो गए Important Questions and Answers

अति लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
खंभे को बरसात की रात क्यों नहीं पसंद थी?
उत्तर :
खंभे को बरसात की रात में भीगते हुए तेज हवा के बीच बल्ब को पकड़कर एक टाँग पर खड़ा रहना पड़ता था। अत: बरसात की रात उसे पसंद नहीं थी।

प्रश्न 2.
किस घंटना को याद कर पेड़ थर-थर काँपने लगता है?
उत्तर :
बरसात की एक रात में पेड़ के ऊपर आसमान से बिजली आ गिरी थी। उस घटना को याद कर पेड़ थर-थर काँपने लगता है।

प्रश्न 3.
खंभा बीमार क्यों नहीं पड़ता ?
उत्तर :
खंभे की तबीयत लोहे की है अत: वह कभी बीमार नहीं पड़ता।

प्रश्न 4.
पेड़ पर मौसम का अधिक प्रभाव क्यों नहीं पड़ता?
उत्तर :
पेड़ ने पत्तों का कोट पहना हुआ है। इसलिए उस पर सर्दी, बारिश या धूप का अधिक प्रभाव नहीं पड़ता।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 7 पापा खो गए

प्रश्न 5.
लोगों का ध्यान खींचने के लिए कौआ क्या करेगा?
उत्तर :
कौआ ज़ोर-ज़ोर से काँव-काँव करके लोगों का ध्यान खींचेगा।

प्रश्न 6.
नाटक के अंत में लैटरबॉक्स क्या बोलता है?
उत्तर :
मैं लाल ताऊ बोल रहा हूँ। आप में से किसी को अगर इस प्यारी-सी बच्ची के पापा मिल जाएँ, तो उन्हें जितनी जल्दी हो सके यहाँ ले आइए।

लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
एकांकी में सब पात्रों को कैसे पता चलता कि उन्हें आदमी को डराकर भागने के लिए क्या करना है ?
उत्तर :
जब नाच के समय खूब रंग जमने लगता है तब थोड़ी देर में सब अलग भागकर एक-दूसरे के कान में फुसफुसाकर बताते हैं कि उन्हें उस आदमी को डराकर भगाने के लिए क्या करना है।

प्रश्न 2.
पापा खो गए हैं-ऐसा पोस्टर पर लिखा था। इसके साथ पोस्टर पर किस भंगिमा में नाचने वाली लड़की खड़ी होगी?
उत्तर :
वह लड़की कुछ उदास, कुछ डरी-सहमी और दुबकी-सी खड़ी होगी।

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प्रश्न 3.
एकांकी में अलग-अलग पात्र अपने विचार प्रकट करते हैं और अपना परिचय भी देते हैं ताकि श्रोता उस पात्र को पहचान और समझ न सकें। जैसे आदमी अपने बारे में बताता है कि वह बच्चे उठाने वाला आदमी है। कहानी में या फिर वास्तव में ऐसा अक्सर नहीं होता है।
उत्तर :
पाठक या श्रोता पात्रों का परिचय संवाद के माध्यम से जानता है। संवाद पात्र के स्वरूप को उजागर करते हैं।

प्रश्न 4.
लैटरबॉक्स बाकी पात्रों से कैसे अलग है ?
उत्तर :
लैटरबॉक्स अन्य पात्रों से इस मायने में भिन्न है:

  • वह पढ़ा-लिखा है।
  • वह चिट्ठी पढ़ता है, दोहे गुनगुनाता है और बातचीत भी करता है।

प्रश्न 5.
लड़की को उसके घर पहुँचाने का क्या उपाय सोचा गया ?
उत्तर :
लड़की को उसके घर पहुँचाने का कौए ने यह उपाय बताया-पेड़ राजा इस पर अपनी घनी छाया किए रहें। खंभे महाराज जरा टेढ़े होकर खड़े रहें। इसलिए पुलिस को लगेगा कि एक्सीडेंट हो गया है। वह इस छोटी लड़की को देख कर इसके घर का पता लगाएगी। कौआ काँव-काँव करके लोगों का ध्यान आकर्षित करेगा।

प्रश्न 6.
लैटरबॉक्स बाकी पात्रों से कैसे अलग है ?
उत्तर :
लैटरबॉक्स अन्य पात्रों से इस मायने में भिन्न है :

  • वह पढ़ा-लिखा है।
  • वह चिट्ठी पढ़ता है, दोहे गुनगुनाता है और बातचीत भी करता है।

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पापा खो गए गद्यांशों पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न

1. तब भी …………….. जी होता है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. उपर्युक्त कथन किसका है?
2. बरसात की रातों को क्यों बुरा बताया जा रहा है?
3. बिजली का खंभा क्या करना चाहता है?
उत्तर:
1. उपर्युक्त कथन बिजली के खंभे का है।
2. बरसात की रातों को बिजली का खंभा बुरा इसलिए बताता है क्योंकि इनमें उसे रात भर भीगना पड़ता है तथा बादलों के पानी की मार खानी पड़ती है। उसे एक टाँग पर खड़ा रहना पड़ता है।
3. बिजली का खंभा अपने बल्ब को फेंककर दूर कहीं भाग जाना चाहता है।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. खंभे की बातों को कौन सुन रहा है?
(क) पेड़
(ख) बादल
(ग) लेटर बॉक्स
(घ) कोई नहीं
उत्तर :
(क) पेड़

2. खंभा किसे कसकर पकड़े रहता है?
(क) स्वयं को
(ख) बल्ब को
(ग) लड़की को
(घ) हवा को
उत्तर :
(ख) बल्ब को

3. इस एकांकी नाटक के रचयिता हैं
(क) विजय बहादुर
(ख) विजय तेंदुलकर
(ग) सचिन तेंदुलकर
(घ) कोई अन्य
उत्तर :
(ख) विजय तेंदुलकर

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2. यहीं मेरा ……………. ही है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. यह कथन किसका है?
2. पहले क्या-क्या नहीं था?
3. सामने क्या था?
4. किसमें अकड़ की बात की जा रही है?
उत्तर:
1. यह कथन पेड़ का है।
2. पहले ऊँचे-ऊचे घर नहीं थे, सड़क नहीं थी। तब सिनेमा का बड़ा-सा पोस्टर और उसमें नाचने वाली औरत नहीं थीं।
3. सामने केवल समुद्र था।
4. बिजली के खंभे में अकड़ की बात की जा रही है।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. ‘यहीं मेरा जन्म हुआ।’ किसका जन्म हुआ?
(क) पेड़ का
(ख) खंभे का
(ग) समुद्र का
(घ) किसी अन्य का
उत्तर :
(क) पेड़ का

2. पेड़ के सामने क्या था?
(क) समुद्र
(ख) खंभा
(ग) पोस्टर
(घ) नाचने वाली औरत
उत्तर :
(क) समुद्र

3. किसी नाक ऊँची थी?
(क) पेड़ की
(ख) खंभे की
(ग) लड़की की
(घ) सभी की
उत्तर :
(ख) खंभे की

4. किसने आवाज़ नहीं लगाई?
(क) पेड़ ने
(ख) खंभे ने
(ग) लोगों ने
(घ) लड़की ने
उत्तर :
(क) पेड़ ने

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 7 पापा खो गए

3. में बच्चे …………………….. मुमकिन नहीं।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. यह बच्चे उठाने वाला कौन है?
2. लड़की की क्या दशा थी?
3. वक्ता को क्या लगी है।
4. वह क्या करना चाहता है?
उत्तर:
1. यह बच्चा उठाने वाला भिखारी जैसा एक आदमी है।
2. लड़की गहरी नींद सो रही थी, उस पर बेहोशी का प्रभाव है।
3. वक्ता अर्थात् आदमी को भूख लगी है। उसके पेट में चूहे दौड़ रहे हैं।
4. वह खाने की तलाश करना चाहता है।

बहुविकल्पी प्रश्न सही विकल्प चुनकर लिखिए

1. आदमी के पास लड़की कहाँ से आई है?
(क) उसने उसे एक घर से उठाया है
(ख) वह लड़की उसके पास आ गई है
(ग) वह लड़की नींद में चलकर आई है
(घ) कोई उसे वहाँ छोड़ गया है
उत्तर :
(क) उसने उसे एक घर से उठाया है

2. वह क्यों नहीं उठेगी?
(क) वह भूखी है
(ख) वह सो रही है
(ग) उसे बेहोशी की दवा दी गई है
(घ) वह घबराई हुई है
उत्तर :
(ग) उसे बेहोशी की दवा दी गई है

3. ‘मुमकिन’ शब्द का अर्थ है
(क) संभव
(ख) असंभव
(ग) माँगना
(घ) मारना
उत्तर :
(क) संभव

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 7 पापा खो गए

4. ये तो …………….. चीगी ।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. कान ठीक लग रहे हैं? किसे?
2. लड़की के दिमाग में कौन-कौन से प्रश्न उठते हैं?
3. लड़की को डर क्यों लग रहा है?
उत्तर:
1. लैटरबॉक्स, बिजली का खंभा. पेड़ और कौआ-लड़की को सब ठीक लग रहे हैं।
2. लड़की के दिमाग में ये प्रश्न उठते हैं-मैं कहाँ हूँ? मेरा घर कहाँ है? मेरे पापा कहाँ हैं? मम्मी कहाँ है?
3. लड़की को डर इसलिए लग रहा है कि चारों ओर अँधेरा है, रात है।

बहुविकल्पी प्रश्न सही विकल्प चुनकर लिखिए

1. ‘नि:स्तब्ध’ शब्द का अर्थ है
(क) शात
(ख) अशांत
(ग) अच्छा
(घ) बुरा
उत्तर :
(क) शात

2. डर किसे लग रहा है?
(क) पेड़ को
(ख) खंभे को
(ग) लड़की को
(घ) सभी को
उत्तर :
(ग) लड़की को

3. लड़की क्या करेगी?
(क) बोलेगी
(ख) चीखेगी
(ग) भागेगी
(घ) हँसेगी
उत्तर :
(ख) चीखेगी

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 7 पापा खो गए

पापा खो गए Summary in Hindi

पापा खो गए एकांकी का सार

नाटक की विभिन्न घटनाएँ सड़क पर घटती हैं। रात के समय बिजली का खंभा और पेड़ बातें करते हैं। बरसात की रात बिजली के खंभे को अच्छी लगती है क्योंकि तब उसे भीगते रहना पड़ता है। पेड़ भी बताता है कि एक रात आसमान की बिजली गिर पड़ी थी। वह उसे याद करके काँप उठता है। खंभा अपनी तबीयत को लोहे की बताता है जो कभी बीमार नहीं पड़ता। तभी लैटरबॉक्स उनक बातचीत में शामिल हो जाता है। वह एक दोहे का चरण गुनगुनाता है तो कौआ कहता है कि कौन है जो रात के वक्त इतनी मीठी आवाज लगाकर मेरी नींद खराब करता है। लैटरबाक्स किसी की चिट्ठी पढ़ने लगता है तो पेड़ और खंभा उसे समझाते हैं कि किसी की चिट्ठी पढ़ना ठीक नहीं है।

तभी एक गुंडा-बदमाश आदमी आता है। वह कहता है कि मैं बच्चे उठाने वाला चोर हूँ। बच्चा बेचाने की अच्छी कीमत मिल जाती है। उसके पास एक छोटी सी लड़की थी। पेड़, खंभा और लैटरबाक्स को कुछ गड़बड़ी की आशंका होती है। वे कौए को भी जगाते हैं। दुष्ट आदमी खाने की तलाश में जाता है तो पेड़, खंभा, लैटरबाक्स तथा कौआ बच्ची के बचाव के बारे में चिंतित हो जाते हैं। तब तक वह छोटी लड़की जाग चुकी होती है।

वह इन सबके पास आकर खड़ी हो जाती है। वह कहती है कि मुझे डर लग रहा है। लैटरबॉक्स उसके पास आकर उसे न घबराने को कहता है। लड़की को जब पता चलता है कि लैटर बॉक्स बोलता है तो वह बहुत खुश होती है। वे दोनों बातें करते हैं। लैटर बॉक्स लड़की का पता-ठिकाना जानना चाहता है. पर लड़की को कुछ ठीक से मालूम नहीं है। धीरे-धीरे पेड़, खंभा और कौवा भी बातचीत में शामिल हो जाते हैं। अब लड़की को डर नहीं लगता। वह सबके साथ खेलने लगती है। पोस्टर की लड़की भी उसके साथ नाचने लगती है।

तभी वह दुष्ट आदमी आ जाता है। सब चुप हो जाते हैं। वह लड़की को ढूँढता है। लड़की बचने का प्रयास करती है। पेड़, लैटर बॉक्स, खंभा और पोस्टर सभी लपक-झपक कर बीच में आते हैं और लड़की नहीं मिलती तो सब मिलकर उसे ढूँढते हैं और थपकी देकर उसे सुला देते हैं।

खंभा, पेड आदि के सामने समस्या है कि लडकी को उसके घर कैसे पहुँचाएँ। उसे तो अपने पापा का नाम भी नहीं मालूम। वे एक योजना बनाते हैं। सुबह होती है। सड़क पर सोई लड़की पर पेड़ झुककर छाया किए हुए है। खंभा टेढ़ा खड़ा है। देखने में लगता है जैसे कोई दुर्घटना हो गई हो। कौवा शोर मचाकर लोगों का ध्यान खींचता है। पोस्टर पर लिखा है-मेरे पापा खो गए हैं। लैटर बॉक्स सरकता हुआ लोगों से कहता है-इस प्यारी बच्ची के पास मिल जाएँ तो यहाँ ले आइए।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 7 पापा खो गए

पापा खो गए शब्दार्थ

भंगिमा – मुद्रा (Posture)। हड़बड़ी – जल्दबाजी (Hurry)। आफत = मुसीबत (Trouble)। गरूर – घमंड (Proud)। संतुलन – बराबर बने रहना (Balance)। पदन्यास = कदम रखना (To move)। चौकस = सावधान (Alert)। मुमकिन नहीं – असंभव (Not possible)। करीब से = निकट से (From near)। गश्त – फेरी (Round)। निस्तब्ध = शांत (Calm) स्वीकृति – मंजूरी (Permission)। दुबक जाना – छिप जाना (To hide)। संरक्षण = रखवाली (To watch)। चकमा = धोखा (Deceipt)। आनंदित – प्रसन्न (Happy)। प्रेक्षक – दर्शक (Spectator).

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HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 6 रक्त और हमारा शरीर

Haryana State Board HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 6 रक्त और हमारा शरीर Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 6 रक्त और हमारा शरीर

HBSE 7th Class Hindi रक्त और हमारा शरीर Textbook Questions and Answers

पाठ से

प्रश्न 1.
रक्त के बहाव को रोकने के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर:
रक्त के बहाव को रोकने के लिए चोट के स्थान पर एक साफ कपड़ा बाँध देना चाहिए। दबाव पड़ने से रक्त का बहना कम हो जाता है।

प्रश्न 2.
खून को ‘भानुमती का पिटारा’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
खून को भानुमती का पिटारा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें लाखों कण तरह-तरह के होते हैं। इनमें कुछ कण लाल तो कछ कण सफेद तथा कुछ रंगहीन होते हैं। तरल भाग प्लाज्मा होता है। रंगहीन कण (प्लेटलैट्स) प्लाज्मा में तैरते रहते हैं। यह सब भानुमती के पिटारे के समान प्रतीत होता है।

प्रश्न 3.
एनीमिया से बचने के लिए हमको क्या-क्या खाना चाहिए?
उत्तर:
एनीमिया से बचने के लिए हमें हरी सब्जियाँ, फल, दूध, अंडा और गोश्त खाना चाहिए। पौष्टिक आहार से ही एनीमिया से बचा जा सकता है।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 6 रक्त और हमारा शरीर

प्रश्न 4.
पेट में कीड़े क्यों हो जाते हैं? इनसे कैसे बचा जा सकता है?
उत्तर:
पेट में कीड़े इसलिए हो जाते हैं कि हम दूषित जल पीते हैं और हम खाने से पहले हाथों को पूरी तरह साफ नहीं करते।

प्रश्न 5.
रक्त के सफेद कणों को ‘वीर सिपाही’ क्यों कहा गया है?
उत्तर:
रक्त के सफेद कणों को वीर सिपाही इसलिए कहा गया है क्योंकि ये हमारे शरीर की रक्षा करते हैं। जब रोगाणु हमारे शरीर पर धावा बोलने की कोशिश करते हैं तब ये सफेद कण उनसे डटकर मुकाबला करते हैं और उनको शरीर में घर नहीं बनाने देते।

प्रश्न 6.
ब्लड-बैंक में रक्त-दान से क्या लाभ हैं?
उत्तर:
ब्लड-बैंक में रक्तदान ये यह लाभ है कि यहाँ आपात स्थिति के लिए रक्त जमा रहता है। यहाँ हर किस्म का रक्त- समूह तैयार रखा जाता है। रक्त को ब्लड-बैंक में सुरक्षित रखा जाता है तथा यह जरूरत के समय उपलब्ध हो जाता है।

प्रश्न 7.
साँस लेने पर साफ हवा से जो आक्सीजन प्राप्त होती है, उसे शरीर के हर हिस्से में कौन पहुँचाता है?
सफेद कण
लाल कण
साँस नली
फेफड़े
उत्तर:
लाल कण।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 6 रक्त और हमारा शरीर

पाठ से आगे

प्रश्न 1.
रक्त में हीमोग्लोबिन के लिए किस खनिज की आवश्यकता पड़ती है:
जस्ता
शीशा
लोहा
प्लैटिनम
उत्तर:
लोहा।

प्रश्न 2.
बिंबाणु (प्लेटलैट कण) की कमी किस बीमारी में पाई जाती है:
टायफायड
मलेरिया
डेंगू
फाइलेरिया
उत्तर:
डेंगू।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 6 रक्त और हमारा शरीर

HBSE 7th Class Hindi रक्त और हमारा शरीर Important Questions and Answers

अति लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
दिव्या किस रोग से ग्रस्त थी?
उत्तर:
दिव्या अनीमिया रोग से ग्रस्त थी।

प्रश्न 2.
प्लाज्मा कैसा होता है?
उत्तर:
प्लाज्मा रक्त का वह भाग होता है जो तरल होता है।

प्रश्न 3.
बिंबाणु (प्लेटलेट) कहाँ तैरते रहते हैं?
उत्तर:
बिंबाणु प्लाज्मा में तैरते रहते हैं।

प्रश्न 4.
लाल कण बनावट में कैसे होते हैं?
उत्तर:
लाल कण बनावट में बालूशाही की तरह होते हैं।

प्रश्न 5.
लाल कणों का जीवनकाल कितना होता है?
उत्तर:
लाल कणों का जीवनकाल लगभग चार महीने होता है।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 6 रक्त और हमारा शरीर

प्रश्न 6.
लाल कणों के लिए किन चीजों की आवश्यकता होती है?
उत्तर:
इनके निर्माण के लिए प्रोटीन, लौह तत्त्व और विटामिन रूपी कच्चे माल की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 7.
पेट के कीड़े शरीर में कैसे प्रवेश करते हैं?
उत्तर:
ये कीड़े प्रायः दूषित जल और खाद्य खदार्थों द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं।

प्रश्न 8.
बिंबाणुओं का क्या काम है?
उत्तर:
बिंबाणुओं का काम है-चोट लगने पर रक्त जमाव की क्रिया में मदद करना।

लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
अनिल दिव्या को अस्पताल क्यों ले गया?
उत्तर:
दिव्या दिन-प्रतिदिन कमजोर होती चली जा रही थी। उसे हर समय थकान का अनुभव होता था तथा काम में मन नहीं लगता था। उसकी भूख भी कम होती जा रही थी। अतः अनिल उसे डॉक्टर को दिखाने के लिए अस्पताल ले गया था।

प्रश्न 2.
सूक्ष्मदर्शी यंत्र क्या होता है?
उत्तर:
सूक्ष्मदर्शी यंत्र से छोटी चीजें भी बड़े रूप में दिखाई देती हैं। रक्त कणों को इसकी सहायता से बड़े रूप में देखा जाता है। तब इनकी गिनती की जा सकती है।

प्रश्न 3.
रक्त कणों का निर्माण कहाँ होता है?
उत्तर:
रक्त कणों का निर्माण हड्डियों के बीच के भाग मज्जा में होता है। मज्जा में ऐसे बहुत से कारखाने होते हैं जो रक्त कणों के निर्माण कार्य में लगे रहते हैं।

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प्रश्न 4.
टाँके कब लगाए जाते हैं? क्यों?
उत्तर:
जब चोट का घाव गहरा होता है तब टाँके लगाए जाते हैं। इससे खून का बहना रुक जाता है।

प्रश्न 5.
कौन-सा व्यक्ति रक्तदान कर सकता है?
उत्तर:
अठारह वर्ष से अधिक उम्र का स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। एक बार में लगभग 300 मिलीलीटर रक्त ही लिया जाता है। रक्तदान से कमज़ोरी नहीं आती।

रक्त और हमारा शरीर गद्यांशों पर आधारित अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न

1. दिव्या अनिल … ………….. दिखाई दीं।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
1. दिव्या कौन है?
2. दिव्या की दशा कैसी है?
3. डॉक्टर ने दिव्या के बारे में क्या कहा?
4. दिव्या को कहाँ भेज दिया गया?
उत्तर:
1. दिव्या अनिल की छोटी बहन है।
2. दिव्या शारीरिक रूप से शुरू से ही कमजोर है। कुछ दिनों से उसे हर समय थकान महसूस होती रहती है। उसकी भूख भी कम हो गई है। उसका किसी काम में मन ही नहीं लगता।
3. अस्पताल में डॉक्टर ने दिव्या को देखकर कहा कि ऐसा लगता है कि दिव्या के शरीर में खून की कमी हो गई है। इसकी जाँच करवाते हैं।
4. दिव्या को रक्त की जाँच करवाने के लिए पास के एक कमरे में भिजवा दिया गया।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. दिव्या कौन है?
(क) अनिल की बड़ी बहन
(ख) अनिल की छोटी बहन
(ग) अनिल की बेटी
(घ) सामान्य लड़की
उत्तर:
(ख) अनिल की छोटी बहन

2. दिव्या को क्या महसूस होता है?
(क) थकान
(ख) मन न लगना
(ग) भूख में कमी
(घ) ये सभी बातें
उत्तर:
(क) थकान

3. दिव्या के शरीर में किसकी कमी लगती थी?
(क) खून की
(ख) पानी की
(ग) माँस की
(घ) वायु की
उत्तर:
(क) खून की

4. डॉक्टर ने दिव्या को कहाँ भेज दिया?
(क) रक्त की जाँच करने वाले कमरे में
(ख) दवा लेने के कमरे में
(ग) बाहर प्रतीक्षालय में
(घ) बड़े डॉक्टर के पास
उत्तर:
(क) रक्त की जाँच करने वाले कमरे में

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2. इतना सुनते ……………………………. हो जाएगी।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. डॉक्टर दीदी ने क्या किया?
2. उसने अनिल से क्या कहा?
3. जब अगले दिन अनिल अस्पताल गया तब डॉक्टर दीदी क्या कर रही थी?
4. डॉक्टर दीदी ने अनिल को क्या बताया?
उत्तर:
1. डॉक्टर दीदी ने दिव्या की उँगली से रक्त की कुछ बूंदें ली और एक छोटी-सी शीशी में डाल दी और एक स्लाइड पर लगा दी।
2. डॉक्टर दीदी ने अनिल से कल अस्पताल आकर रिपोर्ट ले जाने के लिए कहा।
3. जब अगले दिन अनिल अस्पताल गया तब डॉक्टर दीदी एक सूक्ष्मदर्शी यंत्र के द्वारा उस स्लाइड की जाँच कर रही थी जिस पर दिव्या के रक्त की बूंदें लगी थीं।
4. डॉक्टर दीदी ने अनिल को बताया कि उसकी बहन दिव्या को अनीमिया है। चिंता की कोई बात नहीं है। कुछ दिन दवा लेने पर वह ठीक हो जाएगी।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. दिव्या के शरीर के किस अंग से रक्त लिया गया?
(क) बाजू से
(ख) उँगली से
(ग) पैर से
(घ) हथेली से
उत्तर:
(ख) उँगली से

2. रक्त की बूंदों का क्या किया गया?
(क) शीशी में डाली गई।
(ख) स्लाइड पर लगाई गई
(ग) दोनों काम किए गए
(घ) देखा गया
उत्तर:
(ग) दोनों काम किए गए

3. डॉक्टर दीदी क्या कर रही थीं?
(क) मरीजों को देख रही थीं
(ख) सूक्ष्मदर्शी यंत्र से स्लाइड की जाँच कर रही थीं
(ग) रक्त ले रही थीं ।
(घ) कुछ नहीं कर रही थीं।
उत्तर:
(ख) सूक्ष्मदर्शी यंत्र से स्लाइड की जाँच कर रही थीं

4. दिव्या को कौन-सा रोग बताया गया?
(क) अनीमिया
(ख) वायरल बुखार
(ग) हदय रोग
(घ) पेट में कीडे
उत्तर:
(क) अनीमिया

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3. देखने में ……………….. रहते हैं।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. देखने में रक्त कैसा लगता है?
2. सूक्ष्मदर्शी यंत्र से देखने पर यह कैसा प्रतीत होता है?
3. रक्त के कौन-कौन से भाग होते हैं?
4. प्लेटलेट्स क्या होते हैं?
उत्तर:
1. देखने में रक्त लाल द्रव (तरल पदार्थ) के समान दिखाई देता है।
2. सूक्ष्मदर्शी यंत्र से देखने पर यही रक्त भानुमती के पिटारे से कम दिखाई नहीं देता।
3. रक्त के दो भाग होते हैं-एक भाग तरल होता है जिसे हम प्लास्मा कहते हैं, दूसरा वह जिसमें छोटे-बड़े कई तरह के कण होते हैं। ये कण लाल और सफेद होते हैं।
4. जिन रक्त कणों का कोई रंग नहीं होता, उन्हें प्लेटलेट्स कहते हैं। ये कण प्लाज्मा में तैरते रहते हैं।

बहुविकल्पी प्रश्न सही विकल्प चुनकर लिखिए

1. रक्त किसके समान दिखाई देता है?
(क) द्रव के समान
(ख) भानुमती के पिटारे के समान
(ग) पानी के समान
(घ) माँस के समान
उत्तर:
(क) द्रव के समान

2. रक्त के तरल भाग को क्या कहते हैं?
(क) प्लाज्मा
(ख) प्लेटलेट
(ग) मज्जा
(घ) अस्थि
उत्तर:
(क) प्लाज्मा

3. प्लेटलेट्स के कणों का रंग कैसा होता है?
(क) कुछ लाल
(ख) कुछ सफेद
(ग) कुछ रंगहीन
(घ) ये सभी
उत्तर:
(घ) ये सभी

4. प्लाज्मा में क्या तैरते रहते हैं?
(क) प्लेटलेट्स
(ख) कीड़े
(ग) अणु
(घ) बिंबाणु
उत्तर:
(क) प्लेटलेट्स

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 6 रक्त और हमारा शरीर

4. लाल कण …………….. अगले दिन।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
1. लाल कण बनावट में कैसे होते हैं?
2. रक्त कण लाल क्यों नजर आते हैं?
3. लाल रक्त कण क्या काम करते हैं?
4. लाल रक्त कणों का जीवन काल कितना होता है?
उत्तर:
1.लाल रक्त कण बनावट में बालूशाही की तरह होते हैं। ये गोल होते हैं और दोनों तरफ से दबे हुए होते हैं।
2. रक्त कण लाल इसलिए नजर आते हैं क्योंकि इसकी एक बूंद में इनकी संख्या लाखों में होती है। एक मिलीलिटर रक्त में 40-50 लाख कण मिलते हैं।
3. ये लाल रक्त कण शरीर के लिए दिन-रात काम करते हैं। ये साँस की साफ हवा को शरीर के हर हिस्से में पहुंचाते हैं।
4. इन लाल रक्त कणों का जीवन काल लगभग चार महीने होता है। चार महीने के होते-होते ये नष्ट हो जाते हैं, लेकिन धीरे-धीरे।

बहुविकल्पी प्रश्न सही विकल्प चुनकर लिखिए

1. लाल कण बनावट में किसके समान होते हैं?
(क) बालूशाही की तरह
(ख) लड्डू की तरह
(ग) कीड़ों की तरह
(घ) पता नहीं
उत्तर:
(क) बालूशाही की तरह

2. रक्त की एक बूंद में कितने लाल कण होते हैं?
(क) सैकड़ों
(ख) हजारों
(ग) लाखों
(घ) करोड़ों
उत्तर:
(ग) लाखों

3. एक मिलीलीटर रक्त में कितने लाल रक्त कण होते
(क) 20 लाख
(ख) 30 लाख
(ग) 40-55 लाख
(घ) 60 लाख
उत्तर:
(ग) 40-55 लाख

4. ऑक्सीजन को शरीर के हर हिस्से में कौन पहुंचाता
(क) सफेद रक्तकण
(ख) लाल रक्तकण
(ग) श्वास क्रिया
(घ) फेफड़े
उत्तर:
(ख) लाल रक्तकण

5. लाल कणों का जीवन काल कितना होता है?
(क) चार महीने
(ख) छह महीने
(ग) एक वर्ष
(घ) पाँच वर्ष
उत्तर:
(क) चार महीने

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 6 रक्त और हमारा शरीर

5. शरीर में ………………. कहते हैं।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. शरीर के रक्त कण खत्म क्यों नहीं हो पाते?
2. रक्त कणों का निर्माण कहाँ होता है?
3. कारखानों को किस कच्चे माल की आवश्यकता होती है? यह कहाँ से मिलता है?
4. कच्चा माल न मिल पाने पर क्या दशा हो जाती है?
उत्तर:
1. शरीर में हर समय रक्त कण बनते रहते हैं जो नष्ट हुए कणों का स्थान ले लेते हैं। अत: शरीर के रक्त कण खत्म नहीं हो पाते।
2. हड़ियों के बीच के भाग को मज्जा कहते हैं। मज्जा में ऐसे बहुत से कारखाने होते हैं जो रक्त कणों के निर्माण में लगे रहते हैं।
3. रक्त कण बनाने के लिए इन कारखानों को प्रोटीन, लौह तत्त्व और विटामिन रूपी कच्चे माल की आवश्यकता होती है। उन्हें यह कच्चा माल हरी सब्जियों, फल, दूध, अंडे और गोश्त से मिल जाता है।
4. जब इन कारखानों को कच्चा माल उचित मात्रा में नहीं मिल पाता तब रक्त कण नहीं बन पाते और रक्त में इन कणों की कमी हो जाती है। लाल कणों की कमी को ही अनीमिया कहते हैं।

बहुविकल्पी प्रश्न सही विकल्प चुनकर लिखिए।

1. रक्त कणों के निर्माण के कारखाने कहाँ होते हैं?
(क) हड्डियों में
(ख) मज्जा में
(ग) पेट में
(घ) हृदय में
उत्तर:
(ख) मज्जा में

2. रक्त कण निर्माण के लिए किसकी आवश्यकता होती है?
(क) प्रोटीन
(ख) लौह तत्व
(ग) विटामिन
(घ) सभी की
उत्तर:
(घ) सभी की

3. ये तत्व किसमें मिलते हैं?
(क) फल-सब्जियों में
(ख) दूध में
(ग) अंडा- गोश्त में
(घ) इन सभी में
उत्तर:
(घ) इन सभी में

4. रक्त में लाल कणों की कमी से कौन सा रोग हो जाता है?
(क) अनीमिया
(ख) रक्तचाप
(ग) पेट दर्द
(घ) श्वासरोग
उत्तर:
(क) अनीमिया

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 6 रक्त और हमारा शरीर

6. अनीमिया बहुत ……………… न घूमें।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. अनीमिया का सबसे बड़ा कारण क्या है?
2. पेट के कीड़े क्यों होते हैं? ये शरीर में कैसे प्रवेश करते हैं?
3. इनसे बचने के लिए क्या-क्या उपाय किए जाने चाहिएँ?
4. दूसरी किस्म के कीड़े कौन से हैं?
उत्तर:
1. अनीमिया का सबसे बड़ा कारण पौष्टिक आहार न खाया जाना है। पौष्टिक आहार की कमी अनीमिया रोग उत्पन्न करती है।
2. पेट के कीड़े दूषित जल और खाद्य पदार्थों द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं।
3. इनसे बचने के लिए यह जरूरी है कि हम पूरी सफाई से बनाए भोजन को खाएँ। भोजन करने से पूर्व हाथों को अच्छी तरह धो लेना चाहिए तथा केवल साफ पानी ही पीना चाहिए।
4. दूसरी किस्म के कीड़ों के अंडे जमीन की ऊपरी सतह में पाए जाते हैं। इन अंडों से उत्पन्न लार्वे चमड़ी के रास्ते शरीर में घुसकर आँतों में अपना घर बना लेते हैं।

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1. अनीमिया का सबसे बड़ा कारण क्या है?
(क) साँस न लेना
(ख) पौष्टिक आहार की कमी
(ग) पूरा पानी न पीना
(घ) व्यायाम न करना
उत्तर:
(ख) पौष्टिक आहार की कमी

2. पेट के कीड़े किसके द्वारा शरीर में प्रवेश करते हैं?
(क) दूषित जल द्वारा
(ख) दूषित खाद्य पदार्थों द्वारा
(ग) इन दोनों द्वारा
(घ) साँस द्वारा
उत्तर:
(ग) इन दोनों द्वारा

3. भोजन करने से पूर्व हमें क्या करना चाहिए?
(क) हाथ अच्छी तरह धो लेने चाहिए
(ख) पर्याप्त पानी पीना चाहिए
(ग) आराम से बैठना चाहिए।
(घ) दूध पीना चाहिए
उत्तर:
(क) हाथ अच्छी तरह धो लेने चाहिए

4. पेट के कीड़ों के लार्वे शरीर में कहाँ अपना घर बना लेते हैं?
(क) आँतों में
(ख) हड्डियों में
(ग) पेट में
(घ) फेफड़ों में
उत्तर:
(क) आँतों में

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 6 रक्त और हमारा शरीर

7. प्लेटलेट कणों …………. जाता है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. प्लेटलेट कणों का क्या काम है?
2 प्लाज्मा क्या है? इसकी प्रोटीन क्या काम करती है?
3. रक्त का निकलना बंद कैसे हो जाता है?
उत्तर:
1. प्लेटलेट कणों का यह काम है कि वह चोट लगने पर रक्त को जमाने की क्रिया में मदद करते हैं।
2. रक्त के तरल भाग को प्लाज्मा कहते हैं। इसमें एक विशेष प्रकार की प्रोटीन होती है जो रक्त नली की कटी फटी दीवार में मकड़ी के जाले के समान एक जाला बुन देती है।
3. प्लेटलेट कण इस जाले से चिपक जाते हैं और इससे दीवार में आई दरार भर जाती है और रक्त का बाहर निकलना बंद हो जाता है।

बहुविकल्पी प्रश्न सही विकल्प चुनकर लिखिए

1. प्लेटलेट कणों का क्या काम है?
(क) रक्त की जमाव क्रिया में मदद करना
(ख) रक्त को प्रवाहित करना
(ग) प्लाज्मा बनाना
(घ) कुछ नहीं
उत्तर:
(क) रक्त की जमाव क्रिया में मदद करना

2. प्लाज्मा में क्या वस्तु होती है?
(क) प्रोटीन
(ख) विटामिन
(ग) रक्त कण
(घ) लाल कण
उत्तर:
(क) प्रोटीन

3. विशेष किस्म की प्रोटीन क्या काम करती है?
(क) रक्त नली की कटी-फटी दीवार में जाला-सा बुन देती है
(ख) प्लेटलेट्स बनाती है
(ग) रक्त बहाती है
(घ) कुछ नहीं करती
उत्तर:
(क) रक्त नली की कटी-फटी दीवार में जाला-सा बुन देती है

4. कौन-से कण जाले से चिपकते हैं?
(क) प्लेटलेट्स
(ख) लाल कण
(ग) प्लाज्मा
(घ) सभी
उत्तर:
(क) प्लेटलेट्स

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 6 रक्त और हमारा शरीर

रक्त और हमारा शरीर Summary in Hindi

रक्त और हमारा शरीर पाठ का सार

दिव्या अनिल की छोटी बहन है। पिछले कुछ दिनों से वह हर समय थकान महसूस करती रहती थी। अस्पताल में जाने पर डॉक्टर ने देखकर उसे जाँच के लिए दूसरे कमरे में भेज दिया। वहाँ बैठी डॉक्टर ने उसकी उँगली से खून की कुछ बूंदें लेकर एक स्लाइड बनाई। अगले दिन डॉक्टर ने बताया कि दिव्या को अनीमिया (खून की कमी) है।

अनिल के पूछने पर डॉक्टर ने उसे रक्त के बारे में समझाया। रक्त देखने में तो लाल द्रव सा है पर सूक्ष्मदर्शी से देखने पर इसमें अनेक चीजें दिखाई पड़ती हैं। तरल भाग प्लाज्मा कहलाता है। कछ लाल, कछ सफेद और कछ बिना रंग के कण (प्लेटलेटस) होते हैं जो प्लाज्मा में तैरते हैं। एक मिलीलीटर रक्त में चालीस लाख से पचास लाख तक लाल कण होते हैं। यही वजह है खून लाल रंग का दिखाई देता है।

शरीर में नए रक्त कणों के लिए प्रोटीन लौह और विटामिनों की आवश्यकता होती है। संतुलित आहार न लेने से ये रक्त कण नहीं बन पाते और शरीर में खून की कमी हो जाती है। सफेद कण शरीर के लिए वीर सिपाही हैं। ये रोगाणुओं का डटकर मुकाबला करते हैं। प्लेटलेट कण चोट लगने पर घाव की दीवार में प्लाज्मा की एक विशेष प्रोटीन के साथ चिपक कर घाव बंद कर देते हैं और रक्त बाहर निकलना बंद हो जाता है।

बहुत अधिक खून बह जाने पर घायल व्यक्ति को उसके खून के ही वर्ग का खून चढ़ाया जाता है। देश में अनेक रक्त बैंक खोले गए हैं जहाँ पर इच्छित व्यक्ति अपना खून दान करते हैं। रक्त दान से शरीर में कमजोरी नहीं आती। रक्त दान करने वाले व्यक्ति की उम्र अठारह साल से अधिक व उसे स्वस्थ होना चाहिए।

रक्त और हमारा शरीर शब्दार्थ

रक्त = खून (Blood)। दरवाजे पर दस्तक देना = दरवाजा खटखटाना (To knock at the door)! सूक्ष्मदर्शी सूक्ष्म जीवों को देखने का यंत्र (Microscope)। अनीमिया – खून की कमी (Anaemia)। भानुमती का पिटारा = अनेक वस्तुओं से मिला-जुला (Pandora’s box)। जीवनकाल = उम्र (Life span)। उपयुक्त = उचित (Proper)। धावा बोलना = हमला करना (Attack)। लाभप्रद – फायदेमंद (Useful)। आपात स्थिति = अचानक आई मजबूरी (Emergency)। रक्तदान – खून देना (Donation of blood)। जरूरतमंद – जिसे आवश्यकता हो (Needy)।

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HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 5 मीठाईवाला

Haryana State Board HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 5 मीठाईवाला Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 5 मीठाईवाला

HBSE 7th Class Hindi मीठाईवाला Textbook Questions and Answers

कहानी से

प्रश्न 1.
मिठाईवाला अलग-अलग चीजें क्यों बेचता था और वह महीनों बाद क्यों आता था?
उत्तर:
मिठाईवाला अलग-अलग चीजें बंचता था। कभी वह मिठाई बेचता, तो कभी खिलौने बेचता और कभी मुरली बेचता था। वह बच्चों को पसंद आने वाली चीजें ही बेचता था। बच्चे एक चीज से उकता न जाएँ इसलिए चीजें बदल-बदलकर बेचता था। वह महीनों बाद इसलिए आता था क्योंकि वह चीजें तैयार करवाता था तथा बच्चों में उत्सुकता बनाए रखना चाहता था।

प्रश्न 2.
मिठाईवाले में वे कौन-से गुण थे जिनकी वजह से बच्चे तो बच्चे, बड़े भी उसकी ओर खिंचे चले आते थे?
उत्तर:
मिठाईवाले में अनके गुण थे।

  • उसका स्वर बहुत मीठा था। वह गा-गाकर चीजें बेचता था।
  • बच्चों के प्रति उसका व्यवहार अत्यंत कोमल एवं प्रेमपूर्ण था।
  • वह लाभ कमाने के चक्कर में नहीं रहता था।
  • वह सदा सच बोलता था।
  • उसके हृदय में बच्चों के लिए ममता थी।

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प्रश्न 3.
विजय बाबू एक ग्राहक थे और मुरलीवाला एक विक्रेता। दोनों अपने-अपने पक्ष के समर्थन में क्या तर्क पेश करते हैं?
उत्तर:
विजय बाबू एक ग्राहक थे और मुरलीवाला एक विक्रेता! विजय बाबू अपने पक्ष के समर्थन में यह तर्क प्रस्तुत करते हैं-फेरीवाले झूठे और मक्कार होते हैं। वे सभी को एक समान दर पर सामान देते हैं. पर पहले अधिक दाम बताकर फिर कम करके ग्राहक पर अहसान का बोझ लाद देते हैं।
मुरलीवाला तर्क देता है-

  • ग्राहक को वस्तु की लागत कीमत का पता नहीं होता।
  • दुकानदार चाहे हानि उठाकर भी चीज बेचे फिर भी ग्राहक समझता है कि दुकानदार लूट रहा है।
  • ग्राहक को दुकानदार पर विश्वास नहीं होता।

प्रश्न 4.
खिलौनेवाले के आने पर बच्चों की क्या प्रतिक्रिया होती थी?
उत्तर:
खिलौने वाले के आने पर बच्चे खुश हो जाते थे। वे अपने-अपने घर से पैसे लाकर खिलौनों का मोल भाव करने लग जाते थे। खिलौनावाला उनको मनचाहे खिलौने दे देता था और बच्चे उन्हें पाकर उछलने-कूदने लगते थे।।

प्रश्न 5.
रोहिणी को मुरलीवाले के स्वर से खिलौनेवाले का स्मरण क्यों हो आया?
उत्तर:
रोहिणी को मुरलीवाले के स्वर से खिलौनेवाले का स्मरण इसलिए हो आया क्योंकि खिलौनेवाला भी इसी तरह गा-गाकर खिलौने बेचा करता था। उसने उसका स्वर पहचान लिया था।

प्रश्न 6.
किसकी बात सुनकर मिठाईवाला क्यों भावुक हो गया था? उसने इन व्यवसायों को अपनाने का क्या कारण बताया?
उत्तर:
दादी की बात सुनकर मिठाईवाला भावुक हो गया। इस पर उसने भावुक होकर बताया-वह भी अपने नगर का प्रतिष्ठित आदमी था। उसके पास सुख के सभी साधन थे। स्त्री और दो छोटे बच्चे भी थे। विधाता की लीला सभी को ले गई। वह तो अपने बच्चों को इन बच्चों में खोजता है। उसे पैसों की कोई कमी नहीं है। वह इन चीजों को बच्चों में बेचकर संतोष का अनुभव करता है. कमाता नहीं।

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प्रश्न 7.
“अब इस बार ये पैसे न लूँगा” कहानी के अंत में मिठाईवाले ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तर:
चुन्न-मुन्नू ने मिठाई मांगी तो मिठाईवाले ने मिठाई की दो पुड़ियाँ उन्हें ऐसे ही दे दी। रोहिणी ने भीतर से पैसे फेंके तो मिठाईवाला बोला “अब इस बार ये पैसे न लूँगा।” मिठाईवाले ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उसे लग रहा था कि वह अपने ही बच्चों को मिठाई दे रहा है।

प्रश्न 8.
इस कहानी में रोहिणी चिक के पीछे से बात करती है। क्या आज भी औरतें चिक के पीछे से बात करती हैं? यदि करती हैं तो क्यों? आपकी राय में क्या यह सही है?
उत्तर:
आज प्रायः औरतें चिक के पीछे से बातें नहीं करतीं। हाँ. कुछ मुस्लिम परिवारों में यह रिवाज अब भी है। वे स्त्रियाँ परदा करती हैं। गाँव की स्त्रियाँ भी परदा करती हैं। मेरी राय में यह ठीक नहीं है।

कहानी से आगे

प्रश्न 1.
मिठाईवाले के परिवार के साथ क्या हुआ होगा। सोचिए और इस आधार पर एक और कहानी बुनिए?
उत्तर:
मिठाईवाले के परिवार के साथ कोई दुर्घटना घटी होगी। मिठाई वाले का परिवार कहीं जा रहा होगा कि उन्हें किसी दुर्घटना का शिकार होना पड़ा होगा और उस दुर्घटना में मिठाईवाले की पत्नी और बच्चे मर गए होंगे।

प्रश्न 2.
हाट-मेले, शादी आदि आयोजनों में कौन-कौन-सी चीजें तुम्हें सबसे ज्यादा आकर्षित करती हैं? उनको सजाने-बनाने में किसका हाथ होगा? उन चेहरों के बारे में लिखिए।
उत्तर:
हाट-मेलं. शादी में हमें निम्नलिखित चीजें ज्यादा आकर्षित करती हैं

  1. खिलौने
  2. मिठाइयाँ
  3. चाट-पकौड़ी
  4. गोलगप्पे
  5. चाऊमीन।

खिलौनों को कारीगर घरों में बनाते हैं, जबकि मिठाइयों और चाट-पकौड़ी को वहीं मेले या शादी में बनाया जाता है। इनके चेहरे पर परिश्रम झलकता है।

प्रश्न 3.
इस कहानी में मिठाईवाला दूसरों को प्यार और खुशी देकर अपना दुःख कम करता है। इस मिजाज की और कहानियाँ, कविताएँ ढूंढिए और पढ़िए।
उत्तर:
ऐसी कहानियाँ विद्यार्थी पुस्तकों से पढ़ें।

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HBSE 7th Class Hindi मीठाईवाला Important Questions and Answers

अति लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
बच्चे खिलौने देखकर कैसे हो जाते थे?
उत्तर:
बच्चे खिलौने देखकर पुलकित हो उठते थे।

प्रश्न 2.
रोहिणी क्या सोचने लगी?
उत्तर:
रोहिणी सोचने लगी-खिलौने इतने सस्ते में कैसे दे गया?

प्रश्न 3.
नगर भर में क्या समाचार फैल गया?
उत्तर:
नगर भर में मुरलीवाले के आने का समाचार फैल गया।

प्रश्न 4.
ग्राहक हमेशा क्या सोचता है?
उत्तर:
ग्राहक हमेशा यह सोचता है कि दुकानदार मुझे लूट रहा है।

प्रश्न 5.
मुरलीवाले का स्वर कैसा था? उत्तर: मुरलीवाले का स्वर मीठा और स्नेहसिक्त था। प्रश्न 6. रोहिणी मकान की छत पर क्या कर रही थी?
उत्तर:
रोहिणी स्नान करके मकान की छत पर बाल सुखा रही थी।

प्रश्न 7.
मिठाईवाला पहले क्या था?
उत्तर:
वह पहले एक व्यवसायी था।

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लघुत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
विजयबाबू और मिठाईवाले के वार्तालाप को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
विजयबाबू: क्यों भाई, किस भाव देते हो मुरली?
मिठाईवाला: बाबू जी, वैसे तो भाव तीन पैसे का है, पर मैं आपको दो पैसे में ही दे दूंगा।
विजयबाबू: क्यों झूठ बोलता है? देता तो सभी को दो पैसे की होगा, पर मुझ पर एहसान का बोझ लादना चाहता है।
मिठाईवाला: बाबू जी. आपको इसकी लागत का पता तक नहीं है। हम चाहे हानि उठाकर भी अपना सामान क्यों न बेचें, पर आप हमें ठग ही समझते हैं।
विजयबाबू: अच्छा, अच्छा। बहस के लिए मेरे पास समय नहीं है। जल्दी से दो मुरली दे दे।

प्रश्न 2.
खिलौनेवाले की मधुर आवाज का बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ता था?
उत्तर:
खिलौनेवाले की मधुर आवाज सुनकर बच्चे अपना खेल बीच में ही छोडकर खिलौनेवाले के आस-पास जमा हो जाते और उसे घेरकर खड़े हो जाते। खिलौनेवाला उनके सामने अपनी खिलौनों की पेटी खोल देता।

प्रश्न 3.
नगर भर में मुरलीवाले के आने का समाचार क्यों फैल गया?
उत्तर:
नगर भर में मुरलीवाले के आने का समाचार इसलिए फैल गया क्योंकि वह मुरली बजाने और गाना गाने में उस्ताद था। लोगों को उसने मुरली बजाकर और मधुर गीत गा-गाकर रिझा लिया था। चारों ओर उसी की चर्चा होने लगी थी।

प्रश्न 4.
रोहिणी को मिठाईवाले का स्वर सुनकर खिलौनेवाले और मुरलीवाले का स्मरण क्यों हो आया?
उत्तर:
वास्तव में खिलौनेवाला, मुरलीवाला और मिठाईवाला व्यक्ति एक ही था। वही बार-बार चीजें बदलकर बच्चों को खश करने आता था। रोहिणी ने जब मिठाईवाले का मृदुल स्वर सुना तो उसे वह परिचित स्वर लगा। मुरलीवाला भी इसी प्रकार के स्वर में गाता था अतः उसे उसका स्मरण हो आया।

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प्रश्न 5.
मिठाईवाले ने अपनी मिठाइयों की क्या-क्या विशेषताएँ बताई?
उत्तर:
मिठाईवाले ने अपनी मिठाइयों की ये विशेषताएँ बताई-ये रंग-बिरंगी हैं। ये खट्टी-मीठी हैं तथा जायकेदार हैं। ये मुंह में देर तक टिकती हैं। बच्चे इन्हें बड़े चाव से चूसते हैं। ये खाँसी को दूर करती हैं। आकार में ये चपटी, गोल और पहलदार हैं।

प्रश्न 6.
मिठाईवाले को अपने व्यवसाय में पैसे के अलावा और क्या मिलता था?
उत्तर:
मिठाईवाले को अपने व्यवसाय में पैसे के अलावा संतोष, धीरज और असीम सुख मिलता था। वह बच्चों के निकट रहना चाहता था और अपने व्यवसाय में वह यह अवसर पा रहा था।

प्रश्न 7.
रोहिणी को मिठाईवाले के संबंध में जानने की उत्सुकता क्यों थी?
उत्तर:
रोहिणी को जब यह पता चला कि यह मिठाईवाला ही पहले खिलौनेवाला और मुरलीवाला बनकर आया था तो वह उसके बारे में जानने को उत्सुक हो उठी। वह जानना चाहती थी कि यह व्यक्ति इतने कम दामों पर अपनी चीजें क्यों बेचता है?

प्रश्न 8.
फेरीवाले को गली के बच्चों पर ममता क्यों थी?
उत्तर:
फेरीवाले को गली के बच्चों पर ममता इसलिए थी क्योंकि वह उन बच्चों में अपने मरे हुए बच्चों की छवि देखता था। उसे विश्वास था कि वे कहीं-न-कहीं जन्मे तो होंगे ही। वह उनको ही खोजता फिरता था। यही कारण था कि वह उन बच्चों के प्रति ममता का भाव रखता था। इससे उसे असीम संतोष मिलता था।

प्रश्न 9.
मिठाईवाला बच्चों के लिए ही चीजें लेकर क्यों आया था? सही उत्तर छाँटिए
(क) वह अधिक पैसा कमाना चाहता था।
(ख) वह लोगों को आकर्षित करना चाहता था।
(ग) वह लोगों में नाम कमाना चाहता था।
(घ) वह बच्चों से मिलकर अपनी ममता की पूर्ति करना चाहता था।
उत्तर:
(घ) वह बच्चों से मिलकर अपनी ममता की पूर्ति करना चाहता था।

प्रश्न 10.
मिठाईवाले की व्यथा को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
मिठाईवाला एक व्यथित व्यक्ति है। वह धनी-मानी व्यक्ति होते हुए भी गली-गली मुरली, खिलौने तथा मिठाई बेचता फिरता है। इस काम से उसकी व्यथा कुछ कम होती है। उसका एक भरा-पूरा परिवार था। ईश्वर की लीला भी बड़ी विचित्र है। उसकी सुंदर पत्नी और प्यारे बच्चे असमय ही ईश्वर को प्यारे हो गए। उसका हृदय व्यथा के सागर में डूब गया। उसने अपने जीने का माध्यम ढूंढ निकाला। वह बच्चों के सलोने मुखों में अपने बच्चों की छवि निहारता है। इससे उसे संतोष मिलता है।

प्रश्न 11.
एक दिन नगर में क्या समाचार फैल गया?
उत्तर:
एक दिन नगर में यह समाचार फैल गया कि यहाँ एक मुरलीवाला आया है। मुरली बजाने में वह बहुत उस्ताद है। वह मुरली बजाकर, गाना सुनाकर मुरली भी बेचता है और वह भी दो-दो पैसे में। इतने कम दाम में तो उसे कुछ भी नहीं मिलता होगा।

प्रश्न 12.
मुरलीवाले की बातें सुनकर रोहिणी ने क्या अनुभव किया?
उत्तर:
मुरलीवाले की बातें सुनकर रोहिणी ने अनुभव किया कि बच्चों के साथ इतने प्यार से बातें करने वाला कोई फेरीवाला कभी पहले नहीं आया। वह सस्ता सौदा बेचता है तथा भला आदमी जान पड़ता है।

प्रश्न 13.
इस कहानी का उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
इस कहानी का उद्देश्य है कि व्यक्ति परोपकार करके अपने दुःख को कमकर सकता है। व्यक्ति मीठी वाणी और सद्व्यवहार से सबका मन मोह लेता है। बच्चों के साथ स्नेहपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।

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प्रश्न 14.
बच्चे खिलौनेवाले से क्यों खुश रहते थे?
उत्तर:
खिलौनेवाला बच्चों को डाँटने-फटकारने के स्थान पर प्यार करता था। वह उन्हें तरह-तरह के खिलौने दिखाता था और उनकी पसंद के खिलौने उन्हें अत्यंत कम दामों पर दे देता था। वह बच्चों के साथ अत्यंत मीठे स्वर में बात करता था। वह बच्चों में लोकप्रिय हो गया था।

प्रश्न 15.
इस कहानी के माध्यम से लेखक ने कैसे व्यक्ति का चित्रण किया है?
उत्तर:
इस कहानी के माध्यम से लेखक ने एक ऐसे धनी और प्रतिष्ठित व्यक्ति की मन:स्थिति का चित्रण किया है, जिसने असमय ही अपनी पत्नी एवं बच्चों को खो दिया। वह अपने बच्चों के साथ बहुत लगाव रखता था। वह नगर के अन्य बच्चों को अपनी चीजों एवं मधुर वाणी से इसलिए लुभाता है क्योंकि वह उनमें अपने बच्चों की छवि देखता है। इससे उसे मानसिक शांति का अनुभव होता है।

मीठाईवाला गद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या

1. उसके …………….. खोल देता।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. मकानों में हलचल क्यों मच जाती थी?
2. युवतियाँ कहाँ, किस रूप में झाँकने लगती थीं?
3. बच्चे कहाँ खेलते थे?
4. खिलौनेवाला क्या करता था?
उत्तर:
1. जब खिलौनेवाला मीठे स्वर में गलियों में आवाज़ देता-‘खिलौनेवाला’ तब उसे सुनकर निकट के मकानों में हलचल मच जाती थी।
2. युवतियाँ अपने छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर, घर की चिकों को उठाकर नीचे की ओर झाँकने लगती थीं।
3. बच्चे गलियों और उनके मध्य समाए छोटे-छोटे उद्यानों में खेलते थे।
4. खिलौनेवाला बच्चों के झुंड के बीच बैठकर अपने खिलौनों की पेटी खोल देता था।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. खिलौने वाला का स्वर कैसा था?
(क) स्नेह से भरा
(ख) कर्कश
(ग) तीखा
(घ) अजीब-सा
उत्तर:
(क) स्नेह से भरा

2. युवतियाँ कहाँ देखने लगती थीं?
(क) ऊपर की ओर
(ख) नीचे की ओर
(ग) भीड़ की ओर
(घ) कहीं नहीं
उत्तर:
(ख) नीचे की ओर

3. इस कहानी के लेखक हैं
(क) भगवती प्रसाद वाजपेयी
(ख) भगवती चरण वर्मा
(ग) प्रेमचंद
(घ) जैनेंद्र
उत्तर:
(क) भगवती प्रसाद वाजपेयी

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2. नगर भर …………………………………… करता था?”

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. नगर भर में क्या समाचार फैल गया?
2. लोग क्या कहने लगे?
3. मुरलीवाले का हुलिया किस प्रकार का बताया गया?
4. पहले यह व्यक्ति क्या काम करता था?
उत्तर:
1. नगर भर में दो-चार दिनों में यह समाचार फैल गया कि मुरलीवाला आया है।
2. लोग यह कहने लगे कि वह व्यक्ति मुरली बजाने में बड़ा उस्ताद है। वह गाना सुना कर और मुरली बजा कर मुरली बेचता है। वह दो-दो पैसे में मुरली बेच रहा है। इतने में तो मेहनत भी पूरी न होती होगी।
3. मुरलीवाले का यह हुलिया बताया गया- वह 30-32 वर्ष का होगा। वह गोरा- पतला युवक है। वह बीकानेरी रंगीन साफा बाँधता है।
4. पहले यही व्यक्ति खिलौने बेचा करता था।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. नगर भर में क्या समाचार फैल गया?
(क) मुरलीवाले के आने का
(ख) खिलौनेवाले के आने का
(ग) गुब्बारवाले के आने का
उत्तर:
(क) मुरलीवाले के आने का

2. वह आदमी कैसे मुरली बेचता है?
(क) मुरली बजाकर
(ख) गाना सुनाकर
(ग) दोनों काम करके
(घ) कुछ नही करके
उत्तर:
(ग) दोनों काम करके

3. मुरलीवाले की उन कितनी होगी?
(क) बीस वर्ष
(ख) पच्चीस वर्ष
(ग) 30-32 वर्ष
(घ) पचास वर्ष
उत्तर:
(ग) 30-32 वर्ष

4. वह कैसा साफा बाँधता है?
(क) बीकानेरी
(ख) जोधपुरी
(ग) जयपुरी
(घ) अजमेरी
उत्तर:
(क) बीकानेरी

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3. प्रतिदिन इसी ………………….. गए हैं।”

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1, प्रतिदिन किसकी चर्चा होती थी और क्यों?
2. बच्चों को कैसा स्वर सुनाई पड़ता था?
3. मुरलीवाले का स्वर सुनकर रोहिणी को क्या स्मरण हो आया?
4. विजय कौन थे? उनसे रोहिणी ने क्या कहा?
उत्तर:
1. सारे नगर में प्रतिदिन मुरलीवाले की चर्चा होती थी क्योंकि प्रत्येक गली में उसकी मुरली की मधुर ध्वनि सुनाई पड़ती थी।
2. बच्चों को मुरलीवाले का मादक-मृदुल स्वर सुनाई पड़ता था बच्चों को बहलाने वाला, मुरलिया वाला।
3. मुरलीवाले के स्वर को सुनकर रोहिणी को मन-ही-मन खिलौनेवाले का स्मरण हो आया। वह भी इसी तरह गा-गाकर खिलौने बेचा करता था।
4. विजय रोहिणी के पति थे। रोहिणी ने उनसे मुरलीवाले को बुलाने के लिए कहा क्योंकि उसे चुन्नू-मुन्नू के लिए मुरली खरीदनी थी।

बहुविकल्पी प्रश्न सही विकल्प चुनकर लिखिए

1. प्रतिदिन किसकी चर्चा होती थी?
(क) मुरलीवाले की
(ख) मिठाईवाले की
(ग) खिलौनेवाले की
(घ) किसी की नहीं
उत्तर:
(क) मुरलीवाले की

2. रोहिणी को मुरलीवाले के स्वर से किसका स्मरण हो आया?
(क) मिठाईवाले का
(ख) खिलौनेवाले का
(ग) फेरीवाले का
(घ) सभी का
उत्तर:
(ख) खिलौनेवाले का

3. रोहिणी उठकर किसके पास गई?
(क) अपने पति विजय बाबू के पास
(ख) मुरलीवाले के पास
(ग) वृद्धा माँ के पास
(घ) बच्चों के पास
उत्तर:
(क) अपने पति विजय बाबू के पास

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4. विजय बाबू ………………………… …. भाव पड़ी हैं।”

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न:
1. विजय बाबू क्यों मुस्करा दिए?
2 विजय बाबू ने मुरलीवाले से क्या कहा?
3. मुरलीवाले ने क्या सफाई दी?
4. क्या आप उसकी बात से सहमत हैं?
उत्तर:
1. विजय बाबू मुरलीवाले की इस बात पर मुस्करा दिए कि मुरली है तो तीन पैसे की, पर आपको दो पैसे में ही दे दूंगा। विजय बाबू को लगा कि यह तो मुझ पर अहसान लाद रहा है।

2. विजय बाबू ने मुरलीवाले से यह कहा कि तुम लोगों की आदत झूठ बोलने की है। सभी को दो-दो पैसों में देते होंगे, पर अहसान का बोझा मेरे ऊपर लाद रहे हो।

3. मुरलीवाले ने यह सफाई दो-आपको मुरली की लागत का पता नहीं है। हर ग्राहक यही समझता है कि दुकानदार मुझे लूट रहा है। मैंने तो एक हजार मुरलियाँ बनवाई थीं अतः मुझे इस भाव पड़ी हैं अन्यथा कहीं भी ये मुरलियाँ दो-दो पैसे में नहीं मिल सकती।

4. हाँ, हम मुरलीवाले की बात से सहमत हैं। वह मुनाफा कमाने के लिए मुरली नहीं बेचता।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. कौन मुसकराया?
(क) विजय बाबू
(ख) रोहिणी
(ग) खिलौनेवाला
(घ) कोई नहीं
उत्तर:
(क) विजय बाबू

2. विजय ने मुरलीवाले पर क्या तोहमत लगाई?
(क) तुम लोगों को झूठ बोलने की आदत होती है
(ख) तुम लोगों को ठगने की आदत होती है
(ग) तुम लोगों को अपना माल बेचना होता है
(घ) तुम लोगों पर विश्वास नहीं किया जा सकता
उत्तर:
(क) तुम लोगों को झूठ बोलने की आदत होती है

3. मुरलीवाले ने कितनी मुरलियाँ बनवाई थीं?
(क) सौ
(ख) पाँच सौ
(ग) एक हजार
(घ) पाँच हजार
उत्तर:
(ग) एक हजार

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5. अतिशय गंभीरता ………….. …. नहीं है।

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न
1. मिठाईवाला पहले क्या था?
2. उसके पास क्या-क्या था?
3. बाहर-भीतर क्या था?
4. समय ने क्या कर दिया?
उत्तर:
1. मिठाईवाला पहले अपने शहर का एक प्रतिष्ठित आदमी था।
2. उसके पास मकान, व्यवसाय, गाड़ी-घोड़ा, नौकर-चाकर, पत्नी तथा दो बच्चे थे।
3. बाहर संपत्ति का वैभव था और भीतर सांसारिक सुख था।
4. समय ने ऐसी लीला खेली कि उसका सभी कुछ चला गया।

बहुविकल्पी प्रश्न सही उत्तर चुनकर लिखिए

1. मिठाईवाले का संसार कैसा था?
(क) सोने का
(ख) चाँदी का
(ग) खिलौनों का
(घ) नौकरों का
उत्तर:
(क) सोने का

2. उसकी पत्नी कैसी थी?
(क) सुंदर
(ख) सुशील
(ग) सामान्य
(घ) अच्छी
उत्तर:
(क) सुंदर

3. ‘सजीव खिलौने’ में रेखांकित शब्द क्या है?
(क) संज्ञा
(ख) सर्वनाम
(ग) विशेषण
(घ) क्रिया
उत्तर:
(ग) विशेषण

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मीठाईवाला Summary in Hindi

मीठाईवाला कहानी का सार

मिठाईवाला एक धनी एवं प्रतिष्ठित व्यक्ति होते हुए भी बच्चों को मिठाई एवं खिलौने इसलिए बेचता है क्योंकि वह उनमें अपने खोए हुए बच्चों की छवि देखता है। वह गलियों में घूम-घूमकर बड़े मीठे स्वर में आवाज दे-देकर अपनी चीजें बेचता रहता है। उसकी मीठी आवाज सुनकर स्त्रियाँ चिकों से झांकने लगती तथा बच्चों के झुंड उसे घेर लेते। खिलौने वाला उनके सामने अपनी खिलौनों की पेटी खोल देता। बच्चे अपनी तोतली बोली में खिलौनों का मोल-भाव करते। बच्चे उससे खिलौने लेकर खुशी से उछलने लगते। सभी बच्चे अपने-अपने खिलौने को बढ़िया बताते।

एक दिन राय विजय बहादुर के बच्चे उससे खिलौने ले गए। उनकी माँ रोहिणी को वे खिलौने बहुत सस्ते लगे। छह महीने बाद नगर में समाचार फैल गया कि एक मुरली वाला आया है और वह मुरली बजा-बजाकर बेचता है। वह 30-40 वर्ष की आयु का दुबला-पतला गोरा युवक है। यह वही खिलौने वाला व्यक्ति निकला।

रोहिणी ने उस मुरली वाले का स्वर सुना तो उसे तत्काल उस खिलौने वाले की याद आई। रोहिणी ने अपने पति से मुरली वाले को बुलाने को कहा। विजय बाबू ने मुरली वाले से पूछा “क्यों भाई, किस भाव देते हो मुरली?” तभी बालक आकर इकट्ठे हो गए और मुरली माँगने लगे। मुरली वाले ने विजय बाबू के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा-“वैसे तो तीन-तीन पैसे के हिसाब से हैं, पर आपको दो-दो पैसे में दे दूंगा।” इस पर विजय बाबू ने कहा-“तुम लोगों को झूठ बोलने की आदत हो जाती है। देते होंगे सभी को दो-दो पैसों में, पर एहसान का बोझ मुझ पर लाद रहे हो? यह उत्तर सुनकर मुरली वाले को हैरानी हुई क्योंकि वह लागत भाव पर ही मुरली बेच रहा था।

विजय बाय दो मुरलियाँ खरीद कर चले गए। मरली वाले ने बच्चों को उनकी पसंद की मुरलियाँ दे दी। फिर वह आगे चला गया। रोहिणी को मुरली वाले का स्वर बहुत मीठा लगता था। फिर कई महीने तक मुरली वाला न आया। आठ महीने बीतने के बाद गली में मुरली वाले की आवाज फिर सुनाई दी। रोहिणी ने बूढ़ी दादी से उस मुरलीवाले को बुलवाया। इस बार वह मिठाई बेच रहा था। उसके पास तरह-तरह की रंग-बिरंगी मिठाइयाँ थीं। वह एक पैसे की 16 गोलियाँ दे रहा था।

रोहिणी ने दादी से चार पैसे की मिठाई लेने को कहा। रोहिणी ने बातों ही बातों में उससे पूछ लिया कि वही पहले मुरली बेचता था। रोहिणी उसके बारे में जानना चाहती थी। मिठाई वाले ने कहा कि पुरानी बातें सुनकर आपको दुःख ही होगा। रोहिणी के बहुत जोर देने पर उसने बताया-मैं भी नगर का धनी एवं सम्मानित व्यक्ति था। सुंदर पत्नी और खिलौने से सुंदर बच्चे भी थे, पर एक दिन सब चले गए अर्थात् मर गए। अब अपना अकेलापन काटने के लिए ही इन चीजों को बेचता रहता हूँ।

इन बच्चों में अपने बच्चों की छवि देखता हूँ। मेरे पास पैसों की कोई कमी नहीं है, पर इससे मन को संतोष मिलता है। यह कहकर उसकी आँखों में आँसू आ गए। तभी रोहिणी के बच्चे आ गए। वे मिठाई मांगने लगे। मिठाई वाले ने मिठाई से भरी कागज की दो पुड़िया उन्हें दे दी। रोहिणी ने अंदर से पैसे फेंक दिए पर मिठाई वाले ने वे पैसे न लिए और आवाज लगाता हुआ गली में आगे बढ़ गया।

HBSE 7th Class Hindi Solutions Vasant Chapter 5 मीठाईवाला

मीठाईवाला शब्दार्थ

मीठे स्वर = मीठी बोली (Sweet voice)। विचित्र = अनोखा (Strange)। स्नेहाभषिक्त = स्नेह अभिषिक्त = प्रेम में भीगे (With love a affection)। अंतर्व्यापी- अंत:+व्यापी = भीतर तक फैले (Spread inside)। उद्यान = बगीचा (Garden)। पुलकित = प्रसन्न (Joyful)। सागर = समुद्र (Sea)। इच्छानुसार = इच्छा के अनुसार (According desire)। हिलोर = लहर (Wave)। निरखना = देखना (To see)। उस्ताद = गुरु (Teacher)। आकार-प्रकार = रूप, बनावट (Shape)। मादक = नशा पैदा करने वाला (Intoxicating)। मृदुल = कोमल (Tender)। स्मरण = याद(Memorize)।हर्ष = खुशी (Happiness)। ग्राहक = खरीददार (Customer)। दस्तूर = तरीका (System)। विस्मयादि = विस्मय+आदि = आश्चर्यसूचक (Exclamatory)। धीरज = धैर्य (Patience)। असीम = सीमा रहित (Unlimited)। प्रतिष्ठित = सम्मानित (Respected)। कोलाहल = शोर-शराबा (Noise)। संशय शक,संदेह (Doubt) विधाता ईश्वर (God) तत्काल = तुरंत (Immediately)। क्षीण = कमजोर (I Weak)।

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