Author name: Prasanna

HBSE 10th Class Social Science Solutions Civics Chapter 1 सत्ता की साझेदारी

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions Civics Chapter 1 सत्ता की साझेदारी Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions Civics Chapter 1 सत्ता की साझेदारी

HBSE 10th Class Civics सत्ता की साझेदारी Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में सत्ता की साझेदारी के अलग-अलग तरीके क्या हैं? इनमें से प्रत्येक का एक उदाहरण भी दें।
उनर-
आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में सत्ता की साझेदारी के अनेक तरीकों में निम्नलिखित का उल्लेख किया जा सकता है:

  • सत्ता का सरकार के विभिन्न अंगों द्वारा प्रयोग किया जाना-सरकार के तीन अंगों-विधानपालिका कार्यपालिका व न्यायपालिका-में सत्ता की बाँट सत्ता की साझेदारी का एक तरीका है: विधानपालिका कानून बनाती है, कार्यपालिका उन कानूनों को कार्य रूप देती है तथा न्यायपालिका कानूनों की अवहेलना करने वालों को दण्ड देती है। प्रायः सभी लोकतांत्रिक देशों में ऐसी व्यवस्था पायी जाती है।
  • सत्ता को सरकार की किन्हीं इकाईयों में बाँट-सत्ता का कुछ भाग केन्द्रीय सरकार के पास तथा दूसरा भाग प्रान्तीय सरकारों को देने की व्यवस्था सत्ता की साझेदारी का एक अन्य तरीका है। संघीय राष्ट्रों जैसे भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका आदि देशों में सत्ता की बाँट की ऐसी ही व्यवस्था है।
  • सत्ता को विभिन्न सामाजिक समूहों में बँटवारा-संविध नि द्वारा सत्ता को समाज के विभिन्न समूहों में बाँटने की व्यवस्था सत्ता के साझेदारी का एक अन्य तरीका है। बेल्जियम में केन्द्रीय सरकार के मन्त्रियों में आधे मंत्री फ्रेंच-भाषायी व आधे मंत्री डच-भाषायी मंत्री हैं।
  • सत्ता को कुछेक दलों व समूहों व आन्दोलनों में बाँटना-जब किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी राजनीतिक दल को सरकार बनाने हेतु पूर्ण बहुमत नहीं मिलता, तब कुछेक राजनीतिक दल गठबंधन सरकार की रचना करते हैं। भारत में 2004 तथा उससे पूर्व 1999 में बनी सरकारें मिली-जुली सरकारों का उदाहरण थीं। ऐसी गठबंधनीय सरकारों पर अनेकों समूहों का प्रभाव सदैव रहता है।

प्रश्न 2.
भारतीय संदर्भ में सत्ता की हिस्सेदारी का एक उदाहरण देते हुए इसका एक युक्तिपरक और एक नैतिक कारण बताएँ।
उत्तर-
‘युक्तिपरक’ तत्व का अर्थ होता है : समझ से काम लेना तथा तर्क के आधार पर कार्य करना; नैतिक तत्व में युक्तिपरक तर्क नहीं होता, अपितु अंतर्भूत महत्त्व का तत्व होता है। भारत में केन्द्र में बनी सरकार (1999 से 2004 के संदर्भ में) युक्तिपरक आधार पर बनी हुई है। इन दोनों वर्षों में लोकसभा चुनावों में किसी भी राजनीतिक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। अतः समझदारी इस तथ्य में थी कि गठबंधन द्वारा मिली-जुली सरकार बनायी जाए। तो, ऐसी सरकार बनायी गयी। सत्ता की हिस्सेदारी के इस युक्तिपरक कारण के साथ एक नैतिक कारण भी जोड़ी जा सकता है : विभिन्न क्लों के माध्यम से सरकार का निर्माण इस नैतिक इस नैतिक तत्व का संकेत है कि जिस दल को जितना समर्थन प्राप्त हो, उसे सरकार में उतना प्रतिनिधि त्व मिलना चाहिए।

प्रश्न 3.
इस अध्याय को पढ़ने के बाद तीन छात्रों ने अलग-अलग निष्कर्ष निकाले। आप इनमें से किससे सहमत हैं और क्यों? अपना जवाब करीब 50 शब्दों में दें।
थम्मन-जिन समाजों में क्षेत्रीय, भाषायी और जातीय आधार पर विभाजन हो सिर्फ वहीं सत्ता की साझेदारी जरूरी है।
मथाई-सत्ता की साझेदारी सिर्फ ऐसे बड़े देशों के लिए उपयुक्त है जहाँ क्षेत्रीय विभाजन मौजूद होते हैं।
औसेफ-हर समाज में सत्ता की साझेदारी की ज़रूरत होती है भले ही वह छोटा हो या उसमें सामाजिक विभाजन न हों।
उत्तर-
औसेफ द्वारा दिए गए निष्कर्ष से सहमति हो सकती है। लोकतंत्र लोगों की सरकार होती है तथा लोगों द्वारा अथवा उनके प्रतिनिधित्वों द्वारा संचालित की जानी चाहिए। समाज में सत्ता का केन्द्रीकरण लोकतंत्र के विरुद्ध माना गया है। सत्ता की साझेदारी में सत्ता का विकेन्द्रित भाव होता है। समाज में प्रत्येक छोटे-बड़े सामाजिक समूह को सत्ता में हिस्सेदारी मिलनी चाहिए।

प्रश्न 4.
बेल्जियम में ब्रूसेल्स के निकट स्थित शहर मर्चटेम के मेयर ने अपने यहाँ के स्कूलों में फ्रेंच बोलने पर लगी रोक को सही बताया है। उन्होंने कहा कि इससे डच भाषा न बोलने वाले लोगों को इस फ्लेमिश शहर के लोगों से जुड़ने में मदद मिलेगी। क्या आपको लगता है कि यह फैसला बेल्जियम की सत्ता की साझेदारी की व्यवस्था की मूल भावना से मेल खाता है? अपना जवाब करीब 50 शब्दों में लिखें।
उत्तर-
मर्चटेम के मेयर द्वारा वहाँ के स्कूलों में फ्रेंच बोलने पर रोक लगाकर जो तर्क दिया वह बेल्जियम की सत्ता की साझेदारी की व्यवस्था की मूल भावना से मूल खाता है। जहाँ सामाजिक प्रजातियाँ होती हैं, समझदारी इस तथ्य में है कि मेल-मिलाप की भावना अनुसार सामाजिक एकता को बनाए रखते हुए सत्ता में साझेदारी पर जोर दिया जाना चाहिए, यदि ऐसा न किया जाए तो सामाजिक तनाव व हिंसक गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं तथा समाज ग्रहयुद्ध की ओर बढ़ सकता है।

प्रश्न 5.
नीचे दिए गए उदाहरण को गौर से पढ़ें और इसमें सत्ता की साझेदारी के जो युक्तिपरक कारण बताए गए हैं उसमें से किसी एक का चुनाव करें।
“महात्मा गाँधी के सपनों को साकार करने और अपने संविधान निर्माताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए हमें पंचायतों को अधिकार देने की ज़रूरत है। पंचायती राज ही वास्तविक लोकतंत्र की स्थापना करता है। यह सत्ता उन लोगों के हाथों में सौंपता है जिनके हाथों में इसे होना चाहिए। भ्रष्टाचार कम करने और प्रशासनिक कुशलता को बढ़ाने का एक उपाय पंचायतों को अधिकार देना भी है। जब विकास की योजनाओं को बनाने और लागू करने में लोगों की भागीदारी होगी तो इन योजनाओं पर उनका नियंत्रण बढ़ेगा। इससे भ्रष्ट बिचौलियों को खत्म किया जा सकेगा। इस प्रकार पंचायती राज लोकतंत्र की नींव को मजबूत करेगा।”
उत्तर-
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय लोगों के हाथों में सत्तादिया जाना सत्ता की साझेदारी का युक्तिपरक तर्क होता है। स्थानीय लोगों को अपने स्थान के प्रशासन का अधिकार दिया जाना ही समझदारी है।

प्रश्न 6.
सत्ता के बँटवारे के पक्ष और विपक्ष में कई तरह के तर्क दिए जाते हैं। इनमें से जो तर्क सत्ता के बँटवारे के पक्ष में हैं उनकी पहचान करें और नीचे दिए गए कोड से अपने उत्तर का चुनाव करें।
सत्ता की साझेदारीः
(क) विभिन्न समुदायों के बीच टकराव को कम करती है।
(ख) पक्षपात का अंदेशा कम करती है। (ग) निर्णय लेने की प्रक्रिया को अटका देती है। (घ) विविधताओं को अपने में समेट लेती है। (ङ) अस्थिरता और आपसी फूट को बढ़ाती है। (च) सत्ता में लोगों की भागीदारी बढ़ाती है। (छ) देश की एकता को कमजोर करती है।
(सा) क ख घ च
(रे) क ग ङ च
(गा) क ख घ छ
(मा) ख ग च छ
उत्तर-
‘सा’ कोड सही है।

प्रश्न 7.
बेल्जियम और श्रीलंका की सत्ता में साझेदारी की व्यवस्था के बारे में निम्नलिखित बयानों पर विचार करें:
(क) बेल्जियम में डच-भाषी बहुसंख्यकों ने फ्रेंच-भाषी अल्पसंख्यकों पर अपना प्रभुत्व जमाने का प्रयास किया।
(ख) सरकार की नीतियों ने सिंहली-भाषी बहुसंख्यकों का प्रभुत्व बनाए रखने का प्रयास किया।
(ग) अपनी संस्कृति और भाषा को बचाने तथा शिक्षा तथा रोजगार में समानता के अवसर के लिए श्रीलंका के तमिलों ने सत्ता को संघीय ढाँचे पर बाँटने की माँग की।
(घ) बेल्जियम में एकात्मक ‘सरकार की जगह संघीय शासन व्यवस्था लाकर मुल्क को भाषा के आधार पर टूटने से बचा लिया गया।
ऊपर दिए गए बयानों में से कौन-से सही हैं?
(सा) क, ख, ग और घ (रे) क, ख और घ (गा) ग और घ (मा) ख, ग और घ
उत्तर-
‘मा’ कोड सही है।

प्रश्न 8.
सूची 1 [सत्ता के बँटवारे के स्वरूप] और सूची’2 [शासन के स्वरूप] में मेल कराएँ और नीचे दिए गए कोड का उपयोग करते हुए सही जवाब दें:
HBSE 10th Class Social Science Solutions Civics Chapter 1 सत्ता की साझेदारी 1
उत्तर-
‘सा’ सही कोड है।

प्रश्न 9.
सत्ता की साझेदारी के बारे में निम्नलिखित दो बयानों पर गौर करें और नीचे दिए गए कोड के आध र पर जवाब दें:
(अ) सत्ता की साझेदारी लोकतंत्र के लिए लाभकर
(ब) इससे सामाजिक समूहों में टकराव का अंदेशा घटता है।
इस बयानों में कौन सही है और कौन गलत?
(क) अ सही है लेकिन ब गलत है।
(ख) अ और ब दोनों सही हैं।
(ग) अ और ब दोनों गलत हैं।
(घ) अ गलत है लेकिन ब सही है।
उत्तर-
‘ग’ सही है जबकि अन्य सभी गलत हैं।

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HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 7 राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 7 राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 7 राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ

HBSE 10th Class Geography राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ Textbook Questions and Answers

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न

(i) निम्न से कौन-से दो दूरस्थ स्थित स्थान पूर्वी-पश्चिमी गलियारे से जुड़े हैं?
(क) मुंबई तथा नागपुर
(ख) मुंबई और कोलकाता
(ग) सिलचर तथा पोरबंदर
(घ) नागपुर तथा सिलिगुड़ी
उत्तर-
(ग) सिलचर तथा पोरबंदर

(ii) निम्नलिखित में से परिवहन का कौन-सा साधन वहनांतरण हानियों तथा देरी को घटाता है?
(क) रेल परिवहन
(ख) पाइपलाइन
(ग) सड़क परिवहन
(घ) जल परिवहन
उत्तर-
(ख) पाइपलाइन

(iii) निम्न में से कौन-सा राज्य हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर पाइप लाइन से नहीं जुड़ा है?
(क) ममय प्रदेश
(ग) महाराष्टं
(ख) गुजरात
(घ) उनर प्रदेश
उत्तर-
(ख) गुजरात

(iv) इनमें से कौन-सा पत्तन पूर्वी तट पर स्थित है जो अंतः स्थलीय तथा अधिकतम गहराई का पत्तन है तथा पूर्ण सुरक्षित है?
(क) चेन्नई
(ग) पारादीप
(ख) तूतीकोरिन
(घ) विशाखापट्नम
उत्तर-
(घ) विशाखापट्नम

(v) निम्न में से कौन-सा परिवहन साधन भारत में प्रमुख साधन है?
(क) पाइपलाइन
(ख) बाहरी व्यापार
(ग) रेल परिवहन
(घ) स्थानीय व्यापार
उत्तर-
(ग) रेल परिवहन

(vi) निम्न से कौन-सा शब्द दो या अधिक देशों के व्यापार को दर्शाता है
(क) आंतरिक व्यापार
(ख) बाहरी व्यापार
(ग) अंतर्राष्टीय व्यापार
(घ) स्थानीय व्यापार
उत्तर-
(ग) अंतर्राष्टीय व्यापार

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उनर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।

(i) सड़क परिवहन के तीन गुण बताए।
उत्तर-
सड़कों के निर्माण में ला गत काम लगती है

(ii) रेल परिवहन कहाँ पर अत्यधिक सुविधाजनक परिवहन साधन है तथा क्यों?
उत्तर-
दुर्गम इलाकों में भी सड़कों का निर्माण संभव है।

(iii) सीमांत सड़कों का महत्त्व बताए।
उत्तर-
यह हर गलीकूचों तक पहुंच सकती है। सीमांत सड़कों के विकास से दुर्गम क्षेत्रों में आवागमन बढ़ी है तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों के आर्थिक विकास में वृद्धि हुई है।

(iv) व्यापार से आप क्या समझते हैं? स्थानीय व अंतर्राष्टीय व्यापार में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर-
राज्यों व देशों के बीच वस्तुओं का आदान-प्रदान व्यापार कहलाता है। दो देशों के मध्य व्यापार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कहलाता है। स्थानीय शहरों, कस्बों व गांवों में होता है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उनर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।

(i) परिवहन तथा संचार के साधन किसी देश की जीवन रेखा तथा अर्थव्यवस्था क्यों कहे जाते हैं?
उत्तर-
किसी भी देश में अर्थव्यवस्था के विकास के लिए परिवहन और संचार साधनों का पूर्ण विकास अत्यन्त आवश्यक
परिवहन के साधन लोगों के आवागमन वाणिज्य एवं व्यापार खाद्यान्न और रोजमर्रा की वस्तुओं की आपूर्ति में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं इसी तरह. संचार माध्यमों के विकास से विचारों का आदान-प्रदान और व्यापार में आसनी होती है। इससे समय की बचत होती है। और कार्य कुशलता भी बढ़ती है।

(ii) पिछले पंह वर्षों में अंतर्राष्टीय व्यापार की बदलती प्रवृत्ति पर एक लेख लिखें।
उत्तर-
भारत कृषि उत्पादों का आवश्यकता से अधिक उत्पादन करने में सक्षम है, इसलिए इनका निर्यात किया जा सकता है।
मशीनों का आयात किया जाता है ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके व संसाधनों का कुशलतापूर्वक इस्तेमाल किया जा सके।

लगभग 9.12% खनिज व अयस्क का निर्यात किया जाता है। जबकि 94.17% कोयला, कोक तथा कोयले का आयात किया जाता है।
लगभग 67.01% उर्वरक आयात किए जाते हैं।

प्रश्न पहेली

1. उत्तरी-दक्षिणी गलियारे (corridor) का उत्तरी छोर।
2. राष्टीय राजमार्ग संख्या-2 का नाम।
3. दक्षिण रेलवे खंड का मुख्यालय।
4. 1.676 मीटर चौड़ाई वाले रेल मार्ग का नाम।
5. राष्टीय राजमार्ग संख्या-7 का दक्षिणतम किनारा।
6. एक नदीय पत्तन
7. उत्तरी भारत का व्यस्ततम रेलवे जंक्शन।

क्रियाकलाप

क्षैतिज, ऊर्ध्वाधर तथा विकर्ण रूप से शुरू करते हुए देश के विभिन्न गतव्यों को चिह्नित करें।
नोट : पहेली के उत्तर अंग्रेजी के शब्दों में हैं।

HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 7 राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ 1

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HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 6 विनिर्माण उद्योग

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 6 विनिर्माण उद्योग Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 6 विनिर्माण उद्योग

HBSE 10th Class Geography विनिर्माण उद्योग Textbook Questions and Answers

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न

(1) निम्न से कौन-सा उद्योग चूना पत्थर को कच्चे माल के रूप में प्रयुक्त करता है?
(क) एल्यूमिनियम
(ख) चीनी
(ग) सीमेंट
(घ) पटसन
उत्तर-
(ग) सीमेंट

(ii) निम्न से कौन-सी एजेंसी सार्वजनिक क्षेत्र में स्टील को बाज़ार में उपलब्ध कराती है?
(क) हेल (HAIL)
(ख) सेल (SAIL)
(ग) टाटा स्टील
(घ) एम एन सी सी (MNCC)
उत्तर-
सेल (SAIL)

(iii) निम्न से कौन-सा उद्योग बॉक्साइट को कच्चे माल के रूप में प्रयोग करता है?
(क) एल्यूमिनियम
(ख) सीमेंट
(ग) पटसन
(घ) स्टील
उत्तर-
(क) एल्यूमिनियम

(iv) निम्न से कौन-सा उद्योग दूरभाष, कंप्यूटर आदि संयंत्र निर्मित करते है?
(क) स्टील
(ख) एल्यूमिनियम
(ग) इलैक्ट्रानिक
(घ) सूचना प्रौद्योगिकी
उत्तर-
(ग) इलैक्ट्रानिक

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।

(i) विनिर्माण क्या है?
उत्तर-
विनिर्माण-कच्चे पदार्थ को मूल्यवान उत्पादन में परिवर्तित कर अधिक मात्रा में वस्तुओं के उत्पादन को विनिर्माण अथवा वस्तु निर्माण कहलाता है। उदाहरणार्थ-कागज लकड़ी से, चीनी गन्ने से. लोहा-इस्पात लौह-अयस्क से तथा एल्यूमिनियम बॉक्साइड निर्मित होता है।

(ii) उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन भौतिक कारक बताएँ।
उत्तर-
उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन भौतिक कारक निम्नलिखित है
(क) कच्चे की उपलब्धता
(ख) शक्ति के साधन
(ग) जल तथा जलवायिक दशाएँ विनिर्माण उद्योग की स्थापना हेतु वही स्थान उपयुक्त है जहाँ ये कारक उपलब्ध हो।

(iii) औद्योगिक अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन मानवीय कारक बताएँ।
उत्तर-
उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले तीन मानवीय कारक निम्नलिखित हैं-
(क) काम करने वाले मजदूर
(ख) बाज़ार की उपलब्धता
(ग) धन की आवश्यकता

औद्योगिक प्रक्रिया के प्रारम्भ होने के साथ-साथ नगरीकरण प्रारम्भ होता है। कभी-कभी उद्योग शहरों के समीप या शहरों में लगाये जाते हैं। इस प्रकार औद्योगीकरण तथा नवीकरण साथ-साथ चलते हैं। नगर उद्योगों का बाजार तथा सेवाए उपलब्ध कराते हैं।

(iv) आधारभूत उद्योग क्या है? उदाहरण देकर बताएँ।
उत्तर-
आधारभूत उद्योग-ऐसे उद्योग जो खनिज व ध तुओं को कच्चे माल के रूप में प्रयोग करते हैं, आधारभूत उद्योग कहलाते हैं, उदाहरणार्थ-लोहा तथा इस्पात उद्योग, सीमेंट उद्योग आदि आधारभूत उद्योग है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।

(i) समंवित इस्पात उद्योग मिनी इस्पात उद्योगों से कैसे भिन्न है? इस उद्योग की क्या समस्याएँ हैं? किन सुधारों के अंतर्गत इसकी उत्पादन क्षमता बढ़ी है?
उत्तर-
समन्वित इस्पात अर्थात् संकलित इस्पात उद्योग एक बड़ा संयत्र होता है। जिसमें कच्चे माल को एक स्थान पर इकट्ठा करने से लेकर इस्पात बनाने उसे ढालने और उसे आकार देने तक का प्रत्येक कार्य किया जाता है। जबकि मिनी इस्पात उद्योग छोटे संयत्र है जिनमें विद्युत भट्टी, रद्दी इस्पात व स्पंज आयरन का प्रयोग होता है। इनमें रि-रोलर्स होते हैं जिनमें इस्पात सिल्लियों का प्रयोग के मृदु व मिश्रित इस्पात का उत्पादन करते हैं।

इस्पात उद्योग की संरचना-इस उद्योग में उच्च लागत तथा कोकिंग कोयले की सीमित उपलब्धता, कम श्रमिक ___ उत्पादकता ऊर्जा की अनियमित पूर्ति तथा अविकसित अवसंरचना जैसी अनेक समस्याएँ हैं। .
किये गये सुधार-निजी क्षेत्र में उद्यमियों के प्रत्येक से तथा उदारीकरण व प्रत्यक्ष विदेशी निवेश ने इस्पात उद्योग को प्रोत्साहित किया। इस उद्योग को अधिक स्पर्धावान बनाने हेतु अनुसंधान और विकास के संसाधनों को निश्चित करने की आवश्यकता है।

(ii) उद्योग पर्यावरण को कैसे प्रदूषित करते हैं?
उत्तर-
उद्योग चार प्रकार से पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं। ये चार प्रकार निम्नलिखित हैं-

(1) वायु प्रदूषण-अधिक अनुपात में अनैच्छिक गैसों की उपस्थिति( जैसे-सल्फर डाइऑक्साइड तथा कार्बन मोनोऑक्साइड वायु को प्रदूषित करते हैं। रसायन व कागज उद्योग, ईंटों के भट्टे, तेलशोधनशालएँ, प्रगलन उद्योग, जीवाश्म ईंधन दहन और छोटे-बड़े कारखाने प्रदूषण के निममों का उल्लंघन करते हुए धुआँ निष्कासित करते हैं। जहरीली गैसों के रिसाव जैसे दुष्परिणाम होते हैं( जैसे-भोपाल गैस त्रासदी में हुआ था जिसका दुष्प्रभाव लगभग 20 वर्ष व्यतीत के पश्चात् भी आज महसूस किया जा रहा है।

(2) जल प्रदूषण-उद्योगों द्वारा कार्बनिक तथा अकार्बनिक अपशिष्ट पदार्थों को नदी में छोड़ने से जल प्रदूषित होता है। कागज, लुग्दी, रसायन, वस्त्र तथा रंगाई उद्योग, तेल शोधन शालएँ, चमड़ा उद्योग तथा इलेक्ट्रोप्लेटिंग ऐसे उद्योग हैं, जो रंग. अपमार्जक, अम्ल, लवण, सीसा, पारा आदि जल में बहते हैं और जल प्रदूषण का कारण बनते हैं।

(3) तापीय प्रदूषण-कारखानों द्वारा गर्म पानी नदियों में छोड़ने से जलीय जीवन पर बुरा असर पड़ता है। परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के अपशिष्ट व परमाणु शस्त्र उत्पादक कारखानों से कैंसर और जन्मजात विकार जैसे रोग फैलते हैं। मलबे के ढेर मिट्टी को अनुपजाऊ बनाते हैं। वर्षा जल के साथ प्रदूषक जमीन में रिसते हुए भूमिगत जल तक पहुँचकर उसे भी प्रदूषित कर देते हैं।

(4) ध्वनि प्रदूषण-औद्योगिक तथा निर्माण कार्य और कारखानों के उपकरणों के द्वारा कोलाहल उत्पन्न होने से ध्वनि प्रदूषण होता है जो श्रवण अक्षमता, हृदय गति, रक्त चाप आदि में वृद्धि करता है।

(iii) उद्योगों द्वारा पर्यावरण निम्नीकरण को कम करने हेतु उठाये गए विभिन्न उपायों की चर्चा करें?
उत्तर-
उद्योगों द्वारा पर्यावरण निम्नीकरण को कम करने हेतु उठाये गये विभिन्न उपाय
(क) विभिन्न प्रक्रियाओं में जल का न्यूनतम उपयोग तथा जल का दो या अधिक उत्तरोत्तर अवस्थाओं में पुनर्चक्रण द्वारा पुन: उपयोग। . (ख) जल की आवश्यकता पूर्ति हेतु वर्षा जल का संग्रहण नदियों व तालाबों में गर्म जल तथा अपशिष्ट पदार्थों को प्रवाहित करने से पूर्व उनका शोधन करना।
औद्योगिक अपशिष्ट का शोधन निम्नलिखित चरणों में किया जा सकता है।

  • यान्त्रिक साधनों द्वारा प्राथमिक शोधन। इसके अन्तर्गत अपशिष्ट पदार्थों की छंटाई, उनके छोटे-छोटे टुकड़े करना ढकना तथा तलछट जमाव आदि शामिल है।
  • जैविक प्रक्रियाओं द्वारा द्वितीयक शोधन।
  • जैविक, रासायनिक तथा भौतिक प्रक्रियाओं द्वारा तृतीयक शोधन। इसमें उपशिष्ट जल को पुनर्चक्रण द्वारा दोबारा प्रयोग योग्य बनाया जाता है।
  • जहाँ भूमिगत जल का स्तर कम हैं, वहाँ उद्योगों द्वारा इसके निष्कासन पर कानूनी प्रतिबन्ध होना चाहिए।
  • वायु में निलंबित प्रदूषण को कम करने हेतु कारखानों में ऊँची चिमनियाँ, उनमें एलेक्ट्रोस्टैटिक अवक्षेपण, स्क्रबर उपकरण तथा गैसीय प्रदूषक पदार्थों को जड़त्वीय रूप से अलग करने हेतु उपकरण होना चाहिए।
  • कारखानों में कोयले की अपेक्षा तेल व गैस के प्रयोग से धुंए के निष्कासन में कमी लायी जा सकती है।

HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 6 विनिर्माण उद्योग 1

फरीदाबाद में यमुना एक्शन प्लान के
अंतर्गत वाहित मल उपचार संयंत्र

  • मशीनों व उपकरणों का उपयोग किया जा सकता है तथा जेनेटरों में साइलेंसर (Silencers) लगाया जा सकता है।
  • ऐसी मशीनरी का प्रयोग किया जाए जो ऊर्जा सक्षम हों तथा कम ध्वनि प्रदुषण करे।
  • ध्वनि अवशोषित करने वाले उपकरणों के इस्तेमाल के साथ कानों पर शोर नियंत्रण उपकरण भी पहनने चाहिये।

क्रियाकलाप

उद्योगों के संदर्भ में प्रत्येक के लिए एक शब्द दें (संकेतिक अक्षर संख्या कोष्ठक में दी गई है तथा उत्तर अंग्रेजी के शब्दों में हैं)

  1. मशीनरी चलाने में प्रयुक्त — (5) POWER
  2. कारखानों में काम करने वाले व्यक्ति — (6) WORKER
  3. उत्पाद को जहाँ बेचा जाता है — (6) MARKET
  4. वह व्यक्ति जो सामान बेचता है — (8) RETAILER
  5. वस्तु उत्पादन — (7) PRODUCT
  6. निर्माण या उत्पादन — (11) MANUFACTURE
  7. भूमि, जल तथा वायु अवनयन — (9) POLLUTION

प्रोजेक्ट कार्य

अपने क्षेत्र के एक कृषि आधारित तथा एक खनिज आधारित उद्योग को चुनें।
(i) ये कच्चे माल के रूप में क्या प्रयोग करते हैं?
(ii) विनिर्माण प्रक्रिया में अन्य निवेश क्या हैं जिनसे परिवहन लागत बढ़ती है।
(iii) क्या ये कारखाने पर्यावरण नियमों का पालन करते हैं?
उत्तर-
विद्यार्थी अपने शिक्षक की सहायता से स्वयं करें।

क्रियाकलाप

निम्न वर्ग पहेली में क्षैतिज अथवा ऊमर्वामार अक्षरों को जोड़ते हुए निम्न प्रश्नों के उत्तर दें।
नोट : पहेली के उत्तर अंग्रेज़ी के शब्दों में हैं।
HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 6 विनिर्माण उद्योग 2

(i) वस्त्र, चीनी, वनस्पति तेल तथा रोपण उद्योग जो कृषि से कच्चा माल प्राप्त करते हैं, उन्हें कहते हैं.
(ii) चीनी उद्योग में प्रयुक्त होने वाला कच्चा पदार्थ।
(iii) इस रेशे को गोल्डन फाइबर (Golden Fibre) भी कहते हैं।
(iv) लौह-अयस्क, कोकिंग कोयला तथा चूना पत्थर इस उद्योग के प्रमुख कच्चे माल हैं।
(v) छत्तीसगढ़ में स्थित सार्वजनिक क्षेत्र का लोहा-इस्पात उद्योग।
(vi) उत्तर प्रदेश में इस स्थान पर डीज़ल रेलवे इंजन बनाए जाते हैं।

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HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 5 खनिज और ऊर्जा संसाधन

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 5 खनिज और ऊर्जा संसाधन Textbook Exercise Questions and Answers.

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HBSE 10th Class Geography खनिज और ऊर्जा संसाधन Textbook Questions and Answers

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न

(i) निम्नलिखित में से कौन-सा खनिज अपक्षयित पदार्थ के अवशिष्ट भार को त्यागता हुआ चमकानों के अपघटन से बनता है?
(क) कोयला
(ख) बॉक्साइट
(ग) सोना
(घ) जस्ता
उत्तर-
(ख) बॉक्साइड

(ii) झारखंड में स्थित कोडरमा निम्नलिखित से किस खनिज का अग्रणी उत्पादक है?
(क) बॉक्साइट
(ख) अभ्रक
(ग) लौह अयस्क
(घ) ताँबा
उत्तर-
(ख) अभ्रक

(iii) निम्नलिखित चमकानों में से किस चमकान के स्तरों में खनिजों का निक्षेपण और संचयन होता है?
(क) तलछटी चमकानें
(ग) आग्नेय चमकानें
(ख) कायांतरित चमकानें
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर-
(क) तलछटी चमकानें

(iv) मोनाजाइट रेत में निम्नलिखित में से कौन-सा खनिज पाया जाता है?
(क) खनिज तेल
(ख) यूरेनियम
(ग) थोरियम
(घ)कोयला
उत्तर-
(ग) थोरियम

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।

(i) निम्नलिखित में अंतर 30 शब्दों से अधिक न दें।
(अ) लौह और अलौह खनिज
(ब) परंपरागत तथा गैर परंपरागत ऊर्जा सामान
उत्तर-
(अ) लौह खनिज

  1. ये धातु रूप में प्राप्त होते हैं
  2. ये प्रायः कठोर होते हैं
  3. इनमें चमक होती है
  4. इन्हें तारों अथवा चादारों के रूप में तैयार किया जा सकता है।

अलौह खनिज:

  1. धातु पदार्थ प्राप्त नहीं होते
  2. ये प्रायः नरम होते हैं।
  3. इनमें चमक नहीं होती
  4. इन्हें तारों अथवा चादरों के रूप में परिवर्तित नहीं किया जा सकता।

(ब) परम्परागत तथा गैर परम्परागत ऊर्जा संसाधन परम्परागत संसाधन-इनमें लकड़ी, उपले, कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस तथा विद्युत (दोनों जलविद्युत व ताप विद्युत) शामिल हैं। ये (कोयला व पेट्रोलियम) अनवीकरणीय है ओर भविष्य में इनकी कमी की संभावना है। जीवाश्मी ईंधनों का प्रयोग पर्यावरणीय समस्याएँ उत्पन्न करता है।

गैर परम्परागत संसाधन-इनमें सौर, पवन, ज्वारीय भू-तापीय, बायोगैस तथा परमाणु ऊर्जा शामिल किये जाते हैं। ये नवीकरणीय है। इनके प्रयोग से पर्यावरणीय समस्या नहीं उपजती।

(ii) खनिज क्या हैं?
उत्तर-
भू-वैज्ञानिकों के अनुसार खनिज पर प्राकृतिक रूप से विद्यमान समरूप तत्त्व है जिसकी एक निश्चित आन्तरिक – संरचना है। खनिज प्रकृति में विविध रूपों में विद्यमान है। जिसमें कठोर हीरा वनरम चना तथा शामिल है।

(iii) आग्नेय तथा कायांतरित चमकानों में खनिजों का निर्माण कैसे होता है?
उत्तर-
आग्नेय तथा कायांतरिक चट्टानों में खनिजों का निर्माण दरारों, जोड़ों, भ्रंशों व विदरों में होता है। यह छोटे जमाम शिराओं के रूप में और बृहत जमाव परत के रूप में पाए जाते हैं। इनका निर्माण भी अधिकतर उस समय होता है जब ये सरल अथवा गैसीय अवस्था में दरारों के सहारे भू-पृष्ठ की ओर धकेले जाते हैं। ऊपर आते हुए ये ठंडे होकर जम जाते हैं। उदाहरणार्थ-मुख्य धात्विक खनिज( जैसे-जस्ता, ताँबा, जिंक
और सीसा आदि इसी तरह शिराओं व जमाओं के रूप में प्राप्त होते हैं।

(iv) हमें खनिजों के संरक्षण की क्यों आवश्यकता है?
उत्तर-
हम सभी को उधोग और कृष्जि की खनिज निक्षेपों – और उनसे विनिर्मित पदार्थों पर भारी निर्भरता सुप्रेक्षित है। खनन योग्य निक्षेप की कुल राशि असार्धक अंश है। जिन खनिजों के निर्माता व सांदण में सैकड़ों वर्ष लगे है, उनका हम शीघ्रता से उपभोग कर रहे हैं। इनके निर्माण की भूगभिक प्रक्रियाएँ बहुत धीमी है। संसाधन सीमित तथा अनवीकरणीय है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।

(i) भारत में कोयले के वितरण का वर्णन कीजिए।
उत्तर-
भारत में कोयले का वितरण-भारत में कोयला दो प्रमुख भूगर्भिक युगों के शैल क्रम में प्राप्त होता है-एक
गोंडवाना जिसकी आयु 200 लाख वर्ष से कुछ अधिक है और – दूसरा टरशियरी निक्षेप जो लगभग 55 लाख वर्ष पुराने है। गोंडवाना कोयले, जो धातुशोधन कोयला है, के प्रमुख संसाध न दामोदर घाटी (पश्चिमी बंगाल तथा झारखण्ड) झरिया, रानीगंज, बोकारों में स्थित है जो महत्त्वपूर्ण कायेला क्षेत्र है। गोदावरी, महानदी, सोन व वर्धा नदी घाटियों में भी कोयले के जमाव पाये जाते हैं।

टरशियरी कोयला क्षेत्र उत्तर-पूर्वी राज्यों-मेघालय असम, अरुणाचल प्रदेश व नागालैण्ड में पाया जाता है। कोयला एक स्थूल पदार्थ है। जिसका प्रयोग करने पर भार घटता है क्योंकि यह राख में परिवर्तित हो जाता है। इसी कारण भारी उद्योग तथा ताप विद्युत गृह कोयला क्षेत्रों या उनके समीप ही स्थापित किये जाते हैं।

(ii) भारत में सौर ऊर्जा का भविष्य उज्जवल है। क्यों?
उत्तर-
भारत एक उष्ण-कटिबंधीय देश है। इसलिये यहाँ सौर ऊर्जा के दोहन की असीम संभावनाएँ। फोटोवोल्टाइक प्रौद्योगिकी द्वारा धूप को सीधे विद्युत में परिवर्तित किया जाता – है। भारत के ग्रामीण तथा सुदूर क्षेत्रों में सौर ऊर्जा तीव्रता से लोकप्रिय हो रही है। भारत का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयत्र भुज के समीप माधोपुर में स्थित है, जहाँ सौर ऊर्जा से दुग्ध के बड़े बर्तनों को कीटाणुमुक्त किया जाता है। ऐसा अपेक्षित है कि सौर ऊर्जा के प्रयोग से ग्रामीण घरों में उपलों तथा लकड़ी पर निर्भरता को न्यूनतम किया जा सकेगा। परिणामस्वरूप यह पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना और कृषि में भी प्राकृतिक अर्थात् गोबर खाद्य की पर्याप्त आपूर्ति होगी।
इस प्रकार संभवतः भारत में भारत में सौर ऊर्जा का भविष्य उज्जवल है।

क्रियाकलाप

नीचे दी गई वर्ग पहेली में उपयुक्त खनिजों का नाम भरेंनोट : पहेली के उत्तर अंग्रेजी के शब्दों में हैं।
HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 5 खनिज और ऊर्जा संसाधन 1

क्षैतिज

1. एक लौह खनिज (9)
2. सीमेंट उद्योग में प्रयुक्त कच्चा माल (9)
3. चुंबकीय गुणों वाला सर्वश्रेष्ठ लोहा (10)
4. उत्कृष्ट कोटि का कठोर कोयला (10)
5. इस अयस्क से एल्यूमिनियम प्राप्त किया जाता है। (7)
6. इस खनिज के लिए खेतरी खदानें प्रसिद्ध हैं। (6)
7. वाष्पीकरण से निर्मित (6)

ऊर्ध्वाधर

1. प्लेसर निक्षेपों से प्राप्त होता है।
2. बेलाडिला में खनन किया जाने वाला लौह-अयस्क (8)
3. विद्युत उद्योग में अपरिहार्य (4)
4. उत्तरी-पूर्वी भारत में मिलने वाले कोयले की भूगर्भिक आयु (8)
5. शिराओं तथा शिरानिक्षेपों में निर्मित (3)

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HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 4 कृषि

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 4 कृषि Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 4 कृषि

HBSE 10th Class Geography कृषि Textbook Questions and Answers

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न

(i) निम्नलिखित में से कौन-सा उस कृषि प्रणाली को दर्शाता है जिसमें एक ही फसल लंबे-चौड़े क्षेत्र में उगाई जाती है?
(क) स्थानांतरी कृषि
(ख) रोपण कृषि
(ग) बागवानी
(घ) गहन कृषि
उत्तर-
(ख)रोपण कृषि

HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 4 कृषि

(ii) इनमें से कौन-सी रबी फसल है?
(क) चावल
(ख) मोटे अनाज
(ग) चना
(घ) कपास
उत्तर-
(ग) चना

(iii) इनमें से कौन-सी एक फलीदार फसल है?
(क) दालें
(ख) मोटे अनाज
(ग) ज्वार तिल
(घ) तिल
उत्तर-
(ख) दालें

(iv) सरकार निम्नलिखित में से कौन-सी घोषणा फसलों को सहायता देने के लिए करती है?
(क) अधिकतम सहायता मूल्य
(ख) न्यूनतम सहायता मूल्य
(ग) मध्यम सहायता मूल्य
(घ) प्रभावी सहायता मूल्य
उत्तर-
(ख) न्यूनतम सहायता मूल्य

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।

(i) एक पेय फसल का नाम बताएँ तथा उसको उगाने के लिए अनकल भौगोलिक परिस्थितियों का विवरण दें।
उत्तर-

  1. चाय एक पेय पदार्थ की फसल है। यह पौधा उष्ण और उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु, ह्यूमस और जीवांश युक्त गहन मृदा तथा सुगम जल निकास वाले ढलवां क्षेत्रों उगाया जाता है। वर्ष भर समान रूप से होने वाली वर्षा की आवश्यकता होती है।
  2. चाय की झाड़ियों को उगाने के लिए वर्ष भर कोष्ण नम और पालरहित जलवायु की आवश्यकता होती है।?
  3. वर्ष भर समान रूप से होने वाली वर्षा की बौछारे इसकी कोमल पत्तियों के विकास में सहायक होती है।
  4. चाय एक श्रम-सघन उद्योग है। इसके लिए प्रचुर मात्रा में सस्ता और कुशल श्रम चाहिए।

(ii) भारत की एक खाद्य फसल का नाम बताएँ और जहाँ यह पैदा की जाती है उन क्षेत्रों का विवरण दें।
उत्तर-
भारत में अधिकांश लोगों का खाद्यान्न चावल है। यह उत्तर और उत्तर-पूर्वी मैदानों, तटीय क्षेत्रों और डेल्टाई प्रदेशों में उगाया जाता है। नहरों के जाल और नलकूपों की अधिकता के कारण पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तरप्रदेश और राजस्थान के कुछ कम वर्षा वाले क्षेत्रों में चावल की फसल उगाना सम्भव हो सका है।

(iii) सरकार द्वारा किसानों के हित में किए गए संस्थागत सुधार कार्यक्रमों की सूची बनाएँ।
उत्तर-
सरकार द्वारा कृषकों के हित में किये गये संस्थागत सुधार कार्यक्रम निम्नलिखित है-

  • जीवों की चकबन्दी, सहकारिता तथा जमींदारी आदि समाप्त करने की प्राथमिकता दी गई
  • पैकेज टेक्नोलॉजी पर आधारित हरित क्रान्ति तथा श्वेत क्रान्ति जैसी रणनीतिया आरम्भ की गई
  • 1980 तथा 1990 के दशकों में विस्तृत भूमि विकास कार्यक्रम का आरम्भ
  • फसल बीमा प्रावधान तथा कृषकों को कम दर पर ऋण
  • किसान क्रेडिट कार्ड और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना
  • आकाशवाणी और दूरदर्शन पर कृषि दर्शन

(iv) दिन-प्रतिदिन कृषि के अंतर्गत भूमि कम हो रही है। क्या आप इसके परिणामों की कल्पना कर सकते
उत्तर-
(क) दिन-प्रतिदिन कृषि के अंतर्गत भूमि कम होने से निम्नलिखित दुष्परिणाम हो सकते हैं-

  • देश की बढ़ती जनसंख्या के कारण कृषि के अन्तर्गत भूमि कम होने से देश में सभी लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना संभव नहीं होगा।
  • उत्पादन बढ़ाने के लिए रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करना पड़ेगा जिससे भूमि की उर्वरा-शक्ति कम हो जाएगी।
  • कम उत्पादन के कारण मंहगाई बढ़ेगी।
  • कृषि में छुपी बेरोजगारी भी बढ़ जाएगी।
  • खाद्यान्न उत्पादन में कमी होने पर विदेशों से खाद्यान्न का आयात करना पड़ेगा जिससे विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आ सकती है।

HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 4 कृषि

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।

(i) कृषि उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा किए गए उपाय सुझाइए।
उत्तर-
कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है कृषि के महत्त्व को समझते हुए कृषि उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करने हेतु सरकार द्वारा किये गये उपाय निम्नलिखित है-

  • सरकार द्वारा खेतों की चकबन्दी की गई ताकि भूमि पुश्तेंगी अधिकार के कारण भूमि टुकड़ों में न बँटती रहे।
  • कृषकों को कम दर पर ऋण सुविधाएँ प्रदान करने हेतु ग्रामीण बैंकों, सहकारी समितियों और बैंकों की स्थापना की गई।
  • भारतीय कृषि में सुधार हेतु भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद व कृषि विश्वविद्यालयों की स्थापना, पशु चिकित्सा सेवाएँ और प्रजनन केन्द्र की स्थापना, बागवानी विकास, मौसम विज्ञान और मौसम के पूर्वानुमान के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को वरीयता दी गई।
  • सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण किया गया जिससे कृषि हेतु सिंचाई का उचित प्रबन्ध हो सके।

(ii) भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभाव पर टिप्पणी लिखें।
उत्तर-

  • भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण का प्रभाव-वैश्वीकरण से तात्पर्य किसी उत्पादन का विश्व के देशों के समक्ष प्रदर्शन करना ताकि विश्व बाजार में यह प्रतिस्पर्धा हो सके।
  • ब्रिटिश काल में अंग्रेज व्यापारी भारत के पास को वस्त्र उद्योग हेतु आयात करते थे। मैनचेस्टर ओर लिवरपुल में सूती वस्त्र उद्योग भारत में पैदा होने वाली उत्तम किस्म की उपलब्धता पर फलीफूली।
  • 1917 में बिहार में चम्पारन आन्दोलन की शुरूआत इसलिये कि इस क्षेत्र में कृषकों पर नील की कृषि करने हेतु दवाब डाला गया था। नील ब्रिटेन के सूती वस्त्र उद्योग के लिए कच्चा माल था। इसके फलस्वरूप किसान भड़के क्योंकि उन्हें अपने उपभोग हेतु अनाज उगाने से मना कर दिया गया था।
  • 1990 के पश्चात्, वैश्वीकरण के दौरान भारतीय कृषकों को कई नई समस्याओं का सामना करने के लिये विवश होना पड़ा है। चावल, कपास, रबड़, चाय, कॉफी, जूट और मसालों का मुख्य उत्पादक होने के बावजूद भारतीय कृषि विश्व के विकसित देशों में स्पर्धा करने में असमर्थ है क्योंकि उन देशों में कृषि को अत्यधिक सहायिकी दी जाती है।

(iii) चावल की खेती के लिए उपयुक्त भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन करें।
उत्तर-
चावल उत्पादन हेतु भौगोलिक परिस्थितियाँ-भारत चीन के दूसरा बड़ा चावल उत्पादक देश है।

  • यह खरीफ की फसल है जिसे उगाने के लिए उच्च तापमान (25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर) और अधिक आर्द्रता (100 सेमी. से अधिक वर्षा) की आवश्यकता होती है। कम वर्षा वाले क्षेत्रों में इसे सिंचाई करके उगाया जाता है।
  • चावल उत्पादन के लिए जलोढ़ मृदा सबसे उपयुक्त होती है।
  • चावल उत्तर और उत्तर-पूर्वी मैदानों, तटीय क्षेत्रों और डेल्टाई प्रदेशों में उगाया जाता है।
  • चावल का उत्पादन पश्चिमी बंगाल, उड़ीसा, आन्द्रप्रदेश तथा बिहार में अधिक होता है।

नहरों के जाल और नलकूपों की सघनता के कारण पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तरप्रदेश और राजस्थान के कुछ वर्षा होने वाले क्षेत्रों में चावल की फसल उगाना सम्भव हो सका है।

परियोजना कार्य

1. किसानों की साक्षरता विषय पर एक सामूहिक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन करें।
उत्तर-
विद्यार्थी अपने शिक्षक की सहायता से सामूहिक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन कर सकते हैं।

2. भारत के मानचित्र में गेहूँ उत्पादन क्षेत्र दर्शाइए।
उत्तर-
HBSE 10th Class Social Science Solutions Chapter 4 कृषि 4

HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 4 कृषि

क्रियाकलाप

ऊपर-
नीचे और दायें-बायें चलते हुए वर्ग पहेली को . सुलझाएँ और छिपे उत्तर ढूँढ़ें।
HBSE 10th Class Social Science Solutions Chapter 4 कृषि 1

(i) भारत की दो खाद्य फसलें।
उत्तर-
गेहूँ, (Wheat), चावल (Rice),

(ii) यह भारत की ग्रीष्म फसल ऋतु है।
उत्तर-
खरीफ (Kharif)।

(iii)अरहर, मूंग, चना, उड़द जैसी दालों से… मिलता
उत्तर-
प्रोटीन (Protein)।

(vi) यह एक मोटा अनाज है।
उत्तर-
ज्वार (Jowar)|

(v) भारत की दो महत्त्वपूर्ण पेय फसल हैं
उत्तर-
चाय, (Tea) कॉफी (Coffee)।

(vi) काली मिट्टी पर उगाई जाने वाली चार रेशेदार फसलों में से एका
उत्तर-
कपास (Cotton)।

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HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 3 जल संसाधन

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 3 जल संसाधन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 3 जल संसाधन

HBSE 10th Class Geography जल संसाधन Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1. बहुवैकल्पिक प्रश्न

(i) नीचे दी गई सूचना के आधार पर स्थितियों को “जल की कमी से प्रभावित’ या ‘जल की कमी से अप्रभावित’ में वर्गीकृत कीजिए।
(क) अधिक वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्र
(ख) अधिक वर्षा और अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र
(ग) अधिक वर्षा वाले परंतु अत्यधिक प्रदूषित जल क्षेत्र
(घ)कम वर्षा और कम जनसंख्या वाले क्षेत्र
उत्तरः
(क) जल की कमी से प्रभावित
(ख) जल की कमी से प्रभावित
(ग) जल की कमी से प्रभावित
(घ) जल की कमी से प्रभावित

HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 3 जल संसाधन

(ii) निम्नलिखित में से कौन-सा वक्तव्य बहुउद्देशीय नदी परियोजनाओं के पक्ष में दिया गया तर्क नहीं है?
(क)बहुउद्देशीय परियोजनाएँ उन क्षेत्रों में जल लाती है जहाँ जल की कमी होती है।
(ख) बहुउद्देशीय परियोजनाएँ जल बहाव की नियंत्रित करके बाढ़ पर काबू पाती है।
(ग) बहुउद्देशीय परियोजनाओं से बृहत् स्तर पर विस्थापन होता है और आजीविका खत्म होती है।
(घ)बहुउद्देशीय परियोजनाएँ हमारे उद्योग और घरों के लिए विद्युत पैदा करती हैं।
उत्तर-
(ग) बहुउद्देशीय परियोजनाओं से बृहत् स्तर पर विस्थापन होता है और आजीविका खत्म होती है। .

(iii) यहाँ कुछ गलत वक्तव्य दिए गए हैं। इसमें गलती पहचाने और दोबारा लिखें।
(क) शहरों की बढ़ती संख्या, उनकी विशालता और सघन जनसंख्या तथा शहरी जीवन शैली ने जल संसाधनों के सही उपयोग में मदद की है।
उत्तर-
शहरों की बढ़ती संख्या उनकी विशालता और सघन जनसंख्या तथा शहरी जीवन-शैली के कारण न केवल जल और ऊर्जा की आवश्यकता में बढ़ोत्तरी हुई है, अपितु इन से संबंधित समस्याएँ बढ़ी हैं।

(ख) नदियों पर बाँध बनाने और उनको नियंत्रित करने से उनका प्राकृतिक बहाव और तलछट बहाव प्रभावित नहीं होता।
उत्तर-
नदियों पर बाँध बनाने तथा उनको नियंत्रित करने से उनका प्राकृतिक बहाव अवरूद्ध होता है, जिसके कारण तलछट बहाव कमी आती है।

(ग) गुजरात में साबरमती बेसिन में सूखे के दौरान शहरी क्षेत्रों में अधिक जल आपूर्ति करने पर भी किसान नहीं भड़के।
उत्तर-
गुजरात में साबरमती बेसिन में सूखे के दौरान शहरी क्षेत्रों में अधिक जल आपूर्ति करने पर परेशान किसान उपद्रव करने को तैयार हो गए।

(घ)आज राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर से उपलब्ध पेयजल के बावजूद छत वर्षा जल संग्रहण लोकप्रिय हो रहा है।
उत्तर-
आज पश्चिमी राजस्थान में छत वर्षाजल संग्रहण की रीति इंदिरा गाँधी नहर से उपलब्ध बारहमासी पेयजल के कारण कम होती जा रही है।

प्रश्न 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।

(i) व्याख्या करें कि जल किस प्रकार नवीकरण योग्य संसाधन है?
उत्तर-
पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से आच्छादित है। परन्तु इसमें प्रयोग लाने योग्य अलवणीय जल का अनुपात बहुत कम है जिसका निरन्तर नवीकरण और पुनर्भरण जलीय चक्र द्वारा होता रहता है। सम्पूर्ण जल जलीय चक्रय में गतिशील रहता है जिससे जल नवीकरण सुनिश्चित होता है।

(ii) जल दुर्लभता क्या है और इसके मुख्य कारण क्या हैं?
उत्तर-
जल दुर्भलता से तात्पर्य, मनुष्य द्वारा प्रयोग करने के लिये जल की कमी का होना है। . अधिकतर जल की कमी इसके अतिशोषण, अत्यधिक प्रयोग और समाज के विभिन्न वर्गों में जल के असमान वितरण के कारण होती है।

(iii) बहुउद्देशीय परियोजनाओं से होने वाले लाभ और हानियों की तुलना करें।
उत्तर-
बहुउद्देशीय परियोजनाओं के लाभ
(अ)जल विद्युत उत्पादन
(ब) सिचाईं
(स) बाढ़ नियन्त्रण
(द) मत्स्य पालन
(क) गृह एवं औद्योगिक उपयोग
(ख) आंतरिक नौका चालना

बहुउद्देशीय परियोजनाओं की हानियां :

(अ) नदियों का प्राकृतिक बहाव अरूद्ध होना
(ब) नदियों के तलछट में पानी का कम बहाव
(स) बाढ़ के मैदानों में बने जलाशयों के कारण उस क्षेत्र की वनस्पति एवं अपघटन।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।

(i) राजस्थान के अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में वर्षा जल संग्रहण किस प्रकार किया जाता है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर-
राजस्थान के अर्ध-शुष्क और शुष्क क्षेत्र में लगभग प्रत्येक घर में पीने का पानी संग्रहित करने हेतु भूमिगत टैंक या ‘टाँका’ हुआ करते थे। इसका आकार एक बड़े कक्ष जितना हो सकता है। टाँका यहाँ सुविकसित छत वर्षाजल संग्रहण तन्त्र का अभिन्न अंग है जिसे मुख्य घर या आँगन में बनाया जाता था। वे घरों की ढलवाँ छतों से पाइप द्वारा जुड़े हुए थे। छत से वर्षा का पानी इन नलों द्वारा भूमिगत टाँका तक पहुँचता था। वर्षा का प्रथम तल छत और नलो की सफाई हेतु प्रयुक्त किया जाता है। इसके बाद होने वाली वर्षा जल संग्रहणीय होता टाँका में वर्षाजल अगली वर्षा ऋतु तक संग्रहित किया जा सकता है। यह इसे जल की कमी वाली ग्रीष्म ऋतु तक पीने का जल उपलब्ध करवाने वाला जल स्रोत बनाता है। वर्षा जल को प्राकृतिक जल का शुद्धतम रूप समझा जाता है।

(ii) परंपरागत वर्षा जल संग्रहण की पद्धतियों को आधुनिक काल में अपना कर जल संरक्षण एवं भंडारण किस प्रकार किया जा रहा है।
उत्तर-
प्राचीन भारत में उत्कृष्ट जलीय निर्माणों के साथ-साथ जल संग्रहण ढाँचे भी पाए जाते थे। लोगों ने स्थानीय पारिस्थितिकीय परिस्थितियों और उनकी जल आवश्यकतानुसार वर्षाजल, भौमजल, नदी जल, तथा बाढ़ जल संग्रहण के अनेक उपाय विकसित कर लिए थे। इन्हीं परंपरागत वर्षा जल संग्रहण के तरीकों को आधुनिककाल में अपना कर संरक्षण निम्नलिखित प्रकार से किया जा रहा है-

  • पी.वी.सी. पाइप का उपयोग करके छत का वर्षा जल संग्रहित किया जाता है।
  • रेत और ईंट प्रयोग करके जल का छनन किया जाता
  • भूमिगत पाइप द्वारा जल हौज तक ले जाता है जहाँ से इसे तुरन्त प्रयोग किया जा सकता है।
  • हौज से अतिरिक्त जल कुएँ तक ले जाया जाता है। (v) कुएँ का जल भूमिगत जल का पुनर्भरण करता है। (vi) बाद में इस जल का उपयोग किया जा सकता है।

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HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 2 वन और वन्य जीव संसाधन

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 2 वन और वन्य जीव संसाधन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 2 वन और वन्य जीव संसाधन

HBSE 10th Class Geography वन और वन्य जीव संसाधन Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1. बहुवैकल्पिक प्रश्न

(i) इनमें से कौन-सी टिप्पणी प्राकृतिक वनस्पतिजात और प्राणिजात के ह्रास का सही कारण नहीं है?
(क) कृषि प्रसार
(ख) पशुचारण और ईंधन लकड़ी एकत्रित करना
(ग) वृहत स्तरीय विकास परियोजनाएँ
(घ) तीव्र औद्योगीकरण और शहरीकरण
उत्तरः
(ग) पशुचारण और ईंधन लकड़ी एकत्रित करना

(ii) इनमें से कौन-सा संरक्षण तरीका समुदायों की सीधी भागीदारी नहीं करता?
(क) संयुक्त वन प्रबंधन
(ख) बीज बचाओ आंदोलन
(ग) चिपको आंदोलन
(घ) वन्य जीव पशुविहार (santuary) का परिसीमन
उत्तरः
(घ) वन्य जीव पशुविहार (santuary) का परिसीमन

HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 2 वन और वन्य जीव संसाधन

2. निम्नलिखित प्राणियों / पौधों का उनके अस्तित्व के वर्ग से मेल करें।

जानवर/पौधे — अस्तित्त्व वर्ग
1. काला हिरण — (अ) लुप्त
2. एशियाई हाथी — (ब) दुर्लभ
3. अंडमान जंगली सुअर — (स) संकटग्रस्त
4. हिमालयन भूरा भालू — (द ) सुभेद्य
5. गुलाबी सिरवाली बत्तख — (ध) स्थानिक उत्तरः
1. स
2. द
3. ध
4. ब
5. अ

3. निम्नलिखित का मेल करें।

आरक्षित वन — (अ) सरकार, व्यक्तियों के निजी और समुदायों के अधीन अन्य वन और बंजर भूमि।
रक्षित वन — (ब) वन और वन्य जीव संसाधन संरक्षण की दृष्टि से सर्वाधिक मूल्यवान वन।
अवर्गीकृत वन — (स)वन भूमि जो और अधिक क्षरण से बचाई जाती है।
उत्तरः
1. ब
2. स
3. अ

4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।

(i) जैव विविधता क्या है? यह मानव जीवन के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?
उत्तरः
(i) पृथ्वी पर विभिन्न तरह के जीवों (प्राणिजात एवं वनस्पतिजात) का पाया जाना जैव विविधिता कहलाता है। इन जीवों के आकार तथा कार्य भिन्न होते हैं
(ii) जैवविविधता मानव जीवन हेतु महत्त्वपूर्ण-मानव और दूसरे जीवधारी एक जटिल परिस्थितिकी तन्त्र का निर्माण करते हैं, जिसका हम मात्र एक अग है और स्वयं के अस्तित्व हेतु इसके विभिन्न तत्वों पर आश्रित रहते हैं। जैसे-वायु, जल, मृदा। पेंड़-पौधे, पशु और सूक्ष्मजीवी इनका पुनः सृजन करते हैं। अत: जैव विविधता मानव जीवन हेतु महत्त्वपूर्ण है।

(ii) विस्तारपूर्वक बताएँ कि मानव क्रियाएँ किस प्रकार प्राकृतिक वनस्पतिजात और प्राणिजात के ह्रास के कारक हैं?
उत्तरः
मानव ने अपनी बढ़ती हुई लालच की प्रवृत्ति के कारण प्रकृति को संसाधनों में परिवर्तित कर दिया है। वह इससे प्रत्यक्ष और परोक्ष दोनों प्रकार के लाभ उठा रहा है। सर्वाधिक बुरा प्रभाव वनस्पति और जीवों पर पड़ा है क्योंक वनों के कटाव से इसका अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। उपयुग्क्त कारणों के अतिरिक्त निम्नलिखित मानव क्रियाओं ने वनस्पति और जीवों का आवस छीनकर उनके क्षरण को बढ़ावा दिया है-

(1) तीव्र औद्योगिकरण
(2) अत्यधिक कृषि का दबाव
(3) बढ़ती जनसंख्या हेतु आवास की आवश्यकता
(4) रेलवे का विकास
(5) जंगली पशुओं का शिकार
(6) तकनीकी विकास

5. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।

(i) भारत में विभिन्न समुदायों ने किस प्रकार वनों और वन्य जीव संरक्षण और रक्षण में योगदान किया है? विस्तारपूर्वक विवेचना करें।
उत्तर:
भारतीय समाज में अनेको संस्कृतियाँ है और प्रत्येक संस्कृति और इसकी कृतियों को संरक्षित करने के अपने पारम्परिक तरीके हैं। सामान्यतः झरनों, पहाड़ी चोटियों, वृक्षों और पशुओं को पवित्र मानकर उनका संरक्षण किया जाता है। – भारत देश वन कुछ मानव प्रजातियों का आवास भी है। कुछ स्थानीय समुदाय सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर अपने आवासस्थलों के संरक्षण में जुटे हैं क्योंकि इसीसे ही दीर्घकाल में उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति संभव हैं सरिस्का बाघ रिजर्व में राजस्थान के ग्राम के लोग वन्य जीव रक्षण अधिनियम के तहत् वहाँ से खनन कार्य बन्द करवाने हेतु संघर्षरत हैं। अलवर जिले के 5 गाँव के लोगों शिकार पर प्रतिबन्ध लगाने हेतु स्वयं नियम कानून बनाये हैं तथा बाहरी लोगों की घुसपैठ से यहाँ के वन जीवन को बचाते हैं।

हिमालय में प्रसिद्ध ‘चिपको आन्दोलन’ कई क्षेत्रों में वन कटाई रोकने में ही सफल नहीं रहा वरन् स्थानीय पौधों की जातियों का प्रयोग करके सामुदायिक नवीकरण अभियान को सफल बनाया।

टिहरी के कृषकों ने ‘बीज बचाओ आंदोलन’ और ‘नवदानय’ के द्वारा यह संदेश दिया कि रासायनिक उर्वरकों के अभाव में भी विविध फसल उत्पादन संभव है।

(ii) वन और वन्य जीव संरक्षण में सहयोगी रीति-रिवाजों पर एक निबन्ध लिखिए।
उत्तरः
प्रकृति की पूजा सदियों पुराना जनजातीय विश्वास है इसका आधार प्रकृति के हर रूप की रक्षा करना है। इन्हीं विश्वासों ने विभिन्न वनों को मूल और मौमार्य रूप में बचाकर रखा है, जिन्हें पवित्र पेड़ों के झुरमुट (देवी-देवताओं के वन) कहते हैं। वनों के इन भागों में या तो वनों के ऐसे बड़े भागों में स्थानीय लोग ही घुसते और न ही किसी और को छेड़छाड़ करने देते।

कुछ समाज कुछ विशेष वृक्षों की पूजा करते हैं। वे प्राचीनकाल से उन पेड़ों का संरक्षण भी करते आ रहे हैं। छोटा नागपुर क्षेत्र में मुंडा और संथाल जनजातियाँ महुआ तथा कदंब के वृक्षों की पूजा करते हैं। उड़ीसा और बिहार प्रदेशों की जनजातियाँ शादी के दौरान इमली तथा आम के पेड़ की पूजा करती हैं। हमें से बहुत से व्यक्ति पीपल और कटवृक्ष को पवित्र मानते हैं।

भारतीय समाज में विविध संस्कृतियाँ हैं। प्रत्येक संस्कृति में प्रकृति तथा इसकी कृतियों का संरक्षित करने के अपने पारंपरिक तरीके हैं। आमतौर पर झरनों, पहाड़ी चोटियों, पेड़ों तथा पशुओं को पवित्र मानकर उनका संरक्षण किया जाता है। आप अनेक मंदिरों के आस-पास- बंदल तथा लंगूर पाएँगे। उपासक उन्हें जिमाते हैं और भक्तों में गिनते हैं। राजस्थान में बिश्नोई गाँवों के आस-पास आप काले हिरण, चिंकारा, नीलगाय और मोरों के झुंड को आसानी से देखा जा सकता है। ये जीव वहाँ के समुदाय का अभिन्न अंग हैं और कोई उनको नुकसान नहीं पहुँचाता।

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HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 1 संसाधन एवं विकास

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 1 संसाधन एवं विकास Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 1 संसाधन एवं विकास

HBSE 10th Class Geography संसाधन एवं विकास Textbook Questions and Answers

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न

(i) लौह अयस्क किस प्रकार का संसाधन है?
(क) नवीकरण योग्य
(ख) प्रवाह
(ग) जैव
(घ) अनवीकरण योग्य
उत्तरः
(घ) अनवीकरण योग्य

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(ii) ज्वारीय ऊर्जा निम्नलिखित में से किस प्रकार का संसाधन है?
(क) पुनः पूर्ति योग्य
(ख) अजैव
(ग) मानवकृत
(घ) अचक्रीय
उत्तरः
(क) पुनः पूर्ति योग्य

(iii) पंजाब में भूमि निम्नीकरण का निम्नलिखित में से मुख्य कारण क्या है?
(क) गहन खेती
(ख) अधिक सिंचाई
(ग) वनोन्मूलन
(घ) अति पशुचारण
उत्तरः
(ख) अधिक सिंचाई

(iv) निम्नलिखित में से किस प्रांत में सीढ़ीदार (सोपानी) कृषि की जाती है?
(क) पंजाब
(ख) उत्तर प्रदेश के मैदान
(ग) हरियाणा
(घ) उत्तरांचल
उत्तरः
(घ) उत्तराखण्ड

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(v) इनमें से किस राज्य में काली मृदा (मिट्टी) पाई जाती है?
(क) जम्मू और कश्मीर
(ख) राजस्थान
(ग) गुजरात
(घ) झारखंड
उत्तरः
(ग) गुजरात

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।

(i) तीन राज्यों के नाम बताएँ जहाँ काली मृदा पाई जाती है। इस पर मुख्य रूप से कौन सी फसल उगाई जाती
है?
उत्तरः
जहाँ काली मृदा पाई जाती है वे तीन राज्य निम्नलिखित हैं
(i) महाराष्ट्र (ii) मालवा (iii) मध्यप्रदेश
काली मृदा (मिट्टी) कपास की खेती के लिए मुख्य रूप से उपयुक्त मानी जाती है। काली मृदा को ‘रेगर’ मृदा भी कहते हैं।

(ii) पूर्वी तट के नदी डेल्टाओं पर किस प्रकार की मृदा पाई जाती है? इस प्रकार की मृदा की तीन मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तरः
पूर्वी तट के नदी डेल्टाओं पर जलोढ़ मृदा पाइ जाती है।
जलोढ़ मृदा की तीन प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित है
(ii) जलोढ़ मृदा में रेत, सिल्ट और मृत्तिका के विभिन्न अनुपात पाए जाते हैं।
(iii) अधिकांशतः जलोढ़ मृदाएँ पोटाश, फास्फोरस और चूनायुक्त होती है।

(iii) पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा अपरदन की रोकथाम के लिए क्या कदम उठाने चाहिए?
उत्तरः
पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा अपरदन की रोकथाम हेतु निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए
(क) ढाल वाली भूमि पर कृषि हेतु सोपान बनाने चाहिए।
(ख) वृक्षों को पंक्तिबद्ध कर रक्षक (Shelter belt) मेखला बनाना।
(घ) पशुचारण रोककर

(iv) जैव और अजैव संसाधन क्या होते हैं? कुछ उदाहरण दें।
उत्तरः
जैव संसाधन-इन संसाधनों की प्राप्ति जीवमंडल होती है और इनमें जीवन व्याप्त रहता है। उदाहरणार्थ-मानव, प्राणिजात, वनस्पति जात, मत्स्य-जीवन, पशुधन आदि।
अजैव संसाधान-ऐसे संसाधन निर्जीव वस्तुओं से निर्मित है। उदाहरणार्थ-चट्टानें और धातुएँ।

3.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।

(i) भारत में भूमि उपयोग प्रारूप का वर्णन करें। वर्ष 1960-61 से वन के अंतर्गत क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण वृद्धि नहीं हुई, इसका क्या कारण है?
उत्तर:
भारत में भूमि उपयोग प्रारम्भ 2002-2003 भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 32.8 लाख वर्ग कि.मी. है परन्तु इसके 93% भाग के ही भू-उपयोग आँकड़े प्राप्त हैं। स्थायी चरागाहों के अन्तर्गत भूमि कम हुई है। वर्तमान परती भूमि के अलावा अन्य परती भूमि अनुपजाऊ है। शुद्ध (निवल) बोये गए क्षेत्र का प्रतिशत भी विभिन्न राज्यों में भिन्न-भिन्न है। पंजाब और हरियाणा में 80% भूमि पर तो अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर और अंडमान निकोबार दीपसमूह में 10% से भी कम क्षेत्र बोया जाता है।

भारत में वनों के अन्तर्गत 33% भौगोलिक क्षेत्र वांछित है। जिसकी तुलना में वन के अन्तर्गत क्षेत्र काफी कम है। वन क्षेत्रों के आस-पास रहने वाले लाखों लोगों की आजीविका इस पर आश्रित है। गैर कृषि प्रयोजनों में लगाई भूमि में बस्तिया. सड़कें, रेल लाइन, उद्योग इत्यादि आते हैं। लम्बे समय तक निरन्तर भूमि संरक्षण और प्रबन्धन की अवहेलना करने एवं निरन्तर भू-उपयोग के कारण भू-संसाधनों का निम्नीकरण हो रहा है। इसके कारण पर्यावरण पर गंभीर आपदा आ सकती है।
वर्ष 1960-61 से वन के अन्तर्गत क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण वृद्धि नहीं हो पाई क्योंकि बड़े पैमाने पर वनों की कटाई की जा रही है।

(ii) प्रौद्योगिक और आर्थिक विकास के कारण संसाधनों का अधिक उपभोग कैसे हुआ है?
(क) उद्योगों की स्थापना के परिणामस्वरूप अधिक उत्पादन होता है जिसके अधिक कच्चे माल की आवश्यकता होती है।
(ख) आर्थिक विकास के फलस्वरूप लोगों की आय में वृद्धि होने से भी अधिक मात्र में उत्पादों की आवश्यकता होती है।
उपरोक्त कारणों से संसाधनों का अधिक उपयोग होता है। परन्तु संसाधनों का विवेकहीन उपभोग और अति उपभोग के कारण कई सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय समस्याएँ पैदा हो सकती है। गांधी जी ने संसाधनों के संरक्षण पर अपनी इन शब्दों में व्यक्त की है-“हमारे पास हर व्यक्ति की आवश्यकता पूर्ति हेतु बहुत कुछ है, लेकिन किसी के लालच की संतुष्टि के लिए नहीं। अर्थात् हमारे पास पेट भरने के लिए बहुत है लेकिन पेटी भरने के लिए नहीं।

यहाँ यह कहना अति आवश्यक है कि संसाधनों के अधि क उपयोग से अनवीकरण संसाधनों की जैसे-पेट्रोल, डीजल, गैस आदि शीघ्र समाप्त होने की संभावना बन गई है। यह चिन्ताजनक विषय है।

HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 1 संसाधन एवं विकास

परियोजना/क्रियाकलाप

1. अपने आस पास के क्षेत्रों में संसाधनों के उपभोग और संरक्षण को दर्शाते हुए एक परियोजना तैयार करें।
2. आपके विद्यालय में उपयोग किए जा रहे संसाधनों के संरक्षण विषय पर अपनी कक्षा में एक चर्चा आयोजित करें।
3. वर्ग पहेली को सुलझाएँ ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज छिपे उत्तरों को ढूंढे।
नोट : पहेली के उत्तर अंग्रेजी के शब्दों में हैं।
HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 1 संसाधन एवं विकास 1

(i) भूमि, जल, वनस्पति और खनिजों के रूप में प्राकृतिक सम्पदा
(ii) अनवीकरण योग्य संसाधन का एक प्रकार
(iii) उच्च नमी रखाव क्षमता वाली मृदा
(iv) मानसून जलवायु में अत्यधिक निक्षालित मृदाएँ
(v) मृदा अपरदन की रोकथाम के लिए बृहत् स्तर पर पेड़ लगाना
(vi) भारत के विशाल मैदान इन मृदाओं से बने हैं।
उत्तर-
(i) RESOURCE,
(ii) MINERALS,
(iii) BLACK,
(iv) LATERITE,
(v) AFFORESTATION,
(vi) ALLUVIAL.

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HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 8 उपन्यास, समाज और इतिहास

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 8 उपन्यास, समाज और इतिहास Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions History Chapter 8 उपन्यास, समाज और इतिहास

HBSE 10th Class History उपन्यास, समाज और इतिहास Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
इनकी व्याख्या करें
(क) ब्रिटेन मे आए सामजिक बदलावों से पाठिकाओं की संख्या में इजाफा हुआ।
उत्तर-
ब्रिटने में सामजिक बदलावों को उपन्यासों में दर्शाया जाने लगा। स्त्री अधिकारों की बातें आरंभ होने लगीं। उनसे जुड़ी भावनाओं, अनुभवों आदि को चित्रित किया जा रहा था। इरा कारण पाठिकाओं की संख्या में वृद्धि हुई।

(ख) रॉबिन्स क्रसो के वे कौन-से कृत्य है, जिनके कारण वह हमें ठेठ उपनिवेशकार दिखाई देने लगता है?
उत्तर-
रॉबिन्स क्रूसो का नायक एक दास दिखाया गया है। इस उपन्यास में औपनिवेशिक गुलामी को दिखाया गया है उपनिवेशवाद को एक कुदरती परिघटना माना गया है।

(ग) 1740 के बाद गरीब लोग भी उपन्यास पढ़ने लगे।
उत्तर-
1740 तक तकनीकी सुधार छपाई के खर्चे कम आने लगा। मार्केटिंग के नए तरीकों से किताबों की बिक्री बढ़ गई। चलने वाले पुस्तकालयों का चलन बढ़ गया, परंतु इसके बाद गरीब लोगों में उपन्यास पढ़ने का चलन हो गया।

(घ) औपनिवेशिक भारत के उपन्यासकार एक राजनैतिक उद्देश्य के लिए लिख रहे थे।
उत्तर-
औपनिवेशिक भारत में उपन्यासकारों का मुख्य उद्देश्य बन गया था-लोगों को उपनिवेवाद के विरुद्ध खड़ा करना। वे चाहते थे कि लोगों में राष्ट्रवाद की भावना जागृत हो। इसी राजनैतिक उद्देश्य को लेकर उपन्यासकारों ने उपन्यास लिखने आरंभ किए।

प्रश्न 2.
तकनीक और समाज के लिए उन बदलावों के बारे में बतलाइए जिनके चलते अठाहरवीं सदी के यूरोप में उपन्यास पढ़ने वालों की संख्या में वृद्धि हुई।
उत्तर-
उपन्यास के छपने के कारण उनके पढ़ने वालों की संख्या में वृद्धि होने लगी। उपन्यास अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुँचने लगा। छपाई और संचार के कारण छोटे शहरों से सम्पर्क होने लगा। इनके कारण समाज में परिवर्तन होने लगे। बृहद् उत्पादन का आरंभ हो गया। धारावाहिक मुद्रण का चलन हो गया। उपन्यास को कहीं भी पढ़ा जा सकता था। नायक-नायिका का उल्लेख उपन्यासों में होता था। जो लोगों को दूसरी दुनिया में ले जाता। लोगों के जन-जीवन में परिवर्तन हुआ। अब उपन्यास बहुत लोगों तक पहुँचने लगा।

प्रश्न-3.
निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखें-
(क) उड़िया उपन्यास।
उत्तर-
उड़िया उपन्यास का प्रकाशन रामशंकर राय ने ‘सौदामिनी’ नामक उपन्यास के साथ आरंभ किया। फकीर मोहन सेनापति लगभग 30 वर्षों के मध्य उत्पन्न हुए। उनका मुख्य उपन्यास था-छः माणो आठौ गुठौ। उपन्यासों के द्वारा ग्रामीण मुद्दों को उठाया जाने लगा।

(ख) जेन ऑस्टिन द्वारा औरतों का चित्रण।
उत्तर-
जेन ऑस्टिन 19वीं सदी में महिला उपन्यासकार के रूप में उभरी। उन्होंने ब्रिटने के ग्रामीण समाज को तथा वहां औरतों की स्थिति का चित्रण किया। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के विषय में भी लिखा। ‘प्राइड एंड प्रिजुडिस’ में उन्होंने लिखा कि औरतों को सम्पति का अधिकार नहीं था।

(ग) उपन्यास ‘परीक्षा-गुरू’ में दर्शायी गई नए मध्यवर्ग की तस्वीर।
उत्तर-
परीक्षा गुरु में मध्यवर्ग के बाह्य एवं आंतरिक स्थितियों का उल्लेख किया गया। उपन्यास के चरित्रों को ब्रिटिश शासन के साथ चलने में कठिनाई आती है पाठक को सही प्रकार से जीवन जीने का तरीका सिखाता है। इस उपन्यास में अपने काम से दो विभिन्न समूहों के बीच अंतर समाप्त करने की शिक्षा दी गई है युवाओं को अखबार पढ़ने का संदेश, नई कृषि तकनीकी अपनाना, व्यापार को आधुनिक बनाना आदि का उल्लेख किया गया है।

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HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 7 मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 7 मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions History Chapter 7 मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया

HBSE 10th Class History मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया Textbook Questions and Answers

प्रश्न-1.
निम्नालिखित के कारण दें
(क) वुड ब्लॉक प्रिंट या तख्ती की छपाई यूरोप में 1395 के बाद आई।
(ख) मार्टिन लूथर मुद्रण के पक्ष में था और उसने उसकी खुलेआम प्रशंसा की।
(ग) रोमन कैथोलिक चर्च न सोलहवीं सदी के मध्य से प्रतिबधित किताबों की सूची रखनी शरू कर दी।
(घ) महात्मा गांधी ने कहा कि स्वराज की लड़ाई दरअसल अभिव्यक्ति, प्रेस, और सामूहिकता के लिए लड़ाई है।
उत्तर-
(क) मार्को पोलो ने जब चीन की यात्रा 1295 में की तो उसे वुड ब्लॉक प्रिंट का पता चला। इटली वापस लौटते समय वुड ब्लॉक प्रिंट का ज्ञान चीन से लेकर गया। तत्पश्चात् ही यह तकनीक यूरोप में फैल पाई।

(ख) मार्टिन लूथर ने प्रोटेस्टेन्टवाद का प्रचार किया। वे मुद्रण को ईश्वर की सर्वोत्तम कृति मानता, क्योंकि उसके अनुसार इसके द्वारा धर्म-सुधार आंदोलन संभव था। छपाई के कारण नया बौद्धिक वातावरण उत्पन्न हुआ। छपाई से लूथर प्रोटेस्टेन्ट धर्म को फैला पाए।

(ग) पुस्तकों से लोगों को धर्म के विषय में ज्ञान हुआ। इटली के मेनोकियों ने कैथोलिक चर्च के विरुद्ध विचार बनाए। उसे धर्म-विदोही कहा गया और मौत की सजा दी गई। इस कारण परेशान तथा धर्म पर उठाए जा रहे प्रश्नों के कारण रोमन चर्च के प्रकाशकों और पुस्तक विक्रेताओं ने कई पाबन्दियाँ लगा दी।

(घ) महात्मा गांधी ने यह इसलिए कहा कि स्वराज की लड़ाई दरअसल अभिव्यक्ति, प्रेस और सामूहिकता के लिए लडाई है, क्योंकि ये तीनों ही जनमत व्यक्त करने के तरीके है जिन्हें ब्रिटिश सरकार दबाने का प्रयत्न कर रही थी।

प्रश्न-2.
छोटी टिप्पणी में इनके बारे में बताएँ
(क) गुटेन्बर्ग प्रेस
(ख) छपी किताब को लेकर इरैस्मस के विचार
(ग) वर्नाक्युलर या देसी प्रेस एक्ट
उत्तर-
(क) गुटेन्बर्ग ने अपने अनुभव के द्वारा जैतून प्रेस को अपनी प्रिटिंग मशीन का आधार बनाया। उसमें साँचे का प्रयोग अक्षरों की धातुई आकृतियों को बनाने के लिए किया गया। सबसे पहले अपनी मशीन से गुटेन्बर्ग ने बाइबल छापी।
(ख) इरैस्मस कैथोलिक धर्म-सुधारक थे। वे प्रिंट को लेकर आशंकित थे उनके अनुसार कुछ ही चीजें पुस्तकों में ठीक होती थी; जबकि बाकी विद्वता के लिए हानिकारक होती थीं। वे लोगों को छपी किताब से बचने की प्रेरणा देते तथा इन्हें धर्म विरोधी, अज्ञानी और षड्यन्त्रकारी कहा।
(ग) ब्रिटिश सरकार ने 1878 में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट लागू किया इससे सरकार भाषीयी अखबारों पर नजर रख सकती थी। वे अब रिपोर्ट आदि को सेंसर कर सकती थी। यदि किसी खबर को बागी कहा जाता तो उसे छापने से मना किया जाता। चेतावनी नहीं मानने पर मशीनें और अखबार जब्त की जा सकती थीं।

प्रश्न-3. उन्नीसवीं सदी में भारत में मुद्रण-संस्कृति के प्रसार का इनके लिए क्या मतलब था
(क) महिलाएँ (ख) गरीब जनता (ग) सुधारक
उत्तर-
(क) 19वीं सदी मुद्रण संस्कृति के कारण औरतों को पढ़ाया जाने लगा। पत्रिकाओं में लेखिकाओं को स्थान मिलने लगा जिसमें नारी-शिक्षा को जोर दिया गया। परन्तु समाज ने यह माना कि पढ़ना-लिखना महिलाओं के लिए नहीं है। कई महिलाओं के लिए पुस्तकें मनोरंजन थीं तो अन्यों के लिए अभिव्यक्ति का एक स्परूप।
(ख) 19वीं सदी में जब किताबें आम गरीब जनता तक पुहँचने लगीं तो वे उनके लिए अहम् मनोरंजन का साधन बन गई। पुस्तकालयों के खुलने से उन्हें पुस्तके आसानी से मिलने लगीं।
(ग) सुधारकों ने पुस्तकों को अभिव्यक्ति का साधन माना। इनका प्रयोग जाति-प्रथा के विरोध में लोगों को जागृत करना था, जैसे-ज्योतिबा फुले ने किया। विधवा प्रथा का विरोध , नारी-शिक्षा आदि को सुधारों का एक अभिन्न अग माना गया जिसके प्रचार के लिए पत्रिकाओं, उपन्यासों आदि मुद्रित सामग्री छापी गई

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