Class 10

HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 1 संसाधन एवं विकास

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 1 संसाधन एवं विकास Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 1 संसाधन एवं विकास

HBSE 10th Class Geography संसाधन एवं विकास Textbook Questions and Answers

1. बहुवैकल्पिक प्रश्न

(i) लौह अयस्क किस प्रकार का संसाधन है?
(क) नवीकरण योग्य
(ख) प्रवाह
(ग) जैव
(घ) अनवीकरण योग्य
उत्तरः
(घ) अनवीकरण योग्य

HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 1 संसाधन एवं विकास

(ii) ज्वारीय ऊर्जा निम्नलिखित में से किस प्रकार का संसाधन है?
(क) पुनः पूर्ति योग्य
(ख) अजैव
(ग) मानवकृत
(घ) अचक्रीय
उत्तरः
(क) पुनः पूर्ति योग्य

(iii) पंजाब में भूमि निम्नीकरण का निम्नलिखित में से मुख्य कारण क्या है?
(क) गहन खेती
(ख) अधिक सिंचाई
(ग) वनोन्मूलन
(घ) अति पशुचारण
उत्तरः
(ख) अधिक सिंचाई

(iv) निम्नलिखित में से किस प्रांत में सीढ़ीदार (सोपानी) कृषि की जाती है?
(क) पंजाब
(ख) उत्तर प्रदेश के मैदान
(ग) हरियाणा
(घ) उत्तरांचल
उत्तरः
(घ) उत्तराखण्ड

HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 1 संसाधन एवं विकास

(v) इनमें से किस राज्य में काली मृदा (मिट्टी) पाई जाती है?
(क) जम्मू और कश्मीर
(ख) राजस्थान
(ग) गुजरात
(घ) झारखंड
उत्तरः
(ग) गुजरात

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।

(i) तीन राज्यों के नाम बताएँ जहाँ काली मृदा पाई जाती है। इस पर मुख्य रूप से कौन सी फसल उगाई जाती
है?
उत्तरः
जहाँ काली मृदा पाई जाती है वे तीन राज्य निम्नलिखित हैं
(i) महाराष्ट्र (ii) मालवा (iii) मध्यप्रदेश
काली मृदा (मिट्टी) कपास की खेती के लिए मुख्य रूप से उपयुक्त मानी जाती है। काली मृदा को ‘रेगर’ मृदा भी कहते हैं।

(ii) पूर्वी तट के नदी डेल्टाओं पर किस प्रकार की मृदा पाई जाती है? इस प्रकार की मृदा की तीन मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तरः
पूर्वी तट के नदी डेल्टाओं पर जलोढ़ मृदा पाइ जाती है।
जलोढ़ मृदा की तीन प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित है
(ii) जलोढ़ मृदा में रेत, सिल्ट और मृत्तिका के विभिन्न अनुपात पाए जाते हैं।
(iii) अधिकांशतः जलोढ़ मृदाएँ पोटाश, फास्फोरस और चूनायुक्त होती है।

(iii) पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा अपरदन की रोकथाम के लिए क्या कदम उठाने चाहिए?
उत्तरः
पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा अपरदन की रोकथाम हेतु निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए
(क) ढाल वाली भूमि पर कृषि हेतु सोपान बनाने चाहिए।
(ख) वृक्षों को पंक्तिबद्ध कर रक्षक (Shelter belt) मेखला बनाना।
(घ) पशुचारण रोककर

(iv) जैव और अजैव संसाधन क्या होते हैं? कुछ उदाहरण दें।
उत्तरः
जैव संसाधन-इन संसाधनों की प्राप्ति जीवमंडल होती है और इनमें जीवन व्याप्त रहता है। उदाहरणार्थ-मानव, प्राणिजात, वनस्पति जात, मत्स्य-जीवन, पशुधन आदि।
अजैव संसाधान-ऐसे संसाधन निर्जीव वस्तुओं से निर्मित है। उदाहरणार्थ-चट्टानें और धातुएँ।

3.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।

(i) भारत में भूमि उपयोग प्रारूप का वर्णन करें। वर्ष 1960-61 से वन के अंतर्गत क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण वृद्धि नहीं हुई, इसका क्या कारण है?
उत्तर:
भारत में भूमि उपयोग प्रारम्भ 2002-2003 भारत का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 32.8 लाख वर्ग कि.मी. है परन्तु इसके 93% भाग के ही भू-उपयोग आँकड़े प्राप्त हैं। स्थायी चरागाहों के अन्तर्गत भूमि कम हुई है। वर्तमान परती भूमि के अलावा अन्य परती भूमि अनुपजाऊ है। शुद्ध (निवल) बोये गए क्षेत्र का प्रतिशत भी विभिन्न राज्यों में भिन्न-भिन्न है। पंजाब और हरियाणा में 80% भूमि पर तो अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर और अंडमान निकोबार दीपसमूह में 10% से भी कम क्षेत्र बोया जाता है।

भारत में वनों के अन्तर्गत 33% भौगोलिक क्षेत्र वांछित है। जिसकी तुलना में वन के अन्तर्गत क्षेत्र काफी कम है। वन क्षेत्रों के आस-पास रहने वाले लाखों लोगों की आजीविका इस पर आश्रित है। गैर कृषि प्रयोजनों में लगाई भूमि में बस्तिया. सड़कें, रेल लाइन, उद्योग इत्यादि आते हैं। लम्बे समय तक निरन्तर भूमि संरक्षण और प्रबन्धन की अवहेलना करने एवं निरन्तर भू-उपयोग के कारण भू-संसाधनों का निम्नीकरण हो रहा है। इसके कारण पर्यावरण पर गंभीर आपदा आ सकती है।
वर्ष 1960-61 से वन के अन्तर्गत क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण वृद्धि नहीं हो पाई क्योंकि बड़े पैमाने पर वनों की कटाई की जा रही है।

(ii) प्रौद्योगिक और आर्थिक विकास के कारण संसाधनों का अधिक उपभोग कैसे हुआ है?
(क) उद्योगों की स्थापना के परिणामस्वरूप अधिक उत्पादन होता है जिसके अधिक कच्चे माल की आवश्यकता होती है।
(ख) आर्थिक विकास के फलस्वरूप लोगों की आय में वृद्धि होने से भी अधिक मात्र में उत्पादों की आवश्यकता होती है।
उपरोक्त कारणों से संसाधनों का अधिक उपयोग होता है। परन्तु संसाधनों का विवेकहीन उपभोग और अति उपभोग के कारण कई सामाजिक-आर्थिक और पर्यावरणीय समस्याएँ पैदा हो सकती है। गांधी जी ने संसाधनों के संरक्षण पर अपनी इन शब्दों में व्यक्त की है-“हमारे पास हर व्यक्ति की आवश्यकता पूर्ति हेतु बहुत कुछ है, लेकिन किसी के लालच की संतुष्टि के लिए नहीं। अर्थात् हमारे पास पेट भरने के लिए बहुत है लेकिन पेटी भरने के लिए नहीं।

यहाँ यह कहना अति आवश्यक है कि संसाधनों के अधि क उपयोग से अनवीकरण संसाधनों की जैसे-पेट्रोल, डीजल, गैस आदि शीघ्र समाप्त होने की संभावना बन गई है। यह चिन्ताजनक विषय है।

HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 1 संसाधन एवं विकास

परियोजना/क्रियाकलाप

1. अपने आस पास के क्षेत्रों में संसाधनों के उपभोग और संरक्षण को दर्शाते हुए एक परियोजना तैयार करें।
2. आपके विद्यालय में उपयोग किए जा रहे संसाधनों के संरक्षण विषय पर अपनी कक्षा में एक चर्चा आयोजित करें।
3. वर्ग पहेली को सुलझाएँ ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज छिपे उत्तरों को ढूंढे।
नोट : पहेली के उत्तर अंग्रेजी के शब्दों में हैं।
HBSE 10th Class Social Science Solutions Geography Chapter 1 संसाधन एवं विकास 1

(i) भूमि, जल, वनस्पति और खनिजों के रूप में प्राकृतिक सम्पदा
(ii) अनवीकरण योग्य संसाधन का एक प्रकार
(iii) उच्च नमी रखाव क्षमता वाली मृदा
(iv) मानसून जलवायु में अत्यधिक निक्षालित मृदाएँ
(v) मृदा अपरदन की रोकथाम के लिए बृहत् स्तर पर पेड़ लगाना
(vi) भारत के विशाल मैदान इन मृदाओं से बने हैं।
उत्तर-
(i) RESOURCE,
(ii) MINERALS,
(iii) BLACK,
(iv) LATERITE,
(v) AFFORESTATION,
(vi) ALLUVIAL.

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HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 8 उपन्यास, समाज और इतिहास

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 8 उपन्यास, समाज और इतिहास Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions History Chapter 8 उपन्यास, समाज और इतिहास

HBSE 10th Class History उपन्यास, समाज और इतिहास Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
इनकी व्याख्या करें
(क) ब्रिटेन मे आए सामजिक बदलावों से पाठिकाओं की संख्या में इजाफा हुआ।
उत्तर-
ब्रिटने में सामजिक बदलावों को उपन्यासों में दर्शाया जाने लगा। स्त्री अधिकारों की बातें आरंभ होने लगीं। उनसे जुड़ी भावनाओं, अनुभवों आदि को चित्रित किया जा रहा था। इरा कारण पाठिकाओं की संख्या में वृद्धि हुई।

(ख) रॉबिन्स क्रसो के वे कौन-से कृत्य है, जिनके कारण वह हमें ठेठ उपनिवेशकार दिखाई देने लगता है?
उत्तर-
रॉबिन्स क्रूसो का नायक एक दास दिखाया गया है। इस उपन्यास में औपनिवेशिक गुलामी को दिखाया गया है उपनिवेशवाद को एक कुदरती परिघटना माना गया है।

(ग) 1740 के बाद गरीब लोग भी उपन्यास पढ़ने लगे।
उत्तर-
1740 तक तकनीकी सुधार छपाई के खर्चे कम आने लगा। मार्केटिंग के नए तरीकों से किताबों की बिक्री बढ़ गई। चलने वाले पुस्तकालयों का चलन बढ़ गया, परंतु इसके बाद गरीब लोगों में उपन्यास पढ़ने का चलन हो गया।

(घ) औपनिवेशिक भारत के उपन्यासकार एक राजनैतिक उद्देश्य के लिए लिख रहे थे।
उत्तर-
औपनिवेशिक भारत में उपन्यासकारों का मुख्य उद्देश्य बन गया था-लोगों को उपनिवेवाद के विरुद्ध खड़ा करना। वे चाहते थे कि लोगों में राष्ट्रवाद की भावना जागृत हो। इसी राजनैतिक उद्देश्य को लेकर उपन्यासकारों ने उपन्यास लिखने आरंभ किए।

प्रश्न 2.
तकनीक और समाज के लिए उन बदलावों के बारे में बतलाइए जिनके चलते अठाहरवीं सदी के यूरोप में उपन्यास पढ़ने वालों की संख्या में वृद्धि हुई।
उत्तर-
उपन्यास के छपने के कारण उनके पढ़ने वालों की संख्या में वृद्धि होने लगी। उपन्यास अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुँचने लगा। छपाई और संचार के कारण छोटे शहरों से सम्पर्क होने लगा। इनके कारण समाज में परिवर्तन होने लगे। बृहद् उत्पादन का आरंभ हो गया। धारावाहिक मुद्रण का चलन हो गया। उपन्यास को कहीं भी पढ़ा जा सकता था। नायक-नायिका का उल्लेख उपन्यासों में होता था। जो लोगों को दूसरी दुनिया में ले जाता। लोगों के जन-जीवन में परिवर्तन हुआ। अब उपन्यास बहुत लोगों तक पहुँचने लगा।

प्रश्न-3.
निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखें-
(क) उड़िया उपन्यास।
उत्तर-
उड़िया उपन्यास का प्रकाशन रामशंकर राय ने ‘सौदामिनी’ नामक उपन्यास के साथ आरंभ किया। फकीर मोहन सेनापति लगभग 30 वर्षों के मध्य उत्पन्न हुए। उनका मुख्य उपन्यास था-छः माणो आठौ गुठौ। उपन्यासों के द्वारा ग्रामीण मुद्दों को उठाया जाने लगा।

(ख) जेन ऑस्टिन द्वारा औरतों का चित्रण।
उत्तर-
जेन ऑस्टिन 19वीं सदी में महिला उपन्यासकार के रूप में उभरी। उन्होंने ब्रिटने के ग्रामीण समाज को तथा वहां औरतों की स्थिति का चित्रण किया। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के विषय में भी लिखा। ‘प्राइड एंड प्रिजुडिस’ में उन्होंने लिखा कि औरतों को सम्पति का अधिकार नहीं था।

(ग) उपन्यास ‘परीक्षा-गुरू’ में दर्शायी गई नए मध्यवर्ग की तस्वीर।
उत्तर-
परीक्षा गुरु में मध्यवर्ग के बाह्य एवं आंतरिक स्थितियों का उल्लेख किया गया। उपन्यास के चरित्रों को ब्रिटिश शासन के साथ चलने में कठिनाई आती है पाठक को सही प्रकार से जीवन जीने का तरीका सिखाता है। इस उपन्यास में अपने काम से दो विभिन्न समूहों के बीच अंतर समाप्त करने की शिक्षा दी गई है युवाओं को अखबार पढ़ने का संदेश, नई कृषि तकनीकी अपनाना, व्यापार को आधुनिक बनाना आदि का उल्लेख किया गया है।

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HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 7 मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 7 मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions History Chapter 7 मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया

HBSE 10th Class History मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया Textbook Questions and Answers

प्रश्न-1.
निम्नालिखित के कारण दें
(क) वुड ब्लॉक प्रिंट या तख्ती की छपाई यूरोप में 1395 के बाद आई।
(ख) मार्टिन लूथर मुद्रण के पक्ष में था और उसने उसकी खुलेआम प्रशंसा की।
(ग) रोमन कैथोलिक चर्च न सोलहवीं सदी के मध्य से प्रतिबधित किताबों की सूची रखनी शरू कर दी।
(घ) महात्मा गांधी ने कहा कि स्वराज की लड़ाई दरअसल अभिव्यक्ति, प्रेस, और सामूहिकता के लिए लड़ाई है।
उत्तर-
(क) मार्को पोलो ने जब चीन की यात्रा 1295 में की तो उसे वुड ब्लॉक प्रिंट का पता चला। इटली वापस लौटते समय वुड ब्लॉक प्रिंट का ज्ञान चीन से लेकर गया। तत्पश्चात् ही यह तकनीक यूरोप में फैल पाई।

(ख) मार्टिन लूथर ने प्रोटेस्टेन्टवाद का प्रचार किया। वे मुद्रण को ईश्वर की सर्वोत्तम कृति मानता, क्योंकि उसके अनुसार इसके द्वारा धर्म-सुधार आंदोलन संभव था। छपाई के कारण नया बौद्धिक वातावरण उत्पन्न हुआ। छपाई से लूथर प्रोटेस्टेन्ट धर्म को फैला पाए।

(ग) पुस्तकों से लोगों को धर्म के विषय में ज्ञान हुआ। इटली के मेनोकियों ने कैथोलिक चर्च के विरुद्ध विचार बनाए। उसे धर्म-विदोही कहा गया और मौत की सजा दी गई। इस कारण परेशान तथा धर्म पर उठाए जा रहे प्रश्नों के कारण रोमन चर्च के प्रकाशकों और पुस्तक विक्रेताओं ने कई पाबन्दियाँ लगा दी।

(घ) महात्मा गांधी ने यह इसलिए कहा कि स्वराज की लड़ाई दरअसल अभिव्यक्ति, प्रेस और सामूहिकता के लिए लडाई है, क्योंकि ये तीनों ही जनमत व्यक्त करने के तरीके है जिन्हें ब्रिटिश सरकार दबाने का प्रयत्न कर रही थी।

प्रश्न-2.
छोटी टिप्पणी में इनके बारे में बताएँ
(क) गुटेन्बर्ग प्रेस
(ख) छपी किताब को लेकर इरैस्मस के विचार
(ग) वर्नाक्युलर या देसी प्रेस एक्ट
उत्तर-
(क) गुटेन्बर्ग ने अपने अनुभव के द्वारा जैतून प्रेस को अपनी प्रिटिंग मशीन का आधार बनाया। उसमें साँचे का प्रयोग अक्षरों की धातुई आकृतियों को बनाने के लिए किया गया। सबसे पहले अपनी मशीन से गुटेन्बर्ग ने बाइबल छापी।
(ख) इरैस्मस कैथोलिक धर्म-सुधारक थे। वे प्रिंट को लेकर आशंकित थे उनके अनुसार कुछ ही चीजें पुस्तकों में ठीक होती थी; जबकि बाकी विद्वता के लिए हानिकारक होती थीं। वे लोगों को छपी किताब से बचने की प्रेरणा देते तथा इन्हें धर्म विरोधी, अज्ञानी और षड्यन्त्रकारी कहा।
(ग) ब्रिटिश सरकार ने 1878 में वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट लागू किया इससे सरकार भाषीयी अखबारों पर नजर रख सकती थी। वे अब रिपोर्ट आदि को सेंसर कर सकती थी। यदि किसी खबर को बागी कहा जाता तो उसे छापने से मना किया जाता। चेतावनी नहीं मानने पर मशीनें और अखबार जब्त की जा सकती थीं।

प्रश्न-3. उन्नीसवीं सदी में भारत में मुद्रण-संस्कृति के प्रसार का इनके लिए क्या मतलब था
(क) महिलाएँ (ख) गरीब जनता (ग) सुधारक
उत्तर-
(क) 19वीं सदी मुद्रण संस्कृति के कारण औरतों को पढ़ाया जाने लगा। पत्रिकाओं में लेखिकाओं को स्थान मिलने लगा जिसमें नारी-शिक्षा को जोर दिया गया। परन्तु समाज ने यह माना कि पढ़ना-लिखना महिलाओं के लिए नहीं है। कई महिलाओं के लिए पुस्तकें मनोरंजन थीं तो अन्यों के लिए अभिव्यक्ति का एक स्परूप।
(ख) 19वीं सदी में जब किताबें आम गरीब जनता तक पुहँचने लगीं तो वे उनके लिए अहम् मनोरंजन का साधन बन गई। पुस्तकालयों के खुलने से उन्हें पुस्तके आसानी से मिलने लगीं।
(ग) सुधारकों ने पुस्तकों को अभिव्यक्ति का साधन माना। इनका प्रयोग जाति-प्रथा के विरोध में लोगों को जागृत करना था, जैसे-ज्योतिबा फुले ने किया। विधवा प्रथा का विरोध , नारी-शिक्षा आदि को सुधारों का एक अभिन्न अग माना गया जिसके प्रचार के लिए पत्रिकाओं, उपन्यासों आदि मुद्रित सामग्री छापी गई

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HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 6 काम, आराम और जीवन

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 6 काम, आराम और जीवन Textbook Exercise Questions and Answers.

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HBSE 10th Class History काम, आराम और जीवन Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
अठारहवीं सदी के मध्य से लंदन की आबादी क्यों फैलने लगी? कारण बताइए।
उत्तर-
लंदन हमेशा से ही अधिक जनसंख्या वाला शहर बनता चला गया। आठाहरवीं सदी के मध्य तक तो नौ में से एक आदमी लंदन का निवासी था। लंदन विशाल फैक्ट्रियों का शहर नहीं था। इसका कारण था-लंदन में प्रत्येक व्यवसाय के व्यक्ति के लिए स्थान था। मजदूर से लेकर किसान, क्लर्क, दुकानदार, वकील, सिपाही सभी लंदन के निवासी थे। इसके अतिरिक्त लंदन में पाँच उद्योग भी थे। जिनमें लोग काम करने आते थे। 1880 तक लंदन की आबादी 40 लाख हो गई।

प्रश्न 2.
उन्नीसवीं और बीसवीं सदी के बीच लंदन में औरतों के लिए उपलब्ध कामों में किस तरह के बदलाव आए? ये बदलाव किन कारणों से आए?
उत्तर-
19वीं सदी के आरंभ में फैक्ट्रियों में महिलाएँ काम करती थीं। तकनीकी सुधारों के कारण उनकी नौकरियाँ छिनने लगीं। अब वे घरेलू नौकरों के रूप में काम करने लगीं। कई घर में ही सिलाई-बुनाई, माचिस बनाना आदि व्यवसाय करने लगीं या अपने घरों को किराए पर देतीं। परंतु 20वीं सदी से फिर परिवर्तन होने लगा। युद्ध के समय उस समय के उद्योगों तथा दफ्तरों में औरतें काम करने लगीं। यह परिवर्तन युद्ध के समय और तकनीकी परिवर्तनों के कारण आए।

प्रश्न 3.
विशाल शहरी आबादी होने से निम्नलिखित पर क्या असर पड़ता है? ऐतिहासिक उदाहरणों के साथ समझाइए।
उत्तर-
(क) जमींदार-जब भी शहरों में आबादी बढ़ती हैं तब गाँवों में लोग शहरो की ओर चल पड़ते हैं। इस कारण जमींदारी पर भी प्रभाव पड़ता है। अक्सर किसान, मजदूर आदि जमींदारों से कर्जे पर धन लेते थे। इसके अतिरिक्त ये लोग इनकी जमीनों पर काम भी करते। शहरीकरण के कारण लोग शहरों में काम ढूँढ़ने लगे जिससे जमींदारों की आमदनी तथा काम करने वाले मजदूरों में कमी आई।
(ख) कानून व्यवस्था सँभालने वाला पुलिस अधीक्षक-जब शहरीकरण होता है जो जनसंख्या में भी वृद्धि होती है। इसके कारण अपराध तथा अपराधियों में वृद्धि होती है। पुलिस अधीक्षक का ऐसे समय में काम बढ़ जाता है। जैसे 1870 के दशक में लंदन में लगभग 20,000 अपराधी रहते थे। इनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस अधीक्षकों के काम में वृद्धि हुई।
(ग) राजनीतिक दल का नेता-शहरों में राजनीति का जोर अधिक होता है। भारत में शहरीकरण के साथ औपनिवेशक काल में कई राजनीतिक दल 19वीं सदी में उत्पन्न हुए, जैसेकांग्रेस आदि। इन दलों के नेताओं ने राष्ट्रीयता का प्रचार किया। उनके राजनीतिक दलों के नेताओं, जैसे-महात्मा गाँधी आदि का शहरों की जनता पर बहुत प्रभाव रहा।

प्रश्न 4.
निम्नलिखित की व्याख्या करें
(क) उन्नीसवीं सदी में धनी लंदनवासियों ने गरीबों के लिए मकान बनाने की जरूरत का समर्थन क्यों किया?
(ख) बंबई की बहुत सारी फिल्में शहर में बाहर से आने वालों की जिंदगी पर आधारित क्यों होती थीं?
(ग) उन्नीसवीं सदी के मध्य में बंबई की आबादी में भारी वृद्धि क्यों हुई?
उत्तर-
(क) 19वीं सदी तक लंदन में गरीबों की जनसंख्या बहुत अधिक हो गई थी। 1887 में लगभग 10 लाख लोग गरीब रह रहे थे। उनके लिए लगभग चार लाख कमरों की आवश्यकता थी। कुछ समय तक अमीर लोग झोंपड़पट्टियाँ खत्म करने की माँग करते रहे। परंतु धीरे-धीरे यह समझा जाने लगा कि उनके लिए घरों की जरूरत हैं। एक कमरे वाले घर स्वास्थ्य के लिए सही नहीं थे। हल्के घरों में आग लगाने का खतरा बना रहता था। वह भी डर था गरीब लोग विद्रोह भी कर सकते थे।
(ख) बंबई में आरंभ से ही जीवन अत्यन्त कठिन रहा है इन्हीं कठिनाइयों को दिखाने के लिए फिल्मकारों ने फिल्मों का प्रयोग किया। कई गीतों में बंबई के अन्त:विरोधी आयामों को उजागर किया।
(ग) अंग्रेज-मराठा युद्ध के बाद बंबई शहर तेजी से बढ़ने लगा। बंबई में हर क्षेत्र में लोग आकर रहने लगे, जैसे-व्यापारी, महाजन तथा दुकानदार आदि कपड़ा मिल खुलने के बाद उसमें काम करने वाले आकर बंबई में बसने लगे। यहाँ आबादी बढ़ने का मुख्य कारण था-सभी प्रकार के व्यवसायों तथा कामों की उपलब्धि होना।

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HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 5 औद्योगीकरण का युग

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 5 औद्योगीकरण का युग Textbook Exercise Questions and Answers.

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HBSE 10th Class History औद्योगीकरण का युग Textbook Questions and Answers

1. निम्नलिखित की व्याख्या करें

(क) ब्रिटेन की महिला कामगारों ने स्पिनिंग जेनी मशीनों पर हमले किए।
उत्तर-
स्पिनिंग जेनी (Spinning Jenny) का अविष्कार जेम्स हरग्रीज ने 1764 ईन ने किया। इस मशीन ने कताई की प्रव्यिा तेज कर दी जिसके कारण अब मजदूरों की मांग घट गई। एक ही पहिये को घुमाकर एक मजदूर एक सारी स्पिडलस को घुमा देता था और एक साथ कई धागे बनने लगते थे। बेरोजगारी के डर से महिला-कारीगर, जो हाथ से धागा कातकर गुजारा करती थीं, घबरा गई। इसलिये उन्होनें इन नई मशीनों को लगाने का विरोध किया और जहाँ-जहाँ ये मशीनें लगाई गई उनपर आक्रमण करके उनको तोड़-फोड़ दिया। महिलाओं का विरोध और तोड़-फोड़ काफी समय तक चलती रही।

(ख) सत्रहवीं शताब्दी में यूरोपीय शहरों के सौदागर गाँवों में किसानों और कारीगरों से काम करवाने लगे।
उत्तर-
औद्योगिक वन्ति इंग्लैंड को मिलाकर, यूरोप के बहुत से देशों में 18वीं शताब्दी में फैली। इससे पहले यूरोप में नए व्यापारी वर्ग को नगरों में अपनी औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित करने में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा। इस प्रकार उन्होनें अपने व्यापार और औद्योगिक इकाइयों को गा!व में स्थापित करने का प्रयत्न किया। निम्नलिखित कारणों और परिस्थितियों ने उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों की ओर जाने के लिए मजबूर किया।
(क) उस समय विश्व-व्यापार के विस्तार और उपनिवेशों की स्थापना के कारण चीज़ों की मांग बढ़ने लगी थी, इसलिये उद्योगपति और व्यापारी अपना उत्पादन बढ़ाना चाहते थे। परन्तु शहरों में रहकर वे ऐसा नहीं कर सकते थे क्योंकि वहाँ मजदूर संघो व्यापारिक गिल्ड्स काफी शक्तिशाली थे जो उनके लिये अनेक समस्याएँ पैदा कर सकते थे।
(ख) शासकों ने भी विभिन्न गिल्ड्स को खास चीजों के उत्पादन और व्यापार का एकाधिकार दे रखा था। इसलिये व्यापारी लोग नगरों में अपनी इच्छानुसार कार्य नहीं कर सकते थे।
(ग) ग्रामीण क्षेत्रों में किसान लोग और कारीगर वर्ग ऐसे सौदागरों के लिये काम करने को तैयार थे क्योंकि खुले खेत खत्म होने और कामन्स भूमियों की बाड़ाबंदी होने के कारण उनके पास जीने के अब बहुत कम साधन बचे थे।

(ग) सूरत बंदरगाह अठारहवीं सदी के अंत तक हाशिये पर पहुँच गया था।
उत्तर-
भारत में पश्चिमी तट पर स्थित सरत की बन्दरगाह मशीन युग से पहले, भारत को पश्चिमी देशों से मिलाने और व्यापारिक गतिविधियों को अंजाम देने वाली सबसे प्रसिद्ध बन्दरगाह थी। परन्तु 19वीं सदी के आते-आते विभिन्न यूरोपीय कम्पनियों विशेषकर अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कम्पनी ने इसके बहुत से व्यापार पर अधिकार कर लिया और इसके पहले ही शान और महत्व जाता रहा। उन्होंने पश्चिमी तट पर अपनी-अपनी बन्दरगाहें स्थापित कर ली, जैसे अंग्रेजों ने बम्बई की बन्दरगाह का निर्माण कर अपना सारा व्यापार इस बन्दरगाह से करना शुरु कर दिया। ऐसे में भारत की पुरानी बन्दरगाहें, जैसे सूरत की बन्दरगाह द्वारा होने वाले विदेशी व्यापार की मात्रा बहुत कम हो गई। एक अनुमान के अनुसार 17वीं शताब्दी के अंत में सूरत से जहाँ 16 मिलियन मूल्य का माल आता जाता था। वह 1740 के दशक में घटकर केवल 3मिलियन ही रह गया।

(घ) ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में बुनकरों पर निगरानी रखने के लिए गुमाश्तों को नियुक्त किया था।
उत्तर-
ईस्ट इंडिया कम्पनी ने भारतीय व्यापारियों और दलालों की भूमिका समाप्त करने तथा बुनकरों पर अधिक नियन्त्रण स्थापित करने के विचार से वेतनभोगी कर्मचारी तैनात कर दिये जिन्हें गुमाशता कहा जाता था। इन गुमाशतों को अनेक प्रकार के काम सौंपे गए।

(क) वे बुनकरों को कर्ज देते थे ताकि वे किसी और को अपना माल तैयार करके न दे सकें।
(ख) वे ही बुनकरों से तैयार किये हुए माल को इकट्ठा करते थे।
(ग) वे बने हुए सामान विशेषकर बने हुए कपड़ों की गुणवना की जांच करते थे।

क्योंकि ये गुमाशता लोग बुनकरों के बीच में नहीं रहते थे इसलिये किसी न किसी बात पर उनका बुनकर से टकराव हो जाता था। कई बुनकर तो इन गुमाशतों के कठोर व्यवहार से तंग आकर अपना गा!व तक छोड़ जाते थे और दूसरे स्थानों पर जाकर वहाँ अपना करघा लगा लेते थे और वहाँ अपना काम शुरु कर देते थे।

प्रश्न 2. प्रत्येक वक्तव्य के आगे ‘सही’ या ‘गलत’ लिखें-

(क) उन्नीसवीं सदी के आखिर में यूरोप की कुल श्रम शक्ति का 80 प्रतिशत तकनीकी रूप से विकसित औद्योगिक क्षेत्र में काम कर रहा था।
उत्तर-
गलत।

(ख) अठारहवीं सदी तक महीन कपड़े के अंतराष्ट्रीय बाजार पर भारत का दबदबा था।
उत्तर-
सही।

(ग) अमेरिकी गृह युद्ध के फलस्वरूप भारत के कपास निर्यात में कमी आई।
उत्तर-
गलत।

(घ) ल्लाई शटल के आगे से हथकरथा कामगारों की उत्पादकता में सुधार हुआ।
उत्तर-
सही।

प्रश्न 3.
आदि-औद्योगिक का मतलब बताएँ।
उत्तर-
आदि-औद्योगिक से हमारा अभिप्राय उन उद्योगों से है जो फैक्ट्रियां लगने से पहले पनप रहे थे। अभी जब इंग्लैड़ और यूरोप में फैक्ट्रिया शुरु नहीं हुई थीं तब भी वहाँ अन्तराष्ट्रीय माँग को पूरा करने के लिये बहुत-सा माल बनता था। यह उत्पादन फैक्ट्रियों में नहीं होता था। परन्तु घर-घर में हाथों से माल तैयार होता था और वह भी काफी मात्रा में।

बहुत से इतिहासकार फैक्ट्रियों की स्थापना से पहले की औद्योगिक गतिविधियों को आदि औद्योगिकरण (ProtoIndudtrialisation) के नाम से पुकारते हैं। शहरों में अनेक व्यापारिक गिल्ड्स थीं जो विभिन्न प्रकार की चीजों का,
फैक्ट्रियों की स्थापना से पहले, उत्पादन करती थीं। ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत से सौदागार यही काम किसानों और मजदूरों से हाथ द्वारा करवाते थे। यह आदि-औद्योगिक की व्यवस्था इंग्लैंड और यूरोप में फैक्ट्रियाँ लगने से पहले के काल में व्यापारिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण अंग बनी हुई थी।

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HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 4 भूमंडलीकृत विश्व का बनना

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 4 भूमंडलीकृत विश्व का बनना Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions History Chapter 4 भूमंडलीकृत विश्व का बनना

HBSE 10th Class History भूमंडलीकृत विश्व का बनना Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
सत्रहवीं सदी से पहले होने वाले आदान-प्रदान के दो उदाहरण दीजिए। एक उदाहरण एशिया से और एक उदाहरण अमेरिकी महाद्वीपों के बारे में चुनें।
उत्तर-
17वीं शताब्दी से पहले के वैश्विक आदान-प्रदान का एक लाभकारी उदाहरण-17वीं शताब्दी से पहले के काल में जो यात्री, व्यापारी, पुजारी और तीर्थयात्री आपसी मेल-मिलाप के अग्रदूत बनकर एक देश से दूसरे देश गए, विशेषकर एशिया से दूसरे देशों की ओर गये वे अपने साथ अनेक चीजों, पैसे-मान्यताओं, विचारों, अनेक प्रकार की कलाओं को भी ले गए और उन्होंने दूसरे लोगों के जीवन को सुखमय बना दिया। ऐसे प्रायः एशिया के भारत और चीन जैसे देशों द्वारा ही हुआ।

17वीं शताब्दी से पहले वैश्विक आदान-प्रदान का एक विनाशकारी उदाहरण-17वीं शताब्दी से पूर्व के वैश्विक आदान-प्रदान कई बार नए लोगों के लिये विनाश कर कारण भी बन गए। जैसे पुर्तगाल और स्पेन से जब लोग अमेरिका पहु!चे तो वे अपने साथ अनेक बीमारियों विशेषकर चेचक के कीटाणु भी ले गये जिन्होंने अमेरिका के मूल निवासियों के अनेक कबीलों का सफाया ही कर दिया।

प्रश्न 2.
बताएँ कि पाक-आधुनिक विश्व में बीमारियों के वैश्विक प्रसार के अमेरिकी भूभागों के उपनिवेशीकरण में किस मदद दी।
उत्तर-
17वीं शताब्दी के पहले के वैश्विक आदान-प्रदान के जहाँ कुछ प्रभाव पड़े जैसे लोगो की नई चीजों और नए विचारों कर ज्ञान हुआ। वहाँ उसके कुछ बुरे प्रभाव भी पड़े। कुछ लोग दूसरे देशों में बीमारियों के ऐसे कीटाणु भी ले गये जिन्होंने उनका नाश कर दिया। एक ऐसा उदाहरण यूरोपवासियों द्वारा अमेरिका में बीमारी के कीटाणु ले जाकर उनको बर्बाद करना है।

कहा जाता है कि यूरोपिय लोगों ने अमेरिका को केवल अपने सैनिक बल पर ही नहीं जीता वरन् उन चेचक के कीटाणुओं के कारण जीता जो स्पेन के सैनिक और अफसर अपने साथ वहाँ ले गए। इस बीमारी का इलाज यूरोप-निवासी तो जानते थे परन्तु अमेरिका के निवासी इससे अनभिज्ञ थे। अमेरिका के लोगों के शरीर में यूरोप से अपने वाली इन बीमारियों से बचने की रोग-प्रतिरोधी क्षमता नहीं थी इसलिये बहुत से अमेरिकी आदिवासी मौत का शिकार हुए। कहीं-कहीं तो चेचक से समुदाए के समुदाय खत्म हो गए।

इस प्रकार यह ठीक ही कहा गया है कि चेचक की बीमारी ने अमेरिकी भूभागों के उपनिवेशीकरण में बहुत सहायता की अन्यथा अमेरिका विजय का कार्य काफी कठिन हो जाता।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित के प्रभावों को व्याख्या करते हुए संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखें:
(क) कॉर्न लॉ के समाप्त करने के बारे में ब्रिटिश सरकार का फैसला।
उत्तर-
ब्रिटिश पार्लियामेंट ने 19वीं शताब्दी में जो कानून अपने भूस्वामियों के हितों की रक्षा के लिये पास किये उन्हें कार्न लॉ (Corn Laws) कहा जाता है। इन कानूनों द्वारा विदेशो से खाद्य-पदार्थो के आयात पर पाबन्दी लगा दी गई। इस पाबन्दी के परिणास्वरुप जब ब्रिटेन में खाद्य पदार्थो के मूल्य बढ़ने लगे तो लोगों में हा हा कार मच गई और विवश होकर सरकार को ये कानून हटाने के बहुत महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेः
(क) खाद्य-सामग्री सस्ती हो गई जिससे साधारण और गरीब जनता को खूब लाभ रहा।
(ख) जब बाहर से खाद्य पदार्थ सस्ते दामों में इंग्लैंड आने तो वहाँ के भू-स्वामी बर्बाद हो गए।
(ग) बहुत-सी भूमि। पर हो गई और खेती करने वाले बहुत से किसान बेरोजगार हो गए।
(घ) ऐसे बहुत से ग्रामीण लोग नौकरी की तलाश में शहरों की ओर भागने लगे। जिससे शहरों की हालात भी खराब हो गई

(ख) अफ्रीका में रिंडररपेस्ट का आना।
उत्तर-
अफ्रीका में रिंडरपेस्ट का आना (The Coming of Rinderpest to Africa)-रिंडपेस्ट पशुओं में फैलने वाली उन खतरनाक बीमारी है जो 1890 के दशक में अफ्रीका में प्लेग की तरह फैली। अफ्रीका में यह बीमारी उन पशुओं के कारण फैली जो अफ्रीक में ब्रिटिश साम्राज्य के लिए लड़ रहे भारतीय सिपाहियों के भोजन के लिये अनेक पूर्वी देशों से मंगवाए गए। जैसे ही ये पशु पूर्वी अफ्रीका पहुँचे इन्होंने वहाँ के पशुओं को भी रिंडरपेस्ट की बीमारी में लपेट लिया। 1892से शुरु होकर अगले पाँच वर्षों में पशुओं को यह घातक बीमारी दक्षिणी और पश्चिमी अफ्रीका की सीमाओं तक फैल गई। इस बीमारी के बड़ी दूरगामी प्रभाव पड़ेः
(क) इस बीमारी के कारण अफ्रीका के पशु मौत के शिकार हुए।
(ख) इस बीमारी से अफ्रीका के लोगों की आजीविका और अर्थव्यवस्था पर बड़ा गहरा असर पड़ा।
(ग) और बिलकुल बर्बाद और बेसहारा होने के कारण अफ्रीका के लोगों को विदेशी साम्राज्यवादियों के पास न मजदूरी करने के लिये मजबूर होना पड़ा। यदि उनके पास अपने पशु होते वे कभी भी यह काम करने को तैयार न होते।
(घ) अफ्रीका के लोगों के इस विनाश और उनके साध नों के बर्बाद हो जाने के कारण यूरोपीय उपनिवेशवादियों को अफ्रीका को जीतना और अपने अमीन करना काफी आसान हो गया।

(ग) विश्वयुद्ध के कारण यूरोप में कामकाजी उम्र के पुरुषों की मौतें।
उत्तर-
प्रथम विश्वयुद्ध (1914-1918) के मुख्य परिणाम निम्नलिखित थे:

  1. प्रथम विश्वयुद्ध (1914-1918) एक बहुत विनाशकारी युद्ध था। प्रथम महायुद्ध में लाखों व्यक्ति माने गए, घायल हुए और जीवन भर के लिए निकम्मे हो गए। इन मरने वालों और घायल होने वालों में अधिकतर कामकाजी उम्र के पुरुष थे इसलिये विभिन्न उद्योगों को कामकाजी लोगों के बिना चलाना काफी कठिन हो गया।
  2. आर्थिक दृष्टि से यह बहुत हानिकारक सिद्ध हुआ। ऐसा अनुमान लगाया जाता हैकि इस युद्ध में कुल खर्च लगभग 186,00.000,000 डालर हुआ। इस युद्ध के कारण हज़ारों नगर,खेत और कारखाने तबाह हो गए और व्यापार भी नष्ट हो गया।
  3. इस युद्ध ने जर्मनी में नाजीवाद के उत्थान को प्रोत्साहित किया। वर्साय का सन्धिपत्र जर्मनी के लिये बड़ा हानिकारक और अपमानजनक था। उसकी सारी बस्तियां उससे छीन ली गई। इस सारे अन्याय के विरुद जर्मनी में बड़ा रोष पैदा हुआ देखते ही देखते हिटलर ने वहा! एक तानाशाही राज्य की स्थापना कर ली।
  4. प्रथम युद्ध के ही परिणामस्वरुप इटली में फासीवाद का जन्म हुआ। इटली ने मित्र राष्ट्रों का साथ इसलिये दिया था कि युद्ध के पश्चात् उसे बड़े लाभ मिलेंगे। परन्तु उसे प्रथम महायुद्ध की लूट में से कुछ भी न मिला। इस से जो इटली में निराशा फैली। उसने वहाँ फासीवाद या तानाशाही को जन्म दिया।
  5. प्रथम विश्वयुद्ध का एक अन्य परिणाम था। राष्ट्र संघ (League of Nations) की स्थापना जिसने अगले कोई 20 वर्ष तक विश्व में शान्ति स्थापित करने का प्रयत्न किया।

(घ) भारतीय अर्थव्यवस्था पर महामंदी का प्रभाव।
उत्तर-
(क) इस महामन्दी (1929-1934) के काल में भारत के आयात और निर्यात व्यापार में कोई 50% की कमी आ गई।
(ख) इस महामंदी का बंगाल के पटसन पैदा करने वाले लोगों पर विशेष रुप से बड़ा विनाशकारी प्रभाव पड़ा। पटसन के मूल्यों में कोई 60% की गिरावट आ गई जिससे बंगाल के पटसन उत्पादक बर्बाद हो गए और वे कर्ज के बोझ तले दबे गए।
(ग) छोटे- छोटे किसान भी बर्बादी से न बच सके। चाहे उनकी आर्थिक दशा खराब होती जा रही थी। सरकार ने उनके भूमिकर तथा अन्य करो में कोई कमी न की।
(घ) 1930 में शुरु होने वाले सिविल अवज्ञा आन्दोलन (Civil Disobedience Movement) इस आर्थिक मन्दी का सीधा परिणाम था। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र अशान्ति का क्षेत्र बन चुके थे।

(5) बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा अपने उत्पादन को एशियाई देशों में स्थानांतरित करने का फैसला।
उत्तर-
बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने 1970 के दशक में अपना रुख एशिया के देशों की ओर किया, जिसके अनेक महत्वपूर्ण परिणाम निकले–
(क) एशिया देशों में नौकरी के अवसरों में काफी वृद्धि हुई और इस प्रकार बेरोजगारी के मसलों को हल करने में काफी आसानी, रही।
(ख) इन बहुराष्ट्रीय कम्पनियों ने विकासशील देशों को उनके पुराने उपनिवेशी देशों के चंगुल से निकलने में काफी सहयोग दिया।
(ग) इन बहुराष्ट्रीय कम्पनियों ने अपनी उत्पादक और व्यापारिक गतिविधियों के कारण वैश्विक व्यापार ओर पूंजी प्रवाही को भी काफी प्रभावित किया।

प्रश्न 4.
खाद्य उपलब्धता पर तकनीक के प्रभाव को दर्शाने के लिए इतिहास से दो उदाहरण दें।
उत्तर-
‘कॉर्न लॉ’ 19वीं शताब्दी में ब्रिटिश में ब्रिटिश पार्लियामेंट द्वारा पास किये ताकि भूमि-स्वामियों के हितों की रक्षा की जा सके परन्तु इन कानूनों के परिणामस्वरुप जब इंग्लैंड में बाहर से अनाज आना बन्द हो गया तो वहाँ खाद्य-पदार्थो के मूल्य आकाश को छूने लगे । ऐसे में शीघ्र ही इन कानूनों को निरस्त या हटा दिया गया। धीरे-धीरे विदेशों में अनाज आने लगा जिसके परिणामस्वरूप वहाँ की खाद्य समस्या ठीक होने लगी। नि:सन्देह तकनीकी विकास ने खाद्य समस्या को हल करने में बहुत योगदान दिया। तकनीकी या विभिन्न प्रकार के आविष्कारों. जैसे रेलवे, भाप के जहाजों, टेलिग्राफ और रेफ्रिजरेटर-युक्त जहाजों का खाद्य पदार्थो की उपलब्धता पर बड़ा गहरा प्रभाव पड़ा।

(क) यातायात के विभिन्न साधनों-जैसे तेज़ चलने वाली रेलगाड़ियो, हलकी बग्धियों, बड़े आकार के जलपोतों द्वारा अब खाद्य पदार्थो को दूर-दूर के बाजारों में कम लागात पर और आसानी से पहुँचाना आसान हो गया।
(ख) रेफ्रिजरेटर कर तकनीक युक्त जहाज़ों के कारण अब जल्दी खराब होने वाली चीज़ों-मांस, फल आदि को भी लम्बी यात्राओं में लाया-ले जाया जा सकता था।

प्रश्न 5.
ब्रेटन वुड्स समझौते का क्या अर्थ है।
उत्तर-
ब्रेटन वुड्स समझौता-ब्रेटन वुड्स का समझौता विश्व के विभिन्न देशों में जुलाई 1944 ई. को संयुक्त राष्ट्र संघ के मौद्रिक एवं वित्तीय सम्मेलन में हुआ। जो अमेरिका स्थित न्यू हैम्पशर के ब्रेटन वुड्स नामक स्थान पर हुआ। इस सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र संघ की दो संस्थाओं-अन्तराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की स्थापना हुई।

उन दोनों संस्थाओं ने 1947 ई. में अपना काम करना शुरु कर दिया जो आज तक बड़ी बखूबी से कर रही है। अन्तराष्ट्रीय ‘मौद्रिक व्यवस्था ने राष्ट्रीय मुद्राओं और मौद्रिक व्यवस्थाओं को एक-दूसरे से जोड़ने का महत्त्वपूर्ण कार्य किया है। इस सारी प्रक्रिया से पश्चिमी औद्योगिक देशों और जापान को विशेष रुप से लाभ रहा है और उनके व्यापार और आय में काफी वृद्धि हुई है। तकनीक और उद्यम का विश्व-व्यापी विस्तार हुआ।

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HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 3 भारत में राष्ट्रवाद

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 3 भारत में राष्ट्रवाद Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions History Chapter 3 भारत में राष्ट्रवाद

HBSE 10th Class History भारत में राष्ट्रवाद Textbook Questions and Answers

1. व्याख्या करें
(क) उपनिवेशों में राष्ट्रवाद के प्रक्रिया उपनिवेशवाद विरोधी आंदोलन से जुड़ी हुई क्यों थी।
उत्तर-
‘राष्टीयता’ या ‘राष्ट्रवाद’ एकता की वह शक्तिशाली भावना है जो लोग तब अनुभव करते है जब वे एक जैसी राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक अवस्थाओं में रहते है, जब वे एक जैसी आंकाक्षायें रखते हैं और जब वे विशेष भू- भाग में एक विशेष राजनितिक व्यवस्था के अधीन रहते हैं और एक नियमों का पालन करते हैं। राष्टीयता एक ऐसी भावना है जो विश्व के इतिहास में मध्य-युग के पश्चात् दृष्टिगोचर हुई। यह उन्हीं सामाजिक एवं आर्थिक कारणों का परिणाम है जिन्होंने सामंतवाद का अन्त किया था।

साधारणतया यह देखा गया है कि उपनिवेशों में राष्ट्रवाद के उदय की प्रक्रिया उपनिवेशवाद-विरोधी आन्दोलन से जुड़ी हुई होती है। उपनिवेशवाद शोषण पर आधारित होता है। उपनिवेशवाद शोषण पर आधारित होता है इसलिये समाज के सभी प्रकार के लोग इस लूट-खसूट से इतने तंग आ जाते है कि वे विदेशी उपनिवेशवाद को समाप्त करने और अपने देश को स्वतन्त्र कराने का दृढ़ संकल्प कर लेते हैं। बहुत बार शोषण और अन्याय ही बड़े-बड़े और आंदोलनों का कारण बनता है।

अंग्रेज़ी उपनिवेशवादियों ने भारत को ऐसे लूटा कि हर वर्ष पड़ने वाले अकाल की लपेट में आने लगे और उनके मन में अत्याचारी सरकार के विरुद्ध आक्रोश के भाव जागृत होने लगे। ‘मरता क्या न करता’ वाली कहावत के अनुसार लोगों को यह एहसास हो गया कि वे जब तक अपने देश को स्वतन्त्र नहीं करा लेंगे उनके दुखों को तब तक अंत नहीं हो सकता।

जीवन के हर क्षेत्र में उपनिवेशवादियों द्वारा झूठ-फरेब, नीच और अन्यायपूर्ण हथकंडे अपनाने के कारण वे जनता में शीघ्र ही बदनाम हो गए। अब वे जान चुके थे कि जब तक वे अपने देश को स्वतन्त्र नहीं करा लेते वे चैन की नींद सो नहीं सकते। इस नरक से निकलने का एक ही तरीका है कि उपनिवेशवाद को खत्म किया जाए और देश को स्वतन्त्र कराया जाए।

(ख) पहले विश्व युद्ध ने भारत में राष्टीय आंदोलन के विकास में किस प्रकार योगदान दिया।
उत्तर-
(1) प्रथम विश्व युद्ध लाए गए आर्थिक संकट के कारण भारतीयों में रोष और विरोध की भावना-ज्योंही 1914 ई. में यह युद्ध में शुरु हुआ भारत में उथल-पुथल पैदा हो गई। पहले तो अंग्रेजों ने भारतीयों से पूछे बिना युद्ध में भारत को भी एक पार्टी बना दिया और दूसरे, भारत के संसाधनों का धड़ाधड़ प्रयोग ब्रिटिश सरकार अपनी विदेशी हितों की पूर्ति के लिए कर रही थी। इससे चीजों के मूल्य बढ़ गए और लोगों के लिये जीना कठिन हो गया। इसीलिए भारतीयों में अंग्रेजों के प्रति बड़ा रोष पैदा हुआ।

(2) राजनीतिक गतिविधियों का तेज़ हो जाना और होमरुल आन्दोलनों का ज़ोर पकड़ना–प्रथम विश्व युद्ध में फंसे देखकर भारतीयों ने अंग्रेजों से कुछ अधिकार प्राप्त करने के प्रयत्न किए। श्रीमती एनी बेसेंट 1914 ईद में कांग्रेस में शामिल हुई थीं। दो वर्ष बाद गंगाधर तिलक के साथ मिलकर उन्होंने होमरुल आंदोलन की नींव रखी और होमरुल लीग की स्थापना की जिसका लक्ष्य भारतीयों के लिए होमरुल या स्वराजय प्राप्त करना था। किन्तु ब्रिटिश सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी इसलिये उसने एनी बेसेंट को गिरफ्तार कर लिया और इस आंदोलन को कुचलने के लिए दमनचक्र चलाया।

(3) मुस्लिम लींग और कांग्रेस का एक-दूसरे के निकट आना और इस प्रकार राष्ट्रीयता को बल मिलना-यद्यपि मुस्लिम लींग अंग्रेजी सरकार की बांदी थी तथापि प्रथम महायुद्ध की घटनाओं के कारण इसे कांग्रेस के समीप आना पड़ा। तुर्की ने प्रथम महायुद्ध में मित्र राष्ट्रों के विरुद्ध जर्मनी का साथ दिया था। युद्ध की समाप्ति पर अंग्रेजों ने उसके साथ कठोर व्यवहार किया जिससे भारत के मुसलमान, विशेष रुप से मुस्लिम लींग, – ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध हो गए कांग्रेस के साथ 1916 ईद में उन्होने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

(4) नरमदल और गरमदल में पुनः मैत्री स्थापित होना और स्वतन्त्रता संग्राम को मजबूती से मिलना-सरकार की दमन नीति के कारण नर्मदल और गर्मदल के नेताओं में 1916 ई. में पुनः मेल-मिलाप हो गया।

(5) प्रथम विश्व युद्ध द्वारा फैलाए गए रोष के कारण वातावरण में गांधी जी द्वारा राष्ट्रीयता की बागडोर संभालना आसान हो जाना-प्रथम महायुद्ध के दौरान ही गांधी जी का भारत के राष्ट्रवादी आंदोलन के नेता के रूप में उदय हुआ।

(ग) भारत के लोग रोलट एक्ट के विरोध में क्यों थे।
उत्तर-
रौलट ऐक्ट, 1919 ई.-1919 ई. के गवर्नमेंट ऑफ इण्डिया ऐक्ट में दी गई रियासतों से काँग्रेस असन्तुष्ट थी और समस्त भारत में निराशा का वातावरण छाया हुआ था। सरकार को डर था कि अवश्य कोई नया आन्दोलन प्रारम्भ होगा। इस ऐक्ट के अनुसार सरकार की किसी भी व्यक्ति को बिना अभियोग चलाए अनिश्चित समय के लिए बन्द कर सकती थी और उसे अपील, दलील या वकील करने का कोई अधिकार नहीं था।

इस ऐक्ट के प्रति भारतीय प्रतिक्रिया और सरकारी दमन-इस ऐक्ट के विरुद्ध सभी भारतीय एक-साथ खड़े हो गए। उन्होंने इसे ‘काले बिल का’ नाम का नाम दिया। यह राष्ट्रीय सम्मान पर ऐसा धब्बा था जिसे भारतीयों के लिए सहना बड़ा कठिन था। ऐसे कठिन समय में महात्मा गाँधी ने राष्ट्रीय आन्दोलन की बागडोर सम्भाली और इसे नवीन कार्यक्रम और कार्यविधि प्रदान की। उन्होंने इस ऐक्ट के विरुद्ध सत्य और अहिंसा के आधार पर सत्याग्रह आन्दोलन शुरु किया। दिल्ली में एक भीड़ पर पुलिस ने गोली दी जिसमें पाँच व्यक्ति मारे गए और 20 घायल हुए। इसके विरोध में बड़े-बड़े शहरों में हड़ताले हुई और दुकानें बन्द कर दल गयीं। अनेक लोगों को सरकार ने पकड़ कर जेल में डाल दिया। महात्मा गाँधी ने भी जब वास्तविक स्थिति का अमययन करने के लिए दिल्ली और पंजाब की ओर जाने का प्रयत्न किया तो उन्हें भी पकड़ लिया गया।

इस प्रकार ऐक्ट ने भारत की राजनीति में उनर भर दी अंग्रजी सरकार और भारतीयों में टकराव का वातावरण पैदा कर दिया।

(घ) गांधीजी ने असहयोग आंदोलन को वापस लेने का फैसला क्यों लिया।
उत्तर-
महात्मा गांधी ने असहयोग आन्दोलन को क्यों वापस ले लिया-असहयोग आन्दोलन अपने पूरे जोरों पर चल रहा था जब महात्मा गांधी ने 1922 ई. को उसे वापस ले लिया। इस आंदोलन के वापिस लिये जाने के कारण थे जिनमें से मुख्य निम्नलिखित है:

(1) महात्मा गांधी अहिंसा और शांति के पूर्ण समर्थक थे – इसलिए जब उन्हें यह सूचना मिली कि उत्तेजित भीड़ ने चौरी-चौरा के पुलिस थाने को आग लगा कर 22 सिपाहियों की हत्या कर डाली है तो वह परेशान हो उठे। उन्हें अब विश्वास न रहा कि वे लोगो को शान्त रख सकेंगे। ऐसे में उन्होंने असहयोग आन्दोलन को वापिस ले लेना ही उचित समझा।
(2) दूसरे वे सोचने लगे कि यदि लोग हिसंक को जायेंगे तो अंग्रेजी सरकार भी उत्तेजित हो उठेगी और आंतक का राज्य स्थापित हो जायेगा और अनेक निर्दोष लोग मारे जायेंगे। महात्मा गांधी जलियाँवाला बाग जैसे हत्याकांड की पुनरावृति नहीं करना चाहते थे इसलिए 1922 ई. में उन्होंने असहयोग आंदोलन वापिस ले लिया।

प्रश्न 2.
सत्याग्रह के विचार का क्या मतलब है?
उत्तर-
गाँधी जी ने सत्याग्रह के विचार के संदर्भ में चार बिन्दु निम्नलिखित है:
(1) सत्याग्रह सच्चाई और अहिंसा का एक ढंग है जिसे अपनाकर महात्मा गान्धी ने दक्षिण अफ्रीका की नस्लभेदी सरकार से सफलतापूर्वक लोहा लिया था बाद में यही पद्धति उन्होंने भारत की ब्रिटिश सरकार के अन्यायपूर्ण कार्यो का विरोध करने में अपनाई।
(2) यदि आपका उद्देश्य सच्चा और न्यायपूर्ण है तो आपको अन्त में सफलता अवश्य मिलेगी, ऐसा महात्मा गाँधी का विचार था।
(3) प्रतिरोध की भावना या आक्रमक्ता का सहारा लिये बिना सत्याग्रही केवल अहिंसा के सहारे अपने संघर्ष में सफल हो सकता है।
(4) बाद में सत्याग्रह के इसी सिद्धान्त का प्रयोग उन्होंने अनेक स्थानों पर किया जैसे 1916 में बिहार में चंपारन इलाके में दमनकारी बागान मालिकों के विरुद्ध किसानों को बचाने में,1917 ई. में गुजरात के खेड़ा जिले के किसानो को फसल खराब हो जाने के कारण सरकारी करों से बचाने में और 1918 में गुजरात के अहमदाबाद के सूती कपड़ा के कारखानों के मजदूरों को उचित वेतन दिलाने आदि में किया, परन्तु उन्हें हर बार सफलता प्राप्त हुई।
न्याय और सच्चाई पर आधारित सत्याग्रह का सिद्धान्त बाद में कांग्रेस के संघर्ष का मूल मंत्र बन गया।

प्रश्न 3.
निम्नलिखित पर अख़बार के लिए रिर्पोट लिखें
(क) जलियाँवाला बाग हत्याकांड
उत्तर-
जलियाँवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल, 1919 ई. -1918 ई. में प्रथम विश्व युद्ध समाप्त हो गया और उसके साथ ही भारत में होने वाली वस्तुओं की मांग भी बहुत कम हो गई जिससे किसान वर्ग (Peasants) को बहुत हानि हुई। बेकारी भी बहुत बढ़ गई, क्योंकि युद्ध समाप्त होने पर कइयों को नौकरी से छुट्टी मिल गई। जब चीजों की माँग कम हो गयी तो भारतीय व्यापारियों को भी बहुत कठिनाइयाँ उठानी पड़ी। जमीदारों का भी बहुत बुरा हाल था, क्योंकि किसानों से उन्हें लगान तो. मिल रहा था लेकिन सरकार उनसें पूरा लगान मा!गती थी। संक्षेप में प्रत्येक व्यक्ति बड़ा परेशान था। उधर जनवरी 1919 ई. को अंग्रेजी सरकार ने रौलट ऐक्ट पास करके लोगो में और भी रोष पैदा कर दिया। उधर महात्मा गाँधी ने इसके विरुद्ध सत्याग्रह प्रारम्भ कर दिया। सारे देश में हड़तालें होने लगीं, जलसे और जलूस निकलने लगे। अमृतसर में अंग्रेजी सरकार ने डॉन सतपाल और डॉन किचलू को पकड़ लिया। कोई 20,000 लोगों ने इसके विरोध में 13 अप्रैल, 1919 ई. को जलियाँवाला बाग (Jallianwala Bagh) में एक जलसा किया। शीघ्र ही एक अंग्रेज़ अधिकारी जनरल डायर (General Dyer) ने बाग को चारों ओर से घेर लिया और गोली चलाना प्रारम्भ कर दिया जिससे सहस्त्रों स्त्री-पुरुष मारे गये और अनेकों घायल हुए। इस हत्याकाण्ड का भारतीय राजनीति पर प्रभाव-जलियाँवाला बाग के हत्याकांड ने भारतीयों पर बड़ा गहरा प्रभाव डाला। अब लोगो का अंग्रेजी शासन से विश्वास जाता रहा और वे ऐसे शासन से छुटकारा पाने के लिए उग्र और क्रान्तिकारी मार्ग पर चल पड़े। सरकार ने भी अपना दमन-चक्र और तेज कर दिया।

सारे पंजाब में मार्शल-ला (Martial Law) लगा दिया और बड़े अत्याचार किए। महात्मा गाँधी को भी कैद कर लिया गया। जेल से आते ही उन्होंने पंजाब के हत्याकाण्ड और मार्शल-ला के विरुद्ध खिलाफत आन्दोलन चलाया हुआ था, को अपने साथ मिलाकर 1920 ई. में पहला असहयोग आन्दोलन चलाया। उनके कहने पर हजारों व्यक्तियों ने सरकारी नौकरियाँ छोड़ दी और सरकार से मिले हुए पदक और उपाधियाँ त्याग दी। वकीलों ने वकालत छोड़ दी और विद्यार्थियों ने अपने स्कूल तथा कॉलिज छोड़ दिए। इस प्रकार हम कह सकते है कि जलियाँवाला बाग के हत्याकाण्ड की घटना भारत के इतिहास में अपना विशेष महत्व रखती है। इसके परिणामस्वरूप जहाँ एक ओर अंग्रेजी सरकार के नैतिक सम्मान और गौरव को धक्का लगा, वहाँ जनता और सरकार के अच्छे सम्बन्ध सदा के लिए खराब हो गए। इस घटना से राष्ट्रीय एकता और सुदृढं हुई जब सभी जातियों के लोग सरकार के अत्याचारों के सम्मान रूप से शिकार हुए। परन्तु जब सरकार की दमनकारी नीति भारतीयों को भयभीत करने में असफल रही तो निश्चित रूप से भारतीयों का धैर्य और मनोबल कई गुना बढ़ गया और वे अधिक शक्ति से भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में जुट गए।

(ख) साइमन कमीशन
उत्तर-
असहयोग आन्दोलन के वापस लेने के पश्चात् जब प्रसिद्ध नेता सी.आर.दास (C.R.Dass) की मृत्यु हो गई तो देश में एक प्रकार का सन्नाटा छा गया। केवल क्रान्तिकारी ही इधर-उधर अपना क्रान्तिकारी कार्य करते रहे। इस रातनीतिक सन्नाटे को तोड़ने के लिए ब्रिटिश सरकार ने 1927 ईन में जॉन साइमन (John Simon) की अध्यक्षकता में एक कमीशन नियुक्त किया जिसके मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित थे:

(क) इसका मुख्य उद्देश्य तो यह था कि 1919 के गर्वनमेंट आफ इण्डिया ऐक्ट की समीक्षा की जा सके ताकि यह सुझाव दिए जा सके कि भारतीय प्रशासन में क्या नए सुधार लाए जा सकते हैं।
(ख) इसका एक अन्य उद्देश्य यह भी था कि भारत में पैदा तत्कालीन राजनीतिक सन्नाटे और गतिरोध को दूर किया जा सके। क्योंकि इस कमीशन का अध्यक्ष जॉन साइमन को बनाया गया इसलिए साधारणतया इसे साइमन कमीशन के नाम से पुकारा जाता है।
साइमन कमीशन में सात सदस्य थे और वे सबके सब अंग्रेज थे। इसलिए जब यह कमीशन 1928 ई. में भारत आया तो सभी स्थानों पर लोगों ने इसका बहिष्कार किया। जहाँ भी यह कमीशन जाता था वहाँ हड़ताले होती थीं, काली झण्डियाँ दिखाई जाती थीं और ‘साइमन लौट जाओ’ (Simon Go Back) के नारे लगाए जाते थे।

साइमन का बहिष्कार क्यों किया गया? अब प्रशन यह है कि इस साइमन कमीशन का बहिष्कार क्यों किया गया। इसके कारणों को ढूँढना कोई कठिन नही:

(1) इस कमीशन के बहिष्कार का पहला कारण यह था कि इसका कोई भी सदस्य भारतीय नहीं था। लोगों का विश्वास था कि भारत के विषय में कोई भी कमीशन ठीक नहीं सोच सकता जब तक उसमें कोई भी भारतीय सदस्य न हो।
(2) दूसरे, इस कमीशन की धाराओं में भारतीयों को स्वराज दिए जाने की कोई भी सम्भावना नहीं थी।
(3) तीसरे, जब भारतीयों ने इस बात की मांग की कि इस कमीशन में कोई भारतीय सदस्य भी होना चाहिए क्योंकि एक भारतीय ही उनकी समस्याओं को भली-भाँति समझ सकता है। भारतीयों का कहना था कि ब्रिटेन के ‘हाउस आफ कॉमस’ (House of Commons) के किसी भारतीय सदस्य, विशेषकर श्री एस.पी.सिन्हा (S.P.Sinha) का कमीशन में सम्मिलित कर लिया जाए ब्रिटिश सरकार ने इस मांग को भी अस्वीकृत कर दिया। इससे भारतीय उत्तेजित हो उठे।
(4) चौथा, अन्त में यह कहा जाता है कि यह मामला इतना तूल न पकड़ता यदि भारत सचिव लार्ड बैकन हैड (Lord Birken Head) भारतीयों का यह कह कर अपमान किया होता कि भारतीय लोग न तो संवैधानिक मामलों पर विचार विमर्श करने की क्षमता रखते है और न ही वे कोई एक ऐसे ढाँचे की रूप-रेखा प्रस्तुत कर सकते हैं जो सभी लोगों को मान्य हो।

प्रश्न. 4
इस अमयाय में दी गई भारत माता की छवि और अध्याय 1 में दी गई जर्मेनिया की छवि की तुलना कीजिए।
उत्तर-
विश्व भर में कलाकारों की यह प्रवृति रही है कि वे स्वतन्त्रता न्याय, गणतन्त्र आदि विचारों की व्यक्त करने के लिए नारी रूपक का प्रयोग करते हैं। उन्होने राष्ट्र को भी नारी रूप में प्रस्तुत किया। 1848 ई. में जर्मन चित्रकार फिलिप वेट (Philip Veit) ने अपने राष्ट्र को पन्नों को जर्मेनिया के रुप में प्रस्तुत किया। वे बलूत वृक्ष के पनों का मुकुट पहने दिखाई गई हैं क्योंकि जर्मन बलूत वीरता का प्रतीक है। भारत में भी अबनिंद्रनाथ टैगोर अनेक कलाकारों ने भारत राष्ट्र को भारत माता के रूप में दिखाया। एक चित्र में उन्होंने भारत माता के शिक्षा, भोजन और कपड़े देती हुई दिखाया हैं। शिक्षा’, भोजन और कपड़े दे रही है।

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HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 2 इंडो-चाइना में राष्ट्रवादी आंदोलन

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 2 इंडो-चाइना में राष्ट्रवादी आंदोलन Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions History Chapter 2 इंडो-चाइना में राष्ट्रवादी आंदोलन

HBSE 10th Class History इंडो-चाइना में राष्ट्रवादी आंदोलन Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें
(क) उपनिवेशकारों के ‘सभ्यता मिशन’ का क्या मतलब था।
(ख) हुइन फू सो।
उत्तर-फ्रांसीसी नीति निर्माता वियतनाम के लोगों को दो उपेश्यों से शिक्षित करना चाहते थे।
(1) वे रास्ते क्लर्क चाहते थे जो उन्हें समझ सकें और प्रशासन व्यवस्था में उनकी सहायता करें।
(2) उनका दूसरा उपेश्य शिक्षा द्वारा वहा! के लोगों को सभ्य बनाना था जो उनके विचार में सभ्य नहीं थे। वे यह सोचने लगे थे कि उन्होंने अन्य देशों को अपने लाभ के लिए विजय नहीं किया। वरन् अपने अधीन लोगों का सुधार करने के लिये किया है। इसी उपेश्य को उन्होंने ‘सभ्यता मिशन’ (Civilizing Mission) का नाम दिया। वास्तव में यह साम्राज्यवादी देशों की अपने स्वार्थों और आर्थिक शोषण को ढांपने की एक सोची-समझी योजना थी। ऐसा कहकर वे आसानी से शोषण की चक्की को भी चला सकते थे और ईसाई पादरियों को भी खुश कर सकते थे। जिनमें अन्य धर्म वालों को ईसाई बनाने की बड़ी लालसा थी।

प्रश्न 2.
निम्नलिखित की व्याख्या करें
(क) वियतनाम के केवल एक तिहाई विद्यार्थी की स्कूली पढ़ाई सफलतापूर्वक पूरी कर पाते थे।
उत्तर-
वियतनाम के लोगों को शिक्षा देने के बारे में फ्रांसीसी अधिकारी असमंजस में थे। उनमें से कुछ फ्रांसीसी भाषा को लागू करना चाहते थे ताकि वियतनाम के लोग उनकी सभ्यता और संस्कृति के प्रशंसक बन जायें और उन्हें सस्ते क्लर्क भी मिल सकें। कुछ अन्य फ्रांसीसी लोग इस शिक्षा के विरुद्ध थे। उनका कहना था कि यदि वियतनाम के लोग पढ़-लिख जायेंगे तो वे राजनीतिक चेतना के उत्पन्न हो जाने के कारण स्वतन्त्रता की माँग करने लगेंगे। बहुत से फ्रांसीसी लोग जो वियतनाम में बस गए थे, वे भी वियतनाम के लोगों को फ्रांसीसी भाषा में शिक्षा दिये जाने के विरुद्ध थे क्योंकि उन्हें डर था कि ऐसे में अमयापकों, क्लर्को और सिपाहियों के रुप उनकी नौकरियाँ जाती रहेंगी।

ऐसे में यही सोचा गया कि वियतनामी विद्यार्थियों को शिक्षा तो दी जाए परन्तु उनमें से दो-तिहाई विद्यार्थियों को फेल कर दिया जाए ताकि न वे पास हो सकें और न ही वे नौकरियाँ माँग सकें।

(ख) फ्रांसीसियों ने मेकाँग डेल्टा क्षेत्र में नहरें बनवाना – और जमीन को सुखना आरम्भ किया।
उत्तर-
फ्रांसिसियों ने मेकाँग डेल्टा में नहरें बनवाई और दलदली जमीनों का सुखाना शुरु किया। इसके पीछे उनका मुख्य उदेश्य यह था कि नहरी पानी के इलाके में चावल उगाया जा सके और उसे विश्व के बाजारों में बेचकर जल्दी धनाढ्य बना जा सके। वास्तव में फ्रांसिसी कम्पनी एक व्यापारिक कम्पनी थी इसलिये उसका मुख्य उदेश्य वियतनाम के साधनों का प्रयोग करके अपने आर्थिक साधनों का अधिक से अधिक विस्तार करना था।

(ग) सरकार ने आदेश दिया कि साइगॉन नेटिव गर्ल्स स्कूल उस लड़की को वापस कक्षा में ले, जिसे स्कूल से निकाल दिया गया था।
उत्तर-
एक घटना जो साइगॉण नेटिव गर्ल्स स्कूल (Saigon Native Girls School) में हुई उसने वियतनाम में काफी तैनाव का-सा वातावरण बना दिया। विवाद तब शुरु हुआ जब अगली सीट पर बैठी वियतनामी लड़की को उठाकर पिछली सीट पर बैठने के लिये कहा गया और उस सीट पर एक फ्रांसिसी छात्रा को बैठा दिया जाए। जब उस पर वियतनामी लड़की ने सीट छोड़ने से इंकार कर दिया तो स्कूल की प्रिंसिपल ने उस छात्रा को स्कूल से निकाल दिया।

जब वियतनामी विद्यार्थियों ने इसका विरोध किया तो उन्हें भी स्कूल से निकाल दिया गया । इस बात ने तूल पकड़ लिया
और लोगों ने खुले रूप में जुलूस निकालने शुरु कर दिये। जब हालात बेकाबू होने लगे तो सरकार ने आदेश दिया कि लड़की को आदेश दोबारा स्कूल में वापस-लिया जाए।

(घ) हनोई के आधुनिक, नवनिर्मित इलाकों में चूहे अधिक थे।
उत्तर-
आधुनिकता लाने के नशे में फ्रांसिसियों ने हेनोई के एक भाग को आधुनिकता नगर में बदल डाला। वहाँ बढ़-चढ़ कर वास्तुकला के नवीनतम विचारों और इंजीनियरिंग के ढंगो को प्रयोग में लाया गया। ज़मीन के अन्दर ल्लश की नई-नई नालियों का निर्माण किया गया ताकि गन्दा पानी बाहर निकल जाए। परन्तु हेनोई का नया नगर भी बच न सका। चुहे पुराने नगर को छोड़ कर नए नगर की ओर बड़ी तेजी से बढ़ते चले गए और ल्लश की नई नालियों में घुलकर उन्होंने नगर के फ्रांसिसी भाग में प्लेग को एक बड़े पैमाने में फैला दिया।

इस मुसीबत को दूर करने के लिए फ्रांसिसियों ने 1902 ई. में चूहे पकड़ने की एक मुहिम चलाई। चूहे पकड़ने या मारने वालों को ईनाम दिए जाने की घोषणा की गई। परिणामस्वरुप एक ही दिन (20मई 1902 को) कोई 20,000 चूहे पकड़े गए। परन्तु जब चूहे पकड़ने का काम खत्म ही नही हुआ और उसमें धोखा होने लगा तो फ्रांसिसी सरकार ने इस मुहिम को बन्द कर दिया परन्तु ऐसा करने से फ्रांसिसी लोगों और वियतनामी लोगों में एक टकराव की सी स्थिति पैदा कर दी। उधर जब हेनोई के पुराने नगर की प्लेग को दूर करने के लिये कोई मयान न दिया गया तो बात और अधिक बिगड़ गई। इस प्रकार एक घटना के बाद दूसरी घटना ने वियतनाम के लोगों को साम्राज्यवाद का विरोध करने के लिए तैयार कर दिया।

प्रश्न 3.
टोकिन फ्री स्कूल की स्थापना के पीछे कौन से विचार थे। वियतनाम में औपनिवेशिक विचारों के लिहाज़ से यह उदाहरण कितना सटीक है?
उत्तर-
वियतनाम में पश्चिमी ढंग की शिक्षा देने के लिए 1907 ई. में टोफिन फ्री स्कूल खोला गया। इसकी तीन मुख्य विशेषतायें निम्नलिखित थीं।

(1) अन्य सम्राज्यवादियों की भाँति फ्रांसीसी यह चाहते _थे कि उनके अधीन स्थानीय लोग उनकी संस्छति और सभ्यता
में रंग जायें। यही उपेश्य उन्होंने टोंकिन फ्री स्कूल जैसे अनेक शिक्षा संस्थानों को खोलकर पूरा करने की सोची।
(2) इस स्कूल में विज्ञान, फ्रांसीसी भाषा और पश्चिमी विचारों की शिक्षा पर जोर दिया गया।
(3) इसके अतिरिक्त आधुनिक बनने के लिए वियतनामी छात्रों को पश्चिमी शैलियो को अपनाने के लिए भी उकसाया जाता था।

प्रश्न 4.
वियतनाम के बारे में फान यू त्रिन्ह का उपेश्य क्या था? फान बोई चा। और उनके विचारों में क्या भिन्नता थी?
उत्तर-
फान चू त्रिन्ह (phan Chu Trinh) और फान बोई चा। (phan Boi Chau) दोनों ही वियतनाम के महान् राष्टीय नेता थे परन्तु दोनों के वियतनाम राष्ट्रवाद के बारें में विभिन्न विचार थे।
फान चू त्रिन्ह (1871-1926) राजशाही/राजतन्त्र के कमकर विरोधी थे। वे इस बात के समर्थक नहीं थे कि फ्रासिसियों को देश से प्रजातन्त्रीय नियमों पर आधारित एक गणतन्त्र स्थापित होना चाहिए।

इसके विपरीत फान बोई चा (1867-1940) ने राजकुमार कुआंग ने (Cuong De) के नेतृत्व में एक क्रान्तिकारी संस्था की नींव रखी। इस प्रकार वह राजतन्त्र के पक्ष में था जबकि फान चू त्रिन्ह एक गणतन्त्र के पक्ष में था। पर दोनों ही अपने देश को स्वतन्त्र देखना चाहते थे। फान बोई चा की पुस्तक ‘द हिस्ट आफ द लॉस आफ वियतनाम’ (The History of the Loss of Vietnam) ने वियतनाम में राष्ट्रवाद के उत्थान में काफी सहयोग दिया।

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HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 1 यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय

Haryana State Board HBSE 10th Class Social Science Solutions History Chapter 1 यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय Textbook Exercise Questions and Answers.

Haryana Board 10th Class Social Science Solutions History Chapter 1 यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय

HBSE 10th Class History यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखें-
(क) ज्युसेपे मेसिनी
(ख) काउंट कैमिलो दे कावूर
(ग) यूनानी स्वतंत्रता युग ।
(घ) फ्रेंकफर्ट संसद
(ङ) राष्ट्रवादी संघर्षों में महिलाओं की भूमिका
उनर-
(क) मेजिनी का योगदान-गिसीपी मेजिनी ने इटली का एकीकारण करने में बहुत अधिक प्रयत्न किये। उसे इटली के एकीकरण का आत्मबल कहा जाता है। उसने गैरीबाल्डी की सहायता से इटली में क्रांतिकारी कार्य करने के लिए ‘यंग इटली’ आन्दोलन आरम्भ किया। उसने इटली के ही नहीं वरन् समस्त यूरोप के नवयुवकों में स्वतन्त्रता प्राप्ति की भावना जागृत की। उसने 1848 ईन में रोम पहुँचकर पोप से उसके पैपल राज्य के नवयुवकों में स्वतन्त्रता प्राप्ति की भावना जागृत की। उसने 1848 ईन में रोम पहुँचकर पोप से उसके पैपल राज्य को स्वतन्त्र होने के लिये प्रोत्साहित किया। परन्तु फ्रांस के सम्राट नैपालियन तृतीय ने उसके साथियों को हराकर रोम तथा इटली पर पोप का पुनः अधिकार करवा दिया। चाहे अपने उपेश्य में उसे पूर्ण सफलता प्राप्त नहीं हुई परन्तु उसके प्रचार के फलस्वरूप बाद में कैवूर को जनता का पूरा सहयोग प्राप्त हुआ। अपने प्रयत्नों से उसने यूरोप के लोगों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने देशों की स्वतन्त्रता के लिये सब कुछ न्योछावर कर दें।

उत्तर-
(ख) कावूर का योगदान-इटली के एकीकरण का वास्तविक श्रेय कावूर को ही जाता हैं 1852 ईन में वह सार्डनिया का प्रधानमंत्री बना तथा इटली के एकीकरण के कार्य में जुट गया। उसने अपनी कूटनीतिक चालों द्वारा इस कार्य को पूर्ण किया। उसने कई युद्धों में भाग लेकर इटली के राज्यों को सार्डनिया के साथ मिलने को अवसर प्रदान किया। लोम्बार्डी, माडेना, पार्मा, टस्कनी आदि राज्य धीरे-धीरे विदेशी सना से छुटकारा प्राप्त कर सार्डनिया में आ मिले। उसकी मृत्यु के समय रोम तथा वेनेशिया के राज्यों को छोड़कर इटली के एकीकरण का काम पूर्ण हो चुका था। इतिहासकार से इटली का बिस्मार्क’ कहते हैं।

उत्तर-
(ग) यूनानी स्वतंत्रता युद्ध-15वीं शताब्दी से ही यूनान आटोमन साम्राज्य का एक भाग था। परन्तु 19वीं शताब्दी में यूरोप में उठने वाले वन्तिकारी राष्टंवाद ने यूनानियों को टर्की से आजाद होने के लिए उकसाया। इस कार्य में यूरोप के ईसाई जगत के अनेक लोगों ने भी यूनानियों का साथ दिया।

यूनानियों द्वारा स्वतन्त्रता के लिए संघर्ष 1821 ईन में शुरू किया गया। कई स्थानों पर ईसाई लोगों का एक बड़ी मात्रा में वध कर दिया गया जिससे सारा यूरोप काँप उठा। फिर क्या था इंगलैंड, फ्राँस और रूस ने आगे बढ़कर यूनान का साथ दिया। संघर्ष चलता रहा और अन्त में 1832 की कुस्तुनतुनिया की संधि के अनुसार टर्की को यूनान को स्वतन्त्र करना पड़ा। इस प्रकार यूनान को एक स्वतन्त्र राष्ट्र के रूप में मान्यता प्राप्त हुई।

उत्तर-(घ) फ्रैंकफर्ट संसद-1848 ईन में जब यूरोप में एक क्रांति की लहर उठी तो जर्मनी में भी क्रांतिकारियों ने विद्रोह शुरू किये तथा वैधानिक सुधारों की मांग की।

क्रांतिकारी यह अच्छी तरह जानते थे कि ऑस्ट्रिया उनका साथ नहीं दे सकता क्योंकि ऑस्टिंया का शासक तथा उसका मंत्री दोनों ही निरंकुश शासन के पक्षपाती थे। इस कारण वंतिकारियों ने 28 मार्च 1848 को फ्रैंकफोर्ट में एक राष्ट्रीय पार्लियामैंट बुलाई जिसमें प्रशिया के सम्राट फ्रेडरिक विलियम चतुर्थ (Frederick William IV) को जर्मनी का सम्राट-पद स्वीकार करने को कहा गया। परन्तु सम्राट फ्रडरिक ने ऑस्ट्रिया के डर के कारण यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। इस प्रकार जर्मनी के एकीकरण का यह प्रयास असफल रहा।

उत्तर-(ङ) राष्ट्रवादी संघषों में महिलाओं की भूमिका- यूरोप के लगभग सभी राज्यों-फ्रांस, जर्मनी, इटली, आस्ट्रिया-हंगरी में महिलाओं ने राष्ट्रीय आन्दोलनों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने देश के एकीकरण, प्रजातन्त्रीय संघर्षों एवं संवैधानिक प्रयत्नों में पूर्ण सहयोग दिया। महिलाओं ने अपने अलग राजनीतिक संगठनों का निर्माण किया और देश में होने वाली राजनीतिक गतिविमिायों और विरोध सभाओं और जलूसों में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

फिर भी महिलाओं को वोट के अधिकार से काफी समय तक वंचित रखा गया। वास्तव में महिलाओं को अधिकार दिये जाने के पक्ष में उदारवादी लोग भी नहीं थे।

उदारवादी राजनीतिक कार्ल वेल्कर (Carl Welcker) के शब्द, जो स्वयं फ्रैंकफर्ट संसद के एक निर्वाचित सदस्य थे, पुरुषों और महिलाओं में पायी जाने वाली असमानता की प्रकृति को कैसे स्पष्ट करते हैं: ‘प्रकृति ने पुरुषों और महिलाओं को अलग-अलग कार्य करने के लिए निर्मित किया है-पुरुष जो ज्यादा ताकतवर है, दोनों में से ज्यादा निर्भीक और मुक्त है उसे परिवार का रखवाला और भरण-पोषण करने वाला बनाया गया है और कानून, उत्पादन और प्रतिरक्षा के क्षेत्र में सार्वजनिक कार्यो के लिए है। महिला जो कमजोर, निर्भर और दब्बू हैं, उसे पुरुष की सुरक्षा की आवश्यकता है। उसका क्षेत्र घर, बच्चों की देखभाल और परिवार का पालन-पोषण है………।

प्रश्न 2.
फ्रासीसी लोगों के बीच सामूहिक पहचान का भाव पैदा करने के लिए फ्रासीसी क्रांतिकारियों ने क्या कदम उठाए?
उत्तर-
फ्रांस के क्रांतिकारियों द्वारा लोगों में एकता और संगठन बनाए रखने की दिशा में उठाए गए कदम-फ्रांस की क्रांति 1789 ईन में शुरू हुई। शीघ्र ही लोगों ने राजा और रानी से छुटकारा पाकर सना की सारी बागडोर अपने हाथ में ले ली। फिर उन्होंने लोगों में एकता और संगठन बनाए रखने के लिए अनेक कदम उठाए।

प्रश्न 3.
मैरियान और जर्मेनिया कौन थे? जिस तरह उन्हें चित्रित किया गया उसका क्या महन्व था?
उत्तर-
फ्रांस की क्रान्ति के दिनों में कलाकारों ने नारी-रूपकों का प्रयोग अमूर्त विचारों (स्वतन्त्रता, मुक्ति, ईर्ष्या, लालच आदि) को प्रकट करने के लिये किया। कुंछ कलाकारों ने इन महिला-रूपकों का प्रयोग एकता के राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में किया। फ्रांस में राष्ट्र के प्रतीक के रूप में लोकप्रिय ईसाई नाम माराआन दिया गया। उसे लाल टोपी, तिरंगा और कलगी के साथ दिखाया गया और उसकी प्रतिमाएँ सार्वजनिक चौराहों पर लगाई गई ताकि लोगों को एकता के राष्ट्रीय प्रतीक की याद आती रहे।
इसी प्रकार जर्मनी में, जर्मन राष्ट्र के प्रतीक के रूप में जर्मेनिया को रूपक माना गया। उसे बलूत वृक्ष के तनों के मुकट से सजाया गया क्योंकि जर्मनी में बलूत को वीरता का प्रतीक माना जाता है।

प्रश्न 4.
जर्मन एकीकरण की प्रव्यिा का संक्षेप में पता लगाएँ।
उत्तर-
जर्मनी का एकीकरण जिन-जिन सोपानों में हुआ उसका विवरण इस प्रकार है और उन सभी सोपानों में प्रशिया के चान्सलर बिस्मार्क की महत्वपूर्ण भूमिका रही:

(1) पहली अवस्था-18वीं शताब्दी से जर्मनी अनेक राज्यों-प्रशिया, बावेरिया, सैकसनी आदि में बंटा हुआ था। इसलिए इसका आर्थिक विकास बहुत धीमा था। राष्ट्रीय चेतना के जागृत होने पर जर्मनी के विभिन्न राज्यों के लोगों ने एकीकरण की मांग करना आरम्भ कर दी। 1815 ईन में जर्मनी के राज्यों को आस्ट्रिया के साथ मिलाकर एक जर्मन महासंघ की स्थापना की कोशिश की। विवश फ्रेकफर्ट में एक राष्ट्रीय पार्लियामेंट बुलाई गयी जिसे संविधान का कार्य सौंपा गया। परन्तु इस पार्लियामेंट को आस्ट्रिया के विरोध के कारण सफलता नहीं मिली।

(2) दूसरी अवस्था-इस क्रान्ति की असफलता के पश्चात् जर्मनी के एकीकरण का काम लोकतंत्र के रूप में न होकर बिस्मार्क द्वारा सैन्यशक्ति एवं कूटनीति के सहारे होने लगा। बिस्मार्क ने अपनी ‘रक्त और लौह’ की नीति द्वारा इस एकीकरण के काम को पूरा किया। सबसे पहले 1864 ईन में बबबिस्मार्क के नेतृत्व में प्रशिया और डेनमार्क में एक युद्ध हुआ जिसमें प्रशिया की जीत हुई और उसे शैल्सविग का प्रदेश मिला।

(3) तीसरी अवस्था-1866 ईन में प्रक्रिया (या जर्मनी) का आस्ट्रिया के साथ युद्ध हुआ। इस युद्ध में विजय के पश्चात् प्रक्रिया के साथ अनेक प्रदेश (जैसे हैनोवर, होल्सटीन, लक्समवर्ग, कैसल तथा फ्रेंकफर्ट आदि) आ मिले। जर्मनी से आस्ट्रिया का प्रभाव अब सदा के लिए समाप्त हो गया और इससे जर्मनी के एकीकरण का काम काफी आसान हो गया।

(4) चौथी अवस्था-अन्त में 1870 ईन में फ्रांस के साथ जर्मनी का एक भयंकर युद्ध हुआ जिसमें फ्रांस की करारी हार हुई और उससे आल्सेस और लारेन वे महत्वपूर्ण प्रदेश छीन लिए गए। इन विजयों से प्रभावित होकर बाकी बचे हुए जर्मन प्रदेश भी (जैसे बावेरिया, बर्टमबर्ग, बेडन और दक्षिणी हैस) जर्मन महासंघ में शामिल हो गए और प्रशिया के शासक विलियम प्रथम को 1871 ई. में संयुक्त जर्मनी का सम्राट घोषित कर दिया गया।
इस प्रकार बिस्मार्क के प्रयत्नों से 1871 ईन में जर्मनी के एकीकरण का कार्य पूरा हुआ।

प्रश्न 5.
अपने शासन वाले क्षेत्रों में शासन व्यवस्था को ज्यादा कुशल बनाने के लिए नेपोलियन ने क्या बदलाव किए?
उत्तर-
फ्रांस की क्रांति के समय (1789-1815) जहाँ कहीं भी फ्रांसीसी सेनाएँ गईं उन्होंने राष्ट्रवाद की विचारधारा को अवश्य फैलाया अपने साम्राज्य के इस विस्तृत क्षेत्र-जिसमें हालैंड, बेल्जियम, स्विटजरलैंड, इटली और जर्मनी आदि सम्मिलित थे-नैपालियन ने अनेक प्रशासनिक सुधार किए जो वह पहले अपने देश फ्रांस में कर चुका था। ये सब कुछ उसने प्रशासन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और उसमें कुशलता लाने के लिए किया। उसके यह सुधार 1804 के सिविल कोड के नाम से प्रसिद्ध हैं। कई इतिहासकार इस कानून-संहिता को नैपोलियन कोड (Napolean Code) के नाम से भी पुकारते हैं।

नैपोलियन द्वारा किए गए प्रमुख प्रशासनिक सुधारों में निम्नलिखित विशेषकर उल्लेखनीय है।

(क) जन्म पर आधारित विशेषाधिकार समाप्त कर दिए गए और कानून के सामने सबकी बराबरी के नियम को लागू किया गया।
(ख) प्रशासनिक विभाजनों को सरल बनाया गया, सामंती व्यवस्था को खत्म किया गया और किसानों को भू-दासत्व और जागीरदारी शुल्कों से मुक्ति दिलाई गई।
(ग) यातायात और संचार व्यवस्था में सुधार किया गया।
(घ) किसानों, मजदूरों कारीगरों और नए उद्योगपतियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्वतन्त्रता प्रदान की गई।
(ङ) मानक नापतोल के पैमाने चलाए गए और एक राष्ट्रीय मुद्रा चलाई गई।
(च) एक इलाके से दूसरे इलाके में वस्तुओं और पूंजी के आवागमन में सहूलतें दी गई।

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HBSE 10th Class English Solutions Footprints without Feet Chapter 10 The Book that Saved the Earth

Haryana State Board HBSE 10th Class English Solutions Footprints without Feet Chapter 10 The Book that Saved the Earth Textbook Exercise Questions and Answers.

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HBSE 10th Class English The Book that Saved the Earth Textbook Questions and Answers

Read and Find Out (Pages 63 & 65)

Question 1.
Why was the twentieth century called the ‘Era of the Book’?
(बीसवीं शताब्दी को ‘किताओं का युग’ क्यों कहा गया है ?)
Answer:
The twentieth century was called the ‘Era of the Book’ because at that time there were books about everything. One could find a book on any subject from anteaters to Zulus.
(बीसवीं शताब्दी को ‘किताबों का युग’ इसलिए कहा गया है क्योंकि उस समय प्रत्येक चीज के बारे में पुस्तकें थीं। उस समय प्राचीनतम जानवरों से लेकर जुलू लोगों तक सभी पर पुस्तकें मिल जाती थीं।)

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Question 2.
Who tried to invade the earth in the twenty-first century?
(इक्कीसवीं शताब्दी में किसने पृथ्वी पर आक्रमण करने का प्रयास किया?)
Answer:
In the year 2040, the Martians (people from Mars) tried to invade the earth.
(2040 के वर्ष में मंगल ग्रहवासियों ने पृथ्वी पर आक्रमण करने का प्रयास किया।)

Question 3.
What guesses are made by Think-Tank about the books found on earth?
(थिंक-टैंक के द्वारा क्या पृथ्वी पर पाई गई किताब के बारे में अनुमान लगाए गए ?)
Answer:
Think Tank makes a number of guesses about the books found on earth. First, he thinks that these are ‘sandwiches’. Then he thinks that these are ear communication devices. A little later he thinks that these are eye communication devices. Finally, he thinks that these are ‘high explosives.

(थिंक-टैंक पृथ्वी पर पाई गई किताब के बारे में अनेकों अनुमान लगाता है। पहले तो वह सोचता है कि ये सैंडविच हैं। तब वह सोचता है कि ये श्रवण संप्रेषण यंत्र हैं। थोड़ी देर बाद वह सोचता है कि ये दृश्य संप्रेषण यंत्र हैं। अंततः वह सोचता है कि ये ‘अति विस्फोटक’ हैं।)

Think about it (Page 74) 

Question 1.
Noodle avoids offending Think-Tank but at the same time he corrects his mistakes. How does he manage to do that?
(नूडल विंक क को नाराज करने से परहेज करता है लेकिन साथ-ही-साथ वह उसकी गलती में भी सुधार करता है ? वह इस काम को कैसे करता है ?)
Answer:
Noodle is the deputy of Think Tank. Noodle gives him information about books which he finds in a library, Think-Tank says that these are ‘sandwiches’. But Noodle corrects him and says that they are ‘ear communication devices’. Think-Tank agrees with him. Then Noodle calls them ‘eye communication devices’ and Think-Tank again agrees.
(नूडल थिंक-टैंक का उप-मुखिया है। नूडल उसको पुस्तकों के बारे में जानकारी देता है जो उसको एक पुस्तकालय में मिलती हैं। थिंक-टैंक कहता है कि ये ‘सैंडविच’ हैं। लेकिन नूडल उसकी बात को ठीक करता हुआ कहता है कि ये ‘श्रवण सम्प्रेषण यंत्र’ हैं। थिंक-टैंक उससे सहमत हो जाता है। तब नूडल उन्हें ‘दृश्य सम्प्रेषण यंत्र’ कहता है और थिंक-टैंक पुनः सहमत हो जाता है।)

Question 2.
If you were in Noodle’s place, how would you handle Think-Tank’s mistakes?
(यदि आप नूडल के स्थान पर होते तो आप थिंक-टैंक की गलतियों को कैसे सुधारते ?)
Answer:
If I were in Noodle’s place, I would handle Think-Tank’s mistakes as politely as Noodle himself does. Noodle points out Think-Tank’s errors and corrects them without offending him. I would also do the same.
(यदि मैं नूडल के स्थान पर होता तो मैं थिंक-टैंक की गलतियों को उतनी ही विनम्रता के साथ सुधारता जैसे कि नूडल करता है। नूडल थिंक-टैंक की गलतियों को बताता है और उसे नाराज किए बिना उन्हें ठीक करता है। मैं भी ऐसा ही करता।)

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Question 3.
Do you think books are being replaced by electronic media? Can we do away with books altogether?
(आपके विचार में क्या पुस्तकों का स्थान इलैक्ट्रोनिक मीडिया ने ले लिया है? क्या हम पुस्तकों से काम चला सकते हैं?)
Answer:
The modern world is the world of science. It is true that books are being replaced by electronic devices like Compact Discs (CDs), laptops, iPod, etc. But books cannot completely be replaced. If it is done, there would be chaos. Books are permanent sort of things and can never disappear. On the other hand, computers can have viruses and CDs can become defective.
(आधुनिक संसार विज्ञान का संसार है। यह सही है कि पुस्तकों का स्थान इलैक्ट्रोनिक्स यंत्रों; जैसे सी०डी०, लैपटॉप, आईपैड आदि के द्वारा लिया जा रहा है। लेकिन पुस्तकों को पूरी तरह प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता है। यदि ऐसा कर दिया गया तो चारों ओर अव्यवस्था हो जाएगी। पुस्तकें स्थाई किस्म की चीजें हैं जो कभी भी लुप्त नहीं हो सकती हैं। दूसरी ओर, कम्प्यूटर में वायरस आ जाते हैं और सी०डी० में दोष आ जाते हैं।)

Question 4.
Why are books referred to as a man’s best companion? Which is your favourite book and why? Write a paragraph about that book.
(पुस्तकों को मनुष्य का सबसे अच्छा मित्र क्यों कहा जाता है? आपकी सर्वप्रिय पुस्तक कौन-सी है और क्यों? पुस्तक के बारे में एक पैरा लिखिए।)
Answer:
Books are called man’s best companion. They are our true friends. They never betray us. A good book is just like a good friend. Like a true friend, a good book cheers us as well as comforts us. My favourite book is The Gita. It is part of the Mahabharata. It is the discourse given by Lord Krishna to Arjuna on the battlefield of Mahabharta. It is full of wisdom. It tells us we should not be afraid of anything. This body is only a garment worn by the soul. When this garment is worn out, the soul wears another one. Soul is immortal and indestructible. Then why should we worry. Secondly, it gives the theory of karma. It tells us that our duty is to do our work. We should not worry about the results of our actions. God rewards us according to our actions.

(पुस्तकों को मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र कहा जाता है। वे हमारी सच्ची मित्र हैं। वे हमें कभी भी धोखा नहीं देती हैं। एक अच्छी पुस्तक बिल्कुल एक सच्चे मित्र की तरह होती है। एक सच्चे मित्र की भाँति एक अच्छी पुस्तक हमें प्रसन्नता और राहत प्रदान करती है। मेरी प्रिय पुस्तक गीता है। यह महाभारत का अंग है। यह महाभारत के युद्धक्षेत्र में भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया उपदेश है। यह ज्ञान से भरपूर है। यह हमें बताती है कि हमें किसी भी चीज से डरना नहीं चाहिए। यह शरीर तो केवल मात्र आत्मा का एक वस्त्र है। जब यह वस्त्र फट जाता है, आत्मा दूसरा वस्त्र धारण कर लेती है। आत्मा अमर और कभी भी नष्ट न होने वाली है। तब हमें क्यों भयभीत होना चाहिए। दूसरे, यह कर्म का सिद्धान्त सिखाती है। यह हमें बताती है कि काम करना हमारा कर्तव्य है। हमें अपने कर्मों के फलों के बारे में चिन्तित नहीं होना चाहिए। भगवान् हमारे कर्मों के अनुसार हमें फल देता है।)

Talk about it (Page 74)

Question 1.
In what ways does Think Tank misinterpret innocent nursery rhymes as threats to the Martians? Can you think of any incidents where you misinterpreted a word or an action? How did you resolve the misunderstanding?
Answer:
Think-Tank asks Noodle to read out from the book in his hand. It is only a nursery rhyme book. Noodle reads out ‘Mistress Mary … row’. He hears the words ‘garden’ and ‘cockle shells’ and silver bells… He reaches the conclusion that the people of the earth have discovered how to combine agriculture and mining. They can also grow high explosives. Secondly, he hears ‘Humpty Dumpty …’ and sees the picture of an egg. It is similar to him. From this, he concludes that the earthlings know him and are after his life and Mars.

Once, I praised one of my friends for his patient and tolerant behaviour. I said, “You are quite cool.” But he misheard me and thought that I called him ‘quite a fool’. He became angry and went away from my house. I was surprised. But later I guessed that he had confused ‘cool’ with ‘fool’. So I went to his house and explained the whole thing to him. He understood what I wanted to explain. We became friends again.

HBSE 10th Class English Solutions Footprints without Feet Chapter 10 The Book that Saved the Earth

Question 2.
The Aliens in this play speak English, Do you think this is their language? What could be the language of the Aliens?
Answer:
It is not possible that the Aliens’ language is English. They are a race of another planet. Their language could not be any language spoken on the earth. Their language could be strange and jarring.

HBSE 10th Class English The Book that Saved the Earth Important Questions and Answers

Very Short Answer Type Questions

Question 1.
What type of a story is ‘The Book That Saved the Earth?
Answer:
This is a science fantasy.

Question 2.
When is the story “The Book That Saved the Earth set?
Answer:
This imaginary story is set in the twenty-fifth century.

Question 3.
Who was Think Tank?
Answer:
Think Tank was the commander-in-chief of the Mars Space Control Room.

Question 4.
Who was the deputy of Think Tank?
Answer:
Noodle was the deputy of Think-Tank.

Question 5.
With what name was the twentieth century called?
Answer:
The twentieth century was called the “Era of the Book”.

Question 6.
What was Think Tank’s first guess about book?
Answer:
He guessed that they were sandwiches.

Question 7.
When did the Martians try to invade the earth?
Answer:
The Martians tried to invade the earth in the year 2040.

Question 8.
Which book saved the earth from Martian invasion in 2040?
Answer:
A book of nursery rhyms saved the earth from Martian invasion in 2040.

Question 9.
Who was the captain of the space craft crew?
Answer:
Omega was the captain of the space craft crew.

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Question 10.
Who tried to invade the earth in the twenty-first century?
Answer:
The Martians tried to invade the earth in the twenty-first century.

Question 11.
Who was the ruler of Mars?
Answer:
Think Tank was the ruler of Mars?

Question 12.
What was Noodle’s opinion about books?
Answer:
Noodle thought that they were ear communication devices.

Question 13.
What does the historian tell the audience?
Answer:
The historian tells the audience that once a book saved the earth.

Question 14.
Where did captain Omega and his deputies land on the earth?
Answer:
They land in a library.

Question 15.
How many moons does mars have?
Answer:
Mars has two moons.

Short Answer Type Questions

Question 1.
What is the time and place of the story at the beginning?
(कहानी के आरंभ होने का समय और स्थान क्या है?)
Or
What sort of fantasy is “The Book That Saved the Earth” and in which century on was it set?
(“The Book That Saved the Earth”किस प्रकार की कहानी है और यह किस प्रकार की कहानी है और यह किस शताब्दी में लिखी गई?))
Answer:
This is a science fantasy. This imaginary story is set in the twenty-fifth century. The place is the Museum of Ancient History, Department of the Twentieth Century. There is a historian sitting at a table. There is a movie projector on the table.
(यह विज्ञान से सम्बन्धित एक कहानी है। यह काल्पनिक कहानी पच्चीसवीं शताब्दी में लिखी गई है। इस कहानी का स्थान बीसवीं शताब्दी के प्राचीन इतिहास विभाग का संग्रहालय है। एक मेज पर एक इतिहासकार बैठी है। मेज पर एक फिल्म प्रोजैक्टर रखा हुआ है।)

Question 2.
What strange thing about a book does the historian tell the audience?
(इतिहासकार श्रोताओं को पुस्तक के बारे में कौन-सी अजीब बात बताती है ?)
Answer:
The historian tells her audience that once a book saved the earth. She narrates a real story from the twenty-first century. She tells how the Martians (people from the planet Mars) invaded the earth in 2040 and a book of nursery rhymes saved the Earth from their attack.

(इतिहासकार अपने श्रोताओं को बताती है कि एक बार एक पुस्तक ने पृथ्वी को बचा लिया था। वह इक्कीसवीं शताब्दी की एक सच्ची घटना का वर्णन करती है। वह बताती है कि मंगल ग्रहवासियों (मंगल ग्रह के लोग) ने किस प्रकार से पृथ्वी पर आक्रमण किया था और नर्सरी की कविताओं की एक किताब ने किस प्रकार पृथ्वी की उनकी आक्रमण से रक्षा की थी।)

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Question 3.
The story takes place in the twenty-fifth century. How does the historian take her audience back to twenty-first century?
(कहानी का वर्णन पच्चीसवीं शताब्दी में किया जाता है। इतिहासकार अपने श्रोताओं को इक्कीसवीं शताब्दी में वापस कैसे लेकर जाती है ?)
Answer:
The historian shows the audience the happenings that actually took place. These have been recorded in a film. She turns on the projector. On the projector the audience sees what actually happened in the twenty-first century.
(इतिहासकार श्रोताओं को वास्तव में घटित हुई चीजें दिखाती है। ये सभी एक फिल्म में रिकॉर्ड की गई हैं। वह प्रोजैक्टर को चालू करती है। प्रोजैक्टर पर श्रोतागण वास्तव में घटित हुई घटनाओं को देखते हैं।)

Question 4.
Who are shown when the projector starts?
(जब प्रोजेक्टर चालू होता है तो कौन दिखाई पड़ता है ?)
Answer:
The projector shows the Mars Space Control room. We see Think Tank who is the commander-in-chief. He has a huge, egg-shaped head. He wears a long robe decorated with stars and circles. His deputy, Noodle stands beside him at a switchboard.
(प्रोजैक्टर मंगल अंतरिक्ष नियंत्रण कक्ष को दिखाता है। हम थिंक-टैंक को देखते हैं जो कि कमाण्डर-इन-चीफ है। उसका एक विशालकाय अंडे की आकृति वाला सिर है। उसने सितारों और वृत्तों से सुसज्जित एक लम्बा परिधान पहना हुआ था। उसका उप-प्रमुख नूडल उसके पास एक स्विचबोर्ड के निकट खड़ा था।)

Question 5.
What is the purpose of the manned spacecraft sent to the earth by Think-Tank?
(विंकटैंक के द्वारा पृथ्वी पर भेजे गए मानवयुक्त अंतरिक्षयान का क्या उद्देश्य है ?)
Answer:
Think Tank has already sent a manned spacecraft to the earth. Their purpose is to collect information about the earth’s defence system and send it back to the other spacecraft from Mars who are ready to attack the earth before lunch.
(थिंक-टैंक ने पहले से ही पृथ्वी पर एक मानवयुक्त अंतरिक्षयान भेज रखा है। उनका उद्देश्य पृथ्वी की रक्षा-प्रणाली के बारे में अध्ययन करना और उसे मंगल ग्रह पर दूसरे अंतरिक्षयान के पास भेजना था जोकि दोपहर भोज से पूर्व पृथ्वी पर आक्रमण करने को तैयार है।)

Question 6.
Who are in a library on the earth ? What are they doing there?
(पृथ्वी पर स्थित पुस्तकालय में कौन है? वे वहाँ क्या कर रहे हैं?)
Answer:
Captain Omega and his deputies are in a library. They came here in order to gather secrets of the earth defence. They have landed in a library. They have seen the books and the library for the first time.
(कैप्टन ओमेगा और उसके उप-मुखिया पुस्तकालय में हैं। वे यहाँ पर पृथ्वी की रक्षा-प्रणाली के विषय में जानकारी एकत्र करने आए थे। उन्होंने पुस्तकों तथा पुस्तकालय को पहली बार देखा था।)

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Question 7.
What is Think-Tank’s first guess about the books?
(पुस्तकों के बारे में थिंक-टंक का पहला अनुमान क्या है ?)
Answer:
With the help of his remote camera, Think-Tank looks at the ‘books’. He calls them ‘eatables’ and they are in a refreshment stand. He says that they are ‘sandwiches’. They are the main food of Earth diet.
(अपने दूर-संवेदी कैमरे से थिंक-टैंक पुस्तकों को देखता है। वह उन्हें खाद्य पदार्थ कहता है और वे जलपान गृह में रखी हुई हैं। वह कहता है कि वे सैंडविच’ हैं। वे पृथ्वी के लोगों का मुख्य आहार है।)

Question 8.
What is Think-Tank’s second guess about books?
(पुस्तकों के बारे में थिंक-टैंक का दूसरा अनुमान क्या है ?)
Answer:
Think Tank’s second guess about books is that they are communication devices. He orders Omega to listen to them (books). He puts a book to his ears and tries hard to listen. Think-Tankasks Omega if he can listen something from them, Omega replies that they may not be on the correct frequency.
(थिंक-टैंक का पुस्तकों के बारे में दूसरा अनुमान यह है कि वे सम्प्रेषण यंत्र हैं। वह ओमेगा को आदेश देता है कि वह उनकी आवाज सुने। वह एक पुस्तक को अपने कान के पास रखता है और उसकी आवाज सुनने का प्रयास करता है। थिंक-टैक ओमेगा से पूछता है कि क्या उसको पुस्तकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। ओमेगा उत्तर देता है कि टीक आवाज नहीं आ रही है।)

Question 9.
What order does Think-Tank give Noodle for escaping from Mars?
(मंगल ग्रह से बच निकलने के लिए थिंक-टैंक नूडल को क्या आदेश देता है ?)
Answer:
Think Tank orders Noodle to prepare a space capsule for him. He must escape without delay. The Earthlings are coming to capture Martians. Noodle asks Think Tank where they shall go. Think Tank replies they will go to the planet Alpha-Centuri, a hundred million miles away.
(थिंक-टैंक नूडल को उसके लिए एक अंतरिक्ष कैप्सूल तैयार करने का आदेश देता है। उसे बिना देरी किए बच निकलना चाहिए। पृथ्वीवासी मंगलवासियों को पकड़ने के लिए आ रहे हैं। नूडल थिंक-टैंक से पूछता है कि उन्हें कहाँ जाना चाहिए। थिंक-टैंक कहता है कि वे एक सौ मिलियन मील दूर स्थित अल्फा सेन्चुरी ग्रह पर जाएँगे।)

Question 10.
When was the contact resumed with Mars? What did the Earthlings teach the Martians?
(मंगल ग्रह के साथ पुनः सम्पर्क कब स्थापित हुआ ? पृथ्वीवासियों ने मंगलवासियों को क्या सिखाया ?)
Answer:
In the twenty-fifth century they resumed contact with Mars. They became friends. Think-Tank was replaced by Noodle. They taught the Martians the difference between books and sandwiches. They established a model library on Mars.
(पच्चीसवीं सदी में उनका मंगल ग्रह के साथ पुनः सम्पर्क स्थापित हुआ। वे मित्र बन गए। थिंक-टैंक का स्थान नूडल ने ले लिया। उन्होंने मंगलवासियों को पुस्तकों और सैंडविचों में भेद बताया। उन्होंने मंगल ग्रह पर एक आदर्श पुस्तकालय की स्थापना की।)

Essay Type Questions

Question 1.
What does the historian tell the audience about the twentieth century and Mars?
(इतिहासकार श्रोताओं को बीसवीं शताब्दी और मंगल ग्रह के बारे में क्या बताती है ?)
Answer:
This imaginary story is set in the twenty-fifth century. The place is the Museum of Ancient History, Department of the Twentieth Century. A historian sitting at a table. There is a movie projector on the table. She is giving a talk to the audience about the twentieth century. She tells the audience that the twentieth century was often called the Era of the Book. In those days there were books about everything. They taught the people everything. But the strangest thing was that a book saved the Earth. She narrates a real story from the Martians (people from the planet Mars) invaded the Earth in 2040 and a book of nursery rhymes saved the Earth from their attack.

(यह काल्पनिक कहानी पच्चीसवीं शताब्दी में लिखी गई है। इस कहानी का स्थान प्राचीन इतिहास का संग्रहालय, बीसवीं शताब्दी का विभाग है। एक इतिहासकार मेज पर बैठी है। मेज पर एक मूवी प्रोजैक्टर रखा हुआ है। वह बीसवीं शताब्दी के बारे में श्रोताओं से बात करती है। वह श्रोताओं को बताती है कि बीसवीं शताब्दी को पुस्तकों के युग के नाम से जाना जाता था। उन दिनों में प्रत्येक विषय के बारे में पुस्तकें थीं। वे मनुष्य को सब कुछ सिखाती थीं। लेकिन सबसे विचित्र बात यह थी कि एक पुस्तक ने पृथ्वी को बचा लिया था। वह इक्कीसवीं सदी की एक सच्ची कहानी का वर्णन करती है। वह बताती है कि किस प्रकार से मंगलवासियों ने (मंगल ग्रह के लोग) 2040 में पृथ्वी पर आक्रमण कर दिया था और कैसे नर्सरी की कविताओं की एक पुस्तक ने पृथ्वी की रक्षा की थी।)

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Question 2.
Who is Think-Tank? Why has he sent a manned spacecraft to Earth?
(थिंक-टैंक कौन है ? उसने पृथ्वी पर एक मानवयुक्त अंतरिक्षयान क्यों भेजा है ?)
Answer:
Think Tank is the Commander-in-Chief of the Mars Space Control Room. He has a huge, egg-shaped head. He wears a long robe decorated with stars and circles. His deputy, Noodle stands beside him at a switchboard. Think Tank has already sent a manned spacecraft to the Earth. Their purpose is to collect information about the earth’s defence system and send it back to the other spacecraft from Mars who are ready to attack the earth before lunch. The incident described in the story is about the Martian invasion of 2040. In fact, the invasion never took place. A single book stopped it. It was a book of nursery rhymes. Then the historian shows the audience the happenings that actually took place. These have been recorded in a film. She turns on the projector. It shows the Mars Space Control room. We see Think-Tank who is the commander-in-chief.

(थिंक-टैंक मंगल अंतरिक्ष नियंत्रण कक्ष का कमाण्डर-इन-चीफ है। उसका एक विशालकाय, अंडे की आकृति वाला सिर है। उसने सितारों और वृत्तों से सुसज्जित एक लंबा परिधान पहना हुआ है। उसका उप-प्रमुख नूडल उसके पास एक स्विचबोर्ड के नजदीक,खड़ा है। थिंक-टैंक ने पृथ्वी पर पहले से ही मानवयुक्त अंतरिक्षयान भेज रखा है। उनका उद्देश्य पृथ्वी की रक्षा प्रणाली के बारे में सूचना एकत्र करना है और उसे मंगल ग्रह पर दूसरे अंतरिक्षयान के पास भेजना है जोकि दोपहर भोज से पूर्व पृथ्वी पर आक्रमण करना चाहते हैं। कहानी में वर्णित घटना 2040 में मंगल ग्रहवासियों के पृथ्वी पर आक्रमण के बारे में है। वास्तव में यह आक्रमण कभी हुआ नहीं केवल मात्र एक किताब ने इसे रोक दिया। यह नर्सरी की कविताओं की एक पुस्तक थी। तब इतिहासकार उनको वास्तव में घटित हुई घटनाओं के बारे में जानकारी देती है। उनको एक फिल्म के रूप में रिकॉर्ड किया गया है। वह प्रोजैक्टर को चालू करती है। वह मंगल ग्रह के नियंत्रित कक्ष को दिखाता है। हम थिक-टैंक को देखते हैं जो कि कमांडर-इन-चीफ है।)

Question 3.
What happens when the Martians land in a library on the earth? What guess does Think Tank make about books? .
(जब मंगल ग्रहवासी पृथ्वी पर एक पुस्तकालय में उतरते हैं तो क्या होता है? थिंक-टैंक पुस्तकों के बारे में क्या अनुमान लगाता है।)
Answer:
The Martians land in a library. They have seen the books and the library for the first time. Think-Tank talks to Captain Omega who tells him that they have arrived on Earth without incident. As they have never seenalibrary before, they are not sure where they are. However. Lt. lota tells Think-Tank that there are about two thousand peculiar items (books). She thinks that the place must be some storage barn. Sergeant Oop calls them ‘hats’.Omega asks for Think-Tank’sadvice. Through his remote camera, Think-Tank looks at the books’. He says that what they have in their hands are ‘sandwiches’. They are the main food of Earth diet. Think Tank orders Omega to eat it (book) to confirm. Omega asks Lt. lota to eat it. Iota orders Sergeant Oop to eat it. Oop bites a corner of the book. He pretends to chew and swallow and tells Think Tank that it is delicious.

(मंगल ग्रहवासी एक पुस्तकालय में उतरते हैं। उन्होंने पुस्तकें और पुस्तकालय को पहली बार देखा है। थिंक-टैंक कैप्टन ओमेगा से बात करता है जो थिंक-टैंक को बताता है कि वे बिना किसी घटना के पृथ्वी पर पहुँच गए हैं। क्योंकि उन्होंने पहले कभी पुस्तकालय नहीं देखा है तो उन्हें पक्का नहीं पता है कि वे किस स्थान पर हैं। लेफ्टिनेंट आयोटा कहती है कि यहाँ पर लगभग 2000 की संख्या में विचित्र वस्तुएँ रखी हैं। वह सोचती है कि यह स्थान अवश्य ही कोई खाधान्न भण्डार है। सार्जेन्ट ऊप उन्हें टोप कहता है। ओमेगा थिंक-टैंक से सलाह लेती है। अपने दूर-संवेदी कैमरा से थिंक-टैंक पुस्तकों की ओर देखता है। वह कहता है कि जो चीज उनके हाथ में है वह तो सैंडविच जैसी लगती है। वे पृथ्वीवासियों का मुख्य आहार हैं। थिंक-टैंक ओमेगा को आदेश देता है कि इसको यकीनी बनाने के लिए वह इसे (पुस्तक) खाकर दिखाए। ओमेगा लेफ्टिनेंट आयोटा से उसे खाने को कहता है। ऊप पुस्तक के कोने को दाँत से काटता है। वह पुस्तक को चबाने और उसे निगलने का ढोंग करता है और थिंक-टैंक को बताता है कि यह स्वादिष्ट है।)

Question 4.
Why does Think-Tank decide not to invade the earth?
(थिंक-टैंक पृथ्वी पर आक्रमण न करने का निर्णय क्यों लेता है ?)
Answer:
Omega looks at the books and tells Think Tank that they have pictures of Earthlings. They have some sort of code, lines and dots with pictures. He asks him to study the pictures and decipher the code in them. The book that Omega is looking at is a nursery rhyme book and reads it. Think Tank wonders how the Earthlings have combined agriculture and mining. They also grow explosives. He feels that the people of the earth are very intelligent and brave. Noodle says that the invasion spacecraft are ready to attack the earth. But Think Tank asks Noodle to tell the invasion fleet to hold. New information has come to him. Think Tank asks lota to transcribe the information. He thinks that the Earthlings have reached a higher level of civilisation. They have taught their domesticated animals music and space techniques. So he decides not to invade the earth.

(ओमेगा पुस्तकों को देखती है और थिंक-टैंक को बताती है कि उनके पास पृथ्वीवासियों की तस्वीरें हैं। तस्वीरों के साथ उनके कुछ गुप्त कोड, लाइनें और बिन्दु हैं। वह उससे कहता है कि तस्वीरों का अध्ययन करे और कोडों का रहस्य खोले। पुस्तक जो ओमेगा ने खोल रखी है वह नर्सरी की कविताओं की एक पुस्तक है और उसे पढ़ती है। थिंक-टैंक हैरान होता है कि पृथ्वीवासियों ने कैसे खेती और खनन को इकट्ठा कर दिया है। वे विस्फोटक भी उगाते हैं। वह मानता है कि पृथ्वीवासी बहुत ही प्रतिभाशाली और बहादुर हैं। नूडल कहता है कि आक्रमणकारी यान पृथ्वी पर आक्रमण करने के लिए तैयार है। लेकिन थिंक-टैंक नूडल से कहता है कि वह आक्रमणकारी यानों को रुकने को कहे। उसके पास नई सूचना आ गई है। थिंक-टैंक आयोटा से सूचना का अनुवाद करने को कहता है। वह मानता है कि पृथ्वीवासी सभ्यता के उच्चतम स्तर पर पहुँच गए हैं। उन्होंने अपने पालतू जानवरों को संगीत और अंतरिक्ष तकनीकों की जानकारी दे दी है। इसलिए वह पृथ्वी पर आक्रमण नहीं करने का निर्णय लेता है।)

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Question 5.
Why does Think-Tank decide to run away from the Mars? What does the historian say after she has narrated the incident ?
(थिंक-टैंक मंगल ग्रह से भाग जाने का निर्णय क्यों लेता है ? घटना का वर्णन करने के पश्चात् इतिहासकार क्या कहती है?)
Answer:
Oop reads the nursery rhyme ‘Humpty Dumpty … again’. He shows the picture of Humpty Dumpty also. The picture resembles Think-Tank. He is scared. He says that the Earthlings have seen him. They are planning to capture Mars Central Control and him. He decides to run away from Mars. He orders Noodle to prepare a space capsule for him. He must escape without delay. Noodle asks Think Tank where they shall go. Think Tank replies they will go to the planet Alpha-Centuri, a hundred million miles away. After narrating the incident to his audience, the historian says that one old book of nursery rhymes saved the earth from a Martian invasion. Then in the twenty-fifth century they resumed contact with Mars. They became friends. They taught the Martians the difference between books and sandwiches. They established a model library on Mars.

(ऊप नर्सरी की कविता “हम्प्टी इम्प्टी ……..” को पढ़ता है। वह हम्प्टी डम्प्टी की तस्वीर भी दिखाता है। तस्वीर की शक्ल थिंक-टैंक से मिलती है। वह डर जाता है। वह कहता है कि पृथ्वीवासियों ने उसे देख लिया है। वे मंगल केंद्रीय नियंत्रण और उसे पकड़ने की योजना बना रहे हैं। वह मंगल ग्रह से भाग जाने का निर्णय लेता है। वह नूडल से कहता है कि उसके लिए एक अंतरिक्ष कैप्सूल तैयार किया जाए। उसे बिना देरी के बचकर भाग जाना चाहिए। नूडल थिंक-टैंक से पूछता है कि वे कहाँ जाएँगे। थिंक-टैंक उत्तर देता है कि वे सौ मिलियन मील दूर स्थित अल्फा सेंचुरी ग्रह पर जाएँगे। श्रोताओं को घटना का वर्णन करने के पश्चात्, इतिहासकार कहती है कि नर्सरी की कविताओं की एक किताब ने पृथ्वी को मंगल ग्रह के आक्रमण से बचा लिया। पच्चीसवीं शताब्दी में उन्होंने मंगल ग्रह के साथ पुनः सम्बन्ध स्थापित किए। वे मित्र बन गए। उन्होंने मंगल ग्रहवासियों को पुस्तकों और सैंडविचों के बीच में अंतर बताया। उन्होंने मंगल ग्रह पर एक पुस्तकालय की स्थापना की।)

Multiple Choice Questions

Question 1.
In which year was the Martian invasion on the earth planned?
(A) 2030
(B) 2040
(C) 2050
(D) 2060
Answer:
(B)2040

Question 2.
With what name is the twentieth century called?
(A) Era of the Book
(B) Era of the Science
(C) Era of the Mars
(D) Era of the Invasion
Answer:
(A) Era of the Book

Question 3.
The story ‘The Book That Saved the Earth’ is set in:
(A) twentieth century
(B) twenty-first century
(C) twenty-fourth century
(D) twenty-fifth century
Answer:
(D) twenty-fifth century

Question 4.
Who tried to invade the earth in the twenty-first century?
(A) Martians
(B) Earthlings
(C) Anteaters
(D) Zulus
Answer:
(A) Martians

Question 5.
Who was the “Commander-in-Chief of the Mars Space Control?
(A) Omega
(B) lota
(C) Think-Tank
(D) Noodle
Answer:
(C) Think-Tank

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Question 6.
Who was the deputy of Think-Tank?
(A) Omega
(B) lota
(C) Noodle
(D) Oop
Answer:
(C) Noodle

Question 7.
How many moons does Mars have?
(A) one
(B) two
(C) three
(D) four
Answer:
(B) two

Question 8.
Which book saved the earth from invasion?
(A) a book of science
(B) a world encyclopedia
(C) a book of military techniques
(D) a book of nursery rhymes
Answer:
(D) a book of nursery rhymes

Question 9.
Who included the crew of the Martian Space Craft?
(A) Omega
(B) Tota
(C) Oop
(D) all of the above
Answer:
(D) all of the above

Question 10.
Who was the captain of the space craft crew?
(A) Think Tank
(B) Omega
(C) Iota
(D) Oop
Answer:
(B) Omega

Question 11.
Who was the lieutenant of the space craft crew?
(A) Think Tank
(B) Omega
(C) Iota
(D) Oop
Answer:
(C) Iota

Question 12.
What was the name of the sergeant space craft crew?
(A) Think Tank
(B) lota
(C) Oop
(D) Noodle
Answer:
(C) Oop

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Question 13.
What do the crew members find on the earth?
(A) books
(B) stones
(C) sandwiches
(D) all of the above
Answer:
(A) books

Question 14.
Who was Great and Mighty?
(A) Think Tank
(B) Noodle
(C) Oop
(D) Omega
Answer:
(A) Think-Tank

Question 15.
In the end who is replaced for Think Tank?
(A) Omega
(B) Noodle
(C) Oop
(D) Iota
Answer:
(B) Noodle

Question 16.
What does Think Tank consider the books?
(A) sandwiches
(B) ear communication devices
(C) eye communication devices
(D) all of the above
Answer:
(D) all of the above

Question 17.
According to the historian in the play, which century is named the ‘Era of the Book”?
(A) twentieth century
(B) twenty first century
(C) twenty third century
(D) twenty fifth century
Answer:
(A) twentieth century

Question 18.
Who was the ruler of Mars?
(A) Omega
(B) Iota
(C) Think Tank
(D) Oop
Answer:
(C) Think Tank

Question 19.
Finally who decides not to invade the earth?
(A) Omega
(B) Think Tank
(C) Noodle
(D) all of the above
Answer:
(B) Think Tank

Question 20.
Who is the writer of the lesson ‘The Book That Saved the Earth’?
(A) Victor Canning
(B) Claire Boiko
(C) K.A. Abbas
(D) H.G Wells
Answer:
(B) Claire Boiko

The Book that Saved the Earth Summary in English

The Book that Saved the Earth Introduction in English

This is a science fantasy. This imaginary story is set in the twenty-fifth century. A Historian is giving a talk to the audience about the twentieth century and telling the audience that the twentieth century was often called the Era of the Books. Then she talks of the Martian invasion of the earth that took place in the year 2040, but, in fact, the invasion never took place. She says that one old book of nursery rhymes saved the world from a Martian invasion. Then in twenty-fifth century they resumed contact with Mars and they became friends.

The Book that Saved the Earth Summary in English

This is a science fantasy. This imaginary story is set in the twenty-fifth century. The place is the Museum of Ancient History, Department of the Twentieth Century. There is a Historian sitting at a table. There is a movie projector on the table. She is giving a talk to the audience about the twentieth century. She tells the audience that the twentieth century was often called the Era of the Book. In those days, there were books about everything. They taught the people everything. But the strangest thing was that a book saved the Earth. She narrates a real story from the twenty-first century. She tells how the Martians (people from the planet Mars) invaded the earth and a book of nursery rhymes saved us from their attack.

The incident relates to the Martian invasion of 2040. Infact, the invasion never took place. A single book stopped it. It was not a noble encyclopedia or a book about rockets and missiles. It was a book of nursery rhymes. Then the Historian shows the audience the happenings that actually took place. These have been recorded in a film. She turns on the projector. It shows the Mars Space Control room. We see Think Tank who is the commander-in-chief. He has a huge, egg-shaped head. He wears a long robe decorated with stars and circles. His deputy, Noodle stands beside him at a switchboard.

Think-Tank has already sent a manned spacecraft to the Earth. Their purpose is to collect information about the earth’s defence system and send it back to the other spacecraft from Mars who are ready to attack the earth before lunch. Think Tank asks Noodle to place him in communication with their manned space probe to the Planet Earth. Think Tank says they are soon going to take it over. Noodle establishes his contact with the Mars Space Control. Captain Omega and his deputies are in a library. They came on the earth in order to gather secrets of the earth defiance. They have landed in a library. They have seen the books and the library for the first time. Think Tank talks to Captain Omega who tells him that they have arrived on Earth without incident.

As they have never seen a library before, they are not sure where they are. However, Lt. lota tells Think Tank that there are about two thousand peculiar items (books). She thinks that the place must be some storage barn. Sergeant Oop also says that he has never before seen anything like those things. He calls them Whats’. Omega asks for Think Tank’s advice. Through his remote camera, Think Tank looks at the books’. He calls them ‘eatables and they are in a refreshment stand. He says that what they have in their hands are *sandwiches’. They are the main food of Earth diet. Think Tank orders Omega to eat it (book) to confirm. Omega asks Lt. Iota to eat it. Iota orders Sergeant Oop to eat it. Oop bites a corner of the book. He pretends to chew and swallow and tells Think Tank that it is delicious.

After sometime Noodle informs Think-Tank that a bit of data floated into his mind. Now he has found that the people of the earth do not eat them. But they use them as communication devices. Think Tank also believes what he tells him. He orders Omega to listen to them (books). He puts a book to his ears and tries hard to listen. Think Tank asks Omega if he can listen something from them. Omega replies that they may not be on the correct frequency. Think Tank says that the Earthlings have sharper ears. Noodle says that he has a piece of information in his mind. The people of the Earth opened them and watched them. Now Think Tank says that those ‘sandwiches’ are for eye communication. He asks Captain Omega to take three ‘sandwiches and tell him what he sees in them.

Omega looks at the books and tells Think-Tank that they have pictures of Earthlings. They have some sort of code, lines and dots with pictures. He asks him to study the pictures and decipher the code in them. The book that Omega is looking at is a nursery rhyme book. He reads the nursery rhyme “Mistress Mary …’ Think Tank wonders how the Earthlings have combined agriculture and mining. They also grow explosives. He feels that the people of the earth are very intelligent and brave. Noodle says that the invasion spacecraft are ready to attack the earth. But Think-Tank asks Noodle to tell the invasion fleet to hold. New information has come to him. Think Tank asks lota to transcribe the information. She reads the nursery rhyme “Hey diddle…. spoon’. Think Tank feels alarmed. He thinks that the Earthlings have reached a higher level of civilisation. They have taught their domesticated animals music and space techniques. They may be launching an interplanetary attack of millions of cows. He asks him to notify the invasion fleet that there will be no invasion that day.

Then Oop reads the nursery rhyme ‘Humpty Dumpty … again’. He shows the picture of Humpty Dumpty also. The picture resembles Think-Tank. He is scared. He says that the Earthlings have seen him. They are planning to capture Mars Central Control and him. He decides to run away from Mars. He orders Noodle to prepare a space capsule for him. He must escape without delay. The Earthlings are coming to capture Mars. Noodle asks Think Tank where they shall go. Think Tank replies they will go to the planet Alpha-Centauri, a hundred million miles away. After showing this film, the Historian says that one old book of nursery rhymes saved the world from a Martian invasion. Then in the twenty-fifth century they resumed contact with Mars. They became friends. Think Tank was replaced by Noodle. They taught the Martians the difference between books and sandwiches. They established a model library on Mars. But they can never read one book. It is Mother Goose.

The Book that Saved the Earth Summary in Hindi

The Book that Saved the Earth Introduction in Hindi

(यह एक वैज्ञानिक कहानी है। यह काल्पनिक कहानी पच्चीसवीं शताब्दी में घटित घटना के आधार पर है। एक इतिहासकार श्रोताओं को बीसवीं सदी के बारे में एक भाषण दे रही है और उन्हें बता रही है कि बीसवीं सदी को प्रायः पुस्तकों के युग के नाम से जाना जाता था। तब वह पृथ्वी पर सन् 2040 में मंगल ग्रह के लोगों द्वारा किए गए आक्रमण के बारे में बात करती है, लेकिन, वास्तव में यह आक्रमण कभी हुआ नहीं था। वह कहती है कि नर्सरी कक्षा की कविताओं की एक पुरानी किताब ने दुनिया को मंगल ग्रहवासियों के आक्रमण से बचा लिया था। तब पच्चीसवीं शताब्दी में उनका मंगल ग्रह के साथ फिर से सम्पर्क बना और वे मित्र

The Book that Saved the Earth Summary in Hindi

यह एक वैज्ञानिक कहानी है। यह काल्पनिक कहानी पच्चीसवीं शताब्दी में आधारित की गई है। इसका स्थान है प्राचीन इतिहास का संग्रहालय, बीसवीं शताब्दी का विभाग। एक मेज पर एक इतिहासकार बैठी है। मेज पर एक मूवी प्रोजेक्टर है। वह श्रोताओं को बीसवीं शताब्दी के बारे में एक भाषण देने जा रही है। वह श्रोताओं को बताती है कि बीसवीं शताब्दी को अक्सर किताबों का युग कहा जाता था। उन दिनों में हर चीज़ के बारे में किताबें होती थीं। ये किताबें लोगों को हर बात सिखाती थीं। मगर सबसे अजीब बात यह थी कि एक किताब ने धरती को बचाया। वह इक्कीसवीं शताब्दी की एक कहानी बताती है। वह बताती है कि किस प्रकार मंगल ग्रह के लोगों ने पृथ्वी पर आक्रमण किया और नर्सरी की कविताओं की एक पुस्तक ने उन्हें आक्रमण से बचा लिया।

यह घटना 2040 ई० में मंगल ग्रह द्वारा आक्रमण के बारे में है। वास्तव में, वह आक्रमण कभी नहीं हुआ। एक किताब ने उसे रोक दिया। यह कोई विश्वकोश नहीं था या रॉकेटों और प्रक्षेपास्त्रों के बारे में किताब नहीं थी। यह तो नर्सरी की कविताओं की किताब थी। तब इतिहासकार श्रोताओं को वे घटनाएँ दिखाती है जो वास्तव में हुई। इन्हें एक फिल्म में रिकॉर्ड किया गया है। वह प्रोजैक्टर को शुरु करती है। यह मंगल ग्रह के अंतरिक्ष नियंत्रण कक्ष को दिखाती है। हम थिंक-टैंक को देखते हैं जोकि कमांडर-इन-चीफ है। उसका सिर बहुत बड़ा और अंडे के आकार का है। उसने एक लंबा चोगा पहना हुआ है जो सितारों और दायरों से सुसज्जित है। उसका प्रशिक्षु नूडल उसके पास एक स्विचबोर्ड के पास खड़ा है।

थिंक-टैंक ने पहले से ही धरती पर एक मानव-नियंत्रित अंतरिक्षयान भेज दिया है। उनका उद्देश्य धरती की बचाव-प्रणाली का अध्ययन करना है और उसे मंगल से आने वाले अन्य अंतरिक्षयानों तक भेजना है जो दोपहर के भोजन से पहले धरती पर आक्रमण करने के लिए तैयार है। थिंक-टैंक नूडल से कहता है कि वह उसका संपर्क धरती पर भेजे गए मानव-नियंत्रित स्पेस प्रोब से करवाए। थिंक-टैंक कहता है कि शीघ्र ही वे धरती को काबू करने वाले हैं। नूडल उसका संपर्क मंगल के अन्तरिक्ष नियंत्रण से करवाता है। कैप्टन ओमेगा और उसके सहायक एक पुस्तकालय में हैं। वे धरती पर धरती के बचाव के रहस्य जानने आए हैं। वे एक पुस्तकालय में पहुंच गए हैं। उन्होंने पुस्तकालय और किताबें पहली बार देखी हैं। थिंक-टैंक कैप्टन ओमेगा से बात करता है जो उसे बताता है कि वे धरती पर बिना किसी दुर्घटना के पहुँच गए हैं।

क्योंकि उन्होंने पहले कभी पुस्तकालय नहीं देखा है, इसलिए उन्हें यह पता नहीं है कि वे कहाँ पर हैं। लेकिन लेफ्टिनेंट आयोटा थिंक-टैंक को बताती है कि इन अजीब वस्तुओं (किताबों) की संख्या लगभग दो हजार है। उसका विचार है कि वह स्थान अवश्य ही कोई स्टोर होगा। सार्जेन्ट ऊप भी कहता है कि उसने पहले कभी ऐसी चीजें नहीं देखीं। वह उन्हें ‘हैट’ कहता है। ओमेगा थिंक-टैंक की सलाह माँगता है। अपने रिमोट कन्ट्रोल कैमरे से थिंक-टैंक किताबों को देखता है। वह उन्हें खाने की वस्तुएँ कहता है और कहता है कि वे किसी रेस्तरां में हैं। वह कहता है कि जो चीजें उनके हाथों में हैं वे सैंडविच हैं। वे धरती के लोगों की खुराक का मुख्य भोजन है। यह निश्चित करने के लिए थिंक-टैंक ओमेगा को आदेश देता है कि वह इसे (किताब) खाए। ओमेगा लेफ्टिनेंट आयोटा को इसे खाने को कहता है। आयोटा सार्जेन्ट ऊप को इसे खाने का आदेश देती है। ऊप किताब का कोना खा जाता है। वह इसे चबाने और निगलने का नाटक करता है और थिंक-टैंक को बताता है कि यह स्वादिष्ट है।

कुछ देर के बाद नूडल थिंक-टैंक को बताता है कि कुछ आंकड़े उसके दिमाग में तैर कर आए हैं। अब उसे पता लगा है कि धरती के निवासी इन्हें खाते नहीं हैं। मगर वे इन्हें संचार के तरीकों के लिए प्रयोग करते हैं। थिंक-टैंक इस बात पर विश्वास कर लेता है। वह ओमेगा को आदेश देता है कि वह इन्हें (किताबों को) सुने। वह एक किताब को कानों से लगाता है और सुनने की पूरी कोशिश करता है। थिंक-टैंक ओमेगा से पूछता है कि क्या वह उनमें से कुछ सुन सकता है। ओमेगा उत्तर देता है कि वे शायद उचित फ्रीक्वेंसी पर नहीं हैं। थिंक-टैंक कहता है कि धरती के निवासियों के कान अधिक तेज हैं। नूडल कहता है कि उसके दिमाग में सूचना का कुछ अंश है। धरती के लोग इन्हें खोलते और देखते हैं। अब थिंक-टैंक कहता है कि वे ‘सैंडविच’ आँखों के संचार के लिए हैं। वह कैप्टन ओमेगा से कहता है कि वह तीन ‘सैंडविच’ ले और उनमें देखे।

ओमेगा उन पुस्तकों को देखता है और थिंक-टैंक से कहता है कि इनमें धरती के लोगों की तस्वीरें हैं। उनमें कुछ प्रकार के संकेत, लाइनें, बिन्दु और तस्वीरें हैं। वह उससे कहता है कि वह तस्वीरों का अध्ययन करे और उनकी सांकेतिक भाषा को समझे। जो किताब ओमेगा देख रहा है वह नर्सरी की कविताओं की एक किताब है। वह एक कविता पढ़ता है, “मिस्ट्रेस मैरी….” थिंक-टैंक को हैरानी होती है कि धरती के लोगों ने कृषि और खनन को किस प्रकार मिला दिया है। वे तो विस्फोटक पदार्थ भी उगाते हैं। वह महसूस करता है कि धरती के लोग बहुत बुद्धिमान और बहादुर हैं। नूडल कहता है कि आक्रमणकारी अंतरिक्षयान धरती पर आक्रमण करने को तैयार हैं। मगर थिंक-टैंक नूडल से कहता है कि वह आक्रमणकारी दल को रुकने के लिए कहे। उसके पास नई जानकारी आई है। थिंक-टैंक आयोटा से कहता है कि वह इस जानकारी का अनुवाद करे। वह नर्सरी की कविता “हे डिडल…. स्पून” पढ़ती है। थिंक-टैंक भयभीत हो जाता है। वह सोचता है कि धरती के लोग बहुत उच्च सभ्यता तक पहुँच गए हैं। उन्होंने अपने घरेलू जानवरों को भी संगीत और अंतरिक्ष के तरीके सिखा दिए हैं। शायद वे लाखों गायों से ग्रहों पर आक्रमण करने वाले हैं। वह उसे कहता है कि वह आक्रमण दल से कह दे कि आज आक्रमण नहीं किया जाएगा।

फिर ऊप नर्सरी कविता ‘हम्प्टी इम्प्टी.. अगेन’ पढ़ता है। वह हम्प्टी डम्प्टी की तस्वीर भी दिखाता है। वह तस्वीर थिंक-टैंक से मिलती है। वह डर जाता है। वह कहता है कि धरती के लोगों ने उसे देख लिया है। वे केंद्रीय नियंत्रण और उसे जीतना चाहते हैं। वह मंगल ग्रह से भाग जाने का फैसला करता है। वह नूडल को आदेश देता है कि वह उसके लिए एक अंतरिक्षयान तैयार करवाए। उसे बिना देरी किए वहाँ से भागना है। धरती के लोग मंगल ग्रह पर कब्जा करने आ रहे हैं। नूडल थिंक-टैंक से पूछता है कि वे कहाँ जाएँगे। थिंक-टैंक उत्तर देता है कि वे एल्फा-सेन्चुरी नाम के ग्रह पर जाएँगे जो एक सौ मिलियन मील दूर है। यह फिल्म दिखाने के बाद इतिहासकार कहती है कि नर्सरी कविताओं की एक पुरानी किताब ने धरती को मंगल ग्रह के आक्रमण से बचा लिया। इसके बाद पच्चीसवीं शताब्दी में उन्होंने मंगल ग्रह से फिर सम्पर्क बना लिया। वे मित्र बन गए। थिंक-टैंक का स्थान नूडल ने ले लिया। उन्होंने मंगल ग्रह के निवासियों को किताबों और सैंडविच में अन्तर समझाया। उन्होंने मंगल ग्रह पर एक आदर्श पुस्तकालय भी स्थापित कर दिया। मगर उन्होंने एक पुस्तक कभी नहीं पढ़ी। यह पुस्तक है मदर गूज।।

The Book that Saved the Earth Translation in Hindi

[PAGE63]: (Mother Goose) अंग्रेज़ी में नर्सरी की कविताओं की एक प्रसिद्ध पुस्तक है। क्या आपके विचार में एक ऐसी किताब पृथ्वी ग्रह को मंगल ग्रह के एक आक्रमण से बचा सकती है ? इस नाटक को पढ़िए जो भविष्य की चार शताब्दियों में लिखा गया है और पता लगाइए।
पात्र :
1. इतिहासकार
2. लेफ्टीनेन्ट आयोटा
3. महान् और शक्तिशाली थिंक-टैंक
4. सार्जेन्ट ऊप
5. प्रशिक्षु नूडल
6. मंच के बाहर से आई आवाज़
7. कैप्टन ओमेगा

PART 1

समय : पच्चीसवीं शताब्दी
स्थान : प्राचीन इतिहास का संग्रहालय : पृथ्वी ग्रह पर बीसवीं शताब्दी का विभाग
सूर्योदय से पूर्व : प्रकाश इतिहासकार पर चमकता है, जोकि ठीक नीचे उस मेज पर बैठी है जिस पर मूवी प्रोजैक्टर रखा है। उसके पास रखे प्रोजैक्टर स्टैंड पर एक संकेत है जिसे वह पढ़ती है : प्राचीन इतिहास का संग्रहालय : बीसवीं शताब्दी का विभाग। वह खड़ी होती है और श्रोताओं का अभिवादन करती है।

[PAGE 63-64]: इतिहासकार : नमस्कार । हमारे प्राचीन इतिहास के संग्रहालय और मेरे विभाग में आपका स्वागत है हमारा विभाग बीसवीं शताब्दी की अजीब वस्तुओं का संग्रह है। बीसवीं सदी को प्रायः पुस्तकों के युग के नाम से जाना जाता था। उन दिनों में प्रत्येक चीज के बारे में पुस्तकें थीं, ऐन्टईटर्ज (एक जानवर) से लेकर जुलू लोगों तक । पुस्तकें लोगों को कैसे, कब, कहाँ और क्यों की शिक्षा देती थीं। वे लोगों को अच्छे से समझातीं, उन्हें ज्ञान देतीं, समय का पाबंद करतीं और उन्हें सजाती-संवारतीं। लेकिन पुस्तक द्वारा किया गया सबसे विचित्र काम पृथ्वी की रक्षा करना था। आपने 2040 में मंगल ग्रह के आक्रमण के बारे में नहीं सुना होगा। Tsk, tsk. आजकल वे पुस्तकें बच्चों को क्या सिखा रही हैं। ठीक है, आप जानते हो कि वह आक्रमण कभी किया नहीं गया था, क्योंकि केवल मात्र एक पुस्तक ने उसे रोक दिया था। आप पूछोगे, वह किताब कौन-सी थी। एक श्रेष्ठ विश्वकोश ? रॉकेटों और मिसाइलों के बारे में एक ग्रंथ? बाहरी अंतरिक्ष से संबंधित एक फाइल? नहीं, वह उनमें से कोई भी नहीं थी। वह थी लेकिन यहाँ मुझे हिस्टोरीस्कोप को चालू करने दीजिए और आपको दिखाने दीजिए कि कई शताब्दियों पहले 2040 में क्या हुआ था (वह प्रोजैक्टर को चालू करती है और उसे बाईं ओर इशारा करती है। इतिहासकार पर प्रकाश चमकता है, और फिर बाईं ओर नीचे थिंक-टैंक पर आता है जहाँ वह हाथ बाँधे हुए एक ऊपर । उठे हुए बक्से पर बैठा था। उसका अंडे की आकृति जैसा बड़ा सिर है और उसने सितारों और वृत्तों से सुसज्जित एक लंबा चोगा पहना हुआ है। प्रशिक्षु नूडल उसके पास एक स्विचबोर्ड के नजदीक खड़ा हो जाता है। चित्र बनाने के स्टैंड पर एक-एक संकेत लिखा है :

मंगल अंतरिक्ष नियंत्रण
महान् और शक्तिशाली थिंक-टैंक, कमांडर-इन-चीफ
(प्रवेश से पहले अको)

नूडल : (झुकते हुए) हे महान और शक्तिशाली थिंक-टैंक, पूरी सृष्टि के सबसे अधिक शक्तिशाली और बुद्धिमान प्राणी आपके क्या आदेश हैं ?

थिंक-टैंक : (चिढ़ते हुए) प्रशिक्षु नूडल, आपने मेरे अभिवादन का कुछ अंश छोड़ दिया है। पूरी प्रक्रिया को दुबारा से करो।

नूडल : श्रीमान जी, इसे कर दिया जाएगा (एक ही स्वर में रट लगाते हुए) हे, महान् और शक्तिशाली थिंक-टैंक, मंगल और उसके दो चंद्रमाओं के शासक, पूरी सृष्टि के सबसे अधिक शक्तिशाली और बुद्धिमान प्राणी-(साँस फूले हुए) आपके क्या आदेश हैं ?

थिंक-टैंक : नूडल, यह बेहतर है। मैं चाहता हूँ कि मानव युक्त अंतरिक्ष परीक्षण की संचार व्यवस्था से मुझे जोड़ दिया जाए जिससे मैं उस छोटे-से हास्यप्रद ग्रह (पृथ्वी) के बारे में जान सकूँ जिस पर मैं शासन करने जा रहा हूँ। वे उसे किस नाम से जानते हैं, पुनः बताइए?
नूडल : श्रीमान जी, पृथ्वी ?
थिंक-टैंक : निःसंदेह, पृथ्वी। देखो यह कितनी महत्त्वहीन जगह है लेकिन पहले कुछ महत्त्वपूर्ण । मेरा दर्पण मैं अपना दर्पण देखना चाहता हूँ।

HBSE 10th Class English Solutions Footprints without Feet Chapter 10 The Book that Saved the Earth

[PAGE 65]: नूडल : श्रीमान जी, ऐसा ही होगा (वह थिंक-टैंक को एक दर्पण देता है।) थिंकटैंक : दर्पण, दर्पण, मेरे हाथों में। इस स्थान पर सबसे अधिक प्रभावशाली प्राणी कौन है ? मंच के बाहर से एक आवाज : श्रीमान जी आप।

थिंक-टैंक : (दर्पण को चूमते हुए) जल्दी से। अगली बार और जल्दी से उत्तर देना। मैं धीमा उत्तर देने वाले दर्पण से नफरत करता हूँ। (दर्पण में वह स्वयं की प्रशंसा करता है) आह, मैं हूँ। क्या हम मंगलवासी सुन्दर नस्ल के नहीं होते हैं ? हम मंगलवासी, छोटे सिर वाले उन कुरूप पृथ्वीवासियों से बहुत ज्यादा सुंदर होते हैं। नूडल, तुम अपने दिमाग को क्रियाशील बनाए रखो और एक दिन तुम्हारा दिमाग भी मेरे दिमाग की तरह गुब्बारे जितना बड़ा हो जाएगा।

नूडल : ओह, मैं भी ऐसी आशा करता हूँ, शक्तिशाली थिंक-टैंक । मैं भी ऐसी आशा करता हूँ।
थिंक-टैंक : अब अंतरिक्ष के अन्वेषण से संपर्क करो। मैं अति प्राचीन उस कीचड़ के गोले, जिसे पृथ्वी कहते हैं, पर दोपहर भोज से पहले आक्रमण करना चाहता हूँ।
नूडल : श्रीमान जी, ऐसा ही किया जाएगा। (वह स्विचबोर्ड पर लीवरों को व्यवस्थित करता है। जैसे ही परदे खुलते हैं इलैक्ट्रोनिक गूंजें और सीटी की आवाजें सुनाई पड़ती हैं।)

PART 2

समय : कुछ सेकेन्ड के पश्चात्
स्थान : मंगल अंतरिक्ष नियंत्रण कक्ष तथा सेंटरविले पब्लिक पुस्तकालय
कैप्टन ओमेगा, एक परेशानी की मुद्रा में नाम पट्टिका लगे हुए दराजों को कक्ष के बीच में खड़ा होकर खोलता है। लेफ्टिनेंट आयोटा बाईं ओर खड़ा पुस्तकों की अलमारी में पुस्तकें गिन रहा है। सार्जेन्ट ऊप दाईं ओर खड़ा एक पुस्तक को कभी खोल तो कभी बंद कर रहा था, उसे उलट-पुलट कर रहा था, उसे हिला रहा था और तब बिना पढ़े उसके पन्ने पलट रहा था और अपना सिर हिला रहा था।

नूडल : (बटन को ठीक करते हुए) श्रीमान जी, मैं अंतरिक्ष दल के यात्रियों को बहुत निकट से देख रहा हूँ।
(थिंक-टैंक बहुत बड़े चश्में पहनता है और देखने के लिए मंच की ओर मुड़ता है। ऐसा लगता है कि वे पृथ्वी जैसे किसी ढाँचे में प्रवेश कर गए हैं।
थिंक-टैंक : बहुत बढ़िया, उनसे बात करो।

[PAGE 66]: नूडल : (एक माइक्रोफोन में बोलते हुए) मंगल अंतरिक्ष नियंत्रण कक्ष अन्वेषण एक के सदस्यों से बात कर रहा है। कैप्टन ओमेगा अंदर आओ, और हमें अपनी स्थिति के बारे में बताओ।
ओमेगा : (एक डिस्क में बोलते हुए जोकि उसके गले में एक चेन से बँधी थी) कैप्टन ओमेगा, मंगल अंतरिक्ष नियंत्रण से बोलते हुए, लेफ्टिनेंट आयोटा, सार्जेन्ट ऊप, और मैं बिना किसी घटना के पृथ्वी पर पहुँच गए हैं। हमने इसमें आश्रय ले लिया है। (कमरे की ओर संकेत करते हुए) यह चौकोर स्थल, लेफ्टिनेंट आयोटा क्या आपको कुछ पता है कि हम कहाँ पर हैं ?

आयोटा : कैप्टन, मैं इसका पता नहीं लगा सकती हूँ (एक पुस्तक को पकड़ते हुए) मैंने ऐसी विचित्र दो हजार चीजों की गणना कर ली है। यह स्थान किसी प्रकार का स्टोर रहा होगा। सार्जेन्ट ऊप, आपका क्या विचार है?

ऊप : मेरे पास कोई सुराग नहीं है। मैंने सात आकाशगंगाओं का भ्रमण किया है लेकिन इस प्रकार की कभी कोई चीज नहीं देखी। हो सकता है वे चीजें टोप हों (वह एक पुस्तक को खोलता है और अपने सिर के ऊपर रखता है।) कहता है कि शायद वह कोई कपड़े की दुकान हो।

ओमेगा : (नीचे झुकते हुए) शायद महान् और शक्तिशाली थिंक-टैंक इस विषय पर अपने विचार से हमें लाभान्वित करें।

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[PAGE 67]:
थिंक-टैंक : प्रारंभिक रूप से, मेरी प्रिय ओमेगा। इनमें से एक चीज को ऊपर उठाओ ताकि मैं इसे निकट से देख सकूँ। (ओमेगा अपने हाथ की हथेली पर एक पुस्तक को ऊपर उठाती है) हाँ, हाँ अब मेरी समझ में आ गया है। क्योंकि पृथ्वी के जीव हमेशा खाते रहते हैं, जिस स्थान पर आप हैं वह निश्चित रूप से अशिष्ट जलपान की दुकान है।

ओमेगा : (आयोटा और ऊप से) वह कहता है कि हम एक जलपान गृह में हैं।
ऊप : अच्छा, पृथ्वीवासी निश्चित रूप से एक अजीव खुराक लेते हैं।
थिंक-टैंक : यह वस्तु जो तुम्हारे हाथ में है एक सैंडविच है।
ओमेगा : (हाँ में सिर हिलाते हुए) एक सैंडविच
आयोटा : (हाँ में सिर हिलाते हुए) एक सैंडविच
ऊप : (अपने सिर से पुस्तक उठाते हुए) एक सैंडविच?
थिंक-टैंक : पृथ्वीवासियों का मुख्य भोजन सैंडविच ही है। इसे ध्यान से देखो। (ओमेगा तिरछी नजर से पुस्तक को देखती है) ब्रैड के दो टुकड़े हैं और उनके बीच में कुछ भरा हुआ है।
ओमेगा : श्रीमान जी, यह सही है।
थिंक-टैंक : मेरे विचार की पुष्टि के लिए, मैं तुम्हें इसे खाने का आदेश देता हूँ।
ओमेगा : (कुछ निगलते हुए) इसे खाऊँ?
थिंक-टैंक : क्या आपको शक्तिशाली थिंक-टैंक पर संदेह है?

[PAGE 68]: ओमेगा : अरे, नहीं-नहीं। लेकिन बेचारे लेफ्टिनेंट आयोटा ने अपना नाश्ता भी नहीं किया है। लेफ्टिनेंट आयोटा मैं तुम्हें इस सैंडविच को खाने का आदेश देता हूँ।
आयोटा : (संदेहात्मक ढंग से) इसे खाऊँ ? हे कैप्टन! यह मेरे लिए बहुत ही सम्मान की बात होगी कि मैं इसे खाकर प्रथम मंगलग्रहवासी होने का सम्मान हासिल कर लूँगी। परन्तु मैं इतनी अशिष्ट नहीं हूँ कि अपने सार्जेन्ट के सामने उनसे पहले ही मैं इसे खाऊँ (ऊप को पुस्तक पकड़ाते हुए और सार्जेन्ट ऊप, मैं तुम्हें तुरन्त सैंडविच खाने का आदेश देती हूँ।

ऊप : (मुँह बनाते हुए) कौन, लेफ्टिनेंट? मैं, लेफ्टिनेंट?
आयोटा और ओमेगा : (अभिवादन करते हुए) मंगल ग्रह की शान की खातिर, ऊप!
ऊप : ठीक है, निःसंदेह! (दुखी मन से) तुरन्त (वह अपना मुँह चौड़ा खोलता है। ओमेगा और आयोटा उसे अपनी साँसें थामकर उसे देखते हैं। वह उस पुस्तक के एक कोने को दाँत से काटता है और चबाने तथा निगलने का मूक अभिनय करता है तथा वह अपना चेहरा भयंकर बनाता है।

ओमेगा : अच्छा, ऊप?
आयोटा : अच्छा, ऊप? (ऊप खाँसता है। ओमेगा और आयोटा उसकी पीठ को जोर से थपथपाते हैं।)
थिंक-टैंक : सार्जेन्ट ऊप, क्या यह स्वादिष्ट नहीं था ?
ऊप : (स्लूट मारते हुए) श्रीमान जी यह सही है। यह स्वादिष्ट नहीं था। मैं नहीं जानता कि पृथ्वीवासी बिना पानी के उन सैंडविचों को कैसे नीचे उतारते (खाते) हैं। वे मंगल ग्रह की मिट्टी के समान शुष्क हैं।
नूडल : श्रीमान जी, श्रीमान जी, महान् और शक्तिशाली थिंक-टैंक । मैं आपसे क्षमा माँगता हूँ, लेकिन उन सैंडविचों के बारे में एक गैर-महत्त्वपूर्ण बात मेरे दिमाग में उमड़ रही है।
थिंक-टैंक : यह बहुत ज्यादा महत्त्वपूर्ण नहीं हो सकता, लेकिन जारी रहो। तुम अपनी उस गैर-महत्त्वपूर्ण बात के बारे में बताओ।
नूडल : अच्छा श्रीमान जी। मैंने उन सैंडविचों की पर्यालोकन फिल्म देखी है। मैंने देखा कि पृथ्वीवासी उन्हें नहीं खाते थे। वे उन्हें संप्रेषण उपकरण के रूप में प्रयोग करते थे।
थिंक-टैंक : (गर्व से) स्वाभाविक रूप से। यह मेरा अगला बिन्दु था। वास्तव में ये संप्रेषण सैंडविच है। थिंक-टैंक कभी भी गलत नहीं हो सकता है। कौन कभी भी गलत नहीं हो सकता है?
सभी : (स्लूट मारते हुए) महान् और शक्तिशाली थिंक-टैंक कभी भी गलत नहीं हो सकता है।
थिंक-टैंक : इसलिए मैं तुम्हें उनकी (सैंडविचों) बात ध्यान से सुनने का आदेश देता हूँ।

[PAGE 69]: ओमेगा : उनकी बात सुनें?
आयोटा और ऊप : (परेशानी के साथ, एक-दूसरे से) उनकी बात सुनें?
थिंक-टैंक : क्या तुम्हारे कानों में पत्थर के टुकड़े भरे हुए हैं ? मैंने कहा, उनकी बात सुनो। (मंगलवासी अपना सिर नीचे झुका लेते हैं।)
ओमेगा : श्रीमान जी, ऐसा ही होगा। (वे प्रत्येक अलमारी में से दो किताबें ले लेते हैं और उन्हें अपने कानों के पास रख रहें है और उत्सुकता के साथ सुन रहे हैं।)
आयोटा : (ओमेगा के कान में बतियाते हुए) क्या तुम्हें कुछ सुनाई देता है?
ओमेगा : (पुनः कान में बतियाते हुए) कुछ भी नहीं। ऊप, क्या तुम्हें कुछ सुनाई देता है?
ऊप : (ऊँचे स्वर में) कुछ भी नहीं। (ओमेगा और आयोटा भय से उछल पड़ते हैं।)
ओमेगा और आयोटा : श ………! (वे पुनः ध्यान से सुनते हैं।)
थिंक-टैंक : अच्छा? अच्छा? मुझे बताओ। तुम क्या सुन रहे हो ?
ओमेगा :श्रीमान जी, कुछ भी नहीं। शायद हम लोग सही आकृति पर नहीं हैं।
आयोटा : श्रीमान जी, कुछ भी नहीं। शायद पृथ्वीवासियों के कान हमारी अपेक्षा अधिक श्रवण शक्ति वाले हैं।
ऊप : मुझे कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा है। हो सकता है ये सैंडविच आवाज बोलते ही न हों।
थिंक-टैंक : क्या? क्या कोई सझाव देता है कि शक्तिशाली थिंक-टैंक ने कोई ग
ओमेगा : ओह, नहीं श्रीमान जी, नहीं श्रीमान जी। हम लोग सुनना जारी रखेंगे।
नूडल : श्रीमान जी, मेहरबानी करके मुझे क्षमा करें, लेकिन मेरे दिमाग में एक अस्पष्ट सूचना चक्कर काट रही है।
थिंक-टैंक : ठीक है, उसे बाहर निकाल दो। नूडल और मैं इसे आपको स्पष्ट करेंगे।
नूडल : मुझे याद आ रहा है कि पृथ्वीवासी सैंडविचों को ध्यान से नहीं सुनते थे। वे उन्हें खोलते थे और देखते थे।
थिंक-टैंक : हाँ, यह बिल्कुल ठीक बात है। कैप्टन ओमेगा, मैं आपके लिए इसकी व्याख्या करूँगा। वे सैंडविच श्रवण संचार के लिए नहीं हैं, वे तो दृश्य संचार के लिए हैं। अब कैप्टन ओमेगा, उस बड़े, रंगीन सैंडविच को वहाँ ले जाओ। मुझे यह महत्त्वपूर्ण लगता है। मुझे बताइए आपने क्या देखा।
(ओमेगा Mother Goose पुस्तक की एक भारी प्रति को उठाती है, उसे ऐसे उठाती है ताकि श्रोतागण उसका शीर्षक देख सके। आयोटा इसके बाएँ कंधे के ऊपर से देखता है और ऊप उसके दाएँ कंधे के ऊपर से देखता है।)

[PAGE 70]: ओमेगा! ऐसा लगता है कि इसमें पृथ्वीवासियों के कुछ चित्र हैं।
आयोटा : ऐसा लगता है कि इसके कुछ कोड हों।
थिंक-टैंक : (अत्यन्त रुचि से) कोड? मैंने तुम्हें बताया था कि यह महत्त्वपूर्ण था। कोड का वर्णन करो।
ऊप : इसमें छोटी-छोटी तथा टेढ़ी-मेढ़ी रेखाएँ हैं-तस्वीरों के साथ-साथ हज़ारों ऐसी लाइनें हैं।
थिंक-टैंक : शायद पृथ्वीवासी इतने प्राचीन नहीं हैं जितने हम उन्हें सोचते हैं। हमें कोड का भेद खोलना होगा।
नूडल : श्रीमान जी, मुझे क्षमा कीजिए, लेकिन क्या रसायन विभाग ने हमारे अंतरिक्ष के लोगों को अपनी बुद्धि का विकास करने के लिए विटामिन नहीं दिए हैं।

थिंक-टैंक : रुको। शानदार बुद्धि से भरा एक विचार मेरे दिमाग में आया है। अंतरिक्ष लोगो, आप लोगों को अपनी बुद्धि को बढ़ाने के लिए हमारे रसायन विभाग ने विटामिन दिए हैं। उन्हें तुरन्त ले लो और फिर सैंडविचों को देखो। आप लोगों को कोड का रहस्य धीरे-धीरे समझ आ आएगा।

ओमेगा : श्रीमान जी, ऐसा ही किया जाएगा। विटामिनों को निकाल लो (कर्मी-दल अपनी बेल्टों पर लगे डिव्यों में से विटामिन बाहर निकालते हैं) विटामिन प्रस्तुत करते हैं। (वे लोग दृढ़तापूर्वक विटामिनों को उन लोगों के सामने पकड़े हुए हैं।)

HBSE 10th Class English Solutions Footprints without Feet Chapter 10 The Book that Saved the Earth

[PAGE 71]: विटामिनों को निगल लो (वे विटामिनों को अपने मुँह में रखते हैं और उसके साथ ही निगल जाते हैं। वे अपनी आँखों को काफी अधिक खोलते हैं, उनके सिर हिलते हैं, और वे अपने हाथों को अपने माथे पर रखते हैं।)
थिंक-टैंक : शानदार। अब उस गुप्त कोड का अर्थ बताओ।
सभी : श्रीमान जी, ऐसा ही किया जाएगा (वे पुस्तक को ध्यान से देखते हुए उसके पन्ने पलटने लगे)
ओमेगा : (उत्साहित होकर) अहा!
आयोटा : (उत्साहित होकर), ओहो!
ऊप : (जोर से हँसते हुए) हा, हा, हा!
थिंक-टैंक : यह क्या कहता है? मुझे तुरन्त बताइए। ओमेगा, इसका अनुवाद करो।
ओमेगा : अच्छा, श्रीमान जी (वह अति गंभीरता के साथ पढ़ती है।)
श्रीमती मैरी, बिल्कुल विपरीत, आपका बगीचा कैसे बढ़ता है ? शंख के खोल और चाँदी की घंटियों
और सुन्दर नौकरानियों के साथ, जो सभी एक कतार में हैं।
ऊप : हा, हा, हा। जरा इसकी कल्पना करो, सुन्दर परियाँ एक बगीचे में उग रही हैं।

थिंक-टैंक : (सचेत होते हुए) रुको! यह समय चपलता का नहीं है। क्या आप इस खोज की गम्भीरता को नहीं समझते हो? पृथ्वीवासियों ने इस बात की खोज कर ली है कि कृषि और खनन को कैसे सम्मिलित किया जा सकता है। वे चाँदी जैसी दुर्लभ धातुओं की फसलें भी उगा सकते हैं और शंख खोल उगा सकते हैं। वे लोग अति विस्फोटक पदार्थ भी उगा सकते हैं नूडल हमारे युद्धपोत से संपर्क करो।

नूडल : श्रीमान जी, वे पृथ्वी पर जाने और उसे अपने अधिकार में कर लेने के लिए तैयार हैं।
थिंक-टैंक : उनसे रुकने के लिए कह दो। उन्हें बता दो कि हमारे पास पृथ्वी के बारे में नई सूचना आ गई है। आयोटा, इसका अनुवाद करो।
आयोटा : अच्छा श्रीमान जी (वह अति गंभीरता के साथ पढ़ती है।) हे डिडल डिडल! बिल्ली और फिडल (वायलिन) गाय उछलकर चन्द्रमा पर चढ़ गई कुत्ते ऐसा खेल देखकर हँस पड़े
और थाली चम्मच के साथ भाग गई।
ऊप : (हँसते हुए) थाली चम्मच के साथ भाग गई।

[PAGE 72]: थिंक-टैंक : हँसना बंद करो। बंद करो। यह और अधिक सचेत करने वाली सूचना है। पृथ्वीवासी सभ्यता के उच्च बिन्दु पर पहुँच गए हैं। क्या आपने नहीं सुना ? उन्होंने अपने पालतू जानवरों को संगीत संस्कृति का ज्ञान और अंतरिक्ष तकनीकों का ज्ञान दे दिया है। यहाँ तक कि उनके कुत्ते भी मजाक (हास्य) करना जाते हैं। क्यों इस समय वे लोग, हो सकता है कि अपनी लाखों गायों के साथ दूसरे ग्रहों पर आक्रमण कर रहे हों। आक्रमणकारी यान को सूचित कर दो। आज कोई भी आक्रमण नहीं होगा, ऊप अगले गुप्त संदेश का भेद खोलो।

ऊप : ठीक है, श्रीमान जी (पढ़ते हुए) हम्प्टी डम्पटी दीवार पर बैठे थे हम्प्टी डम्पटी बहुत ऊँचाई से नीचे गिए गए राजा के सारे घोड़े और राजा के सारे आदमी दोबारा से हम्प्टी डम्प्टी को इक्ट्ठा नहीं कर सकते हैं। ओह, श्रीमानजी देखिए! यहाँ पर हम्प्टी इम्प्टी का चित्र है। क्यों श्रीमान जी, वह दिखाई देता है-(वह और बड़े आकार के हम्प्टी डम्प्टी के चित्र को थिंक-टैंक और दर्शकों की तरफ मोड़ता है।)

थिंक-टैंक : (चीखते हुए और अपना सिर पकड़ते हुए) यह मैं हूँ। यह मेरा महान् और शक्तिशाली गुब्बारे जैसे मस्तिष्क है। पृथ्वीवासियों ने मुझे देख लिया है और वे मेरा पीछा कर रहे हैं, “एक जोर का धमाका” इसका अर्थ है कि वे मंगल केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (और मुझ पर) कब्जा करना चाहते हैं। यह मंगल ग्रह पर आक्रमण है। नूडल, मेरे लिए एक अंतरिक्ष कैप्सूल तैयार करो। मैं बिना देरी किए भाग निकलने की कोशिश करता हूँ। अंतरिक्ष के लोगो, तुम्हें तुरन्त पृथ्वी को छोड़ देना चाहिए, लेकिन अपनी यात्रा के सारे निशानों को मिटाना यकीनी कर दो। पृथ्वीवासियों को कभी भी पता नहीं चलना चाहिए कि मैं उन्हें जानता हूँ (ओमेगा, आयोटा और ऊप पुस्तकों को अलमारियों में वापिस रखते हुए इधर-उधर भागते हैं।)

नूडल : श्रीमान जी, हम लोग कहाँ जाएँगे?
थिंक-टैंक : मंगल ग्रह से सौ मिलियन (दस करोड़) मील दूर। आक्रमणकारी युद्धपोत को आदेश दो कि पूरे मंगल ग्रह को खाली कर दिया जाए। हम लोग सौ मिलियन दूर एल्फा-सेन्बूरी में जा रहे हैं। (ओमेगा, आयोटा और ऊप दाई ओर तेजी से भागते हैं। जैसे ही नूडल बाहर जाने में थिंक-टैंक की मदद करता है परदा गिर जाता है और प्रकाश ठीक नीचे इतिहासकार के ऊपर पड़ता है।)

[PAGE 73] : इतिहासकार (हँसते (मुस्कुराते) हुए) और किस प्रकार से नर्सरी कविताओं की एक पुरानी धूलभरी किताब ने संसार को मंगल ग्रह के आक्रमण से बचाया। जैसा कि आप सभी जानते हो, पच्चीसवीं शताब्दी में, जब यह सब कुछ घटित हुआ उसके पाँच सौ साल बाद, हम पृथ्वीवासियों का मंगलवासियों से पुनः सम्पर्क हो गया, और हम मंगलवासियों के मित्र भी बन गए। उस समय तक महान् और शक्तिशाली थिंक-टैंक का स्थान एक अति चतुर मंगलवासी ने ले लिया था वह था बुद्धिमान और अद्भुत नूडल। ओह, हौं हमने मंगलवासियों को सैंडविचों और पुस्तकों में अंतर करना सिखाया हमने उन्हें पढ़ना भी सिखाया और उनके राजधानी शहर मोर्मोपोलिस में एक आदर्श पुस्तकालय ही स्थापित किया। लेकिन अब आशा की जा सकती है कि एक ऐसी भी पुस्तक है जिसे मंगलवासी कभी नहीं मंगवा सकते हैं। आपने इसका अनुमान लगा लिया है मदर गूज! (वह झुकती है और दाईं ओर से बाहर चली जाती है।) पर्दा गिर जाता है।

The Book that Saved the Earth Word – Misndgs in Hindi

[PAGE 63]: Century = a period of 100 years (शताब्दी); museum = a place where ancient things are kept (संग्रहालय); planet = an astronomical body (ग्रह); projector = a device that projects (प्रोजैक्टर); easel = wooden stands to supports a picture (तस्वीर आदि बनाने का स्टैंड); bows = kneels (झुकना); curiosities = things of curiosity (अजीब वस्तुएँ); era = period (युग); anteaters = an animal (एक जानवर); zulus = An African Tribe (एक अफ्रीकी कबीला); illustrated = explained with pictures (तस्वीरों से समझाना); decorated = made beautiful (सजाना)।

[PAGE 64]: Martian = belonging to Mars (मंगल ग्रह के लोग); invasion = attack (आक्रमण); encyclopedia = a book of knowledge (विश्वकोश); tome = a book of knowledge (ग्रंथ); missiles = a weapon (प्रक्षेपास्त्र); historiscope = a device showing history (इतिहास दिखाने का यंत्र); folded= joined hands (हाथ जोड़ना); elaborate=detailed (विस्तृत); mighty = powerful (शक्तिशाली); salutation = greeting (अभिवादन); communication = talking contact (संचार सम्पक); manned = controlled by man (व्यक्ति द्वारा नियंत्रित); probe = search (खोजना); ridiculous = ludicrous (हास्यास्पद); generous = kind-hearted (दयालु); insignificant = not important (तुच्छ)।

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[PAGE 65]: Fantastically = in a strange way (अजीब ढंग से); intellectually = with intellect (बुद्धिमत्ता से); pause = stop (रुकना); smacking = slapping (थप्पड़ मारना); ugly = unattractive (भद्दा); earthling = people of the earth (धरती के लोग); primitive = ancient (प्राचीन); riffling = turning over a book’s pages (पुस्तक के पन्ने पलटना); crew = operating squad (कर्मी दल); enormous = very big (बहुत बड़ा); goggles = sun glasses (घूप का चश्मा); structure = construction (ढाँचा)।

[PAGE 66]: Microphone = sound amplifying device (माइक्रोफोन); location = situation (अवस्था/स्थान); shelter = protection (आश्रय) indicates = shows (दिखाना); figure it out = calculate (हिसाब लगाना); storage barn = store (स्टोर); clue = hint (निर्देश); galaxies = milky way (आकाशगंगा); haberdashery = a cloth shop (कपड़े की दुकान)।

[PAGE 67]: Elementary = basic (आधारभूत); undoubtedly = without doubt (निस्सन्देह); crude = rough (अधिक अच्छा नहीं); refreshment stand = restaurant/eatery (चाय-पानी आदि का स्टैंड/दुकान); staple = standard (मुख्य); squints = look obliquely (भैंगापन); gulping = swallowing (निगल जाना)।
[PAGE 68] : Dubiously = doubtfully (संदेहात्मक ढंग से); glory = grandeur (शान); pantomimes = silent acting (मूक अभिनय); chewing= grinding with teeth (चबाना); terrible = horrible (भयानक); pound = pat forcefully (जोर से थपथपाना); delicious = tasty (स्वादिष्ट); trifling bit = a little (बहुत कम); surveyor = observer (पर्यावलोकन); haughtily = proudly (गर्व से)।

[PAGE 69]: Marbles = bits of stone (पत्थर के टुकड़े); intently = keenly (तीव्रता से); whispering = speaking low (कानाफूसी करना); fright = fear (भय); frequency = radio wave (रेडियो तरंग); twirling = moving (हिलना); clarify = make clear (स्पष्ट करना); peers = looks (देखना)।
[PAGE 70]: Squiggles = writes illegibly (अस्पष्ट लिखना); magnificent = beautiful (सुन्दर); brilliance = brightness (चमक); unfold = open (खुला); stiffly = tightly (जोर से/कसकर)।.

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[PAGE 71]: Pop = put into (डालना); gulp = swallow something fast (तेज़ी से निगलना); excellent = very fine (उत्तम); decipher = decode (मतलब समझना); frown = show anger (क्रोध करना); brightly = cheerfully (प्रसन्न होना); transcribe = translate (अनुवाद करना); contrary = on the other hand (इसके विपरीत); cockle = shell (घोंधा); row = line (पंक्ति); alarmed = fearful (भयभीत); levity = non-seriousness (चपलता); rare = very uncommon (दुर्लभ); explosives = things that explode (विस्फोटक); gravely = seriously (गंभीरता से); fiddle = violin (वायलिन)।

[PAGE 72]: Domesticated = belonging to family life (परिवार/घर सम्बन्धी); launching = starting (आरम्भ करना); interplanetary = between the planets (ग्रहों के बीच); notify = announce (घोषणा करना); screaming = crying (चिल्लाना); capsule = spaceship (अंतरिक्षयान); traces = signs (चिह्न); evacuate = clear off (खाली करना)।

[PAGE 73]: Chuckling = laughing lightly (हल्के-से हँसना); resumed = started again (फिर-से आरंभ करना)।

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